जापान के मी प्रांत के तट के पास रविवार सुबह 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र शिमा शहर से 58 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में समुद्र के अंदर था। भूकंप का केंद्र मी प्रांत की राजधानी त्सु से करीब 110 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था। त्सु की आबादी 2.5 लाख से ज्यादा है। भूकंप जमीन से 352 किलोमीटर की गहराई में आया। भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। फिलहाल किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) की वेबसाइट पर लोगों ने बताया कि झटके काफी देर तक महसूस हुए। शुरुआत में हल्के झटके लगे, जो धीरे-धीरे तेज होते गए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
जापान के मी प्रांत के तट के पास रविवार सुबह 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र भूकंप का केंद्र मी प्रांत की राजधानी त्सु से करीब 110 किलोमीटर दक्षिण में था। त्सु की आबादी 2.5 लाख से ज्यादा है। भूकंप समुद्र में जमीन से 352 किलोमीटर की गहराई में आया। भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। फिलहाल किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) की वेबसाइट पर लोगों ने बताया कि झटके काफी देर तक महसूस हुए। शुरुआत में हल्के झटके लगे, जो धीरे-धीरे तेज होते गए। मैप की जरिए समझिए भूकंप की लोकेशन… जापान सबसे ज्यादा भूकंप वाले देशों में शामिल जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह चार बड़े टेक्टोनिक प्लेटों पर बसा है और प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है। हर साल यहां करीब 1500 भूकंप आते हैं, जिनमें से ज्यादातर हल्के होते हैं। जापान में 2024 में भूंकप से 600 लोग मारे गए जापान के नोटो द्वीप में 2024 में आए भूकंप में करीब 600 लोग मारे गए थे। 2011 में 9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। जापान सरकार ने अगले 30 साल में यहां 75-82 प्रतिशत तक भूकंप के तीव्र होने की चेतावनी दी है। अगर ऐसा हुआ तो 2.98 लाख लोग मारे जा सकते हैं और 2 ट्रिलियन डॉलर (167 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हो सकता है। इस साल के बड़े भूकंप कहां-कहां आए… ——————- यह खबर भी पढ़ें… स्पेन में हाई स्पीड ट्रेनें टकराईं, 68 की मौत: कई डिब्बे मलबे में बदले, इन ट्रेनों की एवरेज स्पीड 200kmph से ज्यादा स्पेन के टोलेडो प्रांत में बुधवार को दो हाई स्पीड ट्रेनें टकरा गईं। डीडी न्यूज के मुताबिक, हादसे में 68 लोगों की मौत हो गई, जबकि 179 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव के लिए इमरजेंसी और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरी खबर पढ़ें…

त्योहारी सीजन से पहले दोपहिया वाहन निर्माता Hero MotoCorp ने अपने 110cc स्कूटर Destini 110 का नया Classique Edition पेश किया है। कंपनी ने इस नए एडिशन में इंजन या परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं किया है, बल्कि इसे नए कलर ऑप्शन और डुअल-टोन स्टाइलिंग के साथ उतारा है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 76,400 रुपये रखी गई है। यह स्कूटर उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, जो रोजाना ऑफिस, बाजार और छोटे शहरों में आने-जाने के लिए पेट्रोल स्कूटर खरीदना चाहते हैं और साथ ही अलग लुक भी पसंद करते हैं।
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Hero Destini 110 Classique Edition की कीमत कितनी है?
वेरिएंट एक्स-शोरूम कीमत
Destini 110 VX ₹75,000
Destini 110 Classique Edition ₹76,400
(कृपया शहर और डीलरशिप के अनुसार कीमतों की पुष्टि करें।)
Destini 110 ZX तीन नए रंगों में मिलेगा स्कूटर
Hero ने Destini 110 Classique Edition को अलग पहचान देने के लिए इसमें खास कलर कॉम्बिनेशन दिया है। इसमें तीन एक्सक्लूसिव कलर विकल्प मिलते हैं। इसके साथ डुअल-टोन स्टाइलिंग भी दी गई है।
– सिल्वर और ग्रे कलर के साथ ब्राउन इनर पैनल मिलेंगे।
– ब्राउन कलर में कॉन्ट्रास्ट ब्लैक इनर पैनल दिया गया है।
– बॉडी कलर से मैच करते मिरर मिलेंगे।
– साइड में खास स्ट्राइप्स दी गई हैं।
– स्कूटर पर एक्सक्लूसिव 3D एम्ब्लेम मिलेगा।
इन बदलावों का मकसद स्कूटर को VX और ZX वेरिएंट से अलग लुक देना है। इंजन और माइलेज में कोई बदलाव नहीं
Hero Destini 110 Classique Edition में पहले वाला 110.9cc का पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह इंजन 7,250rpm पर 8.2hp की पावर और 5,750rpm पर 8.7Nm का टॉर्क जनरेट करता है।
स्कूटर में फ्यूल इंजेक्शन तकनीक दी गई है। कंपनी ने इसके इंजन, पावर और टॉर्क में कोई बदलाव नहीं किया है।
इसके प्रमुख स्पेसिफिकेशन इस प्रकार हैं:
- फीचर जानकारी
- इंजन 110.9cc
- अधिकतम पावर 8.2hp
- अधिकतम टॉर्क 8.7Nm
- फ्यूल टाइप पेट्रोल
- फ्यूलिंग फ्यूल इंजेक्शन
- पहिये दोनों तरफ 12 इंच
- माइलेज (दावा/लिस्टिंग) 56.2 kmpl
- हेडलैंप LED
- बैटरी 12V-4Ah VX और ZX से कितना अलग है Classique Edition?
इस नए एडिशन को समझने के लिए इसके वेरिएंट का अंतर जानना जरूरी है। Classique Edition, VX वेरिएंट पर आधारित है। इसलिए इसमें फ्रंट ड्रम ब्रेक मिलता है, जबकि ZX वेरिएंट में फ्रंट डिस्क ब्रेक दिया गया है। यानी ग्राहक को Classique Edition में अलग रंग, डुअल-टोन पैनल और खास डिजाइन एलिमेंट मिलेंगे, लेकिन मैकेनिकल बदलाव नहीं किए गए हैं।
कहां से खरीद सकते हैं?
Hero Destini 110 Classique Edition को कंपनी की आधिकारिक भारतीय वेबसाइट पर लिस्ट कर दिया गया है। इसके अलावा यह देशभर में Hero MotoCorp के शोरूम पर भी उपलब्ध है। ग्राहक खरीदारी से पहले अपने नजदीकी डीलरशिप से ऑन-रोड कीमत, बीमा, रजिस्ट्रेशन और उपलब्ध कलर की जानकारी ले सकते हैं।
रोजाना इस्तेमाल करने वालों के लिए क्या जानना जरूरी है?
अगर आप ऑफिस, कॉलेज या बाजार आने-जाने के लिए 110cc का पेट्रोल स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Classique Edition में आपको VX वेरिएंट के मुकाबले 1,400 रुपये अधिक खर्च करने होंगे। इसके बदले खास कलर और स्टाइलिंग मिलेगी। हालांकि, यदि आपकी प्राथमिकता फ्रंट डिस्क ब्रेक है, तो ZX वेरिएंट पर विचार करना होगा। वहीं, केवल नए रंग और लुक के लिए स्कूटर खरीदना चाहते हैं तो Classique Edition एक विकल्प है। खरीदने से पहले टेस्ट राइड लेकर ब्रेकिंग, सीट कम्फर्ट और वास्तविक माइलेज का आकलन जरूर करें।
शेयर बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी है। आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीद और टाटा समूह की ट्रेंट के बेहतर नतीजों के बाद निवेशकों की ओर से अच्छी मांग दिख रही है। सेंसेक्स और निफ्टी ने कारोबार की शुरुआत हरे निशान में की। उसके बाद दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 580.38 अंक तक चढ़कर 74,731.42 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछले बंद भाव से 173.75 अंक तक चढ़कर 23,110.50 के हाई तक गया।
एक दिन पहले सेंसेक्स 905.01 अंक या 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,151.04 पर बंद हुआ था। निफ्टी 237.90 अंक या 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,936.75 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को आई तेजी के अहम कारण…
IT शेयरों में खरीदारी
एशिया में ग्लोबल आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट के बीच निफ्टी IT इंडेक्स में 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। ऐसी चिंता जताई जा रही है कि AI पर भारी और बढ़ता खर्च शायद पर्याप्त रिटर्न न दे।एनालिस्ट AI से जुड़े स्टॉक्स में बिकवाली पर भारतीय IT कंपनियों को काफी डिफेंसिव बेनिफीशियरी के तौर पर देख रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि संभावना है कि कंपनियां महंगे इन-हाउस AI इनवेस्टमेंट के बजाय कॉस्ट-कटिंग, ऑटोमेशन और आउटसोर्सिंग को पसंद कर सकती हैं।
सितंबर 2026 तिमाही में कॉग्निजेंट के स्टेबल रिजल्ट्स भी IT स्टॉक्स में तेजी की एक अहम वजह हैं। कॉग्निजेंट का रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी में सालाना आधार पर 4.8% बढ़कर 5.66 अरब डॉलर हो गया। यह काफी हद तक अनुमान के मुताबिक रहा। बुकिंग 4% बढ़कर 28.7 अरब डॉलर हो गई।
रुपये में तेजी
रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 7 पैसे की बढ़त के साथ 95.19 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये की बढ़त को सीमित रखा। रुपया गुरुवार को 2 पैसे की बढ़त के साथ 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
चुनिंदा कंपनियों की अच्छी आय
पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स में 1% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अक्टूबर में अब तक निफ्टी में 1.6% और सेंसेक्स में 2.5% की बढ़त देखी गई है। जियोजीत इनवेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि चुनिंदा कंपनियों की आय में मजबूती और घरेलू मांग में स्थिरता से बाजार की व्यापक धारणा को सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयर में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही। कंपनी का शेयर बीएसई और एनएसई पर पांच प्रतिशत से अधिक चढ़ गया। इस बढ़त के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) बढ़कर 13.72 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
बीएसई पर कंपनी का शेयर 5.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,490 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर शेयर 5.09 प्रतिशत चढ़कर 1,489.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
इससे बीएसई पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण 66,903.61 करोड़ रुपये बढ़कर 13,72,145.59 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का शेयर अपने 1,119 रुपये के निर्गम मूल्य से दोनों प्रमुख शेयर बाजार में 33 प्रतिशत से अधिक ऊपर कारोबार कर रहा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की थी। कंपनी का शेयर निर्गम मूल्य से करीब 27 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था। इसके साथ ही कंपनी बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई थी।
कंपनी का शेयर बीएसई और एनएसई पर 1,358 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ था, जो इसके निर्गम मूल्य से 21.36 प्रतिशत अधिक था। बीएसई पर शेयर 26.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,417.35 रुपये पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान इसने 1,423.80 रुपये का उच्चतम स्तर भी छुआ था।
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एनएसई पर शेयर 26.67 प्रतिशत चढ़कर 1,417.50 रुपये पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान इसने 1,423.90 रुपये का उच्चतम स्तर हासिल किया था।
बुधवार के कारोबारी सत्र के अंत में जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण 13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। कंपनी बाजार मूल्यांकन के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरे स्थान पर रही।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 15.92 लाख करोड़ रुपये है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को पीछे छोड़ दिया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) कुल 22.19 गुना अभिदान के साथ बंद हुआ था। सार्वजनिक निर्गम और एंकर निवेशकों के आवंटन को मिलाकर कुल मांग सात लाख करोड़ रुपये से अधिक रही थी।
आईपीओ पूरी तरह से 27 करोड़ नए शेयरों का निर्गम था। इसके लिए मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था।
आईपीओ से पहले कंपनी ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से करीब 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर के भाव पर शेयर आवंटित किए गए थे, जो मूल्य दायरे का ऊपरी स्तर था।
आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और पहले ही दिन करीब 100 मिनट के भीतर ही इसे पूरा अभिदान मिल गया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी का आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद हुआ था।
Pic Credit : UNI
Stocks to Watch: बुधवार को कई कंपनियों ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कुछ कंपनियों का मुनाफा बढ़ा, तो कुछ के नतीजों में दबाव दिखा। वहीं, कुछ कंपनियों ने कारोबार बढ़ाने के लिए नए कदम उठाए हैं। इन नतीजों और अपडेट के चलते गुरुवार 29 अक्टूबर को इन शेयरों पर खास नजर रहेगी।
Gulf Oil Lubricants
लुब्रिकेंट्स बनाने वाली Gulf Oil Lubricants का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर ₹84 करोड़ से बढ़कर ₹115.4 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी ₹966 करोड़ से बढ़कर ₹1,409 करोड़ पहुंच गया। EBITDA ₹117 करोड़ से बढ़कर ₹164 करोड़ रहा।
Hero MotoCorp
दोपहिया गाड़ियां बनाने वाली Hero MotoCorp का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.5% बढ़कर ₹1,456 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹1,393 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी 21.1% बढ़कर ₹14,687 करोड़ पहुंच गया।
Satin Creditcare
माइक्रोफाइनेंस कंपनी Satin Creditcare का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹52 करोड़ से बढ़कर ₹172 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी ₹316 करोड़ से बढ़कर ₹375 करोड़ रही।
Aeroflex Industries
इंडस्ट्रियल फ्लेक्सिबल फ्लो सॉल्यूशन बनाने वाली Aeroflex Industries का रेवेन्यू सालाना आधार पर 87.1% बढ़कर ₹207.3 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹110.8 करोड़ था। नेट प्रॉफिट ₹14.23 करोड़ से बढ़कर ₹37 करोड़ रहा। EBITDA भी 94.8% बढ़कर ₹50.33 करोड़ पहुंच गया।
PNC Infratech
इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कंपनी PNC Infratech का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर घटकर ₹115 करोड़ रह गया। पिछले साल यह ₹216 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू ₹1,127 करोड़ से बढ़कर ₹1,323 करोड़ हो गया। EBITDA भी ₹253 करोड़ से बढ़कर ₹279 करोड़ रहा।
RR Kabel
वायर और केबल बनाने वाली RR Kabel का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 55.7% बढ़कर ₹180.6 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹116 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 51.8% बढ़कर ₹3,284 करोड़ पहुंच गया। EBITDA भी ₹176 करोड़ से बढ़कर ₹283 करोड़ रहा।
Meesho
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho का दूसरी तिमाही में नेट लॉस पिछली तिमाही के ₹133 करोड़ से थोड़ा घटकर ₹132 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹3,713 करोड़ से बढ़कर ₹4,132 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA लॉस ₹225 करोड़ से बढ़कर ₹229 करोड़ पहुंच गया।
TVS Holdings
ऑटो सेक्टर की होल्डिंग कंपनी TVS Holdings का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर ₹443 करोड़ से बढ़कर ₹635 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी ₹14,549 करोड़ से बढ़कर ₹20,183 करोड़ पहुंच गया। EBITDA ₹2,273 करोड़ से बढ़कर ₹3,058 करोड़ रहा।
Fortis Healthcare
हेल्थकेयर कंपनी Fortis Healthcare ने बेंगलुरु के 110 बेड वाले Suguna Hospital का करीब ₹277 करोड़ में अधिग्रहण किया है। इस सौदे से कंपनी को बेंगलुरु में अपनी हेल्थकेयर सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।
Birlasoft
IT सर्विसेज कंपनी Birlasoft का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही के ₹161 करोड़ से मामूली घटकर ₹160 करोड़ रहा। हालांकि, रेवेन्यू ₹1,379 करोड़ से बढ़कर ₹1,416 करोड़ हो गया। EBIT ₹203 करोड़ से घटकर ₹190.3 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन भी 14.7% से गिरकर 13.4% पर आ गया।
United Spirits
शराब बनाने वाली United Spirits का नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर ₹472 करोड़ से घटकर ₹462 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू ₹3,170 करोड़ से बढ़कर ₹3,258 करोड़ हो गया।
Raymond Lifestyle
कपड़े और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स से जुड़ी Raymond Lifestyle का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10.19% घटकर ₹68 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹75 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 13.2% बढ़कर ₹2,075 करोड़ पहुंच गया।
eClerx Services
बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट और डेटा एनालिटिक्स सेवाएं देने वाली eClerx Services का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 1.5% घटकर ₹180.3 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 18.4% बढ़कर ₹1,188.6 करोड़ पहुंच गया।
Sanofi Consumer Healthcare
कंज्यूमर हेल्थकेयर कंपनी Sanofi Consumer Healthcare का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22.2% बढ़कर ₹77 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹63 करोड़ था।
Awfis
वर्कस्पेस सॉल्यूशन कंपनी Awfis ने बड़े मेट्रो शहरों में 1.45 लाख वर्ग फुट का प्रीमियम वर्कस्पेस लॉन्च किया है। इस कारोबारी अपडेट से कंपनी के विस्तार की योजना सामने आई है।
Stock in Focus: रेल कंपनी को ₹1717 करोड़ का ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रमुख वाईएस जगनमोहन रेड्डी के हालिया बयान ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या जगनमोहन रेड्डी कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की ओर रुख करने का संकेत दे रहे हैं या फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रति नरम रुख रखने वाली अपनी छवि से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
जगनमोहन रेड्डी सत्ता में रहते हुए संसद में कई अहम विधेयकों पर केंद्र की BJP-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को मुद्दों के आधार पर समर्थन देते रहे। हालांकि उनकी पार्टी अब तक किसी भी गठबंधन में औपचारिक रूप से शामिल नहीं हुई है। ऐसे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून का समर्थन करने को अपनी ‘गलती’ बताने वाले उनके बयान को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल
YSRCP प्रमुख ने हाल ही में कहा कि उनकी पार्टी को उस प्रक्रिया का समर्थन करने पर अफसोस है। इसके तहत केंद्र में सत्तारूढ़ दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के चयन में प्रभावी भूमिका निभाता है। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति सत्तारूढ़ दल द्वारा नहीं की जानी चाहिए। जगन मोहन रेड्डी के मुताबिक, चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शामिल होने चाहिए तथा तीनों को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए।
उनके इस बयान के समय और राजनीतिक संदर्भ को लेकर चर्चा तेज है। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि YSRCP ने कांग्रेस या INDIA गठबंधन के साथ जाने का फैसला कर लिया है। फिलहाल यह राजनीतिक संभावनाओं और अटकलों का विषय है।
2019 से 2024 तक NDA सरकार के कई विधेयकों का किया समर्थन
जगन मोहन रेड्डी की पार्टी के सांसदों ने 2019 से 2024 के बीच लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर केंद्र की मोदी सरकार का समर्थन किया था। यह समर्थन मुद्दों के आधार पर दिया गया था, न कि किसी औपचारिक गठबंधन के तहत, लेकिन 2024 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले BJP ने YSRCP के बजाय जगन के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के साथ गठबंधन किया। BJP और TDP ने आंध्र प्रदेश में जनसेना पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और शानदार प्रदर्शन किया।
2024 के चुनाव में YSRCP को बड़ा झटका
आंध्र प्रदेश विधानसभा की 175 सीटों में से TDP, BJP और जनसेना गठबंधन ने कुल 164 सीटें जीतीं। वहीं, लोकसभा की 25 सीटों में से इस गठबंधन को 21 सीटों पर जीत मिली। इसके उलट, जगन मोहन रेड्डी की YSRCP विधानसभा में सिर्फ 11 सीटों पर सिमट गई। लोकसभा चुनाव में पार्टी को चार सीटें मिलीं। इस नतीजे ने राज्य की राजनीति में YSRCP की स्थिति को बड़ा झटका दिया।
BJP से दूरी के बाद भी जगन को थी समर्थन की उम्मीद
चुनावी हार और BJP के TDP के साथ जाने के बावजूद जगन मोहन रेड्डी ने केंद्र की NDA सरकार को मुद्दों के आधार पर समर्थन देने की बात कही थी। उस समय YSRCP के पास कुल 15 सांसद थे—लोकसभा में चार और राज्यसभा में 11। केंद्र में बहुमत के लिए सहयोगियों पर निर्भर NDA सरकार के लिए ऐसे सांसदों का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता था।
जगन ने राष्ट्रीय और राज्य के हित से जुड़े मुद्दों पर अपनी पार्टी के सांसदों की ओर से समर्थन देने की बात कही थी। हालांकि, केंद्र में BJP की राजनीतिक रणनीति में चंद्रबाबू नायडू की TDP की अहम भूमिका रही। ऐसे में YSRCP के लिए BJP के साथ राजनीतिक तालमेल बढ़ाने की गुंजाइश सीमित दिखाई दी।
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क्या 2029 के चुनाव से पहले बदलेगी जगन की रणनीति?
करीब ढाई साल बाद जगन मोहन रेड्डी के हालिया बयान को उनकी भविष्य की राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वह अपनी अब तक की स्वतंत्र राजनीति की रणनीति पर दोबारा विचार कर रहे हैं और 2029 के चुनाव से पहले नए राजनीतिक विकल्प तलाश सकते हैं। अभी तक कांग्रेस या YSRCP की ओर से किसी संभावित गठबंधन को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि जगन मोहन रेड्डी INDIA गठबंधन में शामिल होने जा रहे हैं। आने वाले समय में उनके बयानों, संसदीय रुख और कांग्रेस के साथ संभावित संवाद पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

लग्जरी SUV खरीदने वालों के लिए जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने भारत में अपनी लोकप्रिय SUV Defender 110 की लोकल असेंबली शुरू कर दी है। पुणे स्थित प्लांट में CKD रूट के जरिए तैयार होने वाले मॉडल्स की कीमतों में भारी कटौती की गई है। चुनिंदा वेरिएंट्स अब 34 लाख रुपए तक सस्ते हो गए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने मेड-इन-इंडिया मॉडल्स में कई प्रीमियम फीचर्स को स्टैंडर्ड तौर पर शामिल किया है।
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भारत में पहली बार हो रहा है Defender 110 का स्थानीय उत्पादन
जगुआर लैंड रोवर के इस कदम के बाद भारत यूरोप के बाहर पहला देश बन गया है, जहां Defender का स्थानीय स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है। इससे पहले भारत में इस SUV को स्लोवाकिया से पूरी तरह तैयार यूनिट (CBU) के रूप में आयात किया जाता था। आयात और उस पर लगने वाले शुल्क के कारण इसकी कीमत अधिक रहती थी।
अब कंपनी CKD यानी Completely Knocked Down रूट के जरिए वाहन के अलग-अलग हिस्सों को भारत लाकर यहां असेंबल करेगी। इससे चुनिंदा वेरिएंट्स की कीमतों में कमी आई है। हालांकि, कीमतों में वास्तविक अंतर वेरिएंट और लागू शुल्कों के अनुसार अलग हो सकता है।
Defender 110 की नई कीमतें: किस वेरिएंट पर कितनी बचत?
लोकल असेंबली के बाद Defender 110 के पेट्रोल और डीजल वेरिएंट्स की कीमतों में बड़ी कटौती हुई है। इस बदलाव के बाद 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट की शुरुआती कीमत 99 लाख रुपये हो गई है। वहीं, 3.0-लीटर पेट्रोल और डीजल X-Dynamic HSE वेरिएंट्स की कीमत 1.18 करोड़ रुपये बताई गई है। ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं; ऑन-रोड कीमत में रजिस्ट्रेशन, बीमा और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं।
कीमत घटने के साथ बढ़े प्रीमियम फीचर्स
Defender 110 की कीमतों में कटौती के साथ फीचर्स को लेकर भी ग्राहकों को फायदा मिलने की बात कही गई है। जानकारी के अनुसार, मेड-इन-इंडिया मॉडल्स में कुछ ऐसे प्रीमियम फीचर्स स्टैंडर्ड किए गए हैं, जिनके लिए पहले CBU मॉडल में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता था।
इनमें एयर सस्पेंशन, मेरिडियन साउंड सिस्टम और अन्य लग्जरी व सुरक्षा से जुड़े विकल्प शामिल हैं। इसका मतलब है कि ग्राहकों को कम कीमत पर ज्यादा फीचर्स वाला पैकेज मिल सकता है। हालांकि, अलग-अलग वेरिएंट में फीचर्स की उपलब्धता की पुष्टि खरीदारी से पहले कंपनी की आधिकारिक सूची से करना उचित होगा।
कब से शुरू होगी नई Defender 110 की डिलीवरी?
दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत में लोकल असेंबल की गई Defender 110 की डिलीवरी 15 नवंबर 2026 से शुरू होने वाली है। ऐसे में जो ग्राहक इस लग्जरी SUV को खरीदने की योजना बना रहे हैं, वे नई कीमतों, उपलब्ध वेरिएंट्स और डिलीवरी की जानकारी के लिए अधिकृत डीलरशिप से संपर्क कर सकते हैं।
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खरीदारों के लिए क्या है इसका मतलब?
Defender 110 की कीमतों में 14.5 लाख से 34 लाख रुपये तक की कमी इसे पहले के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाती है। लोकल असेंबली से कंपनी को भारत में अपनी प्रीमियम SUV की कीमतों को बेहतर तरीके से तय करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह अब भी एक लग्जरी SUV है और इसकी ऑन-रोड कीमत, रखरखाव तथा बीमा खर्च खरीदारी के फैसले में अहम रहेंगे।
चीन की ह्यूमनॉइड रोबोट इंडस्ट्री अब डेमो स्टेप से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर इस्तेमाल (डिप्लॉयमेंट) की ओर बढ़ रही है। 24 अक्टूबर को पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के जिनान शहर में 110 ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने एक साथ डांस करके ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बनाया।
चीनी कंपनी ‘एजीबॉट’ ने बनाए रोबोट
चीनी कंपनी ‘एजीबॉट’ (AgiBot) द्वारा विकसित इन 110 ‘एक्सपेडिशन A3’ (Expedition A3) ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने कंपनी के ‘लिंकबॉट्स’ (LinkBots) क्लस्टर-कंट्रोल प्लेटफॉर्म और अल्ट्रा-वाइडबैंड पोजिशनिंग तकनीक का इस्तेमाल करके एक साथ डांस किया और अलग-अलग आकृतियां (formations) बनाईं। इस तकनीक की मदद से रोबोट सेंटीमीटर-स्तर की सटीकता के साथ अपनी स्थिति तय कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार इस चुनौती के जरिए यह परखा गया कि क्या सिस्टम बड़ी संख्या में रोबोट्स के बीच तालमेल बिठाते हुए उनकी सटीक स्थिति बनाए रख सकता है।
इस प्रदर्शन के दौरान 110 ‘एक्सपेडिशन A3’ रोबोट्स ने बहुत ही बेहतरीन तरीके से एक साथ कई हरकतें कीं—जैसे अपनी जगह बदलना, कूदना, पलटी मारना (flips) और अलग-अलग आकृतियां बनाना। यह ह्यूमनॉइड रोबोट्स की स्पेस में मूवमेंट करने की उन्नत क्षमताओं को दर्शाता है।
इन जगह किया जाएगा तैनात
कंपनी ने बताया कि इस कार्यक्रम के बाद इन रोबोट्स का इस्तेमाल सांस्कृतिक और पर्यटन कार्यक्रमों, सार्वजनिक सेवाओं, वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। इस तरह के बहु-रोबोट प्रदर्शनों का महत्व केवल रिकॉर्ड बनाने तक ही सीमित नहीं है। चीनी कंपनियां गति नियंत्रण, स्थिति निर्धारण और बहु-रोबोट समन्वय में सुधार कर रही हैं, लेकिन मुख्य चुनौती इन क्षमताओं को विश्वसनीय वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों में बदलना है। कई कंपनियां अब औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तैनाती की संभावनाओं का पता लगा रही हैं।
#Watch: चीन में 110 ह्यूमनॉइड रोबोट ने एक साथ डांस करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। यह रिकॉर्ड शनिवार को पूर्वी चीन के शानडोंग प्रांत के जिनान शहर में बनाया गया। रोबोट बनाने वाली कंपनी AgiBot के मुताबिक, सभी 110 रोबोट एक साथ तालमेल में डांस कर रहे थे।
A3 मॉडल के इन रोबोट्स ने एक साथ डांस, हाथ हिलाने और अलग-अलग फॉर्मेशन बनाने जैसी गतिविधियां कीं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी ने इस पूरी चुनौती को देखा और कंपनी को रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट भी दिया।
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— Moneycontrol Hindi (@MoneycontrolH) October 26, 2026
अगस्त में बीजिंग में आयोजित विश्व रोबोट सम्मेलन में चीनी रोबोटिक्स कंपनियों ने पार्सल छांटने, पुर्जों को संभालने और मोबाइल फोन पैक करने वाले मानवाकार रोबोटों का प्रदर्शन किया। रोबोटेरा ने बताया कि उसने 15 गोदामों में 100 से अधिक पार्सल-छंटाई रोबोट तैनात किए हैं, जबकि डेक्सफोर्स ने लेंस टेक्नोलॉजी कारखाने में असेंबली लाइन पर मोबाइल उपकरणों को पैक करने के लिए रोबोट तैनात करने की जानकारी दी।
बीजिंग एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज के एसोसिएट रिसर्च फेलो वांग पेंग ने रविवार को ग्लोबल टाइम्स को बताया कि बड़े पैमाने पर समन्वय मानवाकार रोबोटों के लिए एक प्रमुख दिशा होगी। रोबोटों को परिचालन क्षमताओं और वास्तविक दुनिया के उपयोग परिदृश्यों से प्राप्त अनुभवों को साझा करने में सक्षम बनाकर, यह दृष्टिकोण प्रति इकाई परिचालन लागत को कम करने में मदद कर सकता है।
हालांकि कई एप्लिकेशन अभी भी पायलट या शुरुआती कमर्शियल चरण में हैं। इनके व्यापक इस्तेमाल के रास्ते में विश्वसनीयता, अनुकूलन क्षमता और लागत-प्रभावशीलता जैसी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का कहना है कि चीन का लक्ष्य ह्यूमेनोइड रोबोट और एम्बॉडीड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कमर्शियलाइजेशन और बड़े पैमाने पर तैनाती (डिप्लॉयमेंट) को तेज करना है।
चीन ने जून में एक ‘रियल-वर्ल्ड ट्रेनिंग’ पहल शुरू की है। इसका मकसद वास्तविक उत्पादन और रोजमर्रा के माहौल में ह्यूमेनोइड रोबोट और एम्बॉडीड AI उत्पादों की तैनाती को बढ़ावा देना है, ताकि इन्हें बड़े पैमाने पर अपनाया जा सके। इस पहल का लक्ष्य 100 से ज्ययादा महत्वपूर्ण एप्लिकेशन परिदृश्य (एप्लिकेशन सिनेरियो) विकसित करना और 2026 के अंत तक हजारों रोबोटों को बड़े पैमाने पर तैनात करने की क्षमता तैयार करना है।
19 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि चीनी कंपनियों ने 400 से ज्यादा ह्यूमेनोइड रोबोट मॉडल विकसित किए हैं और 2026 की पहली छमाही में 40,000 से ज़्यादा यूनिट्स का उत्पादन किया है। स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस के अनुसार, सालाना उत्पादन 100,000 यूनिट्स से ज्यादा होने की उम्मीद है। साथ ही वास्तविक दुनिया में टेस्टिंग और तैनाती के लिए 300 से ज्यादा प्राथमिकता वाले परिदृश्यों (प्रायोरिटी सिनेरियो) को चुना गया है।
अंतत व्यापक स्तर पर तैनाती के लिए वास्तविक दुनिया की अनिश्चित परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता में लगातार सुधार की आवश्यकता होगी। रोशनी में बदलाव, जमीन की सतह और अचानक सामने आने वाली रुकावटें रोबोट के प्रदर्शन पर असर डाल सकती हैं, जबकि लंबे समय तक चलने वाले कई चरणों वाले कार्यों के दौरान छोटी-छोटी गलतियां जमा हो सकती हैं। वांग ने कहा कि परिचालन की विश्वसनीयता को बेहतर बनाना और लगातार एक जैसा प्रदर्शन सुनिश्चित करना, आगे के विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं।




