Gold Vs Share Market: 1 साल में सोना चमका, पर लंबे समय में कौन बनाएगा ज्यादा अमीर? समझें 20 साल का पूरा गणित

Gold Vs Equity Investment Comparison: बीते एक साल में सोने ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। एक तरफ जहां पिछले 1 साल में सोने ने करीब 35.3 फीसदी का बंपर रिटर्न दिया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय शेयर बाजार का बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 TRI लगभग 5.4 फीसदी टूटा है।

हालिया रिटर्न को देखकर पहली नजर में गोल्ड ही असली विजेता नजर आता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या 10, 15 या 20 साल के लंबे समय में भी सोना शेयर बाजार को पछाड़ सकता है? फाइनेंशियल रिसर्च फर्म FundsIndia की अगस्त 2026 की ‘वेल्थ कन्वर्सेशंस’ रिपोर्ट के आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बयां करते हैं।

लंबे समय में कौन आगे? 10, 15 और 20 साल का आंकड़ा

फंड्सइंडिया ने जनवरी 2000 से लेकर अब तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। शॉर्ट टर्म में सोने का प्रदर्शन शेयर बाजार से बेहतर दिख सकता है, लेकिन जैसे-जैसे निवेश का समय बढ़ता है, बाजी शेयर बाजार के हाथ में चली जाती है।

निवेश की अवधि Nifty 50 TRI के मुकाबले सोने का औसत प्रदर्शन
1 साल की अवधि -65% (न्यूनतम) से +79% (अधिकतम) तक उतार-चढ़ाव
10 साल की अवधि10 साल की अवधि सोना औसतन 2% प्रति वर्ष पीछे रहा
15 साल की अवधिसोना औसतन 2% प्रति वर्ष पीछे रहा
20 साल की अवधि सोना औसतन 2% प्रति वर्ष पीछे रहा

वर्षों के आंकड़ों से साफ है कि 10, 15 और 20 साल के क्षितिज पर शेयर बाजार ने औसतन सोने के मुकाबले 2 फीसदी सालाना ज्यादा रिटर्न दिया है। भले ही 2% का अंतर छोटा लगे, लेकिन जब 15-20 सालों में कंपाउंडिंग का असर पड़ता है, तो बड़ा वेल्थ गैप बन जाता है।

क्या शेयर बाजार, सोने से बेहतर विकल्प है?

जरूरी नहीं, क्योंकि दोनों ही एसेट क्लास का पोर्टफोलियो में अलग-अलग रोल होता है:

इक्विटी (शेयर बाजार): इसका मुख्य काम लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन है।

सोना: यह पोर्टफोलियो को सुरक्षा और डाइवर्सिफिकेशन देता है। जब शेयर बाजार संकट या मंदी के दौर से गुजरता है, तब सोना तेजी से चमकता है।

फंड्सइंडिया की सीनियर मैनेजर जिराल मेहता का कहना है, ‘अलग-अलग एसेट क्लास का लीडरशिप रोल बदलता रहता है। कोई भी एक एसेट क्लास हर साल टॉप पर नहीं रह सकता।’

निवेशकों के लिए क्या है सबक?

केवल पिछले 1 साल के 35% रिटर्न को देखकर शेयर बाजार छोड़कर सारा पैसा सोने में लगाना गलत रणनीति हो सकती है। इतिहास गवाह है कि लंबी अवधि (10 से 20 साल) में शेयर बाजार ने सोने से ज्यादा संपत्ति बनाकर दी है। इसीलिए पोर्टफोलियो बैलेंस रखें। किसी एक में दांव लगाने के बजाय, लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए इक्विटी और पोर्टफोलियो की स्थिरता के लिए गोल्ड का सही मिश्रण बनाएं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LPG Rate 23 August 2026: 23 अगस्त को कितने बढ़े LPG सिलेंडर के दाम? दिल्ली से बिहार तक जानें अपने शहर का रेट

LPG Rate 23 August 2026: रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर की कीमतें आम परिवारों के घरेलू बजट का एक अहम हिस्सा होती हैं। गैस के दाम बढ़ने या घटने का सीधा असर महीने के कुल खर्च पर दिखाई देता है। 23 अगस्त 2026 को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। यानी आज उपभोक्ताओं को सिलेंडर खरीदने के लिए पहले से अधिक पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। कीमतें स्थिर रहने से परिवारों को फिलहाल राहत मिली है और उनके मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। हालांकि, LPG की कीमत सभी शहरों में एक समान नहीं होती।

स्थानीय टैक्स, परिवहन खर्च और अन्य शुल्कों के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में सिलेंडर के दामों में अंतर देखने को मिल सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे सिलेंडर बुक करने या खरीदने से पहले अपने शहर में लागू LPG की ताजा कीमत जरूर जांच लें। इससे उन्हें सही कीमत की जानकारी मिलेगी और अनावश्यक खर्च से भी बचा जा सकेगा।

आपके शहर में LPG सिलेंडर का क्या भाव है?

शहर के हिसाब से LPG की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। स्थानीय टैक्स और अन्य लागतों की वजह से एक ही सिलेंडर के लिए अलग-अलग शहरों में ग्राहकों को अलग कीमत चुकानी पड़ सकती है।

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा क्यों?

घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें अलग होती हैं। 19 किलोग्राम का सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से इसकी कीमत घरेलू LPG सिलेंडर के मुकाबले अधिक रहती है और इसका खर्च कारोबार की संचालन लागत में शामिल होता है।

घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का ताजा रेट

अगर आप Indane Gas का इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले का चयन करके LPG सिलेंडर की मौजूदा कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com पर उपलब्ध ‘Quick Book & Pay’ विकल्प के जरिए सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, HP Gas उपभोक्ता HP Pay ऐप से LPG सिलेंडर का ताजा रेट चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, UMANG ऐप के जरिए LPG रिफिल बुक करने के साथ उसकी मौजूदा कीमत भी देखी जा सकती है।

LPG की कीमतों पर रहेगी नजर

फिलहाल घरेलू LPG के दाम स्थिर रहने से परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। हालांकि, आने वाले दिनों में तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में किसी भी संभावित बदलाव पर उपभोक्ताओं की नजर बनी रहेगी।

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NEW US Territory, होर्मुज पर ट्रंप का दावा, अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

NEW US Territory, होर्मुज पर ट्रंप का दावा, अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर होर्मुज जलडमरूमध्य की एक तस्वीर साझा की, जिसमें इसे “NEW US Territory” यानी “नया अमेरिकी क्षेत्र” बताया गया है। ट्रंप के इस कदम से ईरान के साथ बढ़े तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग को लेकर अमेरिकी बयानबाजी और तीखी हो गई है।

 

ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। ट्रंप ने इससे पहले 18 अगस्त को भी यही तस्वीर साझा की थी। इससे पहले 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में एक पुलिस अकादमी में भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वह जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर सकते हैं।

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ईरान ने ट्रंप के दावे पर किया पलटवार

 

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहन रेजाई ने होर्मुज पर ट्रंप के दावे का जवाब देते हुए कहा कि जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने में अमेरिका की असमर्थता और उस पर अपना अधिकार जताने के दावे के बीच बड़ा विरोधाभास है। रेजाई ने कहा कि फारस की खाड़ी में एक नए ‘पोस्ट-अमेरिकन ऑर्डर’ का स्वागत है। उन्होंने अमेरिकी दबाव के खिलाफ पड़ोसी देशों को भी चेतावनी दी है।

 

ईरान पर नए और कड़े प्रतिबंधों की तैयारी

 

ट्रंप की ताजा पोस्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिका ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक टकराव के और गहराने की आशंका है। ईरान ने प्रस्तावित प्रतिबंधों की निंदा की है। उसका कहना है कि नए प्रतिबंध उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकते हैं और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें चीन सबसे अहम है, जो ईरानी तेल का प्रमुख खरीदार बना हुआ है।

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अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने इन प्रतिबंधों को “इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध” बताया है। बेसेंट ने चीन से भी ईरान के तेल निर्यात को लेकर अमेरिका के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है।

 

ईरान ने अमेरिकी दबाव को खारिज किया

 

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि यह अमेरिकी अधिकार क्षेत्र को उसकी सीमाओं से बाहर लागू करने की कोशिश है। बघाई ने कहा कि इस तरह के द्वितीयक प्रतिबंधों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है। वहीं, मोहन रेजाई ने पड़ोसी देशों को अमेरिका के आर्थिक अभियान में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिका के आर्थिक युद्ध का हिस्सा बनेंगे, उन्हें ईरान दुश्मन के रूप में देखेगा।

 

होर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव का केंद्र

 

होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। ईरान का कहना है कि यह समुद्री मार्ग बंद है और उसने बिना अनुमति तेल टैंकरों के प्रवेश को लेकर कार्रवाई की चेतावनी दी है। होर्मुज में आवाजाही बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। फिलहाल केवल कुछ ही कमोडिटी जहाज इस जलमार्ग से गुजर पाए हैं, जबकि बड़े कच्चे तेल के टैंकर और LNG जहाज काफी हद तक यहां से दूर हैं।

जापान में 5.9 तीव्रता के भूकंप से दहला पूर्वी हिस्सा, टोक्यो तक महसूस हुए झटके, 23 लोग घायल

जापान में 5.9 तीव्रता के भूकंप से दहला पूर्वी हिस्सा, टोक्यो तक महसूस हुए झटके, 23 लोग घायल

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जापान में रविवार तड़के 5.9 तीव्रता के भूकंप ने पूर्वी हिस्से को हिला दिया। भूकंप के तेज झटके टोक्यो और आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में 23 लोग घायल हुए हैं, हालांकि ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है।

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जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप इबाराकी प्रांत के दक्षिणी हिस्से में 70 किलोमीटर की गहराई पर आया। यह क्षेत्र जापान के उन इलाकों में शामिल है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भूकंप की शुरुआती तीव्रता 5.8 दर्ज की।

 

चार प्रांतों में 23 लोग घायल

 

प्रांतीय अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण क्षेत्र के चार प्रांतों में कुल 23 लोग घायल हुए। इनमें सैतामा में 9, कानागावा में 9, चिबा में 4 और इबाराकी में 1 व्यक्ति घायल हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर लोग भूकंप के समय सो रहे थे। अचानक तेज झटके महसूस होने पर वे घबराकर बिस्तर से उठे और गिर पड़े या फर्नीचर और दरवाजों से टकरा गए।

 

योमिउरी अखबार के अनुसार, कानागावा प्रांत के योकोहामा में 80 साल की एक महिला बिस्तर से गिर गईं और उनके कूल्हे में गंभीर चोट आई।

 

ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित

 

भूकंप के बाद टोक्यो और नारिता एयरपोर्ट को जोड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में देरी हुई। पूर्वोत्तर क्षेत्रों की कुछ स्थानीय ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। हालांकि, ईस्ट जापान रेलवे कंपनी के मुताबिक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।
 

टोक्यो में पानी की पाइपलाइन फटी, बिजली भी गुल

 

भूकंप के झटकों के कारण टोक्यो के कोटो इलाके में भूमिगत पानी की पाइपलाइन टूट गई, जिससे सड़क पर पानी भर गया। बाद में कर्मचारियों ने पाइपलाइन की मरम्मत कर रिसाव रोक दिया। TEPCO Power Grid के अनुसार, भूकंप के कारण टोक्यो में करीब 460 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, लेकिन रविवार सुबह तक बिजली बहाल कर दी गई।

 

जापान की परमाणु नियामक प्राधिकरण ने बताया कि करीब एक दर्जन परमाणु संयंत्रों और परमाणु सामग्री से संबंधित अन्य प्रतिष्ठानों से किसी तरह की असामान्य स्थिति की सूचना नहीं मिली।

रक्षा-समझौते की आड़ में हथियारों का जखीरा भर रहा पाकिस्तान:तुर्किये से ड्रोन की सप्लाई, 60 घंटे में दर्जनों सैन्य विमान पहुंचे

सऊदी और तुर्किये से हुए रक्षा समझौते की आड़ में पाकिस्तान हथियारों का जखीरा बढ़ाता जा रहा है। 19 से 21 अगस्त के बीच करीब 60 घंटे में तुर्किये के दर्जनों सैन्य विमानों ने पाकिस्तान के अलग-अलग एयरबेस पर लैंडिंग और टेकऑफ की। इनमें सी-130 सैन्य परिवहन विमान और ए400एम जंबो मिलिट्री विमान शामिल थे। रावलपिंडी के नूरखान और कराची के मसरूर एयरबेस पर तुर्किये के सी-130 सैन्य विमानों की लगातार आवाजाही रही। वहीं, तुर्किये का ए400एम विमान भी मुरीद एयरबेस पर पहुंचा। इसकी पहचान कॉल-साइन टीयूएएफ 526 से हुई। इन विमानों से तुर्किये ने पाकिस्तान को ड्रोन की बड़ी खेप पहुंचाई। ड्रोन की सप्लाई रात के अंधेरे में की गई, ताकि सैटेलाइट ट्रैकिंग से गतिविधियों को छिपाया जा सके। तुर्किये से पहुंची ड्रोन की खेप को बहावलपुर और रावलपिंडी की मिलिट्री स्टोरेज फैसिलिटीज में रखा गया है। पाकिस्तान को AI-गाइडेड केमांके क्रूज मिसाइल भी मिली ड्रोन के साथ पाकिस्तान को तुर्किये से एयर-डिफेंस सिस्टम और आधुनिक हथियार भी मिले हैं। इनमें एचक्यू सीरीज या इसी तरह का एयर-डिफेंस/सैम सिस्टम शामिल है। बायरक्तार TB2 ड्रोन: दुनिया के सबसे चर्चित आर्म्ड ड्रोन में शामिल है। रूस इसका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ कर रहा है। अकिंसी ड्रोन: भारी पेलोड ले जाने वाला हाई-एंड कॉम्बैट ड्रोन। यह करीब 250 किमी तक की दूरी पर एक्सप्लोसिव पेलोड ले जा सकता है। केमांके क्रूज मिसाइल: AI-गाइडेड मिसाइल है, जो खुद टारगेट खोजने की क्षमता रखती है। इसकी रेंज 200+ किमी बताई गई है और इसे ड्रोन से भी लॉन्च किया जा सकता है। F-16 अपग्रेड किट: पाकिस्तान के पुराने F-16 लड़ाकू विमानों के बेड़े के लिए तुर्किये से इंटीग्रेशन किट भी मिली है। मुनीर ने एर्दोगान को ड्रोन देने के लिए राजी किया मक्का में हुए रक्षा समझौते के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगान से ड्रोन देने को कहा था। मुनीर ने बताया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को काफी नुकसान हुआ था। चीन से पाकिस्तान को जे-सीरीज के लड़ाकू विमान पर्याप्त संख्या में मिल चुके थे, लेकिन इस दौरान उसके ड्रोन का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया था। बलूचिस्तान में बड़े ऑपरेशन की तैयारी में मुनीर बलूचिस्तान में विद्रोहियों से घिरे मुनीर अब बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके लिए सेना की टुकड़ियां रवाना की जा रही हैं। यह कार्रवाई अगले 48 घंटे में शुरू हो सकती है। जुलाई में ‘ऑपरेशन शाबान’ शुरू करने के बाद भी बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की पकड़ कमजोर हुई है। सेना की 25 से ज्यादा चेकपोस्ट खाली हो चुकी हैं और कई जगहों पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों का कब्जा है। ईरान सीमा से लगे बलूचिस्तान के इलाकों में भी पाकिस्तानी सेना को लगातार चुनौती मिल रही है। रावलपिंडी GHQ में 3 अतिरिक्त कंपनियां तैनात बलूच विद्रोहियों के हमले की आशंका के चलते रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान आर्मी के हेडक्वार्टर में 3 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। शहबाज सरकार ने शनिवार को रावलपिंडी के GHQ को अगले 6 महीने के लिए संवेदनशील जोन घोषित किया है।

रक्षा-समझौते की आड़ में हथियारों का जखीरा भर रहा पाकिस्तान:तुर्किये से ड्रोन की सप्लाई, 60 घंटे में दर्जनों सैन्य विमान पहुंचे

सऊदी और तुर्किये से हुए रक्षा समझौते की आड़ में पाकिस्तान हथियारों का जखीरा बढ़ाता जा रहा है। 19 से 21 अगस्त के बीच करीब 60 घंटे में तुर्किये के दर्जनों सैन्य विमानों ने पाकिस्तान के अलग-अलग एयरबेस पर लैंडिंग और टेकऑफ की। इनमें सी-130 सैन्य परिवहन विमान और ए400एम जंबो मिलिट्री विमान शामिल थे। रावलपिंडी के नूरखान और कराची के मसरूर एयरबेस पर तुर्किये के सी-130 सैन्य विमानों की लगातार आवाजाही रही। वहीं, तुर्किये का ए400एम विमान भी मुरीद एयरबेस पर पहुंचा। इसकी पहचान कॉल-साइन टीयूएएफ 526 से हुई। इन विमानों से तुर्किये ने पाकिस्तान को ड्रोन की बड़ी खेप पहुंचाई। ड्रोन की सप्लाई रात के अंधेरे में की गई, ताकि सैटेलाइट ट्रैकिंग से गतिविधियों को छिपाया जा सके। तुर्किये से पहुंची ड्रोन की खेप को बहावलपुर और रावलपिंडी की मिलिट्री स्टोरेज फैसिलिटीज में रखा गया है। पाकिस्तान को AI-गाइडेड केमांके क्रूज मिसाइल भी मिली ड्रोन के साथ पाकिस्तान को तुर्किये से एयर-डिफेंस सिस्टम और आधुनिक हथियार भी मिले हैं। इनमें एचक्यू सीरीज या इसी तरह का एयर-डिफेंस/सैम सिस्टम शामिल है। बायरक्तार TB2 ड्रोन: दुनिया के सबसे चर्चित आर्म्ड ड्रोन में शामिल है। रूस इसका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ कर रहा है। अकिंसी ड्रोन: भारी पेलोड ले जाने वाला हाई-एंड कॉम्बैट ड्रोन। यह करीब 250 किमी तक की दूरी पर एक्सप्लोसिव पेलोड ले जा सकता है। केमांके क्रूज मिसाइल: AI-गाइडेड मिसाइल है, जो खुद टारगेट खोजने की क्षमता रखती है। इसकी रेंज 200+ किमी बताई गई है और इसे ड्रोन से भी लॉन्च किया जा सकता है। F-16 अपग्रेड किट: पाकिस्तान के पुराने F-16 लड़ाकू विमानों के बेड़े के लिए तुर्किये से इंटीग्रेशन किट भी मिली है। मुनीर ने एर्दोगान को ड्रोन देने के लिए राजी किया मक्का में हुए रक्षा समझौते के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगान से ड्रोन देने को कहा था। मुनीर ने बताया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को काफी नुकसान हुआ था। चीन से पाकिस्तान को जे-सीरीज के लड़ाकू विमान पर्याप्त संख्या में मिल चुके थे, लेकिन इस दौरान उसके ड्रोन का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया था। बलूचिस्तान में बड़े ऑपरेशन की तैयारी में मुनीर बलूचिस्तान में विद्रोहियों से घिरे मुनीर अब बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके लिए सेना की टुकड़ियां रवाना की जा रही हैं। यह कार्रवाई अगले 48 घंटे में शुरू हो सकती है। जुलाई में ‘ऑपरेशन शाबान’ शुरू करने के बाद भी बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की पकड़ कमजोर हुई है। सेना की 25 से ज्यादा चेकपोस्ट खाली हो चुकी हैं और कई जगहों पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों का कब्जा है। ईरान सीमा से लगे बलूचिस्तान के इलाकों में भी पाकिस्तानी सेना को लगातार चुनौती मिल रही है। रावलपिंडी GHQ में 3 अतिरिक्त कंपनियां तैनात बलूच विद्रोहियों के हमले की आशंका के चलते रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान आर्मी के हेडक्वार्टर में 3 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। शहबाज सरकार ने शनिवार को रावलपिंडी के GHQ को अगले 6 महीने के लिए संवेदनशील जोन घोषित किया है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने पत्रकार को आतंकी लिस्ट में डाला:PoK प्रदर्शन कवर करने वाले दानिश इरशाद पर बिना मुकदमे कार्रवाई, बैंक अकाउंट सीज-यात्रा पर रोक पाकिस्तान ने PoK में हो रहे प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार और रिसर्चर दानिश इरशाद का नाम आतंकवाद से जुड़ी निगरानी सूची यानी फोर्थ शेड्यूल में डाल दिया है। खास बात यह है कि सरकार ने उनके खिलाफ न तो किसी आतंकी गतिविधि का आरोप बताया है और न ही किसी अदालत का फैसला सामने आया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प ने होर्मुज को फिर अमेरिकी इलाका बताया:ईरान बोला- दावा हकीकत से दूर, रेजाई ने अमेरिका पर बातचीत और वादे तोड़ने का आरोप लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘अमेरिकी इलाका’ बताया गया है। ईरान ने इस दावे को हकीकत से दूर बताया है। ट्रम्प ने पहली बार यही तस्वीर 18 अगस्त को शेयर की थी। इससे पहले 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड की पुलिस अकादमी में उन्होंने कहा था, “बहुत जल्द मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का इलाका घोषित करूंगा।” यह बयान ऐसे समय आया है, जब संघर्ष छह महीने पूरे होने के करीब है। ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ “अभूतपूर्व आर्थिक युद्ध और अलगाव” का नया अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। अमेरिका ने आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई इस अभियान को “इकोनॉमिक डी-डे” नाम दिया गया है। इसका मकसद ईरान के बचे हुए आर्थिक सहारे पूरी तरह खत्म करना है। अमेरिका ने अपनी रणनीति सीधे सैन्य संघर्ष से हटाकर ईरान पर आर्थिक दबाव और उसे अलग-थलग करने की ओर कर दी है। ईरान के सुरक्षा अधिकारी बोले- कूटनीतिक तरीके में बदलाव जरूरी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने कहा कि अमेरिका के वादों से पीछे हटने के बाद ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में सुधार जरूरी है। ईरान के राष्ट्रीय टीवी पर प्रसारित इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका के साथ ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में बदलाव की जरूरत बताई। रेजाई ने कहा, “पूरी दुनिया ईरान को एक नए नजरिए से देख रही है।” उन्होंने कहा, “कई बातचीत और अमेरिका की ओर से वादा तोड़े जाने के बाद, दुनिया के साथ इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में सुधार होना चाहिए।” रेजाई ने आगे कहा, “युद्ध के तरीके में निश्चित रूप से बदलाव आएगा। अमेरिकियों ने बातचीत, कूटनीति और अपने हस्ताक्षर के साथ विश्वासघात किया है।” पेजेश्कियन बोले- मजबूत स्थिति में युद्ध खत्म करना सही इस्लामिक एसोसिएशन ऑफ ईरानियन मेडिकल कम्युनिटी की 31वीं आम सभा में पेजेश्कियन ने समझौता ज्ञापन (MoU) को “सम्मानजनक और मूल्यवान” बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में एकता के जरिए हुआ था। इसमें शामिल सभी लोगों ने मजबूती से इसका समर्थन किया था। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान के मजबूत और ताकतवर रहते हुए युद्ध खत्म करना सही रास्ता था। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया ने ईरान की जीत को पहचाना है। उनके मुताबिक, नियमों का उल्लंघन कर स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे पर हमला करने के कारण दुनिया अमेरिका को “नफरत के लायक” मानती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान कभी आक्रामकता के सामने झुकेगा। पेजेश्कियन ने कहा, “हम कभी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। हम अपनी आखिरी सांस तक खड़े रहेंगे और करारा जवाब देंगे।”

ट्रम्प ने होर्मुज को फिर अमेरिकी इलाका बताया:ईरान बोला- अमेरिका ने बातचीत में धोखा दिया; अपना रवैया सुधारे, तभी खुलेगा होर्मुज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को ‘अमेरिकी इलाका’ बताया है। ट्रम्प इससे पहले 18 अगस्त को भी कह चुके हैं कि अमेरिका जल्द होर्मुज को अपने इलाके के तौर पर घोषित कर सकता है। वहीं ईरान ने ट्रम्प के दावे को खारिज किया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा कि अमेरिका ने बातचीत, कूटनीति और अपने हस्ताक्षर तक के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान को अमेरिका के साथ अपने बातचीत के तरीके में बदलाव करना होगा। रेजाई ने कहा कि होर्मुज अभी बंद है और अमेरिका के अपना रवैया सुधारने तक नहीं खुलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार अमेरिका को पहले अपनी जिम्मेदारियां और किए गए वादे पूरे करने होंगे। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। रेजाई बोले- ट्रम्प के हमले से परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ सकती है रेजाई ने कहा कि ट्रम्प के ईरान पर हमले से दुनिया में परमाणु हथियारों को लेकर डर और बढ़ गया है। उनका कहना है कि अब दूसरे देशों को भी लग सकता है कि बिना परमाणु हथियार के वे सुरक्षित नहीं हैं। रेजाई ने कहा कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का सदस्य है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक अपने परमाणु कार्यक्रम की जांच भी कराता रहा है। इसके बावजूद अमेरिका ने उस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया के दूसरे देशों में परमाणु हथियार हासिल करने की इच्छा बढ़ सकती है। रेजाई के मुताबिक, अमेरिका की कार्रवाई ने परमाणु सुरक्षा मजबूत करने के बजाय उल्टा खतरा बढ़ा दिया है। ईरानी राष्ट्रपति बोले- युद्ध नहीं बातचीत से समाधान चाहते हैं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता। वह बातचीत के जरिए समस्या का हल निकालना चाहता है। पजशकियान ने कहा कि ईरान किसी के दबाव में नहीं आएगा, लेकिन ताकत और समझदारी से बातचीत कर समाधान निकाला जा सकता है। अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव के बीच हुए समझौते में ईरान ने एक भी शर्त नहीं छोड़ी है। उनके मुताबिक, ईरान की सुरक्षा परिषद में सभी पक्षों ने इस समझौते को सही रास्ता माना था। ——————————- होर्मुज से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा:ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म, उसके पास सिर्फ कुछ मिसाइल और ड्रोन बचे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

मुंबई के भुलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा आगमन समारोह के दौरान हादसा, 2 की मौत, 5 घायल, 2 बच्चे भी शामिल

मुंबई के भुलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा आगमन समारोह के दौरान हादसा, 2 की मौत, 5 घायल, 2 बच्चे भी शामिल

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दक्षिण मुंबई के भुलेश्वर इलाके में शनिवार रात गणेश प्रतिमा आगमन समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ‘भुलेश्वरचा राजा’ की गणेश प्रतिमा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए। नगर निगम के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

 

अधिकारियों के मुताबिक, हादसा रात करीब 10 बजे भुलेश्वर के जय अंबे चौक स्थित कबूतरखाना के पास बलराम मर्चेंट रोड पर हुआ। गणेश प्रतिमा गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे में घायल सभी लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हालांकि, गंभीर चोटों के चलते दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई।

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घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा और नगर निगम के वार्ड कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। राहत और बचाव का काम तुरंत शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान संकेत नेवशे (33) और बृजेश हेमंत जोशी (30) के रूप में हुई है।

 

घायलों में वैभव घेनंद (38), पवन चौरसिया (25), 5 वर्षीय लावण्या गनेर और 7 वर्षीय दिव्या गनेर शामिल हैं। पांचवें घायल की पहचान की जानकारी अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों की हालत स्थिर है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

 

महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर मनाया जाता है गणेशोत्सव

मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 10 दिवसीय गणेशोत्सव सबसे बड़े और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में शामिल है। इस दौरान भगवान गणपति की प्रतिमाओं को धूमधाम से पंडालों में लाया जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन आयोजनों में शामिल होते हैं।

Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे अपडेट हुई कीमतें, जानिए पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 23 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।