80 लाख रुपये, डॉलर, सोना और बाथरूम में छिपाया जाता था कैश…राम मंदिर चंदा चोरी विवाद में बड़ा खुलासा!

Ram Mandir Donation Theft Row   :  अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दानपात्र में गड़बड़ी और करोड़ों रुपये के हेरफेर के आरोपों ने राजनीतिक व धार्मिक जगत में हलचल मचा दी है। वहीं राम मंदिर चंदा चोरी के मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने तेज कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी को कैसे छिपाया गया और मंदिर परिसर से बाहर कैसे ले जाया गया। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके घरों से बड़ी मात्रा में नकदी, सोना, चांदी और  फॉरेन करेंसी बरामद हुई है।

बाथरूम में छिपाया चोरी की रकम

जांच में सामने आया है कि चोरी की रकम को छिपाने के लिए बाथरूम जैसी जगहों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद नकदी को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाहर निकाला जाता था, ताकि किसी को शक न हो। जांच एजेंसियां अब तक करीब 80 लाख रुपये बरामद कर चुकी हैं। जांच के दौरान सबसे बड़ी बरामदगी अविनाश शुक्ला से जुड़े ठिकानों से हुई। पुलिस को उसके कमरे से 12 लाख रुपये नकद मिले, जबकि उसके भाई ने 8.40 लाख रुपये वापस जमा कराए।

पुलिस को अमेरिकी डॉलकर भी बरामद

इसके अलावा पुलिस ने 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए। इनमें 100, 50, 20, 10, 5 और 1 डॉलर के नोट शामिल हैं। साथ ही करीब 159.54 ग्राम, 11.14 ग्राम और 3.44 ग्राम वजन के सोने और चांदी के गहने भी मिले हैं। पुलिस की बरामदगी सूची के अनुसार, अनुकल्प मिश्र के पास से 16.82 लाख रुपये बरामद किए गए। वहीं, लवकुश मिश्र के एसके लॉकर से 14.25 लाख रुपये नकद मिले।

आरोपियों के पास से ये चीजें बरामद

पुलिस ने रमाशंकर मिश्र के पास से 7.32 लाख रुपये नकद, सफेद धातु के दो सिक्के और चांदी की बिछिया बरामद की। वहीं, मनीष कुमार यादव से 2 लाख रुपये और करुणेश पांडे के पास से 18.07 लाख रुपये जब्त किए गए। जांच के दस्तावेजों के अनुसार, टिन्नू यादव के हॉस्टल के कमरे से नकदी सीधे बरामद हुई। वहीं, दूसरे आरोपियों से मिली रकम को शिकायतकर्ता और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने पुलिस की औपचारिक कार्रवाई से पहले अपने लॉकर में सुरक्षित रख दिया था। टिन्नू यादव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रहे हैं।

Benefits up to Rs 2.15 lakh on Honda Elevate in July 2026

Honda Elevate front quarter static

Honda has revealed the offers available with its models in July 2026. While the Elevate gets the maximum benefits this month, the Honda City, which received a facelift in June, carries no offers this month. Offers are available on the Honda Amaze’s second- and third-generation models too.

Note: All offers are valid till July 31, 2026 and may vary by city and stock availability. Please check with your nearest Honda dealership for the exact figures.

Honda Elevate July 2026 offers

Benefits up to Rs 2.15 lakh

The Elevate is available with benefits of up to Rs 2.15 lakh, the most for any Honda car in July 2026. This includes a cash discount of up to Rs 40,000, an exchange benefit of up to Rs 30,000, corporate offers and loyalty benefits. A 7-year extended warranty is also available at a discounted price. Prices of the Honda Elevate range from Rs 11.60 lakh to Rs 16.16 lakh, and it rivals the Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Maruti Victoris, Maruti Grand Vitara and Renault Duster

Honda Amaze July 2026 offers

Benefits up to Rs 67,000

The Amaze’s newer third-generation model is available with the highest benefits of up to Rs 67,000, which include a cash discount of Rs 15,000 and an exchange benefit of up to Rs 15,000. Like the Elevate, the 3rd-gen Amaze is available with some loyalty benefits and a 7-year extended warranty at a discounted price. The second-generation model, in contrast, carries benefits of up to Rs 58,000. 

The second-gen Amaze is priced from Rs 6.98 lakh to Rs 7.80 lakh, while the 3rd-gen model is priced from Rs 7.51 lakh to Rs 10 lakh. Both generations of the Amaze lock horns with the Maruti Dzire, Tata Tigor and Hyundai Aura

Prices are ex-showroom, India.  

Waterways Leisure Tourism में और 10% तेजी की लहर, लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट

मुंबई स्थित क्रूज ऑपरेटर वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म के शेयर में 3 जुलाई को लगातार दूसरे दिन तेजी है। शेयर बीएसई पर 10 प्रतिशत चढ़ा और लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट लगा। कीमत 807.45 रुपये हो गई है। कंपनी 1 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट हुई थी। दिन के आखिर में शेयर BSE पर 667.35 रुपये पर बंद हुआ था। उसके बाद 2 जुलाई को भी यह 10 प्रतिशत चढ़ा और अपर सर्किट लगा। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 5800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म का 585 करोड़ रुपये का IPO 1.53 गुना भरा था। यह कंपनी कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड के तहत कारोबार करती है। देश में पहली बार किसी क्रूज ऑपरेटर का शेयर लिस्ट हुआ है। कॉर्डेलिया क्रूज भारत की प्रीमियम क्रूज लाइन है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 89.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Waterways Leisure Tourism की वित्तीय स्थिति

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 52.14 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी को 168.19 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में इनकम 586.99 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2025 में 597.68 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 101.90 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Waterways Leisure Tourism के IPO में 72 लाख नए शेयर जारी हुए थे। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 72 प्रतिशत, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.23 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 4.40 गुना भरा।

क्या खरीदने लायक है शेयर?

स्वास्तिका इनवेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है, “आईपीओ अलॉटमेंट के तहत जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे लंबे समय के नजरिए से उन्हें अपने पास रख सकते हैं। नए निवेशकों को बेहतर कमाई की संभावना और एंट्री के लिए ज्यादा आकर्षक लेवल का इंतजार करना चाहिए। इस स्टॉक पर राय न्यूट्रल है, और क्लोजिंग के आधार पर स्टॉप-लॉस ₹640 है।”

Ram Mandir: राम मंदिर दान विवाद के बीच ट्रस्ट के इस बैठक पर टिकी सबकी नजर, जानें पूरा समीकरण

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र अयोध्या का राम मंदिर चढ़ावे को लेकर उठे सवालों ने देश की राजनीति और धार्मिक जगत में हलचल मचा दी है। आरोप हैं कि राम मंदिर के दानपात्र में चढ़ाए गए करोड़ों रुपये के चंदे में गड़बड़ी हुई। अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों के बीच 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने जा रही है। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की पेशकश की है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट के आगे के कामकाज और भविष्य को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। क्योंकि ट्रस्ट की व्यवस्था ऐसी है कि कुछ स्थायी ट्रस्टियों के पास ही फैसले लेने का सबसे ज्यादा अधिकार होता है।

ट्रस्ट की शुरुआत कैसे हुई?

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन फरवरी 2020 में किया गया था। यह ट्रस्ट अयोध्या जमीन विवाद पर नवंबर 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बनाया गया। अदालत ने केंद्र सरकार को राम मंदिर के निर्माण और उसके संचालन के लिए एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया था। नई दिल्ली में हुई पहली बैठक में महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय को महासचिव और गोविंद गिरि महाराज को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र को मंदिर निर्माण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

ट्रस्ट में कौन-कौन सदस्य हैं?

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कुल 10 स्थायी ट्रस्टी हैं। हालांकि, ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक पद अभी खाली है।

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  • महंत नृत्य गोपाल दास: वे ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और राम जन्मभूमि आंदोलन के सबसे वरिष्ठ संतों में गिने जाते हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में संभावना है कि 6 जुलाई की बैठक में वे शामिल नहीं हो पाएंगे।
  • चंपत राय: वे विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और ट्रस्ट के महासचिव हैं। अगस्त 2020 में मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद से ट्रस्ट के रोज़मर्रा के कामकाज और कई अहम फैसलों में उनकी प्रमुख भूमिका रही है।
  • डॉ. अनिल मिश्र: अयोध्या के होम्योपैथी डॉक्टर और ट्रस्ट के शुरुआती सदस्यों में से एक हैं। वे मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालते हैं।
  • गोविंद गिरि महाराज: पुणे के प्रसिद्ध संत हैं। वे ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं और ट्रस्ट के आर्थिक व वित्तीय मामलों की देखरेख करते हैं।
  • स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती: प्रयागराज स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं। वे ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख धार्मिक नेताओं में शामिल हैं।
  • स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज: कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के प्रमुख हैं और मध्व परंपरा के प्रमुख संतों में गिने जाते हैं।
  • युगपुरुष परमानंद गिरि महाराज: हरिद्वार के संत और आध्यात्मिक गुरु हैं। वे भी ट्रस्ट के महत्वपूर्ण सदस्यों में शामिल हैं।
  • महंत दिनेंद्र दास: वे अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के वरिष्ठ संत हैं। राम जन्मभूमि विवाद के दौरान वे इस मामले के प्रमुख पक्षकारों में शामिल रहे थे।
  • कृष्ण मोहन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े कार्यकर्ता हैं। उन्हें ट्रस्ट में कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सदस्य बनाया गया। कामेश्वर चौपाल उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने 1989 में प्रस्तावित राम मंदिर की पहली ईंट रखी थी।
  • खाली पद: अयोध्या के पूर्व शाही परिवार से जुड़े ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद ट्रस्ट में उनका पद अभी तक खाली है।

किसे वोट देने का अधिकार है और किसे नहीं?

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सिर्फ स्थायी ट्रस्टियों को ही वोट देने का अधिकार है। सरकारी प्रतिनिधियों सहित पांच पदेन सदस्य बैठकों में शामिल तो होते हैं, लेकिन उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं है। इसलिए वे मतदान के जरिए किसी फैसले को बदल या प्रभावित नहीं कर सकते। यही वजह है कि ट्रस्ट के बड़े फैसलों का अधिकार स्थायी ट्रस्टियों के पास ही होता है। नए ट्रस्टी को शामिल करना हो या ट्रस्ट के कामकाज में कोई बड़ा बदलाव करना हो, इसके लिए स्थायी ट्रस्टियों के बहुमत की मंजूरी जरूरी होती है।

क्या चंपत राय और अनिल मिश्र पद छोड़ने के बाद भी ट्रस्ट में रह सकते हैं?

हां, ऐसा हो सकता है। ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अनुसार, स्थायी ट्रस्टी को हटाने का कोई नियम नहीं है। अगर चंपत राय महासचिव का पद छोड़ देते हैं और अनिल मिश्र अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियां छोड़ देते हैं, तब भी वे ट्रस्ट के स्थायी सदस्य बने रहेंगे। वे तभी ट्रस्ट से बाहर होंगे, जब खुद अपना इस्तीफा देंगे। इसी वजह से 6 जुलाई की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। ट्रस्ट में एक स्थायी पद पहले से खाली है और अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत खराब होने के कारण उनके बैठक में शामिल होने की संभावना भी कम है। ऐसे में बैठक में वोट देने वाले सक्रिय सदस्यों की संख्या सीमित रह सकती है।

आमंत्रित सदस्य कौन हैं और उनकी क्या भूमिका होती है?

ट्रस्ट में कुछ आमंत्रित सदस्य भी हैं। ये लोग बैठकों में शामिल होते हैं और अपनी राय रखते हैं, लेकिन उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होता। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी सुरेश ‘भैयाजी’ जोशी और विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी दिनेश चंद्र शामिल हैं। इसके अलावा कर्नाटक से विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल नागरकट्टे भी आमंत्रित सदस्य हैं। वे जनवरी 2021 से राम मंदिर के निर्माण और दूसरे सिविल कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, आमंत्रित सदस्य चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं और अपने सुझाव दे सकते हैं, लेकिन ट्रस्ट के किसी भी फैसले पर वोट नहीं दे सकते।

BaaS मॉडल के साथ Hyundai की Creta Electric लॉन्च, कीमत में आई भारी गिरावट

Hyundai Creta Electric: अगर आप इलेक्ट्रिक SUV खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, Hyundai Motor India Ltd ने Creta Electric के लिए ‘बैटरी-एज-ए-सर्विस’ (BaaS) ओनरशिप मॉडल पेश किया है। इस कदम से इलेक्ट्रिक SUV की शुरुआती कीमत, बैटरी की लागत को छोड़कर, रेगुलर ₹18.03 लाख से घटकर ₹10.99 लाख (एक्स-शोरूम) हो गई है।

इस नई व्यवस्था के तहत, खरीदारों के पास गाड़ी अलग से खरीदने और बैटरी के लिए EMI प्लान (जो ₹3.9 प्रति किलोमीटर से शुरू होगा) चुनने का विकल्प होगा, जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने की शुरुआती लागत कम हो जाएगी।

Hyundai का मकसद EV को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ऑटो कंपनियां भारत में ग्राहकों के सामने आने वाली सबसे बड़ी समस्या यानी ज्यादा शुरुआती कीमत को कम करने के लिए अलग-अलग ओनरशिप मॉडल अपना रही हैं। बैटरी की कीमत को गाड़ी की कीमत से अलग करने से शुरुआती खरीद लागत कम हो जाती है, जबकि गाड़ी की लिस्ट कीमत पर कोई असर नहीं पड़ता। इससे इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा किफायती और आसान हो जाते हैं।

फॉर्च्यून इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्च के मौके पर Hyundai Motor India Ltd के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO तरुण गर्ग ने कहा, “हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक के लिए ‘बैटरी-एज-ए-सर्विस’ (BaaS) की शुरुआत भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है।”

उन्होंने कहा, शुरुआती कीमत को काफी कम करके और फ्लेक्सिबल बैटरी रेंटल प्लान देकर देकर, हम ज्यादा ग्राहकों को भरोसे के साथ EV अपनाने में मदद कर रहे हैं, जिससे वे हुंडई की भरोसेमंद तकनीक, सुरक्षा और इनोवेशन का लाभ उठा सकें।

क्रेटा इलेक्ट्रिक की कीमत अभी ₹18.02 लाख से ₹24.55 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है। यह दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ आती है: एक 42 kWh यूनिट जिसकी ड्राइविंग रेंज 420 km बताई गई है, और दूसरी 51.4 kWh यूनिट जिसकी रेंज 510 km बताई गई है। यह SUV DC फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करती है, जिससे बैटरी को लगभग 39 मिनट में 10% से 80% तक तेजी से चार्ज किया जा सकता है।

इस मॉडल की अन्य खूबियों में व्हीकल-टू-लोड (V2L) क्षमता, हुंडई स्मार्टसेंस लेवल 2 ADAS, डिजिटल की, सिंगल ड्राइव (i-पेडल), एक्टिव एयर फ्लैप्स और 8 साल/1.6 लाख km की बैटरी वारंटी शामिल हैं।

Hyundai भारत में EV इकोसिस्टम को मजबूत करने की योजना बना रही है

अपने प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाने के साथ-साथ, हुंडई देश में EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश कर रही है। फॉर्च्यून इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अगले सात सालों में लगभग 600 फास्ट पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बना रही है। साथ ही, कंपनी ने पहले ही 183 जगहों पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है, जिसमें 214 DC चार्जर और 399 चार्जिंग पॉइंट शामिल हैं।

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Renault Kwid new vs old: Differences and similarities explained

Renault Kwid New vs Old comparison

Renault gave the Kwid a comprehensive facelift back in 2019. Three years later, the hatchback received a few cosmetic tweaks and new paint options. The 2026 Renault Kwid comes with yet another lifecycle update, albeit a minor one. It remains Renault’s most affordable car in India, and its closest rivals are the Maruti Alto K10 and Maruti S-Presso. Let’s now look at what’s new with the 2026 Renault Kwid compared to its predecessor.

Renault Kwid new vs old: Exterior design

There are only a couple of noticeable changes on the outside

2026 Renault Kwid facelift front grille
Old Renault Kwid front grille
 

Compared to the pre-facelift model, the 2026 Kwid’s exterior is more or less unchanged in terms of its overall design and silhouette. The sleek upper LED lighting element and the large bumper-integrated headlamp housing have been carried forward, along with the faux front diffuser. The only difference at the front of the Kwid now is the new Renault logo.

2026 Renault Kwid facelift side
Old Renault Kwid facelift side
 

Along the side, the 2026 Kwid mostly looks the same as the previous model. However, Renault has given it a new two-tone wheel cover design, which also features the brand’s new logo. Other details such as the roof bars, ‘Climber’ lettering (for the top trim) and black lower-body cladding have been carried over from the pre-facelift model. As at the front, a design difference at the rear between the two cars is the new Renault logo. Apart from that, the ‘Kwid’ lettering on the tailgate is new as well. However, the design of the tail lamps, rear static reflectors and bumper are the same as before.

Renault Kwid new vs old: Interior design

There’s only perceivable difference on the inside of the 2026 Kwid

Stepping inside, the biggest change between the old and new Renault Kwid is in the steering wheel. Not only is the design of this wheel new, it also gets the brand’s latest logo that’s found in other Renault models on sale in India. The rest of the interior of the 2026 Kwid is nearly identical to the pre-facelift model. This means that there’s the same 8.0-inch infotainment head unit with a physical knob and button, Apple CarPlay and Android Auto connectivity, a monochrome digital driver’s display, manual AC controls, and a few buttons on the dashboard.

2026 Renault Kwid facelift interior
Old Renault Kwid facelift interior
 

The two-tone gear lever for the top-spec Climber manual variant and the rotary gear selector for the AMT variant remain unchanged. The new Kwid also has the same grey seat upholstery with contrasting yellow highlights as the old car. On the practicality front, things are likely to be similar as well, given that the storage cubbies haven’t been changed in any major way. Space for occupants is also to be identical to the old Kwid as there haven’t been any mechanical modifications with this 2026 update. Similarly, the 279-litre boot of the Kwid remains as is.

Renault Kwid new vs old: Engine and gearbox

There have been no mechanical changes with this update

Under the bonnet, the 2026 Renault Kwid soldiers on with the same 1.0-litre naturally aspirated petrol engine as its predecessor. This three-cylinder mill is rated at 69hp and 92.5Nm, and can be had with either a 5-speed manual or 5-speed automated manual transmission (AMT). Unlike its predecessor, which was offered in four trim levels, the 2026 Kwid is now available in only two trim levels – Evolution and Climber. Prices range between Rs 4.53 lakh and Rs 5.61 lakh (ex-showroom, India). This means that the 2026 Evolution MT and AMT variants are now cheaper by Rs 13,500 and Rs 10,000, respectively. Meanwhile, the Climber MT and AMT variants have become more affordable by Rs 32,000 and Rs 27,200, respectively.

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Scooter and bike sales June 2026: Mixed results for different brands

Hero Passion. Honda CB125 Hornet and TVS Ntorq 125

As the scorching summer draws to a close and the monsoon season well and truly sets in, here’s how each of the top six heavyweights in the ICE Indian two-wheeler market performed in the month of June.

Hero: 5,02,890 units

Hero MotoCorp retained its position at the top of this sextet with over 5 lakh units sold last month in the domestic market – usual fare for this powerhouse. In doing so, it actually reported a 6.31 percent decline in comparison to its May 2026 sales number of 5,36,784 units. It was also a similar story when compared to its June 2025 sales (5,25,136 units) wherein it reported a smaller decline of 4.24 percent. It bears mentioning that Hero bundles in the burgeoning sales of its electric arm, Vida, which is now a regular fixture in the top ten bestselling brands in the electric mobility space, into this number.

Last month, Hero updated two of its commuter motorcycles – the Passion+ and the Super Splendor XTEC 2.0. Hero shipped 38,269 units overseas last month, an improvement over the 33,284 units it sent to export markets in May.

Honda: 4,68,956 units

Honda Motorcycle and Scooter India (HMSI) is in its usual runner-up spot but even so, the company reported a small 2.03 percent increase when compared to its May 2026 sales tally (4,59,611 units). Similarly, HMSI also reported a substantial 20.61 percent increase when compared to its June 2025 sales figure of 3,88,812 units. Honda is gearing up to enter the affordable end of the maxi-scooter game in India, with its ADV160, whose design has already been patented in our country.

The company exported 59,325 units last month, which was more or less on par compared to the 59,166 units it shipped overseas in May of this year.

TVS: 4,11,014 units

TVS Motor Company breached the 4 lakh units mark in the domestic market for the first time ever last month. In doing so, the company reported a noteworthy 6.88 percent increase when compared to its May 2026 sales figure of 3,84,565 units. When compared to its relatively small sales figure for June 2025 (2,81,012 units), the Hosur-based manufacturer reported a huge 46.26 percent increase.

It is worth mentioning that TVS doesn’t bundle the sales of its EVs – shouldered largely by the popular iQube, India’s bestselling electric two-wheeler – into the aforementioned numbers. TVS recently refreshed the popular Ntorq 125 scooter with some fresh new colourways on its entry-level variants. It is also working quite hard to set up its premium two-wheeler dealer network – Paddock – in India and also bringing the quartet of brand-new Norton products to market, both local and international.

The company, which is India’s second-largest exporter of two-wheelers, shipped 1,54,403 units overseas last month which was slightly lower than the 1,58,546 two-wheelers it sent to export markets in May.

Bajaj: 1,66,956 units

Pune-based Bajaj Auto had a slower than usual month in terms of sales in June, reporting a 20.32 percent decline in comparison to its May 2026 sales of 2,09,528 units. That being said, the company reported an 11.81 percent increase in comparison to its June 2025 sales tally of 1,49,317 units. It must be noted that the Chetak electric scooter portfolio and all sub-400cc Triumph and KTM models manufactured by Bajaj are also bundled into the above figures.

Bajaj is gearing up to revamp its entire Classic Pulsar lineup in the coming months, which should bolster its sales numbers in the near term. India’s largest two-wheeler exporter sent 2,22,439 units overseas last month, which was a healthy increase over the 1,83,676 units it shipped abroad in May.

Royal Enfield: 1,02,930

Royal Enfield has again sold over 1 lakh units in a single month in the domestic market, and in the process, it reported a 9.37 percent increase in comparison to its May 2026 sales number of 94,115 units. Even in comparison to its relatively smaller sales tally of 76,957 units in June 2025, it reported a substantial 33.75 percent increase.

Royal Enfield is working on a litany of new launches and refreshes to existing models, which will be spread out over the next few months and it also began deliveries of its first electric bike – the Flying Flea C6 – recently. The marque sent 11,102 units to export markets in June, which was quite a step up over the 9,116 bikes it shipped globally in May.

Suzuki: 91,264 units

Suzuki Motorcycle India Private Limited (SMIPL)’s sales last month dipped below the usual 1 lakh units it usually averages and thereby the company reported a noticeable 17.05 percent decline in comparison to the 1,10,028 units it sold in May. Even in comparison to its sales in June 2025 (95,244 units), SMIPL reported a small 4.18 percent decrease.

Suzuki shipped 23,766 two-wheelers last month to global markets, a small increment over the 22,216 units it sent overseas in May.

 

June 2026 sales

May 2026 sales

% change

June 2025 sales

% change

Hero

5,02,890

5,36,784

-6.31

5,25,136

-4.24

Honda

4,68,956

4,59,611

2.03

3,88,812

20.61

TVS

4,11,014

3,84,565

6.88

2,81,012

46.26

Bajaj

1,66,956

2,09,528

-20.32

1,49,317 

11.81

Royal Enfield

1,02,930

94,115

9.37

76,957 

33.75

Suzuki

91,264

1,10,028

-17.05

95,244

-4.18

SIP Calculator: मंथली 2000 रुपये की SIP से 10 लाख का फंड कितने समय में तैयार होगा? आसानी से समझें पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: कई लोग निवेश शुरू करन के लिए इनकम बढ़ने का इंतजार करते हैं। इनकम बढ़ने पर खर्च भी बढ़ जाते हैं। इस वजह से वे निवेश शुरू करने के लिए सही मौके का इंतजार करते रह जाते हैं। सच यह है कि निवेश शुरू करने के लिए ज्यादा इनकम जरूरी नहीं है। आप कम इनकम से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। खासकर आप सिप से म्यूचुअल फंड की स्कीम में कम अमाउंट से निवेश शुरू कर बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। आइए यहां पूरा कैलकुलेशन समझते हैं।

निवेश में बरतना होगा अनुशासन

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश में सबसे जरूरी अनुशासन है। अगर आप 2000 रुपये से निवेश शुरू करते हैं और लंबी अवधि तक हर महीने निवेश करना जारी रखते हैं तो आप आसानी से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में निवेश करने पर सालाना कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न आराम से मिल जाता है। कई बार इससे ज्यादा यानी 14 फीसदी या 16 फीसदी तक रिटर्न मिल जाता है। लंबी अवधि के निवेश में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का मिलता है।

लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा

कंपाउंडिंग का मतलब यह है कि निवेश के रिटर्न पर भी आपको रिटर्न मिलता है। इससे आपका पैसा तेजी से बढ़ता है। कंपाउंडिंग की वजह से छोटे अमाउंट के निवेश से भी लंबी अवधि में आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है। जो इनवेस्टर कंपाउंडिंग के मैजिक को समझ जाते हैं वे निवेश में अनुशासन बनाए रखते हैं। इससे 10-15 साल में उनके लिए आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है।

आइए एक टेबल की मदद से समझते हैं कि हर महीने 2000 रुपये के SIP निवेश से 10 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कितना समय लगेगा।

अनुमानित सालाना रिटर्न10 लाख का फंड तैयार होने में अनुमानित समय
12%15 साल कुछ महीने
14%14 साल कुछ महीने
16%13 साल कुछ महीने

अगर आप कम समय में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो आप स्टेट-अप स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। स्टेप-अप स्ट्रेटेजी में हर साल सिप का अमाउंट बढ़ा दिया जाता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए आप निवेश की शुरुआत मंथली 2000 रुपये के निवेश से करते हैं। दूसरे साल आप निवेश का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। तीसरे साल भी आप SIP का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। इस स्ट्रेटेजी से कम समय में आपके लिए काफी बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है।

आइए समझते हैं कि स्टेप-अप सिप से 10 लाख रुपये का SIP तैयार करने में कितना समय लगेगा।

सामान्य SIP से 10 लाख10% स्टेप-अप SIP से 10 लाखसमय की बचतअनुमानित सालाना रिटर्न
15 साल कुछ महीने12 साल कुछ महीने3 साल12%
14 साल कुछ महीने11 साल कुछ महीने3 साल14%
13 साल कुछ महीने11 साल कुछ महीने2 साल16%

स्टेप-अप सिप के फायदे

स्टेप-अप सिप में हम देखते हैं कि हर महीने 2000 रुपये के SIP निवेश से 10 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कम समय लगता है। चूंकि, आप SIP अमाउंट हर साल सिर्फ 10 फीसदी बढ़ाते हैं, जिससे आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं आती है। लेकिन, आपके निवेश की अवधि काफी कम हो जाती है। इसकी वजह कंपाउंडिंग का मैजिक है।

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रिटर्न की गारंटी नहीं

यहां टेबल में 12 फीसदी, 14 फीसदी और 16 फीसदी रिटर्न का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब है कि हम तीन तरह के रिटर्न का अनुमान लगाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूचुअल फंड के रिटर्न के बारे में पहले से कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन, आम तौर पर यह देखा  गया है कि लंबी अवधि तक निवेश करने पर कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न मिल जाता है। ऊपर टेबल में दी गई जानकारी सिर्फ कैलकुलेशन के लिए है।

ICICI प्रूडेंशियल के चिंतन हरिया से जानें वेल्थ क्रिएशन के मंत्र, बाजार में अब कहां से निकलें और कहां बढ़ाएं निवेश

बाजार में आज तेजी का मोमेंटम बढ़ा है,निफ्टी 150 अंक से ज्यादा चढ़कर 7 मई के बाद पहली बार 24300 के पार निकला है। ICICI BANK, HDFC BANK, BHARTI और टाटा स्टील ने जोश भरा है। आज बैंक निफ्टी भी चला है। लेकिन मिडकैप-स्मॉलकैप में हल्की बढ़त है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% से ज्यादा फिसलकर 12 के नीचे आ गया है। रियल्टी,मेटल और फार्मा में आज सबसे ज्यादा खरीदारी आई है। तीनों सेक्टर इंडेक्स 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। साथ ही IT में लगातार दूसरे दिन तेजी है। आईटी इंडेक्स 1.5 फीसदी चढ़ा। वहीं दूसरी ओर सरकारी बैंकों में आज दबाव है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1 फीसदी फिसला है। बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक 3 फीसदी से ज्यादा गिरे हैं।

निवेशक चाहें तो कर सकते हैं लार्जकैप में एकमुश्त निवेश

ऐसे में बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए ICICI प्रूडेंशियल AMC के प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट चिंतन हरिया ने कहा कि 2 साल से भारतीय बाजार और रुपये ने अंडरपरफॉर्म किया है। RBI के कदमों से रुपया काफी संभला है। कच्चे तेल के दाम युद्ध से पहले के भाव पर आ गए हैं। कमजोर मॉनसून से भी ज्यादा चिंता नहीं है। ऐसे में लार्जकैप में अच्छे मौके बन रहे हैं। निवेशक चाहें तो लार्जकैप में एकमुश्त निवेश कर सकते हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप में एक्टिव फंड चुनें, लार्जकैप में पैसिव फंड्स में निवेश करें

चिंतन हरिया ने आगे कहा कि लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप ने आउटपरफॉर्म किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप के वैल्युएशन अभी भी सस्ते नहीं हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप की ग्रोथ का अनुमान लगाना मुश्किल है। मिडकैप और स्मॉलकैप में एक्टिव फंड चुनें। लार्जकैप में पैसिव फंड्स में निवेश करें।

हालात स्थिर रहे तो दीवाली तक लार्जकैप में उछाल संभव

उन्होंने आगे कहा कि जून तिमाही के नतीजों में कमजोरी देखने को मिल सकती है। हालात स्थिर रहे तो दीवाली तक लार्जकैप में उछाल संभव है। FCNB डिपॉजिट का फायदा बैंकों को मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर अच्छा लग रहा है। एनर्जी सेक्टर भी पसंद है। इस सेक्टर कोकच्चे तेल की कीमतें घटने का फायदा मिलेगा। वहीं, डिफेंस और मेटल शेयर काफी चल चुके हैं। अब इनमें मुनाफावसूली संभव है।

चिंतन हरिया का मानना है कि लंबी अवधि में ऑटो सेक्टर अच्छा कर सकता है। ऑटो सेक्टर को एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी का भी फायदा मिलेगा। निवेशकों के लिए लार्जकैप एक्टिव और पैसिव फंड्स में निवेश करने का मौका है। मल्टी एसेट बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश कर सकते हैं। किसी भी फ्लैक्सीकैप फंड्स में SIP कर सकते हैं। आज जो निवेश करेंगे उसका फायदा 3-5 साल में मिलेगा।

 

 

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Nestle India फाइनल डिविडेंड के साथ-साथ स्पेशल डिविडेंड का भी देगी तोहफा, बोर्ड ने दी मंजूरी; शेयर उछला

किटकैट और मैगी जैसे प्रोडक्ट्स की ओनर FMCG कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestle India) ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए स्पेशल डिविडेंड की घोषणा की है। प्रस्ताव पर कंपनी के बोर्ड ने 3 जुलाई की मीटिंग में मोहर लगाई। स्पेशल डिविडेंड 2 रुपये प्रति शेयर मंजूर किया गया है। पेमेंट 30 जुलाई को या 30 जुलाई से किया जाएगा। इस डिविडेंड और वित्त वर्ष 2026 के लिए फाइनल डिविडेंड पर 3 जुलाई को ही होने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी।

नेस्ले इंडिया पहले ही ​वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल ​डिविडेंड घोषित कर चुकी है। इस तरह शेयरहोल्डर्स को स्पेशल और फाइनल डिविडेंड मिलाकर कुल 7 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिलने वाला है।

दोनों तरह के डिविडेंड के​ लिए रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। कंपनी ने इससे पहले वित्त वर्ष 2026 के लिए 7 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया था।

Nestle India के शेयर में मामूली तेजी

3 जुलाई को नेस्ले इंडिया के शेयर में हल्की तेजी है। दिन में कीमत BSE पर 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी के साथ 1462.70 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप 2.79 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 22 प्रतिशत चढ़ा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,498.60 रुपये और एडजस्टेड लो 1,085 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 62.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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22 जुलाई को जारी करेगी जून तिमाही के नतीजे

नेस्ले इंडिया के बोर्ड की एक मीटिंग 22 जुलाई को भी होने वाली है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 6,747.79 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 1,114.11 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।