
हरियाणा के पंचकूला स्थित एक स्कूल में छह साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बेहद गंभीर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 8 साल के एक छात्र ने स्कूल की पहली मंजिल पर स्थित कमरे में बच्ची को बेरहमी से पीटा। घटना 28 अक्टूबर 2026 की बताई जा रही है। मारपीट की पूरी घटना कक्षा में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज के मुताबिक, बच्ची के साथ करीब 96 सेकेंड तक मारपीट की गई। दृश्य बेहद विचलित करने वाले हैं, इसलिए वीडियो सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।
मामले में पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं, घटना के बाद दो जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस और शिक्षा विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।
बेंच पर सिर पटका, चेहरे और सिर पर किए वार
पुलिस में दर्ज शिकायत और सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी छात्र ने पहले बच्ची का सिर बेंच पर मारा। इसके बाद उसके चेहरे पर कई बार पैर और घूंसे से वार किए। आरोप है कि उसने बच्ची के बाल पकड़कर उसे घसीटा और फिर ईंट से उसके सिर पर भी कई वार किए।
बताया गया है कि CCTV फुटेज में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। फुटेज देखने के बाद हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने भी घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वीडियो को पूरा देख पाना भी मुश्किल है। शिक्षा मंत्री ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रिंसिपल समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शनिवार को FIR दर्ज की गई। इसमें स्कूल के प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार को नामजद किया गया है। पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट, 2015 की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(बी) के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल, क्लास टीचर, अन्य स्टाफ और सुरक्षा कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बच्ची के साथ यह घटना हुई। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम थे और घटना के समय जिम्मेदार कर्मचारी कहां थे।
दो JBT शिक्षकों को किया गया सस्पेंड
घटना के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है। जांच में स्कूल प्रबंधन और स्टाफ की भूमिका, निगरानी व्यवस्था तथा घटना के समय मौजूद कर्मचारियों की जिम्मेदारी की पड़ताल की जाएगी।
ऑटो ड्राइवर बच्ची को लेने पहुंचा, तब हुआ घटना का खुलासा
परिजनों को घटना की जानकारी उस समय मिली, जब ऑटो ड्राइवर बच्ची को लेने स्कूल पहुंचा। वहां बच्ची नहीं मिली तो उसने परिवार को सूचना दी। इसके बाद परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू की। बच्ची के चाचा के मुताबिक, मारपीट करने वाले बच्चे ने ही उन्हें बताया कि बच्ची कहां गिरी पड़ी है। परिजन उसे तत्काल सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
PGI चंडीगढ़ में चल रहा इलाज, हालत में सुधार
बच्ची का इलाज चंडीगढ़ PGI में चल रहा है। परिजनों के मुताबिक, फिलहाल उसकी हालत ठीक है। 31 अक्टूबर की रात बच्ची ने अपनी मां के हाथ से खाना भी खाया। घटना के बाद परिवार सदमे में है और बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहा है।
DCP बोलीं- स्कूल की लापरवाही सामने आई
पंचकूला की DCP अदिति सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में इस मामले में स्कूल की लापरवाही सामने आई है। स्कूल स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं, मारपीट के आरोपी नाबालिग छात्र की विशेषज्ञों से काउंसिलिंग कराई जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि स्कूल परिसर में बच्ची की सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे। घटना के समय कक्षा और स्कूल परिसर में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
नाबालिग छात्र की काउंसिलिंग, स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की निगरानी और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर यह जांच का विषय है कि स्कूल की इमारत में बच्ची और दूसरे छात्र के बीच इतनी देर तक मारपीट कैसे होती रही और किसी कर्मचारी को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्र नाबालिग है, इसलिए उसके मामले में किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत प्रक्रिया अपनाई जा रही है। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और पुलिस के साथ शिक्षा विभाग भी मामले की जांच कर रहा है।


