उत्तराखंड में 50 रोपवे परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, सीएम धामी ने दिए प्राथमिकता के आधार पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

उत्तराखंड में 50 रोपवे परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, सीएम धामी ने दिए प्राथमिकता के आधार पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

CM Pushkar Singh Dhami News: उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में रोपवे परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से अपने शासकीय आवास पर बैठक के दौरान अधिकारियों को पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं के संबंध में लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने एवं सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा कर नई समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।

 

मुख्‍यमंत्री धामी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सोनप्रयाग-केदारनाथ, टनकपुर-पूर्णागिरि, काठगोदाम-नैनीताल, गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब, कनकचौरी-कार्तिक स्वामी, देहरादून-मसूरी एवं जानकीचट्टी सहित प्रमुख रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र की प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं, उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की कार्यप्रगति एवं भावी परियोजनाओं की ग्राउंडिंग के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक रोपवे परियोजना के साथ पर्याप्त पार्किंग सुविधा को समेकित योजना का हिस्सा बनाने तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लाइसेंसिंग एवं अनुमोदन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी बनाया जाए। PPP मॉडल के माध्यम से अधिक से अधिक रोपवे परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए निवेशकों के साथ प्रभावी समन्वय एवं ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

iPhone 18 Pro Max में होगा बड़ा अपग्रेड! कीमत से कैमरा-बैटरी तक सब कुछ बदलेगा

Apple के iPhone 18 Pro Max में इस बार कीमत से लेकर कैमरा और बैटरी तक कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। MacRumors की रिपोर्ट के मुताबिक, Apple सितंबर 2026 में इस प्रीमियम फोन को लॉन्च कर सकता है। हालांकि, इसका डिस्प्ले साइज पहले की तरह 6.9 इंच ही रहने की उम्मीद है। वहीं, फोन में Dynamic Island मिलेगा या नहीं, इसे लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है।

कीमत में भारी बढ़ोतरी हो सकती है

कीमत में बढ़ोतरी सबसे अहम दावों में से एक है। IDC का कहना है कि iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत $1,399 हो सकती है, जो इसी तरह के iPhone 17 Pro Max से $200 ज्यादा है। अन्य अनुमानों के अनुसार, Pro मॉडल की कीमत में $300 तक की बढ़ोतरी हो सकती है, खासकर ज्यादा स्टोरेज क्षमता वाले मॉडल के मामले में।

यह संभावित बढ़ोतरी महंगे कंपोनेंट्स की वजह से हो सकती है, जिनमें मेमोरी और Apple का आने वाला A20-सीरीज प्रोसेसर शामिल है। माना जा रहा है कि यह प्रोसेसर TSMC की 2nm प्रोसेस पर बनाया जाएगा।

फिलहाल, Apple ने अभी तक iPhone 18 Pro Max की कीमत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। भारत में इसकी कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत, इंपोर्ट ड्यूटी और स्थानीय टैक्स के हिसाब से अलग हो सकती है।

जाने-पहचाने डिजाइन के साथ, थोड़ा मोटा कैमरा सेक्शन

उम्मीद है कि iPhone 18 Pro Max का डिजाइन काफी हद तक इसके पिछले मॉडल जैसा ही होगा, जिसमें ट्रिपल-कैमरा सेटअप और पीछे की तरफ बड़ा कैमरा मॉड्यूल शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फोन थोड़ा मोटा और भारी हो सकता है, शायद बड़ी बैटरी और वेपर-चेंबर कूलिंग सिस्टम लगाने की वजह से।

कुछ लीक हुए डमी यूनिट्स में भी कैमरा मॉड्यूल पहले से ज्यादा मोटा दिखाई दिया है। Apple शायद इस बार फोन के पीछे दिए गए टू-टोन वाले फिनिश को बदलकर ऐसा ग्लास दे सकता है, जो मेटल फ्रेम से ज्यादा मैच करे। इससे फोन का लुक पहले के मुकाबले ज्यादा एक जैसा और स्मूद नजर आ सकता है।

रंगों की बात करें तो Apple dark cherry या deep red कलर ऑप्शन पर भी टेस्टिंग कर रहा है। इसके अलावा, light blue, dark gray और silver कलर भी मिल सकते हैं।

डिस्प्ले में शायद मामूली बदलाव हों

iPhone 18 Pro Max में 6.9 इंच का डिस्प्ले बरकरार रहने की उम्मीद है। यानी स्क्रीन के साइज में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, Apple इसमें ज्यादा बेहतर और कम पावर इस्तेमाल करने वाली LTPO+ डिस्प्ले टेक्नोलॉजी दे सकता है। कुछ लीक में छोटे Dynamic Island की बात सामने आई है, लेकिन दूसरी रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बदलाव फिलहाल टल भी सकता है।

वहीं, डिस्प्ले के अंदर Face ID सेंसर देने की उम्मीद इस जनरेशन के iPhone से नहीं है। यानी अंडर-डिस्प्ले Face ID के लिए यूजर्स को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

कैमरा और बैटरी पर खास ध्यान

कैमरा से जुड़ी सबसे बड़ी चर्चा वेरिएबल-अपर्चर वाले मेन लेंस की है, जिससे फटोग्राफर्स को एक्सपोजर और बैकग्राउंड ब्लर पर ज्यादा कंट्रोल मिल सकता है। एक रिपोर्ट का दावा है कि यह फीचर सिर्फ Pro Max में हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि Apple ज्यादा चौड़े अपर्चर और स्टैक्ड इमेज सेंसर वाले टेलीफोटो कैमरे की भी टेस्टिंग कर रहा है।

बैटरी की बात करें तो, US मॉडल में बैटरी की क्षमता 5,567mAh तक बढ़ सकती है, जबकि iPhone 17 Pro Max में यह 5,088mAh है। अगर इसे ज्यादा पावर-एफिशिएंट नई चिप के साथ जोड़ा जाता है, तो फोन की बैटरी लाइफ पहले से बेहतर हो सकती है।

हालांकि, अभी ये सभी जानकारियां रिपोर्ट्स और लीक्स पर आधारित हैं। Apple की आधिकारिक घोषणा के बाद ही iPhone 18 Pro Max के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स की पूरी तस्वीर साफ होगी।

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मस्जिद के बाहर भीख मांगती थी महिला, मौत के बाद घर से मिले ₹30 लाख! नोटों की गिनती देख उड़े होश

कर्नाटक के मांड्या जिले से एक हैरान करने वाली खबर आ रही है। मांड्या में भीख मांगने वाली एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके घर में मिले नोटों से भरे बोरियों को देख हर किसी की आंखे फटी की फटी रह गई। बुजुर्ग महिला काफी समय से मस्जिद के बाहर बैठकर लोगों से भीख मांगती थीं। बुजुर्ग महिला की मौत के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां कई बोरियों में सिक्के और नोट रखे मिले। इस बोरियों में 10, 20 और 50 के कई नोट मिले। बोरियों में मिले नोटों की गिनती करने पर कुल रकम 30 लाख रुपये से ज्यादा निकली। बुजुर्ग महिला के पास से मिली इतनी रकम देखकर हर कोई हैरान रह गया।

कई सालों से मांग रही थी भीख

हूर नाम की ये बुजुर्ग महिला मांड्या शहर के गुट्टालू लेआउट में रहती थीं। वह कई सालों से पास की एक मस्जिद के बाहर बैठकर लोगों से भीख मांगती थीं और इलाके में उनका चेहरा जाना-पहचाना था। हूर लोगों से कहती थीं कि परिवार की ओर से उनकी देखभाल नहीं की जा रही है, इसलिए वह अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए भीख मांगती हैं। हूर की हाल ही में उम्र से जुड़ी बीमारी के चलते मौत हो गई। आसपास के लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके बाद जब कुछ लोग उनके घर पहुंचे, तो वहां रखे पैसों को देखकर सभी हैरान रह गए। बताया गया कि हूर ने कई सालों में बड़ी रकम जमा कर रखी थी।

कैश देख हैरान रह गए लोग

इलाके की रहने वाली नूर ने News18 को बताया कि, जब वे हूर के घर पहुंचीं तो वहां कैश से भरी बोरियां देखकर हैरान रह गईं। नूर ने कहा कि किसी को अंदाजा नहीं था कि हूर ने इतने पैसे जमा कर रखे थे। गिनती करने पर रकम 30 लाख रुपये से ज्यादा निकली, जो करीब 30 से 40 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। हूर के घर से बड़ी रकम मिलने के बाद आसपास के लोगों और उनके रिश्तेदारों के बीच यह चर्चा शुरू हुई कि इन पैसों का क्या किया जाए। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि हूर ने कई साल मस्जिद के बाहर भीख मांगी थी, इसलिए पैसे मस्जिद को दान कर दिए जाएं।

वहीं, स्थानीय लोगों के अनुसार मस्जिद कमिटी ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। कमिटी का कहना था कि वह भीख मांगकर जमा किए गए पैसे नहीं लेना चाहती।

परिवार ने नहीं की देखभाल

बताया जा रहा है कि हूर के दो भाई थे। इनमें से एक भाई ने पैसे में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक थी। इसके बाद दूसरा भाई अपने परिवार के साथ वहां पहुंचा। लोगों के बीच बातचीत के बाद कथित तौर पर उसने हूर के घर से मिले पैसे अपने पास रख लिए। इस पर कुछ लोगों ने नाराजगी भी जताई है। कुछ लोगों का कहा कि हूर ने अपनी जिंदगी में परिवार की ओर से देखभाल न मिलने की बात कही थी, लेकिन उनकी मौत के बाद उनकी जमा पूंजी को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई। यह मामला मांड्या ईस्ट पुलिस स्टेशन के इलाके का है। लेकिन, पुलिस के पास इस रकम को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई, इसलिए पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप नहीं किया।

मोदी-ट्रंप की G7 मुलाकात में क्या हुआ था? अमेरिकी राजदूत का बड़ा दावा- भारत ने कहा था ‘सवाल मत पूछिए’, फिर ट्रंप ने बदल दिया प्लान

मोदी-ट्रंप की G7 मुलाकात में क्या हुआ था? अमेरिकी राजदूत का बड़ा दावा- भारत ने कहा था ‘सवाल मत पूछिए’, फिर ट्रंप ने बदल दिया प्लान

modi and trump

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया कि फ्रांस में G-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के प्रेस मीट को लेकर भारत ने कोई सवाल नहीं पूछने के लिए कहा था। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार के सूत्रों का कहना है कि किसी भी VVIP के दौरे से पहले नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों की व्यवस्था को लेकर दोनों देशों के बीच बात की जाती है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। ALSO READ: भारत का बांग्लादेश को बड़ा झटका! बिजली हस्तांतरण पर लगेगा नया SNA शुल्क

 

सर्जियो गोर ने ‘इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 17 जून को फ्रांस में G7 समिट के दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात से पहले वह अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मौजूद थे। इस दौरान ट्रंप ने उनसे पूछा कि भारतीय पक्ष किन मुद्दों को उठाना चाहता है और दिल्ली की ओर से क्या कोई खास मांग है?

 

सर्जियो गोर ने ट्रंप को दी थी जानकारी

गोर के अनुसार, इसी बातचीत में भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से एक अनुरोध का जिक्र हुआ। इसमें कहा गया था कि बैठक में मीडिया को मौजूद रहने दिया जाए, लेकिन इसे पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में तब्दील न किया जाए और पत्रकारों के सवाल न लिए जाएं। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने इस पर सहमति जताते हुए कहा था कि इसमें कोई समस्या नहीं है।

 

ट्रंप भूल गए गोर की बात

इसके बाद मोदी और ट्रंप की बैठक कैमरों और पत्रकारों की मौजूदगी में शुरू हुई। गोर ने बताया कि कमरे में करीब 50 कैमरे मौजूद थे। दोनों नेताओं ने शुरुआत में अपनी-अपनी बात रखी। लेकिन इसके तुरंत बाद ट्रंप गोर की बात भूल गए। वे कैमरों की तरफ मुड़े और पत्रकारों से पूछा कि क्या किसी के पास सवाल है। यहीं से बैठक का स्वरूप बदल गया। पत्रकारों के सवाल शुरू होने के बाद मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत का दायरा बढ़ता गया और यह मुलाकात करीब 45 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बदल गई। गोर ने कहा कि ट्रंप के इस कदम के बाद कई अहम मुद्दों पर खुलकर सवाल-जवाब हुए। ALSO READ: नेतन्याहू के लिए ब्रिटेन एक इस्लामी देश क्यों है?

 

अमेरिकी राजदूत के इस दावे के बाद मोदी-ट्रंप मुलाकात को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से गोर के उस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है कि भारतीय पक्ष ने प्रेस मीट में सवाल नहीं लेने का अनुरोध किया था।

 

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत चल रही है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई और तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद दोनों देशों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी नजर बनी हुई है।

ईरान की करेंसी रियाल 20 लाख प्रति डॉलर पर पहुंची:यह अब तक का सबसे निचला स्तर, अमेरिकी प्रतिबंधों से बिगड़ी अर्थव्यवस्था

ईरानी करेंसी रियाल डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचल स्तर पर पहुंच गई है। इसकी वजह अमेरिका के साथ बीते करीब 6 महीने से जारी जंग और उसपर लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंध है। सवालों के जवाब में समझें पूरा मामला…. सवाल 1: ईरानी करेंसी को लेकर ताज़ा अपडेट क्या है? जवाब: ईरान की करेंसी रियाल अनरेगुलेटेड मार्केट में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। करेंसी ट्रैकिंग वेबसाइट बॉनबास्ट के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत 20 लाख ईरानी रियाल हो गई। सवाल 2: रियाल में अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? जवाब: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले हफ्ते ईरान के खिलाफ एक बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद से रियाल में करीब 4.5% की गिरावट दर्ज की गई है। सवाल 3: अमेरिका ईरान के खिलाफ क्या कदम उठा रहा है? जवाब : अमेरिका का मकसद ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है। इसके लिए अमेरिका ईरान के बचे हुए चुनिंदा कारोबारी पार्टनर्स को चेतावनी दे रहा है, फारस की खाड़ी में उसके मुख्य बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रहा है और विदेशी मुद्रा का मुख्य जरिया माने जाने वाले तेल निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाने की कोशिश कर रहा है। सवाल 4: ईरान के तेल कारोबार और बैंकिंग पर इसका क्या असर हुआ है? जवाब : ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेम्मती के मुताबिक, देश का कच्चा तेल निर्यात “लगभग पूरी तरह बंद” हो गया है। इसके अलावा, ईरान के सबसे बड़े कारोबारी पार्टनर्स में शामिल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अगले आदेश तक ईरान के साथ सभी वित्तीय लेन-देन रोक दिए हैं। सवाल 5: अमेरिकी प्रशासन ने इस कार्रवाई पर क्या बयान दिया है? जवाब : अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने फाइनेंशियल टाइम्स में लिखा, “हमारा मकसद उन सभी आर्थिक लाइफलाइनों को काटना है जो इस व्यवस्था को चला रही हैं, ताकि तेहरान पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाए।” उन्होंने चेतावनी दी कि आर्थिक मोर्चे पर ‘D-Day’ की शुरुआत हो चुकी है। सवाल 6: ईरान की घरेलू मीडिया और विश्लेषकों का इस गिरावट पर क्या कहना है? जवाब : ईरान के प्रमुख बिजनेस अखबार ‘दोनिया-ए एकतेसाद’ के अनुसार, विदेशी मुद्रा ट्रांसफर में आ रही रुकावटों और गिरते निर्यात के कारण यह संकट गहराया है। इसके साथ ही देश में आयात की बढ़ती मांग और महंगाई की आशंकाओं ने मिलकर करेंसी को कमजोर किया है। सवाल 7: चीन का इस पूरे मामले पर क्या रुख है? जवाब: ईरान से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले देश चीन ने कहा है कि अमेरिका का आर्थिक दबाव काम नहीं करेगा। चीन ने युद्ध का कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है। सवाल 8: अमेरिकी दबाव का मुकाबला करने के लिए ईरान की क्या योजना है? जवाब: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अमेरिकी दबाव का मुकाबला करने के लिए चीन समर्थक साझेदार देशों के साथ व्यापार को दोगुना करेगा। सवाल 9: रियाल के टूटने से आम जनता पर क्या असर होगा? जवाब: डॉलर के मुकाबले किसी भी करेंसी के कमजोर होने से रोजमर्रा की जरूरी चीजों जैसी दवाइयां, खाना तेजी से महंगा होता हैं। इससे हाइपरइन्फ्लेशन का खतरा खड़ा हो जाता है।

इंदौर में ‘गोरिल्ला’ बना ट्रैफिक हवलदार, नियम तोड़ने वालों को पढ़ाया सड़क पर चलने का पाठ

इंदौर में 'गोरिल्ला' बना ट्रैफिक हवलदार, नियम तोड़ने वालों को पढ़ाया सड़क पर चलने का पाठ

Gorilla

इंदौर के बदहाल होते ट्रैफिक को सुधारने के लिए पुलिस तरह तरह के तरीके अपना रही है। हाल ही में शहर के चौराहों पर एक गोरिल्‍ला ट्रैफिक कंट्रोल करता नजर आया। दरअसल, इंदौर पुलिस ने एक अनोखा प्रयोग किया है। यहां गोरिल्ला की पोशाक पहने व्यक्ति ने सड़क पर उतरकर यातायात संभाला और वाहन चालकों को नियमों का पालन करने का संदेश दिया। अचानक गोरिल्ला को ट्रैफिक संभालते देख राहगीरों और वाहन चालकों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हुआ।

रॉन्ग साइड वाहन रोके: गोरिल्ला ने रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन चालकों को रोककर उन्हें सही दिशा में चलने का इशारा किया। जेब्रा क्रॉसिंग पर वाहन खड़े करने वालों को भी पीछे कराया गया। लोगों को समझाया गया कि जेब्रा क्रॉसिंग पैदल यात्रियों के सुरक्षित सड़क पार करने के लिए है, वाहनों को रोकने या पार्क करने के लिए नहीं।
अभियान के दौरान कई वाहन चालक अपने वाहन स्टॉप लाइन के पीछे करते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए भी जागरूक किया गया।
 
पैदल यात्रियों की भी मदद : गोरिल्ला ने केवल वाहन चालकों को नियमों का संदेश नहीं दिया, बल्कि बुजुर्गों और पैदल यात्रियों को सड़क पार कराने में भी मदद की। इस दौरान उसने यातायात संचालन में पुलिस का सहयोग किया। अभियान में यातायात पुलिस के अधिकारी और एनसीसी कैडेट्स भी मौजूद रहे। पुलिस ने इस गतिविधि के माध्यम से लोगों तक सुरक्षा का संदेश मनोरंजक और प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया।
 
मुझ में ट्रैफिक सेंस तो आपमें क्‍यों नहीं : इस अनोखे अभियान का संदेश था- ‘मैं तो जानवर हूं, फिर भी मुझे ट्रैफिक सेंस है। तुम तो इंसान हो। ट्रैफिक नियम तोड़ोगे तो चोट लग सकती है, जान जा सकती है। जब मैं नियम समझ सकता हूं, तो तुम क्यों नहीं समझते?’ पलासिया चौराहे का यह अनोखा अभियान और गोरिल्ला का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic performance compared

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic performance compared
Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic performance compared

The Kia Sonet and Toyota Taisor are among the several compact SUVs you can buy with a turbo-petrol automatic powertrain. Both come with identically sized engines, but are quite different in the power output and gearbox departments. We put the Sonet and Taisor through our instrumented real-world performance testing to see which compact SUV comes out on top.

Explore full specs, features, and a price breakdown in our Kia Sonet vs Toyota Taisor comparison.

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic: Specifications

 SonetTaisor
Engine998cc, 3 cyl, turbo-petrol998cc, 3 cyl, turbo-petrol
Fuel injection systemDirectDirect
Power (hp)120100
Torque (Nm)172147.6
Gearbox7-speed DCT6-speed AT
Kerb weight (kg)1,210*1,060
Drive layoutFWDFWD
Power-to-weight99.2hp per tonne*94.4hp per tonne
Torque-to-weight142.1Nm per tonne*139.2Nm per tonne

*Estimated figures or based on estimated figures.

As noted above, both the Sonet and Taisor come with 1.0-litre 3-cylinder direct-injection turbo-petrol engines. However, the Sonet is considerably more powerful than the Taisor. The Sonet also pairs its engine with a 7-speed dual-clutch automatic, while the Taisor comes with a 6-speed torque converter. A DCT is usually favoured for performance on account of its quick shifts, whereas torque converters swap cogs slightly slower but smoother thanks to their fluid coupling. That said, the Taisor is lighter than the Sonet.

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic: 0-100kph sprint

Despite the Sonet’s power advantage and quicker-shifting DCT, the Taisor is quicker from standstill to 100kph. Specifically, the Toyota SUV completed the sprint nearly a full second before the Sonet did. Evidently, the Taisor’s lower kerb weight looks to have offset its power deficit compared to the Sonet.

Kia Sonet vs Toyota Taisor turbo-petrol automatic: Rolling acceleration

20-80kph acceleration times (in kickdown)

Speed from 20kphSonetTaisor
30kph (seconds)0.811.00
40kph (seconds)1.861.89
50kph (seconds)3.032.58
60kph (seconds)4.143.35
70kph (seconds)5.894.54
80kph (seconds)7.436.48

In the 20-80kph kickdown test, the Sonet is off to a stronger start than the Taisor. After the 40kph mark, however, the Taisor pulls ahead and keeps expanding its lead, which stands at almost a full second by the end of the run.

40-100kph acceleration times (in kickdown)

Speed from 40kphSonetTaisor
50kph (seconds)1.131.02
60kph (seconds)2.452.11
70kph (seconds)4.213.34
80kph (seconds)5.754.85
90kph (seconds)7.506.58
100kph (seconds)9.808.40

Unlike the 20-80kph test, the Sonet was slower than the Taisor at every speed in the 40-100kph kickdown sprint. By the end, the Taisor was ahead of the small Kia by 1.4 seconds – the largest gap recorded in all three of our tests for these compact SUVs. Per our testing, then, the Toyota Taisor is clearly faster than the Kia Sonet across the board.

Prices for the Sonet turbo-petrol DCT start at Rs 10 lakh and top off at Rs 13.8 lakh, whereas the Taisor turbo-petrol AT is priced from Rs 11.86 lakh to Rs 12.78 lakh.

Autocar India’s performance testing standards

Before we conduct our performance tests, we check and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendations and ensure the car has a full tank of fuel. The car is then tested in a controlled environment with two people on board, and the data is collected via highly accurate GPS-based timing equipment.

All prices are ex-showroom, India.

भारत का बांग्लादेश को बड़ा झटका! बिजली हस्तांतरण पर लगेगा नया SNA शुल्क

भारत का बांग्लादेश को बड़ा झटका! बिजली हस्तांतरण पर लगेगा नया SNA शुल्क

India Bangladesh electricity trade

India Bangladesh electricity trade: बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्ता पलट अंतरिम सरकार के गठन के बाद से भारत के साथ उसके रिश्ते सामान्य नहीं है। तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बावजूद रिश्तों में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। इस बीच, खबर है कि भारत सरकार ने बांग्लादेश को दी जाने वाली बिजली आपूर्ति पर नया 'सेटलमेंट नोडल एजेंसी' (SNA) शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस नए फैसले के तहत बांग्लादेश को दी जाने वाली प्रति यूनिट बिजली पर 0.005 रुपए का नया शुल्क जोड़ा जाएगा।

यह शुल्क मूल बिजली शुल्क (Tariff) से अलग होगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य दोनों देशों के बीच बिजली के निर्बाध लेन-देन और ग्रिड से जुड़ी तकनीकी सेवाओं के खर्च को पूरा करना है। इसमें बिजली की शेड्यूलिंग, मीटरिंग, ऊर्जा का हिसाब-किताब (Energy Accounting) और ग्रिड संचालन जैसी बुनियादी सेवाएं शामिल हैं। ALSO READ: हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है, बांग्लादेश में हारुन इजहार की खुलेआम धमकी

SNA (सेटलमेंट नोडल एजेंसी) क्या है?

जब बिजली एक जगह से दूसरी जगह (जैसे भारत से बांग्लादेश) भेजी जाती है, तो ग्रिड के जरिए होने वाले इस व्यापार को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार एक एजेंसी नियुक्त करती है। भारत में NVVN (NTPC Vidyut Vyapar Nigam Limited) जैसी संस्थाएं इस तरह की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती हैं। बिजली के बड़े पैमाने पर लेन-देन में केवल बिजली का उत्पादन ही शामिल नहीं होता, बल्कि कई तकनीकी और प्रशासनिक कार्य भी होते हैं। SNA शुल्क का इस्तेमाल इन सेवाओं के खर्च को पूरा करने के लिए किया जाता है। यह वह वास्तविक कीमत है जो प्रति यूनिट बिजली (Electricity Units) के उत्पादन और आपूर्ति के लिए दी जाती है। ALSO READ: बांग्लादेश में हिंदू परिवार की निर्मम हत्या, बंद घर में मिले 4 शव, इस बात से नाराज थे आरोपी

भारत बांग्लादेश को बिजली बेचकर कितना कमाता है?

भारत-बांग्लादेश के बीच बिजली व्यापार दोनों देशों के लिए बेहद अहम रहा हैस भारत की विभिन्न सरकारी और निजी कंपनियां (जैसे NTPC, Adani Power, NVVN) बांग्लादेश को प्रतिवर्ष अरबों रुपए की बिजली निर्यात करती हैं। एक अनुमान के अनुसार, बिजली निर्यात से भारत को सालाना लगभग 8000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपए तक की कमाई होती है। हालांकि हाल के महीनों में बांग्लादेश पर भारतीय ऊर्जा कंपनियों का करोड़ों डॉलर का बकाया जमा हो गया है, जिसकी वसूली के लिए वार्ताएं जारी हैं।

 

नया SNA शुल्क लागू होने से दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार अधिक सुव्यवस्थित होगा, हालांकि यह बांग्लादेश के लिए आयात लागत में मामूली वृद्धि लाएगा।

 

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुई तख्तापलट और शेख हसीना के पद छोड़ने के बाद से दोनों देशों के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में तनाव देखा गया है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर असमंजस बना हुआ है। 

लो प्रेशर सिस्टम से अगले 4 दिन भारी! यूपी, बिहार, MP समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मौसम को लेकर IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर की वजह से मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान देश के अलग अलग राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक इस नए मौसमी तंत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके उलट दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त रह सकती हैं।

बीते 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में तेज बारिश की संभावना

उत्तर भारत में मानसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर बनी हुई है। इसके असर से उत्तराखंड में 24 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 24 अगस्त तथा 29 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो 24 से 26 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 24 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के इलाकों में भी 30 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा।

मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में कम दबाव का क्षेत्र सीधा असर डाल रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 27 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी और यह सिलसिला 29 से 30 अगस्त तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 24 और 25 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि विदर्भ क्षेत्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश

पूर्वी भारत में बने इस सिस्टम के चलते 24 अगस्त को ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में अगले 3 से 4 दिनों यानी 24 से 27 अगस्त तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

अंडमान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में 30 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जबकि मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत की स्थिति देखें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल और माहे में 24 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 25 व 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में 24 से 28 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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FIIs की बिकवाली से इन शेयरों में बड़ा मौका! Nippon MF के शैलेश राज भान ने बताया किन सेक्टर्स में आएगी बंपर तेजी

Nippon India Mutual Fund: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दिग्गज म्यूचुअल फंड हाउस निप्पॉन इंडिया ने भारतीय बाजारों को लेकर एक बेहद पॉजिटिव रिपोर्ट दी है। निप्पॉन इंडिया MF के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शैलेश राज भान का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में बेहतर कॉरपोरेट अर्निंग्स और वाजिब वैल्यूएशन बाजार की चाल को रफ्तार देंगे।

शैलेश राज भान के मुताबिक, अगर कोई बड़ा वैश्विक संकट नहीं आता है, तो अगले 3 सालों में भारतीय कंपनियों की कमाई सालाना 12 से 15 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। आइए जानते हैं उन्होंने किन सेक्टर्स पर दांव लगाने की सलाह दी है और कहां कमाई का मौका दिख रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बड़े शेयरों में बना मौका

शैलेश राज भान ने बताया कि पिछले कुछ समय में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स(FIIs) की ओर से हुई भारी बिकवाली ने लार्जकैप शेयरों के वैल्यूएशन को काफी आकर्षक बना दिया है। FIIs की बिकवाली मुख्य रूप से लार्जकैप और फाइनेंशियल स्टॉक्स में केंद्रित थी। इसके चलते कई मजबूत और क्वालिटी कंपनियों के शेयर अब वाजिब और सही दामों पर उपलब्ध हैं।

जब वैल्यूएशन आपके पक्ष में हो और कंपनियों की कमाई बढ़ रही हो, तो अगले 3 से 4 सालों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

प्राइवेट बैंक बने हुए है सबसे पसंदीदा सेक्टर

शैलेश राज भान ने दिग्गज निजी क्षेत्र के बैंकों को निवेश के लिए सबसे आकर्षक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि कई क्वालिटी प्राइवेट बैंक इस समय ऐसे वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जो बीते कुछ सालों में दुर्लभ ही देखने को मिला है। कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के वैल्यूएशन तो अब पीएसयू बैंकों के आसपास आ पहुंचे हैं, जिससे इनमें री-रेटिंग की बड़ी गुंजाइश है।

कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में वापसी के संकेत

लंबे समय तक सुस्ती झेलने के बाद अब कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में भी वैल्यूएशन के लिहाज से खरीदारी के मौके दिख रहे हैं। ग्रामीण मांग में सुधार, टैक्स में राहत और कंपनियों की पहलों के चलते कंज्यूमबल्स, ड्यूरेबल्स, होटल्स और सर्विस सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ लौट रही है।

बाजार आईटी सेक्टर के ग्रोथ आउटलुक को लेकर जरूरत से ज्यादा निगेटिव हो गया है। जो आईटी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाकर नए बिजनेस मॉडल में ढलेंगी, उन्हें आने वाले समय में बड़ा फायदा होगा।

कैपिटल गुड्स पर सतर्क रहें, पावर यूटिलिटीज पसंद

औद्योगिक और पावर सेक्टर पर लंबी अवधि के लिए सकारात्मक रहने के बावजूद, फंड मैनेजर ने कैपिटल गुड्स और ट्रांसमिशन कंपनियों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें पहले ही बहुत बढ़ चुकी हैं। इसके बजाय, बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उन्होंने वाजिब वैल्यूएशन वाली पावर यूटिलिटी कंपनियों पर दांव लगाने की सलाह दी है।

पोर्टफोलियो में गोल्ड और सिल्वर का रोल अहम

सोना और चांदी कीमती धातुओं पर बात करते हुए शैलेश राज भान ने कहा कि भले ही हाल के दिनों में इनकी तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी हो, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता और बाजार की उठापटक से बचने के लिए पोर्टफोलियो में सोना और चांदी होना बेहद जरूरी है।

अगर आप अगले 3 से 5 साल के नजरिए से भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो केवल तेजी में भागने के बजाय उन सेक्टर्स पर ध्यान दें जहां वैल्यूएशन वाजिब हैं और कंपनियों की कमाई में टिकाऊ सुधार दिख रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।