Two-wheeler registrations grew 21 percent YoY in June 2026

Podium with Activa, Splendor, and Raider

India’s two-wheeler market registered 18.26 lakh units in June 2026, a 21 percent year-on-year increase over the 15.09 lakh units sold in June 2025, according to data from JATO Dynamics India. On a month-on-month basis, volumes eased slightly from the 18.58 lakh units recorded in May, marking a marginal 1.7 percent decline that JATO described as normal seasonal moderation.

  1. Two-wheeler registrations up 21 percent YoY to 18.26 lakh units in June 2026
  2. Electric two-wheelers account for 10.6 percent of monthly registrations
  3. Hero MotoCorp leads with a 26.2 percent market share; Honda close behind at 25.19 percent

India two-wheeler sales in June 2026

Motorcycles continue to dominate registrations, while EVs cross the 10 percent mark

Motorcycles continued to account for the largest share of the market at 59.9 percent of total registrations, followed by scooters at 30.4 percent. Petrol-powered two-wheelers held an 89.3 percent share, while electric models increased their contribution to 10.6 percent of monthly registrations. JATO noted that this reflects the broader growth of the EV segment through 2026, aided in part by the petrol price hikes introduced in May.

Urban markets led demand with 10.92 lakh registrations, followed by rural areas with 4.48 lakh units and major metropolitan cities with 2.86 lakh units. The Hero Splendor Plus was the country’s best-selling two-wheeler in June, ahead of the Honda Activa, TVS Jupiter and Bajaj Pulsar.

Hero MotoCorp retained its position as the market leader with 4.72 lakh registrations and a 26.2 percent share. Honda Motorcycle & Scooter India followed closely with 4.52 lakh units and a 25.19 percent share, with the Activa family continuing to drive volumes. TVS Motor Company registered 2.59 lakh units for a 19.99 percent share, buoyed by strong demand for its scooter lineup and the iQube. Bajaj Auto followed with 1.87 lakh units and a 10.46 percent share, with both the Pulsar range and Chetak EV contributing to volumes, while Suzuki Motorcycle India rounded out the top five with 1.04 lakh units and a 5.83 percent market share.

Dev Vadchhedia

Nissan Tekton on-road prices listed in major Indian cities

Nissan Tekton front design

The Nissan Tekton, launched recently in India, marked the manufacturer’s comeback to the midsize SUV segment after the Kicks’ discontinuation in 2023. This badge-engineered version of the Renault Duster is being offered in six trims: Visia, Visia+, Acenta, N-Connecta, Tekna, and Tekna+, offered with either a 100hp, 1.0-litre 3-cylinder turbo-petrol engine or a 163hp, 1.3-litre 4-cylinder turbo-petrol mill. Its ex-showroom prices range from Rs 10.49 lakh to Rs 18.59 lakh.

In case you want to know how much you need to pay to get your hands on one, here are the Nissan Tekton’s on-road prices across major Indian cities.

Nissan Tekton on-road price range

On-road prices of the Tekton range from Rs 11.96 lakh to Rs 23.06 lakh in major cities

Nissan Tekton price range in major Indian cities (in Rs, lakh)

 

1.0L TP 6MT

1.3L TP 6MT

1.3L TP 6DCT

Ex-showroom

10.49-16.49

14.99-16.39

14.99-18.59

Gurugram (on-road)

11.96-18.80

17.09-18.69

17.09-21.20

Delhi (on-road)

12.17-19.13

17.39-19.02

17.39-21.57

Mumbai (on-road)

12.38-19.46

17.69-19.35

17.69-21.94

Bengaluru (on-road)

12.91-20.29

18.44-20.17

18.44-22.87

Chennai (on-road)

13.01-20.45

18.59-20.33

18.59-23.06

Note: On-road prices may vary based on city-specific registration charges and other cost components, including insurance, FASTag and RTO fees. Please check with your nearest Nissan dealership for exact figures.

Nissan Tekton on-road prices are the lowest in Gurugram among all the mentioned cities. Delhi comes next, followed by Mumbai and Bengaluru. Prices are the highest in Chennai, and compared to Gurugram, the top-spec versions of the 1.0-litre turbo-petrol MT (Tekna+), 1.3-litre turbo-petrol MT (Tekna), and 1.3-litre turbo-petrol DCT (Tekna+) cost an additional Rs 1.65 lakh, Rs 1.64 lakh and Rs 1.86 lakh, respectively.

Namo Bharat Rapid Rail: क्या अब हर 3 मिनट पर मिलने जा रही है ‘नमो भारत’ रैपिड रेल? NCRTC ने बताया यात्रियों के लिए क्या है मेगा प्लान

Namo Bharat Rapid Rail: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दौड़ने वाली नमो भारत रैपिड रेल के यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर आई है। नमो भारत नेटवर्क पर यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने भविष्य के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। पीटीआई को दिए एक खास इंटरव्यू में NCRTC के MD शलभ गोयल ने बताया कि अभी नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना करीब 1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं।

गोयल ने बताया कि इस समय ट्रेनें करीब 10 मिनट के गैप में चल रही हैं। लेकिन यात्रियों की डिमांड और जरूरत के हिसाब से इस फ्रीक्वेंसी को घटाकर सिर्फ 3 मिनट किया जा सकता है। कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक क्षमता बढ़ाने की पूरी गुंजाइश है।

जरूरत पड़ने पर हर 3 मिनट में मिलेगी नमो भारत ट्रेन

शलभ गोयल ने बताया कि NCRTC लगातार पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों की मांग का आकलन करता है और जरूरत के हिसाब से परिचालन में बदलाव करता है। उन्होंने बताया कि अभी ये ट्रेनें करीब 10 मिनट के अंतराल पर मिलती हैं। ये मौजूदा यात्रियों की संख्या के लिहाज से काफी आरामदायक है। उन्होंने आगे कहा कि जरूरत के हिसाब से इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाकर 3 मिनट करने की पूरी फ्लेक्सिबिलिटी मौजूद है। यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सराय काले खां और मेरठ साउथ के बीच पीक आवर्स के दौरान 18 एक्स्ट्रॉ ट्रिप्स शुरू की हैं.

अब तक 3.5 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, रोजाना 1 लाख का आंकड़ा

एमडी ने बताया कि इस नेटवर्क पर राइडरशिप में लगातार इजाफा हो रहा है। अभी हर दिन करीब 1 लाख यात्री इस नेटवर्क पर यात्रा कर रहे हैं। इस कॉरिडोर से अब तक 3.5 करोड़ यात्री सफर कर चुके हैं। नमो भारत की 100 प्रतिशत ट्रेनसेट गुजरात के सावली में बनाई गई है। इस लिहाज से ये पूरी तरह मेक इन इंडिया हैं।

सराय काले खां में ट्रेवलेटर से 30% बढ़े यात्री

NCRTC का मुख्य फोकस नमो भारत स्टेशनों को सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों जैसे भारतीय रेलवे, मेट्रो सिस्टम, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं के साथ इंटिग्रेट करने पर रहा है। मई 2026 में सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले ट्रेवलेटर से लैस फुट ओवर ब्रिज के चालू होने से यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है।

न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद नमो भारत स्टेशनों को फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से सीधे मेट्रो स्टेशनों के साथ जोड़ा गया है। आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, दिल्ली मेट्रो और सिटी बस सेवाओं के साथ बेहतरीन इंटरचेंज की सुविधा देता है।

इन प्रयासों से इन ट्रांजिट सुविधाओं के आसपास पहले से मौजूद भीड़भाड़ और जाम की समस्या का एक सुरक्षित और लंबे समय का समाधान तो मिला ही है, व्यस्त सड़कों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही भी कम हुई है। ऐसे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी वाले स्टेशनों का कॉरिडोर की कुल राइडरशिप में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान है।

दुनिया की पहली सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमाल

NCRTC ने इस कॉरिडोर में कई नई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की हैं। इसमें वैश्विक स्तर पर पहली बार LTE रेडियो सिग्नलिंग टेक्नोलॉजी पर ETCS लेवल 2 हाइब्रिड लेवल 3 का इस्तेमाल किया गया है। ये भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल और बेस्ट-इन-क्लास स्टैंडर्ड पर आधारित है। इस अनुभव के दम पर अब NCRTC देश-विदेश में कहीं भी ऐसे अन्य प्रोजेक्ट्स में योगदान देने के लिए पूरी तरह मजबूत स्थिति में है।

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म्यूचुअल फंड से वेल्थ क्रिएशन के मंत्र, जानिए निफ्टी 50 और Nifty50 Equal Weight में से किसमें निवेश रहेगा फायदेमंद

Nifty 50 से तो हर निवेशक परिचित है,लेकिन क्या हम जानते हैं कि इसी Nifty के 50 शेयरों में निवेश का एक और तरीका भी है,जो पोर्टफोलियो में बेहतर संतुलन ला सकता है? यहां बात हो रही है Nifty50 Equal Weight Index की,जहां बड़ी और छोटी सभी 50 कंपनियों को बराबर वेटेज मिलता है। क्या इससे कंसन्ट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) कम होता है? किन बाजार परिस्थितियों में यह रणनीति बेहतर काम करती है? और क्या लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ये रेगुलर Nifty 50 Index Fund का बेहतर ऑप्शन हो सकता है? आज इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं एक्सिस AMC में हेड प्रोडक्ट्स दिव्या मेनन

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स: इंडेक्स फंड क्यों जरूरी?

दिव्या मेनन ने कहा कि इंडेक्स फंड इक्विटी पोर्टफोलियो की मजबूत नींव बन सकते हैं। इनमें अलग-अलग शेयर चुनने की बजाय पूरे बाजार में निवेश का मौका मिलता है। ये निवेश में अनुशासन लाते हैं और बिहैवियरल बायस (Behavioural Biases) को कम करते हैं। इंडेक्स फंड लंबी अवधि में वेल्थ बनाने का सरल और प्रभावी तरीका होते हैं।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:निफ्टी से कैसे अलग?

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स में वही 50 कंपनियां शामिल होती हैं जो निफ्टी 50 का हिस्सा हैं। फर्क सिर्फ वेटेज देने के तरीके में है। निफ्टी में फ्री-फ्लोट मार्केट कैप पर ज्यादा वेटेज मिलता है। वहीं, NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स में सभी को बराबर वेटेज होता है। इसमें समय-समय पर रीबैलेंसिंग करके बैलेंस बनाते हैं। यानी इसमें कंपनियों की टीम वही होती है,लेकिन वेटेज तय करने की रणनीति अलग होती है।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:आजकल चर्चा में क्यों?

निवेशकों का कंसंट्रेशन रिस्क आकलन पर फोकस बढ़ा है। कई मार्केट-कैप इंडेक्स कुछ चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित हैं। ऐसे में Equal Weight रणनीति सभी कंपनियों को एक जैसी अहमियत देती है। पिछले कुछ सालों में इस कैटेगरी में निवेशकों की रुचि बढ़ी है।

NIFTY 50 बनाम NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:पोर्टफोलियो में कितना अंतर?

दोनों इंडेक्स में शामिल शेयरों की सूची बिल्कुल एक समान होती है। अंतर केवल वेटेज तय करने के तरीके में होता है। निफ्टी 50 में सबसे बड़ी कंपनी का वेटेज 10% से ज्यादा हो सकता है। निफ्टी 50 में सबसे छोटी कंपनियों का वेटेज 1% से भी कम हो सकता है। Equal Weight Index में हर कंपनी को लगभग 2% का वेटेज मिलता है।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:कंसंट्रेशन रिस्क कैसे होता है कम?

कंसंट्रेशन रिस्क कम करना NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है। निफ्टी 50 में टॉप 10 शेयरों का वेटेज 50% से अधिक है। इसमें टॉप 10 शेयरों का कुल वेटेज करीब 20% है। इसका रिटर्न चुनिंदा बड़ी कंपनियों के बजाय ज्यादा कंपनियों से प्रभावित होता है। NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स ने लंबी अवधि में निफ्टी 50 के मुकाबले प्रदर्शन से बेहतर प्रदर्शन किया है।

 

 

Market Insight : काफी अच्छे भाव पर मिल रहे बैंकिंग और एनबीएफसी शेयर, अदाणी ग्रुप के शेयरों में हैं जबरदस्त कमाई के मौके

Navi Mumbai रियल एस्टेट हॉटस्पॉट 2026: क्यों मुंबई को छोड़ नवी मुंबई में घर खरीद रहे हैं लोग? जानिए बड़े कारण

Navi Mumbai Real Estate Hotspot: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी मुंबई के एक सैटेलाइट टाउनशिप के रूप में प्लान की गई नवी मुंबई अब इससे कहीं आगे निकल चुकी है। नाइट फ्रैंक इंडिया की गुरुवार को जारी छमाही रियल एस्टेट रिपोर्ट के मुताबिक नवी मुंबई अब तेजी से मुंबई के तीसरे सबसे बड़े ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में बदल रही है।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी नाइट फ्रैंक इंडिया की इस रिपोर्ट के मुताबिक, नवी मुंबई में घरों की बढ़ती कीमतों और मांग ने ग्रेटर मुंबई को भी पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। सबसे खास बात यह है कि अब नवी मुंबई में यह बूम सिर्फ कम कीमतों की वजह से नहीं है। बल्कि इसके पीछे कई दूसरी बड़ी वजहें भी हैं। आइए जानते हैं कि क्यों घर खरीदार मुंबई को छोड़ नवी मुंबई का रुख कर रहे हैं। वहां के रियल एस्टेट मार्केट के लेटेस्ट आंकड़े क्या कहते हैं।

पनवेल और खारघर में सबसे तेज उछाल: क्या हैं प्रॉपर्टी रेट्स?

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में नवी मुंबई के पनवेल इलाके में घरों की कीमतों में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले एक साल के दौरान नवी मुंबई में प्रॉपर्टी की औसत दरों में 9 प्रतिशत का उछाल आया है। पनवेल के साथ ही पड़ोसी इलाके खारघर में भी इसी टाइम पीरियड के दौरान कीमतें 6 फीसदी बढ़ी हैं।

क्यों बढ़ रहा है क्रेज? कनेक्टिविटी ने बदला गेम

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि नवी मुंबई का विकास अब सिर्फ सस्ते घरों की वजह से नहीं हो रहा बल्कि बेहतर होती कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी इसकी मुख्य वजहें हैं। इसके अलावा कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स हैं जो इस इलाके कीकनेक्टिविटी की तस्वीर बदल रहे हैं। इन्हें यहां नीचे देखा जा सकता है:-

मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL/अटल सेतु): इस लिंक ने दक्षिण मुंबई से नवी मुंबई की दूरी को काफी कम कर दिया है। इससे अब यहां की ड्राइव महज 30 मिनट की रह गई है।

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट: आने वाला इस नए एयरपोर्ट के चलते इस पूरे क्षेत्र की वैल्यू बढ़ गई है।

अपकमिंग मेट्रो कॉरिडोर: आगामी मेट्रो लाइन्स से इंटरनल और एक्सटर्नल कनेक्टिविटी काफी मजबूत हो रही है।

विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर और पनवेल-कर्जत रेलवे दोहरीकरण परियोजना ने भी इस पूरे क्षेत्र के प्रति घर खरीदारों और निवेशकों के आकर्षण को काफी बढ़ा दिया है।

नए लॉन्चेस में नंबर-1 बना नवी मुंबई, ग्रेटर मुंबई पिछड़ा

साल 2026 के पहले छह महीनों के आंकड़ों को देखें तो रियल एस्टेट मार्केट का केंद्र अब बदल चुका है। नए घरों को लॉन्च करने के मामले में नवी मुंबई सबसे आगे निकल गया है। नए लॉन्चेस में सबसे बड़ी हिस्सेदारी 21 प्रतिशत के साथ नवी मुंबई की रही। वसई और विरार जैसे बाहरी पश्चिमी उपनगर 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रहे। कल्याण, डोंबिवली, भिवंडी और कर्जत जैसे बाहरी मध्य उपनगरों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत रही। ग्रेटर मुंबई के पश्चिमी उपनगर नए लॉन्चेस के मामले में पिछड़ गए और इनकी हिस्सेदारी सिर्फ 17 प्रतिशत रही।

मार्केट में बिक्री का पैटर्न भी इसी तरह का रहा। इसमें बाहरी मध्य उपनगरों ने सबसे बड़ी हिस्सेदारी दर्ज की। यह दर्शाता है कि उन बाजारों में मांग लगातार बनी हुई है जहां आवास तुलनात्मक रूप से किफायती हैं।

पिछले 10 सालों में ऐसे बदला नवी मुंबई का दबदबा

पिछले एक दशक (2014 से 2026) के दौरान एमएमआर क्षेत्र के भीतर नवी मुंबई का महत्व लगातार बढ़ा है। साल 2014 में कुल आवासीय लॉन्चेस में नवी मुंबई की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत थी। ये 2026 की पहली छमाही में बढ़कर 21 प्रतिशत हो गई है। इसी पीरियड में नवी मुंबई की सेल्स हिस्सेदारी 16 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

रिपोर्ट में एक बेहद महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि हाल के वर्षों में नवी मुंबई में आवासीय बिक्री की रफ्तार नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च होने की तुलना में कहीं अधिक तेज रही है। यह संकेत देता है कि बाजार में नई सप्लाई आने की तुलना में यहां घरों की मांग बहुत तेजी से मजबूत हो रही है।

ऑफिस लीजिंग में 33% का उछाल

आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद 2026 की पहली छमाही में रियल एस्टेट मार्केट स्थिर और मजबूत बना रहा है। डेवलपर्स ने साल के पहले छह महीनों में 49161 घर लॉन्च किए। ये पिछले साल की समान अवधि से 8 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में बिक्री मामूली रूप से 1 प्रतिशत बढ़कर 47355 यूनिट रही। मार्केट में अनसोल्ड इन्वेंट्री में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है और अब यह घटकर 1.57 लाख घरों पर आ गई है।

कमर्शियल प्रॉपर्टी सेगमेंट के लिए भी साल की शुरुआत बेहद शानदार रही है। 2026 की पहली छमाही में ऑफिस लीजिंग सालाना आधार पर 33 प्रतिशत बढ़कर 7.3 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुंच गई। इसमें सबसे बड़ा योगदान जेपी मॉर्गन का रहा। इसने पवई में 2.2 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है।

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नाइट फ्रैंक इंडिया को उम्मीद है कि एंड-यूजर डिमांड, यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और नई सप्लाई की स्थिर पाइपलाइन के दम पर रेजिडेंशियल मार्केट आगे भी मजबूत बना रहेगा। आने वाले समय में पुराने और जर्जर घरों को रिन्यू करने और बाजार में फ्रेश इन्वेंट्री जोड़ने के लिए रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में बड़े डेवलपर्स की भूमिका और बढ़ने की उम्मीद है।

Mahindra hikes car prices by up to 2.7 percent

Mahindra hikes car prices by up to 2.7 percent

Mahindra has hiked its car prices by up to 2.7 percent today. According to the manufacturer, the price increase is due to “commodity cost escalations.” This is the second cumulative price increase of the year, following the 2.5 per cent increase in April 2026

  1. XEV 9S’ starting price increased by Rs 70,000 – the most for any Mahindra
  2. XUV 3XO EV, Scorpio N, BE 6, XEV 9e prices unaffected by the price hike

New vs old price range of Mahindra cars (ICE and EVs)

The three-row XEV 9S is the only EV to record a price hike

Mahindra new vs old price range after July 10 hike (Rs, lakh)

 

New price range

Old price range

XUV 3XO

7.79-15.04

7.54-14.89

Bolero

8.49-9.99

8-9.91

Bolero Neo*

8.99-12.49

8.85-12

Thar (3-door)

10.32-18

10-17.63

Thar Roxx

12.52-23.53

12.40-22.82

Scorpio Classic

13.37-17.40

13-17

Scorpio N

13.49-24.95

13.49-24.95

XUV 7XO

13.99-25.79

13.66-24.92

XUV 3XO EV

13.89-14.96

13.89-14.96

BE 6

18.90-26.90

18.90-26.90

XEV 9S

20.65-29.95

19.95-29.45

XEV 9e

21.90-30.50

21.90-30.50

*Bolero Neo prices include those of the Bolero Neo+ too.

Mahindra has increased the prices of all its combustion-powered cars, except the Scorpio N. The Mahindra Bolero has received the highest base price hike of Rs 49,000 for any ICE car in the manufacturer’s line-up. On the EV front, the flagship XEV 9S is the only all-electric model to see a price hike. Its starting price has been increased by Rs 70,000, the highest overall for any Mahindra car. 

Prices are ex-showroom, India.

India-UK FTA : 15 जुलाई से लागू होगा भारत-UK के बीच FTA, ब्रिटेन से इंपोर्ट होने वाली कारों पर नोटिफिकेशन जारी

India-UK FTA : भारत-UK के बीच FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट )15 जुलाई से लागू होगा। इस बीच विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade) ने ब्रिटेन से इंपोर्ट वाली कारों पर लागू होने होने वाले टैरिफ रेट कोटा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस खबर पर ज्यादा डिटेल्स के साथ सीएनबीसी -आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने बताया कि ब्रिटेन से इंपोर्ट होने वाली कारों पर नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। DGFT ने टैरिफ रेट कोटा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 15 जुलाई से भारत-UK के बीच FTA लागू होगा। इसके तहत पहले साल 20,000 कारें कम ड्यूटी पर इंपोर्ट हो पाएंगी। 3000cc+ से 2500cc+ की 10,000 कारें इंपोर्ट हो सकेंगी। इन कारों पर कस्टम ड्यूटी 110% से घटकर 30% होगी।

1500cc से 3000cc तक की 5,000 कारें इंपोर्ट हो सकेंगी। इन कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी 66% से घटकर 50% होगी। 1500cc इंजन वाली 5,000 कारों पर 50% ड्यूटी लगेगी। 5 साल तक इंपोर्ट कोटा बढ़ेगा फिर 15 साल बाद कम होगा। 15 साल बाद कारों पर 10% कस्टम ड्यूटी लगेगी। पहले साल 2,500 कारें और कमर्शियल व्हीकल इंपोर्ट होंगे। EV हाइब्रिड और हाइड्रोजन कारों पर कोटा 6वें साल से लागू होगा।

लक्ष्मण रॉय ने आगे बताया कि भारत से यूके को होने वाले 99% एक्सपोर्ट पर अलग-अलग चरणों में आगे चलकर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। उल्टा जब यूके का सामान यहां पर आएगा तो हम उसके 91% प्रोडक्ट पर ड्यूटी में रियायत देंगे। भारत से यूके जाने वाले सामानों में कई सारे आइटम बहुत महत्वपूर्ण है। मिसाल के तौर पर टेक्सटाइल गारमेंट पर यूके में 12% की ड्यूटी लगती है। यूके में केमिकल पर 8% की ड्यूटी लगती है। बेस मेटल पर 10% की ड्यूटी लगती है। अब इस एफटीए के लागू होने के बाद इन सारे प्रोडक्ट पर यूके में कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। इसी तरह भारत से जाने वाले प्रोसेस्ड फ़ूड पर यूके में 70% की ड्यूटी लगती है। वह भी जीरो हो जाएगी। मरीन प्रोडक्ट पर यूके में 20% की ड्यूटी लगती है। वह भी ज़ीरो हो जाएगी। ऐसे में भारत के इन सारे सेक्टरों को बहुत ज्यादा राहत मिलेगी।

यूके से जो सामान भारत आएगा उसमें दो आइटम काफी अहम हैं। इनमें से एक है स्कॉच व्हिस्की। इस पर भारत में अभी 150% की ड्यूटी लगती है। वो किस्तों में घट करके आपको 40% पे आ जाएगा। यूके मेड इन इंग्लैंड जो कारें वहां से इंपोर्ट होती है उस पर 100% की ड्यूटी लगती है। FTA लागू होने के बाद यह किस्तों में घट कर 10% हो जाएगी।

 

 

Market Insight : काफी अच्छे भाव पर मिल रहे बैंकिंग और एनबीएफसी शेयर, अदाणी ग्रुप के शेयरों में हैं जबरदस्त कमाई के मौके

TCS Share Price: Q1 नतीजों के बाद निवेशकों ने बढ़ाई खरीद, ब्रोकरेज का पॉजिटिव नजरिया बरकरार; शेयर 4% तक चढ़ा

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 10 जुलाई को दिन में 4 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2132 रुपये के हाई तक गया। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 4.61 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही के लिए, TCS ने पिछली तिमाही के मुकाबले 0.4% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। AI से होने वाली कमाई (रेवेन्यू) तिमाही आधार पर 13.6% ज्यादा रहकर 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। अब कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान 8.5% है। TCS का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन अप्रैल-जून तिमाही में 24 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 25.3 प्रतिशत था।

TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा है कि भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, जून तिमाही हमारी निरंतर वृद्धि की गति और रणनीतिक स्थिति की मजबूती को दर्शाती है। तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 9.5 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल किए। कंपनी ने अपने एआई इकोसिस्टम का विस्तार करने के लिए एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। जून तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में 9,200 से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके कारण 30 जून, 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS शेयर: अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

TCS के शेयर को 51 एनालिस्ट कवर करते हैं। इनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 12 ने “होल्ड” की सलाह दी है और 6 ने “सेल” रेटिंग दी है। तिमाही नतीजों के बाद JPMorgan ने TCS पर अपनी “ओवरवेट” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट ₹2,400 प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वित्तीय नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे। मैनेजमेंट को साल की दूसरी छमाही यानि कि अक्टूबर 2026—मार्च 2027 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन ब्रोकरेज को दूसरी तिमाही से ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ बेसिस पर रेवेन्यू सिर्फ 1% बढ़ने का अनुमान है।

JPMorgan ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में मजबूत स्थिति के कारण TCS के लिए साल-दर-साल आधार पर 2.5% से 3% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ ग्रोथ हासिल करना मुश्किल नहीं है। कम बेस के कारण यह अपने कॉम्पिटीटर्स, जैसे इंफोसिस और HCLTech के बराबर प्रदर्शन कर सकती है। स्टॉक में वैल्यू नजर आती है।

मोतीलाल ओसवाल, मॉर्गन स्टेनली की क्या सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने TCS के लिए ₹2,350 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने अपने नोट में कहा कि हालांकि मैनेजमेंट की शॉर्ट-टर्म कमेंट्री उनकी उम्मीद से बेहतर है, लेकिन लॉन्ग-टर्म अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। उम्मीद है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) बेहतर होगी, लेकिन डिमांड में सुधार के सबूत बहुत कम हैं। मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए TCS की ऑर्गेनिक कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ क्रमशः 2.5% और 3.2% रहने का अनुमान जताया है।

मॉर्गन स्टेनली ने TCS के स्टॉक पर “इक्वल-वेट” रेटिंग और ₹2,200 का प्राइस टारगेट बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर आउटलुक से कुछ चिंताएं कम होनी चाहिए। कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट देखी जा सकती है।

सफेद बालों को छिपाने की नहीं पड़ेगी जरूरत, सिर्फ एक हफ्ते में इन पत्तों के तेल करेगा जड़ से काले बाल!

घने, मजबूत और चमकदार बाल हर किसी की चाहत होते हैं, इसलिए लोग बालों की देखभाल के लिए नेचुरल तरीकों को अपना सकते हैं। करी पत्ता का उपयोग लंबे समय से बालों की देखभाल में किया जाता रहा है। आइए जानते हैं कि करी पत्ते में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं, यह बालों के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है और इसका सही उपयोग क्या है:

करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व और बालों के लिए फायदे

Curry Leaves: Unlocking the Secrets - Tradition, & Health Benefits

करी पत्ते में विटामिन A, B, C, E, आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये स्कैल्प को पोषण देने, बालों की जड़ों को मजबूत बनाने, रूखापन कम करने और बालों की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। करी पत्ते सफेद बालों को पूरी तरह काला कर देते हैं

करी पत्ते का तेल बनाने की आसान मेथड

करी पत्ते का तेल प्राइस, निर्माता, आपूर्तिकर्ता और डीलर

एक कप ताजे करी पत्तों को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। 200–250 मिली नारियल के तेल को धीमी आंच पर गर्म करें और उसमें करी पत्ते डालकर 10–15 मिनट तक पकाएं। जब पत्ते काले और कुरकुरे हो जाएं, तब गैस बंद कर दें। तेल को ठंडा करके छान लें और कांच की बोतल में भरकर सेफ रख लें।

तेल लगाने का सही तरीका

Hair Care:क्या आप बालों में सही समय पर तेल लगा रहे हैं? एक छोटी सी गलती बना सकती है आपको गंजा! - Right Time To Apply Hair Oil For Massage In Hindi Baalon Me Tel Kab Lagana Chahiye - Amar Ujala Hindi News Live

तैयार तेल को हल्का गुनगुना करें और उंगलियों की मदद से 5–10 मिनट तक स्कैल्प की मसाज करें। इसके बाद पूरे बालों में अच्छी तरह लगा लें। इसे 1–2 घंटे या पूरी रात के लिए छोड़ सकते हैं। फिर हल्के शैम्पू से बाल धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए सप्ताह में 2–3 बार इसका यूज करें।

करी पत्ते का हेयर मास्क

how to make curry leaves oil for hair.- जानिए बालों के लिए कैसे तैयार करना है कड़ी पत्ते का तेल। | HealthShots Hindi

20–25 करी पत्तों को पीसकर उसमें 2–3 चम्मच दही मिलाएं और मुलायम पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर 30–40 मिनट तक लगाकर रखें, फिर साफ पानी और हल्के शैम्पू से धो लें। इससे बाल मुलायम, चमकदार और हेल्दी दिख सकते हैं।

क्या सच में सफेद बाल काले हो जाते हैं?

Hair Care Tips:सफेद बालों को जड़ से काला कर देगा ये देसी नुस्खा ! खर्च होंगे सिर्फ 50 रुपये - Hair Coloring Tips Ghar Par Kam Paise Me Baal Kale Kaise Kare -

साइंटिफिक रीसर्च में ऐसा कोई पक्का प्रमाण नहीं है कि करी पत्ते पहले से सफेद हो चुके बालों को फिर से टटूरल तरीके से काला बना देते हैं। यदि बाल उम्र या जेनेटिक कारणों से सफेद हो चुके हैं, तो केवल घरेलू नुस्खों से उन्हें हमेशा के लिए काला करना संभव नहीं माना जाता।

सफेद बालों के कारण

कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल? रोज की ये 6 आदतें बचा सकती हैं समय से पहले होने वाली सफेदी, जानिए आसान टिप्स - News18 हिंदी

बढ़ती उम्र, जेनेटिक कारण, विटामिन B12, आयरन या कॉपर की कमी, थायरॉयड की समस्या, धूम्रपान और कुछ मामलों में लंबे समय तक रहने वाला स्ट्रेस बालों के समय से पहले सफेद होने में योगदान दे सकते हैं। यदि कम उम्र में तेजी से बाल सफेद हो रहे हों, तो डॉक्टर से चेकअप कराना सही है।

बेहतर बालों के लिए जरूरी देखभाल

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करी पत्तों के साथ बैलेंस डाइट, सही प्रोटीन, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मेवे, आंवला, दूध, दही और सही पानी का सेवन भी जरूरी है। ये उपाय बालों की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यदि आपका गोल पार्लर जैसा गहरा काला रंग पाना है, तो केवल करी पत्तों से ऐसा रिजल्ट मिलने का साइंटिफिक एविडेंस नहीं है।

2 गोल से मोरोक्को को हराकर फ्रांस लगातार तीसरी बार पहुंची सेमीफाइनल

स्टार फुटबॉल खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे ने पेनल्टी चूकने के बाद शानदार वापसी करते हुए अपना 20वां विश्व कप गोल दागा और मोरक्को पर 2-0 की जीत के साथ फ्रांस को विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचाने में मदद की। इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीन बार विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाला तीसरा देश बन गया है।

फ्रांस की फुटबॉल टीम के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स की टीम ने गुरुवार को क्वार्टरफाइनल मुकाबले में दूसरे हाफ की शुरुआत में ही छह मिनट के भीतर दो गोल करके मैच पर नियंत्रण हासिल कर लिया और अंतिम चार में स्पेन या बेल्जियम में से किसी एक से भिड़ने का रास्ता साफ कर लिया।

पहले हाफ में एम्बाप्पे की पेनल्टी को यासीन बोनू ने बचा लिया , लेकिन ब्रेक के तुरंत बाद उन्होंने फ्रांस के लिए एक शानदार गोल किया, जो टूर्नामेंट का उनका आठवां गोल था। इसके साथ ही वह गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी के बराबर आ गएइसके तुरंत बाद, उस्मान डेम्बेले ने एक और गोल कर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। डेम्बेले के गोल में एम्बाप्पे ने सहयोग किया।

पहले हाफ में फ्रांस का दबदबा रहा और बाउनौ की बदौलत ही हाफ टाइम तक स्कोर बराबर रहा।मोरक्को के गोलकीपर ने पांच मिनट बाद ही डयोट उपामेकानो के हेडर को बचा लिया और फिर यह दिखाने में कामयाब रहे कि पेनल्टी शूटआउट में वह कितने खतरनाक प्रतिद्वंद्वी हैं।

25वें मिनट में, नौसैर मज़राउई ने बॉक्स के अंदर एम्बाप्पे को गिरा दिया, लेकिन जब रियल मैड्रिड के स्ट्राइकर ने पेनल्टी स्पॉट से शॉट लगाया, तो बोउनौ ने सही अनुमान लगाते हुए पेनल्टी को बचा लिया। विश्व कप में पेनल्टी शूटआउट समेत किसी भी गोलकीपर ने बाउनो के चार पेनल्टी सेव से ज्यादा पेनल्टी नहीं बचाई हैं।

इसके तुरंत बाद हाइड्रेशन ब्रेक के दौरान, एम्बाप्पे ने अधिकारियों से शिकायत की कि उन्हें किक मारने से पहले तीन मिनट से अधिक इंतजार कराया गया। बाउनो यह नहीं रूके और उन्होंने डेसिरे डोए के एक शानदार लो शॉट को बचाया और लुकास डिग्ने के 35 गज दूर से किए गए शॉट को क्रॉसबार पर रोककर यह सुनिश्चित किया कि हाफ टाइम तक स्कोर गोल रहित रहा।

पहले हाफ में फ्रांस ने 13 शॉट लगाए, जबकि मोरक्को ने सिर्फ एक शॉट लगाया और अंतिम तीसरे हिस्से में प्रभाव डालने के लिए संघर्ष किया। अगर उनकी खेल योजना फ्रांस को गोल करने से रोकने पर आधारित थी, तो दूसरे हाफ की शुरुआत में ही वह विफल हो गई।

मोरक्को को कोई भी महत्वपूर्ण मौका बनाने में काफी संघर्ष करना पड़ा, जिसके चलते पहले एम्बाप्पे और फिर डेम्बेले ने उन्हें इसका खामियाजा भुगतने पर मजबूर कर दिया और फ्रांस लगातार तीन विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचने वाला तीसरा देश बन गया।

एम्बाप्पे को 77वें मिनट में मैदान के मध्य सर्कल में कुछ क्षण बिताने के बाद प्रतिस्थापित किया गया, लेकिन वह अपने दम पर मैदान से बाहर चले गए और उनकी जगह जीन-फिलिप माटेता मैदान पर आएमंगलवार को डलास में स्पेन या बेल्जियम का सामना फ्रांस और एम्बाप्पे से होगा, जो लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने की अपनी कोशिश जारी रखेंगे।