जेनी कामकी: एक Viral Reel और गांव की बेटी बन गई स्टार | Inspiring Story Of Geni Kamki

एक छोटे से गांव से निकली लड़की और आज करोड़ों लोगों की प्रेरणा बन चुकी है।
अरुणाचल प्रदेश की जेनी कामकी ने हॉस्टल के एक छोटे से कमरे और एक साधारण स्मार्टफोन से डांस रील्स बनानी शुरू की थीं। फिर उनकी एक 10 सेकंड की Viral Reel ने सब कुछ बदल दिया। इसके बाद India’s Got Latent के मंच पर उन्होंने अपने टैलेंट और सादगी से पूरे देश का दिल जीत लिया। आज उन्हें 2 मिलियन+ लोग सोशल मीडिया पर फॉलो करते हैं।
जेनी की कहानी बताती है कि सपने पूरे करने के लिए बड़ी जगह नहीं, बड़ा हौसला चाहिए। एक छोटी-सी शुरुआत भी आपकी ज़िंदगी बदल सकती है। :heart:

@luciidforyou

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Retirement Planning: मंथली ₹5,000 SIP और ₹12,500 PPF से कैसे बन सकता है ₹2 करोड़ का फंड?

क्या आपने रिटायरमेंट प्लानिंग की है? अगर नहीं की है तो इसे जल्द पूरा कर लें। लंबी अवधि में नियमित रूप से निवेश करने पर रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है। कई लोग देर से निवेश शुरू करते हैं, जिससे उनके पैसे को बढ़ने का पर्याप्त समय नहीं मिलता है। आप हर महीने 5000 रुपये के सिप और 12,500 रुपये के पीपीएफ में निवेश से आसानी से 2 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड बना सकते हैं।

पीपीएफ टैक्स के लिहाज से काफी फायदेमंद स्कीम

पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड लंबी अवधि के निवेश के लिए काफी अट्रैक्टिव स्कीम है। इस स्कीम में एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। टैक्स के लिहाज से यह स्कीम काफी फायदेमंद है। यह एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट की कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि न तो इसमें पैसा जमा करने पर टैक्स लगता है, न तो इंटरेस्ट पर टैक्स लगता है और न ही मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स लगता है।

पीपीएफ में मैच्योरिटी पर भी नहीं लगता है टैक्स

मशहूर टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन ने बताया कि पीपीएफ के मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगता है। यह पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। यह स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। अगर आप हर महीने 12500 रुपये का निवेश इस स्कीम में करते हैं तो 15 साल में आप कुल 22,50,000 रुपये का निवेश करते हैं। इस पर आपको 18,18,209 रुपये इंटरेस्ट मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी पर आपको 40,68,209 रुपये मिलेंगे।

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 5000 का सिप

आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में सिप से हर महीने 5000 रुपये का निवेश 15 साल तक करना है। इस तरह आप 15 साल में कुल 9,00,000 रुपये का निवेश करेंगे। सालाना 12 फीसदी रिटर्न के हिसाब से 15 साल आपका पैसा बढ़कर 23,79,657 रुपये हो जाएगा। अगर इसमें पीपीएफ से मिले 40,68,209 रुपये को मिला दिया जाए तो कुल 64,47,866 रुपये हो जाते हैं। इस पैसे को आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में एकमुश्त निवेश करना होगा।

ऐसे तैयार हो जाएगा 25 साल में 2 करोड़ का फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में एकमुश्त 64,47,866 रुपये का निवेश 10 साल में बढ़कर 2,00,26,093 रुपये हो जाएगा। इस कैलकुलेशन के लिए सालाना 12 फीसदी रिटर्न का अंदाजा लगाया गया है। इस तरह आपको सिर्फ 15 साल तक हर महीने पीपीएफ में 12,500 रुपये और सिप में 5000 रुपये का निवेश करना है। 15 साल बाद आपको दोनों निवेश से मिले पैसे को म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में 10 साल के लिए निवेश करना है। इस तरह आपको निवेश सिर्फ 15 साल करना है। लेकिन, 2 लाख रुपये का फंड 25 साल में तैयार होगा।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स भी चुकाना होगा

एक बात आपको ध्यान में रखना होगा कि म्यूचुअल फंड में निवेश से हुए मुनाफे पर आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस देना होगा। एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये से ज्यादा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर टैक्स लगता है। इसका मतलब है कि आपको 23,79,657 रुपये पर 12.5 फीसदी टैक्स देना होगा। यह टैक्स 2,97,457.125 रुपये बनेगा। इसे तीन लाख रुपये माना जा सकता है।

टैक्स चुकाने के बाद 25 साल कुछ महीने में तैयार होगा फंड

इसका मतलब है कि म्यूचुअल फंड में हर महीने 5000 रुपये निवेश करने पर टैक्स काटकर आपके हाथ में करीब 20,79,657 रुपये आएंगे। अब इसमें पीपीएफ से मिले पैसे को जोड़ देते हैं, क्योंकि पीपीएफ पर टैक्स नहीं लगता है। दोनों मिलकर 61,47,866 रुपये हो जाते है। इस पैसे को एकमुश्त निवेश करने पर 10 साल कुछ महीने में 2 करोड़ का फंड तैयार हो जाएगा।

CM योगी का ऐलान: भदरसा बनेगा ‘भारत नगर’, मां ज्वाला जी के नाम पर होगी नई नगर पंचायत

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को घोषणा की कि अयोध्या जिले में हाल ही में बनी खिलौनी-सुचितगंज नगर पंचायत का नाम बदलकर ‘मां ज्वाला जी’ के नाम पर रखा जाएगा, जबकि भदरसा नगर का नाम अब ‘भरत नगर’ होगा। बता दें कि उन्होंने यह घोषणा बिकापुर में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान कही।

सीएम योगी ने कहा कि खिलौनी-सुचिंतागंज का नाम बदलने की मांग स्थानीय बीजेपी विधायक अमित सिंह चौहान ने की थी। उन्होंने अनुरोध किया है कि खिलौनी-सुचिंतागंज नगर पंचायत का नाम मां ज्वाला जी के नाम पर रखा जाए। इसलिए मैं घोषणा करता हूं कि इस नगर पंचायत को मां ज्वाला जी नगर पंचायत के नाम से जाना जाए।”

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की कि भदरसा का नाम अब बदलकर भारत नगर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भरत कुंड से जुड़े इलाके की पहचान भी अब भारत नगर के नाम से होगी।

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आपने हाल ही में भदरसा में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों का व्यवहार देखा है। यह उनके असली चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भदरसा अब ‘भरत नगर’ के नाम से जाना जाएगा।”

बता दें कि भदरसा 2024 में एक नाबालिग के साथ रेप की घटना के कारण चर्चा में रहा था, जिसमें सपा नेता मोइद खान को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया, जबकि कथित अनियमितताओं के कारण उनके शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर से गिरा दिया गया था।

नया नाम राम के छोटे भाई को सम्मान देता है

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नया नाम भगवान राम के छोटे भाई भरत को सम्मान देता है, जिनकी भक्ति और त्याग हमेशा एक मिसाल बनी रहेगी।

आदित्यनाथ ने कहा, “भरत ने भगवान राम के आदेश का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए 14 साल भरत कुंड के पास बिताए, जबकि भगवान राम की ‘पादुकाएं’ प्रतीकात्मक रूप से अयोध्या पर शासन कर रही थीं। दुनिया में कहीं भी भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है।”

उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को पूरे देश में पहचाना जाता है और बताया कि नया नाम ‘भरत नगर’ अब नगर पंचायत के तौर पर और विकसित किया जाएगा।

वहीं, इससे पहले 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने घोषणा की थी कि शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी कर दिया जाएगा। इसके अलावा जून में, आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि कुशीनगर के फाजिल नगर का नाम पावागढ़ रखा जाएगा। बता दें कि इन सबसे पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किया जा चुका है।

432 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

बता दें कि योगी आदित्यनाथ बीकापुर में 432 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सहावल ब्लॉक में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का भी अनावरण किया।

अपने भाषण में स्थानीय जन प्रतिनिधियों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय विधायकों ने बिकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली और गोसाईंगंज सहित पूरे अयोध्या जिले में विकास की गति को तेज किया है।

एक दिन पहले हुई भारी बारिश का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें पक्का नहीं था कि कार्यक्रम हो पाएगा या नहीं, लेकिन खराब मौसम के बावजूद लोगों की भारी संख्या मौजूदगी एक गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “बारिश के बावजूद लोगों में जो उत्साह दिखा, वह अयोध्या की भावना को दर्शाता है।”

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7,100mAh बैटरी, Snapdragon 8 Gen 5 और 144Hz डिस्प्ले Motorola Edge 70 Max लॉन्च से पहले सामने आए बड़े फीचर्स

Motorola ने अपने आगामी फ्लैगशिप स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Max की लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा कर दी है। कंपनी इस स्मार्टफोन को 15 जुलाई दोपहर 12 बजे लॉन्च करेगी। लॉन्च के तुरंत बाद यह डिवाइस Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। लॉन्च से पहले ही कंपनी ने फोन के कई अहम फीचर्स का खुलासा कर दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि Motorola इस बार प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। हालांकि, कैमरा स्पेसिफिकेशन और कीमत का खुलासा अभी नहीं किया गया है। इनकी जानकारी लॉन्च इवेंट के दौरान सामने आएगी।

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प्रीमियम डिजाइन के साथ मिलेगा फ्लैट डिस्प्ले

Motorola Edge 70 Max में स्लिम बेज़ल वाला फ्लैट डिस्प्ले और पीछे की तरफ स्क्वायर शेप कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। Flipkart पर फिलहाल इसे लाइट ब्लू और ग्रीन कलर ऑप्शन में दिखाया गया है। कंपनी ने इसे हल्का और प्रीमियम डिजाइन देने पर खास ध्यान दिया है।

 

Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर के साथ मिलेगी AI पावर

Motorola Edge 70 Max में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर मिलेगा। कंपनी का दावा है कि इसमें पिछले मॉडल्स की तुलना में 46% बेहतर AI NPU परफॉर्मेंस मिलेगी। फोन में 12GB LPDDR5X RAM का सपोर्ट होगा और ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग इसकी सबसे बड़ी खासियतों में से एक होगी। Motorola के अनुसार, इस स्मार्टफोन का AnTuTu स्कोर 30 लाख (3 Million) से ज्यादा है, जो इसे फ्लैगशिप कैटेगरी का बेहद दमदार डिवाइस बनाता है।

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144Hz LTPO डिस्प्ले, 7,000 निट्स ब्राइटनेस

Motorola Edge 70 Max में Quad HD+ LTPO डिस्प्ले दिया जाएगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा।

 

  • डिस्प्ले की प्रमुख खूबियां
  • 7,000 निट्स तक पीक ब्राइटनेस
  • Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन
  • 95.12% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो
  • DCI-P3 कलर गैमट सपोर्ट
  • 10-बिट कलर आउटपुट
  • BGMI में 120FPS गेमिंग सपोर्ट

 

रिपोर्ट्स के अनुसार फोन में 6.82 इंच का डिस्प्ले हो सकता है, हालांकि कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

गेमिंग के लिए मिलेगा एडवांस कूलिंग सिस्टम

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Motorola ने इस स्मार्टफोन में ArcticMesh Cooling System दिया है, जिसमें 5,500 वर्ग मिमी का Vapor Chamber शामिल है। यह सिस्टम लंबे समय तक गेमिंग, वीडियो एडिटिंग और AI आधारित टास्क के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद करेगा।

7,100mAh बैटरी और 90W TurboPower चार्जिंग

Motorola Edge 70 Max में 7,100mAh की बड़ी बैटरी मिलेगी। कंपनी का दावा है कि यह फोन एक बार चार्ज करने पर 58 घंटे तक का बैटरी बैकअप देने में सक्षम होगा। चार्जिंग के लिए इसमें 90W TurboPower वायर्ड फास्ट चार्जिंग Magnetic Wireless Charging का सपोर्ट मिलेगा। Motorola का दावा है कि अपने सेगमेंट में मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग देने वाला यह पहला स्मार्टफोन होगा। कैमरा फीचर्स, कीमत और उपलब्धता से जुड़ी बाकी जानकारी 15 जुलाई को आयोजित लॉन्च इवेंट में सामने आएगी।

यूपी में 10 हजार युवाओं की होगी भर्ती, प्रोजेक्ट गंगा से गांव में होगी 20 हजार से एक लाख तक की इनकम, जानिए पूरी स्कीम

Project Ganga Scheme Explained: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने और गांवों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राज्य सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना प्रोजेक्ट गंगा लेकर आ रही है। सरकार का दावा है कि प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश के ग्रामीण डिजिटल भविष्य की आधारशिला बनने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की 57000 ग्राम पंचायतों, गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक हाई-स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल असमानता को पूरी तरह खत्म करना है।

इस परियोजना के जरिए गांवों को शहरों जैसी आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेस, स्मार्ट कृषि, डिजिटल भुगतान और रोजगार के नए अवसरों का द्वार खुलेगा। अब ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं, बैंकिंग और विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस योजना के तहत 8 से 10 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी। इनकी मासिक आमदनी 1 लाख रुपये तक हो सकती है।

प्रोजेक्ट गंगा की प्रमुख विशेषताएं और बड़े माइलस्टोन

प्रोजेक्ट गंगा के सभी प्रमुख माइलस्टोन पूरे कर लिए गए हैं और सरकार व पार्टनर्स ने इसकी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस योजना की मुख्य बातें यहां नीचे दी गई हैं-

10 हजार युवाओं को रोजगार: डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में 8000 से 10000 युवाओं की भर्ती की जाएगी। युवाओं को अपने ही गांव में डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

₹20 हजार से ₹1 लाख तक की इनकम: शुरुआत में डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करने वाले युवाओं की मासिक आय करीब 20000 रुपये होगी। जैसे-जैसे ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी यह आमदनी बढ़कर 1 लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है।

महिलाओं की 50% भागीदारी: महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए गंगा प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनने वाले डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की सुनिश्चित की गई है। इससे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

ब्याज मुक्त लोन: अपने गांव या घर में इंटरनेट उद्यम शुरू करने के लिए सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त लोन उपलब्ध करा रही है।

पहले चरण में 21 जिले शामिल, नेपाल सीमा को प्राथमिकता

यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की जाएगी। योजना के पहले चरण में राज्य के 21 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें नेपाल सीमा से सटे श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले 2 से 3 वर्षों में इस परियोजना का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में कर दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और करीब 20 लाख परिवारों को सीधे तौर पर डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से पूरे प्रदेश में 1 लाख से अधिक रोजगार सृजन की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

गांवों में रुकगा पलायन, मिलेंगे फ्रीलांसिंग और रिमोट वर्क के अवसर

हाई-स्पीड इंटरनेट और फ्री वाई-फाई की उपलब्धता से ग्रामीण यूपी में डिजिटल क्रांति आएगी। इससे युवाओं को बड़े फायदे मिलेंगे। गांवों में ही ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी होने से युवाओं को फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क, ऑनलाइन वोकेशनल ट्रेनिंग और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। हाई-स्पीड इंटरनेट की मदद से अब गांवों के युवाओं को कोडिंग सीखने, फ्रीलांसिंग करने या अपना खुद का टेक-स्टार्टअप शुरू करने के लिए दिल्ली या नोएडा जैसे बड़े शहरों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आसानी से जोड़ने के लिए सरकार बेहद किफायती दरों पर इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराएगी।

साइबर सिक्योरिटी और स्मार्ट कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस

इस प्रोजेक्ट का टारगेट सिर्फ इंटरनेट पहुंचाना ही नहीं है बल्कि गांवों को भविष्य की डिजिटल तकनीकों के लिए तैयार करना है। योजना के तहत सीसीटीवी आधारित सुरक्षा समाधान, साइबर सिक्योरिटी सेवाएं और विभिन्न संस्थानों की डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत किया जाएगा। साइबर सुरक्षा, सीसीटीवी और स्मार्ट कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि ग्रामीण डेटा और परिसर पूरी तरह सुरक्षित रहें।

हिंदुजा समूह की कंपनी है नॉलेज पार्टनर

इस विशाल और महत्वाकांक्षी डिजिटल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने मजबूत साझेदारी की है। दिग्गज हिंदुजा समूह की ब्रॉडबैंड इकाई वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड इस पूरे प्रोजेक्ट में नॉलेज पार्टनर और इम्प्लीमेंटेशन एनैबलर के रूप में शामिल है।

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Gold Silver Rates Today: दिल्ली में सोना चढ़ा, चांदी एक दिन में 5000 रुपये उछली

Gold Silver Rates Today:  सोने और चांदी की कीमतें में 10 जुलाई को दिल्ली में तेजी रही। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 400 रुपये तक चढ़कर 1,48,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी में 5000 रुपये की तेजी आई। डॉलर में कमजोरी से बुलियन में ट्रेडर्स ने अच्छी खरीदारी की। इससे पहले डॉलर में मजबूती ने सोने और चांदी पर दबाव बनाया था।

चांदी में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक

चांदी में बीते तीन दिनों से जारी गिरावट पर आज ब्रेक लग गया। यह 5000 रुपये के उछाल के साथ 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 9 जुलाई को चांदी 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जबकि सोना 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

डॉलर इंडक्स में कमजोरी का असर

ट्रेडर्स ने बताया कि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से सोने और चांदी की कीमतों में रिकवरी आई। डॉलर इंडेक्स लगातार तीसरे दिन कमजोर हुआ। इससे कीमती मेटल्स की चमक बढ़ी। इस हफ्ते की शुरुआत में सोना एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया था। इससे ट्रेडर्स ने कम कीमतों पर खरीदारी के मौके का फायदा उठाया।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि शुक्रवार को गोल्ड में मजबूती दिखी। इसमें गोल्ड इंडेक्स में कमजोरी का हाथ है। हालांकि, इंटरनेशनल मार्केट में सोने में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हफ्ते सोने में कमजोरी आई। पिछले हफ्ते सोने की कीमतों में मजबूती आई थी।

इस हफ्ते विदेश में सोने की कीमतों में नरमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.43 फीसदी गिरकर 4,106.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सिल्वर भी 1 फीसदी गिरकर 59.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि स्पॉट गोल्ड में मजबूती की वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की चल रही कोशिश है।

मार्केट की नजरें इनफ्लेशन डेटा पर

इस बीच मार्केट की नजरें अगले हफ्ते अमेरिका में जारी होने वाले सीपीआई इनफ्लेशन के डेटा पर हैं। अगर इनफ्लेशन हाई बना रहता है तो फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ जाएगी। ऐसे होने पर सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है। अमेरिका और ईरान में फिर से टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

स्पेन के जंगल में आग, 12 की मौत, VIDEO:4 लोग कार में जिंदा जले, 19 अब भी लापता; इलेक्ट्रिक वायर से आग की आशंका

स्पेन के दक्षिणी हिस्से में एंडालूसिया में शुक्रवार को लगी भीषण जंगल की आग में 12 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 19 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह स्पेन के सबसे बड़ी जंगलों की आग की घटनाओं में से एक है। रॉयटर्स के मुताबिक, एक गाड़ी में चार लोग जिंदा जल गए। उनकी कार का स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर था, जिससे वे ब्रिटिश लग रहे थे। वहीं, अपनी कारें छोड़ भागने की कोशिश कर रहे 7 लोग भी मृत पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि वे निर्धारित निकासी मार्ग की बजाय दूसरे रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे और वहीं उनकी मौत हो गई। एंडालूसिया की इमरजेंसी सर्विस ने शुरुआती कॉल के आधार पर बताया कि बिजली की गिरी हुई वायर से आग लगी, जो तेजी से जंगल में फैल गई। दूसरी तरफ बिजली कंपनी एंडेसा के प्रवक्ता ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि जांच में जिस केबल की बात हो रही है, उसमें बिजली का प्रवाह ही नहीं था। इसलिए आग की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। भीषण आग की 4 तस्वीरें यूरोप में हीटवेव से जंगल की आग का खतरा बढ़ा इस साल यूरोप में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव ने जंगल की आग का खतरा काफी बढ़ा दिया है। फ्रांस की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के प्रमुख जूलियन मेरियन ने कहा कि 2026 का वाइल्डफायर सीजन असामान्य रूप से तेज शुरुआत के साथ आया है। उनके मुताबिक सर्दियों और वसंत में हुई अच्छी बारिश से उगी घनी वेजिटेशन अब लगातार पड़ रही गर्मी में सूख चुकी है और आग के लिए ईंधन का काम कर रही है। फ्रांस में इस साल अब तक 8,000 से ज्यादा आग की घटनाओं में लगभग 100 वर्ग मील क्षेत्र जल चुका है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना है। फ्रांस-स्पेन सीमा पर पाइरेनीज क्षेत्र में लगी आग के कारण 10 हजार से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। वहीं स्पेन के मलागा क्षेत्र के बेनहावीस कस्बे में भी जंगल की आग के कारण करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। खबर लगातर अपडेट हो रही है…

MRF देने वाली है ₹229 का बंपर डिविडेंड, शेयर नए सप्ताह में इस तारीख पर करेगा एक्स-डिविडेंड ट्रेड

टायर कंपनी MRF Ltd वित्त वर्ष 2026 के लिए 229 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई 2026 है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

इस डिविडेंड का ऐलान मई महीने में हुआ था। इस पर 6 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 17 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। इससे पहले MRF वित्त वर्ष 2026 के लिए दो बार में 3-3 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने दो बार 3-3 रुपये का अंतरिम और 229 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

MRF के शेयर का क्या है भाव

MRF के शेयर की कीमत 10 जुलाई को BSE पर 134082.80 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 56800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 27.77 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की कीमत एक महीने में 9 प्रतिशत चढ़ी है। बीएसई पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,63,500 रुपये और एडजस्टेड लो 1,22,000 रुपये है। MRF के शेयर के लिए अपर सर्किट 1,60,703.85 रुपये पर और लोअर सर्किट 1,07,135.95 रुपये पर है। सर्किट लिमिट 20 प्रतिशत है।

Stock Split: 5 साल में 1200% रिटर्न, अब 5 छोटे टुकड़ों में टूटेगा शेयर; 20 जुलाई है रिकॉर्ड डेट

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में MRF का स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 680.44 करोड़ रुपये रहा। इस बीच रेवेन्यू 7,908.43 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 2,355.40 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 30,652 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ढाका में दिखा भारत का गलत नक्शा, तो भारतीय ऑफिसर पूजा कुमारी झा ने भरी बैठक में लगा दी क्लास

India Protest Wrong Map Dhaka Seminar: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित हुआ। इस सेमीनार में एक ऐसा वाकया हुआ जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। दरअसल भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। सेमिनार में जम्मू-कश्मीर (J&K) को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाए जाने पर वहां मौजूद भारतीय उच्चायोग की सचिव पूजा कुमारी झा ने तुरंत कड़े शब्दों में इस पर अपना विरोध दर्ज कराया।

भारतीय राजनयिक ने मंच से कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, और इस तरह के गलत नक्शों को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद ढाका में ‘बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज’ (BIISS) द्वारा आयोजित एक विदेश मामलों के सेमिनार के दौरान शुरू हुआ। सेमिनार में बांग्लादेश के पूर्व राजदूत तारिक ए. करीम अपना मुख्य भाषण दे रहे थे। भाषण के दौरान स्क्रीन पर एक स्लाइड दिखाई गई, जिसमें भारत के नक्शे में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान के क्षेत्र में दिखाया गया था।

दर्शक दीर्घा में मौजूद भारतीय उच्चायोग की अधिकारी पूजा कुमारी झा ने जैसे ही इस गलत नक्शे को देखा, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया। पूजा झा ने कहा, ‘यहां दिखाया गया भारत का नक्शा पूरी तरह गलत है। जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा है, और मेरा मानना है कि यहां प्रस्तुत नक्शा सही नहीं है।’

पूर्व राजदूत ने दी सफाई

भारत की कड़ी आपत्ति के बाद, पूर्व राजदूत तारिक ए. करीम ने इस पर सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस नक्शे का इस्तेमाल केवल ‘प्रस्तुतीकरण के उद्देश्य’ से किया गया था और इसका इरादा वास्तविक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को प्रदर्शित करना या प्रोजेक्ट करना नहीं था।

नेपाल एयरलाइंस भी कर चुकी है ऐसी ही बड़ी गलती

अंतरराष्ट्रीय मंचों या विज्ञापनों में भारत के गलत नक्शे को दिखाए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ महीने पहले नेपाल की राष्ट्रीय विमानन कंपनी, नेपाल एयरलाइंस कॉरपोरेशन (NAC) को भी ऐसी ही एक हरकत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।

नेपाल एयरलाइंस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक प्रमोशनल रूट मैप और विज्ञापन शेयर किया था। इस ग्राफिक में एयरलाइंस ने भारत के केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत के बजाय पाकिस्तान के क्षेत्र के रूप में रंग दिया था।

#BoycottNepalAirlines हुआ था ट्रेंड

यह इमेज सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई थी। भारतीय यूजर्स ने इसे नेपाल एयरलाइंस की ‘नक्शा आक्रामकता’ करार दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर #BoycottNepalAirlines ट्रेंड करने लगा था और भारतीय विदेश मंत्रालय से इस पर कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराने की मांग की गई थी। बाद में नेपाल एयरलाइंस को इस बड़ी चूक के लिए सार्वजनिक रूप से औपचारिक माफी मांगनी पड़ी थी।

यूपी की नई स्टार्टअप पॉलिसी का एलान, स्टार्टअप मासिक भत्ता 17500 रुपए से बढ़कर 20000 रुपए किया गया

उत्तर प्रदेश सरकार ने नई स्टार्टअप पॉलिसी 2026 और नए स्टार्टअप मिशन को मंजूरी दी है। इसके तहत स्टार्टअप्स के मासिक भत्ते से लेकर सीड फंडिंग तक को बढ़ाया गया है। लखनऊ जिले के छोटे से गांव भुलभुलपुर में 10 हजार रुपए की छोटी सी लागत से अंजलि सिंह ने एकेले ही जूट फॉर लाइफ नाम से स्टार्टअप शुरू किया था,जो अब 5 करोड़ के टर्न-ओवर तक पहुंच चुका है। इस सफर में अंजलि ने अपने साथ 250 महिलाओं को रोजगार का मौका भी दिया है। यूपी में ऐसे ही स्टार्टअप्स के लिए माहौल बनाने के मकसद से यूपी सरकार ने नई स्टार्टअप्स पॉलिसी बनाई है।

उत्तर प्रदेश सरकार की नई नीति के तहत स्टार्टअप्स के लिए शुरुआती मदद भत्ते को 17,500 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है और ये रकम अब 1 साल की बजाय 2 साल तक मिलेगी। इसी के तरह प्रोटोटाइप अनुदान 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये और सीड फंडिंग 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में इसे 50 लाख रुपए तक बढ़ाया जा सकेगा।

इसके साथ ही स्वतंत्र स्टार्टअप मिशन का भी गठन किया गया है, जिसकी कमान मुख्य सचिव के पास होगी। इसमें प्रति वर्ष 2 लाख रुपये तक का क्लाउड रिम्बर्समेंट और 1,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड भी रखा गया है। AI और Deep-tech जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जूट फॉर लाइफ जैसे स्टार्टअप को सफलता तक पहुंचाने वाली अंजलि मानती हैं कि यूपी सरकार की नई स्टार्ट अप नीति छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो सकती है।

खास बात यह है कि इस नीति में AI,मशीन लर्निंग,रोबोटिक्स और एयरोस्पेस जैसे डीप-टेक क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इन क्षेत्रों की बड़ी परियोजनाओं को ₹100 करोड़ तक की पेशेंट कैपिटल मिल सकती है। नई नीति के तहत यूपी स्टार्टअप मिशन को एक स्वायत्त संस्था के रूप में मंजूरी दी गई है, जो अब यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की जगह स्टार्टअप्स से जुड़े कामकाज को संभालेगी और जिसकी अगुवाई मुख्य सचिव करेंगे।

नई नीति में महिला उद्यमियों,दिव्यांगजन,ट्रांसजेंडर उद्यमियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान बरकरार रखे गए हैं। पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थापित स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता रहेगा, ताकि राज्य के पिछड़े इलाकों में भी उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।

यह स्टार्टअप नीति राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लक्ष्य से सीधे जुड़ी हुई है। 2030 के लिए निर्धारत इस लक्ष्य में योगी सरकार स्टार्टअप्स की अहम भूमिका देख रही है।

 

 

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