Adani Enterprises QIP: अदाणी एंटरप्राइजेज ने लॉन्च किया QIP, 3034 रुपये का फ्लोर प्राइस तय

Adani Enterprises QIP: अदाणी एंटरप्राइजेज ने 2 जुलाई को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च करने का ऐलान किया। कंपनी ने इसके लिए 3,034.68 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। यह फ्लोर प्राइस कंपनी के मौजूदा बाजार भाव 3,165 रुपये प्रति शेयर से करीब 4% कम है।

इस इश्यू के लिए SBI Capital Markets, Jefferies India, ICICI Securities और IIFL Capital Services को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) बनाया गया है। QIP का अंतिम इश्यू प्राइस इनसे चर्चा के बाद तय होगा।

IHC करेगी $11 अरब का निवेश

इस बीच, अदाणी ग्रुप के लिए एक और बड़ी खबर आई है। अबू धाबी की International Holding Company (IHC) ओडिशा में अदाणी ग्रुप के साथ मिलकर 11.5 अरब डॉलर (करीब 98,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

अगर यह प्रोजेक्ट तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ता है, तो यह भारत के मेटल सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश हो सकता है।

50-50 की हिस्सेदारी वाला जॉइंट वेंचर

दोनों कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत IHC और अदाणी ग्रुप की 50-50% हिस्सेदारी होगी।

इस जॉइंट वेंचर के तहत एल्युमिना रिफाइनरी, एल्युमिनियम स्मेल्टर, कैप्टिव पावर प्लांट और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम मैन्युफैक्चरिंग पार्क बनाया जाएगा। इसके साथ ओडिशा का सबसे बड़ा एल्युमिनियम कॉम्प्लेक्स भी बनेगा। इसकी उत्पादन क्षमता भी काफी ज्यादा होगी।

  • 40 लाख टन (4 MTPA) एल्युमिना
  • 20 लाख टन (2 MTPA) एल्युमिनियम
  • 10 लाख टन (1 MTPA) डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम प्रोडक्ट्स

53,500 लोगों को मिलेगा रोजगार

इस प्रोजेक्ट से बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा होंगे। राज्य सरकार के अधिकारी के मुताबिक, कुल 53,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इनमें 35,000 नौकरियां निर्माण के दौरान मिलेंगी। प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद 18,500 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा।

अभी एल्युमिनियम कारोबार में नहीं है अदाणी ग्रुप

अदाणी ग्रुप अभी एल्युमिनियम बनाने के कारोबार में नहीं है। हालांकि, कंपनी पहले ही ओडिशा में एल्युमिना रिफाइनरी और एल्युमिनियम प्रोजेक्ट लगाने की योजना का ऐलान कर चुकी है।

वहीं, अदाणी एंटरप्राइजेज के पास गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट कॉपर स्मेल्टर है। इसे बनाने में करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश किया गया है।

Parle Products IPO: पारले-जी बनाने वाली कंपनी का आएगा आईपीओ, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के वैल्यूएशन पर नजर : सूत्र

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

UP RERA ने 1278 करोड़ के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद और आगरा में नए घर, दुकानें खरीदनी हैं तो इनपर रखें नजर

New Housing projects in UP: उत्तर प्रदेश में अपना घर या दुकान खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने राज्य के चार प्रमुख जिलों में 10 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक इन सभी प्रोजेक्ट्स में कुल मिलाकर लगभग 1278 करोड़ रुपये का अनुमानित इन्वेस्टमेंट होगा। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में हुई अथॉरिटी की बैठक में इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन नए प्रोजेक्ट्स के माध्यम से लखनऊ, नोएडा (गौतम बुद्ध नगर), आगरा और गाजियाबाद में करीब 4498 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स का विकास किया जाएगा।

लखनऊ: सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट्स और 2284 यूनिट्स को मिली मंजूरी

मंजूर किए गए प्रोजेक्ट्स और यूनिट्स की संख्या के मामले में राजधानी लखनऊ सबसे आगे है। लखनऊ में करीब 438.29 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाले 6 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन 6 प्रोजेक्ट्स में 5 आवासीय और 1 मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट शामिल है। इनके जरिए कुल 2284 यूनिट्स डेवलप की जाएंगी।

गौतम बुद्ध नगर (नोएडा): निवेश के मामले में अव्वल, बनेंगे शॉप्स और स्टूडियो स्पेस

निवेश के मामले में गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) सूची में सबसे ऊपर रहा है। यहां 496.27 करोड़ रुपये की लागत वाले 2 कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को रेरा से मंजूरी मिली है। इन प्रोजेक्ट्स के तहत कुल 981 कमर्शियल यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें दुकानें और स्टूडियो स्पेस शामिल होंगे।

आगरा और गाजियाबाद में भी रियल एस्टेट को रफ्तार

आगरा और गाजियाबाद जिलों के लिए भी नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई है। आगरा में 223.04 करोड़ रुपये के एक आवासीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इसके तहत शहर में 761 हाउसिंग यूनिट्स (आवास) का विकास किया जाएगा। गाजियाबाद में 120.88 करोड़ रुपये के निवेश वाले एक कमर्शियल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इसके तहत 472 कमर्शियल यूनिट्स बनाने की योजना है।

रोजगार के नए अवसर और समय पर पूरा करने की निगरानी

यूपी रेरा ने कहा कि ये प्रोजेक्ट्स आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड-यूज विकास से जुड़े हैं। इनसे राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इनकी मदद से घरों और आधुनिक कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को भी पूरा किया जा सकेगा। अथॉरिटी ने साफ किया है कि इन सभी प्रोजेक्ट्स की कड़ी निगरानी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट यानी रेरा अधिनियम के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे हों। इन निवेशों से निर्माण कार्य के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही कंस्ट्रक्शन मैटेरियल, इंजीनियरिंग सर्विसेज, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स में भी मांग बढ़ेगी।

प्रोजेक्ट्स को दी गई इस मंजूरी पर यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि अथॉरिटी रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स को समय पर मंजूरी मिलने और उनकी प्रभावी निगरानी से प्रमोटर्स और घर खरीदारों दोनों के लिए अधिक भरोसे का माहौल तैयार हो रहा है।

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Parle Products IPO: पारले-जी बनाने वाली कंपनी का आएगा आईपीओ, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के वैल्यूएशन पर नजर : सूत्र

Parle Products IPO: Parle-G, Melody और Mango Bite जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाने वाली Parle Products अगले साल 1 अरब डॉलर (करीब 9,530 करोड़ रुपये) से बड़ा IPO लाने की तैयारी कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले कई सूत्रों ने Moneycontrol को यह जानकारी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, चूंकि ये देश प्रतिष्ठित ब्रांड है, ऐसे में प्रस्तावित IPO का साइज1 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल कंपनी 10.5 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के वैल्यूएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि, बाजार की स्थिति के हिसाब से IPO का साइड और वैल्यूएशन बदल सकता है।

किन बैंकों को मिल सकती है जिम्मेदारी?

सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने अप्रैल में Request for Proposal (RFP) जारी किया था। इसके बाद कई इन्वेस्टमेंट बैंकों ने अपनी प्रेजेंटेशन दी। फिलहाल कंपनी ने Kotak Mahindra Capital, Axis Capital और HSBC Securities को सलाहकार के तौर पर चुना है।

दो अन्य सूत्रों ने भी इन नामों की पुष्टि की। इनमें से एक ने बताया कि कंपनी चौथे इन्वेस्टमेंट बैंक को भी सलाहकार समूह में शामिल करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में बातचीत जारी है।

Parle Products ने क्या कहा?

Moneycontrol ने जब Parle Products से संपर्क किया तो कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मयंक शाह ने कहा कि कंपनी बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती। फिलहाल उसका पूरा फोकस कारोबार को बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि हर बड़ी कंपनी की तरह Parle Products भी ग्रोथ के लिए तमाम विकल्पों का मूल्यांकन करती रहती है।

वहीं, Kotak Mahindra Capital और Axis Capital ने इस खबर पर कोई जवाब नहीं दिया। HSBC Securities ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Parle Agro से अलग है Parle Products

विजय चौहान के अगुआई वाली Parle Products असल में जयंतीलाल चौहान, सचौना चौान नादिया चौहान के नेतृत्व वाली Parle Agro से अलग कंपनी है। Parle Agro Frooti, Appy Fizz और Bailley जैसे ब्रांड बनाती है। परिवार के बंटवारे के बाद दोनों कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही हैं।

किन कंपनियों से है मुकाबला?

भारतीय बाजार में Parle Products की प्रतिस्पर्धा Britannia, ITC (Sunfeast), Mondelez India, Perfetti, Priya Gold, Anmol Industries और Cremica जैसी कंपनियों से है।

Hurun India 500 की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, Parle Products का अनुमानित वैल्यूएशन 75,420 करोड़ रुपये था। इस वैल्यूएशन के साथ यह भारत की सातवीं सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध (Unlisted) कंपनी थी।

पहले IPO से किया था इनकार

20 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी भेंट करने का वीडियो वायरल होने के बाद CMO मयंक शाह ने कहा था कि इससे भारतीय ब्रांड को वैश्विक पहचान मिलेगी।

उसी दौरान जब उनसे IPO की योजना के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि फिलहाल कंपनी लिस्टिंग पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि Parle Products लंबे समय से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और फिलहाल उसी तरह बने रहने की योजना है।

कंपनी का कारोबार कितना बड़ा है?

मुंबई के विले पार्ले में मुख्यालय वाली Parle Products की स्थापना 1929 में हुई थी। Parle-G के अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो में KrackJack, Monaco, Hide & Seek और Poppins जैसे लोकप्रिय ब्रांड भी शामिल हैं।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 8.5% बढ़कर 15,568.49 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, इसी दौरान उसका मुनाफा 39% घटकर 979.53 करोड़ रुपये रह गया।

बिस्किट और कन्फेक्शनरी के अलावा कंपनी केक, रस्क, आटा और ब्रेकफास्ट सीरियल जैसे सेगमेंट में भी मौजूद है। कंपनी के प्रोडक्ट अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड और मध्य-पूर्व सहित कई देशों में बिकते हैं। इसके अलावा नाइजीरिया, कैमरून, घाना, इथियोपिया, केन्या, आइवरी कोस्ट, नेपाल और मेक्सिको समेत कई देशों में इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी हैं।

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Hyundai Creta Electric prices now start at Rs 10.99 lakh with BaaS

Hyundai Creta Electric

Hyundai has introduced Battery-as-a-Service (BaaS) on the Creta Electric in an effort to reduce the initial acquisition cost. With BaaS, prices for the Creta Electric start from Rs 10.99 lakh, and Hyundai is charging Rs 3.90 for per kilometre usage. The company, however, hasn’t provided a detailed variant-wise breakup of the BaaS prices yet.

  1. Creta Electric also updated with a side step 
  2. Hyundai is now the 7th carmaker to offer BaaS with EVs 

JSW MG Motor was the first to introduce BaaS with the Windsor EV in India in 2024, and since then, several other carmakers like Citroen, Kia, Maruti and Toyota have joined the bandwagon. Hyundai becomes the seventh carmaker to now offer BaaS with its EV. Mahindra and Vinfast, however, are among the only major EV players to not offer BaaS. 

Hyundai Creta Electric: what’s new?

The Creta Electric range is priced from Rs 18.03 lakh – Rs 24.70 lakh (ex-showroom), which means BaaS effectively reduces the entry price by about Rs 7 lakh. Customers will have to pay additionally as per their usage, which is more like an EMI on the battery. 

Alongside BaaS, Hyundai has also updated the Creta Electric with an integrated side step for easier ingress and egress. The carmaker is now also offering a 7.4kW AC wall box charger with the HC variants in the Creta Electric line-up; so long it was only available with an 11kW AC charger. 

Hyundai Creta Electric battery and range 

The Creta Electric is offered with two battery pack options: 42kWh and 51.4kWh. The former returns a claimed range of 420km while the latter has a claimed range of 510km. Powering the Creta Electric is a single motor on the front axle that drives the front wheels. In the Long-Range variant, this motor produces 171hp while the smaller battery gets a 135hp electric motor.

The Creta Electric has new competition in the recently launched Tata Sierra EV, along with other midsize EVs like the Maruti e VitaraMahindra BE 6, and upcoming Toyota Urban Cruiser EV

Up to Rs 1.2 lakh benefits on Tata Curvv in July 2026

Tata Curvv in red colour

Tata Motors is offering cash discounts, exchange/ scrappage bonuses, loyalty benefits and intervention offers of up to Rs 1.2 lakh on its ICE cars in July, save for the Punch and current Tiago. This also means that for the first time, the Tata Sierra is on sale with an offer. These offers will provide some respite from the recent price hike to buyers. Keep reading to find out model-wise offers that you can avail on an MY26 Tata car this month.

Disclaimer: Offers/ benefits may vary by city and are subject to stock availability. Buyers are advised to check with their local dealer for exact figures.

Tata Curvv offers in July 2026

Benefits of up to Rs 1.2 lakh

The Indian carmaker is offering benefits of up to Rs 1.2 lakh on the entire Curvv range. All Tata Curvv variants come with a cash discount of up to Rs 30,000, along with exchange and loyalty offers of Rs 40,000 and Rs 50,000, respectively. The coupe SUV is priced from Rs 9.76 lakh to Rs 18.96 lakh.

Tata Nexon offers in July 2026

Benefits of up to Rs 60,000

Tata Nexon

Offers of up to Rs 60,000 on the Nexon are available in July 2026, depending on the powertrain. The Tata Nexon petrol gets up to Rs 10,000 cash discount, Rs 20,000 scrappage bonus and Rs 25,000 intervention offer. The Nexon CNG comes with the same discount and intervention offer, but takes up the scrappage bonus to up to Rs 25,000. Meanwhile, the Nexon diesel is available with just a scrappage bonus of up to Rs 20,000. The Nexon starts at Rs 7.37 lakh and goes up to Rs 13.70 lakh.

Tata Altroz offers in July 2026

Benefits of up to Rs 55,000

The Tata Altroz premium hatchback gets offers of up to Rs 55,000 in July. The petrol variants get up to Rs 15,000 cash discount and Rs 20,000 scrappage bonus. The Altroz CNG comes with the same cash discount and scrappage bonus, along with an intervention offer of up to Rs 20,000. Meanwhile, the Altroz diesel is available with up to Rs 15,000 cash discount and a Rs 20,000 scrappage bonus. The Altroz has a price bracket of Rs 6.3 lakh to Rs 10.65 lakh. 

Tata Harrier offers in July 2026

Benefits of up to Rs 45,000

Tata Harrier

Unlike the models so far which have powertrain-wise benefits, the Tata Harrier offers them exclusively on its diesel variants. They get a discount of up to Rs 10,000 and Rs 35,000 scrappage benefit in this month. The Harrier is priced between Rs 13 lakh and Rs 24.25 lakh.

Tata Safari offers in July 2026

Benefits of up to Rs 45,000

Like the Harrier, the same cash discount and scrappage benefit apply to the Tata Safari diesel range. The Safari costs Rs 13.40 lakh at the base level and maxes out at Rs 25 lakh at the top end.

Pre-facelift Tata Tiago offers in July 2026

Benefits of up to Rs 35,000

Pre-facelift Tata Tiago

The remaining inventory of the pre-facelift Tata Tiago is on sale with offers of up to Rs 35,000. Excluding the XE variant, both the Tiago petrol and Tiago CNG get up to Rs 15,000 cash discount, Rs 15,000 scrappage bonus and Rs 5,000 intervention offer.

Tata Tigor offers in July 2026

Benefits of up to Rs 30,000

Next, the Tata Tigor sedan comes with offers of up to Rs 30,000, including a cash discount of Rs 15,000, as well as a scrappage benefit of Rs 15,000. The Tigor starts at Rs 5.55 lakh and tops out at Rs 8.84 lakh.

Tata Sierra offers in July 2026

Benefits of up to Rs 25,000

Tata Sierra

A loyalty bonus going up to Rs 25,000 is being offered with the Tata Sierra diesel variants. As mentioned before, this is the first time an offer is available with the Sierra SUV. The Sierra is priced from Rs 11.49 lakh to Rs 21.29 lakh.

Ex-showroom prices mentioned above.

Gold Price Today: सोना ₹3000 उछला, ₹5000 महंगी हुई चांदी; कमजोर डॉलर से बढ़ी मांग

Gold Price Today: अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक बाजार में मजबूती के चलते गुरुवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना 3,000 रुपये बढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे एक दिन पहले यह 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में चांदी 5,000 रुपये महंगी होकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। पिछले सत्र में इसका भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने की मांग बढ़ी है। वहीं, औद्योगिक और निवेश मांग मजबूत रहने से चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के उम्मीद से कम सख्त रुख के बाद ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की आशंकाएं कम हुईं। इससे सोने को समर्थन मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 38.75 डॉलर (करीब 1%) बढ़कर 4,070.04 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.3% चढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से सोना मजबूत हुआ है। उनके मुताबिक, जापानी येन में मजबूती और बैंक ऑफ जापान के हस्तक्षेप की खबरों से डॉलर पर दबाव बना।

उन्होंने कहा कि जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राएं रखने वाले निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है। इससे वैश्विक मांग बढ़ती है और कीमतों को समर्थन मिलता है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

बाजार की नजर अब अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (Non-Farm Payrolls) आंकड़ों पर है। Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, यह रिपोर्ट अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति और फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति के संकेत दे सकती है।

एनालिस्टों का मानना है कि इन आंकड़ों के बाद सोना, चांदी और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, World Gold Council का कहना है कि साल 2026 की दूसरी छमाही सोने के लिए अहम रह सकती है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी सोने की कीमतों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

क्या सोना बेचकर शेयर खरीदने का समय आ गया? एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

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यूपी में मानसिक मंदित संवासियों के भरण-पोषण के लिए अनुदान राशि 2000 से बढ़ाकर 3000

yogi adityanath in rampur

CM Yogi Decision for Divyangjan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों एवं हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण हेतु प्रति संवासी अनुदान राशि 2000 रुपए से बढ़ाकर 3000 रुपए प्रतिमाह किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। उन्हें पौष्टिक भोजन, समुचित स्वास्थ्य देखभाल और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। समय के साथ आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती लागत को देखते हुए संवासियों के भरण-पोषण की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाना आवश्यक है।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा

गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन से जुड़े प्रत्येक प्रयास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जनपद में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं तथा पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। श्रवण बाधित बच्चों का शीघ्र चिन्हांकन कर समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट तथा उपचार के बाद पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, भौतिक एवं शैक्षिक पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक सुविधाओं तथा शासकीय भवनों में बाधारहित वातावरण विकसित करने के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार शिक्षकों की समयबद्ध तैनाती की जाए। नियमित भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा तब तक ऐसी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

 

बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा दिव्यांग पेंशन योजना, कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना, शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना, निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना, कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम, बचपन डे-केयर सेंटर, विशेष विद्यालय, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा सहित अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

12,23,295 दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12,23,295 दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित हुए, जबकि 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को 43,689 विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसी अवधि में 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया तथा चालू वित्तीय वर्ष में 68 जनपदों से 335 बच्चों का चिन्हांकन किया जा चुका है।

 

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 तक जहां 10 जनपदों में बचपन डे-केयर सेंटर संचालित थे, वहीं वर्तमान में 25 जनपदों में इनका संचालन किया जा रहा है तथा 28 अन्य जनपदों में स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया प्रगति पर है। इसी प्रकार वर्ष 2017 तक 16 विशेष विद्यालय संचालित थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 28 हो गई है। इन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सहायक उपकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मेजबान अमेरिका पहुंचा क्वार्टर फाइनल, बोस्निया-हर्जेगोविना को 2 गोलों से रौंदा

मेजबान अमेरिका की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप के राउंड ऑफ 32 में बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर में जगह बना ली है। फोलारिन बालोगुन ने हाफ टाइम से ठीक पहले अमेरिका के लिए निर्णायक गोल किया। यह टूर्नामेंट में उनका तीसरा गोल था। लेकिन फिर एक घंटे के निशान के ठीक बाद एक विवादास्पद फैसले में उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया गया, जिसके कारण उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच के लिए निलंबित किया जा सकता है।

अमेरिकी आक्रमण क्षेत्र के भीतर ही बालोगुन और बोस्नियाई डिफेंडर तारिक मुहारेमोविक के बीच टक्कर होने पर उन्हें लाल कार्ड दिखाया गया। शुरुआत में दोनों खिलाड़ी जमीन पर गिर पड़े, लेकिन फिर वीडियो सहायक रेफरी ने रेफरी, ब्राजील के राफेल क्लॉस को मॉनिटर पर बुलाया।

स्लो-मोशन फुटेज देखने के बाद, क्लॉस ने निष्कर्ष निकाला कि बालोगुन ने अपने जूते मुहारेमोविक के पैर पर रगड़े थे और उनके टखने पर भी चोट पहुंचाई थी, जिसके चलते उन्हें गंभीर फाउल प्ले के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया। बालोगुन सदमे में दिखे; वे लड़खड़ाते हुए साइडलाइन पर गए और क्रिस्टियन पुलिसिक और टिम वेह ने उन्हें सांत्वना दी। विश्व कप में रेड कार्ड के लिए एक मैच का निलंबन मानक है, हालांकि अमेरिका संभवतः अपील करेगा।

बालोगुन विश्व कप में लाल कार्ड पाने वाले पांचवें अमेरिकी खिलाड़ी हैं और 2006 के फाइनल में फ्रांस के जिनेदिन जिदान के बाद किसी भी देश के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक ही नॉकआउट मैच में गोल करने के साथ-साथ लाल कार्ड भी प्राप्त किया है।

10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए, अमेरिका ने न केवल अपनी बढ़त बनाए रखी, बल्कि 82वें मिनट में मलिक टिलमैन के बोस्नियाई दीवार को भेदते हुए शानदार फ्री किक ने अमेरिका के लिए जीत सुनिश्चित कर दी। अमेरिका ने इतिहास में केवल दूसरा और 2002 के बाद पहला विश्व कप नॉकआउट मैच जीता। इस जीत के साथ अमेरिकी टीम ने यूरोपीय टीमों के खिलाफ लगातार 10 मैचों में हार का सिलसिला भी तोड़ दिया है और अब अगले दौर में उनका सामना बेल्जियम से होगा, जहां उनके पास बदला लेने का मौका होगा: बेल्जियम ने उन्हें 2014 विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में बाहर कर दिया था।

खेल का शुरुआती हिस्सा काफी संतुलित लग रहा था। अमेरिका का खेल पर पूरा नियंत्रण था और गेंद पर उनका अधिक समय तक कब्जा था, लेकिन ऐसा लग रहा था कि बोस्निया यही चाहता था। उन्होंने अमेरिकी हमलों को नाकाम किया, डिफेंडरों को फुर्ती से बदलते रहे और खेल को मैदान के किनारों की ओर ही ले जाते रहे। कुछ खतरनाक मौके भी आए, लेकिन हाफ टाइम आते-आते अमेरिका ने सिर्फ एक ही शॉट गोल पर लगाया था।

बालोगुन सबसे ज्यादा निराश खिलाड़ियों में से थे, उन्होंने कई बार अपना हाथ जमीन पर पटका। उनका दावा था कि बोस्नियाई डिफेंडर लगातार उनकी कमीज खींच रहे थे, उन्होंने रेफरी से पेनल्टी की मांग की जो उन्हें नहीं मिली, और 33वें मिनट में उन्होंने गोल कर दिया, लेकिन उसे ऑफसाइड करार देकर रद्द कर दिया गया।

बोस्निया को पूरा यकीन था कि उन्होंने मैच को हाफ टाइम तक बराबरी पर लाने के लिए काफी कुछ कर लिया है। लेकिन 45वें मिनट में टिम रीम ने मैदान के बीच में गेंद छीन ली और टायलर एडम्स की ओर गेंद बढ़ाई , जिन्होंने बड़ी चतुराई से टिलमैन को पास दिया। मिडफील्डर ने एक ऐसा पास दिया जो संयोगवश उछला, बोस्नियाई रक्षापंक्ति ने उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन वह अपने साथी खिलाड़ी से टकराकर वापस आ गई और गेंद बालोगुन के पास गिरी, जिन्होंने उसे गोलकीपर के नीचे से गोल में डाल दिया।

‘मेक इन इंडिया’ को रफ्तार! जापानी PM और पीएम मोदी करेंगे 35,000 करोड़ के मारुति सुजुकी के चौथे प्लांट का उद्घाटन, खरखौदा बनेगा ऑटो मैन्युफैक्चरिंग हब

Maruti Suzukicar plant in Haryana: ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी इंडिया के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। यह भारत में मारुति सुजुकी का चौथा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जिसे देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खरखौदा प्लांट में मारुति सुजुकी कंपनी और उससे जुड़े सप्लायर नेटवर्क सहित कुल निवेश करीब 35,000 करोड़ रुपये का है। यह देश में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में से एक है।

यह उद्घाटन भारत और जापान के बीच गहरी होती आर्थिक साझेदारी को भी दिखाता है, क्योंकि मारुति सुजुकी भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जापानी निवेश के सबसे सफल उदाहरणों में से एक है। खरखौदा यूनिट से कंपनी को अपने लंबे समय के प्रोडक्शन लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह भारत को ग्लोबल ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर मजबूत करेगा।

10 लाख वाहनों की होगी बढ़ोतरी

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी तरह चालू होने पर यह प्लांट मारुति सुजुकी की सालाना मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 10 लाख गाड़ियों तक बढ़ा देगा, जिससे यह कंपनी के सबसे बड़े प्रोडक्शन सेंटर्स में से एक बन जाएगा। यह प्लांट आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक उत्पादन सुविधाओं से लैस होगा। खरखौदा यूनिट से कंपनी को अपने लंबे समय के प्रोडक्शन लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह भारत को ग्लोबल ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर मजबूत करेगा।

यह उद्घाटन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रहा है। भारत ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स के लिए ग्लोबल प्रोडक्शन बेस बनने का लक्ष्य रख रहा है। उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और उनके जापानी समकक्ष की मौजूदगी भारत-जापान के बीच इंडस्ट्रियल सहयोग, खासकर मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी के क्षेत्र में रणनीतिक महत्व को भी उजागर करती है।

21,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद

इस परियोजना से 21,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। जबकि ऑटो कंपोनेंट, लॉजिस्टिक्स, परिवहन और अन्य सहायक उद्योगों में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इससे हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भारत और जापान के बीच आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। मारुति सुजुकी को भारत में जापानी निवेश की सबसे सफल कहानियों में गिना जाता है। यह नया प्लांट दोनों देशों के सहयोग को और नई ऊंचाई देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि खरखौदा प्लांट के शुरू होने से भारत वैश्विक ऑटोमोबाइल उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी इससे बड़ा बल मिलेगा। जानकारों का कहना है कि यह नया प्लांट न केवल हरियाणा में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि वैश्विक ऑटोमोबाइल मार्केट में भारत की स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा।

जापान की प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में गर्मजोशी से औपचारिक स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर मौजूद रहे। यह तकाइची की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।

राष्ट्रपति भवन परिसर के प्रांगण में आयोजित समारोह के दौरान जापान की प्रधानमंत्री सलामी मंच पर खड़ी हुईं और प्रधानमंत्री मोदी उनके पास खड़े थे। तीनों सेनाओं के मार्चिंग दस्ते और उनके पीछे बैंड का दस्ता, भारत आईं मेहमान प्रधानमंत्री के सम्मान में शानदार प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े।

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तकाइची प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए एक से तीन जुलाई तक भारत की यात्रा पर हैं। औपचारिक स्वागत के बाद प्रधानमंत्री तकाइची ने PM मोदी के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।

Tata and Mahindra EV sales double YoY in Q1 FY2027

India's EV market nearly doubles in Q1 FY27 YoY

India’s electric passenger vehicle market grew by over 89 percent in the first quarter of the fiscal year 2027, recording 82,737 registrations, according to Vahan data. In comparison, 43,710 EVs were sold in the corresponding year-ago period of 2025. This surge was led by Tata Motors, followed by Mahindra and JSW MG.

Q1 FY2027 vs Q1 FY2026 sales comparison

Tata leads the pack, registers over 104 percent YoY growth

CarmakerQ1 FY2027 (units)Q1 FY2026 (units)YoY difference (percent)
Tata32,28315,794

104.40

Mahindra20,11210,144

98.30

JSW MG16,50213,499

22.20

Maruti4,894

Not applicable

Vinfast3,973

Not applicable

BYD2,1731,671

30

Hyundai1,3862,142

-35.30

Kia1,304133

880.50

Stellantis78327

-76.10

Toyota32

Not applicable

Total82,73743,710

89.30

Tata Motors sold 32,283 EVs between April and June, more than double the 15,794 units it logged in year-ago period. It also expanded its market share to 39 percent from 36.1 percent during the same, and with the recent launches of the facelifted Tiago EV and Sierra EV, the momentum is expected to continue. The second-ranked Mahindra nearly doubled registrations from 10,144 units to 20,112 units driven by its expanding portfolio of electric SUVs, which includes models such as the XEV 9S and BE 6. JSW MG, which sells popular cars like the Windsor EV and Comet EV, sold 16,502 units, marking a 22 percent YoY growth.

Maruti ranks fourth with 4,894 e Vitara units

The April-June 2026 quarter also witnessed the entry of Maruti Suzuki and Vinfast, which had no offerings in the corresponding period last year. Maruti sold 4,894 units of the e Vitara, while Vinfast recorded 3,973 registrations in its first full quarter of sales here. Meanwhile, BYD posted a 30 percent YoY growth with 2,173 registrations.

Hyundai’s EV sales slid from 2,142 units a year earlier to 1,386 units, but its sister company Kia saw a massive rise in sales, going up from 133 units to 1,304 units. Stellantis (which owns the Citroen and Maserati brands) and Toyota were minor participants, posting sales of 32 and 78 units, respectively.

With inputs from Uday Singh and Darshan Nakhwa.