Google Pixel 11 Pro Fold अगले महीने होगा लॉन्च, 4800mAh बैटरी और Tensor G6 चिप के साथ

Google Pixel 11 Pro Fold अगस्त में सीरीज के दूसरे फोन्स – Pixel 11, Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL, के साथ लॉन्च होने के लिए तैयार है। यह डिवाइस जबरदस्त होगा, लेकिन मेमोरी की बढ़ती कीमतों के कारण इसकी कीमत ज्यादा हो सकती है। वहीं, इस फोन से जुड़ी लीक और अफवाहें पहले से ही इंटरनेट पर शेयर हो रही हैं। तो चलिए लीक और अनुमानों के आधार पर इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स और लॉन्च डेट के बारे में जानते हैं।

भारत में Google Pixel 11 Pro Fold की कीमत और लॉन्च डेट

Google Pixel 11 Pro Fold का 16GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट भारत में ₹1,74,999 से ₹1,89,999 की कीमत रेंज में आ सकता है। इसके अलावा, यह फोन 12 अगस्त, 2026 को ‘Made By Google’ इवेंट में लॉन्च किया जाएगा, जिसकी पुष्टि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कर दी है। अभी तक फोन के कलर वेरिएंट्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

Google Pixel 11 Pro Fold का कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Google Pixel 11 Pro Fold में 6.5-इंच का OLED इनर और 8.5-इंच का LTPO OLED आउटर डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। यह फोन 2nm प्रोसेस पर आधारित Google Tensor G6 चिपसेट पर भी चल सकता है। इसके साथ ही, यह फोन Android 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा। इसके अलावा, Pixel 11 Pro Fold में 4800mAh की बैटरी मिल सकती है, जो 30W वायर्ड और 23W वायरलेस फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।

कैमरे की बात करें तो, इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी वाइड-एंगल कैमरा, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा और 5x तक ऑप्टिकल जूम वाला 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा शामिल हो सकता है। इसके अलावा, इस डिवाइस में 10.5MP का कवर सेल्फी कैमरा और 10.5MP का इनर सेल्फी कैमरा भी मिल सकता है।

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नीता अंबानी बनीं Fortune India की मोस्ट पावरफुल वुमन, लिस्ट में मिला पहला स्थान

Nita Ambani: रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी को फॉर्च्यून इंडिया की ‘मोस्ट पावरफुल वुमन’ की लिस्ट में पहला स्थान मिला है। उनकी लीडरशिप में, रिलायंस फाउंडेशन ने पूरे भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया है, जिनमें 2.9 करोड़ बच्चे भी शामिल हैं।

यह सम्मान उनके दूरदर्शी नेतृत्व, मजबूत संस्थानों के निर्माण, सभी के विकास के लिए किए गए लगातार प्रयासों और इस विश्वास को दर्शाता है कि असली सफलता लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने से मिलती है।

RIL ने सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने नीता अंबानी को यह सम्मान मिलने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की है, और कैप्शन में लिखा, “श्रीमती नीता एम. अंबानी को फॉर्च्यून इंडिया की ‘मोस्ट पावरफुल वुमन’ की लिस्ट में पहला स्थान मिलने पर बधाई। यह सम्मान उनकी दूरदर्शी लीडरशिप, संस्थान निर्माण और समावेशी विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनकी लीडरशिप में, रिलायंस फाउंडेशन ने पूरे भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया है, जिनमें 2.9 करोड़ बच्चे भी शामिल हैं।”

3 जुलाई को फ्लोरिडा में भी मिला था सम्मान

इससे पहले 3 जुलाई को, फ्लोरिडा के टाम्पा में आयोजित एक समारोह में ‘अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन’ (AAPI) ने नीता अंबानी को प्रतिष्ठित ‘AAPI ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था।

यह अवॉर्ड हेल्थकेयर, शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में नीता अंबानी के असाधारण योगदान को मान्यता देता है। साथ ही, यह समाज की सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को भी सम्मान देता है, जिसे वे करुणा, सम्मान और एक मकसद के साथ निभाती हैं।

उनके मानवीय प्रयासों को और सम्मान देते हुए, टाम्पा की मेयर जेन कैस्टर ने भी नीता अंबानी को ‘Key to the City of Tampa’ सम्मान से नवाजा, जो अमेरिका के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक है। बता दें कि यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने काम से समाज और मानवता पर सकारात्मक और महत्वपूर्ण प्रभाव डाला हो।

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2026 Nissan Tekton Visia base variant image gallery

2026 Nissan Tekton Visia base variant

The Visia is the entry-level variant of the Nissan Tekton and is priced at Rs 10.49 lakh (ex-showroom). Despite its base-variant positioning, it gets automatic LED headlamps, LED DRLs and tail-lights, 17-inch steel wheels with covers and a roof spoiler. Inside, the Visia features a 7-inch digital instrument display, manual AC, rear AC vents, a four-speaker Arkamys audio system and a height-adjustable driver’s seat. Safety kit includes six airbags, ESC, traction control, hill-start assist, TPMS and rear parking sensors. The Tekton Visia is powered by a 100hp, 1.0-litre turbo-petrol engine, paired with a 6-speed manual gearbox.

DMart June Quarter Results: डीमार्ट का स्टैंडएलोन प्रॉफिट जून तिमाही में 12.8 फीसदी बढ़ा

DMart June Quarter Results: एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने 11 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 12.8 फीसदी बढ़कर 935.8 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से स्टैंडएलोन रेवेन्यू 15.1 फीसदी बढ़कर 18,343.5 करोड़ रुपये रहा। कंसॉलिडेटेड आधार पर कंपनी का प्रॉफिट 11.3 फीसदी बढ़कर 860.6 करोड़ रुपये रहा।

मेट्रो शहरों में पुराने स्टोर्स की ग्रोथ फ्लैट

ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 15 फीसदी बढ़कर 18,794.5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के सीईओ और मैनेजिंड डायरेक्टर अंशुल असावा ने कहा कि जून तिमाही में दो साल और इससे पहले के डीमार्ट के स्टोर्स की ग्रोथ 5.5 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में यह 7.1 फीसदी थी। जून तिमाही में मेट्रो शहरों में कंपनी के पुराने स्टोर्स की ग्रोथ फ्लैट रही। नॉन-मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ अच्छी रही।

कुल रेवेन्यू में फूड कैटेगरी की हिस्सेदारी घटी

डीमार्ट की मुख्य फूड्स कैटेगरी का रेवेन्यू शेयर घटकर जून तिमाही में 54.93 फीसदी पर आ गया। यह एक साल पहले की समान अवधि में 55.60 फीसदी था। कंपनी ने 11 जुलाई को इनवेस्टर प्रजेंटेशन में इस बारे में बताया। इस कैटेगरी में स्टेपल्स, ग्रॉसरी, डेयरी, प्रोसेस्ड फूड्स और फल एवं सब्जियां शामिल हैं। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इस कैटेगरी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। हालांकि, ई-कॉमर्स से बढ़ती प्रतियोगिता की वजह से इस कैटेगरी पर दबाव दिख रहा है।

जून तिमाही में कंपनी ने तीन नए स्टोर्स खोले

नॉन-फूड कंज्यूमर गुड्स की कंपनी की कुल रेवेन्यू में हिस्सेदारी 19.60 फीसदी पर स्टेबल बनी रही। इस कैटेगरी में पर्सनल केयर, टॉयलेट्रीज, होम केयर जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कुल रेवेन्यू में जनरल मर्चेंडाइज और अपैरल की हिस्सेदारी बढ़कर 25.47 फीसदी हो गई। यह एक साल पहले की समान अवधि में 24.73 फीसदी से ज्यादा है। जून तिमाही में डीमार्ट ने तीन नए स्टोर ओपन किए। इससे इसके स्टोर्स की संख्या बढ़कर जून के अंत में 503 हो गई।

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कंपनी की ई-कॉमर्स इकाई को लॉस

कंपनी कलस्टर आधारित एक्सपैंशन स्ट्रेटेजीज पर फोकस कर रही है। प्रति वर्ग फुट सेल्स से रेवेन्यू की बात की जाए तो इसमें साल दर साल आधार पर 2.37 फीसदी गिरावट आई। कंपनी की ई-कॉमर्स इकाई Avenue E-Commerce (AEL) का कुल लॉस 91.39 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी डीमार्ट रेडी ऑनलाइन ग्रॉसरी बिजनेस को ऑपरेट करती है। AEL के होल टाइम डायरेक्टर और सीईओ विक्रम दासु ने कहा कि हमने जून तिमाही में सात शहरों में अपने ऑपरेशंस बंद कर दिए हैं।

Ujjivan Small Finance Bank: इस स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर एक महीने में 22% चढ़ा, क्या अभी निवेश का मौका है?

Ujjivan Small Finance Bank: निवेशकों की दिलचस्पी स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) के शेयरों में बढ़ी है। ज्यादातर एसएफबी के शेयरों ने अच्छे रिटर्न दिए है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस का शेयर बीते एक महीने में 22 फीसदी चढ़ा है। इस एसएफबी की एसेट क्वालिटी अच्छी है। बैंक के तिमाही नतीजे भी अच्छे रहे हैं। मार्च तिमाही में बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (आरओए) ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

25 फीसदी से ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ का टारगेट

उज्जीवन एसएफबी का मार्जिन बढ़ा है और क्रेडिट कॉस्ट में कमी आई है। बैंक ने सेक्योर्ड लेंडिंग पर फोकस बढ़ाया है, जिसका असर लंबी अवधि में इसकी RoA ग्रोथ पर दिख सकती है। बैंक ने बिजनेस की ग्रोथ के लिए बड़ा प्लान बनाया है। उसने स्ट्रॉन्ग डिस्बर्समेंट की बदौलत 25 फीसदी से ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ का टारगेट रखा है। उसका फोकस पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन पर भी है। बैंक को रिटेल टर्म डिपॉजिट पर फोकस का भी फायदा मिलेगा।

मार्जिन 8.5 फीसदी पर बने रहने की उम्मीद

बैंक का मार्जिन करीब 8.5 फीसदी बने रहने की उम्मीद है। इसमें फंडिंग की घटती कॉस्ट का हाथ होगा। बेहतर प्रोडक्टिविटी और कम ऑपरेटिंग कॉस्ट का पॉजिटिव असर बैंक के प्रॉफिट पर दिखेगा। बीते चार साल में बैंक के एसेट अंडर मैनेजमेंट का CAGR 22 फीसदी रहा है। इसमें सेक्योर्ड पोर्टफोलियो खासकर एमएसएमई लेंडिंग और मार्टेगेजेज का हाथ है।

जून तिमाही के बिजनेस अपडेट से पॉजिटिव संकेत

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लोन डिस्बर्समेंट में अच्छा इजाफा दिखा है। बैंक के बिजनेस अपडेट्स से यह जानकारी मिली है। अपडेट्स से उज्जीवन एसएफबी का प्रदर्शन दूसरे एसएफसी के मुकाबले बेहतर रहने के संकेत मिले हैं। तिमाही दर तिमाही और साल दर साल आधार पर डिपॉजिट और क्रेडिट ग्रोथ अच्छी रही है।

इस वित्त वर्ष में 140 नए ब्रांच ओपन करने का प्लान

आगे सेक्योर्ड लेंडिंग सेगमेंट की ग्रोथ करीब 40 फीसदी रहने की उम्मीद है। एमएफआई ग्रोथ 10 फीसदी के करीब रह सकती है। बैंक के टोटल लोन बुक में व्हीकल फाइनेंस, गोल्ड लोन, माइक्रो-मॉर्टगेजेज और एग्री-बैंकिंग की हिस्सेदारी तेजी से बढ़कर 6 फीसदी तक पहुंच गई है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इससे FY27 में मार्जिन स्थिर बना रह सकता है। इस वित्त वर्ष में बैंक का 140 नए ब्रांच ओपन करने का प्लान है।

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एमएफआई में रिकवरी पर दांव लगाने का मौका

अभी बैंक के शेयरों में इसकी FY28 की अनुमानित बुक वैल्यू के 1.3 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। एमएफआई में रिकवरी पर दांव लगाने के लिए उज्जीवन एसएफबी का शेयर सही विकल्प हो सकता है। मीडियम टर्म में बैंक की एसेट क्वालिटी में इम्प्रूवमेंट जारी रहने की उम्मीद है। अगर बैंक को यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस मिलता है तो ग्रोथ को पंख लग सकते हैं।

अमेरिका में भारतीय युवक को 10 साल से ज्यादा की जेल, 600 से ज्यादा बाल शोषण फोटो बरामद

28 साल के भारतीय नागरिक आशीष कपूर उर्फ रोमी कपूर को अमेरिकी अदालत ने 121 महीने (10 साल और 1 महीना) की जेल की सजा सुनाई है। रोमी कपूर पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण वाली तस्वीरें, वीडियो रखने और उन्हें ले जाने के गंभीर आरोप लगे हैं।अशिश कपूर फरवरी 2024 में मुंबई से न्यू ऑरलियन्स (N

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Vietnam Boat Accident: वियतनाम बोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, देखें वीडियो

Vietnam Boat Accident: शनिवार, 11 जुलाई को वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। वहीं, इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। तेज लहरों और खराब समुद्री स्थिति के कारण यह नाव फु क्वोक के पास होन मे रूट नगोई द्वीप के पास पलट गई।

सोशल मीडिया पर आए कुछ वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया। हालांकि, CNN-News18 ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

इस घटना में अधिकारियों ने 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिसमें तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट भी शामिल हैं। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए गए हैं।

दूतावास ने ‘X’ पर कहा, “एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।”

क्या हुआ था?

लोकल मीडिया के अनुसार, 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट ‘हॉन मे रुट आइलैंड’ से ‘एन थोई पोर्ट’ जा रही थी, तभी वह किनारे से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई। बताया जा रहा है कि उस समय समुद्र में हालात खराब थे।

वहीं, बचाव कार्य शुरू करने के लिए लोकल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य में शामिल एक बोट ऑपरेटर ने VnExpress को बताया कि उनकी बोट लगभग पांच मिनट में ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन कई यात्री पलटी हुई बोट के अंदर फंसे हुए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया।

बता दें कि यह घटना वियतनाम में पिछले साल हुई एक और बोट दुर्घटना के लगभग एक साल बाद हुई है। जुलाई 2025 में, ‘हा लॉन्ग बे’ में अचानक आए तूफान के दौरान 48 लोगों (जिनमें कम से कम 20 बच्चे शामिल थे) को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट पलट गई थी, जिसमें कम से कम 39 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस घटना को पिछले 20 से ज्यादा सालों में वियतनाम की सबसे घातक समुद्री दुर्घटना माना गया था।

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Cochin Shipyard Share Price: बीते 6 महीनों में 10% गिरावट के बाद कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में निवेश का बड़ा मौका

Cochin Shipyard Share Price: किसी सरकारी कंपनी का शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ऐलान के बाद गिरने लगता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को लगता है कि कंपनी डिस्काउंट पर अपने शेयर बेचेगी। कंपनी के कई मौजूदा इनवेस्टर्स ओएफएस से पहले अपने शेयर बेचते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शेयर की कीमत गिरकर डिस्काउंटेड ऑफर प्राइस के करीब पहुंच जाएगी। कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस के वक्त भी ऐसा देखने को मिला।

OFS के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट 

सरकार ने कोचिन शिपयार्ड में ओएफएस के जरिए अपनी 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उसने प्रति शेयर 1400 रुपये का प्राइस तय किया था। इसके बाद शेयर की कीमत इस साल मई के मध्य में 1800 रुपये से करीब 7 फीसदी गिर गई। हालांकि, इस गिरावट से शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है। लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट है। शिप रिपेयर क्षमता भी बढ़ रही है।

26000 करोड़ रुपये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 26,000 करोड़ रुपये की है। यह FY26 में रेवेन्यू की छह गुनी है। इससे अगले कुछ सालों तक कंपनी के रेवेन्यू की तस्वीर साफ है। आगे डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। कंपनी इनके लिए बोली लगाएगी। मैनेजमेंट को मीडियम टर्म में ऑर्डर बुक 12-15 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह नवल शिपबिल्डिंग, कमर्शियल शिप और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते मौके हैं।

45 फीसदी का दमदार मार्केट शेयर 

भारत में शिप-रिपेयर इंडस्ट्री में कोचिन शिपयार्ड ने अपनी अच्छी पैठ बना ली है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी तक पहुंच गई है। यह अकेली भारतीय शिपयार्ड कंपनी है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर की रिपेयरिंग क्षमता भी है। पिछली 2-3 तिमाहियों में इस सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन, मैनेजमेंट को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन सालों में शिप रिपेयर से करीब 2,500 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट रखा है। वाडिनार शिफ रिपेयर फैसिलिटी के तैयार हो जाने पर कंपनी की रिपेयिरंग क्षमता बढ़ जाएगी।

15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस

मैनेजमेंट ने रेवेन्यू ग्रोथ के लिए करीब 15 फीसदी गाइडेंस दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही से एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रोथ बढ़ाने के लिए कंपनी ने अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। यह कंपनी के 6,500 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है। कंपनी नॉन-डिफेंस ग्रोथ के रास्ते भी तलाश रही है।

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शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर 

कंपनी के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 32 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह इसके एक साल के औसत करीब 65 गुना के फॉरवर्ड पी/ई से काफी कम है। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन में कमी आई है, जबकि फंडामेंटल्स बेहतर हुए हैं। अभी शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, बढ़ता शिप रिपेयरिंग बिजनेस और बेहतर होती अर्निंग्स की तस्वीर शेयर को अट्रैक्टिव बनाती है।

Gold Price Outlook: सोना अभी खरीदे या थोड़ा और रुकें? एक्सपर्ट्स ने बताया दिवाली तक का ये टारगेट

Gold Price Diwali Target Outlook: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई का डर एक बार फिर बढ़ गया है। इस तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक एक बार फिर बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,000 प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, वहीं घरेलू बाजार में सोने की कीमतें फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशक और आम खरीदार असमंजस में हैं कि अभी सोना खरीदना चाहिए या नहीं। आइए समझते हैं कि दिवाली तक सोने की चाल कैसी रह सकती है।

क्या सोने की कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी या भारी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। अगर यहां से कीमतों में कोई गिरावट आती भी है, तो वह महज 5% तक ही सीमित रहने की संभावना है। घरेलू बाजार में सोने को ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बेहद मजबूत सपोर्ट पर है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए।

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

सोने की मौजूदा तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:

भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते विवाद ने निवेशकों को शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से निकालकर सोने की तरफ आकर्षित किया है।

कच्चा तेल और महंगाई: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है, जिससे हेजिंग के लिए सोने की मांग बढ़ी है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही है।

दिवाली तक कहां पहुंच सकता है सोना?

दिवाली पर सोने के भाव को लेकर विश्लेषकों ने दो तरह की संभावनाएं जताई हैं:

पहली स्थिति: अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और स्थितियां सामान्य होती हैं, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमतें छलांग लगाते हुए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकती हैं।

दूसरी स्थिति: अगर तनाव और अनिश्चितता का माहौल आगे भी बरकरार रहता है, तो सोने के दाम ₹1.35 लाख से ₹1.45 लाख के सीमित दायरे में ही बने रहेंगे।

ग्लोबल टारगेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को $3,800 पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि लंबी अवधि के लिए $5,100 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्वैलरी मार्केट में लौटी रौनक, खरीदारी का अच्छा मौका

सोने की कीमतों में आई हालिया मामूली गिरावट ने ज्वैलरी बाजार में ग्राहकों की डिमांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जब कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई पर थीं, तब बिक्री में भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। अगस्त और सितंबर से शुरू होने वाले आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस साल दिवाली पर सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले बेहतर या उसके बराबर रह सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE दुनिया के 30 से ज्यादा इनवेस्टर्स को इस महीने अपने आईपीओ के बारे में बताएगा

एनएसई इस महीने दुनिया के 30 से ज्यादा बड़े इनवेस्टर्स को अपने आईपीओ के बारे में जानकारी देगी। एक्सचेंज ने पिछले महीने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। इस साल दो बड़े मेगा आईपीओ बाजार में आने वाले हैं। एनएसई के अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स का भी आईपीओ आने वाला है। ये दोनों ही बड़े आईपीओ होंगे।

एनएसई के आईपीओ के बारे में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि अगले हफ्ते इनवेस्टर मीटिंग्स शुरू हो जाने की उम्मीद है। एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग अक्तूबर में हो जाने की उम्मीद है। इस बारे में पूछने पर एनएसई के प्रवक्ता ने कहा कि एक्सचेंज ने रेगुलेटर के पास पेपर फाइल कर दिए हैं। इस वक्त इस बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।

रायटर्स ने पिछले महीने अपने सूत्रों और प्राइवेट मार्केट ट्रेड्स के हवाले से बताया था कि एनएसई का आईपीओ 3.3 अरब डॉलर का हो सकता है। एनएसई के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। भारत के दूसरे बड़े एक्सचेंज BSE का आईपीओ 2017 में आया था। लिस्टिंग के बाद से बीएसई के शेयर की कीमत 30 गुना से ज्यादा हो गई है।

बीएसई का मुकाबला एनएसई से है। बीते कुछ सालों में बीएसई के प्रदर्शन में सुधार दिखा है। FY26 में इसकी रेवेन्यू ग्रोथ 88 फीसदी रही। एनएसई के रेवेन्यू में इस दौरान 3 फीसदी की गिरावट आई। इसमें डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के सेबी के सख्त नियमों का ब़ड़ा हाथ है। हालांकि, एनएसई का रेवेन्यू बीएसई का करीब छह गुना है।

NSE इनवेस्टर्स को अपने संभावित प्रदर्शन के बारे में बताएगा। वह इनवेस्टर्स को बताएगा कि अगले पांच सालों में कैश इक्विटीज और इक्विटीज फ्यूचर्स की सालाना टर्नओवर ग्रोथ 12 फीसदी रह सकती है। इक्विटी ऑप्शंस की ग्रोथ अगले पांच सालों में सालाना 10 फीसदी रह सकती है। अभी इक्विटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग में एनएसई की हिस्सेदारी 100 फीसदी है। कैश मार्केट में हिस्सेदारी 93 फीसदी है और इक्विटी ऑप्शंस में 75 फीसदी है।

एनएसई ने कहा है कि भारत में शेयर बाजार तक लोगों की पहुंच अभी विकसित देशों के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए शेयर ट्रेडिंग का वॉल्यूम बढ़ने की काफी ज्यादा संभावना है। एनएसई को करेंसी डेरिवेटिव्स मार्केट में भी अपनी ग्रोथ 15 फीसदी रहने की उम्मीद है। एनएसई का सीनियर मैनेजमेंट अगले हफ्ते से संस्थागत निवेशकों से मुलाकात का सिलसिला शुरू करेगा। मैनेजमेंट सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग इस महीने के अंत तक रोडशो कर सकता है।