Angel One Q1 Results: एंजल वन का मुनाफा 102% बढ़ा, डिविडेंड का भी ऐलान

Angel One Q1 Results: फिनटेक और ब्रोकिंग कंपनी Angel One ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 102% यानी दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹231 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹114 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग मुनाफा दोनों बढ़े

जून तिमाही में एंजल वन का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 25.3% बढ़कर ₹1,430 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹1,141 करोड़ था।

वहीं, EBITDA 76.5% बढ़कर ₹485 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी 24% से बढ़कर 34% पहुंच गया। यानी कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है।

लोन कारोबार में रिकॉर्ड ग्रोथ

इस तिमाही में एंजल वन का क्लाइंट फंडिंग बुक रिकॉर्ड ₹6,140 करोड़ पर पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 45.9% ज्यादा है।

वहीं, क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन 129.7% बढ़कर ₹530 करोड़ हो गया। यानी कंपनी ने पहले से कहीं ज्यादा लोन बांटे।

वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस भी तेजी से बढ़ा

एंजल वन का वेल्थ मैनेजमेंट AUM 165.3% बढ़कर ₹13,440 करोड़ हो गया। जून 2026 तक इस कारोबार से 2,400 से ज्यादा ग्राहक जुड़े थे। वहीं, एसेट मैनेजमेंट AUM 81.4% बढ़कर ₹620 करोड़ पहुंच गया।

SIP में थोड़ी कमजोरी दिखी। जून तिमाही में कंपनी के जरिए 17 लाख यूनिक SIP रजिस्टर हुए। यह पिछले साल के मुकाबले 10.3% कम है।

एंजल वन ने क्या कहा?

Angel One के चेयरमैन और एमडी दिनेश ठक्कर ने कहा कि भारत में तेजी से बढ़ रहे निवेश और डिजिटल फाइनेंस का फायदा कंपनी को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य लोगों की हर वित्तीय जरूरत के लिए सबसे भरोसेमंद फिनटेक प्लेटफॉर्म बनना है। कंपनी यूजर्स की भागीदारी बढ़ाने और लंबे समय में बेहतर वैल्यू देने पर फोकस कर रही है।

₹1 का अंतरिम डिविडेंड

एंजल वन के बोर्ड ने FY27 के लिए ₹1 प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

  • रिकॉर्ड डेट: 21 जुलाई 2026
  • भुगतान: 14 अगस्त 2026 या उससे पहले

Angel One का शेयर बुधवार को नतीजों से पहले 3.13% चढ़कर ₹344 पर बंद हुआ। इस साल यानी 2026 में स्टॉक अब तक 45.59% का रिटर्न दे चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ODI और T20 World Cup का फॉर्मेट पूरी तरह बदल गया, ICC ने किया बड़ा ऐलान! जानिए क्या है सुपर 7 और सुपर 10 का गणित

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अपने सबसे बड़े और प्रमुख टूर्नामेंट्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में यह फैसला लिया गया कि साल 2027 में होने वाले वनडे (ODI) वर्ल्ड कप और 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए जाएंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नए बदलाव के तहत 2027 वनडे वर्ल्ड कप में ‘सुपर 7’ स्टेज को शामिल किया गया है। इसी तरह 2028 में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे चरण में ‘सुपर 8’ की जगह अब ‘सुपर 10’ स्टेज को आजमाने का फैसला किया गया है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप: 3 चरणों का खेल और ‘सुपर 7’ का नया नियम

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहले की योजना के मुताबिक 14 टीमें हिस्सा लेंगी (जो पिछले संस्करण की 10 टीमों से अधिक है)। लेकिन आईसीसी ने प्रतियोगिता को अधिक रोमांचक बनाने के लिए नॉकआउट और फाइनल्स से पहले इसे तीन चरणों में बांट दिया है।

समझिए वनडे वर्ल्ड कप का नया गणित

चरण 1 (सुपर सीरीज राउंड): वर्ल्ड कप के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीमों के बीच एक सुपर सीरीज राउंड खेला जाएगा। इस राउंड में जो टीम टॉप पर रहेगी वह दूसरे चरण (राउंड टू) में आगे बढ़ेगी।

चरण 2 (ग्रुप राउंड): दूसरे चरण में कुल 6 टीमों को दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा।

चरण 3 (सुपर 7 स्टेज): पहले तय किए गए सुपर 6 की जगह पर अब सुपर 7 स्टेज को जोड़ा गया है। दोनों ग्रुपों में से टॉप-3 पर रहने वाली टीमें और इसके साथ ही दोनों ग्रुपों को मिलाकर अगले सर्वोच्च स्थान पर रहने वाली एक और टीम इस सुपर 7 स्टेज में पहुंचेगी।

सेमीफाइनल: इस सुपर 7 स्टेज में प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 4 स्थानों पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए प्रोग्रेस करेंगी।

कैसे होगा टीमों का क्वालिफिकेशन?

इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलेगा। तीन सह-मेजबानों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पूर्ण सदस्य होने के नाते सीधे प्रवेश मिलेगा। तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधा प्रवेश नहीं मिला है। वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमें मिलकर टॉप-10 का हिस्सा बनेंगी। इसके बाद बची हुई 4 टीमों का फैसला एक ग्लोबल क्वालीफायर के जरिए होगा।

2028 टी20 वर्ल्ड कप: सुपर 8 की जगह अब दिखेगा सुपर 10 का रोमांच

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी ने ग्रुप स्टेज के बाद सुपर 8 की जगह सुपर 10 आजमाने का फैसला किया है। आईसीसी ने बताया कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में उभरती हुई टीमों के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित होकर दूसरे चरण में टीमों की संख्या 8 से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया है।

समझिए टी20 वर्ल्ड कप का नया समीकरण

नया ग्रुप फॉर्मेट: शुरुआत में 4-4 टीमों के 5 ग्रुप बनाए जाएंगे। हर ग्रुप से टॉप-2 में रहने वाली टीमें सुपर 10 चरण में प्रवेश करेंगी।

सेमीफाइनल का नया रास्ता: पिछले संस्करण में जहां सुपर 8 के दोनों ग्रुपों से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाती थीं, वहीं अब सिर्फ अपने-अपने ग्रुप में टेबल टॉप करने वाली टीम ही सीधे अंतिम चार (सेमीफाइनल) में जगह बनाएगी।

एलिमिनेटर राउंड का रोमांच: जो टीमें अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहेंगी वे दूसरे ग्रुप की तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी। इससे टूर्नामेंट में नया रोमांच आएगा।

टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्या हैं क्वालिफिकेशन नियम?

बांग्लादेश की जगह अंतिम समय में शामिल होने और 2026 के टूर्नामेंट में विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर स्कॉटलैंड को सीधे ‘यूरोप रीजनल फाइनल’ में प्रवेश दिया जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली वो टीमें जो ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर सकीं वे सीधे ग्लोबल क्वालीफायर में आगे बढ़ेंगी। ग्लोबल क्वालीफायर के बाकी 8 स्थान क्षेत्रीय क्वालिफिकेशन के जरिए भरे जाएंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से 2-2 टीमें और अमेरिका व पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्रों से 1-1 टीम क्वालीफाई करेगी। ग्लोबल क्वालीफायर में हर क्षेत्र से सर्वोच्च स्थान पाने वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली टीमें मिलकर 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि आईसीसी डेवलपमेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटियों (CEC) की सिफारिश के बाद इस नए मार्की टूर्नामेंट ढांचे को बोर्ड द्वारा एंडोर्स कर दिया गया है। हालांकि नवंबर में होने वाली बैठकों में आईसीसी की फाइनेंस एंड कमर्शियल अफेयर्स कमेटी द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद ही बोर्ड इस पर अपनी अंतिम मंजूरी देगा।

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9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में बनाई मजबूत पहचान : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi stated that over past nine years Uttar Pradesh has established strong identity among country's leading economies

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून का राज स्थापित होने से निवेश और विकास को मिली नई रफ्तार 

– सपा सरकार पर सीएम का तीखा हमला, बोले- सरकारी खजाने की हुई लूट और विकास रहा अधूरा

– यूपी में तीसरी बार बनेगी एनडीए की सरकार, भाजपा के नेतृत्व में लगेगी हैट्रिक

– उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई, सवा तीन करोड़ लोगों को मिला रोजगार

– नौ सालों में दंगा, कर्फ्यू और माफिया संस्कृति से मुक्त हुआ उत्तर प्रदेश

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों के कार्यों, कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, कृषि, निवेश और बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने में सफल रही है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान, सुरक्षा और विकास के संकट से जूझ रहा था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में राज्य ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कहा कि यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट होगी। एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी। मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ में 'आज तक' न्यूज चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'पंचायत आज तक उत्तर प्रदेश' को संबोधित कर रहे थे। 
 

सीएम ने कहा कि 9 वर्षों की कार्यपद्धति और रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने है। जनता जनार्दन फैसला करने को तैयार है। 2003 से 2017 तक सपा और अन्य सरकारों की कार्यपद्धतियां भी सबके सामने है। हम लोगों ने पीएम मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में विकसित भारत को आगे बढ़ाने का काम किया।

डबल इंजन सरकार का लाभ हमने लिया है। इसमें यूपी सफल हुआ है। विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को केवल डबल इंजन की भाजपा की सरकार ही पूरा कर सकती है। गत वर्ष एक रिकॉर्ड टूटा था, इस बार एक नया टूटने वाला है। यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट करेगी। भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

 

सपा सरकार में लूटा गया सरकारी खजाना

सीएम ने कहा कि सपा का विकास का मॉडल होता तो यूपी कबका डूब गया होता। सैफई खानदान यूपी को तबाह कर रहा था, उसका नमूना जेपीएनआईसी बिल्डिंग है। सपा ने जेपीएनआईसी को बनाने के लिए 200 करोड़ का डीपीआर बनाया था, लेकिन 800 करोड़ रुपए खर्च हो जाने के बाद भी अधूरा है। आदि गंगा की मान्यता वाली गोमती के रिवर फ्रंट के नाम पर 166 करोड़ रुपए का डीपीआर किया था लेकिन 1400 करोड़ रुपए खर्च हो गए। साथ ही कार्य भी अधूरा है। सपा सरकार में केवल सरकारी खजाना लूटा जा रहा था।

 

सीएम ने कहा कि 2016 दिसंबर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया। इसके बाद 15,200 करोड़ की लागत तय की गई। सरकार बदलने के बाद मई 2017 में उसकी समीक्षा की तो जमीन ही न होने का पता चला। इसमें बड़ी बेइमानी का पता चला तो टेंडर को रद्द किया गया। दो वर्ष जमीन खरीदने में लगे। 2018 में हमारे पास 90 प्रतिशत जमीन आ गई। इसके बाद 15,200 करोड़ का टेंडर मात्र 11,800 करोड़ रुपए का हो गया। इसी बजट में सपा सरकार से बेहतर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया गया। 

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सीएम ने कहा कि यूपी की एक्साइस पॉलिसी में भी डैकती डाली जाती थी। पहले मात्र 12 हजार करोड़ रुपए की एक्साइस ड्यूटी आती थी। हमारी सरकार के लिए कठिन था, लेकिन पॉलिसी की बदल दी। आज पांच गुना ज्यादा 63,000 करोड़ रुपए एक्साइस ड्यूटी के रूप में सरकार को मिल रहे हैं।

 

विपक्ष ने राम मंदिर के विरोध में अधिवक्ता खड़े किए

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले जब यूपी में सुरक्षा नहीं थी तो त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था, उपद्रव शुरू हो जाता है। आज हर समुदाय का पर्व व त्योहार शांतिपूर्ण ढ़ंग से पूरा हो रहा है। जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई, वह आस्था की बात कर रहे हैं। साथ ही पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई। देश के उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल कर रहे थे कि भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर के विरोध में अपने अधिवक्ता खड़े किए। जिन लोगों ने देश के खजाने को लूटा और पहचान का संकट खड़ा किया, आज उनको अयोध्या की चोरी दिख रही है लेकिन अपनी डकैती नहीं दिखती। 

 

अयोध्या चढ़ावा मामले में की गई कार्रवाई, हिंदू आस्था पर प्रहार करना न्याय संगत नहीं

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की घटना निश्चित ही सभी रामभक्तों को आहत करती है। वह एक इंडिपेंडेंट ट्रस्ट है, जिसमें सरकार को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही ट्रस्ट ने कार्रवाई शुरू की, जो लोग चोरी करते हुए पकड़े गए उनकी व सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई। नैतिक आधार पर भी दो इस्तीफे हुए, लेकिन उसके नाम पर अयोध्या को, श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करना अथवा हिंदू आस्था पर प्रहार करना, ये न्याय संगत नहीं है।

यूपी में जब यह आस्था के केंद्र देश के लिए मॉडल बन रहे और यूपी पहचान में आगे बढ़ रहा हैं तो सपा को पीड़ा हो सकती है। आस्था के केंद्रों से अर्थव्यवस्था को गति मिली है। इससे फूल बेचने वाले, रिक्शा चलाने वाले, होटल व टैक्सी संचालकों की भी आर्थिक स्थिति सुधरी। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान एक नाविक ने 30 करोड़ रुपए की कमाई की थी, लेकिन ये उनको अच्छा नहीं लगाता है।

 

दोनों युवराजों को चांदी के चम्मच से खाने की आदत

सीएम ने कहा कि समृद्धि केवल दो खानदानों ने अपने नाम पर पेटेंट करा लिया है। ये एक गरीब की पीड़ा को नहीं समझ सकते। दोनों राजकुमारों ने जहां जन्म लिया है, वहां चांदी के चम्मच से खाने की आदत रही है। देर से सोकर उठने की आदत रही है। गर्मी, बरसात की पीड़ा कैसी होती है, इन्हें नहीं पता है। दोनों फीफा कप का आनंद लेने ऑस्ट्रेलिया और टूरिस्ट वीजा पर यूएस की यात्रा पर गए हैं। ये किसके पैसे से विदेश की यात्रा कर रहे हैं। यहां समाज को बांटने का काम करते है, लेकिन जनता सारी करतूतों को जानती है।

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मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम नहीं आई

सीएम ने कहा कि मुझे एक लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने से पहले एक सांसद के रूप में उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्र से देश की संसद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ था। विभिन्न मुद्दों के लिए जूझता था और संसद में उठाने का प्रयास करता था। कभी-कभी निराशा भी होती थी। लगता था कि बीमारी व भूख से मरना, माफिया के सामने लोगों का नतमस्तक होना, बिजली व सामान्य जनसुविधाओं के लिए लोगों को तरसना, युवाओं के सामने पहचान का संकट, किसानों की आत्महत्या उत्तर प्रदेश की नियति बन गई है। पीड़ा के साथ लगता था कि क्या इन समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है।

जब पार्टी ने मुझे शासन-सत्ता का संचालन करने का अवसर दिया और अब उसके सकारात्मक परिणाम को देखता हूं। ऐसा नहीं की मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम आई हो। मेरे साथ कोई भी व्यक्ति नहीं आया। गोरखपुर से पांच बार से सांसद रहा, वहां से भी एक व्यक्ति नहीं आया। जो टीम लखनऊ में मुझे मिली, उन्हीं के साथ काम करने का प्रयास किया। उसके परिणाम सबके सामने है। 

 

सीएम ने कहा कि यूपी को इन 9 वर्षों में पहचान के संकट से उबारा है। यूपी की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। महिला कर्मचारियों की उपस्थिति तीन गुना बढ़ी है। बीमारू राज्य की श्रेणी में रहने वाला उत्तर प्रदेश 9 वर्षों में देश के टॉप तीन अर्थव्य़वस्था के रूप में स्थापित हुआ है। ऐसे कौन से कारण थे, जो यूपी में नहीं हो सकते थे।

 

2014 के पहले भी थी एक डबल इंजन सरकार 

सीएम ने कहा कि 2014 के पहले भी एक प्रकार की डबल इंजन की सरकार थी। केंद्र में कांग्रेस व यूपीए की सरकार थी और यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। दोनों मिलकर काम कर रहे थे लेकिन जनता में विश्वास नहीं था। इन दोनों की स्थिति एक तरफ कुआं और खाई जैसी थी। आज ये लोग जो उपदेश देते हैं, वह 2014 से पहले अंगीकार किया होता तो हाशिए पर नहीं गए होते।

 

यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता था, उसे नौकरी नहीं मिलती थी। उसने आवेदन किया तो योग्यता के बाद भी वो चयनित नहीं होता था। क्योंकि नौकरी पर कुछ चंद जनपदों और लोगों का कब्जा था। 2017 के पहले सुरक्षा की स्थिति बदलहाल थी, बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। सत्ता के समानांतर माफियाओं की सरकारें चलती थीं। मीडिया, आम आदमी, व्यापारी, बेटी, उद्यमी कोई भी सुरक्षित नहीं था। व्यापारी और आम नागरिक भी घर से निकलता था तो ईश्वर से प्रार्थना करता था कि मुझे शाम को वापस परिवार का मुंह देखने का अवसर मिले।

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माफियाओं के साथ आज भी उन लोगों की सहानुभूति

सीएम ने कहा कि उद्यमी निवेश नहीं करना चाहता था। न सरकार की नीति थी और न नीयत थी। अराजकता चरम पर थी, माफिया के सामने सरकारें नाक रगड़ती हुई दिखाई देती थी। आज भी उनके भाषण सुनते होंगे, वे बोलते हैं कि सत्ता में आ गए तो जांच कराएंगे कि माफिया मारे क्यों जा रहे हैं। आज भी उन लोगों की सहानुभूति उन माफिया और उनके गुर्गों के प्रति है, जो जेल में है या जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं। उनकी सहानुभूति आज भी यूपी के नागरिकों के प्रति नहीं दिखती है।

 

23 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच ले जाएं

सीएम ने कहा कि 2003 से 2026 के 23 वर्षों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर जनता के बीच लेकर जाइए। पहले पांच साल मुलायम सिंह के, अगले पांच साल मायावती के व अगले पांच वर्ष अखिलेश के और पिछले 9 वर्षों के हमारे कार्यकाल के, जनता से उनकी संतुष्टि के बारे में पूछिए। आपको स्वर्गीय राजीव गांधी का वह वाक्य याद आज जाएगा जिसमें निराश होकर कहा था कि हम 100 रुपए भेजते है, लेकिन नीचे 15 रुपए ही पहुंचता है। आखिर 85 रुपए कौन खा जा रहा था।

ये किसी छात्र-छात्रा की छात्रवृत्ति, युवा की नौकरी, बुर्जुग-निराश्रित महिला की पेंशन, गरीब का अनाज, बहन-बेटी के लिए बनने वाले शौचालय का पैसा था। जिस 85 प्रतिशत पैसे पर पिछली सरकारें डकैती डालने का काम करती थीं। आज डीबीटी के माध्यम से 100 रुपए दिल्ली या लखनऊ से भेजने पर सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है। सभी तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंच रहा है। सीएम योगी ने कहा कि संकल्प और इच्छाशक्ति के दम पर देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य दंगा मुक्त, उपद्रव मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और अपनी परांपरागत पहचान से युक्त हो सकता है, यह यूपी ने पिछले 9 वर्षों में करके दिखाया है।

 

अब इंसेफेलाइटिस से मौतें नहीं होतीं

सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हर वर्ष इसी सीजन में इंसेफेलाइटिस से मौतें होती थीं। हर परिवार सशंकित रहता था कि पता नहीं कौन सा बच्चा इसकी चपेट में आ जाए। हर वर्ष 1200 से 1500 मौतें होती थीं। आज इंसेफेलाइटिस से होनी वाली मौतें शून्य पर पहुंच चुकी हैं। भूख से मौतें अलग से होते थीं, आज उन्हें 100 प्रतिशत सैचुरेट कर चुके हैं। उन्हें जमीन के पट्टे मिले, उनका आवास बना, आयुष्मान कार्ड, रसोई गैस के सिलेंडर और रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

 

परंपरागत उद्यम फिर जीवित हुए

सीएम ने कहा कि परंपरागत उद्यम फिर से जीवित हो चुके हैं, जिन्हों कभी यूपी को पहचान दिलाई थी। आजादी के तत्काल बाद 1950 में देश की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 14 प्रतिशत था, जो 2017 से पहले घटकर मात्र 7 प्रतिशत के आस-पास रह गया था। यूपी अवनति की ओर था। तब अन्नदाता को पानी, बीज, बिजली नहीं मिलती थी। किसान खेत में जाने से डरता था। वहीं पैदावार फसल का दाम किसानों को नहीं मिलता था, क्योंकि इसका फायदा बिचौलिए उठाते थे। कृषि यूपी का आधार है लेकिन सरकार के स्तर पर कोई प्रोत्साहन नहीं था।

मैन्युफैक्चरिंग पावर जब परंपरागत उद्यम के साथ जुड़ती है, तब अर्थव्यवस्था को तेज करती है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए हमारे पास एमएसएमई का बेहतरीन नेटर्वक था लेकिन पिछली सरकारों के इंस्पेक्टर राज ने उसे तबाह कर दिया था। लोग विभागीय उत्पीड़न के शिकार होते थे। उस समय उद्यमी, कारीगर बन गया और किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया था। ऐसे में यूपी की अर्थव्यवस्था को डूबना ही था।

 

कृषि विकास दर को 18 प्रतिशत तक पहुंचाया

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। अमेरिका-ईरान व रूस-यूक्रेन का युद्ध चल रहा है, उर्वरक की कमी स्वाभाविक रूप से हो जानी चाहिए थी, लेकिन यूपी में किसान को फर्टिलाइजर, बीज, कीटनाशक समय पर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के अंदर 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने 24 लाख हेक्टेयर जमीन को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में अप्रूव हुई सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को यूपी में डबल इंजन की सरकार ने पूरा कराया। उन्होंने बुंदेलखंड की अर्जुन सहायक परियोजना का भी जिक्र किया। बताया कि पहले महोबा के किसानों को प्रति बीघा 5 हजार रुपए मिलता था, आज उन्हीं अन्नदाता किसानों को 50 हजार रुपए मिल रहा है। उन्होंने बाणसागर परियोजना की सफलता की भी चर्चा की।

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बिचौलियों को हटाकर किसानों को दिलाया फायदा

सीएम ने कहा कि यूपी के किसानों को 10 घंटे बिजली खेती के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही बिजली उनके लिए मुफ्त है। प्रदेश में 16 लाख प्राइवेट ट्यूबवेल हैं, सबकी बिजली मुफ्त कर दी गई है। 2017 में 10 वर्ष का गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी था। गन्ना किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना का दाम किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम ने कहा कि आज 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। 105 चीनी मिलें ऐसी हैं, जहां से 4 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को हो रहा है।

शेष में प्रयास किया जा रहा है कि वह 15 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर दें। आज किसान की किसी भी उपज को बिचौलियों की जगह उन्हीं से सरकार द्वारा खरीदा जा रहा है। अगर बाजार में अच्छा दाम है तो किसान स्वतंत्र रूप से वहां बेच सकता है। अगर बाजार में उचित दाम नहीं मिल रहा है तो एमएसपी में लागत के डेढ़ गुना दाम पर सरकार किसान से खरीदेगी और फिर उसे अपने स्तर पर बाजार तक पहुंचाने का काम करेगी।

आज किसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना समेत हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खेती में जो विकास दर बढ़ी है, उस विकास दर के पीछे डबल इंजन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का परिणाम देखने को मिल रहा है।

 

सीएम ने कहा कि पहले एमएसएमई दम तोड़ चुका था, कारीगर पलायन कर चुके थे, अब वह फिर से प्रगति कर रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी संचालित कर रहा है। सरकार हर यूनिट को 5 लाख रुपए की सामाजिक बीमा का कवर भी उपलब्ध करा रही है। सवा तीन करोड़ रुपए इसके साथ रोजगार से जुड़ चुके हैं। 

 

सुशासन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए कानून का राज जरूरी

सीएम ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कानून का राज स्थापित कर दीजिए। सुरक्षा का बेहतरीन माहौल दे दीजिए। अपने आप सुशासन के लक्ष्य प्राप्त होते दिखाई देंगे। यूपी सरकार ने प्रभावी ढ़ग से इसे बढ़ाने का काम किया। आज यह सुनना अच्छा लगता है, जब कहा जाता है कि यूपी के मॉडल को सुरक्षा के मायने में अन्य राज्यों ने स्वीकार किया है। 

 

हर योजना में शीर्ष पर यूपी

सीएम ने कहा कि पहले दिल्ली में सरकारी योजनाओं को लागू करने में टॉप राज्यों की सूची देखता था। यूपी का कहीं पता नहीं होता था, वह बाटम 3 में दिखता था। तब सरकारों की मानसिकता भी ऐसी ही थी। पिछले 12 वर्षों में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में 100 से ज्यादा जनकल्याण की स्कीमें निकली हैं। आज हर एक स्कीम में यूपी का नाम टॉप में आता है। यूपी में योजना की सफलता का मतलब है कि वह देश के अंदर सफल हो गई। साथ ही दुनिया के लिए मॉडल बन गई। सीएम ने कहा कि आज गरीब को मकान, शौचालय मिला है। हर गरीब को सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, जिसके लिए दशकों से लालायित था। अब कोई शिकायत लेकर नहीं आता। 

 

ई-पॉस मशीन से आई पारदर्शिता

सीएम ने कहा कि पूर्वी जनपदों में 2017 से पहले भूख से मौत होती थी। इस सरकार ने ई-पॉश मशीनें लगाईं। आज के दिन 16 करोड़ लोगों को यूपी में मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ई-पॉस मशीन से 80 हजार उचित मूल्य की दुकानों को जोड़ा गया है। किसी गांव में उचित मूल्य की दुकान में थोड़ी भी घटतौली होने पर अलर्ट आ जाता है, जिसके बाद टीम फौरन छापा मारकर कार्रवाई करती है।

 

यूपी में बिजली खपत 35 हजार मेगावाट तक पहुंची

सीएम ने कहा कि यूपी के सभी 75 जनपदों में सामान्य रूप से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। 2017 के पहले पीक आवर में कुल बिजली आपूर्ति 15-16 हजार मेगावाट ही होती थी, आज आपूर्ति 33 से 35 हजार मेगावाट हो रही है। ये यूपी की नई स्थिति है।

 

यूपी में 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

सीएम ने कहा कि यूपी ने 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी बनाई गईं हैं, जिससे निवेश बढ़ा है। 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 15 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और 7.50 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी चल रही है। ये नया यूपी है, जिसके तहत 65 लाख युवाओं को नौकरी दी गई है।

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सीएम ने कहा कि देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अच्छी सड़कें यूपी में मिलेंगी। देश के एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत यूपी का योगदान है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट यूपी में हैं। 2017 से पहले यूपी में केवल दो एयरपोर्ट संचालित थे, आज 17 हैं। इनमें पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। जिसमें पीएम मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम भी शामिल है। इसके पास 14 हजार एकड़ जमीन है, देश में किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है। नए एयरक्राफ्ट आने पर सभी एयरपोर्ट से हवाई सुविधा और बढ़ेगी। प्रदेश सरकार पांच नए एयरपोर्ट पर भी काम कर रही है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि पहले कोई सोचता भी नहीं था कि आजमगढ़ में एयरपोर्ट होगा, लेकिन यह भी संभव हुआ। श्रावस्ती, अलीगढ़, मुरादाबाद, सोनभद्र में कोई एयरपोर्ट की कल्पना नहीं करता था, लेकिन वहां भी सपना पूरा किया गया। दिल्ली से मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेसवे भी बन चुका है और रैपिड रेल भी आ चुकी है। देश की पहली इनलैंड वाटरवे वाराणसी-हल्दिया के बीच संचालित हो रही है। साथ ही यूपी के अंदर सबसे ज्यादा सात सिटी में मेट्रो सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

8000mAh बैटरी वाला Realme Narzo 100X लॉन्च, 6GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ मचाएगा धमाल

Realme ने एक बार फिर बाजार में अपना नया मिड-रेंज स्मार्टफोन Realme Narzo 100X लॉन्च किया है, जो बड़ी बैटरी और दमदार स्पेसिफिकेशन के साथ आएगा। फोन के पीछे का डिजाइन काफी साफ और आकर्षक है, साथ ही इसमें ऊपर बाईं तरफ वर्टिकल डिजाइन में रेक्टैंगुलर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। 25,000 रुपये से कम कीमत में आने वाला यह स्मार्टफोन उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जो मजबूत डिजाइन और बेसिक से ज्यादा फीचर्स वाला फोन खरीदना चाहते हैं। अब आइए Realme Narzo 100X के फीचर्स, कैमरा, स्पेसिफिकेशन और कीमत के बारे में डिटेल में जानते हैं।

भारत में Realme Narzo 100X की कीमत और सेल की जानकारी

Realme Narzo 100X के 4GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट को Amazon से ₹20,999 में खरीदा जा सकता है। वहीं, 6GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट ₹22,999 में उपलब्ध है। जबकि, 6GB RAM और 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट ₹24,999 में मिल रहा है।

लॉन्च ऑफर की बात करें तो, इच्छुक खरीदार चुनिंदा बैंक कार्ड्स का इस्तेमाल करके डिवाइस पर ₹2,000 की छूट और कूपन के साथ ₹500 की छूट पा सकते हैं। इस डिवाइस की सेल भारतीय समयानुसार 22 जुलाई, 2026 को दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। इसके अलावा, यह फोन दो कलर ऑप्शन – Midnight Black और Orange में उपलब्ध होगा।

Realme Narzo 100X के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

Realme Narzo 100X में 6.81-इंच का IPS LCD FHD+ डिस्प्ले मिलेगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। इसके अलावा, यह फोन MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर पर चलता है, जिसमें 6GB LPDDR4x RAM और 256GB UFS 2.2 इंटरनल स्टोरेज दी गई है। यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित है और इसमें Realme UI 7.0 का इस्तेमाल किया गया है। इतना ही नहीं, Realme ने इसमें 5300mm स्क्वायर AirFlo VC कूलिंग सेटअप भी दिया है, ताकि हेवी गेमिंग के दौरान फोन ठंडा रहे। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh की बैटरी है, जो अच्छे चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है।

कैमरे की बात करें तो, Realme Narzo 100X में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा और एक सेकेंडरी सेंसर शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इस फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

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योगी सरकार में कौशल विकास को लगे डिजिटल पंख, ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ पोर्टल का उद्घाटन

Kaushal Setu Portal: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने के साथ-साथ कौशल विकास प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना रही है। इसी क्रम में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय समारोह में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को दो महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया।

 

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने डिजिटल पोर्टल ‘कौशल सेतु’ का बटन दबाकर उद्घाटन किया। कौशल सेतु उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का डिजिटल पोर्टल है, जो ट्रेनिंग पार्टनर्स के पंजीकरण और एम्पैनलमेंट की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन, पेपरलेस और पारदर्शी बनाता है। इसके माध्यम से संस्थान आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड और आवश्यक जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर आसानी से जमा कर सकते हैं। योगी सरकार की इस पहल से प्रशिक्षण प्रदाताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

 

इसके बाद कौशल विकास मिशन के दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘कौशल सारथी’ का बटन दबाकर उद्घाटन किया, जो युवाओं को उनके जिले में उपलब्ध प्रशिक्षण केंद्रों, कोर्सों और ट्रेनिंग पार्टनर्स की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। डिजिटल मैप के माध्यम से युवा आसानी से प्रशिक्षण केंद्रों की लोकेशन, पता और संपर्क विवरण देखकर अपने लिए उपयुक्त कौशल प्रशिक्षण का चयन कर सकते हैं। इससे प्रदेश के हर जिले में चल रहे उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के ट्रेनिंग सेंटर की जानकारी युवाओं को एक क्लिक पर मिलेगी।

 

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इंडस्ट्री ट्रेनिंग पार्टनर केएलके प्राइवेट लिमिटेड और विनसम टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ एमओयू साइन किया, जिससे युवाओं को रोबोटिक्स, एआई, टेक्सटाइल जैसे भविष्य के सेक्टर में प्रशिक्षण और प्लेसमेंट मिलेगा।

 

इसके बाद मंत्री अग्रवाल ने कॉफी टेबल बुक ‘स्किलिंग द फ्यूचर उत्तर प्रदेश,  जर्नी फ्रॉम ट्रेनिंग टू ट्रांसफॉर्मेशन’ का भी विमोचन किया। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में कौशल विकास केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और रोजगार से जोड़कर युवाओं को ‘कौशल से स्वावलंबन और स्वावलंबन से सम्मान’ के मंत्र के साथ आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

 

फाइनल तक पहुंची स्पेन ने सिर्फ एक गोल खाया, अजेय महसूस कर रही टीम

स्पेन की फुटबॉल टीम के कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा है कि हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है और फ्रांस हराकर हम स्वयं को अजेय महसूस कर रहे है। डलास स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए सेमीफाइनल में स्पेन को मिकेल ओयार्जाबल के पहले हाफ में किए गए पेनल्टी गोल और हाफ टाइम के बाद पेड्रो पेरो के दूसरे गोल की बदौलत फ्रांस पर शानदार जीत की।

मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में डे ला फुएंते ने कहा, “हम खुद को अजेय महसूस कर रहे हैं। फ्रांस ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम का सामना किया। हमने उन्हें हराया है। उन्हें अपनी खिलाड़ियों प्रतिबद्धता, उदारता, एकजुटता और प्रतिभा पर गर्व हैं। उनका खेल अद्भुत रहा। आज का मैच शानदार था।

जो चीज मुश्किल लगती है, यह टीम उसे आसानी से कर दिखाती है।” उन्होंने कहा, “हम जानते थे कि हमें धीरे-धीरे सुधार करना होगा। हम पहला मैच जीतना चाहते थे, लेकिन यह एक प्रक्रिया है। हमारी योजना यही थी कि हम महत्वपूर्ण क्षणों तक सर्वोत्तम स्थिति में पहुंचें। हम बेहतरीन स्थिति में हैं और फुटबॉल के स्तर पर हम अपने चरम पर पहुंच चुके हैं।” उन्होंने कहा, “फिलहाल हम किसी एक को प्राथमिकता नहीं देते। उनकी विशेषताएं अलग-अलग हैं। मैं अर्जेंटीना का सामना करने के लिए उत्साहित हूं क्योंकि मैं लियोनेल स्कालोनी का करीबी दोस्त हूं, लेकिन मुझे इंग्लैंड भी बहुत पसंद है। हम दोनों में से किसी का भी खुले दिल से स्वागत करते हैं।”

स्पेन की रक्षापंक्ति इस टूर्नामेंट की सुर्खियों में से एक है। टीम फाइनल में है और अब तक उसने सिर्फ एक बार गोल खाया है। यानि सेमीफाइनल मिलाकर ज्यादातर मौकों पर क्लीनशीट रखी है। स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन ने ना केवल इस विश्वकप बल्कि पिछले विश्वकप में भी कई मैचों तक स्पेन को गोल खाने से रोका था।

साइमन ने दो विश्वकपों को मिलाकर प्रतिद्वंदी टीम को 519 मिनट तक गोल करने से रोका है। उन्होंने 36 साल पुराने इटनी के वाल्टर जेंगा के 517 मिनट तक गोल बचाने के रिकॉर्ड को पार किया।

Aurum Proptech Share Price : हाउसिंग डॉट कॉम को खरीद सकती है औरम प्रॉपटेक, सिर्फ 2 दिनों में 15% भागा शेयर

Aurum Proptech Share Price : CNBC-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि औरम प्रॉपटेक (Aurum Proptech) एक और अधिग्रहण की तैयारी कर रही है। कल फंड जुटाने के मुद्दे पर कंपनी की बोर्ड मीटिंग भी होने वाली है। कंपनी QIP,प्रेफरेंशियल इश्यू या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटा सकती है। इसके प्रेफरेंशियल इश्यू में बड़े और नामचीन इनवेस्टर शामिल हो सकते हैं। कंपनी की हाउसिंग डॉट कॉम को खरीदने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी REA इंडिया से Housing.com के खरीद सकती है। कंपनी पिछले साल जुलाई में Housing.com की सिस्टर कंपनी PropTiger.com को खरीदा था। अब इसकी Housing.com को ही खरीदने की तैयारी है। बता दें कि औरम प्रॉपटेक रियल एस्टेट के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देती है। पिछले 2 दिनों में औरम प्रॉपटेक में 15% तक तेजी देखने को मिली है।

CNBC-आवाज़ ने औरम प्रॉपटेक और REA इंडिया को ईमेल भेजा है। अभी दोनों के आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

औरम प्रॉपटेक की बड़ी शॉपिंग

औरम प्रॉपटेक की अब तक हुई शॉपिंग पर नजर डालें तो जुलाई 2025 में कंपनी ने PropTiger को 86 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसने जून 2023 में NestAway को 90 करोड़ में खरीदा था। मई 2023 में इसने MYRE Capital को और 2021–22 में Sell.Do को भी खरीदा था। इसी तरह जुलाई 2021 में इसने K2V2 टेक को 40 करोड़ रुपए में खरीदा था। 2021 में ही इसने Integrow AM में 25 करोड़ रुपए में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

कंपनी के प्रदर्शन पर एक नजर

मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में ऑरम प्रॉपटेक की नेट सेल्स 123.85 करोड़ रुपये रही,जो मार्च 2025 तिमाही के 70.41 करोड़ रुपये से 75.9% ज्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसकी नेट प्रॉफ़िट 16.64 करोड़ रुपये रही, जो मार्च 2025 तिमाही के 7.20 करोड़ रुपये से 331.11% ज़्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसका EBITDA 38.47 करोड़ रुपये रहा,जो मार्च 2025 तिमाही के 23.25 करोड़ रुपये से 65.46% ज्यादा है। ऑरम प्रॉपटेक का EPS मार्च 2025 तिमाही के ₹1.33 से बढ़कर मार्च 2026 में ₹2.70 हो गया।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

एनएसई पर आज यह शेयर 11.18 रुपए यानी 4.67 फीसदी बढ़कर 250.82 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 264.64 रुपए और दिन का लो 237.51 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 264.64 रुपए और 52 वीक लो 151.90 रुपए है।

1 हफ्ते में यह शेयर 12.38 फीसदी और 1 महीने में 36.77 फीसदी भागा है। तीन महीने में इसमें 47.93 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस साल अब तक यह शेयर 33.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसने 32.34 फीसदी की और 3 साल में 90.38 फीसदी की तेजी दिखाई है।

औरम प्रॉपटेक एक भारतीय लिस्टेड प्रॉपटेक कंपनी है। यह अपने रेंटल ब्रांड हेलोवर्ल्ड और नेस्टअवे के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जबकि इसके डेटा,मार्केटिंग और सेल्स ऑटोमेशन ब्रांड औरम एनालिटिका और सेल.डू (Sell.Do), रियल एस्टेट सेक्टर को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देते हैं।

 

 

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

यूरिया के मामले में 100% आत्मनिर्भर बनेगा भारत! 8-9 नए प्लांट और 10 मिलियन टन कैपिसिटी का ये है पूरा प्लान

भारत को खेती-किसानी और फर्टिलाइजर (उर्वरक) के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 (NIPU-2026) को मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति के तहत देश में 8 से 9 नए यूरिया प्लांट स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे भारत की आयातित (इंपोर्टेड) यूरिया पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस नई निवेश नीति से देश में सालाना लगभग 1 करोड़ मीट्रिक टन (10 मिलियन टन) नई यूरिया उत्पादन क्षमता जुड़ेगी।

यूरिया का मौजूदा गणित: मांग, उत्पादन और 25% का गैप

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश में यूरिया की जरूरत और उत्पादन के मौजूदा आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि नई नीति की जरूर क्यों पड़ी। अभी भारत में यूरिया की कुल मांग 40 मिलियन टन है। इसके मुकाबले घरेलू उत्पादन क्षमता लगभग 30 मिलियन टन (वर्तमान घरेलू उत्पादन क्षमता करीब 26.9 मिलियन टन) है। मांग और आपूर्ति के बीच इस 10 मिलियन टन के अंतर (सप्लाई गैप) को पूरा करने के लिए भारत को हर साल भारी मात्रा में यूरिया का आयात करना पड़ता है। यह गैप कुल मांग का लगभग 25 प्रतिशत है। देश में यूरिया की आवश्यकता में हर साल 5 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में यह नई नीति देश की संपूर्ण यूरिया आवश्यकता को स्थानीय स्तर पर पूरा करने में मदद करेगी।

प्राकृतिक गैस आधारित होंगे 8-9 नए प्लांट, प्रस्ताव तैयार

सरकार के अनुसार नई निवेश नीति के तहत जिन 8-9 नए यूरिया प्लांटों की स्थापना की जाएगी वे प्राकृतिक गैस आधारित होंगे। इस परियोजना के लिए सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की तरफ से प्रस्ताव मिल चुके हैं। इससे पहले लागू की गई न्यू इन्वेस्टमेंट पॉलिसी (NIP)-2012 के तहत पिछले एक दशक में देश में छह नए यूरिया प्लांट शुरू किए गए थे। इनमें से चार प्लांट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के संयुक्त उद्यम के माध्यम से और दो प्लांट निजी फर्मों द्वारा स्थापित किए गए थे। इससे यूरिया के आयात पर निर्भरता काफी कम हुई थी। अब NIPU-2026 इसी नीति का एक विस्तारित रूप है।

नीति के 3 मजबूत स्तंभ

कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस नई नीति को तीन मुख्य स्तंभों पर तैयार किया गया है:

लागत संरचना का संशोधन (पारदर्शिता): सब्सिडी की गणना को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इसमें निश्चित लागत और परिवर्तनीय लागत को पूरी तरह से अलग-अलग कर दिया गया है।

12-16% रिटर्न की गारंटी: यूरिया प्लांट लगाने वाली कंपनियों के लिए इक्विटी पर 12 से 16 प्रतिशत का सुनिश्चित रिटर्न तय किया गया है।

विदेशी मुद्रा जोखिम से सुरक्षा: विदेशी मुद्रा में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने के लिए व्यवस्था की गई है। इसके तहत चार साल के बाद तत्कालीन विनिमय दरों के आधार पर निश्चित लागतों को रुपये में परिवर्तित कर दिया जाएगा।

₹250 करोड़ की बड़ी बचत: सरकार के मुताबिक नीति में किए गए इन सुधारात्मक बदलावों से प्रत्येक यूरिया प्लांट के लिए 250 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय कीमतों से सुरक्षित रहेंगे भारतीय किसान

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार की व्यापक उर्वरक रणनीति को रेखांकित करते हुए भरोसा दिलाया कि वैश्विक स्तर पर फर्टिलाइजर की कीमतों में आने वाले उछाल और उतार-चढ़ाव से भारतीय किसानों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। सरकार द्वारा लगातार दी जा रही सब्सिडी सहायता के माध्यम से किसानों पर वैश्विक कीमतों के बढ़ने का कोई असर नहीं पड़ने दिया गया है और आगे भी उन्हें यह सुरक्षा मिलती रहेगी।

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कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: यूरिया के लिए नई पॉलिसी से लेकर सेमीकंडक्टर तक 2.19 लाख करोड़ खर्च का ये है पूरा प्लान

Cabinet approves Rs 2.19 lakh cr projects: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार 15 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट की एक बेहद अहम बैठक हुई। इसमें देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। कैबिनेट ने एक साथ 7 बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इनके तहत कुल 2 लाख 19 हजार 353 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और पॉलिसियों को हरी झंडी दिखाई गई है। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक इन फैसलों में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (Semicon 2.0), मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) और भारत को यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 जैसे बड़े नीतिगत कदम शामिल हैं।

फैसला 1 और 2: वाराणसी के लिए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज के पहले दो बड़े फैसले वाराणसी (काशी) में बुनियादी ढांचे के विकास के एक नए दृष्टिकोण से जुड़े हुए हैं। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है:-

वरुणा नदी के किनारे एलिवेटेड कॉरिडोर: कैबिनेट ने वरुणा नदी के किनारे 10998 करोड़ रुपये की लागत से एक 6/4-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है।

गंगा नदी के किनारे एलिवेटेड कॉरिडोर: इसके साथ ही गंगा नदी के किनारे 14,448 करोड़ रुपये की लागत से एक 6-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के विकास को भी हरी झंडी दी गई है।

फैसला 3 और 4: सेमीकंडक्टर 2.0 और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को महा-बूस्ट

देश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने के लिए सरकार ने इस कैबिनेट बैठक में दो सबसे बड़े वित्तीय आवंटन किए हैं:-

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 1 लाख 27 हजार 500 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ को मंजूरी दी है। सरकार का यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS): मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ा दूसरा बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 62500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

फैसला 5: यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए नई नीति

कृषि क्षेत्र और किसानों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। कैबिनेट ने ‘नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026’ को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य भारत को यूरिया उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह एक नीतिगत मंजूरी है, इसलिए कैबिनेट के फैसलों की वित्तीय तालिका में इसके लिए अलग से कोई विशिष्ट वित्तीय आवंटन दर्ज नहीं किया गया है।

फैसला 6 और 7: रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट

लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने रेल नेटवर्क के विस्तार से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। कैबिनेट ने 2542 करोड़ रुपये की लागत से पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण काम को मंजूरी दी है। इसके अलावा डांगोआपोसी और राजखरसवां के बीच चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है। इसमें 1365 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इन फैसलों को समेटते हुए कहा कि आज लिए गए ये 7 बड़े फैसले देश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने के साथ-साथ भारत को मैन्युफैक्चरिंग और कृषि के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।