Delhi Power Cut 11 July: शनिवार को दिल्ली के इन इलाकों में रहेगा पावर कट, जानें समय और प्रभावित इलाके

Delhi Power Cut: शनिवार, 11 जुलाई को देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। यह कटौती किसी खराबी के वजह से नहीं, बल्कि जरूरी मेंटेनेंस और सिस्टम अपग्रेड के काम के कारण की जा रही है। दरअसल, BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और रखरखाव से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं, जिसके चलते अलग-अलग इलाकों में पावर कट की समस्या रहेगी। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे उसी हिसाब से अपने दिन की योजना बनाएं और बिजली कटौती से पहले जरूरी इंतजाम कर लें।

निर्धारित बिजली कटौती इस प्रकार है:

पालम डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12: 30 बजे तक ब्लॉक-P राज नगर एक्सटेंशन और सेक्टर-8, द्वारका में बिजली आपूर्ति प्रभावित रह सकती है।

नजफगढ़ डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 13: 00 बजे तक कंगनहेड़ी गांव में बिजली कटौती रहेगी।

छतरपुर डिवीजन:  सुबह 11:00 बजे से दोपहर 13: 00 बजे तक राजपुर खुर्द एक्सटेंशन छतरपुर में पावर कट की समस्या रह सकती है।

टैगोर गार्डन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 14:07 बजे तक ब्लॉक S, ख्याला विष्णु गार्डन में बिजली सप्लाई बंद रहे सकती है।

खानपुर डिवीजन: दोपहर 14:00 बजे से 15:30 बजे तक पॉकेट C, दुग्गल कॉलोनी, खानपुर और जे जे कॉलोनी दुग्गल कॉलोनी, खानपुर में बिजली बाधित रहेगी।

खानपुर डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 तक ब्लॉक C, विश्वकर्मा कॉलोनी, पुलपेह्लादपुर और खानपुर गांव में बिजली कटौरी रह सकती है।

मोहन गार्डन: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 13:00 बजे तक ब्लॉक C, सेवक पार्क, द्वारका में पावर कट रह सकता है।

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Volkswagen Tayron Life trim launched at Rs 41.99 lakh

Volkswagen Tayron

Volkswagen has introduced the lower-spec Tayron Life trim in India at Rs 41.99 lakh, pricing it Rs 5 lakh lower than the range-topping R-Line. Compared to the Tayron R-Line, the Life trim misses out on the sporty cosmetic treatment and a pair of seats in the third row.

Volkswagen Tayron Life engine and gearbox details

The same 204hp, 320Nm 2-litre turbo-petrol unit used in the R-Line also does duty in the Tayron Life. Similarly, transmission duties are handled by a 7-speed dual-clutch automatic gearbox, which sends drive to all four wheels.

Volkswagen Tayron Life exterior highlights

Since it misses out on the R-Line styling package, parts like the front grille, cladding under the doors and over the wheel arches and rear bumper trim are not finished in gloss black. Speaking of the bumper ahead, it has a much cleaner look with L-shaped slats (inverted on the left half section) on the grille. A silver-painted trim is placed below the grille, which complements the overall look. That said, slim Matrix LED headlights and an illuminated VW roundel bridged by a wide light bar are similar to the top-spec trim.

Volkswagen Tayron Life

The Tayron is a 4,792mm-long SUV, with a wheelbase of 2,789mm. In profile, it’s easy to notice a different design for the alloy wheels, which measure relatively an inch less at 18 inches. In fact, the wheels resemble those on the Volkswagen Golf GTI. Styling continues to be clean with neat lines. The shoulder line swells from the rear doors to the tail and the silver surround dips down from the roof to the rear glass section. A chrome strip adds to the look as well.

At the back, changes are limited to a simpler design for the bumper, while features like intricately done tail-lights with LED elements, a light bar, illuminated VW logo and roof spoiler have been carried over.

Volkswagen Tayron Life interior and features

Save for the ‘R’ badges on certain parts and third-row seats, not a lot differs when it comes to the interior. Even the list of features between the two trims is largely similar, including a 15-inch touchscreen, a 10.25-inch digital instrument cluster, a panoramic sunroof, three-zone automatic climate control, powered front seats with ventilation and massaging functions, two wireless smartphone charging pads, 360-degree camera, 9 airbags and Level 2 ADAS.

Volkswagen Tayron rivals

The VW Tayron is up against rivals like the Skoda Kodiaq and Jeep Meridian. Like the R-Line, the Life trim is locally assembled at the carmaker’s Chhatrapati Sambhajinagar (previously Aurangabad) facility in Maharashtra.

Boney Kapoor: पीएम मोदी ने अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर को भेजा प्यार और आशीर्वाद, बोनी कपूर ने नोट शेयर कर जताया आभार

Boney Kapoor: बोनी कपूर ने मुंबई में हुई शादी के बाद अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर को अपना आशीर्वाद भेजने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है। बोनी कपूर और दिवंगत मोना शौरी कपूर की बेटी अंशुला ने 6 जुलाई को परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में रोहन के साथ शादी की। फिल्ममेकर ने शुक्रवार, 10 जुलाई को सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के बधाई पत्र की एक झलक शेयर की और इस निजी पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

नोट शेयर करते हुए बोनी ने लिखा, “हमारे प्रेरणादायक और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का तहे दिल से शुक्रिया, जिन्होंने अंशुला और रोहन को उनकी शुभ शादी के मौके पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और निस्वार्थ आशीर्वाद दिया।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश ने परिवार के इस खास मौके को और भी यादगार बना दिया। बोनी ने आगे लिखा, “हम आपके आभारी हैं और आपसे से बहुत प्रभावित हैं। सर, आपके व्यक्तिगत और स्नेहपूर्ण आशीर्वाद के लिए हम विनम्रतापूर्वक आपको धन्यवाद देते हैं।”

बता दें कि अपने पोस्ट में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंशूला कपूर और रोहन ठक्कर को शादीशुदा जिंदगी की शुरुआत करने पर बधाई दी। उन्होंने प्यार, भरोसे और साथ के उनके सफर के लिए जोड़े को आशीर्वाद दिया और कपूर परिवार को भी शुभकामनाएं दीं। यह लेटर 3 जुलाई का था, जो मुंबई में शादी की रस्म से कुछ दिन पहले लिखा गया था।

अंशुला और रोहन का रिश्ता अक्सर अपनी शांत और मॉडर्न लव स्टोरी की वजह से चर्चा में रहा है। खबरों के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर हुई थी और धीरे-धीरे उनके बीच एक मजबूत रिश्ता बन गया। पिछले साल जुलाई में, रोहन ने न्यूयॉर्क शहर के सेंट्रल पार्क में अंशूला को प्रपोज किया था। इस तरह, इस साल शादी के बंधन में बंधने से पहले ही उनके रिश्ते में एक यादगार और शानदार पल जुड़ गया।

शादी के कार्यक्रमों की शुरुआत 21 जून को रोहन के परिवार की ओर से आयोजित ‘माता की चौकी’ से हुई। इन समारोहों का समापन 6 जुलाई को उनकी शादी के साथ हुआ, जिसमें उनके करीबी लोग शामिल हुए। अंशुला ज्यादातर फिल्म इंडस्ट्री की लाइमलाइट से दूर ही रही हैं, लेकिन उनकी शादी ने उन्हें चर्चा में ला दिया है और नवविवाहित जोड़े को ढेर सारी शुभकामनाएं मिल रही हैं।

Mutual Fund: ₹10000 की मंथली SIP से बन गए ₹97 लाख! इस धाकड़ म्यूचुअल फंड ने 16 साल में किया कमाल

Mirae Asset Large & Midcap Fund Return: म्यूचुअल फंड से पैसा बनाना अनुशासन और सब्र का खेल है। और जब ये दोनों मिल जाएं तो कैसी वेल्थ क्रिएट होती है, इसका एक जीता-जागता एक उदाहरण सामने आया है। मिराए एसेट लार्ज एंड मिडकैप फंड ने बाजार में अपने शानदार 16 साल पूरे कर लिए हैं।

फंड हाउस द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिन निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने महज ₹10,000 की एसआईपी जारी रखी थी, उनका फंड 31 मई 2026 तक बढ़कर लगभग ₹97 लाख हो चुका है। आइए समझते हैं इस स्कीम के रिटर्न का पूरा रिपोर्ट कार्ड।

₹19 लाख निवेश पर मिले ₹97 लाख

मिराए एसेट म्यूचुअल फंड के डेटा के अनुसार, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। 16 साल में ₹10,000 प्रति माह के हिसाब से निवेशक ने कुल ₹19 लाख जमा किए। 31 मई 2026 तक यह ₹19 लाख का निवेश बढ़कर ₹96.9 लाख हो गया। इस एसआईपी निवेश पर फंड ने 18.44% का जोरदार XIRR डिलीवर किया है।

लंपसम इन्वेस्टमेंट करने वाले भी हुए मालामाल

अगर किसी निवेशक ने 9 जुलाई 2010 को इस फंड के ‘रेगुलर प्लान-ग्रोथ’ ऑप्शन में सिर्फ ₹10,000 का एकमुश्त निवेश किया होता, तो वह रकम आज बढ़कर ₹1,50,690 हो चुकी होती। इसके मुकाबले, अगर यही पैसा इस स्कीम के बेंचमार्क में लगाया गया होता, तो वह सिर्फ ₹76,908 ही बनता।

बेंचमार्क और सेंसेक्स को पछाड़ा

पिछले 15 वर्षों के प्रदर्शन को देखें तो इस फंड ने अपने बेंचमार्क और इंडेक्स के मुकाबले काफी आउटपरफॉर्म किया है। पिछले 15 सालों में इस फंड ने 18.85% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है। इसके मुकाबले स्कीम के बेंचमार्क ‘Nifty LargeMidcap 250 TRI’ ने 14.60% का रिटर्न दिया। वहीं, एडिशनल बेंचमार्क ‘BSE Sensex TRI’ इस दौरान सिर्फ 11.22% का रिटर्न ही दे पाया।

₹42,000 करोड़ से ज्यादा का फंड मैनेजमेंट

यह स्कीम एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना है, जो मुख्य रूप से भारतीय लार्ज-कैप और मिड-कैप के शेयरों में पैसा लगाती है। 31 मई 2026 तक यह फंड ₹42,792.20 करोड़ के विशाल एसेट बेस को मैनेज कर रहा है। इस फंड की सफलता के पीछे इसके अनुभवी फंड मैनेजर नीलेश सुराना हैं, जो इसकी शुरुआत से ही इससे जुड़े हैं। जनवरी 2019 से अंकित जैन भी सह-फंड मैनेजर के रूप में उनके साथ कमान संभाल रहे हैं।

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एक्सपर्ट नोट: हालांकि इस फंड का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है, लेकिन फंड हाउस का कहना है कि यह स्कीम किसी भी प्रकार के गारंटीड रिटर्न का वादा नहीं करती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बाजार में लगातार दूसरे दिन दिखी तेजी, जानिए 13 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 10 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,HDFC लाइफ,अदाणी एंटरप्राइजेज,SBI लाइफ इंश्योरेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरने वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,एटरनल,भारती एयरटेल,नेस्ले और सिप्ला शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रहा और सभी बड़े इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। रियल्टी शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 3.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 3 प्रतिशत की तेजी आई। जून तिमाही के नतीजों के बाद TCS में बढ़त की वजह से निफ्टी IT इंडेक्स में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

अन्य सेक्टरों में,निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.5 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़े। जबकि ऑयल एंड गैस,प्राइवेट बैंक,एनर्जी,इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत के बीच बढ़त हुई। ऑटो इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.59 प्रतिशत और 1.41 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि थोड़े समय के करेक्शन के बाद,मार्केट में जबरदस्त रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। बैंकों के पॉजिटिव बिजनेस अपडेट,IT सेक्टर के उम्मीद के मुताबिक गाइडेंस और AI से जुड़े मौकों के साथ-साथ ग्लोबल खर्च में बढ़त की उम्मीद ने पहली तिमाही के अर्निंग्स सीजन की अच्छी शुरुआत के लिए माहौल तैयार कर रहे है। उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों का सिलसिला अर्निंग में बढ़ोतरी को लेकर बनी चिंताओं को कम करने में मदद करेगा। इससे मौजूदा तेजी को और सपोर्ट मिल सकता है।

ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतों में नरमी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में रिकवरी ने भारत के प्रति सेंटीमेंट को और बेहतर बनाया है,जिससे FII निवेश में रिकवरी को सपोर्ट मिला है। अहम बात यह है कि FOMC मीटिंग के सख़्त रुख का ग्लोबल मार्केट पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है,क्योंकि हालिया डेटा से पता चलता है कि महंगाई का दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही,US, EU और चीन से आ रहे सुस्त आर्थिक आंकड़ो से संकेत मिल रहा है कि सेंट्रल बैंक आगे चलकर कम सख्त रुख अपना सकते हैं।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिख। कारोबार के अंत में यह 1.02% की बढ़त के साथ 24,207 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने स्मॉल अपर विक (wick) वाली एक स्मॉल बॉडी बुलिश कैंडल बनाई,जो इंट्राडे में अनिश्चितता को दिखाती है। इसने सफलतापूर्वक अपना 100-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है और बुधवार को आई 516 अंको की भारी गिरावट का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया है। RSI थोड़ा ऊपर गया है,जो धीरे-धीरे बुलिश मोमेंटम के बढ़ने का संकेत है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24400 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24550 और उसके बाद 24700 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24050-24000 के जोन में है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजों की अहम भूमिका होगी। अच्छी अर्निंग, घरेलू निवेशकों की तरफ से हो रहा मजबूत निवेश और अच्छे मॉनसून से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि,मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ी बढ़ोतरी बाजार के लिए बड़े जोखिम बने हुए हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला और पहले हाफ में एक रेंज में ट्रेड किया। फिर दूसरे हाफ की शुरुआत में ब्रेकआउट दिया और ऊपर बंद हुआ। आखिर में इंडेक्स 1.39% की बढ़त के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी ने सफलतापूर्वक अपना 20-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है,जबकि RSI 60 के लेवल के करीब पहुंच रहा है। इससे पता चलता है कि इस हफ्ते की शुरुआत में दिखे सेलिंग प्रेशर को झेलने के बाद बुल्स ने फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI− को पार कर लिया है,जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58500-58600 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 59000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59500 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57600-57500 के जोन में है।

 

 

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Thar Viral Video: थार की ताकत नापने के लिए हरिद्वार में गंगा की नील धारा में उतार दी गाड़ी फिर इसके बाद पूरी हेकड़ी यूं निकल गई

Thar Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। महिंद्र की थार को स्टंट करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में थार के इंजन की ताकत को जांचने के लिए उसे उफनती नदी में घुसा दिया। ओवर कॉन्फिडेंस से भरे लड़कों की हालत तब खराब होनी शुरू हो गई, जब गाड़ी बीच नदी में फंस गई और डूबने लगी। हरिद्वार के इन युवकों हेकड़ी तुरंत निकल गई।

वीडियो की शुरुआत में आपको सबकुछ सही लगता है। लेकिन जैसे ही थार नदी के बीचोंबीच पहुंची, तेजी से लड़खड़ा जाती है। तेज बहाव और नदी के तल में फंसने की वजह से गाड़ी बंद हो जाती है। देखते ही देखते थार पानी में लगभग डूब जाती है। अब तक जो युवक स्टंट के मजे ले रहे थे, उनके चेहरे पर पसीना आ जाता है।

थार में दो युवक बैठे थे। गाड़ी डूबती देख उन्होंने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को जैसे तैसे करके सही सलामत बाहर निकाला। कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच और मामले को संभाला।

गाड़ी के डूबने के बाद ‘ऑफ-रोड रेस्क्यू’ किया गया। गाड़ी बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई। काफी मशक्कत के बाद गंगा की तेज धारा में फंसी थार को बाहर निकालना मुमकिन हो पाया है। वहां क्या-क्या हुआ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कनखल पुलिस ने जानकारी दी है कि घटना 9 जुलाई की है। जांच में पता चला है कि सार्वजनिक जगह पर खतरनाक स्टंट किया कर रहे थे। इसलिए थार को मौके पर ही हमने सीज कर दिया। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की जा रही है।

बता दें कि इस अभियान के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी, हुड़दंग और लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो रही है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं। कोई इसे ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ का मामला कह रहा है… तो कोई कह रहा है कि ऑफ-रोडिंग और लापरवाही में लोगों को फर्क करना आना चाहिए।

Government rules out choice of pure petrol, E10 alongside E20

Petrol pump

The Central government has ruled out offering pure petrol, E10 and E20 simultaneously across India, saying maintaining multiple petrol grades would increase costs and create significant logistical challenges. In a question-and-answer note issued on July 10, the Ministry of Petroleum and Natural Gas reiterated that E20 will continue as the country’s standard petrol blend.

  1. Government cites investments made in ethanol production infrastructure
  2. Separate fuel grades would require parallel storage and distribution
  3. E20 to remain the standard petrol blend across India

Government cites distribution challenges

The ministry said India’s fuel distribution network comprises more than one lakh retail outlets, supported by refineries, terminals, depots, pipelines and storage facilities. Maintaining three different petrol grades across this network would require separate storage, inventory management and distribution infrastructure, increasing handling costs and reducing operational efficiency.

The government also rejected comparisons with premium petrol, saying it is a niche product sold in relatively small volumes and does not require a separate nationwide fuel supply chain.

Investments in ethanol infrastructure

The ministry said substantial investments have been made in ethanol production, including distilleries, storage facilities and logistics infrastructure, to support India’s ethanol blending programme. It added that reverting to E10 as the standard petrol blend could leave ethanol production capacity underutilized and affect investments made by farmers, cooperatives, companies and financial institutions.

According to the ministry, India achieved an average 20 percent ethanol blending between November 2025 and June 2026, compared with 19.2 percent during the previous ethanol supply year.

What it means for older vehicles

The question of offering multiple petrol grades has been raised by owners of older vehicles originally certified to run on E10 petrol. The ministry said vehicle manufacturers, component suppliers, testing agencies and research institutions were consulted before the introduction of E20, covering areas such as material compatibility, engine calibration, fuel systems, durability, emissions and fuel economy.

To support its position, the ministry cited field data from Maruti Suzuki and Hero MotoCorp. It said Maruti Suzuki serviced 2.84 crore vehicles during FY2025-26, including 1.5 crore older vehicles that were not originally certified for E20, and reported no E20-related corrosion, abnormal wear or component-life damage. Hero MotoCorp also reported similar field experience.

The ministry acknowledged that some vehicles may record a 3-5 percent reduction in fuel economy when running on E20. However, it said this should be weighed against the fuel’s higher octane rating, as well as the benefits of lower crude oil imports and reduced emissions.

These are claims made by the Petroleum Ministry in support of the E20 programme. The release does not provide an independent comparison of the additional cost of maintaining multiple fuel grades against the benefit of allowing consumers to select fuel based on their vehicle’s original certification.

IPL से बैन है हैरी ब्रूक, कल 35 गेंदों में बनाए नाबाद 79 रन (Video Highlights)

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में हैरी ब्रूक को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। वह दो साल  2025 और 2026 में इस कारण  इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा नहीं थे। अगले साल अगर वह खुद को इंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के लिए पंजीकृत करते हैं तो महंगे दामों में जाएंगे क्योंकि ब्रिस्टल में उन्होंने एक मुश्किल पिच पर विस्फोटक पारी खेली है।

ब्रूक ने अपने इंग्लैंड करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आईपीएल 2025 से बाहर होने का विकल्प चुना, जबकि 2024 में अपनी दादी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2025 सत्र से आखिरी समय में हटने के बाद दो सत्र के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।ब्रूक ने दूसरे सत्र के लिए खुद का इस लीग के लिए अनुपलब्ध करार देते हुए अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स और उनके समर्थकों से “बिना शर्त” माफी मांगी थी।

इसके बाद वह सफेद गेंद के कप्तान बने और जल्द ही लाल गेंद के कप्तान भी बनने वाले हैं क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज हैं।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के आईपीएल से जुड़े नियमों के अनुसार अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बाद अनफिट नहीं होने की स्थिति में इस टूर्नामेंट में नहीं खेलता है तो उस पर आईपीएल में खेलने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

हालांकि जब वह कल भारत के खिलाफ खेलने उतरे तो अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर जोस बटलर (08) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने विकेटकीपर इशान किशन को कैच थमाया।ब्रूक और सॉल्ट ने हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने आते ही अर्शदीप पर छक्के से खाता खोला।

ब्रूक ने आठवें ओवर में वाशिंगटन सुंदर को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में तीन चौकों और एक छक्के से 19 रन बटोरे और फिर अगले ओवर में अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे अक्षर पटेल की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ सिर्फ 21 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।

भारत के 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने ब्रूक (नाबाद 79 रन, 35 गेंद, आठ चौके, चार छक्के) और सलामी बल्लेबाज सॉल्ट ( नाबाद 59 रन, 42 गेंद, नौ चौके, एक छक्का) के बीच दूसरे विकेट की 146 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

ये AI स्टार्टअप कर्मचारियों को दफ्तर के पास रहने के लिए दे रही 17 लाख का हाउसिंग स्टाइपेंड, 3 टाइम खाना, जिम-सॉना और न जाने क्या-क्या!

आज के समय में टेक कंपनियां अपने एम्प्लॉई को अट्रैक्ट करने के लिए कई तरह की फैसिलिटीज देती हैं, लेकिन न्यूयॉर्क की AI स्टार्टअप कंपनी रिला ने एक अलग पहल शुरू की है। कंपनी अपने एम्प्लॉई को ऑफिस के पास रहने के लिए लाखों रुपये का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है। इसका मकसद एम्प्लॉई का आने-जाने का समय बचाना और उन्हें काम पर ज्यादा ध्यान फोकस करने में मदद करना है। हालांकि, इस सुविधा के साथ कंपनी का वर्क कल्चर भी काफी सख्त बताया जाता है:

एम्प्लॉई के रहने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है कंपनी

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न्यूयॉर्क की AI स्टार्टअप कंपनी रिला अपने एम्प्लॉई के हाउसिंग अलाउंस पर हर साल करीब 1.7 मिलियन डॉलर (लगभग 16-17 करोड़ रुपये) खर्च करती है। कंपनी के CEO सेबेस्टियन जिमेनेज़ का मानना है कि एम्प्लॉई को ऑफिस के करीब रहने से समय की बचत होती है और उनकी प्रोडक्टिविटी बेहतर हो सकती है। यह फैसिलिटी कंपनी की खास रणनीति का हिस्सा है, जिससे एम्प्लॉई अपने काम पर ज्यादा ध्यान दे सकें।

ऑफिस के पास रहने पर मिलता है ₹17 लाख से ज्यादा का स्टाइपेंड

एआई परामर्श सेवाएं और समाधान | पीडब्ल्यूसी

रिला कंपनी अपने एम्प्लॉई को सालाना करीब 18,000 डॉलर (लगभग 17 लाख रुपये) का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है। यह लाभ उन एम्प्लॉई को मिलता है, जो ब्रुकलिन के विलियम्सबर्ग इलाके में कंपनी के ऑफिस से करीब 10 मिनट की बाइक दूरी के अंदर रहना पसंद करते हैं। विलियम्सबर्ग न्यूयॉर्क के सबसे पॉपुलर और एक्सपेंसिव एरिया में शामिल है, जहां स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया लगभग 4,000 डॉलर प्रति महीने तक हो सकता है।

ज्यादातर एम्प्लॉई उठा रहे हैं इस सुविधा का लाभ

A row of colorful houses with a blue sky and trees in the background | Premium AI-generated image

रिला में करीब 120 एम्प्लॉई काम करते हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत एम्प्लॉई इस अल्टरनेटिव हाउसिंग फैसिलिटी का यूज कर रहे हैं। इसी वजह से कंपनी का सालाना खर्च करीब 1.7 मिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है। CEO के अनुसार, यह एम्प्लॉई को आराम देने के बजाय उनके काम करने के तरीके को बेहतर बनाने की कोशिश है।

आने-जाने का समय बचाना है कंपनी का प्राइमरी ऑब्जेक्टिव

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रिला के CEO सेबेस्टियन जिमेनेज़ का कहना है कि रोजाना ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय लोगों के दिन का सबसे स्ट्रेस्फुल बन जाता है। कंपनी चाहती है कि एम्प्लॉई लॉन्ग कम्युटेस में समय गंवाने के बजाय फैमिली के साथ समय बिताएं, किताब पढ़ें, एक्सरसाइज करें या कोई अच्छा काम कर सकें। इस तरह हाउसिंग अलाउंस को एम्प्लॉई की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के तरीके के रूप में देखा जा रहा है।

हाउसिंग के अलावा भी मिलती हैं कई फैसिलिटीज

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रिला अपने एम्प्लॉई को हाउसिंग स्टाइपेंड के अलावा दिन में तीन बार खाने की सुविधा भी देती है। कंपनी एम्प्लॉई के लिए सॉना और कोल्ड प्लंज जैसी सुविधाओं वाली जिम भी तैयार कर रही है। हालांकि, इन सुविधाओं के साथ कंपनी का काम करने का माहौल काफी डिमांडिंग है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एम्प्लॉई अक्सर हफ्ते में छह दिन और रोजाना करीब 12 घंटे काम करते हैं, यानी लगभग 72 घंटे प्रति सप्ताह। CEO ने कंपनी के कल्चर को “बेहद सख्त” बताया है, जहां ज्यादा परफॉरमेंस और हार्ड रोक पर जोर दिया जाता है।