SBI के इस IPO ने खुलने से पहले ही मचाई हलचल! ग्रे मार्केट से आए चौंकाने वाले संकेत, जानें सभी जरूरी डिटेल्स

SBI Funds Management IPO GMP Today: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का मेगा आईपीओ 14 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के इस सबसे बड़े खिलाड़ी के आईपीओ को लेकर बाजार में भारी उत्साह है। अनऑफिशियल मार्केट में कंपनी के अनलिस्टेड शेयरों की खूब डिमांड देखने को मिल रही है।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह पब्लिक इश्यू ₹11,692.91 करोड़ का है। आइए जानते हैं इस बड़े आईपीओ की पूरी डिटेल, प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें और कंपनी का बिजनेस प्रोफाइल।

IPO प्राइस बैंड और मार्केट वैल्यूएशन

  • प्राइस बैंड: ₹545 से ₹574 प्रति शेयर
  • एंकर इनवेस्टर बिडिंग: 13 जुलाई, 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 14 जुलाई, 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 16 जुलाई, 2026
  • अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 17 जुलाई, 2026
  • रिफंड और डिमैट क्रेडिट: 20 जुलाई, 2026
  • शेयर बाजार में लिस्टिंग: 21 जुलाई, 2026 BSE और NSE पर

पूरी तरह ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है यह इश्यू

यह ₹11,692.91 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत आ रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी के प्रमोटर्स अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रहे हैं और इससे मिलने वाला पूरा पैसा उन्हीं के पास जाएगा, कंपनी को अपने काम के लिए कोई फंड नहीं मिलेगा।

SBI बेचेगा: 12.83 करोड़ शेयर (6.3% हिस्सेदारी)

Amundi India Holding बेचेगी: 7.56 करोड़ शेयर (3.7% हिस्सेदारी)

इस बड़े इश्यू को संभालने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज, एचएसबीसी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स जैसी दिग्गज संस्थाएं बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स की भूमिका निभा रही हैं।

कैसा है कंपनी का बिजनेस?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है, जो एसबीआई म्यूचुअल फंड के निवेश को मैनेज करती है। 31 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 15.4 फीसदी है।

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कंपनी का तिमाही औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) ₹12,49,970 करोड़ रहा है। अगर इसमें पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अन्य एडवाइजरी फंड्स को भी जोड़ दिया जाए, तो कंपनी का कुल QAAUM ₹29,04,026 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच जाता है।

लगातार बढ़ रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम

10 जुलाई की सुबह ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के अनऑफिशियल शेयरों में मजबूती देखी जा रही है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, इसका जीएमपी फिलहाल ₹85 प्रति शेयर चल रहा है, जो करीब 14.81% के लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। वहीं इनवेस्टरगेन के अनुसार इसका जीएमपी ₹86 के आस-पास है, जो लगभग 15% का मुनाफा दिखाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hydrogen Trials Routes: दिल्ली-आगरा से मुंबई-पुणे तक… देश के उन 10 रूटों की फुल लिस्ट जहां शुरू हुआ हाइड्रोजन ट्रायल, जानिए क्या है पूरी तैयारी

Hydrogen Trials Routes: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने परिवहन उद्योग के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर में आयोजित प्रवास 5.0 और भारत प्रवास अवार्ड्स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की है कि हाइड्रोजन ही परिवहन उद्योग का भविष्य है। उन्होंने इस दौरान बताया कि सरकार देश भर के 10 महत्वपूर्ण रूटों पर ईंधन के रूप में इसके इस्तेमाल का ट्रायल कर रही है।

नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल के क्षेत्र में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बहुत शानदार काम कर रही है। आने वाले समय में भारत अपनी बेहतरीन तकनीक और किफायती लागत के दम पर इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करेगा।

देश के वे 10 रूट जहां चल रहा है हाइड्रोजन का ट्रायल

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय जिन 10 रूटों पर हाइड्रोजन ईंधन का पायलट प्रोजेक्ट चला रहा है, उनकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखिए-

ग्रेटर नोएडा – दिल्ली – आगरा

पुणे – मुंबई

साहिबाबाद – फरीदाबाद – दिल्ली

अहमदाबाद – वडोदरा – सूरत

जामनगर – अहमदाबाद

भुवनेश्वर – कोणार्क – पुरी

जमशेदपुर – कलिंगा नगर

तिरुवनंतपुरम – कोच्चि

कोच्चि – एडपल्ली

नेशनल हाईवे-16 विशाखापट्टनम – बय्यावराम

नंबर 1 बनने की ओर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, 4.5 करोड़ नौकरियां

नितिन गडकरी ने देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की अभूतपूर्व तरक्की के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला था तब देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था और यह वैश्विक स्तर पर 7वें स्थान पर थी। आज यह 22 लाख करोड़ रुपये के आकार के साथ दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है। हमारा लक्ष्य जल्द से जल्द दुनिया में पहले स्थान पर पहुंचना है।

यह इंडस्ट्री केंद्र और राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा राजस्व देती है और इसके जरिए देश में 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा हुई हैं। भारत के टू-व्हीलर निर्माता आज अपनी सुरक्षा और तकनीक के दम पर 50 प्रतिशत उत्पाद विदेशों में बेच रहे हैं।

सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता, हर साल 1.80 लाख मौतें

सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री ने गंभीर आंकड़े पेश किए और ट्रांसपोर्टर्स व निर्माताओं से मदद की अपील की। देश में हर साल 5 लाख सड़क हादसे होते हैं जिनमें 1.80 लाख लोगों की जान चली जाती है। इन हादसों में जान गंवाने वाले लोगों में से 66 प्रतिशत लोग 18 से 36 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। इन दुर्घटनाओं के कारण देश को 3 प्रतिशत जीडीपी का नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बस निर्माताओं को बड़ी राहत, टेस्टिंग चार्ज 50% घटेगा

नितिन गडकरी ने बसों की संख्या बढ़ाने उनकी सुरक्षा और निर्माताओं को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। देश में सालाना 3 लाख बसों की जरूरत है लेकिन हमारे निर्माता सिर्फ 70000 से 80000 बसें ही बना पा रहे हैं। उत्पादकता को तीन गुना बढ़ाना होगा। निर्माताओं का कर्तव्य है कि वे विश्व स्तरीय तकनीक के साथ उचित आर्थिक मूल्य पर अधिक आराम प्रदान करें। पिछले साल सितंबर में संशोधित बस बॉडी कोड लागू किया गया था।

अब सरकार ने 600 से अधिक बस बॉडी निर्माता इकाइयों (जिसमें 75000 कर्मचारी कार्यरत हैं) को राहत देते हुए टेस्टिंग चार्ज को 50 प्रतिशत कम करने और प्रोसेसिंग की समयसीमा को 16 सप्ताह से घटाकर 6 सप्ताह करने का निर्णय लिया है। गडकरी ने इलेक्ट्रिक बस निर्माताओं से अपील की कि वे लिथियम-आयन बैटरी की घटी हुई कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में चार्जिंग के लिए 20 रुपये की बिजली दर अधिक है। उनका मंत्रालय बसों, ट्रकों व कारों के लिए इसे कम करने पर काम कर रहा है। मंत्रालय देश में प्राइवेट बसपोर्ट बनाने पर काम कर रहा है। इसके अलावा ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण से यात्रा का समय कम होगा जिससे ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री का टर्नओवर और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

Kalyan Jewellers Share Price: लगातार तीसरे दिन कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लगे पंख, सिर्फ तीन दिन में 35% उछला

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में लगातार तीसरे दिन बड़ी तेजी दिखी। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 7 फीसदी तक चढ़ गया था। बीते तीन सत्रों में यह शेयर करीब 35 फीसदी चढ़ चुका है। खास बात यह है कि शेयरों में उछाल के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा है।

दोपहर तक शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 4 करोड़ शेयरों तक पहुंच गया। 20 दिनों का इसका का एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम 22 लाख शेयरों का है। करीब 13 फीसदी ट्रेडेड शेयर डिलीवरी वाले हैं। 9 जुलाई को यह शेयर अपने 100-दिन और 200-दिन मूविंग एवरेजेज के ऊपर बंद हुआ। यह गुरुवार को निफ्टी 500 का सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वाला स्टॉक बन गया।

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही का इसका बिजनेस अपडेट है। इसके अलावा विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने फिर से इस शेयर को ‘बाय’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसकी वजह कंपनी का शानदार प्रदर्शन है। जून तिमाही में कल्याण के इंडिया बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 38 फीसदी रही। इसमें सेम-सेल्स में 28 फीसदी ग्रोथ का बड़ा हाथ रहा।

कल्याण ने जून तिमाही में नए 12 कल्याण स्टोर्स ओपन किए। सिटी ने कहा है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने प्रमुख बाजारों में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने की जानकारी दी है। अधिक मास के बावजूद कंपनी की सेल्स अच्छी रही। जून में कुल सेल्स में पुराने ज्वेलरी एक एक्सचेंज सेल की हिस्सेदारी बढ़कर 55 फीसदी से ज्यादा हो गई। कपनी के इंटरनेशनल बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।

सिटी ने कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लेकर कुछ रिस्क भी बताए हैं। उसने कहा है कि इंडिया में कल्याण के ज्वेलरी बिजनेस का प्रदर्शन टाइटन के मुकाबले कमजोर रहा। बीती 13 तिमाहियों में पहली बार ऐसा हुआ है। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर ने काफी ज्यादा शेयर गिरवी रखे हैं। अगर आगे कंज्यूमर डिमांड में सुस्ती आती है तो इसका असर कंपनी के बिजनेस पर पड़ सकता है।

10 जुलाई को कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 11:30 बजे 6.90 फीसदी चढ़कर 473.75 रुपये पर चल रहा था। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में भी तेजी थी। निफ्टी 0.85 फीसदी यानी 204 अंक चढ़कर 24,168 पर चल रहा था। सेंसेक्स भी 0.90 फीसदी यानी 682 अंक के उछाल के साथ 77,429 पर था। बैंक निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर था। मिडकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी थी।

Stock Market Rally: सेंसेक्स 846 अंक तक उछला, निफ्टी फिर 24200 के पार; 6 कारणों से लगातार दूसरे दिन तेजी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 10 जुलाई को लगातार दूसरे दिन तेजी का आलम है। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 846 अंक तक चढ़ गया। इसके पीछे IT शेयरों में खरीदारी, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट, एशियाई बाजारों की तेजी जैसे कई फैक्टर हैं। सेंसेक्स की ओपनिंग हरे निशान में 77,395.63 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से 846.26 अंक से ज्यादा चढ़कर 77,588.08 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी बढ़त के साथ 24,124.70 पर खुला और फिर 263.25 अंक उछलकर 24,226.05 के हाई तक गया।

गुरुवार को सेंसेक्स 238.22 अंक या 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,741.82 पर और निफ्टी 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,962.80 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं शुक्रवार की तेजी के अहम कारण…

US-ईरान युद्ध के समाधान की उम्मीद

गुरुवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ मसलों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है और हालिया तनाव के बावजूद तकनीकी बातचीत जारी है। इस खबर से भू-राजनीतिक मोर्चे पर तनाव बढ़ने की चिंता कम हुई है, जिससे बाजार को सहारा मिला है।

IT शेयरों में खरीदारी

TCS के शेयरों में 3% से ज्यादा की बढ़त के बाद निफ्टी IT इंडेक्स में जबरदस्त तेजी है। यह 3% तक चढ़ गया। TCS के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है।

TCS का जून तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.61% की बढ़ोतरी के साथ ₹13,349 करोड़ रहा। कंपनी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित मांग में मौजूदा तिमाही में सुधार की उम्मीद है।

एशियाई बाजारों की तेजी

एशियाई बाजार बढ़त में हैं। इसका असर भी देश के शेयर बाजार पर है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 4% से ज्यादा चढ़ा है, जापान का निक्केई 225 1.91% बढ़ा है। इसी तरह शंघाई का SSE कंपोजिट 0.76% और हांगकांग का हैंग सेंग 1.73% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत 76.19 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बावजूद, तेल की कीमतों में नरमी है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए इसलिए अच्छी हैं क्योंकि देश अपनी तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। सस्ते तेल से आयात लागत कम होती है, महंगाई का दबाव घटता है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट मजबूत होता है।

रुपये की मजबूती

रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 15 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.32 पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से घरेलू मुद्रा को बल मिला। रुपया गुरुवार को एक पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.47 पर बंद हुआ था।

इंडिया VIX में गिरावट

बाजार में अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX, लगभग 6 प्रतिशत तक गिरकर 12.63 पर आ गया। इंडिया VIX में गिरावट का मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीदें कम हो रही हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।

ITR Filing 2026: फॉर्म चुनने में की ये चूक तो टैक्स विभाग थमा देगा नोटिस, फाइलिंग से पहले देख लें ये 10 नियम

ITR-1 vs ITR-2: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सीजन आते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे ITR-1 (सहज फॉर्म) चुन लेते हैं। माना कि यह सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में सरल है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने सालभर में शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 भरने के लिए अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म चुनना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग आपको ‘डिफेक्टिव रिटर्न’ का नोटिस भेज सकता है। आइए जानते हैं वे 10 मामले, जिनमें आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इन 10 मामलों में ITR-1 फॉर्म भरना है मना, चुनना होगा ITR-2 या ITR-3

1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल से पहले बेचा है और उस पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इसके लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)

अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को बेचने पर आपको धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता बंद हो जाता है।

3. जमीन, मकान या सोना बेचना

अगर आपने कोई प्रॉपर्टी (जमीन या बिल्डिंग), ज्वेलरी या डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कमाई को ‘कैपिटल गेन्स शेड्यूल’ में दिखाना होता है, जो ITR-1 में उपलब्ध नहीं होता। इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आमदनी

अगर आपकी फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी तरह के प्रोफेशन या खुद के बिजनेस से कोई कमाई होती है, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में ITR-3 भरना पड़ता है। जब तक कि आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन के तहत ITR-4 के योग्य न हों।

5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग

शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को बिजनेस इनकम माना जाता है। इसे भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।

सैलरी के अलावा इन स्थितियों में भी बदल जाएगा फॉर्म

6. अनलिस्टेड शेयरों में निवेश

अगर आपने किसी ऐसी कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे साल में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते।

7. किसी कंपनी में डायरेक्टर होना

अगर आप किसी भी छोटी या बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, तो आप ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म भरना होगा।

8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता

अगर आपके पास भारत के बाहर कोई प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स जैसे- अमेरिकी स्टॉक हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में विस्तृत ‘Schedule FA’ भरना होगा।

9. विदेश से होने वाली कोई भी कमाई

यदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज या किराए के रूप में कोई आमदनी हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ Schedule FSI और Schedule TR भरना पड़ता है।

10. ₹50 लाख से ज्यादा की कमाई या पुराना घाटा

अगर आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम ₹50 लाख से अधिक है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना नुकसान है जिसे आप इस साल एडजस्ट करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से कमाई हुई है, तो भी ITR-1 मान्य नहीं होगा।

एक्सपर्ट की सलाह: गलत फॉर्म चुनने पर क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म चुनना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप गलती से गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव यानी दोषपूर्ण माना जाएगा, जिससे रिफंड आने में देरी होगी और आपको दोबारा ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइलिंग से पहले अपने सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा जरूर कर लें।

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Lock Upp 2: ‘दस साल खेल गई मेरे साथ…’, तलाक के खुलासे के बीच गौरव खन्ना ने आकांक्षा चमोला पर कसा तंज

Lock Upp 2: टीवी एक्टर गौरव खन्ना हाल ही में अपनी पत्नी आकांक्षा चमोला को सपोर्ट करने के लिए ‘लॉक अप- सच या सज़ा’ में गेस्ट के तौर पर शामिल हुए। शो के दौरान एक्टर ने साफ किया कि अलग होने के बावजूद, वे अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उन्होंने अभी तक तलाक के लिए अर्जी नहीं दी है। हालांकि, आकांक्षा के बारे में कही गई उनकी एक बात ने सबका ध्यान खींचा।

जब आकांक्षा ने एक कंटेस्टेंट के तौर पर ‘लॉक अप’ में एंट्री की, तो उन्होंने एक बड़ा राज खोला कि वह और गौरव तलाक लेने वाले थे। इस बात से फैंस हैरान रह गए। बाद में उन्होंने शो पर यह भी बताया कि वह बायसेक्शुअल हैं और शादी से पहले महिलाओं के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हैं। जब गौरव ‘लॉक अप’ सीजन 2 में आए, तो फराह खान ने इस कपल को अपने रिश्ते के बारे में बात करने और चर्चा करने के लिए कुछ प्राइवेट समय दिया।

बातचीत के दौरान, गौरव ने आकांक्षा के खुलासे के बारे में बात की और कहा, “अभी यह सबसे बड़ी खबर है। हमने मई में तलाक के बारे में बात की थी। लेकिन लोगों को लगता है कि हमारा तलाक एक साल पहले ही हो चुका है। वे कह रहे हैं कि वह बिग बॉस के लिए ऑडिशन दे रही थी और मैं सहानुभूति पाने के लिए ऐसा कर रहा था। हर कोई इस मामले का फायदा उठाना चाहता है। लोगों के रिएक्शन से मुझे बहुत हैरानी हुई। उन्हें पार्टी करने का खुला मौका मिल गया। कानूनी तौर पर, तुम अभी भी मेरी पत्नी हो।”

इसके बाद, गौरव आकांक्षा को दिलासा देते हुए दिखे, क्योंकि वह रो पड़ी थी। उन्होंने आकांक्षा से कहा कि वह रोए नहीं और उन्हें हिम्मत बनाए रखने और रियलिटी शो जीतने पर ध्यान देने के लिए चियर किया। बाद में, जब आकांक्षा ने पूछा कि क्या उनके जीतने की कोई संभावना है, तो फराह ने बातचीत में दखल देते हुए कहा कि आकांक्षा को गेम के बारे में किसी सलाह की जरूरत नहीं है।

इस पर गौरव ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “क्या तुम्हें लगता है कि मुझे यह पता नहीं है? जो 10 साल से मेरे साथ खेल गई, वो कोई भी शो जीत सकती है।”गौरव की इस कमेंट पर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। गौरव के एक प्रशंसक ने कमेंट किया, “जीके के लिए बुरा लग रहा है, इतना प्यार देने के बाद भी उसे यही मिला।” एक अन्य ने लिखा, “तुम्हें और शक्ति मिले, तुम सारी खुशियां और सफलता के हकदार हो।”

गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला ने कुछ समय तक डेटिंग करने के बाद 2016 में शादी की थी। इस कपल ने 24 नवंबर 2016 को गौरव के गृहनगर कानपुर में तीन दिन का इवेंट रखा था। हाल ही में, ‘लॉक अप’ शो में आकांक्षा ने बताया कि वह और गौरव पिछले एक साल से अलग रह रहे हैं और उन्होंने तलाक लेने का फैसला किया है। इस बात ने कई फैंस को हैरान कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि गौरव हमेशा से बच्चे चाहते थे, लेकिन उनमें “मां बनने की भावना” नहीं है और वह मां नहीं बनना चाहतीं; इससे संकेत मिलता है कि शायद यही उनके अलग होने की एक वजह रही हो।

पिछले हफ्ते, शो की एक और कंटेस्टेंट श्रेया कालरा ने आकांक्षा का यह राज खोला कि वह बायसेक्शुअल हैं। बाद में आकांक्षा ने खुद इस बात की पुष्टि की और बताया कि गौरव से शादी करने से पहले वह महिलाओं की ओर आकर्षित होती थीं और उनके महिलाओं के साथ रिश्ते भी रहे थे।

IC Electricals की जबरदस्त शुरुआत, 68% बढ़त में लिस्ट; फिर 5% तेजी के साथ अपर सर्किट

IC Electricals की शुक्रवार, 10 जुलाई को NSE SME पर लिस्टिंग जबरदस्त रही। शेयर 67.67 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 166 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO प्राइस 99 रुपये था। लिस्टिंग के बाद शेयर में 5 प्रतिशत की तेजी आई और 174.30 रुपये पर अपर सर्किट लगा। कंपनी का इश्यू 3 जुलाई को खुला और 7 जुलाई को बंद हुआ। इसे 295.08 गुना का धांसू सब्सक्रिप्शन मिला।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 241.75 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 764.38 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 372.51 गुना भरा। पब्लिक इश्यू का साइज 47.91 करोड़ रुपये था। इसमें 48 लाख नए शेयर जारी हुए।

Share Market Rise: बाजार लगातार दूसरे दिन चढ़ा, सेंसेक्स 785 अंक तक उछला; निवेशकों की दौलत ₹4.61 लाख करोड़ बढ़ी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सिंगापुर में गाड़ी खरीदने में लोगों के छूट रहे पसीने, ओनरशिप सर्टिफिकेट की कीमत जान उड़ जाएंगे होश

सिंगापुर में कार खरीदने वालों को अब छोटी कार का मालिकाना हक पाने के लिए लगभग 100,000 डॉलर खर्च करने पड़ेंगे। शहर-राज्य की वाहन कोटा प्रणाली में छोटी कारों की लागत बुधवार को अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

सिंगापुर नियमित रूप से एक निश्चित संख्या में “ओनरशिप सर्टिफिकेट” की नीलामी करता है, जो 10 वर्षों के लिए कार रखने की अनुमति देता है। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या लगभग 10 लाख तक सीमित रखने में मदद मिलती है। सिंगापुर की आबादी 61 लाख है और शहर को कार से एक घंटे से भी कम समय में घूमा जा सकता है।

नीलामी के चलते सिंगापुर कार खरीदने के लिए दुनिया का सबसे महंगा शहर बन गया है। छोटे वाहनों, यानी 1.6 लीटर से कम इंजन क्षमता वाले वाहनों के लिए सर्टिफिकेट की कीमतें कोविड से पहले के स्तर से चार गुना बढ़ गई हैं और इनमें कमी आने के कोई संकेत नहीं हैं।

मई में संसद में बढ़ती कीमतों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री जेफरी सिओ ने कहा कि प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों के कारण मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि नीलामी में छोटे वाहनों के सर्टिफिकेट की उपलब्धता घट रही है।

अब सिर्फ एक सर्टिफिकेट की कीमत उतनी है, जितनी अमेरिका में चार टोयोटा कोरोला कारें खरीदने में लगती है। सिंगापुर में सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन फीस और टैक्स मिलाकर उसी गाड़ी की कीमत S$179,888 ($139,000) होगी। इसकी तुलना में, इस शहर-देश में परिवार की सालाना औसत कमाई S$149,352 है, जबकि सरकार की सब्सिडी वाले छोटे फ्लैट की कीमत S$139,000 से ज्यादा है। अक्टूबर 2023 में, जब बड़ी कारों के सर्टिफिकेट की कीमत $100,000 के पार चली गई, तब छोटी कारों के सर्टिफिकेट की कीमत लगभग $77,500 थी। इस साल की पहली नीलामी में कीमत $78,844 (S$102,009) थी, जो तब से लगातार बढ़ रही है।

कई कार बनाने वाली कंपनियां सिंगापुर मार्केट के लिए अपने लोकप्रिय मॉडल के इंजन की पावर कम कर देती हैं ताकि उनकी कारें सस्ते सर्टिफिकेट के लिए योग्य हो सकें।

Gold silver Outlook: MCX पर सोने की कीमतें गिरी, क्या अब ये हैं पैसे लगाने का सही समय या करना चाहिए और इंतजार

Gold and silver price today: कमजोर ग्लोबल संकेतों और कमजोर स्पॉट मार्केट डिमांड के बीच शुक्रवार, 10 जुलाई को MCX पर शुरुआती डील में सोने और चांदी के रेट मिले-जुले रहे। MCX गोल्ड अगस्त डिलीवरी सुबह 9:15 बजे 0.27% गिरकर ₹1,44,913 प्रति 10 ग्राम पर थी, जबकि MCX सिल्वर सितंबर कॉन्ट्रैक्ट सुबह 0.08% बढ़कर ₹2,26,555 प्रति किलोग्राम पर थे।

इंटरनेशनल गोल्ड की कीमतों में हर हफ्ते गिरावट आने की उम्मीद है क्योंकि इस बात की चिंता बढ़ रही है कि US-ईरान के बीच नए तनाव से महंगाई बढ़ सकती है और यूएस फेडरल रिजर्व इस साल रेट बढ़ा सकता है।

फेड की जून मीटिंग के हाल ही में जारी मिनट्स में पॉलिसी बनाने वालों की मिडिल ईस्ट विवाद और बढ़ी हुई महंगाई को लेकर चिंता दिखाई दी। रॉयटर्स के मुताबिक, CME के ​​फेडवॉच टूल से पता चलता है कि ट्रेडर्स को सितंबर में रेट बढ़ने की 64% संभावना दिख रही है, जो एक हफ़्ते पहले लगभग 54% थी।

हालांकि सोने को महंगाई से बचाने वाला माना जाता है, लेकिन मॉनेटरी सख्ती के समय इसमें गिरावट आती है क्योंकि यह एक नॉन-यील्डिंग एसेट है। वेस्ट एशिया में एयरस्ट्राइक तेज हो गए हैं, जबकि US ने कहा है कि ईरान के साथ टेक्निकल बातचीत जारी रहेगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, US ने गुरुवार सुबह ईरान को टारगेट करते हुए नए हमले किए और तेहरान ने जवाब में वॉशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों को टारगेट किया। जिससे मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करने में मदद करने वाली अंतरिम डील को खतरा पैदा हो गया।

किन लेवल्स पर मिलेगा मुनाफा

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा कि जब तक सोने की कीमतें ₹1,40,500 से ऊपर बनी रहेगी, तब तक कुल मिलाकर स्ट्रक्चर गिरावट पर खरीदने के नजरिए का  है। सिंह ने कहा, “तुरंत रेजिस्टेंस 21-दिन के EMA के पास ₹1,47,000– ₹1,48,000 के आसपास है, और इस ज़ोन से ऊपर लगातार बढ़त आने वाले सेशन में तेजी को मजबूत कर सकती है।”

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि आज के सेशन में सोने को $4,110 और $4,074 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,165 और $4,200 प्रति ट्रॉय औंस पर है, और चांदी को $59.80 और $58.50 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $61.40 और $63 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

जैन के अनुसार, MCX सोने को ₹1,44,400 और ₹1,43,650 पर सपोर्ट है, और रेजिस्टेंस ₹1,46,150 और ₹1,47,000 पर है, जबकि चांदी को ₹2,24,000 और ₹2,21,000 पर सपोर्ट है और रेजिस्टेंस ₹2,29,100 और ₹2,32,000 पर है। जैन ने कहा, “हम वीकेंड से पहले हर बढ़त और U.S. और ईरान शांति समझौते पर अनिश्चितता पर सोने और चांदी की लॉन्ग पोजीशन में प्रॉफिट बुक करने का सुझाव देते हैं।”

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: आज चांदी की कीमतों में बड़ा उलटफेर! खरीदारी से पहले जानें 10 जुलाई का रेट

Silver Price Today: देशभर में आज 10 जुलाई 2026 को चांदी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। राष्ट्रीय स्तर पर 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब ₹234.90 से ₹235 प्रति ग्राम और ₹2,34,900 से ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों में आई गिरावट के बाद आज बाजार में कीमतें लगभग स्थिर रहीं। स्पॉट चांदी 0.8% बढ़कर $60.46 प्रति औंस हो गई है।

रिकवरी के बावजूद, मेटल हफ्ते में गिरावट के रास्ते पर बना रहा क्योंकि निवेशक बढ़ती ब्याज दर की उम्मीदों के असर का अंदाजा लगाते रहे। चांदी खरीदने से पहले अपने नजदीकी ज्वेलर या बुलियन डीलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और जीएसटी के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

आज के राष्ट्रीय चांदी के रेट

1 ग्राम: ₹234.90–₹235

10 ग्राम: ₹2,349–₹2,350

100 ग्राम: ₹23,490–₹23,500

1 किलोग्राम: ₹2,34,900–₹2,35,000

बाजार का रुख

बुलियन बाजार के जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में मुनाफावसूली (Profit Booking) और घरेलू बाजार में मांग में नरमी के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट आई थी। हालांकि, आज कीमतों में स्थिरता देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट के संकेत और एमसीएक्स (MCX) में होने वाली गतिविधियां आगे कीमतों की दिशा तय करेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में मांग में बदलाव और भारतीय रुपये की मजबूती के कारण चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में हल्की नरमी देखने को मिली है। वहीं, वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से कीमतों को कुछ समर्थन मिला है। थोक बाजार और वायदा कारोबार (MCX) में चांदी की कीमतों पर निवेशकों की लगातार नजर बनी हुई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।

खरीदारों के लिए सलाह

अगर आप चांदी के आभूषण, सिक्के या बार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार या अधिकृत ज्वेलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें। स्थानीय टैक्स, GST और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बात की आशंका भी बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, इसलिए सोने की ट्रेडिंग सावधानी के साथ हो रही है।

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हालांकि, इंटरनेशनल राजनीतिक तनाव आमतौर पर सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट्स) को बढ़ावा देते हैं। लेकिन सख्त मौद्रिक नीति और मजबूत अमेरिकी डॉलर की संभावनाओं ने सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखा है।