ऑपरेशन के बीच में ही आ गया होश…! 10 साल की बहन को खोने वाले इन्फ्लुएंसर भाई ने यूपी के अस्पताल का खौफनाक हाल सुनाया

कंटेंट क्रिएटर और ऑन्टोप्रेन्योर यश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी 10 साल की बहन की मौत हो गई। यश ने बताया कि उनकी बहन का टॉन्सिल का ऑपरेशन रायबरेली के शाश्वत अस्पताल में डॉ. अमित सिंह की देखरेख में कराया गया था। उनके अनुसार, यह एक सामान्य सर्जरी थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत हो गई।

वीडियो में यश अपने परिवार के साथ बहन का शव घर ले जाते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने बताया था कि ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन ऑपरेशन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई। यश का आरोप है कि ऑपरेशन के समय बच्ची को दिए गए एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) में गड़बड़ी हुई। उनका कहना है कि सर्जरी के बीच में ही उनकी बहन को होश आ गया और वह दर्द से चिल्लाने लगी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

10 साल की बच्ची की मौत पर परिवार ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप

यश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान उनकी बहन की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि बच्ची की चीख सुनकर परिवार के सभी लोग ऑपरेशन थिएटर के बाहर पहुंच गए। उनका दावा है कि डॉक्टर बच्ची को बिना स्ट्रेचर के बाहर लेकर आए, जबकि वह दर्द से रो रही थी। यश के अनुसार, कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बच्ची को एक इंजेक्शन लगाया। इसके तुरंत बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि कुछ ही सेकंड में उसकी धड़कन और सांसें रुक गईं और उसकी आंखें पलट गईं।

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर (CPR) देकर बच्ची को बचाने की कोशिश की। इसके बाद परिवार को बताया गया कि बच्ची को वेंटिलेटर पर रखना होगा और बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ ले जाना पड़ेगा। यश के मुताबिक, उनकी बहन सात दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ती रही, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यह पूरी घटना अस्पताल की मेडिकल लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोगों से अपील की है कि इस मामले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें टैग करें।

सोशल मीडिया पर उठी जांच और कार्रवाई की मांग

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना जताई है। वहीं, कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल व डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, “टॉन्सिल के ऑपरेशन से किसी की मौत होने की बात कभी नहीं सुनी। अगर ऐसा हुआ है तो यह गंभीर लापरवाही का मामला है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय और यूपी पुलिस को टैग करते हुए अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

एक और व्यक्ति ने लिखा कि बच्ची और उसके परिवार को न्याय मिलना चाहिए और यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, कई यूजर्स का कहना है कि अगर मेडिकल लापरवाही साबित होती है तो ऐसे डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

‘AI से TCS में नौकरियां नहीं जाएंगी’, CEO बोले- बस बदल जाएगा काम का तरीका

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के कृतिवासन का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से कंपनी में कर्मचारियों की संख्या कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि TCS आगे भी भर्ती जारी रखेगी। हालांकि, कर्मचारियों को नए AI स्किल्स सीखने होंगे।

यह बयान इंजीनियरिंग छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। इससे पहले TCS के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने संकेत दिए थे कि कंपनी भर्ती को लेकर पहले से ज्यादा चयनात्मक होगी।

AI खत्म नहीं करेगा नौकरियां

Q1 FY27 के नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में कृतिवासन ने कहा कि AI की वजह से कर्मचारियों का काम जरूर बदलेगा, लेकिन नौकरियां खत्म नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और कोडिंग के साथ अब प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, AI मॉडल की ट्रेनिंग, मॉडल टेस्टिंग और लाइफ-साइकिल मैनेजमेंट जैसे नए रोल तेजी से बढ़ेंगे। इन क्षेत्रों में नए मौके बनेंगे।

उन्होंने कहा कि कंपनी जरूरत के मुताबिक लगातार टैलेंट हायर करेगी। उनका मानना है कि AI से व्हाइट-कॉलर नौकरियों में बहुत बड़ी कटौती नहीं होगी।

भर्ती में दिखी तेजी

कृतिवासन का बयान ऐसे समय आया है, जब TCS ने जून तिमाही में चार साल की सबसे बड़ी भर्ती की है। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। इसके बाद कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

कंपनी ने इस तिमाही में देश के प्रमुख संस्थानों से 14,000 फ्रेशर्स को भी शामिल किया।

तिमाही नतीजे कैसे रहे?

TCS का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में 2.7% घटकर 13,349 करोड़ रुपये रहा। यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम था। कंपनी ने बताया कि एक कानूनी मामले के 668 करोड़ रुपये के एकमुश्त सेटलमेंट का असर मुनाफे पर पड़ा।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के अनुमान से बेहतर था। एकमुश्त खर्चों को छोड़ दें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13.9% और तिमाही आधार पर 2.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Indian Railways Digital Ticket Rules: डिजिटल टिकट लेकर ट्रेन में सफर करने वाले रेलवे का ये 4 नियम जान लें वरना लगेगा जुर्माना

Indian Railway Ticket Rule: अगर आप भी अक्सर रेलवे काउंटर की लंबी लाइनों से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन से डिजिटल अनरिजर्व्ड (सामान्य/अनारक्षित) टिकट बुक करके सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रेलवे ने डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकटों को लेकर नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। रेलवे ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि टिकट चेकिंग के दौरान केवल रजिस्टर्ड मोबाइल फोन पर रेल वन (Rail One) ऐप के भीतर मौजूद मूल डिजिटल टिकट ही मान्य माना जाएगा। अगर आप टीटीई को टिकट का स्क्रीनशॉट, वॉट्सऐप कॉपी या पीडीएफ दिखाते हैं तो उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा और रेलवे नियमों के तहत आपके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। आइए जानते हैं रेलवे द्वारा जारी किए गए इन नियमों की पूरी डिटेल और वह घटना जिसके बाद रेलवे को यह स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा।

स्क्रीनशॉट दिखाने पर महिला यात्री से वसूला गया जुर्माना: जानें पूरा मामला

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह स्पष्टीकरण कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस में घटी एक घटना के बाद आया है। इस ट्रेन में कोरबा से रायपुर की यात्रा कर रही एक महिला यात्री को टिकट चेकिंग के दौरान वॉट्सऐप स्क्रीनशॉट दिखाना भारी पड़ गया और उन पर जुर्माना ठोक दिया गया।

मामले में क्या गड़बड़ी पाई गई?

महिला यात्री ने टीटीई को बताया कि उसके भाई ने अपने मोबाइल के रेल वन ऐप से यह टिकट बुक किया था और उसे वॉट्सऐप पर इसका स्क्रीनशॉट फॉरवर्ड कर दिया था। रेलवे अधिकारियों ने जब जांच की तो पाया कि वह टिकट शाम 4:45 बजे जनरेट किया गया था जबकि ट्रेन कोरबा स्टेशन से दोपहर 4:10 बजे ही रवाना हो चुकी थी। वह टिकट यात्रा कर रही महिला यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी उपलब्ध नहीं था। इन सभी खामियों के चलते टीटीई ने स्क्रीनशॉट को अमान्य करार दिया और रेलवे नियमों के मुताबिक पेनल्टी वसूल की।

डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट के 4 बेहद जरूरी नियम

डिजिटल टिकटों के दुरुपयोग को रोकने और यात्रा के दौरान सही वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने यहां नीचे दिए गए नियम दोहराए हैं:

  • ऐप के अंदर ही दिखाना होगा ओरिजिनल टिकट: यात्रियों को चेकिंग के दौरान रेल वन ऐप खोलकर उसके भीतर ही ओरिजिनल टिकट दिखाना होगा। इसके अलावा स्क्रीनशॉट, तस्वीरें, पीडीएफ कॉपियां या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (जैसे वॉट्सऐप) पर फॉरवर्ड किए गए टिकट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
  • उसी फोन और नंबर पर होना चाहिए टिकट: डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट सिर्फ तभी वैध माना जाएगा जब वह उसी मोबाइल फोन और उसी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मौजूद हो जिसका इस्तेमाल टिकट बुक करने के लिए किया गया था।
  • ट्रेन खुलने से पहले बुकिंग जरूरी: रेलवे ने याद दिलाया है कि डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट हमेशा ट्रेन के बोर्डिंग स्टेशन से रवाना होने से पहले ही बुक हो जाना चाहिए। अगर ट्रेन स्टेशन छोड़ चुकी है और उसके बाद टिकट जनरेट किया जाता है तो रेल वन ऐप में दिखने के बावजूद उसे अवैध माना जाएगा।
  • फोन चार्ज रखना यात्री की जिम्मेदारी: यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पूरी यात्रा के दौरान उस मोबाइल फोन को अपने पास रखें जिससे बुकिंग की गई है। साथ ही फोन को पर्याप्त रूप से चार्ज रखें ताकि टिकट चेकिंग के समय कोई असुविधा न हो। यात्रा से पहले अपनी जर्नी डिटेल्स को भी अच्छी तरह वेरिफाई कर लें।

क्या यह नियम रिजर्व्ड (आरक्षित) टिकटों पर भी लागू है?

रायपुर डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (DCM) अवधेश कुमार त्रिवेदी ने इस पर स्थिति साफ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के लिए सिर्फ रजिस्टर्ड डिवाइस पर उपलब्ध ओरिजिनल डिजिटल टिकट ही मान्य है। हालांकि ये नियम सिर्फ रेल वन ऐप के माध्यम से बुक किए गए डिजिटल अनरिजर्व्ड (अनारक्षित) टिकटों पर ही लागू होते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस नियम का असर रिजर्व्ड टिकटों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि रिजर्व्ड टिकटों के मामले में यात्रियों की पहचान का वेरिफिकेशन पहले से ही सरकार द्वारा जारी आईडी प्रूफ (पहचान पत्र) दस्तावेजों के माध्यम से किया जाता है।

Guru Purnima 2026: इस साल गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु को राशि अनुसार दें उपहार, जानें आपकी राशि के अनुसार क्या दे सकते हैं भेंट

Guru Purnima 2026: भारतीय संस्कृति में “गुरु” का स्थान भगवान से भी ऊपर माना गया है, क्योंकि गुरु ही शिष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इस दिन लोग अपने गुरुओं के पास जाते हैं, उनका आशीर्वाद लेते हैं और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। जिनके गुरु इस संसार में नहीं हैं, वे उनके चित्र की पूजा करते हैं या गुरु स्वरूप मानकर माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करते हैं। गुरु पूर्णिमा हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस पावन अवसर पर अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए अपनी राशि के अनुसार शुभ वस्तुओं को भेंट या दान करना बेहद फलदायी माना जाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है। चूंकि यह दिन महान ऋषि वेदव्यास जी के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। नीचे सभी 12 राशियों के अनुसार गुरु को भेंट करने या दान देने योग्य वस्तुओं की सूची दी गई है :

आपकी राशि अनुसार गुरु के लिए भेंट

मेष राशि : मेष राशि के जातकों को गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु को लाल रंग के वस्त्र, मूंगा, या लाल चंदन भेंट करना चाहिए। इसके साथ ही गेहूं और गुड़ का दान करना भी शुभ रहेगा।

वृषभ राशि : इस राशि के लोग अपने गुरु को सफेद या रेशमी वस्त्र भेंट कर सकते हैं। इसके अलावा मिश्री, चांदी या चावल का दान करने से गुरु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि वालों को अपने गुरु को हरे रंग के वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें, या मूंग की दाल भेंट करनी चाहिए। गुरु के सानिध्य में गायत्री मंत्र का जाप करना भी आपके लिए लाभकारी रहेगा।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों को गुरु को सफेद चंदन, चावल, या चांदी का कोई पात्र भेंट करना चाहिए। जरूरतमंदों को दूध या मिठाई का दान देना भी उत्तम माना जाता है।

सिंह राशि : सिंह राशि के लोग अपने गुरु को पीले या सुनहरे रंग के वस्त्र, केसर, या तांबे का पात्र भेंट करें। इसके अलावा गेहूं और धार्मिक ग्रंथों का दान भी बहुत फलदायी होता है।

कन्या राशि : कन्या राशि वालों को गुरु को किताबें, पेन, या शिक्षण सामग्री भेंट करनी चाहिए। इसके साथ ही हरे फल या मूंग की दाल का दान करना आपके बौद्धिक विकास के लिए शुभ है।

तुला राशि : तुला राशि के जातकों को अपने गुरु को सफेद रेशमी वस्त्र या मिश्री भेंट करनी चाहिए। आप आश्रम या मंदिर में चावल और घी का दान भी कर सकते हैं।

वृश्चिक राशि : इस राशि के लोग अपने गुरु को लाल या महरून रंग के वस्त्र, तांबे के बर्तन, या कलावा भेंट करें। जरूरतमंदों को भोजन कराना भी आपके लिए शुभ रहेगा।

धनु राशि : धनु राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति (गुरु) हैं। आपको अपने गुरु को पीले वस्त्र, चना दाल, केसर, या हल्दी भेंट करनी चाहिए। गुरु से गुरु मंत्र दीक्षा लेना आपके लिए सबसे सर्वोत्तम रहेगा।

मकर राशि : मकर राशि वालों को गुरु को नीले या भूरे रंग के वस्त्र या कोई उपयोगी कंबल भेंट करना चाहिए। साथ ही, गुरु के चरणों में तिल या उड़द की दाल का दान समर्पित करें।

कुंभ राशि : इस राशि के जातक अपने गुरु को सफेद या नीले रंग के वस्त्र, सूखे मेवे (जैसे काजू, बादाम) या औषधि भेंट कर सकते हैं। इसके अलावा अनाथालय या वृद्धाश्रम में अन्न दान करना विशेष फल देता है।

मीन राशि : मीन राशि के जातकों को गुरु को पीले वस्त्र, सोने की कोई छोटी वस्तु, पुखराज (यदि सामर्थ्य हो) या धार्मिक पुस्तकें (जैसे भगवद गीता या रामायण) भेंट करनी चाहिए। हल्दी और चने की दाल का दान करना भी बहुत शुभ है।

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Mercedes-AMG CLA 45 returns in 680hp all-electric form

2026 Mercedes-AMG CLA 45

The new-gen Mercedes-AMG CLA 45 4MATIC+ has been unveiled, and unlike its combustion-powered predecessor, it’s an all-electric offering. Based on the Mercedes-Benz CLA Electric that broke cover in 2025, the AMG version is available in sedan and Shooting Brake form factors.

2026 Mercedes-AMG CLA 45 powertrain and performance

Up to 680hp and 1,759Nm

The new AMG CLA is equipped with a 94kWh LFP battery powering a trio of electric motors – one mounted on the front axle and two at the rear – that use the same axial-flux tech introduced with the Mercedes-AMG GT 4-Door Coupe. Compared to conventional radial-flux motors, axial-flux units are smaller, lighter, and offer greater power density.

Combined peak output stands at 680hp – continuous output is rated at 612hp – and 1,759Nm, which is more than three times the 500Nm generated by the prior AMG CLA. During steady driving, the front motor can disconnect to improve efficiency, allowing the new AMG CLA to operate as a RWD car. The two rear motors can also operate independently, enabling torque vectoring and a dedicated Drift Mode.

Though the new AMG CLA weighs just under 2.3 tonnes, the sedan version can accelerate from 0-100kph in a claimed 3 seconds, while the Shooting Brake completes the same in 3.2 seconds. Top speed is electronically limited to 250kph, rising to 270kph with the optional AMG Dynamic Plus Package. The CLA 45 also features seven drive modes and an adaptive sports suspension.

Simulated engine note and vibrations

To enhance its aural experience, the new AMG CLA packs an AMGFORCE S+ driving mode that emulates the soundtrack of the carmaker’s ‘M139’ 2.0-litre 4-cylinder engine, along with gear shifts, artificial power interruptions, and haptics in the seats.

Coming to range, the AMG CLA sedan offers a WLTP-tested range of 670km, while the Shooting Brake is good for 640km. Up to 330kW DC fast charging is supported, allowing for a 10-80 percent charge in 22 minutes and a 270km range top-up in just 10 minutes.

2026 Mercedes-AMG CLA 45 exterior design

More menacing styling updates

Being an AMG model, the new CLA 45 sports a more aggressive body kit that includes a bespoke grille section with 10 slats (which can be optionally illuminated), redesigned bumpers with bigger air ducts, AMG-specific badging, wider fenders and side skirts, and a large rear diffuser.

The new AMG CLA rides on 19-inch alloy wheels as standard – 20-inchers are available as an optional extra – and gets larger brakes as well. The sedan also features an active deploying rear spoiler, while the Shooting Brake gets a roof-mounted spoiler.

2026 Mercedes-AMG CLA 45 interior and features

Sportier steering wheel and bucket seats

Inside, the new CLA 45 receives a similarly sporty treatment, with bucket seats up front, an AMG-spec steering wheel with dedicated drive mode selectors, all-black upholstery with contrasting accents, and more.

The dashboard is dominated by Mercedes-Benz’s ‘Hyperscreen’ triple-display setup – the digital instrument cluster even features a virtual tachometer and gear indicator, both of which work in conjunction with the AMGFORCE S+ drive mode.

Unlike the standard CLA, the AMG variant features two individual rear seats instead of a conventional bench, making for a 4-seat configuration.

Stcoks to Watch: शुक्रवार 10 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शुक्रवार, 10 जुलाई के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। तिमाही नतीजे, जून सेल्स, नए प्रोजेक्ट, बड़ी साझेदारियां और अहम कॉरपोरेट अपडेट के चलते इनमें तेज हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं आज किन 13 शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा। तिमाही में रेवेन्यू 2.2% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा। मार्च तिमाही में यह 70,698 करोड़ रुपये था।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra की कुल बिक्री जून 2026 में सालाना आधार पर 32.5% बढ़कर 1.04 लाख यूनिट रही। पिछले साल जून में कंपनी ने 78,142 यूनिट बेची थीं।

Anand Rathi Wealth

वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Wealth का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 73.6% बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 322 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, EBITDA 15% घटकर 109 करोड़ रुपये रह गया। EBITDA मार्जिन भी 46.6% से घटकर 33.7% पर आ गया।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals ने Semalix Injection Disposable Pen के कुछ बैच स्वेच्छा से वापस मंगाने का फैसला किया है। यह कदम Dr. Reddy’s Laboratories की रिकॉल नोटिस के बाद उठाया गया है। कंपनी प्रोडक्ट की तकनीकी जांच कराएगी।

Power Grid Corporation

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को Bhadla-III, Ramgarh PS और Kanpur (PG) इंटरस्टेट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी इसे BOOT मॉडल के तहत विकसित करेगी। यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के जरिए मिला है।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल कंपनी Havells India ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कारोबार में एंट्री की है। कंपनी ने नॉर्वे की एनर्जी स्टोरेज कंपनी Pixii AS के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।

Pace Digitek

इलेक्ट्रिकल और पावर सॉल्यूशंस कंपनी Pace Digitek की सब्सिडियरी Lineage Power ने Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ MoU किया है। इसके तहत कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) की सप्लाई करेगी।

Great Eastern Shipping

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping ने 2015 में बने LR2 टैंकर ‘Jag Laxman’ की डिलीवरी ले ली है। इसकी क्षमता करीब 1,09,990 डेडवेट टन (DWT) है। इस खरीद का पूरा भुगतान कंपनी ने अपनी आंतरिक नकदी से किया है।

Muthoot Microfin

माइक्रोफाइनेंस कंपनी Muthoot Microfin का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून तिमाही में सालाना आधार पर 18% बढ़ा। कंपनी ने इसका श्रेय मजबूत लोन वितरण और बेहतर कलेक्शन एफिशिएंसी को दिया है।

CONCOR & GAIL

सरकारी लॉजिस्टिक्स कंपनी Container Corporation of India (CONCOR) और सरकारी गैस कंपनी GAIL (India) ने 15 साल का समझौता किया है। दोनों अहमदाबाद के Khodiyar Inland Container Depot (ICD) में LNG डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करेंगे।

Vikram Solar

सोलर कंपनी Vikram Solar ने Evervolt Solar Tech के साथ 130 मेगावाट क्षमता के सोलर सेल की सप्लाई का समझौता किया है। इस डील से कंपनी की ऑर्डर बुक और सोलर कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

AWL Agri Business

FMCG कंपनी AWL Agri Business ने अपने Regenerative Mustard Programme का विस्तार करने का ऐलान किया है। कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत सरसों की उपज में 30% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Vijaya Diagnostic

डायग्नोस्टिक सर्विसेज कंपनी Vijaya Diagnostic ने Narasimha Raju K.A. को नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 9 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है।

Nifty के 24200-24300 पार करने पर दिखेगी शॉर्ट-कवरिंग, जानिए 10 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty के 24200-24300 पार करने पर दिखेगी शॉर्ट-कवरिंग, जानिए 10 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

सेंसेक्स और निफ्टी 9 जुलाई को तेजी के साथ बंद हुए। लेकिन, पूरे दिन सूचकांकों में उतार-चढ़ाव दिखा। इसमें सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का कुछ हाथ रहा। कारोबार खत्म होने के अंतिम घंटे में बाजार में प्रॉफिट-बुकिंग दिखी। इससे निफ्टी 24,000 के नीचे आ गया। क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों का असर मार्केट पर पड़ रहा है। सवाल है कि आगे मार्केट की चाल कैसी रहेगी?

निफ्टी ने कारोबार के दौरान ताकत दिखाने की कोशिश की

एनालिस्ट्स का कहना है कि Nifty अगर 24,200-24,300 जोन को पार कर जाता है तो बाजार में शॉर्ट-कविरंग देखने को मिलेगी। शॉर्ट कवरिंग से मार्केट चढ़ेगा। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “निफ्टी के लिए 23,400-23,600 के लेवल पर सपोर्ट है। 8 जुलाई को बड़ी गिरावट के बाद 9 जुलाई को उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी ने बाउंस बैक करने की कोशिश की। कारोबार के अंत में यह 80 अंक ऊपर बंद हुआ।”

इंडिया वीआईएक्स 14 के नीचे आया

इस रिपोर्ट के मुताबिक, “लॉन्ग अपर शैडो के साथ डेली चार्ट पर एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बना था। टेक्निकल रूप से यह ‘इनवर्टेड हैमर’ टाइप कैंडल पैटर्न बनने का संकेत है। गिरावट के बाद आम तौर पर ऐसा पैटर्न बनने को बुलिश रिवर्सल के रूप में देखा जा सकता है।” इंडिया वीआईएक्स में गिरावट आई है। यह 14 के नीचे आ गया है। आज निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी को छोड़ बाकी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

शॉर्ट टर्म में निफ्टी का ट्रेंड कमजोर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा, “निफ्टी का अंडरलाइंग शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर लगता है। लेकिन, 23,800 के सपोर्ट लेवल के करीब से इसके बाउंस बैक करने का संकेत दिख रहा है। अगर यह 24,200-24,300 के लेवल के पार हो जाता है तो बाजार में काफी शॉर्ट कवरिंग दिख सकती है।”

23,780 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है

एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा, “आगे निफ्टी के लिए 23,800-23,780 अगले सपोर्ट जोन का काम करेगा। कई पिछले स्विंग लो इस रीजन में हैं। निफ्टी के 23,780 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इससे वह पहले 23,600 और उसके बाद 23,450 की तरफ बढ़ सकता है। तेजी की स्थिति में निफ्टी के लिए अगला रेसिस्टेंस 24,070-24,100 के जोन में है।”

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गिफ्टी निफ्टी दे रहा हल्की रिकवरी का संकेत

गिफ्ट निफ्टी 10 जुलाई को बाजार में हल्की रिकवरी का संकेत दे रहा है। 9 जुलाई को शाम 7:20 बजे यह 0.19 फीसदी यानी 44.50 अंक की तेजी के साथ 24,039 पर था। हालांकि, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने और क्रूड की कीमतों में उछाल का असर बाजार पर दिख सकता है। हालांकि, क्रूड में हल्की नरमी दिखी है।

ITR Filing 2026: हर कोई नहीं भर सकता ITR-1, इन 10 मामलों में चुनना होगा दूसरा फॉर्म

ITR 2026: ITR-1 (सहज) सबसे आसान इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म माना जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर सैलरी पाने वाले कर्मचारी और पेंशनर्स करते हैं। लेकिन सिर्फ आसान होने की वजह से ITR-1 नहीं भरना चाहिए। अगर आपकी आय या निवेश कुछ खास कैटेगरी में आता है, तो आपको ITR-2 या ITR-3 भरना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग Defective Return Notice भेज सकता है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना बताया कि 10 स्थितियों में ITR-1 नहीं भरा जा सकता। इनके बजाय टैक्सपेयर्स को ITR-2 या ITR-3 भरा जा सकता है।

1. शेयर या म्यूचुअल फंड पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचकर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) कमाया है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-2 भरना होता है। हालांकि, अगर आपकी शेयर ट्रेडिंग को बिजनेस इनकम माना जाता है (जैसे F&O या बार-बार ट्रेडिंग), तो ITR-3 लागू होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन

अगर लिस्टेड शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचने पर धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये से ज्यादा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) हुआ है, तो ITR-1 मान्य नहीं होगा।

3. जमीन, मकान या अन्य संपत्ति बेची हो

अगर आपने जमीन, मकान, गहने, डेट म्यूचुअल फंड या कोई अन्य कैपिटल एसेट बेचा है, तो उससे होने वाले कैपिटल गेन की जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आय हो

अगर आपकी कमाई बिजनेस, फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, प्रोफेशनल फीस या किसी प्रोप्राइटरशिप बिजनेस से होती है, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-3 भरना होता है। अगर आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुनते हैं, तो ITR-4 लागू हो सकता है।

5. F&O या इंट्राडे ट्रेडिंग करते हों

अगर आपने F&O, इंट्राडे ट्रेडिंग या ऐसी ट्रेडिंग की है जिसे बिजनेस इनकम माना जाता है, तो ITR-1 आपके लिए नहीं है।

6. अनलिस्टेड शेयर होल्ड किए हों

अगर पिछले वित्त वर्ष में किसी भी समय आपके पास अनलिस्टेड इक्विटी शेयर रहे हैं, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे में ITR-2 या ITR-3 भरना होगा।

7. किसी कंपनी के डायरेक्टर हों

अगर आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, तो ITR-1 भरने के पात्र नहीं हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में ITR-2 या ITR-3 भरना पड़ता है।

8. विदेश में संपत्ति या बैंक खाते का अधिकार हो

अगर आपके पास विदेश में कोई संपत्ति, वित्तीय निवेश या किसी विदेशी बैंक खाते पर साइन करने का अधिकार है, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में विदेशी संपत्तियों का अलग से खुलासा करना पड़ता है।

9. विदेश से आय होती हो

अगर आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज, किराया या कैपिटल गेन जैसी कोई आय होती है, तो ITR-1 लागू नहीं होगा। आमतौर पर ITR-2 या ITR-3 के साथ जरूरी शेड्यूल भी भरने होते हैं।

10. आय 50 लाख रुपये से ज्यादा हो

अगर आपकी कुल टैक्सेबल आय 50 लाख रुपये से ज्यादा है, पिछले साल का नुकसान (Loss) आगे ले जाना है या लॉटरी, घुड़दौड़ जैसी विशेष श्रेणी की आय है, तो भी ITR-1 नहीं भर सकते।

गलत फॉर्म चुनने से क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय पर ITR भरना जितना जरूरी है, उतना ही सही फॉर्म चुनना भी जरूरी है। गलत ITR फॉर्म भरने पर इनकम टैक्स विभाग Defective Return Notice भेज सकता है। इससे रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है या फिर रिवाइज्ड (Revised) रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है।

शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से पहले जान लें टैक्स के नियम, नहीं तो मुनाफा हो जाएगा कम

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

करोड़ों की नौकरी को कहा ना! Meta का पैकेज भी नहीं डिगा सका IIT बॉम्बे के इस इंजीनियर का इरादा, जानिए क्यों

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बड़ी टेक कंपनियां टैलेंट को अपने साथ जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के पैकेज दे रही हैं। लेकिन कुछ लोग अच्छी खासी सैलरी छोड़कर अपना सपना पूरा करने का रास्ता चुनते हैं। ऐसा ही एक मामला आईआईटी बॉम्बे से पढ़े AI रिसर्चर ऋषभ अग्रवाल का सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स से मिले 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया।

पोस्ट के मुताबिक, ऋषभ ने यह बड़ा ऑफर इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह अपना खुद का AI स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, बाद में खुद ऋषभ अग्रवाल ने इस दावे पर सफाई दी। उनके बयान के बाद इस पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया और कई लोग हैरान रह गए।

IIT बॉम्बे के AI रिसर्चर ने ठुकराया करोड़ों का ऑफर

यह पूरा मामला तब चर्चा में आया, जब X पर एक यूज़र विकास ऑलवेज ने ऋषभ अग्रवाल को लेकर एक पोस्ट शेयर की। पोस्ट में उनके आईआईटी बॉम्बे से लेकर दुनिया की बड़ी AI कंपनियों तक के सफर का जिक्र किया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने जेईई परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 33 हासिल की थी और इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। आगे चलकर उन्होंने गूगल ब्रेन, डीपमाइंड और वेमो जैसी दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों में काम किया।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने उन्हें करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपये) का नौकरी का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय ठुकरा दिया। यही दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

AI की दुनिया में बड़ी पहचान, अब बना रहे हैं अपना स्टार्टअप

वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल AI की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। पोस्ट के अनुसार, वह इस समय पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) नाम की नई पीढ़ी की AI कंपनी तैयार कर रहे हैं। पोस्ट में लिखा गया कि भले ही आम लोग उन्हें ज्यादा न जानते हों, लेकिन AI क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान है। इसकी वजह यह बताई गई कि उन्होंने दुनिया की कई प्रमुख AI कंपनियों और रिसर्च लैब्स में काम किया है। इनमें गूगल ब्रेन, डीपमाइंड, वेमो और मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

करोड़ों का ऑफर छोड़कर अपने स्टार्टअप से जुड़े

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने मेटा में करीब पांच महीने काम करने के बाद मिले करीब 9.5 करोड़ रुपये सालाना के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) में सह-संस्थापक (को-फाउंडर) के रूप में जुड़ गए। पोस्ट के अनुसार, पीरियॉडिक लैब्स अगली पीढ़ी की AI तकनीक पर काम कर रही है। इस स्टार्टअप को एनवीडिया (NVIDIA) और जेफ बेजोस का समर्थन भी मिला हुआ है।

बताया गया है कि कंपनी ऐसा AI वैज्ञानिक (AI Scientist) तैयार कर रही है, जो नई सामग्री, नई दवाओं और यहां तक कि भौतिक विज्ञान से जुड़ी नई खोजों के लिए वास्तविक दुनिया के प्रयोगों के आधार पर नए विचार और परिकल्पनाएं तैयार करने में मदद कर सके।

वायरल पोस्ट पर खुद ऋषभ अग्रवाल ने दी सफाई

यह पोस्ट देखते ही देखते X पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने के फैसले के लिए ऋषभ अग्रवाल की जमकर तारीफ की। जब यह चर्चा बढ़ने लगी, तो ऋषभ अग्रवाल ने खुद इस पोस्ट पर जवाब दिया। उन्होंने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही एक अहम बात भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि मेटा की ओर से मिला ऑफर 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) से भी कहीं बड़ा था। हालांकि, ऋषभ ने ऑफर की वास्तविक रकम का खुलासा नहीं किया। लेकिन उनके बयान से इतना जरूर साफ हो गया कि वायरल पोस्ट में बताई गई राशि से कहीं ज्यादा बड़ा पैकेज उन्हें दिया गया था।