Apple iPhone 18 Pro 9 सितंबर को होगा लॉन्च! स्पेसिफिकेशन्स और कीमत से जुड़ी लीक्स आई सामने

Apple के अगले iPhone के लॉन्च में अब बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं। हालांकि, क्यूपर्टिनो की इस टेक कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं बताया है, लेकिन कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max कंपनी के सालाना सितंबर इवेंट में उसके पहले फोल्डेबल iPhone के साथ लॉन्च हो सकते हैं। लीक्स के मुताबिक, iPhone 18 Pro सीरीज में नया A20 Pro चिप, बेहतर कैमरा, नए कलर ऑप्शन और कीमत में बढ़ोतरी जैसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। iPhone 18 Pro से जुड़ी अब तक सामने आई सभी लीक जानकारी जानने के लिए आगे पढ़ें।

Apple iPhone 18 Pro का डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स (लीक जानकारी)

डिजाइन की बात करें तो, Apple अपने पुराने फ्लैट-एज डिजाइन को बरकरार रख सकता है, लेकिन इसमें कुछ छोटे बदलाव किए जा सकते हैं। लीक्स के अनुसार, फोन के पीछे का डिजाइन ज्यादा साफ-सुथरा होगा, कैमरा मॉड्यूल थोड़ा बड़ा हो सकता है और फोन की बॉडी थोड़ी मोटी हो सकती है। मोटा डिजाइन इसलिए दिया जा सकता है, ताकि इसमें बड़ी बैटरी और बेहतर वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम लगाया जा सके।

iPhone 18 Pro सीरीज में नया Dark Cherry कलर मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, यह Light Blue, Silver और Dark Grey कलर में भी आ सकता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Apple का नया A20 Pro प्रोसेसर मिलने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चिप TSMC की 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित हो सकती है। कहा जा रहा है कि यह चिप बेहतर AI परफॉर्मेंस, तेज़ ग्राफिक्स और बेहतर पावर एफिशिएंसी देगी।

कई रिपोर्ट्स के अनुसार, iPhone 18 Pro Max में 5391 mAh से 5577 mAh तक की बड़ी बैटरी दी जा सकती है। अगर यह जानकारी सही साबित होती है, तो यह किसी भी iPhone में मिलने वाली अब तक की सबसे बड़ी बैटरी में से एक हो सकती है। बता दें कि बड़ी बैटरी के कारण फोन का डिजाइन थोड़ा मोटा और वजन में भारी हो सकता है।

डिस्प्ले की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में मौजूदा 6.3 इंच और 6.9 इंच की स्क्रीन साइज को बरकरार रख सकता है। हालांकि, लीक्स के अनुसार इस बार Dynamic Island का साइज छोटा किया जा सकता है।

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि Apple पहली बार अंडर-डिस्प्ले Face ID टेक्नोलॉजी ला सकता है, यानी Face ID सेंसर स्क्रीन के नीचे छिपे हो सकते हैं।

ऐसी चर्चा है कि क्यूपर्टिनो की यह दिग्गज कंपनी अपना ट्रिपल 48MP रियर कैमरा सिस्टम तो बरकरार रखेगी, लेकिन साथ ही वेरिएबल-अपर्चर वाला मेन कैमरा, ज्यादा ब्राइट टेलीफोटो लेंस, नया स्टैक्ड इमेज सेंसर और अपग्रेडेड 24MP का सेल्फी कैमरा भी पेश करेगी। इसके अलावा, ‘कैमरा कंट्रोल’ बटन को भी पूरी तरह प्रेशर-सेंसिटिव कंट्रोल के साथ रीडिजाइन किया जा सकता है।

भारत में Apple iPhone 18 Pro की लॉन्च डेट और कीमत (अनुमानित)

ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन के अनुसार, Apple अपना सालाना iPhone लॉन्च इवेंट 9 सितंबर, 2026 को आयोजित कर सकता है और इसकी बिक्री और डिलीवरी 18 सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि सितंबर का इवेंट सिर्फ Pro मॉडल और Apple के फोल्डेबल iPhone पर फोकस्ड हो सकता है, जबकि स्टैंडर्ड iPhone 18 और iPhone Air 2 साल 2027 की शुरुआत में आ सकते हैं।

हालांकि, कीमत के मामले में खबर अच्छी नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple Pro मॉडल की कीमतों में लगभग 10,000 रुपये की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत लगभग 1,44,900 रुपये हो सकती है, जबकि iPhone 18 Pro Max लगभग 1,59,900 रुपये में लॉन्च हो सकता है।

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नासिक में वॉटरफॉल घूमने गए परिवार का 15 KM पीछा किया, मारपीट की, कार भी फोड़ी

nashik car attack

महाराष्ट्र के नासिक में कुछ लोगों ने वॉटरफॉल पर घूमने गए एक परिवार का लगभग 15 किलोमीटर तक पीछा किया और उनके साथ मारपीट की। उनकी गाड़ी पर रॉड से हमले किए। परिवार की एक महिला ने छेड़छाड़ का विरोध किया था। मामले में 9 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। ALSO READ: रूह कंपा देगा इंदौर का ये हत्‍याकांड, पत्नी को तड़पाकर मारा, नए कपड़े पहने, तिलक लगाया, ऑनलाइन मंगाया था 7 लेयर कट चाकू

 

इस दिल दहला देने वाली घटना से महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर कानून-व्यवस्था और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पर्यटक परिवार द्वारा छेड़छाड़ का विरोध करने से नाराज बदमाशों ने न केवल उन पर बेरहमी से हमला किया, बल्कि कई किलोमीटर तक उनकी कार का पीछा करते हुए लोहे की सरियों और डंडों से हमला किया तथा कार के शीशे भी तोड़ दिए। घटना के बाद डरे-सहमे परिवार ने सीधे पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

क्या है मामला? 

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, नासिक के भागवत परिवार के 8 सदस्य रविवार को इगतपुरी कस्बे में भवाली डैम गए थे। जब परिवार वापस लौटने की तैयारी कर रहा था, तभी दो स्थानीय युवकों ने परिवार की एक युवती के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी और उस पर अश्लील टिप्पणियां करने लगे। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो आरोपी वहां से चला गया और कुछ समय के लिए स्थिति सामान्य हो गई।

 

पीड़ित महिला के अनुसार, विवाद शांत होने के कुछ ही देर बाद 8 से 10 स्थानीय युवकों का एक समूह वहां पहुंच गया। वे चिल्लाते हुए बोले, “तुमने हमारे लोगों से झगड़ा क्यों किया?” इसके बाद जब परिवार कार से वहां से निकला, तो बदमाशों ने बाइक पर फिल्मी अंदाज में उनका पीछा करना शुरू कर दिया। ALSO READ: राम मंदिर दान चोरी कांड पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी का बड़ा खुलासा

 

आरोपियों ने करीब 15 से 20 किलोमीटर तक परिवार की कार का पीछा किया। रास्ते में कई बार कार को ओवरटेक कर रोकने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने चलती कार पर लोहे की सरियों और भारी लकड़ी के डंडों से लगातार हमला किया, जिससे कार के पीछे और साइड के शीशे टूट गए। परिवार किसी तरह जान बचाने में सफल रहा।

 

पुलिस ने 9 आरोपियों को हिरासत में लिया

SP धोंडोपांत स्वामी ने कहा कि शुरुआती FIR दर्ज होने के बाद, हमने वीडियो रिव्यू और तकनीकी जांच समेत पूरी जांच-पड़ताल की और अब तक 9 आरोपियों की पहचान कर ली है। हालांकि शुरुआती FIR में 6 या 7 संदिग्धों के नाम थे, लेकिन हमने जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन लोगों को भी इसमें शामिल किया है जिन्होंने उन्हें पनाह दी या जो उनके साथी थे। हमने अब 9 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई अभी चल रही है।
 

भाजपा विधायक ने क्या कहा?

भाजपा विधायक देवयानी फरांडे ने कहा कि स्थानीय गुंडों द्वारा पर्यटकों पर हमले के बाद, नासिक ग्रामीण एसपी ने मुख्यमंत्री के आदेश पर कार्रवाई करते हुए हमलावरों को 24 घंटे के भीतर जेल भेज दिया जाए। नासिक ग्रामीण पुलिस पर्यटकों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति से सख्ती से निपटेगी।

 

12 घंटे के सफर सिर्फ दो घंटे में होगा पूरा! इन रूट पर 3 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का ऐलान

हैदराबाद को जल्द ही हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन की बड़ी सौगात मिल सकती है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 11 जुलाई को घोषणा की कि शहर को तीन नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए चुना गया है। इन परियोजनाओं के जरिए हैदराबाद को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ा जाएगा। रेल मंत्री ने यह जानकारी हैदराबाद में आईटी उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित तीन बुलेट ट्रेन रूट पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु होंगे।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये तीनों कॉरिडोर पूरे क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इससे हैदराबाद भारत के तेजी से बढ़ रहे हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा।

  • हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन: अगर यह परियोजना पूरी होती है, तो हैदराबाद से बेंगलुरु का सफर काफी छोटा हो जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस रूट पर यात्रा का समय घटकर करीब 2 घंटे 10 मिनट रह सकता है। अभी ट्रेन से यह दूरी तय करने में लगभग 12 से 15 घंटे लगते हैं।
  • हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन: रिपोर्टों के अनुसार, हैदराबाद से चेन्नई तक का बुलेट ट्रेन कॉरिडोर अमरावती होकर गुजरेगा। इसकी लंबाई करीब 760 किलोमीटर हो सकती है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब 12 घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाने की उम्मीद है।
  • पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन: इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद पुणे और हैदराबाद के बीच सफर काफी तेज हो जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रा का समय घटकर करीब 2 घंटे 8 मिनट रह सकता है। फिलहाल ट्रेन से यह दूरी तय करने में 10 घंटे से ज्यादा समय लगता है।

बुलेट ट्रेन की रफ्तार कितनी होगी?

रिपोर्टों के अनुसार, इन बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। वहीं, ट्रेनों की संचालन गति (ऑपरेटिंग स्पीड) करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। हालांकि, बीच में स्टेशनों पर रुकने और ट्रैक के मोड़ों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की औसत रफ्तार 200 से 250 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है।

तेलंगाना के लिए 5,400 करोड़ रुपये का रेल बजट

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना के लिए 5,400 करोड़ रुपये का रेल बजट तय किया है। यह राशि राज्य में रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने की योजना का हिस्सा है। इसके तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं की तैयारी जैसे काम किए जाएंगे।

हैदराबाद के कई रेलवे स्टेशन होंगे आधुनिक

रेल मंत्री ने बताया कि हैदराबाद के नामपल्ली, काजीपेट जंक्शन और मलकपेट रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) का काम पहले से जारी है। इसके अलावा सिकंदराबाद, बेगमपेट और हाईटेक सिटी रेलवे स्टेशन भी केंद्र सरकार के स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यक्रम में शामिल हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पहले मुंबई-अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हैदराबाद के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से पहले मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर ट्रेनें चलना शुरू होंगी। योजना के अनुसार, इस परियोजना का पहला चरण 15 अगस्त 2027 से शुरू किया जाएगा। शुरुआत सूरत से बिलिमोरा के बीच होगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना करीब 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।

आगे क्या होगा?

हैदराबाद के तीनों बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उन सात नए हाई-स्पीड रेल रूट में शामिल हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। इनमें मुंबई-पुणे, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे रूट भी शामिल हैं। अब इन परियोजनाओं पर आगे बढ़ने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी), जमीन का अधिग्रहण और फंड की व्यवस्था जैसे जरूरी काम किए जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य की समय-सीमा तय की जाएगी।

लेह से इंस्पायर्ड डिजाइन और पावरफुल इंजन… Renault ने लॉन्च की नई Duster Adventure Edition

Renault Duster Adventure Edition: अगर आप एक नई फैमिली कार लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, Renault India ने अपनी SUV Duster का नया Adventure Edition लॉन्च किया है। यह खास वर्जन भारत में Duster की पुरानी पहचान और लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है। इस SUV की शुरुआती कीमत 12.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। बता दें कि यह नया एडिशन Nissan के Tekton को पेश करने के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिससे मिड-साइज SUV सेगमेंट में हलचल बढ़ गई है।

डिजाइन और इक्विपमेंट

Adventure Edition में कुछ ऐसे विज़ुअल टच दिए गए हैं, जो इसे स्टैंडर्ड SUV से अलग बनाते हैं। इनमें खास ‘Adventure’ डिकल्स शामिल हैं, जिन पर टोपोग्राफिकल कंटूर लाइनें और लेह के कोऑर्डिनेट्स (34.27 N, 77.60 E) बने हैं। ये उस तरह के इलाके की ओर इशारा करते हैं जिनसे भारत में Duster की पहचान जुड़ी हुई है।

इस SUV में ‘Adventure’ स्टाइलिंग एलिमेंट्स और ‘Adventure’ फ्लोर मैट्स भी मिलते हैं। Renault ने इन खूबियों के साथ कई खास फीचर्स भी दिए हैं, जैसे- फुल LED हेडलैम्प्स, इलेक्ट्रिक पैनोरमिक सनरूफ, इलेक्ट्रिक टेलगेट, ‘My Renault’ ऐप के जरिए कनेक्टेड कार सर्विसेज, ऑटोमैटिक डुअल-जोन एयर कंडीशनिंग, 10.1-इंच का openR लिंक मल्टीमीडिया सिस्टम और 17-इंच के ओशन अलॉय व्हील्स।

पावरट्रेन और कीमत

Renault Duster Adventure Edition तीन इंजन और ट्रांसमिशन कॉम्बिनेशन के साथ मार्केट में उपलब्ध है। इसकी रेंज Turbo TCe 100 MT से शुरू होती है, जिसकी कीमत ₹12.99 लाख है। जबिक Turbo TCe 160 MT की कीमत ₹13.99 लाख और Turbo TCe 160 DCT की कीमत ₹15.39 लाख है।

इंजन की बात करें तो, इस SUV में 1.0 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 100 hp की पावर और 160 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। वहीं, इसका बड़ा 1.3 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन 163 hp की पावर और 280 Nm का टॉर्क देता है। यह इंजन 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक (DCT) गियरबॉक्स दोनों विकल्पों में उपलब्ध है।

स्पेशल एडिशन

Duster लंबे समय से भारतीय बाजार में एक ऐसी SUV के तौर पर जानी जाती है जो अपनी राइड क्वालिटी, हैंडलिंग और अलग-अलग तरह की सड़कों पर चलने की क्षमता के लिए मशहूर है। Renault का कहना है कि ‘Adventure Edition’ इसी खासियत को दिखाता है और साथ ही उन ग्राहकों के अनुभवों और यादों को भी दर्शाता है, जिनकी जिंदगी के सफर में Duster ने कई सालों तक अहम भूमिका निभाई है।

बता दें कि इस SUV को नई दिल्ली में ‘बैस्टिल डे’ के मौके पर लॉन्च किया गया है। इस कार्यक्रम में भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथू और Renault Group India के CEO स्टीफन डेबलेस शामिल हुए। इस खास मौके पर Renault ने अपनी फ्रेंच पहचान और भारत में Duster की खास विरासत को भी दिखाया।

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Bank Nifty Trend : बैंक निफ्टी में तीन दिन की बढ़त थमी, 1% से ज्यादा टूटा इंडेक्स, केनरा बैंक और कोटक ने लगाई सबसे तगड़ी चपत

Bank Nifty Trend : कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच 14 जुलाई को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई है। जिससे इसकी लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया है। आज ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई,जो 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते के बाद से सबसे ऊंची कीमत है। सोमवार को अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर रोक फिर से लागू कर दी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए 20% शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से उधार लेने की लागत बढ़ सकती है,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो सकती है और ट्रेजरी से होने वाले मुनाफे में कमी आ सकती है। इसके चलते बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना है।

बैंक निफ्टी की इस गिरावट में केनरा बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का योगदान सबसे ज्यादा है। इनमें 2%,1.6% और 1.3% की गिरावट आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक भी उन बैंकों में शामिल थे जिनके शेयरों में गिरावट आई है। फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों श्रीराम फाइनेंस,बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व में 1-2% की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 1.25 बजे के आसपास बैंक निफ्टी 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 57,475 के आसपास कारोबार कर रहा था।

बैंक निफ्टी व्यू

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ,58,700 (जून का हाई) अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद होता है,तो इससे चल रहे कंसोलिडेशन से ब्रेकआउट की पुष्टि होगी और आने वाले हफ्तों में 59,300 और फिर 60,000 के लेवल की ओर रैली शुरू हो सकती है। अगर बैंक निफ्टी 58,700 के ऊपर नहीं जा पाता है तो इसका मतलब होगा कि पिछले 4 हफ्तों से चल रहा कंसोलिडेशन और जारी रहेगा।

नीचे की तरफ,57,400-57,500 के लेवल के तत्कल सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जो गुरुवार के गैप-अप जोन और सोमवार के निचले स्तर से मेल खाता है। अगला अहम सपोर्ट 56,500 पर है,जहां 20 हफ्ते और 50-हफ्ते के EMA और पिछले हफ्ते का निचला स्तर एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक मजबूत डिमांड जोन बन जाता है।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा की राय

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 57,500 पर तत्काल सपोर्ट है। जबकि 57,200 अगला अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। ऊपर की तरफ,58,500 मुख्य रेजिस्टेंस है और इस लेवल के ऊपर ब्रेकआउट से नई तेजी आ सकती है। जब तक इंडेक्स सपोर्ट के ऊपर बना हुआ है ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि कुछ ऐसी मुश्किलें फिर से सामने आ रही हैं जिनका असर जल्द ही भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अगर तेल में यह तेजी जारी रहती है, तो इससे भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर फिर से खरीब असर पड़ सकता है। BoP (भुगतान संतुलन) की कमजोरी और रुपये पर संभावित असर फिर से ऐसी परेशानियां आ सकती हैं जिनसे बाजार पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि US में 10 ईयर बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 4.61% हो जाना एक और चिंता की बात है,जिसका असर विदेशी निवेश पर पड़ सकता है। जून में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई है और इसके और बढ़ने की संभावना है। इन चुनौतियों को देखते हुए,निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी। तेजी से बदलते जियोपॉलिटिकल और आर्थिक माहौल में निवेश से जुड़े फैसले लेना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। निवेशकों इस लगातार बदलते हालात पर नजर बनाए रखनी चाहिए और खासकर कच्चे तेल की कीमतों के मामले में स्थिति साफ होने का इंतजार करना चाहिए।

 

 Stock Of The Day : ब्लॉक डील के बाद बायोकॉन में आई शानदार तेजी, 6% से ज्यादा चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना स्टॉक

 

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अर्जेंटीना Vs इंग्लैंड, दो पुराने दुश्मनों का सेमीफाइनल में मुकाबला

फ्रांस बनाम स्पेन के मैच के नतीजे के बाद सबकी निगाहें इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना के मुकाबले पर जा टिकेंगी। अर्जेंटीना 1962 में ब्राज़ील के बाद से ट्रॉफ़ी बचाने वाली पहली टीम बनने की कोशिश कर रहा है। वहीं इंग्लैंड 1966 में ट्रॉफ़ी उठाने के बाद से खिताबी मुकाबले तक नहीं पहुँचा है।लेकिन दोनों चिर प्रतिद्वंदी एक बार फिर आमने सामने हैं जहां इतिहास ने इन दोनों के बीच बहुत सारे यादगार मुकाबले देखे हैं।

“Hand of God” गोल

अटलांटा में सेमीफ़ाइनल ने वर्ल्ड कप की सबसे लंबे समय तक चलने वाली राइवलरी में से एक को फिर से शुरू कर दिया है। अर्जेंटीना ने 1986 का मशहूर क्वार्टरफाइनल जीता था जिसमें डिएगो माराडोना ने “Hand of God” गोल और गोल ऑफ़ द सेंचुरी बनाया था। इसके बाद 1998 में राउंड ऑफ़ 16 में पेनल्टी पर इंग्लैंड को बाहर कर दिया गया, जब डेविड बेकहम को डिएगो शिमोन को किक आउट करने के लिए बाहर भेज दिया गया था। बेकहम, जिन्हें घर पर हार के लिए काफी दोषी ठहराया गया था, ने 2002 में जब दोनों टीमें अगली बार मिलीं तो पेनल्टी स्पॉट से एकमात्र गोल किया।

अर्जेंटीना का सफर

गत विजेता अर्जेंटीना ने कड़ी परीक्षा पार करके आखिरी चार में जगह बनाई है। लियोनेल स्कालोनी की टीम को Round of 32 में केप वर्डे को हराने के लिए अतिरिक्त समय की ज़रूरत पड़ी, फिर 11 मिनट बाकी रहते दो गोल से पीछे होने के बाद मिस्त्र को हराया। शनिवार को स्विट्जरलैंड पर 3-1 की अतिरिक्त समय जीत में भी ऐसा ही दिखा, जिसमें जूलियन अल्वारेज़ और लुटारो मार्टिनेज ने गोल किए, जब डैन एनडोये ने एलेक्सिस मैक एलिस्टर का पहला गोल कैंसिल कर दिया था।

लियोनेल मेसी इस टूर्नामेंट में स्विट्जरलैंड के खिलाफ पहली बार गोल करने में नाकाम रहे।लेकिन अर्जेंटीना की तरक्की ने उसके आस-पास की टीम के योगदान को भी दिखाया है। सात और खिलाड़ियों ने गोल किए हैं, जिससे साउथ अमेरिकन टीम 2019 कोपा अमेरिका के बाद किसी बड़े टूर्नामेंट में लगातार पांचवें सेमीफाइनल में पहुंची ह।

इंग्लैंड का सफर

इंग्लैंड को भी इसी तरह मुश्किलों से उबरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। थॉमस ट्यूशेल की टीम ने राउंड ऑफ़ 32 में एक गोल से पिछड़ने के बाद DR कांगो को हराया और फिर 10 खिलाड़ियों के साथ आधे घंटे से ज़्यादा समय तक खेलने के बावजूद को-होस्ट मेक्सिको को हरा दिया।

फिर थ्री लायंस ने एंड्रियास श्जेल्डरुप के ओपनर से उबरकर अपने क्वार्टर फ़ाइनल में एक्स्ट्रा टाइम के बाद नॉर्वे को 2-1 से हराया।जूड बेलिंगहैम ने नॉर्वे के ख़िलाफ़ दो गोल किए और टूर्नामेंट में छह गोल करके हैरी केन के साथ इंग्लैंड के लिए जॉइंट टॉप स्कोरर बन गए।

CBSE 2nd Board Exam Result Class 10: इस हफ्ते जारी होगा 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट? जानें नतीजों में क्यों हो रही है देरी

CBSE 2nd Board Exam Result Class 10: सीबीएसई बोर्ड से 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा दे चुके 6.68 लाख छात्रों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। 15 से 21 मई के बीच हुई दूसरी बोर्ड परीक्षा के बाद से अब 52 दिनों से ऊपर हो चुके हैं और अब तक रिजल्ट का कहीं नामो-निशान नहीं है। छात्र बड़ी बेचैनी से रिजल्ट की राह देख रहे हैं। बोर्ड की ओर से भी रिजल्ट जारी होने की तारीख पर कोई अपडेट नहीं है। हालांकि मीडिया में आ रही खबरों में अब सीबीएसई बोर्ड 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट आज जारी होने के कयास लगाए जा रहे हैं।

बोर्ड से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 10वीं कक्षा के सेकंड एग्जाम के लिए कुल 6,68,854 छात्रों ने पंजीकरण किया था। इसमें से 5,25,655 कैंडिडेट अपने स्कोर सुधारने के लिए शामिल हुए, जबकि 85,285 छात्रों ने कंपार्टमेंट कैटेगरी में रजिस्टर किया। छात्रों के स्टैटिस्टिक्स और सीबीएसई 10वीं कक्षा के दूसरे बोर्ड एग्जाम में उनके प्रदर्शन की पूरी जानकारी रिजल्ट के साथ आने की उम्मीद है।

रिजल्ट में देरी की वजह

सीबीएसई बोर्ड ने 17 फरवरी से 11 मार्च, 2026 के बीच 10वीं कक्षा के मुख्य बोर्ड एग्जाम कराए थे। सीबीएसई 10वीं की पहली परीक्षा के रिजल्ट 15 अप्रैल, 2026 को घोषित किए गए थे। परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा स्कोर सुधारने का दूसरा मौका देने के लिए, बोर्ड ने मई 2026 में दूसरा सीबीएसई 10वीं एग्जाम कराया था। एग्जाम 15 से 21 मई, 2026 तक हुए थे। सीबीएसई 10वीं के दूसरे बोर्ड एग्जाम खत्म हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, अब तक बोर्ड रिजल्ट जारी न होना चिंता खड़ी करता है।

बोर्ड ने 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट में इतनी देर होने का कोई ऑफिशियल कारण नहीं बताया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह देरी दो-एग्जाम पॉलिसी के शुरुआती साल की वजह से हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ने बेस्ट-ऑफ-टू स्कोर को इवैल्यूएट करने, इकट्ठा करने और कैलकुलेट करने के लिए एक नया एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस शुरू किया है। यह ध्यान रखना चाहिए कि क्लास 10 के छात्रों के फाइनल रिजल्ट की घोषणा करते समय दोनों में से सबसे अच्छे स्कोर को ध्यान में रखा जाएगा।

दूसरी बोर्ड परीक्षा में कौन शामिल हो सकता था?

इम्प्रूवमेंट श्रेणी में : जो छात्र पहला एग्जाम पास कर चुके हैं, वे अपने स्कोर सुधारने के लिए साइंस, मैथेमेटिक्स, सोशल साइंस और लैंग्वेज जैसे तीन मुख्य विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।

कम्पार्टमेंट कैटेगरी में : जो स्टूडेंट्स पहले एग्जाम में कम्पार्टमेंट में थे, वे उसी कैटेगरी में दूसरा एग्जाम दे सकते हैं।

अन्य मामलों में : कोई स्टूडेंट इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट दोनों प्रोविजन में आ सकता है और सीबीएसई की गाइडलाइंस के अनुसार, उसे दोनों ऑप्शन इस्तेमाल करने की इजाजत दी जा सकती है।

एक रिप्लेसमेंट सब्जेक्ट ऑप्शन भी है। जो स्टूडेंट्स पहले ही पास हो चुके हैं, लेकिन किसी खास सब्जेक्ट को बदलना या सुधारना चाहते हैं, वे उस मकसद के लिए दूसरे एग्जाम में बैठ सकते हैं।

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Hyundai कार खरीदने का शानदार मौका! क्रेटा पर 1 लाख तक की छूट, जानें किस मॉडल पर मिल रहा कितना ऑफर

अगर आप जुलाई 2026 में नई हुंडई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने जुलाई 2026 में अपनी कुछ लोकप्रिय कारों पर खास ऑफर शुरू किए हैं। इन ऑफर्स के तहत ग्राहकों को 1 लाख रुपये तक की बचत का मौका मिल रहा है। ये लाभ क्रेटा, वरना (Verna), ग्रैंड i10 निओस, एक्सटर (Exter) और ऑरा (Aura) जैसी कारों पर दिया जा रहा है। इसके साथ ही कंपनी आसान फाइनेंस और आकर्षक लोन योजनाएं भी दे रही है, जिससे नई कार खरीदना पहले से ज्यादा आसान हो सकता है। आइए जानते हैं किस हुंडई के किस मॉडल पर मिल रही छुट

किस कार पर मिल रहा सबसे ज्यादा ऑफर

Creta: जुलाई 2026 में हुंडई की सभी कारों में सबसे बड़ा ऑफर क्रेटा (Creta) पर दिया जा रहा है। अगर आप इस एसयूवी को खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इस महीने आपको 1 लाख रुपये तक का फायदा मिल सकता है। भारतीय बाजार में क्रेटा की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 10.91 लाख रुपये है, जबकि इसके टॉप मॉडल की कीमत 20.11 लाख रुपये तक जाती है। कंपनी का यह ऑफर नई कार खरीदने वालों के लिए अच्छा मौका माना जा रहा है।

Verna: जुलाई 2026 में हुंडई कंपनी ने वरना (Verna) पर 65,000 रुपये तक का लाभ दे रही है। वरना की एक्स-शोरूम कीमत 10.99 लाख रुपये से शुरू होकर 18.41 लाख रुपये तक जाती है। अपने आकर्षक डिजाइन और फीचर्स के कारण ये कार मिड-साइज सेडान श्रेणी में होंडा सिटी, स्कोडा स्लाविया और फॉक्सवैगन वर्टस जैसी कारों को कड़ी टक्कर देती है। अपने बेहतरीन फीचर्स के कारण ग्राहकों की पसंद बनी हुई है।

Grand i10 Nios: जुलाई 2026 में हुंडई ग्रैंड i10 निओस खरीदने वालों के लिए भी अच्छा मौका है। कंपनी इस हैचबैक पर 70,000 रुपये तक का लाभ दे रही है। ग्रैंड i10 निओस की एक्स-शोरूम कीमत 5.60 लाख रुपये से शुरू होकर 8.04 लाख रुपये तक जाती है। किफायती कीमत, अच्छे फीचर्स और बेहतर माइलेज के कारण यह कार अपने सेगमेंट में मारुति सुजुकी स्विफ्ट जैसी लोकप्रिय हैचबैक को कड़ी चुनौती देती है।

Exter and Aura: हुंडई ने जुलाई 2026 में एक्सटर और ऑरा पर भी आकर्षक ऑफर दिए हैं। इस महीने एक्सटर खरीदने पर ग्राहकों को 40,000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है। इस एसयूवी की एक्स-शोरूम कीमत 5.81 लाख रुपये से 9.61 लाख रुपये के बीच है। वहीं, हुंडई ऑरा पर 30,000 रुपये तक का लाभ दिया जा रहा है। इस कॉम्पैक्ट सेडान की एक्स-शोरूम कीमत 6 लाख रुपये से शुरू होकर 8.60 लाख रुपये तक जाती है।

आसान फाइनेंस की सुविधा

जुलाई 2026 में हुंडई सिर्फ कैश डिस्काउंट ही नहीं, बल्कि कार खरीदने वालों के लिए कई आसान फाइनेंस सुविधाएं भी दे रही है। कंपनी कुछ मॉडल्स पर 100% तक ऑन-रोड कीमत के लिए फाइनेंस की सुविधा, लोन की प्रोसेसिंग फीस में 50% तक की छूट और तय नियमों व शर्तों के अनुसार 100% तक फोरक्लोजर शुल्क में राहत का लाभ दे रही है। इससे ग्राहकों के लिए नई कार खरीदना पहले की तुलना में ज्यादा आसान और किफायती हो सकता है।

जुलाई 2026 के ऑफर में हुंडई के ये मॉडल शामिल हैं

  • Hyundai Creta: Rs 1 लाख तक
  • Hyundai Grand i10 Nios: Rs 70,000 तक
  • Hyundai Verna: Rs 65,000 तक
  • Hyundai Exter: Rs 40,000 तक
  • Hyundai Aura: Rs 30,000 तक

नई हुंडई कार खरीदने से पहले अपने नजदीकी डीलरशिप पर जाकर ऑफर की पूरी जानकारी जरूर लें। कंपनी ने अधिकतम छूट और फायदे की जानकारी दी है, लेकिन वास्तविक डिस्काउंट कार के वेरिएंट, शहर, डीलर और उपलब्ध स्टॉक के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए बुकिंग करने से पहले अपने पसंदीदा मॉडल पर मिलने वाले सटीक ऑफर की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में 2, 2.5 या 3 फिटमेंट फैक्टर मिला तो इतनी हो जाएगी सैलरी, एक्सपर्ट ने बताया आगे का प्लान

8th Pay Commission updates: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत संभावित वेतन वृद्धि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों ने अपने पर्सनल फाइनेंस की प्लानिंग भी शुरू कर दी है। हालांकि विभिन्न फिटमेंट फैक्टर के परिदृश्यों के तहत मूल वेतन और सैलरी से जुड़े कंपोनेंट्स में होने वाले बदलावों को लेकर बहस जारी है लेकिन इसके साथ ही इस अतिरिक्त आमदनी को सही जगह प्लान करना भी बेहद जरूरी है। आपको बता दें कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी हो चुका है। हालांकि इसे असल में लागू करने और लोगों की सैलरी बढ़ने की बात करें तो पैनल द्वारा 2027 के मध्य के आसपास अपनी सिफारिशें सौंपने और सरकार द्वारा उन्हें मंजूरी दिए जाने के बाद ही होने की संभावना है।

मनी कंट्रोल पर दिपेन प्रधान की रिपोर्ट में अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर संभावित सैलरी कैलकुलेट की गई है और एक्सपर्ट के हवाले से समझाया गया है कि बढ़ी सैलरी पर बेस्ट इन्वेस्टमेंट की स्ट्रैटिजी क्या होनी चाहिए। आइए जानते हैं कि अलग-अलग सैलरी लेवल पर इसका क्या असर पड़ेगा और बढ़े हुए पैसे को निवेश करने का एक्सपर्ट्स का क्या प्लान है।

2.0 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी हो जाएगी सैलरी?

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) से लगभग 55 लाख सेवारत कर्मचारियों और अनुमानित 69 लाख पेंशनभोगियों के मूल वेतन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू करके लेवल 1 के कर्मचारियों का मूल वेतन बढ़ाकर ₹18000 कर दिया था। अब अगर 8वां वेतन आयोग इस मल्टीप्लायर को उदाहरण के तौर पर 2 बढ़ाता है तो कर्मचारियों की सैलरी में कुछ इस तरह बदलाव आएगा-

  • लेवल 1कर्मचारी: इस स्तर के कर्मचारी का शुरुआती मूल वेतन ₹36000 ({Rs 18000 ×2) हो जाएगा।
  • लेवल 7 कर्मचारी: इस स्तर के कर्मचारियों का मासिक मूल वेतन बढ़कर ₹89800 हो जाएगा।
  • लेवल 13 कर्मचारी: इस स्तर के अधिकारियों का मासिक मूल वेतन बढ़कर ₹246200 प्रति माह हो जाएगा।

बाकी अगर फिटमेंट फैक्टर अगर 2.5 या 3 फिक्स किया गया तो बढ़ी हुई संभावित सैलरी का कैलकुलेशन यहां नीचे देखा जा सकता है-

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वेतन वृद्धि के बाद क्या होनी चाहिए एसेट एलोकेशन स्ट्रेटजी?

किंग स्टब एंड कसिवा एडवोकेट्स एंड अटॉर्नी के पार्टनर रोहिताश्व सिन्हा ने बढ़े हुए वेतन का संतुलित उपयोग करने के लिए एक खास एलोकेशन स्ट्रेटजी सुझाई है-

  • 40-50 प्रतिशत हिस्सा: दीर्घकालिक निवेश और रिटायरमेंट प्लानिंग में लगाएं।
  • 20-30 प्रतिशत हिस्सा: महंगे या उच्च ब्याज वाले कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल करें।
  • 10-20 प्रतिशत हिस्सा: इमरजेंसी सेविंग्स बनाने में लगाएं।
  • शेष 10-20 प्रतिशत हिस्सा: लाइफस्टाइल को अपग्रेड करने पर खर्च कर सकते हैं।

एक्सपर्ट की खास सलाह

रोहिताश्व सिन्हा के मुताबिक इसका मुख्य मंत्र सही सीक्वेंसिंग है। अपनी इच्छाओं पर खुलकर खर्च करने से पहले महंगे कर्ज को चुकाएं और अपने वित्तीय आधार को स्थिर करें। सैलरी हाइक स्थायी होती है इसलिए इसे आदर्श रूप से स्थायी संपत्ति में बदला जाना चाहिए न कि इसे सिर्फ स्थायी रूप से खर्च बढ़ाने की आदत बना लेना चाहिए।

सैलरी स्तर के हिसाब से निवेश की रणनीति

बैंकबाजार के सीईओ अधिल शेट्टी का मानना है कि कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के बाद अपनी जरूरतों के हिसाब से पर्सनल फाइनेंस प्लानिंग पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अलग-अलग आय वर्ग के लिए ये सुझाव दिए हैं:

सीमित बचत वाले कर्मचारी: जिन कर्मचारियों के पास बचत कम है वे सबसे पहले छह महीने का इमरजेंसी फंड बनाएं और फिर ऊंचे ब्याज वाले लोन चुकता करें।

मध्यम आय वर्ग: इन्हें मुख्य रूप से एसआईपी और रिटायरमेंट के लिए ऊंचे योगदान को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उच्च आय वर्ग वाले कर्मचारी: जिनकी सैलरी अधिक है वे घर खरीदने या बच्चों की शिक्षा की फंडिंग जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए अधिक निवेश कर सकते हैं।

अधिल शेट्टी ने आगे कहा कि सैलरी बढ़ोतरी का एक छोटा हिस्सा अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने पर खर्च करना पूरी तरह ठीक है लेकिन इस बात से बचें कि पूरी की पूरी सैलरी हाइक आपके ऊंचे मासिक खर्चों में तब्दील हो जाए। इसके अलावा जोखिम भरे निवेशों पर विचार करने से पहले कर्मचारियों को पर्याप्त स्वास्थ्य और जीवन बीमा सुनिश्चित करना चाहिए।

करियर के पड़ाव के अनुसार कैसे करें निवेश?

अगर रोहिताश्व सिन्हा के बताए 40-50 प्रतिशत के एलोकेशन को आधार माना जाए तो 2.0 का फिटमेंट फैक्टर मानकर कर्मचारियों के पास लंबी अवधि के निवेश के लिए हर महीने एक बड़ी राशि बचेगी। यह बचत कुछ इस तरह की हो सकती है:

लेवल 1 के कर्मचारी: करीब ₹7200 से ₹9000 प्रति माह।

लेवल 7 के कर्मचारी: करीब ₹17960 से ₹22450 प्रति माह।

लेवल 13 के कर्मचारी: करीब ₹49240 से ₹61550 प्रति माह।

करियर के अलग-अलग चरणों के लिए रोहिताश्व सिन्हा ने अलग अलग सुझाव दिए हैं। युवा कर्मचारियों को इक्विटी एसआईपी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और साथ ही एनपीएस योगदान को जारी रखना चाहिए। मिड-करियर कर्मचारियों को अपने प्रमुख वित्तीय लक्ष्यों के इर्द-गिर्द एनपीएस, एसआईपी और डेट इन्वेस्टमेंट्स के बीच एक संतुलन बनाना चाहिए। रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को वीपीएफ, एनपीएस और फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से पूंजी के संरक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

ध्यान दें कि बिना किसी उचित वित्तीय योजना के सैलरी में हुई बढ़ोतरी बहुत तेजी से गायब हो सकती है। ऐसे में पहले से ही इस अतिरिक्त आय का उपयोग करने की योजना बनाना भविष्य में बड़ी संपत्ति बनाने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।