All you need to know about the Nissan Tekton

Nissan Tekton

After several delays, Nissan has finally launched the Tekton in India. The SUV is the carmaker’s version of the Renault Duster, featuring a few design changes while sharing the same underpinnings. Competing with the likes of the Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Maruti Grand Vitara and more, here’s everything you should know about Nissan’s new midsize SUV contender.

Is the Nissan Tekton pricier than the Renault Duster?

Nissan Tekton

The Tekton range starts at Rs 10.49 lakh, ex-showroom, similar to the Duster. At the entry level, the Tekton is priced on par with the Duster and is among the most affordable midsize SUVs, with only the MG Astor and Citroen Aircross costing less. The Maruti Victoris follows with a premium of just Rs 1,000, while the Maruti Grand Vitara, Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Skoda Kushaq, Volkswagen Taigun, Toyota Hyryder and Honda Elevate are all priced higher.

At the top end, the Tekton costs Rs 10,000 more than the Duster at Rs 18.59 lakh. Even then, it’s still cheaper than the Seltos, Creta, Sierra, Hyryder, Victoris, and Grand Vitara. The Aircross remains the most affordable midsize SUV by a wide margin.

When will the Nissan Tekton hybrid launch in India

As we have exclusively reported before, the Tekton will not be adding a hybrid powertrain option. Renault will be keeping the Horse Powertrain-derived strong hybrid system exclusive for the Duster, positioning it as a key competitive advantage in the increasingly crowded midsize SUV space.

The Tekton offers a choice between 100hp 1-litre and 163hp 1.3-litre turbo-petrol engine options. A 6-speed manual gearbox is standard, but an automatic gearbox, a 6-speed dual-clutch unit in this case, is offered with the more powerful mill only.

What is the fuel-efficiency of the Nissan Tekton?

PowertrainClaimed fuel efficiency (kpl)
100hp 1L turbo-petrol 6MT19.41
163hp 1.3L turbo-petrol 6MT17.8
163hp 1.3L turbo-petrol 6DCT18.5

Evidently, the 1.0-litre turbo-petrol paired with a manual gearbox delivers the highest efficiency at 19.41kpl in the line-up. The 1.3-litre turbo-petrol returns 18.5kpl with the dual-clutch automatic and 17.8kpl with the manual gearbox. Since the powertrains are shared between the Nissan and Renault badge-engineered SUVs, their claimed fuel-efficiency figures are similar. 

Is the Nissan Tekton larger in overall size than its rivals?

Nissan Tekton

The Tekton shares its height, wheelbase, ground clearance and wheel size options with the Duster. It is, however, 6mm longer and 2mm wider due to its different styling. Compared to its midsize SUV rivals, the Tekton is longer than the Sierra, Creta, Grand Vitara, Kushaq, Taigun, Elevate, Astor and Aircross. However, it falls short of the Seltos by 111mm, the Hyryder by 16mm and the Victoris by 11mm. When it comes to wheelbase, the Sierra leads the segment, followed by the Seltos, Aircross, and then the Tekton. 

The Nissan SUV’s 212mm ground clearance is the second-highest in the segment after the Elevate. It also shares the largest 518-litre boot capacity in the segment with the Duster.

Does the Nissan Tekton have a spacious interior?

Nissan Tekton

Its front seats are supportive and well-cushioned, and they also feature electric adjustment and ventilation. The rear seat is comfortable for two adults, while a third passenger can fit in. However, the limited shoulder room and the transmission hump make it less comfortable for three occupants over longer journeys.

At the rear, there’s enough kneeroom and plenty of headroom for six-footers. The large panoramic sunroof and windows make the cabin feel airy. Rear passengers also get a centre armrest with cup holders, dedicated AC vents and charging ports.

Which Nissan Tekton variant should you buy?

Nissan Tekton

The N-Connecta trim, priced between Rs 13.69 lakh and Rs 16.49 lakh, ex-showroom, is our pick of the Tekton range. It packs a good mix of features, including a 10.25-inch digital instrument cluster, a panoramic sunroof, dual-zone climate control, 18-inch alloy wheels, wireless charger a six-speaker sound system and more. Buyers also get a choice between the two turbo-petrol engine options, along with their respective manual and automatic gearbox pairings.

Higher Tekton trims add features like Google integration for the touchscreen, ventilated front seats, MyNISSAN connected car tech, powered tailgate, 360-degree camera, Level 2 ADAS and more.

8th Pay Commission पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया अपडेट! इतनी बढ़ जाएगी बेसिक सैलरी और HRA, देखें लेवल 1 से 10 का पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Salary HRA Hike: आठवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच खूब चर्चा है। हालांकि, इसके एक प्रमुख कंपोनेंट हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर लोगों का उतना ध्यान नहीं जाता, लेकिन सैलरी बढ़ाने में इसका बड़ा योगदान होता है। कोलकाता में स्टेकहोल्डर्स के साथ वेतन आयोग की बैठकों का दौर समाप्त हो चुका है। इन बैठकों में कर्मचारी यूनियनों ने बेसिक सैलरी बढ़ाने के साथ-साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की मौजूदा दरों को बढ़ाने की पुरजोर मांग की है।

चूंकि एचआरए (HRA) सीधे तौर पर बेसिक सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत होता है, इसलिए जैसे ही 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी बढ़ेगी, कर्मचारियों का एचआरए भी रॉकेट की तरह बढ़ जाएगा। आइए समझते हैं कि 2.0, 2.1, 2.28 और 2.57 के फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 1 से लेकर लेवल 10 तक के कर्मचारियों की सैलरी और एचआरए में कितना बंपर उछाल आ सकता है।

कर्मचारी संगठनों की मांग: 40% तक हो HRA

फिलहाल 7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, शहरों को तीन कैटेगरी X, Y और Z में बांटा गया है। जनवरी 2024 में महंगाई भत्ता (DA) 50% पहुंचने के बाद मौजूदा एचआरए दरें क्रमशः 30% (X शहर), 20% (Y शहर) और 10% (Z शहर) हैं।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बड़े शहरों में मकानों के किराए बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं, इसलिए मौजूदा एचआरए नाकाफी है। संगठनों ने वेतन आयोग के सामने ये मांगें रखी हैं:

NC-JCM, AIDEF और FNPO जैसे कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि एचआरए की तीन स्लैब को बढ़ाकर 40% (X), 35% (Y) और 30% (Z) किया जाए। साथ ही इसे महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी से जोड़ा जाए और पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिले।

AINPSEF ने X, Y और Z शहरों के लिए क्रमशः 36%, 24% और 12% एचआरए की मांग की है।

फिटमेंट फैक्टर का खेल: कैसे तय होगा नया HRA?

एचआरए की गणना हमेशा बेसिक पे पर होती है। मान लीजिए अभी दिल्ली (X सिटी) में कार्यरत एक लेवल 1 के कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो उसे 30% के हिसाब से ₹5,400 एचआरए मिलता है।

अगर 8वां वेतन आयोग न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 2.0 तय करता है, तो बेसिक सैलरी ₹36,000 हो जाएगी और 30% के हिसाब से एचआरए सीधे ₹10,800 हो जाएगा। वहीं अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 या 2.57 तय होता है, तो यह फायदा और ज्यादा बढ़ जाएगा।

HRA कैलकुलेटर: देखें अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित गणित

नीचे दिए गए आंकड़ों में मौजूदा एचआरए दरों (X-30%, Y-20%, Z-10%) को आधार मानकर अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 1 से लेवल 10 तक के कर्मचारियों के नए वेतन और एचआरए का अनुमान लगाया गया है:

 

HRA से सैलरी में दिखेगा बंपर उछाल

अगर सरकार न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 2.28 या 2.57 को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, एक एंट्री-लेवल अफसर (लेवल 10) जो अभी दिल्ली जैसे शहर में रह रहा है, उसका सिर्फ मकान किराया भत्ता (HRA) ही बढ़कर ₹43,250 प्रति माह तक पहुंच सकता है।

Narottam Mishra Datia: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से दतिया में भारी बवाल, समर्थकों ने पुलिस पर किया पथराव, NH-44 को किया जाम

Narottam Mishra Datia: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार (10 जुलाई) को आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। तिवारी के नाम की घोषणा किए जाने के बाद वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। ऐसे में BJP का यह फैसला उनके लिए झटका माना जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि दतिया जिले के सेवढ़ा कस्बे के निवासी तिवारी लंबे समय से प्रदेश BJP संगठन में सक्रिय हैं। उम्मीदवार घोषित होने के बाद तिवारी ने प्रदेश BJP कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया है। हालांकि, दतिया में मिश्रा के समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस पर पथराव, हाईवे जाम

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने शनिवार सुबह पुलिस पर पथराव किया। वे इस बात का विरोध कर रहे थे कि BJP ने उन्हें आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिया। इस घटना में लोगों के घायल होने की खबर है। शुक्रवार रात उनके हजारों समर्थकों ने NH-44 को जाम कर दिया। इससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफ़िक पूरी तरह ठप हो गया।

एक समर्थक बलराम ने पीटीआई से कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप अपनी शर्ट उतारकर सड़क पर लेटकर प्रदर्शन किया। जबकि अन्य धरने पर बैठ गए। एक अन्य समर्थक ने कहा कि जब तक ‘नरोत्तम दादा’ को टिकट नहीं दिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे BJP छोड़ने का फैसला भी कर सकते हैं।

3000 उपद्रवियों का तांडव

दतिया के SP मयूर खंडेलवाल ने कहा, “कल दतिया शहर में 3000 से ज्यादा उपद्रवियों ने माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने बाजार बंद कराने की कोशिश की। वे कल शाम 6 बजे से ही ‘चक्का जाम’ के लिए यहां बैठे थे। कलेक्टर और मैंने उनसे कई बार यहां से हटने और ‘चक्का जाम’ खत्म करने के लिए बात की। इसकी वजह से लगभग 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। आस-पास के ज़िले भी प्रभावित हो रहे हैं। सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अचानक पुलिस पर पथराव किया।”

अधिकारी ने आगे कहा, “पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद पथराव और तेज़ हो गया। हमारे 6 से ज़्यादा जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वे सभी अस्पताल में भर्ती हैं। मुझे और एडिशनल SP को भी चोटें आईं। फिर हमने दोबारा आंसू गैस के गोले छोड़े और सख्ती दिखाते हुए उन्हें भागया। वे अब छिपे हुए हैं। उनसे कहा गया है कि या तो सरेंडर करें या शांति से चले जाएं। ‘चक्का जाम’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक जाम को हटाया जा रहा है। पूरे जिले में पुलिस बल तैनात है।”

विधानसभा चुनाव में हुई थी हार

साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से हराया था। हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने इसी वर्ष अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

भारत निर्वाचन आयोग ने हाल में अलग-अलग राज्यों की तीन विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की थी। इनमें मध्यप्रदेश की दतिया सीट भी शामिल है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, दतिया के अलावा बिहार और गुजरात की एक-एक विधानसभा सीट पर भी 30 जुलाई को मतदान होगा। जबकि मतगणना तीन अगस्त को की जाएगी।

Gold Rate Today: सोना लगातार दूसरे दिन महंगा, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक चढ़ा; चेक करें नया भाव

देश में सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन तेजी है। 11 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में कीमत और चढ़ गई है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 144960 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। मुंबई में भाव 144830 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। डॉलर में आई कमजोरी की वजह से कीमती धातुओं की डिमांड बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,106.25 डॉलर प्रति औंस हो गया है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमत में 400 रुपये की तेजी दर्ज की गई।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144960 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132910 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132760 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144830 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133510 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144830 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132760 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132910144960
मुंबई132760144830
अहमदाबाद132810144880
चेन्नई133510145650
कोलकाता132760144830
हैदराबाद132760144830
जयपुर132910144960
भोपाल132810144880
लखनऊ132910144960
चंडीगढ़132910144960

 

Silver Rate Today July 11: चांदी के दाम में फिर हलचल, जानें- 11 जुलाई को 10 ग्राम और 1 किलो सिल्वर का रेट

Silver Price Today: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। इसका असर चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार के दौरान दोनों कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। हालांकि घरेलू सर्राफा बाजार में सोने के खुदरा भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। सीजफायर समाप्त होने के बाद चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।

घरेलू और वैश्विक बाजारों में बदलते रुझानों के बीच आज यानी 11 जुलाई को भारत में चांदी का खुदरा भाव 240.10 रुपये प्रति ग्राम और 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। निवेशकों और आभूषण खरीदारों की नजरें फिलहाल चांदी के भाव पर बनी हुई हैं।

MCX पर कैसी रही चांदी की चाल?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 4 सितंबर डिलीवरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स 2,30,015 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। कारोबार के दौरान इसमें गिरावट देखने को मिली और यह 2,28,925 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो तक पहुंच गई। बाद में चांदी 2,29,401 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,456 रुपये (0.63%) कम थी।

आज का चांदी का रेट

चांदी (प्रति ग्राम): ₹240.10

चांदी (10 ग्राम): ₹2,401

चांदी (100 ग्राम): ₹24,010

चांदी (1 किलोग्राम): ₹2,40,100

क्यों बदल रही है चांदी की कीमत?

बागलकोट में चांदी की ताजा कीमतें इस प्रकार हैं:-

10 ग्राम के लिए ₹2,400, 100 ग्राम के लिए ₹24,000 और 1 किलोग्राम के लिए ₹2,40,000 देना होगा। जुलाई के ट्रेंड्स को देखें तो चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। 100 ग्राम के लिए सबसे ज्यादा कीमत ₹25,000 दर्ज की गई। जबकि सबसे कम कीमत ₹0 तक पहुंच गई। 1 किलोग्राम के मामले में, चांदी की कीमतें ₹2,50,000 और ₹0 के बीच रहीं।

चांदी में बिकवाली

4 सितंबर डिलीवरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स 2,30,015 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। जबकि पिछले सत्र में इसका बंद भाव 2,30,857 रुपये था। कारोबार के दौरान चांदी 2,28,925 रुपये प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गई। बाद में यह 2,29,401 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी, जो पिछले बंद भाव से 1,456 रुपये (0.63%) कम है।

चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों, डॉलर की चाल, औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में बढ़ती मांग भी चांदी की कीमतों को प्रभावित करती है। चांदी के खुदरा दाम शहर, ज्वेलर और टैक्स के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं। खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार से ताजा कीमत की पुष्टि करना उचित रहेगा।

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Petrol Diesel Price Today: आज जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 11 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: आज कर रहे हैं योगिनी एकादशी का व्रत, जानें कब से कब तक रहेगा राहुकाल

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत करने से 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य फल मिलता है। इस बार योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन किया जा रहा है, 10 जुलाई और 11 जुलाई 2026 को। 10 जुलाई को आषाढ़ माह की एकादशी तिथि सूर्योदय के समय व्यप्त नहीं थी, जबकि आज यानी 11 जुलाई को सूर्योदय एकादशी तिथि में हुआ है। इसलिए, उदयातिथि के अनुसार आज भी योगिनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। कल जहां भगवान विष्णु के गृहस्थ भक्तों ने व्रत किया था, वहीं आज श्री हरि के वैष्णव भक्त यह उपवास कर रहे हैं। आज के दिन पूजा करते समय राहुकाल का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें आज राहुकाल का समय क्या है?

11 जुलाई राहुकाल का समय

11 जुलाई दिन शनिवार को राहुकाल सुबह 8 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।

राहु जल्दबाजी में लिए फैसलों का प्रतीक

राहु भ्रम, माया, अचानक इच्छा, प्रलोभन और जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों का प्रतीक है। राहुकाल के दौरान, मन स्पष्ट नहीं होता है। इसलिए वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल नए प्रोजेक्ट शुरू करने, महत्वपूर्ण निर्णय लेने या बड़ी मात्रा में धन खर्च करने के लिए एक अशुभ समय माना गया है।

राहुकाल के दौरान बड़े खर्चों से बचें

ज्योतिष में राहुकाल को ऐसा समय माना जाता है जब नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। वैदिक ज्योतिष में राहु को भ्रम, अनिश्चितता, लालच और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक माना जाता है। इसलिए इस समय किए गए बड़े आर्थिक निर्णयों में बाधा या पछतावे की आशंका की स्थिति बन सकती है। ज्योतिष के अनुसार, महत्वपूर्ण कार्य ऐसे समय में शुरू हों जब ग्रहों का प्रभाव अनुकूल माना जाए। इसलिए घर, वाहन, सोना, जमीन, या किसी बड़े निवेश की शुरुआत राहुकाल में अशुभ मानी जाती है। वित्तीय निर्णयों के लिए एक स्पष्ट और शांत दिमाग की जरूरत होती है। राहुकाल एक ऐसा समय हो सकता है जब लोग डर, लालच, दबाव या उत्तेजना से प्रभावित हो सकते हैं।

राहुकाल में न लें ये अहम वित्तीय फैसले

इस अवधि के दौरान कार, फोन, लैपटॉप, सोना, संपत्ति, महंगे कपड़े, उपकरण या लक्जरी उत्पाद ना खरीदें। इसी तरह, कोई भी फाइनेंस से संबंधित डॉक्यूमेंट्स पर साइन ना करें, पैसा उधार ना दें, संदिग्ध योजनाओं में निवेश ना करें, आपातकाल को छोड़कर किसी भी तरह के बड़े भुगतान करने से बचें, लिखित डॉक्यूमेंट्स के बिना कोई अग्रिम भुगतान ना करें।

राहुकाल के दौरान सरल उपाय

राहुकाल के दौरान ॐ राहवे नमः का 108 बार जप करें या कुछ मिनटों के लिए शांत रहें। किसी से भी बहस ना करें, झूठ ना बोलें, शॉर्टकट ना अपनाएं, लालची ना बनें। साथ ही, शनिवार को आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, काले तिल या कंबल दान करना चुन सकते हैं।

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Rashifal Today: आज के दिन बजट पर दें ज्यादा ध्यान, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में धैर्य और समझदारी से काम लेने का संकेत देता है। आज जल्दबाजी में खर्च करने या बिना सोचे-समझे निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। बचत, सही बजट और भविष्य की योजना बनाने पर ध्यान देने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आज का दिन आर्थिक मामलों को व्यवस्थित करने के लिए अच्छा रहेगा। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें और देखें कि वे आपके भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार हैं या नहीं। बिना जरूरत खर्च करने से बचें। सोच-समझकर उठाया गया कदम भविष्य में आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से संतोषजनक दिन रहेगा। नई तकनीक या नए काम से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। हालांकि किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। लंबी अवधि के निवेश और बचत की योजना बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा। धैर्य बनाए रखें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा साबित हो सकता है। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें। आकर्षक ऑफर या जल्द लाभ देने वाले प्रस्तावों के झांसे में न आएं। सुरक्षित और संतुलित आर्थिक योजना अपनाने से भविष्य में अच्छा फायदा मिल सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। यह समय अपनी योजनाओं पर विचार करने और भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट करने का है। यदि किसी निवेश का विचार है तो फिलहाल उसे टालना बेहतर रहेगा। पहले पूरी जानकारी जुटाएं और फिर निर्णय लें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने के बजाय सोचने और योजना बनाने का दिन है। अपने भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान दें और उन्हें स्पष्ट करें। अभी तुरंत लाभ के बजाय लंबी अवधि की योजना पर काम करना आपके लिए अधिक फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं, खासकर नई तकनीक या नए कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में। लेकिन किसी भी फैसले से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। सही योजना से लाभ मिलने की संभावना है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आज आर्थिक मामलों में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर सुधार करें। फिजूल खर्च से बचें और बचत पर ध्यान दें। आपकी समझदारी भविष्य में आर्थिक स्थिरता लाने में मदद करेगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने के बजाय अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति का आकलन करें। अपने भविष्य के लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत हो तो वित्तीय योजना में बदलाव करें। नए निवेश या बड़ी खरीदारी करने से पहले पूरी तैयारी करें। धैर्य और सही रणनीति आपको आगे सफलता दिलाएगी।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर सामने आ सकते हैं, खासकर तकनीक और नए विचारों से जुड़े क्षेत्रों में। निवेश करने से पहले उसके फायदे और जोखिम दोनों को अच्छी तरह समझ लें। भरोसेमंद लोगों की सलाह लेना आपके लिए लाभदायक रहेगा। सही योजना भविष्य में अच्छा लाभ दे सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Ferrari 849 Testarossa Review: 1,050 PS पावर वाली इस सुपरकार में क्या है खास? जानें कीमत से परफॉर्मेंस तक सब कुछ

Ferrari ने 15 मार्च, 2026 को भारत में अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa लॉन्च की थी। जिसकी शुरुआती कीमत 10.37 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह एक प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार है, जो Ferrari SF90 Stradale की जगह लेगी और Lamborghini Revuelto को टक्कर देगी। अब चलिए इस कार के बारे में डिटेल में जानते हैं।

Testarossa नाम की कहानी करीब 70 साल पुरानी है। साल 1956 में Ferrari ने इस नाम का इस्तेमाल अपनी रेसिंग कारों के लिए किया था। उन कारों में लाल रंग के कैम कवर होते थे। बता दें कि इटैलियन भाषा में “Testarossa” का मतलब “रेड हेड” (लाल सिर) होता है। वहीं, Ferrari ने अब इतने लंबे समय बाद इस नाम को फिर से इस्तेमाल किया है।

Ferrari 849 Testarossa के नाम में “849” का मतलब इसके इंजन से जुड़ा है। इसमें 8 सिलेंडर वाला इंजन दिया गया है और हर सिलेंडर की क्षमता करीब 490cc है। Ferrari का कहना है कि यह अब तक की उनकी सबसे पावरफुल प्रोडक्शन कार है।

SF90 के डिजाइन से अलग एक नया लुक

डिजाइन की बात करें तो, इसका फ्रंट SF90 की स्टाइलिंग से अलग है। Ferrari ने इसके लिए 1970 के दशक की एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 के दशक की टेस्टारोसा (Testarossa) से प्रेरणा ली है। कार में पतली LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक काले रंग की पट्टी के अंदर लगी हैं। और इसके नीचे दिया गया एक ब्रिज जैसा डिजाइन एरोडायनामिक स्पॉइलर का काम करता है।

इसके अलवा, कार के बड़े निचले एयर वेंट्स कूलिंग में मदद करते हैं, और इसके फ्रंट डिफ्यूजर में कार्बन-फाइबर इंसर्ट्स लगे हैं। नए डिजाइन किए गए फ्रंट अंडरफ्लोर से कार का कुल 35% डाउनफोर्स मिलता है।

कार के साइड में, 20-इंच के पहियों के साथ सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और अलग-अलग साइज के टायर (staggered tyres) दिए गए हैं। पिछले पहिये के आर्च के आगे स्कुडेरिया फेरारी (Scuderia Ferrari) का बैज लगा है। इसके दरवाजे एयर इनटेक का भी काम करते हैं, जो इंटरकूलर और पिछले ब्रेक तक हवा पहुंचाते हैं। इसमें कार्बन फाइबर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है, जिसमें साइड स्कर्ट, व्हील आर्च और एरोडायनामिक डक्ट्स शामिल हैं।

1970 के दशक की रेसिंग ट्रिक

इसके पिछले हिस्से में ट्विन-टेल डिजाइन दिया गया है, जिसे कंपनी ने 1970 के दशक की 512S रेसिंग कार से लिया है। इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर मिलता है, जो एक सेकंड से भी कम समय में अपनी स्थिति बदल सकता है। यह जरूरत के हिसाब से कार को कम हवा का दबाव (लो-ड्रैग) या ज्यादा पकड़ (हाई-डाउनफोर्स) देने में मदद करता है। यह स्पॉइलर कार में 100 किलोग्राम तक अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है।

250 km/h की रफ्तार पर, कुल डाउनफोर्स 415 kg तक पहुंच जाता है, जो SF90 Stradale के डाउनफोर्स से ज्यादा है। पिछले हिस्से में कार्बन-फाइबर डिफ्यूजर और बीच में लगे ट्विन एग्जॉस्ट हैं, जो इसके अंदर लगे V8 इंजन की ओर इशारा करते हैं।

1,050 PS:  Ferrari की अब तक की सबसे दमदार रोड कार

इंजन देखें तो, 849 Testarossa में 3.9-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर देता है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जुड़ी हैं: इनमें से दो मोटर आगे के पहियों पर लगी हैं, जो ऑल-व्हील ड्राइव और टॉर्क वेक्टरिंग में मदद करती हैं, जबकि तीसरी मोटर पीछे की तरफ दी गई है, जिसमें Ferrari की फॉर्मूला-1 तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कुल मिलाकर यह 1,050 PS की पावर देती है। इसमें 7.45 kWh की बैटरी दी गई है, जिसेसे सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में 25 km तक चलाया जा सकता है।

इसके अलावा, इस कार में आठ-स्पीड डुअल-क्लच गियरबॉक्स है, जिसे साइड स्लिप कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल, ABS Evo और Ferrari के 5 व्हीकल डायनामिक्स एस्टिमेटर जैसे सिस्टम का सपोर्ट मिलता है।

Ferrari के अनुसार, यह कार 0-100 km/h की रफ्तार 2.3 सेकंड से भी कम समय में और 0-200 km/h की रफ्तार लगभग 6.3 सेकंड में पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 330 km/h से ज्यादा है।

रेस कार जैसा कॉकपिट

इंटीरियर की बात करें तो, केबिन में लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, इसमें एक फ्लोटिंग डैशबोर्ड और पैसेंजर के लिए परफॉर्मेंस डेटा दिखाने वाला डिस्प्ले भी है। ड्राइवर को वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto के साथ 16-इंच का डिजिटल डिस्प्ले भी मिलता है। इसके अलावा, इसके अंदर ऊंचे सेंटर कंसोल पर गियर सेलेक्टर लगा है, जिस पर ब्रश किए हुए एल्युमीनियम की फिनिशिंग है।

स्टेयरिंग व्हील में फेरारी के पुराने हैप्टिक कंट्रोल्स के बजाय फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं। सीटें कार्बन-फाइबर रेसिंग बकेट स्टाइल की हैं और उन पर अल्कांतारा की ट्रिमिंग है। साथ ही, इन्हें अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज करने का ऑप्शन भी मिलता है।

बता दें कि Ferrari भारत में मुंबई और नई दिल्ली की डीलरशिप के जरिए यह कार बेचती है और बेंगलुरु से सर्विस सपोर्ट देती है।

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Assam Budget Polygamy Proposals: असम में बहुविवाह करने वालों पर हिमंत सरकार का नया कठोर एक्शन प्लान हुआ रिवील

Assam Budget Polygamy Proposals: असम सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में बड़ा प्रस्ताव रखा। इसके तहत, जो पुरुष एक से ज्यादा शादी (बहुविवाह) करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, अगर कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे नौकरी से भी निकाला जा सकता है।

बता दें कि अपना पहला बजट पेश करते हुए, राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का फायदा सिर्फ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचना चाहिए, बल्कि इनसे समाज में “समावेशिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों” को भी बढ़ावा मिलना चाहिए।

बरुआ ने कहा, “महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए, एक से ज्यादा शादियां करने वाला कोई भी पुरुष सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का फायदा उठाने के योग्य नहीं होगा।”

बजट में ‘असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964’ में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके तहत, अगर कोई सरकारी कर्मचारी एक से ज्यादा शादियां (बहुविवाह) करते हुए पाया जाता है, तो उसे कानून के अनुसार नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है।

बरुआ ने कहा, “ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने के लिए, मेरा प्रस्ताव है कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराया गया व्यक्ति सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के योग्य नहीं होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमित बजट उपलब्ध नहीं था, इसलिए सरकार अगस्त से कल्याणकारी योजनाओं को फिर से शुरू करेगी।

अलग-अलग वर्गों के लिए शुरू की गई नई कल्याणकारी योजनाएं

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने अलग-अलग वर्गों के लोगों के लिए कई नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के लिए सरकार 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट अलग-अलग मदों में आवंटित करने का प्रस्ताव रखती है।

उन्होंने बताया कि सभी लाभार्थी आधारित योजनाओं को डिजिटल सिस्टम के जरिए लागू किया जाएगा। इसके लिए DIDS (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर DBT स्कीम्स) का इस्तेमाल होगा, जिसमें आधार आधारित पहचान (Aadhaar Authentication) भी शामिल होगी।

वित्त मंत्री ने 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया

बरुआ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया और छोटे चाय उत्पादकों के लिए टैक्स छूट की सीमा को चार गुना बढ़ाने और पाइप्ड नेचुरल गैस पर VAT को लगभग 10% कम करने का प्रस्ताव रखा।

इसके अलावा, उन्होंने पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई सभी प्रमुख योजनाओं को जारी रखने की भी घोषणा की, साथ ही बजट घाटे को घटाकर 419 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा।

राज्य का बजट पेश करने के बाद, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए, बहुविवाह करने वाला कोई भी पुरुष किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने का पात्र नहीं होगा। किसी भी आपराधिक कानून के तहत अपराध का दोषी ठहराया गया कोई भी व्यक्ति अधिसूचित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का पात्र नहीं होगा।”

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