अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी की हत्या:19 साल की बेटी के सामने लुटेरे ने पिता को गोली मारी

अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी सुरेश पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना टेनेसी राज्य के जैक्सन शहर की है। पुलिस के मुताबिक, एक नकाबपोश बदमाश पैसे लूटने के इरादे से दुकान में घुसा। कैश लेने के बाद उसने सुरेश पटेल पर फायरिंग कर दी। घटना के समय उनकी 19 साल की बेटी भी दुकान में मौजूद थी। उसने अपनी आंखों के सामने यह वारदात देखी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। सुरेश पटेल गुजरात के मेहसाणा जिले के रहने वाले थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सुरेश पटेल ने घटना से सिर्फ 3 दिन पहले ही यह दुकान खरीदी थी। गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गया आरोपी वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, एक नकाबपोश व्यक्ति दुकान में घुसा और कर्मचारियों से कैश की मांग की। पैसे मिलने के बाद उसने कई राउंड फायरिंग की। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ग्रे रंग की हुडी, जींस और काले बूट पहन रखे थे। उसके चेहरे पर मास्क था। वारदात के बाद वह सफेद रंग की कार में फरार हो गया। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस पुलिस को इस घटना से जुड़ी CCTV फुटेज मिली है। पुलिस ने लोगों से आरोपी के बारे में जानकारी देने की अपील भी की है। खबर अपडेट की जा रही है….

दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर और ईंट-पत्थरों से हमला, 3 घायल, 17 वर्षीय आरोपी पकड़ा गया

दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर और ईंट-पत्थरों से हमला, 3 घायल,  17 वर्षीय आरोपी पकड़ा गया

दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र में शनिवार को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। मुकुंदपुर के जनता विहार इलाके में गश्त और चेकिंग के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। आरोप है कि एक समूह ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर फेंकने के बाद ईंट और डंडों से हमला किया।

 

पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल दिनेश और राजेश इलाके में गश्त कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक ऐसी मोटरसाइकिल मिली, जिसके वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। नियमानुसार मोटरसाइकिल को थाने लाकर दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 66 के तहत जमा कराया गया।

 

बाइक जब्त करने पर पुलिस से भिड़ा समूह

 

पुलिस के मुताबिक, करीब 3:30 बजे जब दोनों पुलिसकर्मी दोबारा बीट पर पहुंचे, तो मोटरसाइकिल मालिक और उसके परिवार के सदस्यों समेत कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। समूह ने मोटरसाइकिल जब्त किए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाया।

 

देखते ही देखते विवाद कथित तौर पर हिंसक हो गया। आरोप है कि समूह के लोगों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और ईंटों व डंडों से हमला कर दिया। उनकी मदद के लिए मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल टीनू के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई।

 

तीन पुलिसकर्मी घायल

 

हमले में तीनों पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। हेड कांस्टेबल दिनेश के सिर में चोट लगी है। पुलिस के मुताबिक, सभी घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।

 

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की हैं।

 

17 वर्षीय आरोपी मौके से पकड़ा गया

 

पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल एक 17 वर्षीय किशोर को मौके से पकड़ लिया गया है। उसे कानून के साथ संघर्षरत किशोर (JCL) के रूप में बताया गया है। हालांकि, अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए।

 

मामले में भलस्वा डेयरी थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

 

मुख्य आरोपी पर पहले से 5 आपराधिक मामले

 

पुलिस के अनुसार, फरार मुख्य आरोपी की पहचान सुनील उर्फ पंकज के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे इलाके का BC (Bad Character) बताया है। उसके खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें NDPS एक्ट के तहत दर्ज दो मामले और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले शामिल हैं।

 

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

 

पुलिस घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। इसमें मोटरसाइकिल जब्त किए जाने की कार्रवाई से लेकर पुलिसकर्मियों के साथ हुए कथित हमले तक के घटनाक्रम को शामिल किया गया है।

NTPC Green की सब्सिडरी को बड़ी सफलता, बिजली सप्लाई की बड़ी डील पर भागेगा शेयर! 24 अगस्त को रहेगी नजर

NTPC Green Energy Share Price: एनटीपीसी के एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी को बड़ी सफलता मिली है। कंपनी ने 22 अगस्त को इसके बारे में एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी। इसे सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) की 6000 MWh की एश्योर्ड पीक वार टेंडर में 500 मेगावाट की कॉन्ट्रैक्टेड कैपेसिटी मिली है। इसके लिए प्रति किलोवाट घंटा का टैरिफ ₹6 तय किया गया है। ऐसे में जब सोमवार 24 अगस्त को मार्केट खुलेगा तो शेयरों पर इसका असर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 21 अगस्त को बीएसई पर यह 0.57% की गिरावट के साथ ₹91.33 पर बंद हुआ था।

इसके शेयर 27 नवंबर 2024 को मार्केट में लिस्ट हुए थे और आईपीओ निवेशकों को यह ₹108 के भाव पर जारी हुआ था। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयर 4 दिसंबर 2024 को ₹155.30 के रिकॉर्ड हाई लेवल और 2 फरवरी 2026 को ₹84.08 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर थे।

किस नीलामी में मिली सफलता

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक टेंडर के लिए ई-रिवर्स ऑक्शन शुक्रवार 21 अगस्त को हुआ। यह टेंडर इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) से जुड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है। इसमें सेबी ने हाई डिमांड वाले टाइम में 4 घंटे के लिए 1500 मेगावाट के हिसाब से से 6 हजार मेगावाट बिजली की व्यवस्था करने का टेंडर निकाला यानी कि ऐसी कंपनियां चुनने के लिए टेंडर निकाला गया जो बिजली की हाई डिमांड वाले समय में चार घंटे तक हर घंटे के हिसाब से 1500 मेगावाट बिजली की सप्लाई कर सकें। इसमें से 500 मेगावाट की सप्लाई के लिए बोली एनटीपीसी ग्रीन की सब्सिडरी ने जीत ली है और इसके तहत यह सेकी को प्रति यूनिट ₹6 के हिसाब से बिजली सप्लाई करेगी।

कैसी है NTPC Green Energy की सेहत

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा शानदार रेवेन्यू के दम पर 38.3% बढ़कर ₹304.84 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 62.7% बढ़कर ₹1,106.86 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी के लिए जून तिमाही अच्छी रही। जून तिमाही में सालाना आधार पर कंरनी का ईबीआईटीडीए 63.8% बढ़कर ₹988.7 करोड़ और EBITDA मार्जिन 88.7% से 89.3% पर पहुंचा।

इसके अलावा बोर्ड ने रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के डेवलपमेंट के लिए एक पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी या स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाने को मंजूरी दी है। सभी मंजूरी मिलने के बाद कंपनी का मानना है कि यह एसपीवी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर के ग्राहकों के लिए कैप्टिव या ग्रुप कैप्टिव स्ट्रक्चरिंग के तहत बाद में हिस्सेदारी कम करने में मदद करेगा। बोर्ड ने एनटीपीसी ग्रीन और न्यू एंड रिन्यूएबल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ आंध्र प्रदेश लिमिटेड की आधी-आधी हिस्सेदारी वाले ज्वाइंट वेंचर एपी एनजीईएल हैरिट अमृति लिमिटेड (AP NGEL Harit Amrit Ltd) में ₹28.78 लाख तक निवेश करने की मंजूरी भी दी। इस निवेश के बाद ज्वाइंट वेंचर में एनटीपीसी ग्रीन की हिस्सेदारी बढ़कर 51% हो जाएगी।

F&O में कई साल बाद घाटा हुआ कम लेकिन, SEBI की रिपोर्ट में रिटेलर्स को परेशान करने वाली बातें आई सामने

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rakesh Jhunjhunwala: सिर्फ ₹3 के शेयर ने राकेश झुनझुनवाला को बना दिया अरबपति! जानें ‘बिग बुल’ के उस सबसे बड़े मास्टर स्ट्रोक के बारे

Rakesh Jhunjhunwala Inspirational Journey: जब 1985 में 25 साल का एक नौजवान हाथ में महज 5 हजार रुपये लेकर शेयर बाजार के दंगल में उतरा, तो दलालों ने उसे सिर्फ एक ‘मुंगेरीलाल’ समझा था। पिता की सख्त हिदायत थी कि, ‘एक भी रुपया उधार मत लेना!’ लेकिन उस लड़के की आंखों में दलाल स्ट्रीट को फतह करने का जुनून था। फिर शुरू हुआ सही दांव, सटीक टाइमिंग और लोहे जैसे धैर्य का वो खेल, जिसने उस मामूली लड़के को भारत का ‘बिग बुल’ बना दिया।

₹5,000 से ₹40,000 करोड़ का विशाल साम्राज्य खड़ा करने वाले राकेश झुनझुनवाला की यह कहानी सिर्फ शेयर बाजार का गणित नहीं, बल्कि भारत के इतिहास का सबसे रोमांचक और प्रेरणादायक सफर है। आइए जानते हैं उस एक ‘मास्टर स्ट्रोक’ के बारे में जिसने रातों-रात उनकी किस्मत बदल दी।

शुरुआती जीवन और शेयर बाजार में पहला कदम

राकेश झुनझुनवाला का जन्म 5 जुलाई 1960 को हुआ था। उनके पिता इनकम टैक्स ऑफिसर थे, जो अक्सर अपने दोस्तों के साथ शेयर बाजार की बातें किया करते थे। वहीं से युवा राकेश के मन में बाजार को लेकर उत्सुकता जागी।

पिता की सलाह पर उन्होंने पहले अपनी पढ़ाई पूरी की और वर्ष 1985 में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बने। जब उन्होंने शेयर बाजार में उतरने की इच्छा जताई, तो उनके पिता ने अनुमति तो दी लेकिन दो सख्त शर्तें रखीं। पिता या दोस्तों से पैसा उधार नहीं लेना है, और किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। राकेश झुनझुनवाला ने 1985 में अपनी बचत के ₹5000 के साथ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कदम रखा। उस समय सेंसेक्स महज 150 अंकों के आसपास था।

टाटा टी ने दिया पहला बड़ा ब्रेकआउट

राकेश झुनझुनवाला को अपनी पहली बड़ी सफलता 1986 में मिली, जब उन्होंने टाटा टी के शेयरों पर बड़ा दांव लगाया। उन्होंने ₹43 के भाव पर टाटा टी के 5000 शेयर खरीदे। महज 3 महीने के भीतर ही उस शेयर की कीमत ₹43 से बढ़कर ₹143 हो गई।

इस एक सौदे से उन्हें करीब ₹5 लाख का बड़ा मुनाफा हुआ। 1986 से 1989 के बीच उन्होंने कई सही दांव लगाकर लगभग ₹20-25 लाख का मुनाफा कमाया, जिसने उन्हें बाजार में बड़ी पूंजी के साथ खेलने का मौका दिया।

वो एक शेयर जिसने बना दिया अरबपति

अगर किसी एक शेयर ने उनकी जिंदगी बदली, तो वो था टाटा ग्रुप का टाइटन कंपनी।उन्होंने वर्ष 2002-03 के दौरान टाइटन के लगभग 6 करोड़ शेयर औसतन ₹3 प्रति शेयर के बेहद सस्ते भाव पर खरीदे। बाजार में तमाम उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने टाइटन में अपनी हिस्सेदारी को सालों-साल बनाए रखा। आगे चलकर टाइटन का शेयर हजारों रुपये के स्तर पर पहुंच गया। अकेले टाइटन के शेयर से ही उनकी नेटवर्थ में ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का इजाफा हुआ।

इसके अलावा सिल्सा लैब (Sesa Goa), लुपिन, क्रिसिल और स्टार हेल्थ जैसे शेयरों में उनके शुरुआती निवेश ने उन्हें भारतीय बाजार का सबसे सफल रिटेल निवेशक बना दिया। अपने जीवन के आखिरी दौर में उन्होंने भारत की नई एयरलाइन अकासा एयर में भी बड़ा निवेश किया।

राकेश झुनझुनवाला की सफलता के 4 सबसे बड़े मंत्र

1. लंबी अवधि का धैर्य: वे ट्रेडिंग से ज्यादा लंबी अवधि के वैल्यू इन्वेस्टिंग पर भरोसा करते थे। उनका मानना था कि अगर कंपनी का फंडामेंटल मजबूत है, तो समय के साथ शेयर बढ़ेगा ही।

2. भारत की ग्रोथ पर पक्का भरोसा: वे हमेशा कहते थे कि भारत की अर्थव्यवस्था पर दांव लगाओ। वे भारतीय बाजार को लेकर हमेशा बेहद बुलिश रहते थे।

3. गलतियों से सीखना: झुनझुनवाला का मानना था कि बाजार में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन अपनी गलती को जल्दी स्वीकार करना और घाटे को काटना ही असली समझदारी है।

4. जब सब डरें, तब निवेश करें: 1992 के हर्षद मेहता घोटाले या 2008 की वैश्विक मंदी उन्होंने हर बड़े संकट और मंदी को एक बेहतरीन खरीदारी के मौके के रूप में देखा।

निवेशकों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे ‘बिग बुल’

14 अगस्त 2022 को 62 वर्ष की उम्र में भले ही भारत के ‘बिग बुल’ ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी छोड़ी हुई विरासत आज भी दलाल स्ट्रीट की हर धड़कन में जिंदा है। ₹5000 की मामूली पूंजी से शुरू होकर देश की सबसे बड़ी एविएशन कंपनी और बहुचर्चित इन्वेस्टमेंट फर्म्स में विशाल हिस्सेदारी बनाने का उनका यह सफर सिर्फ एक निवेशक की कामयाबी नहीं, बल्कि हर आम इंसान के बड़े सपने देखने और उन्हें सच करने की सबसे बड़ी मिसाल है। राकेश झुनझुनवाला भले आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनका एक-एक सबक आज भी करोड़ों निवेशकों को बाजार के तूफानों से टकराने और अपनी किस्मत खुद लिखने का हौसला देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kartik Aaryan: कार्तिक आर्यन के घुटने की हुई सर्जरी, कबीर खान की फिल्म के सेट पर हुए थे चोटिल

Kartik Aaryan: एक्टर कार्तिक आर्यन की मुंबई के एक अस्पताल में घुटने की सफल सर्जरी हुई है। हाल ही में अपनी एक फिल्म के सेट पर एक्शन सीन करते समय उनके घुटने में चोट लग गई थी, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी।

उनके प्रवक्ता के बयान के मुताबिक नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर अभी ठीक हो रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही शूटिंग शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, “कार्तिक आर्यन को अपनी फिल्म के सेट पर एक एक्शन सीन करते समय घुटने में चोट लग गई थी। उनकी सर्जरी सफल रही और अब वह घर पर आराम कर रहे हैं और ठीक हो रहे हैं। वह जल्द ही सेट पर लौटेंगे।”

कार्तिक को यह चोट डायरेक्टर कबीर खान के साथ अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग के दौरान लगी। प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इंडिया टुडे को बताया, “कार्तिक को फोर्टिस रहेजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह डॉक्टरों की देखरेख में हैं। डॉक्टर एक दिन में उनके घुटने की सर्जरी करेंगे, जिसके बाद उन्हें कुछ दिन आराम करना होगा। इसके बाद वह अपने काम पर लौट सकेंगे।” इससे पहले एक्टर को 2023 में आई अपनी फिल्म ‘शहजादा’ की शूटिंग के दौरान भी घुटने में चोट लगी थी।

कार्तिक की नेशनल अवॉर्ड में जीत

भले ही कार्तिक अभी चोट से जूझ रहे हों और ठीक हो रहे हों, लेकिन प्रोफेशनल तौर पर 2026 उनके लिए बहुत खास साल रहा है। एक्टर ने हाल ही में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल’ का अवॉर्ड जीता। 18 जुलाई को घोषित यह अवॉर्ड कार्तिक को कबीर खान की डायरेक्ट की गई बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाने के लिए दिया गया।

इस कामयाबी पर इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्यन ने लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं, और यह उन्हीं में से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया। हमेशा विनम्र और आभारी रहूंगा… बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड #ChanduChampion।”

कार्तिक को बेस्ट एक्टर का सम्मान मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी के साथ मिला, जिन्हें ‘ब्रह्मायुगम’ में उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए यह अवॉर्ड दिया गया। यह कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जबकि ममूटी का यह चौथा अवॉर्ड है। ठीक होने के बाद, उम्मीद है कि कार्तिक कबीर खान की बिना नाम वाली फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू करेंगे। वह अनुराग बसु की रोमांटिक ड्रामा फिल्म में श्रीलीला के साथ बाकी हिस्सों की शूटिंग भी करेंगे।

सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस में पहुंचे CM धामी, बोले- ‘सेवा सबसे बड़ा धर्म’

सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस में पहुंचे CM धामी, बोले- 'सेवा सबसे बड़ा धर्म'

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड,भूपतवाला में पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वां निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य सतगुरू लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने भक्ति को जन जन तक पहुंचाया है।

उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी और दृष्टि में भगवान बुद्ध के समान असीम करुणा थी। पूज्य सतगुरु ने समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने जीवन भर यही सिखाया कि सेवा सबसे बड़ा धर्म है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संतों का सानिध्य और सतगुरु की कृपा मिलना सौभाग्य की बात है। हमारे संत समाज ने हमेशा धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। उनके मार्गदर्शन से समाज को धर्म और संस्कृति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। भारत की महान संस्कृति हमें सिखाती है कि कितनी भी कठिनाइयां आएं, हमें अच्छे समाज के निर्माण और विकास को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।

यूपी में माताओं, बहनों और बेटियों को 2 दिन फ्री बस यात्रा, साथ में एक सहयोगी भी मुफ्त, रक्षाबंधन पर CM योगी का बड़ा तोहफा

यूपी में माताओं, बहनों और बेटियों को 2 दिन फ्री बस यात्रा, साथ में एक सहयोगी भी मुफ्त, रक्षाबंधन पर CM योगी का बड़ा तोहफा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को फ्री बस यात्रा का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही फील्ड में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन, पुलिस और प्रशासन मिलकर पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

महिला सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय रहें और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर रखी जाए। रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने बस चालकों की जांच और निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले किसी भी चा

लक को बस चलाने की अनुमति न दी जाए। निजी बसों के चालकों का सत्यापन कराया जाए। ऑटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। परिवहन और पुलिस विभाग आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि रक्षाबंधन पर यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन मिल सके।

गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की नीति बनेगी

गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की नीति बनेगी

bhupendra patel

गुजरात सरकार ने दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर व्यापक अध्ययन कर उचित नीति तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस समिति के अध्यक्ष राज्य के मुख्य सचिव होंगे।

 

केंद्र और अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन होगा

 

नई समिति दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के संबंध में केंद्र सरकार की नीतियों और अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी। इसके अलावा, इस मुद्दे पर विभिन्न अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों, कानूनी प्रावधानों और सरकारी नियमों का भी विश्लेषण किया जाएगा। समिति पूरे अध्ययन के आधार पर गुजरात में दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण को लेकर किस प्रकार की नीति लागू की जा सकती है, इस संबंध में सरकार को अपनी सिफारिश देगी।

 

आरक्षण के प्रतिशत पर भी होगा विचार

 

समिति दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में कितने प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, इसे किस तरह लागू किया जाए और इसके लिए कौन-कौन से नियम बनाए जाएं, जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करेगी। सरकारी विभागों में दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा से जुड़ी परिस्थितियों और नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन को भी ध्यान में रखा जाएगा। विभिन्न विभागों की जरूरतों और मौजूदा सेवा नियमों का अध्ययन करने के बाद समिति अपनी अंतिम सिफारिश तैयार करेगी।

 

दिव्यांग कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण पहल

 

राज्य सरकार की इस पहल से सरकारी सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसरों को लेकर नई व्यवस्था बनने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल आरक्षण का प्रतिशत और अन्य नियमों को लेकर अंतिम निर्णय समिति के अध्ययन और उसकी सिफारिश के बाद ही लिया जाएगा।