नोएडा की तर्ज पर यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा न्यू आगरा, यहां 14 लाख में मिलेगा घर! प्रॉपर्टी को रॉकेट बना देगी YEIDA की ये तैयारी

ऐतिहासिक शहर आगरा में भीड़भाड़ को कम करने और इसके टूरिज्म के साथ इंडस्ट्रियल स्कोप को और मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के किनारे दो बड़ी आवासीय परियोजनाएं न्यू आगरा और ग्रेटर आगरा विकसित की जा रही हैं। आधुनिक आवासीय कॉलोनियों और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस इन शहरों को लाखों लोगों के रहने के लिए तैयार किया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसने वाले इस नए शहर को न्यू आगरा अर्बन सेंटरनाम दिया गया है। यह पूरी टाउनशिप ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच, आगरा जिले की सीमाओं के भीतर वहां विकसित की जाएगी जहां यमुना एक्सप्रेसवे समाप्त होता है।

नोएडा से आधा होगा आकार, 44 गांवों की जमीन चिन्हित

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए आगरा जिले के 44 गांवों में फैली लगभग 14480 हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है। इस लिहाज से यह आगामी नया शहर आकार में नोएडा का करीब आधा होगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को अपने मास्टर प्लान 2041 के एक मुख्य हिस्से के रूप में इस नए शहर को डिजाइन और विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के फॉर्मूले को अपनाते हुए न्यू आगरा को भी तीन अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा।

14 लाख घर और पर्यावरण अनुकूल उद्योग

इस टाउनशिप में करीब 1.4 मिलियन (14 लाख) लोगों के रहने के लिए नागरिक बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। यहां करीब 14 लाख घर बनाने का प्रस्ताव है। इनमें से कुछ घरों की कीमत लगभग 14 लाख रुपये के आसपास होगी। यह पूरा क्षेत्र ताजमहल के पास ताज ट्रेपेजियम जोन में आता है इसलिए योजना प्रक्रिया में पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखा गया है। न्यू आगरा इंडस्ट्रियल एरिया में केवल गैर-प्रदूषणकारी और सॉफ्ट उद्योगों जैसे कि इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री चलाने की ही इजाजत मिलेगी।

पर्यटन हब और 10 लाख नौकरियों के अवसर

क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस नए शहर में एक विशाल थीम पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और बजट होटलों के साथ-साथ लग्जरी फाइव-स्टार और सेवन-स्टार प्रॉपर्टीज तैयार की जाएंगी। बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और एक समर्पित टूरिज्म हब की बदौलत इस शहर में करीब 10 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

कनेक्टिविटी का दमदार जाल: नमो भारत और मल्टीमॉडल कार्गो

कनेक्टिविटी को इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी ताकत के रूप में पेश किया गया है। न्यू आगरा शहर जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर होगा। जेवर एयरपोर्ट को आगरा से जोड़ने के लिए एक नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर का भी प्रस्ताव है। इससे यात्रियों के यात्रा समय में भारी कटौती होगी। माल ढुलाई को आसान बनाने के लिए टूंडला जंक्शन के पास स्थित फ्रेट कॉरिडोर टर्मिनल को रेल लिंक के जरिए न्यू आगरा से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यहां एक इंटीग्रेटेड रेल-रोड-एयर फ्रेट सुविधा विकसित की जाएगी। इसे मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल कहा गया है।

ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट पर भी काम तेज, 29 जून से बुकिंग

न्यू आगरा के साथ-साथ आगरा विकास प्राधिकरण आगरा शहर के भीतर ही रायपुर और रहनकलां में 449 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रेटर आगरा नाम से एक अलग टाउनशिप क्लस्टर डेवलप कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत 10 छोटी टाउनशिप स्थापित की जा रही हैं। इनमें गंगापुरम और यमुनापुरम जैसी टाउनशिप शामिल हैं। इस परियोजना में करीब 30000 परिवारों को आवासीय प्लॉट मिलेंगे।

आगरा विकास प्राधिकरण के अनुसार ग्रेटर आगरा परियोजना के तहत गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में प्लॉट्स के लिए बुकिंग 29 जुलाई तक जारी रहेगी। इसके लिए जनहित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। ग्रेटर आगरा को शहर के इनर रिंग रोड के साथ रहनकलां और रायपुर महुआ खेड़ा गांवों के पास बनाया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे और लखनऊ एक्सप्रेसवे दोनों के एंट्री पॉइंट्स के करीब होने के कारण यहां से दिल्ली, नोएडा और लखनऊ की यात्रा काफी आसान हो जाएगी।

देश की पहली अंडरग्राउंड केबलिंग और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

ग्रेटर आगरा को एक स्मार्ट सिटी डिजाइन के तहत 10 सेक्टरों में बांटा गया है। यह आगरा का पहला ऐसा क्षेत्र होगा जहां अंडरग्राउंड केबलिंग के साथ-साथ 24 घंटे पावर और वॉटर बैकअप मिलेगा। टाउनशिप के भीतर मुख्य सड़कें 45 से 60 मीटर चौड़ी होंगी। अंदर की सड़कें कम से कम 9 से 12 मीटर की होंगी। ग्रेटर आगरा में एक वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स एकेडमी, एक बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, एक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, इंटरनेशनल स्कूल और यूनिवर्सिटी कैंपस भी होंगे। शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉर्पोरेट ऑफिस और फाइव-स्टार होटलों के लिए बड़े कमर्शियल प्लॉट रखे गए हैं। सस्टेनेबल प्लानिंग के तहत टाउनशिप के कुल क्षेत्र का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा पार्कों और ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित किया गया है।

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Market Insight : अगले 6-8 हफ्ते में निफ्टी में देखने को मिल सकता है 25500 का लेवल, IT में 10-15% रिकवरी की उम्मीद

Market Insight : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में IT और फार्मा शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। NSE पर सबसे ज्यादा एक्टिव शेयरों में PB फिनटेक,ज़ेनसार टेक,CG पावर और हिताची एनर्जी शामिल हैं। IT,फार्मा और रियल्टी शेयरों ने तेजी को आगे बढ़ाया है। मेटल शेयरों में भी अच्छी बढ़त दिख रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

इस बीच वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है,जो बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने का संकेत है। फिलहाल सेंसेक्स 573.33 अंक या 0.74 प्रतिशत बढ़कर 78,075.45 पर और निफ्टी 188.85 अंक या 0.78 प्रतिशत बढ़कर 24,364.55 पर दिख रहा है।

ऐसे में बाजार के टेक्निकल सेटअप और कमाई वाले सेक्टर पर चर्चा करते हुए गोल्डीलॉक्स ग्लोबल रिसर्च(Goldilocks Global Research) के फाउंडर और चीफ स्ट्रेटेजिस्ट गौतम शाह ने कहा कि कुछ समय से बाजार कंसॉलिडेशन के फेज में है। 6-8 हफ्ते में निफ्टी 24600-25500 तक जा सकता है। टेक्नोलॉजी इंडेक्स में बड़े मूव के संकेत मिल रहे हैं। RIL में आगे भी मजूबती दिख सकती है। बाजार में गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। बैंक और IT शेयर निफ्टी को ऊपर ले जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि IT में 10-15% रिकवरी आ सकती है। 12-18 महीने के लिए IT बॉस्केट खरीदने की रणनीति कारगर साबित हो सकती है। कुछ समय से मेटल में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति काम कर रही है। लेकिन लंबी अवधि के लिए मेटल ठीक लग रहा है। रियल एस्टेट,PSU,फार्मा और केमिकल शेयर भी बेहतर पोजीशन में नजर आ रहे हैं।

गौतम शाह की सलाह है कि मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप में बने रहना चाहिए। मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप रिकॉर्ड हाई बना सकते हैं। बैंक निफ्टी में यहां बड़ा रिटर्न नहीं बनेगा। बैंकिंग में टॉप 3 सरकारी बैंक पसंद हैं।

गौतम शाह ने बताया कि वे पिछले 12 महीने से FMCG पर अंडरवेट हैं। रियल्टी इंडेक्स में 20-25% की बड़ी तेजी संभव है। होटल और ट्रैवल स्टॉक भी अच्छा कर सकते हैं। लंबी अवधि के नजरिए से हॉस्पिटल शेयर भी बेहतर दिख रहे हैं।

 

 

Avenue Supermarts Share Price : Q1 बिजनेस अपडेट ने बाजार को किया निराश, 4% टूटा शेयर, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Prime Day 2026: कल से शुरू हो रही मेगा सेल, जानिए कौन सा फोन है सबसे बेस्ट डील

अगर साल भर में किसी एक ऑनलाइन सेल का सबसे ज्यादा इंतजार किया जाता है, तो वह है Amazon Prime Day Sale। इस बार यह इवेंट और भी खास बन गया है क्योंकि Amazon अपने 10 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। 72 घंटे तक चलने वाली यह मेगा सेल ग्राहकों के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है, जहां लाखों प्रोडक्ट्स पर भारी छूट देखने को मिलती है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी से लेकर होम अप्लायंसेज और गैजेट्स तक, हर कैटेगरी में आकर्षक डील्स मिल रही हैं।

इसके साथ ही बैंक ऑफर्स, एक्सचेंज बोनस और No Cost EMI जैसी सुविधाएं खरीदारी को और भी आसान और किफायती बना देती हैं। यही वजह है कि ये सेल हर साल ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए एक बड़ा अवसर बन जाती है।

Prime Day Sale 2026 कब है?

इस साल Amazon Prime Day Sale 4 जुलाई से 6 जुलाई 2026 तक चलेगी। सेल शुरू होने से पहले ही कई धमाकेदार डील्स सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में खरीदारी को लेकर काफी उत्साह है।

खरीदने से पहले सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

आज हर ब्रांड अपने प्रोडक्ट को AI फीचर्स, कैमरा, बैटरी और डिजाइन के साथ “बेस्ट” बताता है। ऐसे में सिर्फ डिस्काउंट देखकर खरीदना सही नहीं होता। असली समझदारी ये है कि आप अपनी जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट चुनें और उसकी परफॉर्मेंस, अपडेट सपोर्ट और सर्विस पर ध्यान दें।

Quick Picks: सेल के टॉप प्रोडक्ट्स

इस बार कई कैटेगरी में बेहतरीन डील्स देखने को मिल रही हैं।

Best Overall: OnePlus 13

Budget Pick: iQOO Z10 Lite 5G

Premium Choice: Nothing Phone (3)

Smart Home: Amazon Echo Dot (5th Gen)

DIY Tool: Bosch GSB 600 Drill Kit

Study Device: Samsung Galaxy Tab S10 Lite

Nothing Phone (3)

Nothing Phone (3) इस सेल में एक खास आकर्षण है। ₹43,999 की कीमत पर मिलने वाला यह फोन Snapdragon 8s Gen 4, 50MP ट्रिपल कैमरा और 120Hz AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। इसका यूनिक Glyph Design इसे भीड़ से अलग बनाता है।

iQOO Z10 Lite 5G

₹14,999 की कीमत में यह फोन 6000mAh बैटरी, 5G सपोर्ट और 50MP Sony AI कैमरा के साथ आता है। यह खासकर स्टूडेंट्स और बजट यूज़र्स के लिए एक मजबूत विकल्प है।

OnePlus 13

OnePlus 13 इस लिस्ट का सबसे पावरफुल फोन है। Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर और Hasselblad कैमरा सिस्टम इसे गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस यूज़ के लिए परफेक्ट बनाते हैं। यह ₹57,998 में उपलब्ध है।

Amazon Echo Dot (5th Gen)

₹3,999 में मिलने वाला यह स्मार्ट स्पीकर Alexa सपोर्ट, बेहतर साउंड और मोशन सेंसर के साथ आता है। यह घर को स्मार्ट बनाने का सबसे आसान तरीका है।

Bosch GSB 600 Drill Kit

यह 600W मोटर और 100 एक्सेसरीज के साथ आता है। घर की रिपेयर और DIY प्रोजेक्ट्स के लिए यह एक भरोसेमंद टूल है, जिसकी कीमत ₹5,099 है।

Samsung Galaxy Tab S10 Lite

10.9 इंच डिस्प्ले, S Pen सपोर्ट और 90Hz रिफ्रेश रेट के साथ यह टैबलेट पढ़ाई और प्रोफेशनल काम के लिए बेहतरीन विकल्प है। इसकी कीमत ₹39,499 है।

खरीदारी से पहले क्या ध्यान रखें?

किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी परफॉर्मेंस, बैटरी, कैमरा, सॉफ्टवेयर अपडेट और वारंटी जरूर देखें। सही चुनाव आपको लंबे समय तक बेहतर अनुभव देता है।

FAQs

Q1: सबसे बेस्ट फोन कौन सा है?

OnePlus 13 इस लिस्ट का सबसे ऑलराउंड विकल्प है।

Q2: सबसे सस्ता और वैल्यू फॉर मनी क्या है?

iQOO Z10 Lite 5G।

Q3: क्या Prime Day सही समय है खरीदारी के लिए?

हां, इस दौरान सबसे ज्यादा डिस्काउंट और ऑफर्स मिलते हैं।

ऐप से बंद हुआ ई रिक्शा तो रोने लगा ये मुस्लिम ड्राइवर, इसके बाद बाइक पर बैठे लड़के ने किया दिल जीतने वाला काम

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में चमत्कार: मलबे में 8 दिन से फंसा कुत्ता जिंदा मिला, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

वेनेजुएला में मलबे के नीचे लगातार आठ दिन तक फंसे रहने के बाद एक कुत्ते को जीवित बाहर निकाल लिया गया। लंबे समय तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसके सुरक्षित मिलने की घटना को लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुत्ता किसी आपदा के बाद मलबे में दब गया था। समय बीतने के साथ उसके जीवित मिलने की उम्मीद बेहद कम होती गई, लेकिन बचाव दल ने तलाश अभियान बंद नहीं किया। आखिरकार लगातार प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीम उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। कुत्ते के जीवित मिलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा के बाद शुरुआती दिनों के बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी रखना कितना महत्वपूर्ण होता है। रेस्क्यू के बाद कुत्ते की स्वास्थ्य जांच की गई और उसे आवश्यक देखभाल के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। आठ दिन बाद उसके जीवित मिलने की यह घटना पूरे अभियान की सबसे भावुक और प्रेरक तस्वीर बनकर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन के हर पांचवें विश्वविद्यालय में श्वेत छात्र अल्पसंख्यक: 27 संस्थानों में 50% से कम दाखिला
ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में छात्र आबादी का जातीय स्वरूप तेजी से बदल रहा है। 2024-25 के आधिकारिक उच्च शिक्षा आंकड़ों के द टेलीग्राफ द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार, देश के 147 विश्वविद्यालयों में से 27 में गोरे ब्रिटिश छात्रों की हिस्सेदारी 50% से कम रह गई है। दस साल पहले ऐसे विश्वविद्यालयों की संख्या केवल 13 थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ विश्वविद्यालयों में गोरे ब्रिटिश छात्रों की हिस्सेदारी 25% से भी कम है। एस्टन यूनिवर्सिटी में यह 23%, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रैडफोर्ड में 26% और ब्रुनेल यूनिवर्सिटी लंदन व SOAS यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में 27% दर्ज की गई। विश्लेषण में यह भी सामने आया कि 80 ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में गोरे ब्रिटिश छात्रों का प्रतिनिधित्व देश की कुल आबादी में उनकी हिस्सेदारी की तुलना में कम है। वहीं प्रतिष्ठित रसल ग्रुप के 24 विश्वविद्यालयों में से 15 में भी यही स्थिति देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कम-से-कम 10 ऐसे विश्वविद्यालय जहां गोरे ब्रिटिश छात्र अब अल्पसंख्यक हैं, वहां आज भी केवल ब्लैक एशियन एंड माइनॉरिटी एथनिक (BAME) समुदाय के छात्रों के लिए आरक्षित छात्रवृत्तियां और आर्थिक सहायता योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कुछ योजनाओं में सालाना 18 हजार पाउंड तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर एरिक कॉफमैन ने इन छात्रवृत्तियों का विरोध करते हुए कहा कि नस्ल आधारित सहायता योजनाएं समाप्त होनी चाहिए क्योंकि वे नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा देती हैं। हंटर बाइडेन का ट्रम्प पर तंज: बोले- एक ही युद्ध 38 बार खत्म करने के लिए नोबेल पीस प्राइज मिलना चाहिए
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर तीखा व्यंग्य किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की बात कही। हंटर ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि इतिहास में किसी राष्ट्रपति ने एक ही युद्ध को इतनी बार खत्म नहीं किया। हंटर बाइडेन ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं आधिकारिक तौर पर डोनाल्ड जे. ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करता हूं। इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति ने एक ही युद्ध को इतनी बार खत्म नहीं किया।” इसके बाद उन्होंने दावा किया कि CNN की गिनती के अनुसार ट्रम्प ईरान के साथ युद्ध खत्म होने की घोषणा कम से कम 38 बार कर चुके हैं। उन्होंने लिखा कि यह उपलब्धि नोबेल पुरस्कार समिति के संज्ञान में लाई जानी चाहिए। हंटर का यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रम्प लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त कराया है। कुछ महीने पहले ट्रम्प ने कहा था कि उन्होंने आठ बड़े युद्ध रुकवाए हैं और सिद्धांत रूप से हर युद्ध रोकने पर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। बाद में उन्होंने ट्रुथ सोशलl पर यह दावा भी किया कि कुछ लोगों के मुताबिक उन्होंने 100 से अधिक युद्ध रुकवाए हैं। हंटर बाइडेन की पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ यूजर्स ने इसे ट्रम्प के दावों पर तीखा व्यंग्य बताया, जबकि कई लोगों ने हंटर के पुराने विवादों का हवाला देते हुए उनकी आलोचना की। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि व्यक्तिगत विवादों से अलग इस मुद्दे पर उनका तंज काफी सटीक और मजेदार है।

Maruti Suzuki inaugurates 800-acre Kharkhoda plant in Haryana

Maruti Suzuki inaugurates 800-acre Kharkhoda plant in Haryana

Maruti Suzuki inaugurated its most advanced vehicle manufacturing facility at IMT Kharkhoda, Haryana, on Thursday. Spanning 800 acres, the company claims the projected total investment at the facility will be Rs 35,000 crore, creating over 21,000 jobs. The plant’s current annual production capacity of 5 lakh units will be scaled up to 10 lakh, making Suzuki one of the largest vehicle manufacturing facilities globally. Prime Minister Narendra Modi and Japanese Prime Minister Sanae Takaichi jointly inaugurated the facility through video conferencing during the India-Japan Joint Economic Forum.

Maruti Suzuki Kharkhoda plant highlights

The Kharkhoda plant has a strong focus on sustainability. It meets 100 percent of its electricity requirement through renewable energy, using a combination of solar power and green power procurement. The facility currently has an installed solar capacity of 20MWp, which will be increased to 70MWp by 2030. It’s setting up a 10 tonnes-per-day biogas plant and a 1MWh battery energy storage system as well.

The plant operates as a zero liquid discharge facility, ensuring that 100 percent of the water is recycled. Nearly two-thirds of its water requirement is met through recycled water and rainwater harvesting. To reduce congestion and fuel consumption during vehicle transportation, Maruti will also set up an in-plant railway siding. In addition, the facility uses human-aware collaborative robots (COBOTS) to support manufacturing operations.

ऐप से बंद हुआ ई रिक्शा तो रोने लगा ये मुस्लिम ड्राइवर, इसके बाद बाइक पर बैठे लड़के ने किया दिल जीतने वाला काम

सोशल मीडिया पर वायरल ये इंस्टा रील लोगों का ध्यान तेजी से खींच रही है, जिसमें एक ई-रिक्शा ड्राइवर बीच सड़क पर अचानक वाहन बंद होने के बाद परेशान और भावुक नजर आता है। ये छोटा-सा वीडियो अब बड़ी बहस का कारण बन चुका है, क्योंकि इसमें मजाक के नाम पर एक मेहनत करने वाले ड्राइवर की रोजी-रोटी पर असर पड़ता दिख रहा है। कई यूजर्स इसे सिर्फ प्रैंक नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही मान रहे हैं, जो सड़क पर खतरनाक स्थिति भी पैदा कर सकती है। यही वजह है कि यह रील सोशल मीडिया पर लगातार शेयर की जा रही है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

वायरल वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल इस इंस्टा रील में एक ई-रिक्शा ड्राइवर का दर्द साफ झलकता है, जो बीच सड़क पर अचानक अपना वाहन बंद होने से परेशान है। एक बाइक सवार युवक उसके पास आकर पूछता है, “अंकल आप रो क्यों रहे हो…”, जिस पर ड्राइवर बताता है कि किसी ने उसके चीनी ऐप से उसकी तिर्री बंद कर दी, जिससे उसकी रोज़ी-रोटी और आज की कमाई का नुकसान हो गया। यह वीडियो लोगों के बीच चिंता और गुस्से का कारण बन गया है क्योंकि इसमें “प्रैंक” के नाम पर ड्राइवर की कमाई और सुरक्षा दोनों से खिलवाड़ होता दिख रहा है।

क्या है पूरा मामला?

वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग एक मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा को बीच सड़क पर रोक देते हैं। यह सब “मजाक” या प्रैंक के नाम पर किया जा रहा है, लेकिन इसका असर ड्राइवर की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। कई लोग इसे खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना हरकत बता रहे हैं।

BAT-BMS App क्या है?

BAT-BMS एक असली बैटरी मैनेजमेंट ऐप है, जिसे Shenzhen Grenergy Technology ने बनाया है। इसका काम बैटरी की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान और हेल्थ को मॉनिटर करना होता है। ये आमतौर पर बैटरी सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, न कि किसी वाहन को रोकने के लिए।

कैसे किया जा रहा है प्रैंक”?

वायरल क्लिप्स में लोग ई-रिक्शा के पास जाकर Bluetooth के जरिए बैटरी सिस्टम से कनेक्ट करते हैं। कुछ ही सेकंड में वाहन की पावर बंद हो जाती है। यह कोई बड़ा हैक नहीं है, बल्कि उन बैटरी सिस्टम की कमजोरी का फायदा है जिनमें सुरक्षा पासवर्ड नहीं होता।

कौन से वाहन हैं ज्यादा खतरे में?

यह समस्या हर ई-रिक्शा में नहीं होती। खतरा केवल उन्हीं वाहनों में है जिनमें:

  • Bluetooth-enabled lithium battery लगी हो
  • BMS सिस्टम अनसिक्योर्ड हो
  • और 10–15 मीटर के अंदर कनेक्शन संभव हो

पुराने lead-acid बैटरी वाले ई-रिक्शा इस समस्या से सुरक्षित रहते हैं।

ड्राइवरों पर असर और बढ़ता खतरा

इस तरह के प्रैंक से ई-रिक्शा ड्राइवर बीच सड़क पर फंस जाते हैं, जिससे उनकी कमाई रुक जाती है और ट्रैफिक में भी खतरा पैदा होता है। यह सिर्फ मजाक नहीं बल्कि एक गंभीर सुरक्षा और आर्थिक समस्या बनता जा रहा है।

जिम्मेदारी और जरूरी सुधार

इस पूरे मामले में जिम्मेदारी कंपनियों और डीलरों की है। जरूरी है कि बैटरी सिस्टम को मजबूत पासवर्ड और सिक्योरिटी फीचर्स के साथ बेचा जाए, ताकि ऐसे गलत इस्तेमाल को रोका जा सके और ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

2026 में सोशल मीडिया से पैसे कमाने के 5 बेस्ट और आसान तरीके, हर क्रिएटर के लिए जरूरी

अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प

amarnath yatra

Amarnath Yatra 2026 : पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमरनाथ यात्रियों को पत्र लिखकर कहा कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो। उन्होंने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को 5 संकल्प लेने को कहा। ALSO READ: Top News 3 July: अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तर भारत को गर्मी से राहत

 

पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है। देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं। हर वर्ष बाबा बर्फानी के प्रत्यक्ष दर्शन का यह अवसर, लाखों शिवभक्तों के लिए जीवन का एक अत्यंत शुभ और अविस्मरणीय अनुभव होता है। मैं इस वर्ष, यात्रा के इस अवसर पर आप सभी शिवभक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

 

बाबा अमरनाथ के दर्शन की यह यात्रा, भारत की आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक शाश्वत अध्याय है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पूरे विश्व से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में सम्मिलित होने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग प्रांतों से, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले और विविध परंपराओं को मानने वाले लोग, महादेव के दर्शन का संकल्प लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं।

पीएम मोदी ने इन लोगों का अभिनंदन किया

प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा कि बीते कई दशकों से, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार बहुत कुशलता और सेवा भाव से यात्रा का प्रबंधन करते आ रहे हैं। इसके साथ ही, यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने में हमारे प्रशासन और सुरक्षाबलों की भी बहुत बड़ी भूमिका रहती है। इस वर्ष भी हजारों साथी इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। मैं इस अवसर पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों और कर्मियों, प्रशासन के अधिकारियों, सफाई मित्रों तथा मठों की सेवा में जुड़े हर साथी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इन दो महीनों के दौरान, बाबा बर्फानी के पवित्र धाम में भारत की विविधता में एकता का अद्भुत स्वरूप भी देखने को मिलता है।

बाबा बर्फानी के धाम की यह यात्रा, हमें जम्मू-कश्मीर के आतिथ्य भाव और देशभर से आए भक्तों के समर्पण का भी दर्शन कराती है। यात्रा के हर आयोजन में, जम्मू-कश्मीर के हजारों स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले असंख्य भक्त भी, पवित्र गुफा यात्रा मार्गों पर भंडारों और लंगरों का संचालन करते हैं। निःस्वार्थ सेवा की यह भावना, हमारी सनातन संस्कृति और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श की सजीव अभिव्यक्ति है।

 

अमरनाथ यात्रियों के लिए 5 संकल्प 

पहला संकल्प – हम अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें।

 

दूसरा संकल्प – हम प्रशासन के सभी आदेशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। यात्रा के दौरान बारिश की वजह से फिसलन और ठंड का विशेष ध्यान रखें।

 

तीसरा संकल्प – हम 'वोकल फॉर लोकल' की भावना से यात्रा के खर्चों का कम से कम 10 प्रतिशत उपयोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें। इससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका को भी बल मिलेगा।

 

चौथा संकल्प – हम बाबा अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस, अर्थात रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को आगे बढ़ाएं।

 

पांचवां संकल्प – हम राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। मुझे विश्वास है कि बाबा अमरनाथ की दर्शन यात्रा, सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा की परंपरा का एक भव्य महोत्सव बनकर पूर्ण होगी।

 

उन्होंने कहा कि मेरी कामना है, बाबा अमरनाथ की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। आपकी यात्रा सुरक्षित हो, मंगलमय हो और आपके जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना तथा नई आध्यात्मिक शक्ति का संचार हो।

 

बाबा बर्फानी हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित बनाएं, ताकि हम मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध कर सकें।

PB Fintech का शेयर बाजार खुलते ही क्रैश, ब्लॉक डील के बाद बढ़ा बिकवाली का दबाव

पीबी फिनटेक का शेयर 3 जुलाई को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। कंपनी के शेयरों में एक बड़ी ब्लॉक डील हुई। कंपनी के 2.3 फीसदी शेयरों की बिक्री करीब 1,741 करोड़ रुपये में हुई। इसके बाद शेयरों पर बड़ा दबाव दिखा। 10 बजे शेयर 7.31 फीसदी गिरकर 1,563.50 रुपये पर चल रहा था। पहले खबर आई थी कि सिंगापुर की सॉवरेन इनवेस्टमेंट फर्म टेमासेक होल्डिंग्स पीबी फिनटेक में अपनी हिस्सेदारी घटाना चाहती है।

इस साल अब तक 14 फीसदी गिर चुका है शेयर 

PB Fintech का शेयर इस साल अब तक करीब 14 फीसदी गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी में 7 फीसदी गिरावट आई है। पीबी फिनटेक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 72,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, ब्लॉक डील में 1.08 शेयरों का ट्रांजेक्शन प्रति शेयर 1,601 रुपये के रेट पर हुआ है। यह 2 जुलाई को शेयर के 1,682.10 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से करीब 4.8 रुपये का डिस्काउंट है।

अभी खरीदार और बेचने वाले की जानकारी उपलब्ध नहीं

स्टॉक एक्सचेंजों पर अभी शेयर खरीदने वाले और बेचने वाले की जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह ट्रांजेक्शन 2 जुलाई को आई खबरों के मुताबिक है। खबरों में कहा गया है था कि टेमासेक होल्डिंग्स अपनी एक सब्सिडियरी के जरिए पीबी फिनेटक के 1.19 करोड़ शेयर बेचना चाहती है। यह पीबी फिनेटक में 2.6 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। खबरों में प्रति शेयर करीब 1,909 रुपये की कीमत पर ब्लॉक डील होने का अनुमान जताया गया था।

बीते कुछ महीनों में कई बड़े शेयरहोल्डर्स ने बेची हिस्सेदारी

इस ट्रांजेक्शन से पहले टेमासेक होल्डिंग्स की सब्सिडियरी MacRitchie Investments की PB Fintech में 6.47 फीसदी हिस्सेदारी थी। सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया को इस डील का एकलौता प्लेसमेंट एजेंट बताया गया था। बताया गया था कि इस डील के बाद टेमासेक पर अपनी बाकी हिस्सेदारी बेचने के लिए 60 दिन का लॉक-अप लागू होगा। बीते कुछ महीनों में पीबी फिनटेक में कई बड़े शेयरहोल्डर्स ने हिस्सेदारी बेची है।

मई में दहिया और बंसल ने भी बेचे थे कंपनी के शेयर

इस साल मई में पीबी फिनेटक के को-फाउंडर्स यशीश दहिया और आलोक बंसल ने करीब 38 लाख शेयर बेचे थे। यह कंपनी में करीब 0.8 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर था। यह ट्रांजेक्शन 654 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील के जरिए हुआ था। मई में ही चीन की टेक्नलोजी कंपनी Tencent ने पीबी फिनटेक में अपनी बाकी 1.05 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी।

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लगातार तीसरे दिन शेयर बाजारों में तेजी

3 जुलाई को शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दिखी। 10:20 बजे निफ्टी 0.68 फीसदी यानी 165 अंक चढ़कर 24,342 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.65 फीसदी यानी 506 अंक के उछाल के साथ 78,000 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.23 फीसदी की तेजी दिखी। आज बाजार में अच्छी तेजी का लगातार तीसरा दिन है।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के इस न्यूनतम फॉर्मूले से भी 18000 की सैलरी सीधे होगी 33000 रुपये! ये है पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Calculate Minimum Salary Hike: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और इसकी सिफारिशों को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर उनकी हर महीने आने वाली इनहैंड सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। इस पूरी कैलकुलेशन को तय करने वाली सबसे महत्वपूर्ण चाबी फिटमेंट फैक्टर है।

केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों की तरफ से फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग की जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अपेक्षाकृत सावधानीपूर्ण और रूढ़िवादी रुख अपना सकती है। अगर सरकार सबसे न्यूनतम पैमाना यानी 1.83 का फिटमेंट फैक्टर भी अपनाती है तो भी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे लगभग 33000 रुपये हो जाएगी। आइए समझते हैं इस पूरे गणित और कैलकुलेशन को।

फिटमेंट फैक्टर क्या है और यह कैसे काम करता है?

फिटमेंट फैक्टर वह गणितीय मल्टीप्लायर या गुणांक होता है जिसका इस्तेमाल पुराने बेसिक पे (7th CPC) को नए संशोधित बेसिक पे (8th CPC) में बदलने के लिए किया जाता है। सरकारी यूनियनों और कर्मचारियों की नजरें इसी पर टिकी हैं क्योंकि यही आपकी बेसिक सैलरी तय करता है।

इसे निकालने का सीधा और आसान फॉर्मूला ये है: रिवाइज्ड बेसिक पे= मौजूदा बेसिक पे×फिटमेंट फैक्टर

ध्यान देने वाली बात ये है कि फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल सीधे तौर पर हाउस रेंट अलाउंस या अन्य भत्तों पर नहीं होता लेकिन यह आपकी बेसिक सैलरी को बढ़ा देता है। चूंकि महंगाई भत्ता, HRA और कई अन्य भत्ते बेसिक सैलरी के आधार पर ही तय होते हैं इसलिए बेसिक पे बढ़ते ही पूरा सैलरी पैकेज खुद-ब-खुद काफी बड़ा हो जाता है। पिछली बार 7वें वेतन आयोग के तहत सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया था। इस वजह से कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़कर सीधे 18000 रुपये हो गई थी।

न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर (1.83) पर सैलरी का पूरा कैलकुलेशन

अगर सरकार सबसे कम यानी 1.83 का फिटमेंट फैक्टर तय करती है तो अलग-अलग पे-मैट्रिक्स लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में इस तरह बढ़ोतरी देखने को मिलेगी-

लेवल-1 कर्मचारी (न्यूनतम वेतन श्रेणी): 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-1 कर्मचारियों का मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन 18000 रुपये है। 1.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह बढ़कर करीब 32940 रुपये तक पहुंच जाएगा।

लेवल-2 कर्मचारी: इन कर्मचारियों का मौजूदा मूल वेतन 19900 रुपये है। इस न्यूनतम फॉर्मूले से बढ़कर लगभग 36417 रुपये हो जाएगा।

लेवल- 6 कर्मचारी: इस पद पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का मूल वेतन 35,400 रुपये है। इस न्यूनतम फॉर्मूले से बढ़कर लगभग यह 64,782 रुपये हो जाएगा।

लेवल-10 कर्मचारी: इस स्तर के कर्मचारियों का मौजूदा मूल वेतन 56100 रुपये है। 1.83 के गुणांक से संशोधित होने के बाद 1.02 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।

इस पूरे कैलकुलेशन को डायग्राम के जरिए समझें

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वहीं 8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट फैक्टर को 2 गुना, 2.5 गुना या 3 गुना तय किया जाता है, तो अलग-अलग पे-मैट्रिक्स लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर इसका सीधा असर इस प्रकार दिखेगा:

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पेंशनभोगियों पर भी होगा बड़ा असर

न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर लागू होने की स्थिति में पेंशनभोगियों की भी बेसिक पेंशन इसी अनुपात में बढ़ जाएगी। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत जो न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये तय है, वह इस नए फॉर्मूले के लागू होने के बाद बढ़कर लगभग 16470 रुपये हो जाएगी।

यह केवल एक न्यूनतम अनुमान है, बढ़ सकती है सीमा

एक्सपर्ट्स और कर्मचारी संगठनों का मानना है कि 1.83 का फिटमेंट फैक्टर केवल एक सबसे रूढ़िवादी या न्यूनतम अनुमान है। महंगाई और जीवन स्तर में सुधार को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर अधिकत रह सकता है। फिलहाल 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी यूनियनों ने इसे 3.83 तक करने की मांग रखी है। 8वें वेतन आयोग के लिए आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर पर अभी सरकार की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। वर्तमान में आयोग सभी स्टेकहोल्डर्स और कर्मचारी यूनियनों की मांगों पर विचार-विमर्श, मूल्यांकन और कंसल्टेशन मीटिंग्स (जैसे लखनऊ, भुवनेश्वर, कोलकाता) लगातार कर रहा है। आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा जिसके बाद केंद्रीय कैबिनेट उस पर अपनी मुहर लगाएगी।

सरकार का आखिरी फैसला पूरी तरह से देश की राजकोषीय क्षमता पर निर्भर करेगा क्योंकि सरकार को यह भी देखना होगा कि सैलरी और पेंशन में इतनी बड़ी बढ़ोतरी के बाद वित्तीय देनदारियों का देश के बजट पर क्या असर पड़ेगा। अंतिम फैसला आने के बाद ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली वास्तविक वेतन वृद्धि पूरी तरह स्पष्ट होगी।

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Electric Scooter : बरसात में अपने EV scooter का कैसे रखें ध्यान, जानिए 5 iMP टिप्स

मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter) चलाने वालों के लिए यह अतिरिक्त सावधानी बरतने का समय भी होता है। मानसून के दौरान सही रखरखाव करने से न केवल बैटरी की उम्र बढ़ती है, बल्कि बेहतर रेंज, सुरक्षित राइडिंग और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन भी मिलता है। थोड़ी-सी सावधानी आपको भविष्य में होने वाले बड़े खर्च से भी बचा सकती है।

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क्यों जरूरी है बैटरी की देखभाल?

 

इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी उसकी सबसे महंगी और महत्वपूर्ण यूनिट होती है।

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लगातार बारिश, बढ़ी हुई नमी और जलभराव वाली सड़कें इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर असर डाल सकती हैं। अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए तो बैटरी की परफॉर्मेंस, रेंज और लाइफ कम हो सकती है। हालांकि, कुछ आसान मेंटेनेंस टिप्स अपनाकर आप अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को मानसून के दौरान भी सुरक्षित और बेहतर स्थिति में रख सकते हैं।

 

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1. जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचें

बारिश के दौरान जहां तक संभव हो, गहरे पानी या जलभराव वाली सड़कों पर स्कूटर चलाने से बचें। अधिक पानी इलेक्ट्रिकल पार्ट्स और चार्जिंग पोर्ट को प्रभावित कर सकता है। यदि बारिश में निकलना जरूरी हो तो धीरे-धीरे चलें और वैकल्पिक रास्ता चुनने की कोशिश करें।

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2. हमेशा सूखी जगह पर चार्ज करें

इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करते समय यह सुनिश्चित करें कि चार्जिंग एरिया पूरी तरह सूखा और सुरक्षित हो। बारिश में स्कूटर भीग गया हो तो उसे पहले अच्छी तरह सूखने दें, उसके बाद ही चार्जिंग शुरू करें। साथ ही केवल कंपनी द्वारा दिए गए या अनुशंसित चार्जर का ही उपयोग करें।

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3. स्कूटर को साफ और सूखा रखें

 

बारिश के बाद स्कूटर पर जमा कीचड़, धूल और नमी को मुलायम कपड़े से साफ करें। बैटरी हाउसिंग और वायरिंग के आसपास हाई-प्रेशर पानी का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे पानी संवेदनशील हिस्सों तक पहुंच सकता है।

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4. सही जगह पर पार्क करें

 

मानसून में स्कूटर को हमेशा ढकी हुई, सूखी और हवादार जगह पर पार्क करें। लंबे समय तक खुले में बारिश के बीच स्कूटर खड़ा रखने से बैटरी और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स पर नमी का असर पड़ सकता है।

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5. बैटरी को पूरी तरह डिस्चार्ज न होने दें

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अगर कई दिनों तक स्कूटर का इस्तेमाल नहीं करना है तो बैटरी को पूरी तरह खाली न होने दें। समय-समय पर चार्ज लेवल जांचते रहें ताकि बैटरी स्वस्थ बनी रहे और उसकी लाइफ प्रभावित न हो।