यूपी की हर्बल टी की सुगंध पहुंची अमेरिका-यूरोप

Vidur Herbal Tea

Vidur Herbal Tea: ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब जड़ी-बूटियों से तैयार ऑर्गेनिक हर्बल टी के जरिए विदेशों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार से मिल रहे प्रोत्साहन और योजनाओं के सहयोग से शुरू हुआ यह प्रयास आज सफल महिला उद्यमिता का मॉडल बन चुका है। इस 'विदुर हर्बल टी' की फ्रेंचाइजी की मांग अब अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों से हो रही है, जबकि दिल्ली, पंजाब, ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में यह बड़ी मात्रा में मंगाई जा रही है।

 

एक लाख के ऋण से शुरू हुआ सफल कारोबार

बिजनौर के ब्लॉक कोतवाली गांव टांडा मैदास लखी वाला की बबिता रानी बताती हैं कि योगी सरकार की योजना से समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह ने एक लाख रुपये का ऋण लेकर 'विदुर हर्बल टी' की शुरुआत की थी। आज समूह की 10 महिलाएं मिलकर पूरी तरह ऑर्गेनिक हर्बल टी तैयार कर रही हैं। इस उद्यम ने महिलाओं को नियमित आय के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का नया माध्यम भी तैयार किया है। इसके जरिए समूह की महिलाएं लखपति बन रही हैं।

जड़ी-बूटियों से तैयार होती है खास हर्बल टी

विदुर हर्बल टी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक संरचना है। इसे ऑर्गेनिक लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, जामुन, कच्ची हल्दी, अमरूद की पत्ती, दालचीनी, तुलसी, हरी इलायची और सौंफ से तैयार किया जाता है। यह दो प्रकार से तैयार होती है। पहली पारंपरिक जड़ी-बूटियों से बनी ऑर्गेनिक हर्बल टी और दूसरी 'अर्जुना हृदय शक्ति', जिसे दूध और पानी दोनों के साथ तैयार किया जा सकता है।

 

प्रदेश से बाहर भी तेजी से बढ़ रहा कारोबार

तत्कालीन सीडीओ बिजनौर और वर्तमान में वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने इन ग्रामीण महिलाओं को योगी सरकार की योजनाओं से जोड़ा। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह की ये महिलाएं आज आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम हुई हैं। 

 

विदुर हर्बल टी का कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है। बिजनौर में 35 आउटलेट और कैफे में इसका प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा मुरादाबाद में भी महिलाओं द्वारा दो विदुर हर्बल टी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। हाल ही में मुरादाबाद के सिविल लाइन स्थित कचहरी गेट के पास नया विदुर हर्बल टी सेंटर शुरू किया गया है। जल्द ही मुरादाबाद में 5 और कैफे की शुरुआत करने की तैयारी है।

Vidur Herbal Tea

महिलाएं ही तैयार करती हैं यहां का हर उत्पाद

इस पहल की एक और विशेषता यह है कि विदुर हर्बल टी से जुड़े सभी उत्पादों का निर्माण स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही करती हैं। उत्पादन से लेकर पैकेजिंग और विपणन तक की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथ में है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को भी नई पहचान मिली है।

ग्रामीण आजीविका मिशन बना महिला सशक्तीकरण का माध्यम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की पहल ने ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसर खोले हैं। विदुर हर्बल टी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि योजनाओं का लाभ मिलने पर ग्रामीण महिलाएं स्थानीय संसाधनों के आधार पर ऐसा उद्यम खड़ा कर सकती हैं, जो देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना सके।

 

JSW Motors’ Jaecoo J5 SUV spied in ICE avatar for the first time

Jaecoo J5 SUV spied in ICE avatar for the first time in India

The Jaecoo J5 SUV has been spied testing in an ICE avatar for the first time in India. Interestingly, the latest spy shots suggest the Jaecoo J5 could launch in India with an ICE powertrain, whereas earlier sightings pointed to an all-electric (EV) version only. The new exterior and interior spy shots of the ICE-powered Jaecoo J5 reveal some visible differences from the EV version.

  1. A functional grille, all-LED lighting and 18-inch alloy wheels can be seen
  2. An all-black cabin with a vertically mounted infotainment system was spotted
  3. Offered with a turbo-petrol and strong hybrid petrol internationally

In India, JSW Motors will launch its own standalone SUV based on the Jaecoo J5 under a technology and component licensing agreement with Chery, the Chinese automaker that owns the Jaecoo brand.

Jaecoo J5-based ICE SUV spied: What was spotted?

A functional grille with vertical slats confirms it is the ICE version of the Jaecoo J5

Although the Jaecoo J5-based SUV’s test mule is heavily camouflaged, a few design elements are visible. Among these is a functional grille with vertical slats, confirming it is the ICE version, as the EV features a blanked-off grille. The sleek LED headlights with LED DRL surrounds, however, are the same as those on the EV version. The bumper has a clean design, but it seems to miss out on the fog lamps offered with the international model.

In profile, the international-spec model gets 18-inch wheels. At the rear, slim wraparound LED taillights can be spotted. On the international model, these taillights are joined by a black trim with ‘Jaecoo’ badging in the centre.

The interior design mimics that of the all-electric model

The spy shots also reveal a large vertically oriented infotainment system on the dashboard, likely the same as the international model’s 13.2-inch unit. The international model also gets an 8.8-inch driver’s display, a panoramic sunroof, an 8-speaker Sony sound system, dual-zone climate control, a powered tailgate and a wireless phone charger. It will be interesting to see what features are offered with the India-spec model sold by JSW Motors.

South Africa-spec Jaecoo J5 dashboard shown for representational purposes only.

In terms of safety, the international model gets 7 airbags, a 540-degree camera (surround-view camera with an under-bonnet view function), a tyre pressure monitoring system (TPMS) and an advanced driver assistance system (ADAS) suite. 

Jaecoo J5-based ICE SUV: Expected powertrain

Offered with a turbo-petrol and a strong hybrid petrol engine internationally

Depending on the market, the ICE-powered Jaecoo J5 gets either a turbo-petrol or a strong-hybrid engine option. The 1.5-litre turbo-petrol produces up to 156hp and 275Nm, and is mated to either a 7-speed DCT or a CVT, depending on the market. It allows for a 0-100kph sprint time of 10.2 seconds 

A strong-hybrid version has a 1.5-litre 4-cylinder turbo-petrol engine and an electric motor powered by a 1.83 kWh lithium-ion battery. Combined, this setup produces 224hp and 295Nm. It does a 0-100kph sprint in 7.9 seconds. Jaecoo claims a fuel efficiency of 18.9kpl, allowing a total range of around 1,000km. It will be interesting to see which powertrain option is offered with the India-spec model.

India launch timeline is yet to be revealed

UK-spec Jaecoo J5’s EV (left) and ICE (right) versions shown for representational purposes only.

JSW Motors is expected to start its India operations with the Diwali launch of the Jetour T2-derived hybrid SUV, followed by launches of the SUVs derived from the Jaecoo J5 and iCaur V23. Upon launch, JSW Motors’ Jaecoo J5-based ICE SUV will lock horns with midsize SUVs such as the Hyundai Creta, Tata Sierra, Maruti Suzuki Victoris, Renault Duster and Nissan Tekton. The EV version will rival the Hyundai Creta Electric, Mahindra BE 6, Tata Sierra EV, Vinfast VF6 and Maruti Suzuki eVitara. 

Gold Silver Price Today: एक ही दिन में ₹8900 सस्ती हुई चांदी, सोने का भी गिरा भाव

Gold Silver Price Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹700 सस्ता होकर ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोमवार को इसका भाव ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसका भाव ₹8,900 टूटकर ₹2,26,100 प्रति किलोग्राम रह गया। एक दिन पहले चांदी ₹2,35,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, ज्वैलर्स और औद्योगिक खरीदारों की मांग कमजोर रहने से घरेलू बाजार में सोना और चांदी दबाव में रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या हाल?

वैश्विक बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग रही। स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,020.13 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 58.06 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आगे क्या रहेगा असर?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद सोने में रिकवरी की कोशिश जरूर दिखी, लेकिन तेजी ज्यादा नहीं टिक सकी।

उन्होंने कहा कि इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई बढ़ने की चिंता है। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित दिख रही है। अब बाजार की नजर अमेरिका के CPI और Core CPI महंगाई के आंकड़ों पर है।

उन्होंने कहा कि अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve सख्त रुख बनाए रख सकता है। इससे डॉलर और मजबूत होगा और सोने पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो सोने को सहारा मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन आंकड़ों से पहले सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा?

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Park Medi Share Price: इस साल अब तक 95% चढ़ा शेयर, लगा सकता है और 20% की छलांग, क्या आप करेंगे निवेश

Park Medi Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी पार्क मेडी वर्ल्ड (Park Medi World) का शेयर जनवरी 2026 से अब तक 95 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा टुका है। ऐसे में ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग (Choice Broking) ने इस स्टॉक पर अपनी Buy रेटिंग बनाए रखी है और शेयर के लिए 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है जो इसमें मौजूदा स्तर से 20 फीसदी की बढ़त की उम्मीद जताई है।

ब्रोकरेज ने अपने लेटेस्ट नोट में कहा, “हम FY28E पर कंपनी की वैल्यू 18x EV/EBITDA पर बनाए हुए हैं और इसलिए 350 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखते हैं।”ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी अपने मौजूदा क्लस्टर्स को मजबूत करते हुए पूरे नॉर्थ इंडिया में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

ब्रोकरेज ने गुरुग्राम में आने वाले 100-बेड वाले पार्क हॉस्पिटल प्लैटिनम फैसिलिटी के बारे में बताया, जिसे मौजूदा 225-बेड वाले पालम विहार हॉस्पिटल के पास लगभग ₹25 करोड़ के कैपिटल खर्च से बनाया जा रहा है।

नए हॉस्पिटल के नवंबर 2026 में चालू होने की उम्मीद है और इसका मकसद मौजूदा फैसिलिटी में कैपेसिटी की कमी को कम करना है, जो FY26 में लगभग 86% ऑक्यूपेंसी पर चल रही थी और लगभग ₹25 करोड़ का रेवेन्यू कमा रही थी, जो गुरुग्राम मार्केट में मज़बूत डिमांड का संकेत है।

ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि उत्तराखंड के रुद्रपुर में हाल ही में ₹1.77 बिलियन में खरीदा गया 330-बेड वाला मेडिसिटी हॉस्पिटल एक ज़रूरी ग्रोथ इंजन बनेगा। अगले महीने के आखिर तक ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें सभी 330 बेड पहले दिन से ही चालू हो जाएंगे। मैनेजमेंट पहले साल में ₹1 बिलियन रेवेन्यू, लगभग 20% EBITDA मार्जिन और लगभग 12% PAT मार्जिन का टारगेट कर रहा है, दूसरे साल ज़्यादा ऑक्यूपेंसी, हर बेड पर एवरेज रेवेन्यू (ARPOB) बढ़ने और बेहतर सुपर-स्पेशियलिटी मिक्स से इसमें और सुधार होगा।

कंपनी की ऑपरेटिंग ताकतों के बारे में बताते हुए, चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने कहा, “क्लस्टर-बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल एक मुख्य अंतर बना हुआ है, जिससे आस-पास के हॉस्पिटल डॉक्टर, खास इक्विपमेंट और ऑपरेशनल रिसोर्स शेयर कर सकते हैं, जिससे इस्तेमाल, भर्ती और कुल मिलाकर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार होता है। मार्च 2028 तक कुल कैपेसिटी लगभग 5,590 बेड तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसे एक्वायर किए गए हॉस्पिटल के चल रहे इंटीग्रेशन और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से सपोर्ट मिलेगा, जबकि मैनेजमेंट FY33 तक 10,000 बेड की उम्मीद कर रहा है।”

ब्रोकरेज ने बताया कि कंपनी की स्ट्रैटेजी बेड जोड़ने से कहीं आगे तक फैली हुई है। यह स्ट्रेटेजिक लोकेशन, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, विस्तार की संभावना और आकर्षक वैल्यूएशन पर संकटग्रस्त एसेट्स की उपलब्धता के आधार पर कम पहुंच वाले, तेज़ी से बढ़ने वाले हेल्थकेयर मार्केट में हॉस्पिटल खरीदने पर फोकस कर रहा है।

Saatvik Green Energy Share Price: गिरते बाजार में 5% दौड़ा शेयर, लगा सकता है आगे 45% की और छलांग, मोतीलाल ओसवाल बुलिश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Railway reforms : रेल मंत्री का रेलवे में 8 बड़े रिफॉर्म का एलान, किसानों से लेकर इंडस्ट्री तक को होगा फायदा

Railway reforms : रेलवे ने आज 8 बड़े रिफॉर्म का एलान किया है। अब प्राइवेट कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से खुद वैगन तैयार कर सकेंगी। साथ ही फ्लाई ऐश,कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोलियम और फर्टिलाइजर के लिए रेल ढुलाई के नियमों को भी सरल बनाया गया है। रेलवे की रिफॉर्म पॉलिसी के तहत फ्लाई ऐश की ढुलाई के लिए नई लोडिंग तकनीक अपनाई जाएगी। पावर प्लांट्स से उत्पन्न होने वाले फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्टेशन को सुरक्षित बनाया गया है। अब इसे खुले हुए वैगन में ट्रांसपोर्ट करने के बजाय कंटेनरों में ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। खुले वैगन की जगह फ्लाई ऐश की कंटेनर में टॉप लोडिंग होगी। कंटेनर फ्रेट के लिए यूनिफाइड लाइसेंस सिस्टम होगा।

 कंटेनर के जरिए होगा फर्टिलाइजर का ट्रांसपोर्टेशन

फर्टिलाइजर ट्रांसपोर्ट के लिए नया सिस्टम होगा। जिससे फर्टिलाइजर के ट्रांसपोर्टेशन को तेज किया जा सकेगा। इस सुधार के तहत फर्टिलाइजर का ट्रांसपोर्टेशन अब कंटेनर के जरिए होगा।

ठेकेदारों के लिए नियम सख्त

ठेकेदारों के लिए नियम सख्त किए गए है। भारतीय रेल कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी के लिए कॉन्ट्रैक्टर के कामों की जांच होगी। कॉन्ट्रैक्टरों से परफॉरमेंस सिक्यॉरिटी के रूप में 10 फीसदी राशि ली जाएगी। स्ट्रांग एलिजिबिलिटी के लिए पेंडिंग लिटिगेशन नेटवर्थ के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऑल रिस्क इंश्योरेंस पॉलिसी सिस्टम लागू होगा। रेल भूमि पोर्टल लॉन्च किया जाएगा।

 निजी स्टील कंपनियां डिजाइन कर सकेंगी वैगन 

अब निजी स्टील कंपनियां वैगन डिजाइन कर सकेंगी। अलग-अलग इंडस्ट्री भी आसान इस्तेमाल के लिए वैगन को डिजाइन कर सकेंगी। इन वैगनों को RDSO चेक करेगा। पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के सुरक्षित और आसान ट्रांसपोर्टेशन के लिए अब पेट्रोलियम कंपनियां अपना खुद का टैंक वैगन तैयार करा सकती हैं। अभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के ट्रांसपोर्टेशन लिए रेलवे द्वारा बनाए गए टैंक वैगन ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

अब सिर्फ कुशल लोगों को ही मिलेंगे रेल इंफ्रा से जुड़े काम

रेलवे इंफ्रा सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए स्किल का सर्टिफिकेशन और स्किल का टेस्ट,दोनों जरूरी कर दिया है। अब सिर्फ कुशल लोगों को ही रेल इंफ्रा से जुड़े काम दिए जाएंगे।

लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, कंटेनर बिजनेस में नए प्लेयर्स की एंट्री होगी आसान 

एक और रिफॉर्म के तहत फूडग्रेन्स,आटा,मैदा,बेसन,दालों आदि के ट्रांसपोर्टेशन को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए अब कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार के इस कदम से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और कंटेनर बिजनेस में नए प्लेयर्स की एंट्री आसान होगी।

 इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेलवे में किए जा रहे इन सुधारों के बारे में अहम जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि बीते 2-3 चरणों में रेलवे में 9 बड़े सुधार किए गए हैं। आज उन्होंने रेलवे में किए गए इन 8 नए सुधारों की जानकारी दी। इसके साथ ही,भारतीय रेल में अब तक कुल 17 बड़े सुधार किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि रेल मंत्रालय ने इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य रखा है।

 

 

12 घंटे के सफर सिर्फ दो घंटे में होगा पूरा! इन रूट पर 3 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का ऐलान

Indian Railways New Rules: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के सिस्टम में किया बड़ा बदलाव, रिफंड का नियम बदला, नया स्लैब जानिए

Railway Ticket Cancel Rule: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने और अपनी व्यवस्था को अधिक कुशल बनाने के लिए टिकट कैंसिलेशन, रिफंड और बोर्डिंग नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है। ये बदलाव रेलवे द्वारा शुरू किए गए 52 हफ्तों में 52 सुधार कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इसके तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, टिकट कैंसिलेशन, यात्री बोर्डिंग और माल परिवहन को कवर करने वाले पांच नए सुधारों की घोषणा की गई है। सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन बड़े सुधारों की जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि टिकट कैंसिल कराने पर अब आपको कितना रिफंड मिलेगा और रेलवे के अन्य नए नियम क्या हैं।

टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नए नियम: जानें नया स्लैब

रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों को पूरी तरह से बदल दिया है। अब ट्रेन छूटने के समय के आधार पर रिफंड के लिए निम्नलिखित स्लैब तय किए गए हैं-

ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक पहले: Dij कोई यात्री ट्रेन छूटने से 72 घंटे से अधिक समय पहले अपना टिकट कैंसिल करता है तो उसे सिर्फ प्रति यात्री एक फ्लैट न्यूनतम कैंसिलेशन शुल्क देना होगा।

72 घंटे से 24 घंटे के बीच: अगर टिकट को ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे और 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है तो टिकट किराए का 25% हिस्सा कैंसिलेशन शुल्क के रूप में काटा जाएगा।

24 घंटे से 8 घंटे के बीच: ट्रेन छूटने से 24 घंटे और 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को सिर्फ 50% किराया ही रिफंड के रूप में वापस मिलेगा (यानी 50% चार्ज कटेगा)।

8 घंटे से कम समय बचे होने पर: अगर ट्रेन प्रस्थान करने में 8 घंटे से कम का समय बचा है और तब टिकट कैंसिल किया जाता है तो यात्री को कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।

देश के किसी भी काउंटर से कैंसिल होगा टिकट

यात्रियों की सुविझा के लिए रेलवे ने नियम बनाया है कि अब काउंटर टिकटों को देश के किसी भी रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर कैंसिल कराया जा सकेगा। पहले यह सुविधा सिर्फ उसी स्टेशन पर उपलब्ध थी जहां से टिकट बुक किया गया था।

चार्ट बनने का झंझट खत्म, 30 मिनट पहले तक बदलें बोर्डिंग स्टेशन

अब यात्री ट्रेन के प्रस्थान करने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इससे पहले का नियम यह था कि बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव केवल रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने से पहले तक ही किया जा सकता था।

रेलवे ठेकेदारों के लिए नियम हुए सख्त

इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ठेकेदारों की पात्रता के नियमों को कड़ा कर दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल प्रासंगिक अनुभव वाले ठेकेदार ही प्रमुख रेलवे कार्यों को अपने हाथ में लें। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों के पास अब अतीत में कम से कम 20% समान कार्य पूरा करने का अनुभव होना अनिवार्य है।

निविदा प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बिड सिक्योरिटी को परियोजना मूल्य का 2% तय किया गया है। इसके अलावा ₹10 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के लिए निविदा में भाग लेने की अनुमति देने से पहले ठेकेदारों की बोली लगाने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

माल परिवहन में सुधार: नमक के लिए विशेष कंटेनर

रेलवे ने माल परिवहन को और बेहतर बनाने के लिए भी सुधारों की घोषणा की है। ऑटोमोबाइल के परिवहन के लिए सिंगल-स्टैक और डबल-स्टैक वैगनों की शुरुआत की जा रही है। नमक के परिवहन के लिए मंत्रालय नए स्टेनलेस स्टील कंटेनर पेश कर रहा है जिन्हें ऊपर से लोड और साइड से अनलोड किया जा सकता है। इस नई प्रणाली से जंग, पानी के रिसाव और रखरखाव के नुकसान को कम करने की उम्मीद है। इससे नमक को सीधे उत्पादन स्थलों पर लोड कर विभिन्न परिवहन माध्यमों से अधिक कुशलता से भेजा जा सकेगा।

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Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR: Which to buy?

Tata Sierra EV mid-spec vs Hyundai Creta EV top-spec comparison

Both the Tata Sierra EV and Hyundai Creta Electric are available with two battery pack options. However, the lower variants of the Creta Electric feature a smaller 42kWh battery pack, so we’ll be looking at the 51.4kWh version here – the Creta’s top-spec Excellence LR (Long Range) variant is only offered with the larger battery pack. However, the Sierra EV’s Empowered trim offers buyers more flexibility as it’s available in 63kWh and 75kWh guises. The Sierra EV Empowered is priced from Rs 22.79 lakh to Rs 23.79 lakh, while the Creta Electric’s top-spec Excellence LR costs Rs 23.67 lakh. Let’s find out which midsize electric SUV is right for you.

Explore full specs, features and a price breakdown in our Sierra EV and Creta Electric comparison.

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR: Dimensions

The Sierra is the bigger car here, but the Creta EV is just as long

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR dimensions

 

Tata Sierra EV

Hyundai Creta Electric

Length (mm)

4,340

4,340

Width (mm)

1,841

1,790

Height (mm)

1,750

1,655

Wheelbase (mm)

2,730

2,610

Boot space (litres)

450

433

Frunk (litres)

55

22

Wheel size (inches)

18

17

While the overall length of the Hyundai Creta Electric is identical to the Tata Sierra EV, the latter boasts 120mm longer wheelbase. The Sierra EV is 51mm wider and 95mm taller at the roof than its Hyundai rival. The range-topping Excellence LR variant of the Creta EV only gets 17-inch wheels, but the Empowered trim of the Tata SUV comes equipped with larger 18-inch rims. In terms of their luggage-carrying capacity as well, the Sierra EV has the bigger rear boot and frunk (front trunk).

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR: Powertrain

The rear-wheel drive Sierra gets two powertrain options and has the range advantage

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR powertrain options

 

Tata Sierra EV

Hyundai Creta Electric

Battery size (kWh)

63/75

51.4

Electric motor setup

Single, rear (RWD)

Single, front (FWD)

Power (hp)

238/209

171

Torque (Nm)

315

255

Claimed 0-100kph

7.9 seconds

Claimed range (km)

566/665

510

AC charging

Up to 10.5 hrs at 7.2kW (10-100%)

7.25 hrs at 7.4kW (10-100%)

DC fast charging

Up to 26 mins at 120kW (20-80%)

39 mins at 100kW (10-80%)

The Sierra EV in Empowered trim is offered with 63kWh and 75kWh battery packs. Even with the smaller battery option, the Sierra EV’s claimed range is 56km more than the top-spec Creta Electric’s. Bumping up to the top-spec, rear-wheel drive (RWD) 75kWh version of the Sierra EV means a claimed range of 665km – that’s 155km more than the top-spec Creta Electric.

The smaller battery size and a slightly faster AC charging speed means that the Creta Electric can be charged from 10-100 percent in 7 hours and 15 minutes, which is over 3 hours less than what the Sierra EV with the 75kWh battery pack requires. Meanwhile, the Sierra EV with the 63kWh battery takes under 9 hours to achieve the same SoC (state of charge). Both cars support DC fast charging of over 100kW, with the Sierra EV’s claimed charging time being based on 120kW DC charging.

The Sierra EV’s single electric motor powers its rear wheels, while that of the Creta Electric powers its front. While the punchier 63kWh version of the Tata SUV makes 67hp more than its Hyundai EV rival, even its lower-output 75kWh version makes more power (38hp more than the Creta Electric). The Sierra EV also has the torque advantage, developing 60Nm more than its Hyundai rival. While Tata Motors hasn’t published the claimed 0-100kph time of the mid-spec Sierra EV, it’s likely to be brisk.

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR: Exterior features

The Sierra EV’s Empowered trim adds more novelty features on the outside than its Hyundai rival

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR exterior features

 

Tata Sierra EV

Hyundai Creta Electric

LED projector headlamps

Yes (auto)

Yes (auto)

Connected light bar

Yes

Yes

Front fog lamps

Yes

No

Rear fog lamps

Yes

No

Cornering lights

Yes

No

Sequential turn signals

Yes

Yes

Welcome lights

Yes

Yes

Puddle lamps

Yes

Yes

Powered ORVMs

Yes (with auto-fold function)

Yes (with auto-fold function)

Flush door handles

Yes

No

Body cladding

Yes

Yes

Roof rails

Yes

Yes

Rear spoiler

Yes

Yes

Powered tailgate

Yes (gesture activated)

No

Colours

Mono-tone

Mono-tone and Dual-tone

The Empowered trim of the Sierra EV gets useful features such as a gesture-activated powered tailgate, front & rear fog lamps, and front cornering lights. While both cars gets a rear spoiler, the Sierra EV’s unit actually hides the rear wiper for a cleaner look. They also feature niceties like puddle lamps, welcome & good-bye light animations, and automatic LED headlamps. The Creta Electric sticks to conventional pull-type door handles, whilst the Tata SUV uses flush door handles. Hyundai offers dual-tone colour choices with the Creta Electric, but Tata Motors does not.

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR: Interior features

Both electric SUVs are fairly well-matched when it comes to interior convenience features

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR interior features

 

Tata Sierra EV

Hyundai Creta Electric

Infotainment screen

12.3-inch

10.25-inch

Digital driver’s display

10.25-inch

10.25-inch

Front passenger display

12.3-inch

No

Panoramic sunroof

Yes (voice assisted)

Yes (voice assisted)

Wireless charger

Yes

Yes

Driver’s seat adjustment

6-way powered

8-way powered

Co-driver’s seat adjustment

4-way manual

8-way powered

Thigh-support extender

Yes

No

‘Boss’ mode

Yes (manual)

Yes (powered)

Ventilated front seats

Yes

Yes

Leatherette upholstery

Yes

Yes

Rear split seats

Yes

Yes

Automatic climate control

Yes (dual-zone)

Yes (dual-zone)

Cooled glovebox

Yes

Yes

Cooled armrest storage

No

Yes (front)

Ambient lighting

Yes

Yes

Audio system

12-speaker JBL Black

8-speaker Bose

Dolby Atmos

Yes

No

Apple CarPlay & Android Auto

Yes (wireless)

Yes (wired)

USB Type-C ports

Yes (4 ports)

Yes (3 ports)

Connected car tech

Yes

Yes

Voice assistant

Yes (multiple)

Yes

OTA updates

Yes

Yes

EV route planner

Yes

No

Gaming

Yes

No

Rear sunblinds

Yes

Yes

Rear armrest

Yes (with cupholders)

Yes (with cupholders)

Rear tray tables

No

Yes

The Tata Sierra EV gets more speakers as part of its JBL Black audio system, along with Dolby Atmos and wireless Apple CarPlay & Android Auto. The Sierra offers more USB ports and Tata’s new ‘AirConsole’ gaming system with a high-definition front passenger screen. Other interior features exclusive to the Sierra EV include front thigh-support extenders for added comfort and a route planner to help minimise range anxiety.

The Hyundai Creta Electric doesn’t get a third screen and its dual digital displays are smaller than the Sierra’s. However, the Hyundai EV offers a powered ‘Boss’ function, a cooled compartment under the front armrest, tray tables with cupholders for rear passengers, and a leatherette-like eco-friendly material for the seats.

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR: Safety features

The fully loaded Creta EV comes with ADAS, which the Sierra EV lacks in its mid-spec trim

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR safety features

 

Tata Sierra EV

Hyundai Creta Electric

Airbags

6

6

ABS with EBD

Yes

Yes

Electronic stability program

Yes

Yes

Hill-hold assist

Yes

Yes

Hill-descent control

Yes

Yes

TPMS

Yes

Yes

Parking sensors

Yes (front & rear)

Yes (front & rear)

360-degree camera

Yes

Yes

Electronic parking brake

Yes (with auto-hold function)

Yes (with auto-hold function)

Auto-dimming IRVM

Yes

Yes

Rain-sensing wipers

Yes

Yes

Auto-dimming IRVM

Yes

Yes

ISOFIX

Yes

Yes

Rear wiper and defogger

Yes

Yes

All-wheel disc brakes

Yes

Yes

Level 2 ADAS

No

Yes

Both these cars come well-equipped with modern safety features. However, the Creta Electric adds Level 2 ADAS (Advanced Driver Assistance Systems), too. This ropes in nannies such as forward collision warning, blind-spot warning, lane-departure warning with lane-keeping assist, rear cross-traffic alert, high-beam assist, and adaptive cruise control with stop & go functionality.

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR: Other features

The Sierra EV is better equipped on this front too

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR other features

 

Tata Sierra EV

Hyundai Creta Electric

Drive modes

Yes (3)

Yes (3)

Terrain modes

Yes (4)

No

Single-pedal driving

No

Yes

V2V and V2L

Yes

Yes (V2L)

AVAS

Yes

Yes

Unlike the Sierra EV, the Hyundai Creta Electric gets a proper single-pedal driving mode. This makes driving it over long distances on the highway less tiresome while also helping improve range because of energy recuperation even without using the brake pedal. However, the Sierra EV supports both vehicle-to-load and vehicle-to-vehicle charging functions – the Creta Electric only supports the former. Both EVs come with an Acoustic Vehicle Alerting System (AVAS).

Conclusion

Tata Sierra EV Empowered vs Hyundai Creta Electric Excellence LR prices

 

Tata Sierra EV

Hyundai Creta Electric

Price range (In Rs, lakh)

22.79-23.79

23.67

If you want more cabin & luggage space, longer range & faster performance plus conveniences like a powered tailgate, wireless smartphone connectivity, multiple voice assistants, plus V2V and V2L functions, then the Tata Sierra EV will be a suitable pick. In case you don’t need the additional range offered by the 75kWh version, you can save Rs 1 lakh and go for the 63kWh version instead –  it’s Rs 88,000 cheaper than the Creta Electric. However, prospective Sierra EV buyers should be aware of the inconsistencies in Tata’s service quality and vehicle fit & finish.

Prices mentioned are ex-showroom, Delhi.

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Gold silver price: चढ़ रहा सोना, ₹1,303 और महंगा हुआ भाव, चांदी भी हो गई महंगी, जल्दी करें कहीं चूक ना जाएं मौका

Gold silver price: व्यापारियों की ताजा खरीदारी और मजबूत वैश्विक संकेतों के समर्थन से मंगलवार (14 जुलाई) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। हालांकि बाद के सत्र में सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 4,000 डॉलर प्रति औंस के प्रमुख स्तर से नीचे फिसल गई।

एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोना वायदा ₹1,303 या 0.93% बढ़कर ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। इस बीच, जुलाई डिलीवरी के लिए चांदी वायदा ₹2,946 या 1.35% चढ़कर ₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम हो गई।

बाजार सहभागियों ने इस बढ़त का श्रेय स्थिर हाजिर मांग और घरेलू सर्राफा बाजारों में मजबूती के बीच व्यापारियों द्वारा की गई ताजा पोजीशन को दिया।

भारत में क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?

घरेलू सर्राफा कीमतों को स्थानीय खरीदारी और बढ़ी हुई वैश्विक अनिश्चितता के संयोजन से समर्थन मिल रहा है।इससे पहले वैश्विक सत्र में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाजों पर नाकाबंदी बहाल करने के बाद जियोपॉलिटिकल तनाव फिर से उभरने के कारण सुरक्षित-हेवन मांग के कारण सोने के वायदा भाव में तेजी आई थी, जिससे तेल आपूर्ति और मुद्रास्फीति पर चिंता बढ़ गई थी।

हालांकि, बाद में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने सख्त लहजे में कहा कि अगर मुद्रास्फीति ऊंची बनी रहती है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी और कटौती की भी संभावना है, जिसके बाद सर्राफा ने बढ़त छोड़ दी।

उच्च ब्याज दरें आम तौर पर सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्तियों की अपील को कम कर देती हैं, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी पैदावार भी कीमती धातु की कीमतों पर असर डालती है।

इस बीच, सुरक्षित मांग और इसके औद्योगिक उपयोग दोनों के समर्थन से चांदी ने घरेलू व्यापार में सोने से बेहतर प्रदर्शन जारी रखा।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

रिद्धिसिद्धि बुलियंस के प्रबंध निदेशक पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि शॉर्ट टर्म में सोने की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि यह 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर रह सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि लगातार मुद्रास्फीति, जियोपॉलिटिकल रिस्क और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति पथ पर अनिश्चितता सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं। 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे लगातार टूटने से सोना 3,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी के 58-63 डॉलर प्रति औंस के व्यापक दायरे में रहने की उम्मीद है।

निवेशक अब आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा और पश्चिम एशिया में आगे के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखेंगे। क्योंकि दोनों शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी की कीमतों को दिशा देते दिखाई देगें।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Netweb Share Price: विदेशी ब्रोकरेज BofA Securities ने पहली बार डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है। साथ ही ₹5,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 14% की संभावित तेजी दिखाता है।

AI से मिल सकता है बड़ा फायदा

BofA का मानना है कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसका फायदा Netweb Technologies को मिल सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी इस मौके का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Netweb की सबसे बड़ी ताकत NVIDIA के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी है। कंपनी की सुपरकंप्यूटिंग में अच्छी पकड़ है। सरकारी ग्राहकों के साथ भी उसके लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं। यही बातें उसे दूसरी कंपनियों से अलग बनाती हैं।

आगे भी तेज ग्रोथ की उम्मीद

Netweb ने पिछले कुछ सालों में सुपरकंप्यूटिंग बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। FY20 में उसका मार्केट शेयर सिर्फ 2% था। FY26 तक यह बढ़कर 9% हो गया।

BofA का कहना है कि जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, उसकी कमाई भी तेजी से बढ़ सकती है। ज्यादा बिक्री होने से लागत पर बेहतर नियंत्रण रहेगा। इससे कंपनी ऊंची महंगाई के दौर में भी अपनी मुनाफेदारी बनाए रख सकती है। ब्रोकरेज ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 40% CAGR की उम्मीद जताई है।

Netweb Technologies का शेयर मंगलवार को 0.11% की गिरावट के साथ 4,395.10 पर बंद हुआ। इस साल अब तक यह शेयर 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

Netweb का बिजनेस क्या है?

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), AI सर्वर, सुपरकंप्यूटर, डेटा सेंटर और डेटा स्टोरेज सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी सरकार, रक्षा क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, IIT-IISc जैसे शैक्षणिक संस्थानों और बड़ी कंपनियों को एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम उपलब्ध कराती है।

यह ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सर्वर, स्टोरेज, क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है। कंपनी का फोकस भारत में तेजी से बढ़ रहे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर बाजार का फायदा उठाने पर है।

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Iran-US War Update: होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर पर हमले में भारतीय नाविक की मौत! भारत सरकार का बड़ा एक्शन, ईरानी राजनयिक तलब

Iran-US War Update: भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों की मंगलवार (14 जुलाई) को कड़ी निंदा की। इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह ईरान दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान ‘एमटी अल बहियाह’ और ‘एमटी मोम्बासा’ नाम के दो पोत पर हुए हमलों को लेकर बेहद चिंतित है।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “दोनों जहाजों के कुल 46 चालक दल के सदस्यों में से 30 भारतीय नाविक थे। ‘एमटी अल बहियाह’ पर सवार 12 भारतीयों में से एक की मृत्यु हो गई है और एक अन्य घायल हो गया है।” मंत्रालय के अनुसार, “एमटी मोम्बासा पर सवार 18 भारतीयों में से नौ घायल हुए हैं जिनमें से दो के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।”

मंत्रालय ने कहा कि भारत इन हमलों और नाविकों को निशाना बनाने वाली हिंसा की घटनाओं तथा होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से मुक्त एवं सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने वाले कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम पश्चिम एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और तनाव बढ़ने पर अपनी गहरी चिंता भी दोहराते हैं। साथ ही शांति के हित में हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत एवं कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील करते हैं।”

मृतक के परिवार के प्रति जताई संवेदना

विदेश मंत्रालय ने मृतक भारतीय नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। साथ ही घायल भारतीयों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की गई।

ईरान के राजनयिक को किया तलब

घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख (Deputy Chief of Mission) को विदेश मंत्रालय में तलब किया। इस दौरान भारत ने इन हमलों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। साथ ही स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट्स पर चल रहे कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ऐसे सभी हिंसक हमलों की कड़ी निंदा करता है, जो नाविकों की जान को खतरे में डालते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट्स पर सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही को बाधित करते हैं।

UAE में भारतीय मिशन लगातार संपर्क में है

विदेश मंत्रालय ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। सरकार प्रभावित भारतीय नाविकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता

भारत ने पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ती हिंसा और सैन्य तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से तत्काल हिंसा रोकने और बातचीत तथा कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील की। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी समाधान है।

कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना गंभीर खतरा

भारत ने अपने बयान में दोहराया कि कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।

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इस रूट्स पर होने वाले हमले न केवल नाविकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल भारत सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। घायल भारतीयों को सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस मामले को राजनयिक स्तर पर भी मजबूती से उठा रही है।