Ashoka Buildcon को RVNL से मिला ₹602 करोड़ का प्रोजेक्ट, अब 31 अगस्त को रहेगी शेयरों पर नजर

Ashoka Buildcon Shares: दिग्गज सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी अशोक बिल्डकॉन को रेलव विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से ₹602.16 करोड़ (जीएसटी मिलाकर) का एक कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी आज 29 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी है। ऐसे में अशोका बिल्डकॉन के शेयरों पर इसका असर सोमवार 31 अगस्त को मार्केट खुलने पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.22% की गिरावट के साथ ₹112.70 पर बंद हुआ है। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 4 नवंबर 2025 को यह एक साल के निचले स्तर ₹214.35 पर था जिससे 4 महीने में यह 52.88% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹101.00 पर आ गया था।

कैसा ऑर्डर मिला है Ashoka Buildcon को RVNL से?

अशोक बिल्डकॉन को रेल विकास निगम लिमिटेड से उत्तराखंड में बन रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन की चार सुरंगों के लिए ₹602.16 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर प्रोजेक्ट के E-4 पैकेज के तहत आने वाली सुरंगों T-13, T-14, T-15 और T-16 से जुड़ा है। इसके तहत कंपनी को सुरंगों के लिए जरूरी इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करना है। इनमें सब-स्टेशन, हाई-टेंशन और लो-टेंशन केबल, डीजल जनरेटर सेट, लाइटिंग, यूपीएस सिस्टम, वेंटिलेशन और फायर-फाइटिंग सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी को 30 महीने के भीतर यह कॉन्ट्रैक्ट पूरा करना है। इसके अलावा कंपनी को रेल विकास निगम के पास ₹25.51 करोड़ की परफॉरमेंस बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी। इसमें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड दो साल है यानी काम पूरा होने के बाद दो साल तक तय शर्तों के अनुसार किसी कमी या खराबी की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी।

ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का

इस महीने की शुरुआत में अशोक बिल्डकॉन ने आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी से महाराष्ट्र में एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने की बात कही थी। इस प्रोजेक्ट में सालाना लगभग ₹126.5 करोड़ का ट्रांसमिशन चार्जेज है। इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के भंडारा जिले में सकोली सबस्टेशन बनाया जाएगा। इस कंपनी को 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है और इसके बाद 35 वर्षों तक O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) का काम संभालना है।

इससे पहले जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹15,251 करोड़ था। इसमें तिमाही के बाद मिले ₹451 करोड़ के ऑर्डर शामिल नहीं हैं। ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का था, जिसमें रोड ईपीसी ₹6,783 करोड़ और रोड एचएएम ₹1,519 करोड़ है और कुल मिलाकर ये ऑर्डर बुक का करीब 54.5% हिस्सा हैं। रेलवे के ₹1,346 करोड़ के ऑर्डर्स को मिलाकर सड़क और रेलवे कंपनी का ऑर्डर बुक का करीब 63% हिस्सा हैं। ऑर्डर बुक में ₹5,066 करोड़ यानी 33.2% हिस्सा पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन तो ₹536 करोड़ यानी 3.5% हिस्सा बिल्डिंग ईपीसी की है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

11 साल की बेटी का फोन चेक करते ही मां के उड़े होश, चैट और वीडियो देखकर बढ़ी चिंता

11 साल की बेटी के फोन पर आए कुछ अजीब नोटिफिकेशन ने एक मां की चिंता बढ़ा दी। पहले उसने इन संदेशों को सामान्य समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन लगातार नोटिफिकेशन आने के बाद उसने फोन देखने का फैसला किया। इसके बाद जो बातें सामने आईं, उन्होंने मां को परेशान कर दिया और उसे अपनी बेटी के हालिया व्यवहार के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों का मानना था कि कम उम्र के बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर माता-पिता की नजर रहनी चाहिए, जबकि दूसरे लोगों ने बच्चे की निजता और भावनात्मक स्थिति को ज्यादा अहम बताया।

खासकर यह सवाल चर्चा में रहा कि ऐसी परिस्थिति में माता-पिता को सजा देने के बजाय बच्चे से किस तरह बातचीत करनी चाहिए। इस घटना ने बच्चों के फोन इस्तेमाल, सोशल मीडिया और पैरेंटिंग को लेकर एक जरूरी बहस छेड़ दी है।

रात में फोन लेने वाली मां ने पहली बार चेक किया

27 साल की मां ने बताया कि वह हर रात अपनी बेटी का फोन अपने पास रखती है। सप्ताह के दिनों में रात 9 बजे और वीकेंड पर करीब 10:30 बजे फोन ले लिया जाता है। हालांकि, उसने पहले कभी बेटी का फोन खंगाला नहीं था, क्योंकि उसे ऐसा करने की जरूरत महसूस नहीं हुई।

लेकिन इस बार फोन पर लगातार TikTok के नोटिफिकेशन देखकर उसका ध्यान गया। खास बात यह थी कि बेटी को TikTok इस्तेमाल करने की अनुमति भी नहीं थी।

नोटिफिकेशन में खाने को लेकर हो रही थी बात

मां ने पहले सोचा कि शायद कोई जरूरी संदेश आया होगा, इसलिए उसने नोटिफिकेशन का प्रीव्यू पढ़ा। वहां किसी व्यक्ति द्वारा उसकी बेटी से पूछा जा रहा था कि उसने क्या खाया और कितना खाया। यह देखकर मां को चिंता हुई। इसके बाद उसने बेटी का TikTok अकाउंट और दूसरी बातचीत भी देखी। उसे खाने से जुड़े कई पोस्ट, बहुत दुबली लड़कियों वाले वीडियो और कम खाना खाने को लेकर बातचीत मिली।

बेटी के बदलते व्यवहार से भी जुड़ गईं कड़ियां

फोन देखने के बाद मां ने पिछले कुछ हफ्तों में बेटी में आए बदलावों को नए नजरिए से देखा। उसके मुताबिक, बेटी पहले की तुलना में कम खाना खा रही थी और उसका वजन भी घट रहा था। शुरुआत में मां ने इसे उम्र बढ़ने और शरीर में होने वाले बदलावों का हिस्सा समझा था। उसने बताया कि वह खुद भी करीब इसी उम्र में लंबी और दुबली हुई थी, इसलिए उसे बेटी में आए बदलाव असामान्य नहीं लगे।

मां के सामने अब सबसे बड़ा सवाल- सजा या मदद?

मां ने माना कि बेटी का फोन देखना उसकी निजता में दखल था। लेकिन फोन में मिली चीजों ने उसे इस कदर परेशान कर दिया कि वह समझ नहीं पा रही थी कि बेटी से इस मुद्दे पर कैसे बात करे। उसने ऑनलाइन लोगों से यह भी पूछा कि बिना अनुमति ऐप इस्तेमाल करने पर बेटी को सजा देना सही होगा या नहीं। यही सवाल पोस्ट का सबसे विवादित हिस्सा बन गया।

लोगों ने कहा- सजा नहीं, पहले बच्चे को समझिए

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मां के सजा पर ध्यान देने की आलोचना की। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर बच्ची खाने और शरीर को लेकर परेशान करने वाली चीजों से प्रभावित हो रही है, तो सबसे पहले उसकी स्थिति समझना जरूरी है।

एक यूजर ने कहा कि बच्ची को मदद और भावनात्मक सहारे की जरूरत हो सकती है, जबकि मां का ध्यान ऐप इस्तेमाल करने की सजा पर ज्यादा है।

कुछ लोगों ने मां की भी बात मानी

हालांकि, हर किसी ने मां को गलत नहीं ठहराया। कुछ यूजर्स ने कहा कि 11 साल की उम्र में बच्चे को बिना निगरानी इंटरनेट इस्तेमाल करने देना भी जोखिम भरा हो सकता है। एक व्यक्ति ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि बचपन में बिना निगरानी इंटरनेट इस्तेमाल करने का उस पर बुरा असर पड़ा था। उसके मुताबिक, कम उम्र के बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर माता-पिता की नजर रहनी चाहिए।

असली बहस फोन की नहीं, बच्चे की सुरक्षा की है

इस पूरी घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है- बच्चों को फोन देते समय माता-पिता उनकी निजता और सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाएं? एक तरफ बच्चों की निजी बातचीत में दखल देने का सवाल है, तो दूसरी तरफ इंटरनेट पर मौजूद ऐसा कंटेंट भी है जो कम उम्र में उनके खाने, शरीर और खुद को देखने के तरीके को प्रभावित कर सकता है। सोशल मीडिया पर हुई बहस में ज्यादातर लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे हालात में बच्चे से खुलकर बात करना और उसकी परेशानी को समझना, केवल सजा देने से कहीं ज्यादा जरूरी है।

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मां मान चुकी थी कि बेटा नहीं रहा फिर नेपाल बाढ़ के बीच हुआ चमत्कार! 8 साल के मासूम ने पेड़ पर चढ़ यूं बचा ली थी अपनी जान

नेपाल में आई भयानक बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी बदलकर रख दी है। इस तबाही में कई परिवार अपनों से बिछड़ गए हैं। वहीं इस त्रासदी में कई बच्चे भी प्रभावित हुए है। वहीं इस बाढ़ के बीच 8 साल के जोयाल की कहानी काफी वायरल हो रही है। नेपाल में आई भयानक बाढ़ से बचने के लिए 8 साल के जोयाल जंगल की ओर भाग गया और कुछ समय तक पेड़ों पर चढ़कर अपनी जान बचाई। इस दौरान उसकी मां बेहद परेशान थी। बाद में वह आखिरकार अपनी मां से मिल गया। लंबे इंतजार के बाद बच्चे के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है। आइए जानते हैं पूरी कहानी

सुरक्षित निकाला गया बाहर

बाढ़ से प्रभावित नेपाल के रसुवा जिले से जोयाल घाले को हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। जोयाल के पैर में चोट लगी थी और चेहरे पर भी कई कट और चोट के निशान थे। उसकी 28 वर्षीय मां मैटी माया तमांग पूरे दिन राहत शिविरों और लोगों को जुटाने वाली जगहों पर अपने दोनों बेटों को तलाशती रहीं। काफी समय तक बच्चों का कोई पता नहीं चलने पर उन्हें डर सताने लगा था कि शायद दोनों की बाढ़ में जान चली गई है।

कैसे पता चला बेटा जिंदा है

मैटी माया तमांग ने रॉयटर्स को बताया, “मुझे लगने लगा था कि मेरे दोनों बच्चे अब इस दुनिया में नहीं हैं। मैं सिर्फ रो रही थी और खुद को संभाल नहीं पा रही थी।” बाद में उन्हें पता चला कि उनका बेटा जोयाल जिंदा है। रॉयटर्स की पत्रकार सहाना बजराचार्य ने उनसे संपर्क किया और बताया कि वह पास के नुवाकोट के एक अस्पताल में जोयाल से मिली थीं। जब तमांग को पता चला कि जोयाल जिंदा है और उसे इलाज के लिए काठमांडू ले जाया गया है, तो उन्हें इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “जब आपने बताया कि आपको पता है कि जोयाल कहां है, तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। मैंने तो पहले ही उम्मीद छोड़ दी थी कि मैं उसे कभी ढूंढ पाऊंगी।” तमांग ने कहा, “जब मुझे अपने बड़े बेटे के बारे में पता चला, तो लगा जैसे मेरी जिंदगी वापस मिल गई हो।” तमांग को उनका छोटा बेटा भी सुरक्षित मिल चुका था।

हर तरफ फैले थे कीचड़

बुधवार सुबह जोयाल और उसका भाई स्कूल की गाड़ी से स्कूल गए थे, जबकि उनकी मां घर पर बुनाई का काम कर रही थीं। तभी उन्हें भूकंप जैसी तेज आवाज सुनाई दी। तमांग तुरंत स्कूल की ओर भागीं, लेकिन वहां पहुंचकर वह हैरान रह गईं। उन्होंने बताया, “समझ ही नहीं आ रहा था कि स्कूल कहां है और बाजार कहां था। हर तरफ सिर्फ पानी, पत्थर और कीचड़ नजर आ रहा था।” बाढ़ में स्कूल की पूरी इमारत तबाह हो गई थी। लेकिन, जोयाल किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। बाद में उसने बचावकर्मियों को बताया कि जब बाढ़ आई, तब वह पढ़ाई कर रहा था और अचानक चारों तरफ “बहुत ज्यादा अंधेरा” छा गया।

करीब 17 हजार बच्चे हुए प्रभावित

बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ता देख जोयाल अपने एक दोस्त के साथ स्कूल से निकलकर पास के जंगल में चला गया। दोनों बच्चों ने पानी से बचने के लिए पेड़ों पर चढ़कर शरण ली। जब आठ साल के जोयाल से पूछा गया कि क्या उस समय उसे डर लगा था, तो उसने सिर्फ सिर हिलाकर “नहीं” कहा। जोयाल और उसका भाई भी उन हजारों बच्चों में शामिल हैं जो नेपाल में आई बाढ़ के कारण मुश्किल में फंस गए। यूनिसेफ के मुताबिक, रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में करीब 17 हजार बच्चे बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। संस्था नेपाल सरकार के साथ मिलकर ऐसे बच्चों की जानकारी जुटा रही है जो अपने परिवार से अलग हो गए हैं। इन बच्चों की पहचान कर उन्हें रजिस्टर किया जा रहा है और उनके परिवारों से मिलाने की कोशिश की जा रही है।

बता दें, लांगटांग लिरुंग पहाड़ के पास ग्लेशियर का एक हिस्सा अचानक टूट गया, जिससे बाढ़ आ गई। इसके बाद बर्फ और पत्थर तेजी से नीचे आने लगे और घाटी में पानी, कीचड़ और मलबा भर गया

‘इन्हें खुद खाओ’: रिश्वत के आरोप में भीड़ ने महाराष्ट्र FDA अधिकारी को घेरा, मुंह में एक्सपायर्ड बिस्किट ठूंसने की कोशिश की

महाराष्ट्र के संभाजीनगर में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब गुस्साई भीड़ ने एक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) अधिकारी को घेर लिया और उस पर एक्सपायर्ड बिस्किट के पैकेट फेंकने लगी। NDTV के मुताबिक, भीड़ अधिकारी से कह रही थी, “इन्हें खुद खाओ।”

अधिकारी पर आरोप था कि उन्होंने एक ऐसे दुकानदार को बचाने के लिए रिश्वत ली थी जो कथित तौर पर एक्सपायर हो चुके सामान बेच रहा था। इस हंगामे के बीच, कुछ लोगों ने उनके मुँह में एक्सपायर हो चुके बिस्किट ठूंसने की भी कोशिश की।

लेकिन इतना गुस्सा क्यों?

NDTV के अनुसार, यह गुस्सा एक स्थानीय पान की दुकान पर एक्सपायर्ड (समय-सीमा खत्म हो चुके) प्रोडक्ट बेचने के आरोपों की वजह से भड़का। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक दो साल का बच्चा उस दुकान से खरीदे गए नमकीन स्नैक मिक्स को खाने के बाद बीमार पड़ गया और उसे चक्कर आने लगे।

बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

इस घटना से छत्रपति संभाजीनगर के लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने FDA ऑफिस से संपर्क करके शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, FDA का एक अधिकारी मौके पर पहुंचा और दुकान की जांच शुरू की।

हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच से पहले ही उस नमकीन स्नैक मिक्स को हटा दिया गया था, जिसका इस घटना से संबंध था। जांच के दौरान, अधिकारी को पान की दुकान पर एक्सपायर्ड बिस्कुट के कई पैकेट बिकते हुए मिले।

एक्सपायर्ड पैकेट जब्त तो कर लिए गए, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि दुकानदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि अधिकारी रिश्वत लेकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहा था।

बता दें कि यह घटना राज्य भर में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ FDA की बड़ी कार्रवाई के दौरान सामने आई है। हाल के हफ्तों में, खाद्य कंपनियों को कई नोटिस जारी किए गए हैं और अधिकारी खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की बिक्री और अन्य खामियों को लेकर जांच कर रहे हैं।

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SBI PO Prelims Result 2026: एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, 12 सितंबर को मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे सफल उम्मीदवार

SBI PO Prelims Result 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की प्रोबेश्नरी अधिकारी (PO) भर्ती 2026 की प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। इस परीक्षा का आयोजन चुनिंदा परीक्षा केंद्रों पर 01 और 02 अगस्त 2026 को किया गया था। बैंक ने एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर घोषित कर दिया है।

एसबीआई प्रोबेशनरी ऑफिसर प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब एसबीआई करियर पोर्टल के जरिए अपना क्वालिफाइंग स्टेटस चेक कर सकते हैं। यह रिजल्ट 1,500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में पहला बड़ा स्क्रीनिंग स्टेज है। एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट बैंक के आधिकारिक भर्ती पोर्टल के जरिए चेक किया जा सकता है। रिजल्ट में उन कैंडिडेट की डिटेल दर्ज है जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा का पहला चरण पास कर लिया है और दूसरे चरण में मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए योग्य हैं।

यह भर्ती 1,500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों के लिए की जा रही है। प्रीलिम्स परीक्षा 1 और 2 अगस्त को कई शिफ्ट में हुई थी, जिसमें कैंडिडेट का इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीज़निंग एबिलिटी का टेस्ट लिया गया था।

एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट 2026: डाउनलोड करने के स्टेप्स

एसबीआई पीओ प्री परीक्षा 2026 में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए यहां बताए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और करियर सेक्शन, sbi.bank.in खोलें।
  • करंट ओपनिंग्स या रिक्रूटमेंट रिजल्ट्स सेक्शन में जाएं।
  • एडवर्टाइजमेंट नंबर CRPD/PO/2026-27/09 के तहत प्रोबेशनरी ऑफिसर्स के लिए रिक्रूटमेंट नोटिस ढूंढें।
  • प्रीलिमनरी एग्जामिनेशन रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • रिजल्ट डॉक्यूमेंट स्क्रीन पर खुल जाएगा।
  • रोल नंबर सर्च करने के लिए कंप्यूटर पर Ctrl + F फंक्शन का इस्तेमाल करें।
  • जिन कैंडिडेट्स के रोल नंबर लिस्ट में हैं, उन्हें अगले स्टेज के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
  • रिजल्ट को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

एसबीआई पीओ प्री रिजल्ट 2026 के बाद आगे क्या?

एसबीआई भर्ती प्री परीक्षा 2026 के जरिए 1500 पदों पर भर्ती होनी है। इसमें 1446 सामान्य पद हैं जबकि 54 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं। इस चरण को पार करने वाले उम्मीदवार मेन्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे। मेन्स परीक्षा 12 सितंबर 2026 को होगी। इसके बाद उम्मीदवारों को साइकोमेट्रिक टेस्ट, ग्रुप एक्सरसाइज और पर्सनल इंटरव्यू जैसे चरणों से भी गुजरना होगा।

मेन्स परीक्षा का वेटेज होगा 75%

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 में शामिल सभी उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि प्री परीक्षा इस भर्ती प्रक्रिया का पहला स्क्रीनिंग चरण था। इसके बाद मुख्य परीक्षा दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण स्क्रीनिंग का चरण होगा। अंतिम चयन सूची तैयार करते वक्त मेन्स परीक्षा का वेटेज सबसे ज्यादा, यानी 75% रहेगा, जबकि इंटरव्यू और ग्रुप एक्सरसाइज को मिलाकर बाकी 25% अंक मिलेंगे। यानी मेन्स परीक्षा असली गेम चेंजर होगी। एसबीआई पीओ भर्ती 2026 की फाइनल मेरिट लिस्ट इसी साल के अंत तक जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Guest Faculty Recruitment 2026: राजस्थान में गेस्ट फैकल्टी के बंपरों पदों पर होगी भर्ती, विद्या संबल योजना के जरिए दूर होगी शिक्षकों की कमी

Union Budget 2027: यूनियन बजट 2027 बनाने की प्रक्रिया शुरू, सरकार ने जारी किया सर्कुलर

Union Budget 2027: बजट 2027 बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (बजट डिविजन) ने सरकार के सभी मंत्रालयों को बजट सर्कुलर 2027-28 इश्यू कर दिया है। यूनियन बजट हर साल 1 फरवरी को पेश होता है। इस साल 1 फरवरी, 2027 को पेश होने वाला बजट वित्त वर्ष 2027-28 का केंद्र सरकार का बजट होगा।

12 अक्टूबर से प्री-बजट मीटिंग्स शुरू हो जाएंगी

मंत्रालयों को सर्कुलर जारी होने के साथ ही 2026-27 के रिवाइज्ड एस्टिमेट (RE) और 2027-28 के लिए बजट एस्टिमेट (BE) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सर्कुलर में मंत्रालयों से दोनों का अनुमान पेश करने को कहा गया है। प्री-बजट मीटिंग्स का सिलसिला 12 अक्तूबर, 2026 से शुरू हो जाएगा। इसकी अध्यक्षता एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी करेंगे।

6 अक्टूबर तक मंत्रालयों को अपनी मांग बतानी होगी

सभी मंत्रालयों और विभागों को पैसे की अपनी जरूरत के बारे में यूनियन बजट इंफॉर्मेशन सिस्टम (UBIS) को बताने को कहा गया है। उन्हें यह काम 6 अक्तूबर, 2026 तक पूरा करना होगा। उधर, पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर अब तक 55,757 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

सरकार विनिवेश का 78 फीसदी लक्ष्य हासिल कर चुकी है

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक वह इस टारगेट का 78 फीसदी जुटा चुकी है। अभी इस वित्त वर्ष के खत्म होने में 7 महीने का समय बचा है। अनुमान है कि बाकी पैसा इस दौरान आसानी से जुटा लेगी।

मुश्किल में पेश होगा अगले वित्त वर्ष का बजट 

अगले वित्त वर्ष का यूनियन बजट ऐसे वक्त में पेश होने जा रहा है, जब इकोनॉमी के सामने कई चुनौतियां हैं। वैश्विक स्थितियां खासकर मध्यपूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का असर भारत सहित दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर पड़ा रहा है। क्रूड की कीमतों में उछाल से महंगाई लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर महंगाई कंट्रोल में नहीं आती है तो इसका असर जीडीपी ग्रोथ पर भी पड़ेगा। इधर, डॉलर के मुकाबले रुपये में काफी गिरावट आई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है।

अगले साल यूपी चुनावों का असर बजट पर दिख सकता है

सरकार और आरबीआई की कोशिश महंगाई को जल्द से जल्द काबू में करने पर होगी। उधर, अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। यह आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है। 1 फरवरी, 2027 को पेश होने वाले बजट पर यूपी चुनावों को असर दिख सकता है। सरकार बजट में विदेशी निवेश बढ़ाने वाले उपायों का ऐलान कर सकती है।

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: 12वीं के सप्लिमेंट्री परीक्षा रिजल्ट के बाद रि-इवैल्युएशन की प्रक्रिया शुरू, जानें कब से करें आवेदन

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 की पूरक परीक्षा (Supplementary exam) 2026 में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए अहम घोषणा की है। इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले छात्रों का रिजल्ट जारी हो चुका है। इसके बाद अब बोर्ड ने छात्रों के लिए रिजल्ट के बाद मिलने वाली सुविधाओं का शेड्यूल घोषित कर दिया है। यह नोटिस 27 अगस्त को जारी किया गया है।

नोटिस के मुताबिक, उम्मीदवार पहले अपनी मूल्यांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद अंकों का सत्यापन, री-इवैल्यूएशन, या दोनों करवा सकते हैं। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे बताए गए कार्यक्रम और निर्देशों का ध्यान से पालन करें, क्योंकि डेडलाइन के बाद या ऑफलाइन मोड से जमा किए गए आवेदन स्वीकार एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे।

सीबीएसई कक्षा 12 सप्लीमेंट्री 2026: जरूरी तारीखें और फीस

नोटिस के एनेक्सर I में दिए गए शेड्यूल के मुताबिक, छात्र 31 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक अपनी मूलयांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं। फीस 100 रुपये प्रति विषय है। जिन उम्मीदवारों को स्कैन कॉपी मिलेगी, वे फिर मार्क्स के वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन, या दोनों के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

स्कैन की हुई आंसर बुक : 31 अगस्त से 1 सितंबर

स्कैन की हुई कॉपी की फीस : हर विषय के लिए 100 रुपये

मार्क्स का वेरिफिकेशन : 7 से 8 सितंबर

री-इवैल्यूएशन : 7 से 8 सितंबर

वेरिफिकेशन फीस : हर आंसर बुक के लिए 100 रुपये

री-इवैल्यूएशन फीस : हर सवाल के लिए 100 रुपये

सीबीएसई सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026: छात्र मार्क्स को कैसे चैलेंज कर सकते हैं?

छात्रों को सबसे पहले मूल्यांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन की हुई कॉपी लेनी होगी। इसे मिलने के बाद, वे मूल्यांकन, टोटलिंग या कवर पेज पर डाले गए अंकों में अंतर चेक कर सकते हैं। री-इवैल्यूएशन रिक्वेस्ट सिर्फ थ्योरी वाले हिस्से और पूरे सवाल के लिए स्वीकार की जाएंगी, किसी सवाल के हिस्से के लिए नहीं।

सभी आवेदन और शुल्क भुगतान सिर्फ तय प्रक्रिया के जरिए ऑनलाइन एक्सेप्ट किए जाएंगे। सीबीएसई ने यह भी कहा है कि एक भी अंक की कमी को ध्यान में रखा जाएगा। री-इवैल्यूएशन का नतीजा फाइनल होगा, जिसमें आगे कोई अपील या रिव्यू नहीं होगा।

BSEB Dummy Registration Card 2027: अब इस तारीख तक गलतियां सुधारने का मौका, बीएसईबी ने बढ़ाई सुधार विंडो की आखिरी तारीख

₹99,999 में लॉन्च Ather का नया स्कूटर, Konark की मार्केट में इनसे होगी भिड़ंत

Ather Energy New Launch: दिग्गज दोपहिया इलेक्ट्रिक कंपनी एथर एनर्जी ने आज 29 अगस्त को अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कोणार्क (Konark) लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत कंपनी ने ₹99,99 रखी है। इसके जरिए कंपनी ने मास-मार्केट सेगमेंट में एंट्री की है। इससे पहले एथर की पहचान मुख्य रूप से प्रीमियम/स्पोर्टी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से थी लेकिन अब कोणार्क के साथ इसने पहली बार बड़े मास-मार्केट सेगमेंट में गंभीरता से प्रवेश किया है। कंपनी ने इसे अपने सालाना कम्युनिटी डे प्रोग्राम में लॉन्च किया है।

Ather Energy के Konark की खास बातें

एथर एनर्जी ने कोणार्क की शुरुआती कीमत ₹99,999 रखी है।

यह स्कूटर कई अलग-अलग रेंज कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध होगा। इस लाइनअप में 100 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹99,999 और 125 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹1,21,999 है। दोनों की बिक्री सितंबर 2026 में शुरू होने वाली है।

161 किमी रेंज वाला एक और वैरिएंट आने वाला है जिसकी कीमत ₹1,44,999 रखी गई है तो 200 किमी रेंज वाले कोणार्क को भी Q3 2027 में लाने की योजना है। एथर के प्रोडक्ट रोडमैप में कोणार्क जेड भी है, जिसके 125 किमी और 161 किमी रेंज वाला वेरिएंट Q2 2027 में आ सकता है।

यह एथर के न्यू-जेनेरेशन ईएल प्लेटफॉर्म पर बनाया जाने वाला पहला प्रोडक्शन स्कूटर है।

कोणार्क के साथ एथर अपने पोर्टफोलियो को 450 और रिट्जा की रेंज से आगे बढ़ाया है।

कोणार्क के दाम एथर की ही रिट्जा से कम रखे गए हैं और मार्केट में इसकी सीधे टीवीएस और बजाज से भिड़ंत होगी। ₹99,999 की कीमत पर इसका एंट्री-लेवल वेरिएंट टीवीएस आईक्यूब (TVS iQube) और बजाज चेतक सी2501 (Bajaj Chetak C2501) की कीमत के लगभग बराबर है। वहीं ₹1,21,999 वाला 125 किलोमीटर रेंज का कोणार्क की भिड़ंत एथर के ही एंट्री-लेवल रिट्जा एस (Rizta S) के मुकाबले में आ जाता है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹1,21,499 है।

कीमत के मुकाबले रेंज की बात करें तो कोणार्क का 100 किलोमीटर वाला वेरिएंट चेतक सी2501 की 113 किलोमीटर और एंट्री-लेवल आईक्यूब की 114 किलोमीटर रेंज के मुकाबले अधिक स्पष्ट फायदा नहीं देता है। हालांकि 144 किलोमीटर वाला वेरिएंट अधिक क्षमता वाले iQube और Chetak वेरिएंट के करीब पहुंचता है, तो यह एथर की अधिक प्रीमियम 450 रेंज से नीचे रहता है।

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Ather Konarc: एथर ने लॉन्च किया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर Konarc, कीमत ₹99999 से शुरू, जानिए इसके फीचर्स और पूरी रेंज

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी एथर एनर्जी ने भारतीय बाजार में अपने पहले मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर एथर कोनार्क लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने 29 अगस्त को आयोजित अपने सालाना एथर कम्युनिटी डे के मौके पर इस नए स्कूटर के लॉन्चिंग का ऐलान किया है. एथर कोनार्क की शुरुआती कीमत ₹99999 तय की गई है. इसके जरिए कंपनी की नजर अब प्रीमियम सेगमेंट से आगे बढ़कर भारत के विशाल आम उपभोक्ता वर्ग को साधने पर है. 1 लाख रुपये से लेकर 1.44 लाख रुपये तक के बजट सेगमेंट में उतारे गए इस स्कूटर को एथर की मौजूदा 450 सीरीज की तुलना में अधिक पारिवारिक और व्यावहारिक लुक में डिजाइन किया गया है.

100 किमी से लेकर 200 किमी तक की रेंज, जानिए सभी वेरिएंट्स की कीमतें

एथर ने कोनार्क इलेक्ट्रिक स्कूटर को ग्राहकों की जरूरत और बजट के अनुसार कई रेंज विकल्पों और वेरिएंट्स के साथ पेश किया है. 100 किमी रेंज वेरिएंट की शुरुआती कीमत ₹99999 रखी गई है.125 किमी रेंज वेरिएंट की कीमत ₹121999 रखी गई है. ये दोनों शुरुआती वेरिएंट्स सितंबर से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. इसके अलावा कंपनी भविष्य के लिए भी अपना मजबूत रोडमैप लेकर आई है.

कंपनी ₹144999 की कीमत पर अधिक रेंज देने वाले 161 किमी रेंज वेरिएंट को उतारने की योजना बना रही है. लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए 200 किमी की रेंज वाला कोनार्क वेरिएंट 2027 की तीसरी तिमाही में लॉन्च किया जाएगा. कंपनी अपने रोडमैप के तहत 125 किमी और 161 किमी रेंज विकल्पों के साथ कोनार्क Z को 2027 की दूसरी तिमाही में पेश करेगी.

नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर

एथर कोनार्क कंपनी के नए-जनरेशन EL प्लेटफॉर्म पर आधारित पहला प्रॉडक्शन स्कूटर है. इस प्लेटफॉर्म को एथर ने विशेष रूप से वर्सेटिलिटी, स्केलेबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में सुधार के लिए तैयार किया है. एथर की 450 सीरीज वाले प्लेटफॉर्म के बाद यह कंपनी का पहला पूरी तरह से नया व्हीकल आर्किटेक्चर है. ईएल प्लेटफॉर्म को सबसे पहले एथर कम्युनिटी डे 2025 के दौरान पेश किया गया था, जहां कंपनी ने रिड्यूक्स (Redux) कॉन्सेप्ट व्हीकल, नेक्स्ट-जनरेशन फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी और AtherStack 7.0 को शोकेस किया था.

एथर को उम्मीद है कि यह नया प्लेटफॉर्म उसके कंज्यूमर सपोर्ट का दायरा बढ़ाएगा और मास-मार्केट सेगमेंट में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार देगा. भविष्य में कंपनी के कई अन्य प्रोडक्ट्स भी इसी ईएल प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे.

बाजार में किससे होगी सीधी टक्कर?

एथर कोनार्क बाजार में उतरते ही टीवीएस और बजाज के स्थापित फैमिली स्कूटर्स को सीधी चुनौती देता है. ₹99999 की शुरुआती कीमत पर कोनार्क का एंट्री-लेवल वेरिएंट सीधे TVS iQube और Bajaj Chetak C2501 के समान प्राइस ब्रैकेट में आता है.

हालांकि, चेतक C2501 (113 किमी) और एंट्री iQube (114 किमी) की तुलना में कोनार्क के 100 किमी वाले बेस वेरिएंट में रेंज का कोई बड़ा फर्क नहीं है, लेकिन इसका 161 किमी वाला वेरिएंट चेतक व आईक्यूब के टॉप-एंड वेरिएंट्स को कड़ी टक्कर देता है.

₹121999 की कीमत वाला 125 किमी रेंज का कोनार्क, एथर के ही अपने मौजूदा रिज्टा एस के करीब है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹121499 है.

मास-मार्केट की जरूरतों को पूरा करने का सही समय: तरुण मेहता

लॉन्च के मौके पर एथर के सीईओ और को फाउंडर तरुण मेहता ने कहा कि भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट अब शुरुआती खरीदारों से आगे बढ़कर मेनस्ट्रीम कस्टमर्स की ओर बढ़ रहा है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हम वर्षों से एक अच्छे स्कूटर को बनाने के लिए जरूरी आर्किटेक्चर और तकनीकों में निवेश कर रहे हैं. उन्होंने आगे लिखा कि अब ईवी को एक कस्टमर के लिए रीसेल वैल्यू, सर्विसिंग में लगने वाला समय, खराब सड़कों पर राइडिंग कंफर्ट से लेकर आसान और सुपर-फास्ट चार्जिंग जैसी सारी जरूरतों को पूरा करना है.

तरुण मेहता ने आगे कहा कि आज के समय में बेहतर विजिबल सेफ्टी, आसान चार्जिंग सुविधाएं और सॉफ्टवेयर-लेड सेफ्टी कस्टमर्स के ओनरशिप एक्सपीरियंस का सबसे अहम हिस्सा बन चुके हैं.

अपने पोर्टफोलियो को 450 सीरीज और रिज्टा से आगे बढ़ाते हुए, एथर कोनार्क के जरिए आम उपभोक्ताओं की हर जरूरत को पूरा करने का दावा कर रहा है.