भारत का बांग्लादेश को बड़ा झटका! बिजली हस्तांतरण पर लगेगा नया SNA शुल्क

भारत का बांग्लादेश को बड़ा झटका! बिजली हस्तांतरण पर लगेगा नया SNA शुल्क

India Bangladesh electricity trade

India Bangladesh electricity trade: बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्ता पलट अंतरिम सरकार के गठन के बाद से भारत के साथ उसके रिश्ते सामान्य नहीं है। तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बावजूद रिश्तों में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। इस बीच, खबर है कि भारत सरकार ने बांग्लादेश को दी जाने वाली बिजली आपूर्ति पर नया 'सेटलमेंट नोडल एजेंसी' (SNA) शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस नए फैसले के तहत बांग्लादेश को दी जाने वाली प्रति यूनिट बिजली पर 0.005 रुपए का नया शुल्क जोड़ा जाएगा।

यह शुल्क मूल बिजली शुल्क (Tariff) से अलग होगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य दोनों देशों के बीच बिजली के निर्बाध लेन-देन और ग्रिड से जुड़ी तकनीकी सेवाओं के खर्च को पूरा करना है। इसमें बिजली की शेड्यूलिंग, मीटरिंग, ऊर्जा का हिसाब-किताब (Energy Accounting) और ग्रिड संचालन जैसी बुनियादी सेवाएं शामिल हैं। ALSO READ: हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है, बांग्लादेश में हारुन इजहार की खुलेआम धमकी

SNA (सेटलमेंट नोडल एजेंसी) क्या है?

जब बिजली एक जगह से दूसरी जगह (जैसे भारत से बांग्लादेश) भेजी जाती है, तो ग्रिड के जरिए होने वाले इस व्यापार को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार एक एजेंसी नियुक्त करती है। भारत में NVVN (NTPC Vidyut Vyapar Nigam Limited) जैसी संस्थाएं इस तरह की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती हैं। बिजली के बड़े पैमाने पर लेन-देन में केवल बिजली का उत्पादन ही शामिल नहीं होता, बल्कि कई तकनीकी और प्रशासनिक कार्य भी होते हैं। SNA शुल्क का इस्तेमाल इन सेवाओं के खर्च को पूरा करने के लिए किया जाता है। यह वह वास्तविक कीमत है जो प्रति यूनिट बिजली (Electricity Units) के उत्पादन और आपूर्ति के लिए दी जाती है। ALSO READ: बांग्लादेश में हिंदू परिवार की निर्मम हत्या, बंद घर में मिले 4 शव, इस बात से नाराज थे आरोपी

भारत बांग्लादेश को बिजली बेचकर कितना कमाता है?

भारत-बांग्लादेश के बीच बिजली व्यापार दोनों देशों के लिए बेहद अहम रहा हैस भारत की विभिन्न सरकारी और निजी कंपनियां (जैसे NTPC, Adani Power, NVVN) बांग्लादेश को प्रतिवर्ष अरबों रुपए की बिजली निर्यात करती हैं। एक अनुमान के अनुसार, बिजली निर्यात से भारत को सालाना लगभग 8000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपए तक की कमाई होती है। हालांकि हाल के महीनों में बांग्लादेश पर भारतीय ऊर्जा कंपनियों का करोड़ों डॉलर का बकाया जमा हो गया है, जिसकी वसूली के लिए वार्ताएं जारी हैं।

 

नया SNA शुल्क लागू होने से दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार अधिक सुव्यवस्थित होगा, हालांकि यह बांग्लादेश के लिए आयात लागत में मामूली वृद्धि लाएगा।

 

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुई तख्तापलट और शेख हसीना के पद छोड़ने के बाद से दोनों देशों के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में तनाव देखा गया है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर असमंजस बना हुआ है।