IMD Heavy Rain Alert: अगले 7 दिन इन राज्यों में होगी आफत की बारिश! 60 Kmph की आंधी भी, बिहार से लेकर MP तक 17 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Weekly Weather Forecast: देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 17 जुलाई तक के लिए देशभर का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।

इस दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में जहां मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। वहीं, मध्य भारत में तेज आंधी-तूफान का अलर्ट है। दूसरी ओर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।

आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम:-

मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा:-

  • 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
  • 11 से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में मूसलाधार बारिश

पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

  • बिहार में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना।
  • 11 और 12 जुलाई को बिहार के कुछ इलाकों में अति भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
  • कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।

पूर्वोत्तर भारत: मेघालय में सबसे ज्यादा खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है:-

  • 11 जुलाई को मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
  • 12 जुलाई को असम और मेघालय में अति भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूरे सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
  • पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र में बरसेंगे बादल
  • कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
  • गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर।

दक्षिण भारत: बारिश भी, हीटवेव भी

  • केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार।
  • 11 जुलाई को तमिलनाडु में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 जुलाई को हीटवेव का अलर्ट जारी।

कहां चलेगी तेज हवा?

IMD के मुताबिक, कई राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं:-

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ

झारखंड

अंडमान-निकोबार

तमिलनाडु

ओडिशा

बीते 24 घंटे: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।

  • चेरापूंजी (मेघालय) – 19 सेमी
  • मौसिनराम (मेघालय) – 17 सेमी
  • नाहन (हिमाचल प्रदेश) – 16 सेमी
  • फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 सेमी
  • कीर्तिनगर (उत्तराखंड) – 13 सेमी
  • बिक्रम (पटना, बिहार) – 10 सेमी

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • स्थानीय प्रशासन और IMD की एडवाइजरी का पालन करें।

इन राज्यों में आज ‘अत्यधिक भारी’ बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में आफत

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके अलावा:-

  • असम और मेघालय में 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि 13 से 17 जुलाई के बीच भी भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में 15 जुलाई तक आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भी मौसम विभाग ने चिंता जताई है:-

  • बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 और 12 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने के आसार हैं। बिहार में 13 से 15 जुलाई के बीच भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
  • झारखंड में 12 से 14 जुलाई, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 11-13 व 16-17 जुलाई और ओडिशा में 11 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
  • मध्य और पश्चिम भारत: आंधी-तूफान के साथ 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मध्य भारत में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का तांडव देखने को मिल सकता है।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश (11-14 जुलाई) और विदर्भ (13-15 जुलाई) में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • छत्तीसगढ़ में 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में भी 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

लू (Heat Wave) की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में पानी बरस रहा है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग इलाकों में 11 और 12 जुलाई को भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।

वियतनाम में बोट पलटी, भारतीयों समेत 15 की मौत:32 भारतीय सवार थे, इनमें ज्यादातर तेलंगाना के टूरिस्ट थे

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक बोट समुद्र में पलट गई। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसे में भारतीयों समेत 15 लोगों की मौत हो गई है। खोज-बचाव अभियान जारी है। सोशल मीडिया पर दावा किया किया जा रहा है नाव पर 32 भारतीय टूरिस्ट सवार थे। इनमें ज्यादातर तेलंगाना के हैं। हादसे की तस्वीरें… हेल्पलाइन नंबर जारी, कंट्रोल रूम बनाया इंडियन एंबेसी ने बताया कि घटना के सही जानकारी जुटाई जा रही है। यहां यात्रियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इससे संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 जारी किए गए हैं। भारतीय दूतावास ने कहा कि हम स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद दी जा रही है। सुबह 10:30 बजे हुआ हादसा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। नाव भारतीय पर्यटकों को फु क्वोक के पास स्थित होन मे रुट न्गोआई द्वीप घुमाने ले जा रही थी। यह द्वीप अपने साफ समुद्र, छोटे बीच और कोरल रीफ डाइविंग के लिए मशहूर है। यहां पहुंचने के लिए पर्यटक आमतौर पर एन थोई बंदरगाह से नाव या स्पीडबोट किराये पर लेते हैं।
खबर लगातर अपडेट हो रही है…

Mercedes-AMG E 53 PHEV to launch on July 23

Mercedes-AMG E 53

Mercedes-Benz will launch the new AMG E 53 HYBRID 4MATIC+ in India on July 23. The performance sedan returns to India with a plug-in hybrid powertrain that combines a 3.0-litre six-cylinder petrol engine with an electric motor. It will join Mercedes-AMG’s India line-up as its latest electrified performance model.

  1. Plug-in hybrid system uses a 21.2kWh battery
  2. 0-100kph takes as little as 3.8 seconds
  3. India-bound E 53 will get 4Matic+ all-wheel drive

Mercedes-AMG E 53 powertrain and performance

The E 53 uses a 3.0-litre turbo-petrol straight-six engine producing 449hp, paired with an electric motor integrated into the 9-speed automatic gearbox. The motor develops up to 163hp, taking combined output to 585hp and 750Nm in standard form.

With the optional AMG Dynamic Plus package, output rises to 612hp when Race Start is activated. In this configuration, the sedan can accelerate from 0-100kph in 3.8 seconds and reach a top speed of 280kph. A 21.2kWh usable battery gives the E 53 a claimed electric-only range of over 100km. The PHEV can run on electric power at speeds of up to 140kph and supports 11kW AC charging. In international markets, optional 60kW DC charging can take the battery from 10-80 percent in around 20 minutes.

The E 53 gets AMG-specific chassis changes, including additional bracing at the front and rear axles, an 11mm wider front track and adaptive suspension with Comfort, Sport and Sport+ settings. The braking system has also been adapted to work with the hybrid system’s energy recuperation.

Mercedes-AMG E 53 exterior and interior

The E 53 is based on the current E-Class but gets several AMG-specific design changes. These include an illuminated AMG grille, larger front air intakes, wider front wheel arches and a boot-lid spoiler. At the rear, it gets a diffuser and four round exhaust outlets.

Inside, the E 53 gets AMG sports seats, an AMG steering wheel and model-specific trim. The dashboard houses a 12.3-inch digital instrument display and 14.4-inch central touchscreen, while the MBUX Superscreen, which adds a separate display for the front passenger, is available in international markets.

Mercedes-AMG E 53 India launch and expected price

Mercedes-Benz will announce prices for the E 53 HYBRID 4MATIC+ on July 23. The previous-generation E 53 sedan was launched in India in 2021, while the E 53 Cabriolet was subsequently introduced here. The new model will return the E 53 sedan to Mercedes-AMG’s India range.

Lego Ducati Desmo 450MX image gallery

Lego Ducati Desmo 450MX image gallery

The Lego Technic Ducati Desmo 450MX Factory Motorcycle is a 457-piece assembly kit based on Ducati’s real-world 449.6cc single-cylinder motocross machine. Aimed at children aged 10 and above, the completed model measures 19cm tall, 31cm long and 11cm wide. Despite its relatively modest part countroughly a third of the existing Lego Ducati Panigale V4 S kit — it still features functional steering, working suspension at both ends and a moving chain that actuates the single piston within the engine. A three-speed transmission, as found on the Panigale kit, is not included.

The kit is priced at USD 50 (approximately Rs 4,768)significantly more affordable than the Panigale V4 S kit at USD 200. It goes on sale in the US on August 1, 2026, and is already listed on Lego’s India website, with availability expected to follow shortly after the US launch.

Trip To London: पाउंड को रुपए में गिनेंगे तो चाय भी नहीं पी सकेंगे

Trip To London

Trip To London: जब भी पर्यटन के लिए विदेश जाएं तो भारतीय रुपए में मूल्य आंकना मुसीबत खड़ी करेगा। वजह साफ है कि विश्व की अधिकांश लेन-देन की मुद्रा का मूल्य रुपए से कई गुना ज्यादा है। प्रमुख तौर पर डॉलर 95 रुपए का, पाउंड 130 रुपए का, यूरो 111 का, कुवैती दीनार सबसे महंगा 310 का और दुबई का दिरहम 26 रुपए का। इसलिए ब्रिटेन में चाय जब 450 रुपए की आती है तो हम लोग एक खाली गिलास मांगकर कट मार लेते हैं।

 

लंदन चूंकि विश्व के पहले पांच महंगे शहर में है तो आपका बजट तो गड़बड़ाएगा ही। सर्वाधिक महंगा सिंगापुर है। इसलिए पहले से मानसिक और आर्थिक तैयारी जरूरी है। वहां यदि आपका कोई परिजन है तो पहले चर्चा कर तय कर लें कि कौन-सी खाद्य सामग्री ले जाना है और कौन-सी वहां से खरीदना है। विशेष तौर पर दाल, सब्जी, राजमा, पोहे, उपमा, चाय का रेडी टू इट वाला सामान साथ लिया जा सकता है। यदि एकाध हफ्ता रुकना है तो 15 किलो की एक अटैची में खाने का सामान रखना समझदारी होगी। यदि बजट की चिंता नहीं है तो कोई बात नहीं। मैं आपको मोटे पर लगने वाली सामग्री की लंदन की दरें बता देता हूं, जो मई 2026 में वहां थीं।

ये मध्यम बजट की दरें हैं

रेस्टारेंट में एक व्यक्ति का खाना 2,500 का, दो का करीब 10 हजार का। याने 20 से 80 पाउंड तक। कैपेचिनो कॉफी 530 रुपए की, मसाला डोसा 1300 रुपए का, छोले-भटूरे 1500 रुपए के, पानी की बोतल 80 से 200 तक की, दूध 182 रुपए लीटर, ब्रेड 212 की, जो हमें 40 में मिल जाती है। चावल एक किलो 235 का, 12 अंडे 500 के। इसी तरह से मोबाइल का 10 जीबी डाटा 1755 रुपए का, जो यहां 400 में मिलता है। ब्रॉडबैंड 4,000 का जो यहां 775 में मिलता है। पेट्रोल-डीजल 150-170 रुपए लीटर है।

 

सब्जियों के भाव सुनकर दहशत में आ सकते हैं। खीरा 3 नग 130 रुपए के, गाजर करीब 600 रुपए किलो, पत्ता गोभी एक नग 90 रुपए की, नींबू 120 रुपए का। केले 155 के एक किलो (जिसमें 6-7 आएंगे), आलू 165 रुपए किलो, प्याज 150 रुपए किलो। भाव का यह अंतर रुपए और पाउंड के मूल्य में फर्क का नतीजा तो है ही, वहां महंगाई का स्तर भी ऊंचा है।

एक विश्लेषण के अनुसार यदि इंदौर व लंदन का तुलनात्मक अध्ययन करें तो लंदन की बजाय इंदौर में जीवन स्तर 79.6 प्रतिशत सस्ता है। मकान, दुकान, ऑफिस का किराया 94.3 प्रतिशत सस्ता है। इंदौर में रेस्टारेंट 84.4 प्रतिशत, किराना 71.3 प्रतिशत सस्ता है। हमारी क्रय शक्ति लंदन वालों की बजाय 50.6 प्रतिशत अधिक है। यदि इंदौर में रहने के लिए 1011 पाउंड (एक लाख 30 हजार 460 रुपए) चाहिए तो लंदन वाले को 6900 पाउंड (8 लाख 90 हजार 100 रुपए) चाहिए। स्वाभाविक रूप से प्रॉपर्टी भी मंहगी है। मध्यमवर्गीय इलाके में 2 बेडरूम का फ्लैट औसत सवा चार करोड़ रुपए से पौने सात करोड़ रुपए का आएगा। याने 4 लाख से साढ़े 6 लाख पाउंड में। इतनी रकम में इंदौर में शानदार 3-4 हजार वर्गफीट का बंगला मिल जाएगा। 

 

इसे एक दूसरे तरीके से भी समझ सकते हैं। लंदन में औसत प्रति व्यक्ति मासिक खर्च 1500 पाउंड याने 18 हजार पाउंड वार्षिक (23 लाख 32 हजार रुपए है) होता है। इंदौर में औसत खर्च 15 हजार से 25 हजार रुपए याने अधिकतम 3 लाख रुपए वार्षिक होता है। इस तरह लंदन हमसे करीब 8 गुना अधिक महंगा है। यह विश्लेषण ग्लोबल वेल्थ एंड लाइफस्टाइल का है, जो बताता है कि सिंगापुर व लंदन काफी महंगे शहर हैं। लंदन में जहां 4 व्यक्तियों के रुकने लायक जो अपार्टमेंट औसत 20-25 हजार रुपए रोज वाले मिलेंगे, वे एडिनबरा (स्कॉटलैंड) में 35 हजार रुपए रोज के रहेंगे। यहां अपेक्षाकृत सीमित सुविधा व अत्यधिक पर्यटकों की वजह से मंहगाई अधिक है, क्योंकि यह लंदन से प्राकृतिक रूप से अधिक खूबसूरत है।

अपार्टमेंट में रूम सर्विस या रोजाना सफाई जैसी कोई सुविधा नहीं होती। वहां हफ्ते में तय दिन सफाई के लिये कोई आएगा। अपार्टमेंट व कमरे के लॉक डिजिटल होते हैं, जो आपको बुकिंग होने पर बता दिए जाएंगे। एडिनबरा में तो मेन गेट के बाहर एक बॉक्स होता है, जिसका नंबर आपको दे देंगे। वह सही हुआ तो बॉक्स खोलकर कमरे की चाबी मिल जाएगी। यदि कुछ गड़बड़ हो तो पचते रहो, कोई मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि कोई सुरक्षा गार्ड नहीं होता।

 

ब्रिटेन व यूरोप में भी ज्यादातर मकानों के दरवाजे-खिड़कियां कांच के होते हैं, जिनमें सरियों की ग्रिल नहीं होती। इसका आशय यही है कि वहां ग्रिल उखाड़कर या दरवाजे तोड़कर चोरियां नहीं होतीं। ऐसा भी नहीं है कि चोरियां नहीं होतीं। लंदन के व्यस्त इलाकों में विशेष तौर पर आई फोन की लूट काफी होती हैं। ये काम ई-बाइक गिरोह व नकाबपोश करते हैं, जो राह चलते उन लोगों के फोन उड़ा लेते हैं, जो बात करते हुए चलते हैं।

 

2024-25 में एक लाख 6 हजार आई फोन चोरी हुए थे। ये फोन चीन में बेच दिए जाते हैं। वहां इन्हें नए सिरे से असेंबल कर विश्व बाजार में फिर बेच देते हैं। यह करीब एक हजार करोड़ रुपए का चोरी के आई फोन का कारोबार है। अधिकांश फोन हांगकांग व चीन भेज दिए जाते हैं, जहां रि-सेट, रि-प्रोग्रामिंग कर फिर से बेच दिए हैं। (क्रमश:) -लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं। 

Volkswagen Tayron Life vs R-Line: Differences, similarities explained

Volkswagen Tayron Life vs R-Line

The Volkswagen Tayron Life serves as the entry-level trim in the SUV’s line-up, slotting below the range-topping R-Line. While a price gap between the two is a given, how different are they in terms of features, and what sets them apart visually? Here’s a closer look at the differences between the two trims.

Volkswagen Tayron Life vs R-Line: Exterior

Volkswagen Tayron Life
Volkswagen Tayron R-Line
 

The Life trim has a cleaner-looking front bumper with L-shaped grille slats. The R-Line, meanwhile, gets a sportier front end with a criss-cross grille pattern and large air intakes on either side of the bumper. Other R-Line-specific styling elements include a gloss black front grille, wheel-arch cladding and rear bumper trim. Also, Matrix LED headlights are also exclusive to the R-Line.

Volkswagen Tayron Life
Volkswagen Tayron R-Line
 

In profile, the most noticeable difference is the alloy wheel design. The Life rides on 18-inch alloy wheels, an inch smaller than those on the R-Line. The styling remains clean, with a rising shoulder line stretching from the rear doors to the rear end, while the silver window surround extends from the roof and dips towards the rear glass. A chrome strip further adds to the look.

That said, several exterior features are common to both trims, including illuminated Volkswagen logos at the front and rear, illuminated LED light bars, body-coloured ORVMs and door handles, and a panoramic sunroof.

Volkswagen Tayron Life vs R-Line: Interior

The cabin layout is largely the same in both trims, and most of the key comfort and convenience features are shared. Both get a heated steering wheel with paddle shifters, a 10.25-inch driver’s display, wireless Apple CarPlay and Android Auto, three-zone climate control, powered front seats with heating, ventilation and massage functions, sliding and reclining second-row seats, and a powered tailgate.

Volkswagen Tayron Life
Volkswagen Tayron R-Line
 

The biggest differences lie in the infotainment and premium features. The Life gets a 12.9-inch touchscreen paired with an 8-speaker audio system, while the R-Line upgrades to a 15-inch touchscreen and an 11-speaker Harman Kardon sound system. The latter also exclusively gets a head-up display, illuminated ‘R’ inserts on the dashboard and doors, a black roof lining, and matte chrome interior accents.

Volkswagen Tayron Life
Volkswagen Tayron R-Line
 

Another key difference is seating. The R-Line is the only trim to get a third row, making it a seven-seater, while the Life is offered as a five-seater. As a result, the Life offers a much larger 885-litre boot, compared to the R-Line’s 345-litre luggage capacity with all seats up.

Volkswagen Tayron Life vs R-Line: Powertrain

This is one area where the two trims don’t differ. The same 2-litre turbo-petrol unit used in the Tayron R-Line also does duty in the Life trim, producing identical peak outputs of 204hp and 320Nm. Additionally, transmission duties are handled by a 7-speed dual-clutch automatic unit, which sends drive to all four wheels.

Volkswagen Tayron Life vs R-Line: Price

Tayron trimPrice (Rs lakh)
Life41.99
R-Line46.99

As the entry-level trim in the Tayron line-up, the Life is priced Rs 5 lakh lower than the R-Line, at Rs 41.99 lakh. Volkswagen has taken a similar approach to Skoda, which offers the Kodiaq Lounge as a more affordable five-seater alternative to the higher-spec seven-seater variants.

The Volkswagen Tayron rivals the Skoda Kodiaq and Jeep Meridian. Like the R-Line, the Life trim is also locally assembled at Volkswagen’s Chhatrapati Sambhajinagar (formerly Aurangabad) plant in Maharashtra.

Shah Rukh Khan: शाहरुख खान 37 करोड़ में दिल्ली वाले घर के बने सोलो मालिक, शादी के बाद गौरी संग यहीं गुराजे थे कुछ साल

Shah Rukh Khan: शाहरुख खान ने दुनियाभर में कई प्रॉपर्टीज में निवेश किया है, लेकिन दिल्ली के पॉश इलाके पंचशील पार्क में हाल ही में खरीदी गई प्रॉपर्टी उनका एक बहुत ही निजी फैसला लगता है। शाहरुख ने हाल ही में साउथ दिल्ली के पॉश पंचशील पार्क इलाके में एक रिहायशी प्रॉपर्टी की दूसरी और तीसरी मंजिल खरीदी है।

शाहरुख ने ये दो फ्लोर लगभग 37 करोड़ में खरीदे हैं। इस बिल्डिंग का बेसमेंट और पहला फ्लोर पहले से ही एक्टर के पास है, और बाकी दो फ्लोर खरीदने के बाद, वे पूरी प्रॉपर्टी के अकेले मालिक बन गए हैं। शाहरुख और गौरी खान के लिए इस बिल्डिंग की बहुत ज़्यादा भावनात्मक अहमियत है, क्योंकि मुंबई जाने से पहले इस कपल ने 1991 में अपनी शादीशुदा जिंदगी यहीं शुरू की थी। जानकारी के लिए बता दें कि शाहरुख और गौरी दोनों दिल्ली में ही पैदा हुए और पले-बढ़े थे, और बाद में एक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए मुंबई चले गए, और आखिरकार मुंबई को ही अपना स्थायी घर बना लिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रॉपर्टी 1,200 स्क्वायर यार्ड (लगभग 10,800 स्क्वायर फ़ीट या लगभग एक चौथाई एकड़) के बड़े प्लॉट पर फैली हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस डील की कीमत लगभग ₹37 करोड़ थी, जबकि ज़मीन की कीमत लगभग ₹34,260 प्रति स्क्वायर फ़ीट आंकी गई है।

iDiva के साथ एक पुराने इंटरव्यू में, गौरी खान ने दिल्ली वाले अपने घर के बारे में बात की और बताया कि कैसे उसमें उनकी ज़िंदगी की सारी यादें बसी हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली वाला हमारा घर लगभग 20 साल पुराना है। जैसा कि बहुत से लोग जानते हैं, मैं दिल्ली से हूं और मैंने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा यहीं बिताया है, इसलिए मुझे लगा कि अपनी मां के घर के पास एक घर खरीदना और उसे डिज़ाइन करना एक अच्छा विचार होगा। मकसद यह था कि हमारी सारी यादें एक ही छत के नीचे हों। इतने सालों में, हमने बहुत यात्राएं कीं और बहुत सारी चीजें और यादें जमा कीं—बच्चों के साथ, शाहरुख़ और मेरे साथ—और मैं चाहती थी कि ये सब एक साथ रहें। दिल्ली वाला मेरा घर ठीक वैसा ही बन गया।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं उस घर में जाती हूं, तो हर कोने में यादें बसी हैं—बच्चों के बड़े होने के दिनों से लेकर उनके टीनएज और अब उनके बड़े हो जाने तक की यादें। हमारे घर में एक ‘नॉस्टेल्जिया वॉल’ (पुरानी यादों वाली दीवार) भी है, जहां उनके बचपन की यादगार चीज़ें रखी हैं। इस दीवार पर सुहाना के मेकअप ब्रश, आर्यन का बैडमिंटन रैकेट, अबराम के पहले जन्मदिन का तोहफ़ा, शाहरुख़ की बनाई कलाकृतियां, पोस्टकार्ड और कुछ खूबसूरत एंटीक चीज़ें हैं जो शाहरुख़ ने मुझे समय-समय पर तोहफे में दी थीं। मैंने उन सभी को फ़्रेम करवाकर दीवार पर लगाया है। वह घर का मेरा सबसे पसंदीदा कोना है।”

Used car study 2026: Maruti Ertiga holds its value best among MPVs

Maruti Ertiga resale value

Conducted in association with Spinny, India’s leading pre-owned car platform, the fourth edition of our Used Car Study analyses real-world resale values across a broad spectrum of vehicles sold in the Indian market to assess depreciation trends over a five-year ownership period. The study is based on actual transactional data shared by Spinny for vehicles sold between January 1 and August 31, 2025.

In this part of the resale value study series, we take a look at the MPV segment:

MPVs resale value 

The MPV segment spans a broad price spectrum, starting with the affordable Maruti Eeco and extending up to premium offerings such as the Kia Carens. Dominating the segment in terms of resale value retention, however, is the Maruti Ertiga, which continues to exhibit the flattest depreciation trend over a five-year period.

Meanwhile, the Renault Triber showed the highest depreciation, more so for the AMT variants. Due to limited used market transaction data, the Toyota Innova Crysta and Hycross have been excluded from this study. 

As per the study, the average selling price of a five-year-old MPV retailed through Spinny was Rs 7.47 lakh. Comparable figures for three-year-old and one-year-old MPVs were Rs 10.50 lakh and Rs 11.16 lakh, respectively. Average depreciation over the same periods worked out to 38.5 percent, 33.10 percent and 18.15 percent, respectively.

Autocar-Spinny resale value study methodology 

The analysis covers the average selling prices (ASPs) of vehicles retailed through Spinny’s network across nine cities – Delhi-NCR, Bengaluru, Hyderabad, Pune, Chennai, Mumbai, Lucknow, Ahmedabad and Kolkata.

For the purposes of this study, depreciation has been defined as the percentage difference between a vehicle’s original on-road price in its year of manufacture and its resale value in 2025. In instances where a model was offered with multiple engine options using the same fuel type, the data has been consolidated and averaged. Variant-wise differences have similarly been averaged out.

Discontinued models and powertrain options have been excluded. Additionally, premium vehicles priced above Rs 30 lakh, electric vehicles and certain low-volume models have not been included due to limited transaction data and insufficient sample sizes.

एक साल में ₹1 लाख को बना दिया ₹10 लाख! AI या डिफेंस नहीं, कंडोम बनाने वाली इस कंपनी ने किया कमाल

Cupid Share Price Multibagger Return: शेयर बाजार में पिछले एक साल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिफेंस सेक्टर के शेयरों की धूम है। लेकिन इन सबके बीच मार्केट का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएटर एक ऐसे बिजनेस से निकलकर आया है जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था।

मेल और फीमेल कंडोम, ल्यूब्रिकेंट्स और डायग्नोस्टिक उत्पाद बनाने वाली स्मॉलकैप कंपनी क्यूपिड लिमिटेड (Cupid Ltd) के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल कर दिया है। पिछले एक साल में इस शेयर ने 866% से ज्यादा की तूफानी तेजी दिखाई है। आइए जानते हैं कि कैसे इस स्मॉलकैप शेयर ने बाजार में गदर मचाया है और इसके पीछे की वजह क्या है।

1 साल का जादुई रिटर्न: ₹1 लाख बन गए ₹9.7 लाख

क्यूपिड लिमिटेड के शेयरों की रफ्तार पिछले कुछ महीनों से लगातार तेज है:

1 साल का रिटर्न: एक साल पहले जिन निवेशकों ने इस शेयर में ₹1 लाख लगाए थे, उनकी वैल्यू आज बढ़कर करीब ₹9.7 लाख हो चुकी है।

शॉर्ट टर्म का रिटर्न: पिछले 6 महीने में यह शेयर 145%, पिछले 3 महीने में 128% और महज पिछले एक महीने में 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

मार्केट कैप: 10 जुलाई को क्यूपिड के शेयर ₹212.24 पर बंद हुए, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹28,500 करोड़ पर पहुंच गया है।

क्यों भाग रहा है शेयर? मुनाफे में आया बंपर उछाल

बाजार में कई स्मॉलकैप शेयर बिना किसी ठोस वजह के सिर्फ हवा में भागते हैं, लेकिन क्यूपिड के साथ ऐसा नहीं है। इस शेयर की तेजी को कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजों का पूरा सपोर्ट मिला है:

सालाना प्रदर्शन (FY26): वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू दोगुने से अधिक बढ़कर ₹391 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल ₹183 करोड़ था।

नेट प्रॉफिट में उछाल: कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹41 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹108 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन भी सुधरकर 38% हो गया।

मार्च तिमाही के नतीजे: मार्च तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू 116% बढ़कर ₹132 करोड़ और नेट प्रॉफिट 214% बढ़कर ₹36 करोड़ से ज्यादा रहा, जो कंपनी के इतिहास की सबसे बेहतरीन तिमाहियों में से एक है।

मैनेजमेंट का भरोसा: रेवेन्यू गाइडेंस में बड़ी बढ़ोतरी

जून तिमाही के लिए कंपनी द्वारा जारी किए गए मजबूत बिजनेस अपडेट ने इस शेयर में रॉकेट जैसी तेजी ला दी है:

Q1 FY27 का अनुमान: मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में रेवेन्यू ₹150 करोड़ के पार निकल जाएगा।

पूरे साल का टारगेट बढ़ाया: कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस को ₹600 करोड़ से बढ़ाकर ₹660 करोड़ से अधिक कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग, घरेलू प्राइवेट सेक्टर की डिमांड, सरकारी खरीद और PFSCM के साथ हुई रणनीतिक साझेदारी के दम पर कंपनी को आने वाले दिनों में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है।

सिर्फ कंडोम नहीं, डायग्नोस्टिक्स में भी जलवा

क्यूपिड को भले ही लोग कंडोम बनाने वाली कंपनी के रूप में जानते हैं, लेकिन अब इसका दायरा काफी बड़ा हो चुका है। कंपनी कंडोम और वाटर-बेस्ड ल्यूब्रिकेंट्स के अलावा पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVD) किट्स भी बनाती है।

क्यूपिड दुनिया की पहली ऐसी कंपनी है जिसे पुरुष और महिला दोनों कंडोम की सप्लाई के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) से प्री-क्वालिफिकेशन मिला हुआ है। इसी वजह से यह कंपनी वैश्विक स्तर पर बड़े-बड़े हेल्थकेयर टेंडर्स में आसानी से हिस्सा ले पाती है।

रिटेल निवेशकों की भीड़, लेकिन वैल्यूएशन बहुत महंगा

कंपनी के शानदार प्रदर्शन को देखकर रिटेल निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं। मार्च 2026 तक कंपनी के शेयरधारकों की संख्या बढ़कर 2.09 लाख के पार पहुंच गई है, जो तीन साल पहले महज 26,000 थी। कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 46% है।

एक्सपर्ट नोट- दे रही छप्परफाड़ रिटर्न लेकिन सावधानी है जरूरी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्यूपिड कंपनी के फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं, लेकिन इस भारी तेजी के कारण शेयर का वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया है। क्यूपिड का शेयर फिलहाल अपनी कमाई के मुकाबले 264 के पीई मल्टीपल और बुक वैल्यू के 63 गुना से अधिक पर ट्रेड कर रहा है, जो एफएमसीजी सेक्टर की अन्य कंपनियों से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि निवेशकों ने भविष्य की बड़ी ग्रोथ को पहले से ही इस कीमत में शामिल कर लिया है, इसलिए नए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।