Kartik Aaryan: कार्तिक आर्यन के घुटने की हुई सर्जरी, कबीर खान की फिल्म के सेट पर हुए थे चोटिल

Kartik Aaryan: एक्टर कार्तिक आर्यन की मुंबई के एक अस्पताल में घुटने की सफल सर्जरी हुई है। हाल ही में अपनी एक फिल्म के सेट पर एक्शन सीन करते समय उनके घुटने में चोट लग गई थी, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी।

उनके प्रवक्ता के बयान के मुताबिक नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर अभी ठीक हो रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही शूटिंग शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, “कार्तिक आर्यन को अपनी फिल्म के सेट पर एक एक्शन सीन करते समय घुटने में चोट लग गई थी। उनकी सर्जरी सफल रही और अब वह घर पर आराम कर रहे हैं और ठीक हो रहे हैं। वह जल्द ही सेट पर लौटेंगे।”

कार्तिक को यह चोट डायरेक्टर कबीर खान के साथ अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग के दौरान लगी। प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इंडिया टुडे को बताया, “कार्तिक को फोर्टिस रहेजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह डॉक्टरों की देखरेख में हैं। डॉक्टर एक दिन में उनके घुटने की सर्जरी करेंगे, जिसके बाद उन्हें कुछ दिन आराम करना होगा। इसके बाद वह अपने काम पर लौट सकेंगे।” इससे पहले एक्टर को 2023 में आई अपनी फिल्म ‘शहजादा’ की शूटिंग के दौरान भी घुटने में चोट लगी थी।

कार्तिक की नेशनल अवॉर्ड में जीत

भले ही कार्तिक अभी चोट से जूझ रहे हों और ठीक हो रहे हों, लेकिन प्रोफेशनल तौर पर 2026 उनके लिए बहुत खास साल रहा है। एक्टर ने हाल ही में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल’ का अवॉर्ड जीता। 18 जुलाई को घोषित यह अवॉर्ड कार्तिक को कबीर खान की डायरेक्ट की गई बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाने के लिए दिया गया।

इस कामयाबी पर इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्यन ने लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं, और यह उन्हीं में से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया। हमेशा विनम्र और आभारी रहूंगा… बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड #ChanduChampion।”

कार्तिक को बेस्ट एक्टर का सम्मान मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी के साथ मिला, जिन्हें ‘ब्रह्मायुगम’ में उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए यह अवॉर्ड दिया गया। यह कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जबकि ममूटी का यह चौथा अवॉर्ड है। ठीक होने के बाद, उम्मीद है कि कार्तिक कबीर खान की बिना नाम वाली फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू करेंगे। वह अनुराग बसु की रोमांटिक ड्रामा फिल्म में श्रीलीला के साथ बाकी हिस्सों की शूटिंग भी करेंगे।

सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस में पहुंचे CM धामी, बोले- ‘सेवा सबसे बड़ा धर्म’

सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस में पहुंचे CM धामी, बोले- 'सेवा सबसे बड़ा धर्म'

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड,भूपतवाला में पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वां निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य सतगुरू लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने भक्ति को जन जन तक पहुंचाया है।

उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी और दृष्टि में भगवान बुद्ध के समान असीम करुणा थी। पूज्य सतगुरु ने समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने जीवन भर यही सिखाया कि सेवा सबसे बड़ा धर्म है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संतों का सानिध्य और सतगुरु की कृपा मिलना सौभाग्य की बात है। हमारे संत समाज ने हमेशा धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। उनके मार्गदर्शन से समाज को धर्म और संस्कृति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। भारत की महान संस्कृति हमें सिखाती है कि कितनी भी कठिनाइयां आएं, हमें अच्छे समाज के निर्माण और विकास को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।

यूपी में माताओं, बहनों और बेटियों को 2 दिन फ्री बस यात्रा, साथ में एक सहयोगी भी मुफ्त, रक्षाबंधन पर CM योगी का बड़ा तोहफा

यूपी में माताओं, बहनों और बेटियों को 2 दिन फ्री बस यात्रा, साथ में एक सहयोगी भी मुफ्त, रक्षाबंधन पर CM योगी का बड़ा तोहफा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को फ्री बस यात्रा का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही फील्ड में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन, पुलिस और प्रशासन मिलकर पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

महिला सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय रहें और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर रखी जाए। रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने बस चालकों की जांच और निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले किसी भी चा

लक को बस चलाने की अनुमति न दी जाए। निजी बसों के चालकों का सत्यापन कराया जाए। ऑटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। परिवहन और पुलिस विभाग आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि रक्षाबंधन पर यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन मिल सके।

गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की नीति बनेगी

गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की नीति बनेगी

bhupendra patel

गुजरात सरकार ने दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर व्यापक अध्ययन कर उचित नीति तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस समिति के अध्यक्ष राज्य के मुख्य सचिव होंगे।

 

केंद्र और अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन होगा

 

नई समिति दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के संबंध में केंद्र सरकार की नीतियों और अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी। इसके अलावा, इस मुद्दे पर विभिन्न अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों, कानूनी प्रावधानों और सरकारी नियमों का भी विश्लेषण किया जाएगा। समिति पूरे अध्ययन के आधार पर गुजरात में दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण को लेकर किस प्रकार की नीति लागू की जा सकती है, इस संबंध में सरकार को अपनी सिफारिश देगी।

 

आरक्षण के प्रतिशत पर भी होगा विचार

 

समिति दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में कितने प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, इसे किस तरह लागू किया जाए और इसके लिए कौन-कौन से नियम बनाए जाएं, जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करेगी। सरकारी विभागों में दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा से जुड़ी परिस्थितियों और नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन को भी ध्यान में रखा जाएगा। विभिन्न विभागों की जरूरतों और मौजूदा सेवा नियमों का अध्ययन करने के बाद समिति अपनी अंतिम सिफारिश तैयार करेगी।

 

दिव्यांग कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण पहल

 

राज्य सरकार की इस पहल से सरकारी सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसरों को लेकर नई व्यवस्था बनने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल आरक्षण का प्रतिशत और अन्य नियमों को लेकर अंतिम निर्णय समिति के अध्ययन और उसकी सिफारिश के बाद ही लिया जाएगा।

पंजाबी युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या:पिज्जा डिलीवर करने जाते वक्त लुटेरों ने फायरिंग की; पिता बोले- ₹30 लाख कर्ज लेकर भेजा था

पंजाब में कपूरथला के रहने वाले एक 28 वर्षीय युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिस समय युवक पर हमला हुआ, वह पिज्जा डिलीवरी देने जा रहा था। इसी दौरान बाइक पर आए हमलावरों ने उसपर फायरिंग कर दी। युवक को घायल अवस्था में अस्पताल भी पहुंचाया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। युवक की पहचान गुरदीप सिंह के रूप में हुई है। वह कपूरथला में बेगोवाल कस्बे में जब्बोवाल गांव का रहने वाला था और करीब 10 साल पहले काम करने के लिए अमेरिका गया था। शनिवार, 22 अगस्त को उसकी मौत की सूचना मिलने के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिवार ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि उनके बेटे का शव भारत लाया जाए और अमेरिका में उसकी हत्या करने वालों को सजा दी जाए। मृतक के पिता ने ये जानकारियां दीं अविवाहित था गुरदीप सिंह परिजनों के मुताबिक, गुरदीप सिंह अविवाहित था। उसका एक भाई है जो गांव में ही रहकर परिवार को संभालता है। गुरदीप की मौत के बाद अब माता-पिता का यह भाई ही इकलौता सहारा बचा है। परिवार ने शव वापस लाने की लगाई गुहार गुरदीप सिंह के परिवार ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। परिवार ने अमेरिकी प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और हत्या के जिम्मेदार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है। गांव के लोगों ने भी सरकार से परिवार की मदद करने और गुरदीप सिंह का शव भारत लाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… जालंधर में महिला को पति-सास ने हार्पिक पिलाया:फोर्टिस अस्पताल में छोड़कर भागे; पत्नी को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का पता चल गया था जालंधर के करतारपुर थाने में महिला को हार्पिक पिलाकर मारने की कोशिश करने का मामला दर्ज हुआ है। केस महिला के पति और सास के खिलाफ है। महिला को गंभीर हालत में जालंधर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…

Weather Forecast: यूपी-बिहार के लिए अगले 24 घंटे होंगे खतरनाक! IMD ने बारिश-तूफान का दिया अलर्ट

Weather Alert: देश के कई इलाकों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसके चलते मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदल गया है। मौसम में बदलाव के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 23 अगस्त को दिल्ली और बिहार समेत 19 राज्यों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका जताई गई है। ऐसे में आईएमडी लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 23 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की संभावना जताई है। यूपी, दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मेघालय, केरल और असम में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 23 अगस्त को मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिन के दौरान बारिश की संभावना जताई है। लेकिन, बारिश के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से पूरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

यूपी-बिहार में होगी तेज बारिश

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 23 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के नोएडा, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। लखनऊ में तापमान 33 डिग्री और पटना में 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दोनों शहरों में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

नेस्ले, पेप्सीको और कोका-कोला पर FSSAI का बड़ा एक्शन, भ्रामक विज्ञापनों के लिए 150 से अधिक कंपनियों को जारी किए नोटिस

F&O में कई साल बाद घाटा हुआ कम लेकिन, SEBI की रिपोर्ट में रिटेलर्स को परेशान करने वाली बातें आई सामने

F&O, Rupees Printing Machine or Destroyer: इक्विटी डेरिवेटिव्स मार्केट में वित्त वर्ष 2026 के दौरान कई वर्षों बाद पहली बार बड़ी गिरावट देखने को मिली। हालांकि बाजार नियामक सेबी (SEBI) की ताजा ट्रेडर स्कोरकार्ड रिपोर्ट के मुताबिक मूल समस्या अभी भी बनी हुई है कि अधिकतर रिटेल ट्रेडर्स F&O (Futures & Options) को एक व्यवस्थित ट्रेडिंग प्रक्रिया की बजाय किस्मत आजमाने जैसा मानते हैं। एफएंडओ में कुल नुकसान और ट्रेडर्स की संख्या दोनों कम तो हुई, लेकिन 10 में से करीब 9 रिटेल ट्रेडर्स अब भी घाटे में रहे। सेबी के आंकड़ों से सामने आया है कि वित्त वर्ष 2026 में जो सुधार दिखा भी है, वह स्ट्रैटेजी यानी रणनीति के चलते नहीं बल्कि ट्रेडर्स की संख्या घटने से आया।

क्या हैं आंकड़े

वित्त वर्ष 2026 में F&O में एक्टिव इंडिविजुअल ट्रेडर्स की संख्या 18% घटकर 87.5 लाख और कुल नेट नुकसान 18% घटकर ₹91,685 करोड़ रहा तो नुकसान में रहने वाले ट्रेडर्स का अनुपात भी 90.9% से घटकर 87.7% रह गया। हालांकि नुकसान में रहने वाले ट्रेडर का औसत नुकसान बढ़कर लगभग ₹1.17 लाख हो गया। इस प्रकार वित्त वर्ष 2026 में कम लोगों ने ट्रेडिंग की, लेकिन जो ट्रेडिंग में बने रहे, उन्होंने अभी काफी बड़ा रिस्क लिया और भारी नुकसान उठाया।

Options Buying अब भी रिटेलर्स की पहली पसंद

सेबी के बिहैवरियल एनालिसिस के मुताबिक करीब 99.3% इंडिविजुअल ट्रेडर्स ने कम से कम एक बार ऑप्शंस में ट्रेड किया, तो 93% ट्रेडर्स ने सिर्फ ऑप्शंस में ट्रेडिंग की और फ्यूचर्स में उनकी हिस्सेदारी बहुत सीमित रही। इसके अलावा सेबी के के स्ट्रैटेजी-वाइज स्टडी में सामने आया कि ऑप्शंस बायर्स को 90% नुकसान हुआ और रिटेलर्स को सबसे बड़ा झटका इसी ने दिया। इससे फटाफट पैसा बनाने की कोशिश, एक्सपायरी के दिन ट्रेडिंग, बिना ठोस रणनीति के डायरेक्शन बेट्स और जरूरत से ज्यादा बड़ी पोजिशंस लेना।

रिटेलर्स के लिए बढ़ी लड़ाई

सेबी की रिपोर्ट के मुताबिक रिटेल ट्रेडर्स का मुकाबला अब सिर्फ दूसरे इंडिविजुअल्स से नहीं है। मार्केट पर अब बड़े इंस्टीट्यूशंस, प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग फर्म्स और एल्गोरिदम से चलने वाले उन ट्रेडर्स का दबदबा बढ़ रहा है जो एडवांस्ड एग्जीक्यूशन सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये टेक्नोलॉजी, रिस्क मॉडल्स, ऑटोमोटेड एग्जीक्यूशन और डिसिपलिन्ड पोजिशन साइजिंग का इस्तेमाल करते हैं। वित्त वर्ष 2026 प्रोप्रॉयटरी ट्रेडर्स ने लगभग ₹44,000 करोड़ और FPIs ने करीब ₹14,000 करोड़ की कमाई की। इन दोनों की कमाई का करीब 99% हिस्सा एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग एंटिटीज से आया। एक तरह कई रिटेलर्स भावनाओं, सोशल मीडिया टिप्स और एक्सपायरी के दिन ट्रे़डिंग पर पर निर्भर हैं तो प्रोफेशनल ट्रेडर्स पहले से तय रणनीतियों, टेक्नोलॉजी और रिस्क मैनेजमेंट के के आधार पर ट्रेड कर रहे।

और भी खास बातें आई सामने

सेबी की रिपोर्ट में एक बात का खंडन हुआ कि अधिक अनुभव का मतलब घाटा कम होना है। जिन ट्रेडर्स ने लगातार चार या उससे अधिक वर्षों तक ट्रेडिंग की, उनमें भी नुकसान की दर बहुत अधिक रही यानी कि बार-बार एक ही गलती करने से ट्रेडिंग स्किल अपने आप नहीं बढ़ती। इसी तरह जिन ट्रेडर्स को लगातार दो साल नुकसान हुआ, उनमें से लगभग 90% ने ट्रेडिंग जारी रखी और फिर से नुकसान उठाया।

सेबी की रिपोर्ट में एक और परेशान करने वाली बात सामने आई कि अधिक ट्रेडिंग से नुकसान भी बड़ा हुआ। सबसे अधिक एक्टिव 42% ट्रेडर्स की कुल घाटे में 87% और टर्नओवर में 94% हिस्सेदारी रही। यह समस्या खासतौर से युवाओं और कम आय वाले ट्रेडर्स में अधिक दिखाई दी।

सेबी की रिपोर्ट में कम कैपिटल और अधिक रिस्क की बात सामने आई। लगभग 35% डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स के पास कोई इक्विटी पोर्टफोलियो नहीं था, तो 78% के पास ₹1 लाख से कम की इक्विटी होल्डिंग थी। पोर्टफोलियो का साइज बढ़ने के साथ नुकसान की संभावना लगातार कम होती गई। बहुत कम या बिना इक्विटी होल्डिंग वाले ट्रेडर्स के लिए नुकसान की संभावना 93% रही तो ₹10 करोड़ से अधिक के पोर्टफोलियो वाले ट्रेडर्स के लिए यह लगभग 58% रही। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी पूंजी वाले ट्रेडर्स आमतौर पर एक लिमिट में एक्सपोजर लेते हैं, जबकि कई छोटे ट्रेडर्स अपनी पूंजी के मुकाबले बहुत अधिक लेवरेज इस्तेमाल करते हैं।

Bonds में निवेश पर रिटर्न की गांरटी! ऐसे ऐड पर लगेगी रोक, SEBI ने लाया प्रस्ताव

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

ट्रंप को झटका, 75 देशों पर वीजा प्रतिबंध के फैसले पर रोक

ट्रंप को झटका, 75 देशों पर वीजा प्रतिबंध के फैसले पर रोक

donald trump

अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने ट्रंप की उस वीजा नीति को रद्द कर दिया है, जिसके तहत 75 देशों के नागरिकों को वीजा दिए जाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिबंध लगा दिया था। ये प्रतिबंध इन देशों के उन नागरिकों के लिए थे, जो अमेरिका में स्थायी रूप से बसने के लिए वीजा चाहते थे।

 

सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क की जज जेनेट वर्गास ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि यह नीति कानून के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने कानूनी अधिकारों से आगे जाकर इस नीति को जारी किया था।

 

होर्मुज का बैकअप प्लान तैयार करने के लिए बेचैन खाड़ी देश

 

अमेरिका में यह नीति जनवरी में लागू हुई थी। इसके तहत 75 देशों के नागरिकों के लिए अप्रवासी वीजा आवेदनों की प्रक्रिया निलंबित कर दी गई थी। इस सूची में अफगानिस्तान, ब्राजील, मिस्र, ईरान और इराक जैसे देश शामिल थे। नाइजीरिया, सोमालिया, थाईलैंड और यमन भी सूची में थे।

 

सिर्फ देश का नाम देख रोका गया वीजा

नीति लागू होने के समय विदेश मंत्रालय ने उसका बचाव किया था। विभाग ने कहा था कि यह कदम अमेरिकी संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा था, इस फैसले का उद्देश्य यह है कि उच्च जोखिम वाले देशों के अप्रवासी अमेरिका में कल्याणकारी योजनाओं का गलत उपयोग न करें। विभाग ने यह भी कहा था कि ऐसे लोग सार्वजनिक सुविधाओं पर बोझ न बनें।

 

हालांकि जज जेनेट वर्गास ने आदेश पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कंसुलर अधिकारियों को सिर्फ आवेदनकर्ता की पैदाइश का देश देखकर ऐसा आदेश नहीं देना चाहिए। कोर्ट के फैसले के अनुसार, अधिकारियों को केवल आवेदक की राष्ट्रीयता के आधार पर वीजा अस्वीकार करने को कहा गया था। ऐसा तब भी करने को कहा गया था जब अधिकारी आवेदक को अन्य सभी पैमानों पर योग्य मान चुके हों।

ऊंची अदालत में फैसले को चुनौती दे सकती है सरकार

शुक्रवार के फैसले में अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए और कहा कि केवल इस नीति के आधार पर किसी को वीजा ना देने के फैसले को निरस्त माना जाएगा। यह फैसला ट्रंप प्रशासन के लिए झटका माना जा रहा है। हालांकि, सरकार के पास फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प मौजूद है।

 

डॉनल्ड ट्रंप ने चुनाव अभियान में कड़े आप्रवासन कदमों का वादा किया था. उन्होंने अवैध प्रवासियों के बड़े पैमाने पर निष्कासन की बात कही थी। व्हाइट हाउस में वापसी के बाद ट्रंप प्रशासन ने इस दिशा में कई कदम उठाए है। इन कदमों का उद्देश्य अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकालने की प्रक्रिया तेज करना है। प्रशासन सीमा पार से अवैध प्रवेश को भी कम करना चाहता है।

 

अदालत के ताजा फैसले ने जनवरी में लागू हुई अमेरिकी आप्रवासन नीति को अवैध ठहरा दिया है। साथ ही, विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि सरकार चाहे तो अब इस आदेश को उच्च अदालत में चुनौती दे सकती है। 

Opinion: Freak accidents are almost always human negligence

Opinion: Freak accidents are almost always human negligence
Opinion: Freak accidents are almost always human negligence

Going by the amount of social media chatter around any NCAP test, you’d think India is one safety-obsessed nation. Awareness is rising, but safety is far from ingrained in our ethos like it is in, say, Japan. We all know the current state of road safety is appalling, but I’m not talking about driving manners or vehicle collisions or crash ratings. Of late, there’s another aspect of road safety that’s really been bothering me; the road itself and everything around it. 

During the rains in Mumbai last month, two girls were electrocuted in a water-logged street. Luckily, timely intervention from a passer-by and medical treatment at a hospital saved them. Last year, an auto-rickshaw driver had his head 

pierced by a falling iron rod from metro construction; thankfully emergency neurosurgery saved him too. Not everyone is so lucky though, if you can even call these accidents lucky. A concrete slab from an under-construction girder bridge fell onto a moving auto-rickshaw and car and resulted in one death and multiple injuries.

You would have read the horrific news of a 25-year-old biker in Delhi who died after his motorcycle plunged into an unbarricaded, 14-foot-deep construction pit dug up and left open. And it’s not just bikes; people have fallen into open manholes, flooded over with water, and lost their lives, and recently a 20-year-old student died after his car plunged into an open drain. Two years ago, a massive illegal billboard blew over and killed 17 people and injured over 75 others during heavy winds in Mumbai. This monsoon season, a tree collapsed onto a school bus and took the life of an 11-year-old child. 

This is the aspect of road safety that has been bothering me recently, not because car crashes and other accidents do not, but because these are all too often termed ‘freak accidents’ or ‘random happenings’. Nonsense! These are not freak incidents, but accidents caused by negligence and unaccountability. So many folks say, ‘oh, his/her time had come’. Again, nonsense. Would you say all those poor kids who died in Africa due to starvation died because their time had come? No. They died because of human action, or inaction. 

So, really, I write this column only to highlight this fact; to remind us all that it isn’t random. As the saying goes, ‘everything happens for a reason’. Here it’s callousness, from those in charge and from us. So, the next time you express outrage over a non-5-star NCAP-rated car, spare some words of outrage for these incidents too.