
दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र में शनिवार को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। मुकुंदपुर के जनता विहार इलाके में गश्त और चेकिंग के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। आरोप है कि एक समूह ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर फेंकने के बाद ईंट और डंडों से हमला किया।
पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल दिनेश और राजेश इलाके में गश्त कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक ऐसी मोटरसाइकिल मिली, जिसके वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। नियमानुसार मोटरसाइकिल को थाने लाकर दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 66 के तहत जमा कराया गया।
बाइक जब्त करने पर पुलिस से भिड़ा समूह
पुलिस के मुताबिक, करीब 3:30 बजे जब दोनों पुलिसकर्मी दोबारा बीट पर पहुंचे, तो मोटरसाइकिल मालिक और उसके परिवार के सदस्यों समेत कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। समूह ने मोटरसाइकिल जब्त किए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाया।
देखते ही देखते विवाद कथित तौर पर हिंसक हो गया। आरोप है कि समूह के लोगों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और ईंटों व डंडों से हमला कर दिया। उनकी मदद के लिए मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल टीनू के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई।
तीन पुलिसकर्मी घायल
हमले में तीनों पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। हेड कांस्टेबल दिनेश के सिर में चोट लगी है। पुलिस के मुताबिक, सभी घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की हैं।
17 वर्षीय आरोपी मौके से पकड़ा गया
पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल एक 17 वर्षीय किशोर को मौके से पकड़ लिया गया है। उसे कानून के साथ संघर्षरत किशोर (JCL) के रूप में बताया गया है। हालांकि, अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए।
मामले में भलस्वा डेयरी थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
मुख्य आरोपी पर पहले से 5 आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, फरार मुख्य आरोपी की पहचान सुनील उर्फ पंकज के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे इलाके का BC (Bad Character) बताया है। उसके खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें NDPS एक्ट के तहत दर्ज दो मामले और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले शामिल हैं।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। इसमें मोटरसाइकिल जब्त किए जाने की कार्रवाई से लेकर पुलिसकर्मियों के साथ हुए कथित हमले तक के घटनाक्रम को शामिल किया गया है।


