UP News: यूपी के BJP विधायक का आरोप, समधी ने धोखाधड़ी कर 25 महिलाओं से की शादी, करोड़ों की ठगी के दावे

UP Viral News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बॉलीवुड फिल्म ‘Ladies V/S Ricky Bahl’ की कहानी की याद दिला दी है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मामला फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक के परिवार से जुड़ा गंभीर आरोप है। सीतापुर जिले की सेवता विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ज्ञान तिवारी ने अपने समधी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी और तथ्य छिपाने के आरोप में रेउसा थाने में FIR दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, विधायक की बेटी प्रज्ञा तिवारी की शादी वर्ष 2024 में मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रवाल निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से हुई थी। विधायक द्वारा दर्ज कराई गई FIR के मुताबिक, शादी के समय आरोपी पक्ष ने खुद को मुंबई में बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। स्थानीय स्तर पर जांच एवं प्रतिष्ठित लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद यह रिश्ता तय किया गया था।

कैसे हुआ खुलासा?

यूपी पुलिस के अनुसार, शादी के करीब दो साल बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अनुज त्रिवेदी के खिलाफ लगाए गए कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए। पुलिस ने बताया कि जांच में उसके खिलाफ महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में महिलाओं को कथित रूप से प्रेम जाल में फंसाकर उनसे धोखाधड़ी करने के आरोप सामने आए। पुलिस के मुताबिक, अनुज त्रिवेदी पर फर्जी पहचान के आधार पर करीब 25 शादियां करने और धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।

बाप-बेटा गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि इन आरोपों और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के आधार पर अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया। विधायक ज्ञान तिवारी ने अनुज त्रिवेदी और उसके परिवार से सभी संबंध खत्म करने की घोषणा की है। रेउसा थाने में दी गई शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि अनुज त्रिवेदी ने अपना आपराधिक इतिहास और पूर्व के मुकदमों की जानकारी छिपाकर उनके परिवार को धोखे में रखा। इसी आधार पर शादी का रिश्ता तय हुआ।

उन्होंने बताया कि इस घटना से उनके परिवार को गहरा सदमा और एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। रेउसा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अनुज त्रिवेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया है।

2024 में हुई थी विधायक की बेटी की शादी

शिकायत के अनुसार, विधायक ज्ञान तिवारी की बेटी प्रज्ञा की शादी वर्ष 2024 में प्रखर त्रिवेदी के साथ हुई थी। विधायक का आरोप है कि शादी के समय प्रखर के पिता अनुज त्रिवेदी ने खुद को मुंबई का एक प्रतिष्ठित और स्थापित रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। परिवार की ओर से स्थानीय स्तर पर जानकारी भी जुटाई गई थी। कुछ प्रभावशाली लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद रिश्ता तय किया गया।

उस समय परिवार को कथित तौर पर ऐसी किसी जानकारी का पता नहीं था, जिसे अब शिकायत में गंभीर आरोपों के रूप में सामने रखा गया है। विधायक के मुताबिक, शादी के करीब ढाई साल बाद परिवार को सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से प्रखर त्रिवेदी की कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने लगी। आरोप लगाया गया कि प्रखर ने अलग-अलग राज्यों में कई महिलाओं के साथ कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर संबंध बनाए और उनसे बड़ी रकम हासिल की।

विधायक ने बेटी को वापस घर बुलाया

जब विधायक के परिवार को कथित गतिविधियों की जानकारी मिली, तो ज्ञान तिवारी ने कहा कि उन्होंने आरोपी परिवार से संबंध खत्म कर लिए और अपनी बेटी को वापस घर ले आए। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम से परिवार को हुए मानसिक और भावनात्मक नुकसान की भी बात कही। उन्होंने दावा किया कि इस मामले का असर उनकी सार्वजनिक छवि पर भी पड़ा है।

सोशल मीडिया वीडियो में ने खोला राज

ज्ञान तिवारी ने 6 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मामले को सार्वजनिक किया। वीडियो में वह अपनी बेटी के साथ नजर आए। उन्होंने आरोपी परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि अगर उनके दामाद के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में साबित होते हैं, तो कानून के तहत उसे भी कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। विधायक ने अपने बयान में अनुज त्रिवेदी के लिए तो मौत की सजा तक की मांग की।

आगे की जांच जारी

अब जांच एजेंसियां आरोपों से जुड़े दस्तावेज, कथित पहचान, पूर्व संबंधों, आर्थिक लेन-देन और अन्य महिलाओं से जुड़े दावों की पड़ताल कर सकती हैं। बॉलीवुड फिल्म में फर्जी पहचान के जरिए महिलाओं को कथित तौर पर धोखा देने वाले किरदार की कहानी दर्शकों के सामने आई थी। उत्तर प्रदेश का यह मामला भी पहली नजर में उसी तरह की कहानी जैसा दिखाई दे रहा है। लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 25 शादियों और महिलाओं से ठगी के आरोप अभी आरोप ही हैं। इनकी वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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फिलहाल इस मामले ने इसलिए सनसनी मचा दी है क्योंकि शिकायतकर्ता कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक BJP विधायक हैं। आरोप सीधे उनके अपने परिवार में हुई शादी से जुड़े हैं। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तव में कई महिलाओं को फर्जी पहचान के जरिए कथित तौर पर फंसाने का मामला है, या आरोपों के पीछे कोई अलग कहानी है? पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से ही इसका अंतिम सच सामने आएगा।

99.9% निवेशक यहां करते हैं गलती! 2 करोड़ से 10 करोड़ का सफर कैसे होगा आसान, जानें एक्सपर्ट की रणनीति

हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ तेजी से बढ़े। आम धारणा है कि नियमित निवेश करते रहें, बाजार में टिके रहें और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दें। लेकिन जैसे-जैसे पोर्टफोलियो बड़ा होता है, कहानी बदलने लगती है। फाइनेंशियल एडवाइजर कपिल जैन ने 45 साल के एक ऐसे निवेशक का उदाहरण दिया, जिसके पास 2 करोड़ रुपये हैं और वह 10 साल में इसे 10 करोड़ करना चाहता है। उनके मुताबिक, लक्ष्य हासिल करना संभव है, लेकिन रास्ते में निवेश की रणनीति बदलना बेहद जरूरी है।

शुरुआत में SIP बनाती है रफ्तार

जैन के अनुसार, शुरुआती दौर में नियमित निवेश और बाजार की ग्रोथ से पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन जब रकम करोड़ों में पहुंचने लगती है, तब बाजार की छोटी गिरावट भी बड़ा नुकसान दिखाने लगती है। यही वजह है कि शुरुआत में काम करने वाली रणनीति को पूरी यात्रा में जारी रखना समझदारी नहीं हो सकती।

5 करोड़ पर 25% गिरावट का मतलब?

मान लीजिए पोर्टफोलियो 5 करोड़ रुपये का है और बाजार 25 फीसदी गिर जाता है। रकम के हिसाब से करीब 1.25 करोड़ रुपये की गिरावट आ सकती है। यानी अब नुकसान की भरपाई सिर्फ कुछ महीनों की SIP से नहीं होगी। बड़े कॉर्पस के साथ बाजार का हर उतार-चढ़ाव ज्यादा बड़ा असर डालता है।

10 करोड़ के करीब पहुंचते ही असली चुनौती

अगर पोर्टफोलियो 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और बाजार 25 फीसदी गिरा, तो करीब 2.5 करोड़ रुपये की वैल्यू कम हो सकती है। इसीलिए जैन का कहना है कि बड़े पोर्टफोलियो के साथ सिर्फ रिटर्न के पीछे भागना सही रणनीति नहीं है। इस चरण में कमाए हुए पैसे को बचाना भी उतना ही जरूरी है।

‘एक ही रणनीति हमेशा काम नहीं करती’

कपिल जैन के मुताबिक निवेशक अक्सर सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि पोर्टफोलियो छोटा हो या बड़ा, रणनीति वही रखते हैं। उनका सुझाव है कि समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा, रीबैलेंसिंग और सही एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए। आखिरकार, 2 करोड़ से 10 करोड़ तक पहुंचना सिर्फ कंपाउंडिंग का खेल नहीं है; जैसे-जैसे पैसा बढ़ता है, उसे संभालने का तरीका भी बदलना पड़ता है।

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो चर्चा में है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जापान के 26 वर्षीय करोड़पति जासो ने खुद को कुत्ते जैसा दिखाने के लिए करीब 220 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने कई सर्जरी करवाईं और अब उनका हाव-भाव और रहन-सहन कुत्ते जैसा है। हालांकि, इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा

वायरल पोस्ट में कहा गया है कि जासो ने अपनी शक्ल और शरीर को कुत्ते जैसा बनाने के लिए बड़ी रकम खर्च की। दावा यह भी है कि सर्जरी के बाद वह कुत्ते की तरह चलने-फिरने और रहने की कोशिश करते हैं। वीडियो के साथ शेयर किया गया यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और देखते ही देखते लोग इस असामान्य कहानी पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।

करोड़पति ने चुना ऐसा अजीब शौक?

वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि अगर किसी व्यक्ति के पास करोड़ों रुपये हैं तो वह उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक खर्च कर सकता है, लेकिन 220 करोड़ रुपये खर्च कर खुद को कुत्ते जैसा बनाने का दावा लोगों को असामान्य लगा। कुछ यूजर्स ने इस पर मजेदार टिप्पणियां कीं, जबकि कुछ ने इसे इंसान के अनोखे शौक की मिसाल बताया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पोस्ट के कमेंट सेक्शन में लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रहीं। कुछ लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि आमतौर पर करोड़पति महंगी कार, बंगला या लग्जरी लाइफस्टाइल पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन यहां मामला बिल्कुल अलग है। वहीं, कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर हैरानी जताई और कहा कि अगर यह दावा सही है तो इतनी बड़ी रकम खर्च करने का फैसला वाकई चौंकाने वाला है।

कुछ लोगों ने वीडियो पर ही उठाए सवाल

हर कोई वायरल दावे को सच मानने के लिए तैयार नहीं है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति आखिर कौन है और क्या वाकई उसने इतनी बड़ी रकम सर्जरी पर खर्च की है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों और वीडियो के साथ कई बार अधूरी या गलत जानकारी जोड़ दी जाती है। ऐसे में केवल पोस्ट या वीडियो के आधार पर किसी बड़े दावे को सच मानना सही नहीं होगा।

अभी तक दावे की पुष्टि नहीं

फिलहाल जासो के बारे में किए जा रहे इन दावों की किसी विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत से पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए 220 करोड़ रुपये खर्च करने, कई सर्जरी कराने या कुत्ते जैसा जीवन जीने की बात को फिलहाल सोशल मीडिया का दावा ही माना जाना चाहिए। वीडियो जरूर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की वास्तविक कहानी क्या है, यह आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

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Viral Video: गुजरात के इस गांव में कुएं का पानी खुद-ब-खुद हिलने लगा! वायरल VIDEO के पीछे क्या है वजह?

Viral Video: गुजरात के एक खेत में बने आम से दिखने वाले कुएं ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। इसके वीडियो में कुएं का पानी लगातार हिलता-डुलता दिख रहा है, जबकि आस-पास के दूसरे कुओं का पानी बिल्कुल शांत है। यह अजीब घटना मोरबी ज़िले के विरपरदा गांव में किसान प्राणजीवनभाई सदारिया के 18 फ़ीट गहरे कुएं में देखी गई।

अगस्त की शुरुआत में मॉनसून की भारी बारिश से कुआं भर गया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद पानी मटमैला हो गया और फिर अपने-आप हिलने-डुलने लगा, जिससे स्थानीय लोग हैरान रह गए। ये वायरल क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गईं और यूज़र्स ने इसे अलौकिक घटना से लेकर ज़मीन के नीचे होने वाली भूकंपीय गतिविधि का संकेत तक बताया।

एक यूज़र ने लिखा, “सरकार जांच करने वालों को भेज रही है,” जबकि दूसरे ने मज़ाक में कहा, “भाई, हिलना-डुलना बंद करो, वरना लोग तुम्हारे चारों ओर मंदिर बना देंगे।” एक कमेंट में लिखा था, “कुआं (Well) अब ठीक (well) नहीं है,” जबकि दूसरे ने बस मज़ाकिया अंदाज़ में कहा, “वाह-वाह-वाह!” एक यूज़र ने तो यह भी पूछा, “अभी तक लोगों ने इसकी पूजा करना क्यों शुरू नहीं किया?” और इसी के साथ टाइमलाइन पर मीम्स की बाढ़ आ गई।

लेकिन मज़ाक-मस्ती के बीच, कई लोगों ने विज्ञान की ओर इशारा किया। एक कमेंट करने वाले ने समझाया, “यह कोई जादू या चमत्कार नहीं है—यह हाइड्रोजियोलॉजी है।” उन्होंने बताया कि ज़मीन के नीचे पानी का दबाव, बंद एक्विफ़र (पानी सोखने वाली चट्टानें), ज़मीन के नीचे चट्टानों में दरारें और हवा के दबाव में बदलाव की वजह से कुओं में प्राकृतिक रूप से हलचल हो सकती है। एक और व्यक्ति ने अंदाज़ा लगाया कि ज़मीन के नीचे एक्विफ़र के खिसकने की वजह से ऐसा हो सकता है।

मोरबी के ही एक यूज़र ने एक और वजह बताने की कोशिश की- “भूकंप जैसी कोई बात नहीं है… लोगों को बेवकूफ़ मत बनाओ… यह कुएं को रिचार्ज करने और चट्टान की बनावट (जियोमॉर्फोलॉजी) से जुड़ा मामला है। भारी बारिश की वजह से बहुत ज़्यादा पानी अंदर गया और चट्टान की बनावट के कारण हवा फंस गई (एयर लॉक), इसीलिए लहर जैसी हलचल हो रही है, और कुछ नहीं… मैं मोरबी से ही हूं।”

वहीं, एक दूसरे यूज़र ने बस इतना लिखा, “मुझे यह जानकर ज़्यादा हैरानी हो रही है कि ‘मोरबी’ नाम का भी कोई शहर है।”

8वीं के छात्र ने पढ़ाई के बहाने लिया फोन और उड़ा दिए 42K, कहानी जानकर हर कोई रह गया हैरान

पढ़ाई के लिए बच्चों का माता-पिता का मोबाइल इस्तेमाल करना आम बात है। लेकिन एक परिवार के साथ ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। आठवीं कक्षा के छात्र ने पढ़ाई करने की बजाय Roblox गेम में 42 हजार रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से मदद मांगी। सोशल मीडिया पर अब ये मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल व ऑनलाइन पेमेंट की सुरक्षा को लेकर अपनी राय दे रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

ये मामला Reddit पर सामने आने के बाद तेजी से वायरल हो गया। इस घटना ने बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल, सेव किए गए पेमेंट विकल्प और इन-ऐप खरीदारी की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी। लड़के के भाई ने Reddit के r/RobloxSupport कम्युनिटी में “Brother spent ₹42K on Roblox without permission” टाइटल से पोस्ट शेयर किया। उसके अनुसार, छात्र ने पढ़ाई करने के बहाने अपने पिता का फोन लिया था। लेकिन पढ़ाई की जगह उसने Roblox गेम में लॉग इन कर Robux खरीदने पर हजारों रुपये खर्च कर दिए। परिवार को इस बात की जानकारी तब हुई, जब सभी ट्रांजैक्शन पूरे हो चुके थे।

खर्च कर दिए 42,000 रुपये

पोस्ट में यूजर ने लिखा, “मैं इस समय एक बड़ी परेशानी में हूं। कल मेरा छोटा भाई, जो आठवीं कक्षा में पढ़ता है, पढ़ाई के लिए पापा का फोन लेकर गया था। लेकिन उसने Roblox खेलना शुरू कर दिया और गलती से Robux खरीदने में करीब 42,000 रुपये खर्च कर दिए। अब वह लगभग सभी Robux इस्तेमाल कर चुका है और उसके अकाउंट में सिर्फ करीब 100 Robux ही बचे हैं।” परिवार के लिए ये सिर्फ गेम पर पैसे खर्च होने का मामला नहीं था, क्योंकि उस समय उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी।

भाई ने मांगी सलाह

इसी वजह से ये घटना उनके लिए और भी बड़ी परेशानी बन गई। इसके बाद छात्र के भाई ने सोशल मीडिया पर लोगों से सलाह मांगी कि क्या इन खरीदारी को रद्द कराया जा सकता है या खर्च हुए पैसे वापस मिलने की कोई संभावना है। अपनी पोस्ट में यूजर ने लिखा, “कृपया कोई मेरी मदद करें। क्या ऐसा कोई तरीका है, जिससे हमारे पैसे वापस मिल सकें? हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही अच्छी नहीं है। मेरे पापा के पास लोन चुकाने और मेरे भाई की स्कूल फीस भरने तक के पैसे नहीं हैं।” यूजर ने बताया कि इस अचानक हुए खर्च ने परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ा दी है।

अपने दावे के समर्थन में यूजर ने खरीदारी का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। इसमें करीब 2,000 रुपये के कई ट्रांजैक्शन दिखाई दे रहे थे, जिनका कुल खर्च 42,647 रुपये बताया गया।

लोगों ने दी ये सलाह

पोस्ट वायरल होने के बाद Reddit पर लोगों ने कई तरह की सलाह दी। कुछ यूजर्स ने परिवार की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई, जबकि कई लोगों ने कहा कि बच्चों की पहुंच वाले फोन में पेमेंट डिटेल्स सेव रखना जोखिम भरा हो सकता है। एक यूजर ने लिखा, “अपने बैंक से संपर्क करें और इन ट्रांजैक्शन के लिए चार्जबैक की मांग करें। हो सकता है आपके भाई का Roblox अकाउंट बंद हो जाए, लेकिन इससे उसे बिना अनुमति किसी और के पैसे इस्तेमाल न करने की सीख मिलेगी।”

एक अन्य यूज़र ने लिखा, “यह घटना बच्चों को पैसों की अहमियत समझाने का मौका है। साथ ही माता-पिता को भी अपने कार्ड या पेमेंट डिटेल्स ऐसे डिवाइस में सेव नहीं रखनी चाहिए, जिन्हें बच्चे आसानी से इस्तेमाल कर सकें।” वहीं एक और यूजर ने सलाह दी, “Roblox सपोर्ट से संपर्क करें। हालांकि, ऐसा करने पर आपके भाई का अकाउंट बैन भी हो सकता है।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Viral Post: कंपनी हर क्लिक और कीबोर्ड के हर बटन दबाने पर रखती है नजर, सीक्रेट एक्सेल शीट में सब हो रहा रिकॉर्ड? कर्मचारी के दावे ने मचाया बवाल

सोशल मीडिया पर एक कंपनी की कथित कर्मचारी निगरानी से जुड़ी एक्सेल शीट तेजी से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में व्यक्ति ने दावा किया कि, इस शीट के जरिए कर्मचारियों के काम करने के घंटे, कंप्यूटर गतिविधि और माउस जिगलर जैसे टूल के इस्तेमाल तक पर नजर रखी जा रही थी। एक्स (पहले ट्विटर) पर एक यूजर ने इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया। स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद से वर्कप्लेस प्राइवेसी और कर्मचारियों की निगरानी को लेकर इंटरनेट पर नई बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर ये तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

X यूजर lolhith07 एक्स पर यूजर ने इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लिखा, “किसी ने रेडिट पर बताया कि उसकी कंपनी इस तरह कर्मचारियों पर नजर रख रही है।” लेकिन, स्प्रेडशीट के असली होने की इंडिपेंडेंटली पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा, जिसके बाद कई लोगों ने कंपनियों की कर्मचारी निगरानी प्रणाली और वर्कप्लेस प्राइवेसी को लेकर सवाल उठाए।

शेयर किया स्क्रीनशॉट

वायरल स्क्रीनशॉट में “June 2026″ नाम की एक एक्सेल शीट दिखाई दे रही है। इसमें दावा किया गया है कि एक कर्मचारी की रोजाना की कामकाजी गतिविधियों को अलग-अलग मानकों के आधार पर रिकॉर्ड किया जा रहा था। शीट में प्रोडक्टिव घंटे, सिस्टम से दूर रहने का समय (AAFS), लंबे समय तक कीबोर्ड इस्तेमाल, जिगलर डिटेक्शन, संदिग्ध माउस मूवमेंट और MS Teams कॉल के गलत इस्तेमाल जैसे कई कॉलम शामिल दिखाई दे रहे हैं।”

प्रोडक्टिविटी की करते हैं निगरानी

वायरल स्प्रेडशीट में कर्मचारी की रोजाना की प्रोडक्टिविटी का भी रिकॉर्ड दिखाई दे रहा था। स्क्रीनशॉट के अनुसार, 10 जून को 7.93 घंटे, 11 जून को 7.01 घंटे और 12 जून को 7.32 घंटे की प्रोडक्टिव एक्टिविटी दर्ज की गई थी। इसके अलावा भी कई दिनों के आंकड़े शीट में मौजूद थे। इस पोस्ट पर चर्चा तब और बढ़ गई, जब रेडिट पर इसे शेयर करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उनके मुताबिक यह डैशबोर्ड कर्मचारियों की किन-किन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

रेडिट पर शेयर किया पोस्ट

रेडिट पर पोस्ट शेयर करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि, “जो लोग ऐसे डैशबोर्ड बनाते हैं, वे भी जानते हैं कि ये किसी कर्मचारी के असली काम का सही आकलन नहीं करते। मैनेजमेंट ज्ञान और सोच पर आधारित काम को नहीं माप सकता, इसलिए वह केवल कीबोर्ड की गतिविधि जैसी चीजों को ही मापता है। यहां ‘प्रोडक्टिव घंटे’ का मतलब सिर्फ अलग-अलग विंडो में होने वाले इनपुट इवेंट्स से है। अगर कोई अनुभवी कर्मचारी दो घंटे तक किसी बड़े आर्किटेक्चर या समाधान के बारे में सोच रहा हो, तो सिस्टम उसे भी निष्क्रिय मान लेता है। यह तरीका पूरी तरह गलत है।”

लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने लिखा, “कंपनियां ऐसे निगरानी वाले टूल्स पर करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों की खुशी और उनका मनोबल बढ़ाने पर ध्यान नहीं देतीं। साल में कुछ बार पिज्जा खिलाकर उन्हें खुश करने की कोशिश की जाती है, जबकि असली जरूरत बेहतर कार्य माहौल बनाने की है।”

एक अन्य यूजर ने दावा किया कि वायरल स्प्रेडशीट में दिखाई गई निगरानी सिर्फ शुरुआती स्तर की है। उसने लिखा कि, “कई कंपनियों में इससे कहीं ज्यादा एडवांस मॉनिटरिंग की जाती है, जिसमें स्क्रीन रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, कीस्ट्रोक लॉगिंग, लोकेशन हिस्ट्री, आईपी और नेटवर्क की जानकारी, इस्तेमाल किए गए एप्लिकेशन और देखी गई वेबसाइटों तक का रिकॉर्ड रखा जा सकता है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “कुछ डॉक्टर माउस जिगलर का इस्तेमाल इसलिए करते थे, ताकि मरीजों के रिकॉर्ड बार-बार लॉक न हों और सिस्टम उन्हें अपने आप लॉग आउट न कर दे। साथ ही उसने हैरानी जताई कि आखिर यह कैसे पता लगाया गया कि माउस जिगलर का इस्तेमाल किया जा रहा था।”

Viral Video: गुरुग्राम में अकेले रहने का क्या है खर्च? 15000 किराया, 6800 राशन, 21 साल की चाहत का मंथली बजट वायरल

मेट्रो शहरों में अकेले रहना सुनने में जितना आसान और मजेदार लगता है, महीने के अंत में आने वाले बिल अक्सर होश भी उड़ा देते हैं। किराए से लेकर बिजली बिल, राशन, आवाजाही और लाइफस्टाइल के खर्चों को संभालते-संभालते अक्सर यंग प्रोफेश्नल्स यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक महीने का कितना खर्च वाजिब है? ऐसे में गुरुग्राम जैसे महंगे शहरों में बढ़ती लिविंग कॉस्ट के बीच एक 21 साल की युवती ने सोशल मीडिया पर अपना मंथली बजट शेयर किया है। चाहत यादव नाम की इस लड़की का जुलाई महीने का बजट बता रहा है कि उन्होंने इस महीने कुल 43096 रुपये खर्च किए।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया खर्चों का पूरा ब्रेकडाउन

चाहत यादव ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में चाहत ने महीने का पूरा बजट बताने की बताया एक-एक खर्चे का डिटेल में ब्रेकडाउन ही दे दिया। सबसे बड़ा खर्च मकान का किराया रहा। गुरुग्राम में एक फुली फर्निश्ड 1RK अपार्टमेंट के लिए चाहत ने महीने के 15000 रुपये दिए। बजट का दूसरा बड़ा हिस्सा खरीदारी में गया जिस पर 12805 रुपये खर्च हुए। ग्रॉसरी, ऑनलाइन फूड ऑर्डर और रोज की जरूरतों की चीजों पर 6879 रुपये खर्च हुए। स्कूटी के फ्यूल और रिपेयरिंग पर जुलाई में 2142 रुपये लगे।

 

महीने का बिजली बिल 2000 रुपये आया। चाहत ने जिम और दूसरी सर्विस मेंबरशिप के लिए 1800 रुपये का पेमेंट किया। इसके अलावा दोस्तों के साथ बाहर जाने और आउटिंग्स पर 2470 रुपये खर्च हुए। इन सभी खर्चों को जोड़कर जुलाई महीने का कुल खर्च 43096 रुपये बैठता है। चाहत ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में यह भी स्पष्ट किया कि इसमें उनका इन्वेस्टमेंट शामिल नहीं है। वीडियो के अंत में उसने अपने फॉलोअर्स से सवाल पूछा कि क्या मुझे इस खर्च को लेकर चिंतित होना चाहिए, या यह ठीक है?

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: लोगों ने दिए तरह-तरह के रिएक्शन

चाहत के इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की तरफ से ढेरों प्रतिक्रियाएं आईं। कई लोगों ने कहा कि गुरुग्राम जैसे शहर में अकेले रहने पर इतना खर्च होना बेहद सामान्य बात है। एक यूजर ने लिखा कि चिंता की कोई बात नहीं है, अगर आप कमा रहे हैं और अकेले रह रहे हैं तो यह काफी नॉर्मल है। दूसरे यूजर ने कहा कि यहां 40-50 हजार खर्च होना आम बात है, कोई चिंता की बात नहीं।

एक दूसरे यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि इस रील को देखने के बाद मुझे बेंगलुरु ज्यादा सस्ता लग रहा है। एक यूजर ने कमेंट किया कि यह बिल्कुल सच है और यह तो केवल बेसिक लाइफस्टाइल का खर्च है। अगर आप वीकेंड पार्टियां करते हैं या घूमते हैं, तो खर्च और ज्यादा होगा। गुरुग्राम में अकेले रहना काफी महंगा है।

हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी ध्यान दिलाया कि व्यक्तिगत लाइफस्टाइल के विकल्पों के आधार पर मासिक खर्च में बड़ा अंतर आ सकता है। बार-बार बाहर जाने, यात्रा करने, खरीदारी और प्रीमियम सेवाओं का इस्तेमाल करने से कुल बजट तेजी से बढ़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

VIDEO: काजू कतली में निकला जंग लगा पिन! 3 साल की बच्ची को खिलाने से पहले खुली बड़ी लापरवाही

Viral Video: मुंबई में एक व्यक्ति के साथ मिठाई खरीदने के बाद एक चौंकाने वाली घटना हुई है। व्यक्ति ने मुंबई के एक दुकान से काजू कतली खरीदी थी। दुकान से खरीदी गई काजू कतली के अंदर एक जंग लगा हुआ मेटल पिन मिला। व्यक्ति के अनुसार, वह ये मिठाई अपनी तीन साल की बेटी को देने ही वाला था, तभी उसकी नजर उस पिन पर पड़ गई। इसके बाद उसने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इंस्टाग्राम पर प्रणय पलव ने इस घटना से जुड़ी कई पोस्ट शेयर कीं। अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने बताया कि, 29 जुलाई की शाम उन्होंने तिवारी ब्रदर्स से 500-500 ग्राम काजू कतली और मोतीचूर के लड्डू खरीदे थे।

किस्मत अच्छी थी की पिन देख लिया

पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जब मैं अपनी 3 साल की बेटी को मिठाई खिलाने वाला था, तभी मुझे कुछ अजीब दिखाई दिया। ध्यान से देखने पर पता चला कि काजू कतली के एक टुकड़े के अंदर जंग लगा हुआ मेटल पिन फंसा हुआ था।” इसके बाद उन्होंने दुकान की सुरक्षा और साफ-सफाई के मानकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “ये सिर्फ किस्मत थी कि मैंने मिठाई खाने से पहले ही उस पिन को देख लिया। अगर ऐसा नहीं होता, तो इसका अंजाम बहुत गंभीर हो सकता था।”

 

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घटना दुकान के गुणवत्ता और साफ-सफाई के मानकों पर सवाल खड़े करती है। उनके मुताबिक, “ग्राहक इस भरोसे के साथ मिठाइयां खरीदते हैं कि उन्हें सुरक्षित और साफ तरीके से तैयार किया गया है, खासकर जब उन्हें परिवार और छोटे बच्चों को खिलाना हो।”

खराब स्थिती में था किचन

प्रणय ने सोशल मीडिया पर कुछ और वीडियो भी शेयर किए, जिनमें वह मिठाई की दुकान के कर्मचारियों से इस मामले पर बात करते नजर आए। एक वीडियो में उन्होंने काजू कतली का डिब्बा खुलवाया और मिठाई के अंदर से मेटल पिन निकालकर दिखाया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर सवाल किए। वीडियो में उन्होंने दुकान के किचन की स्थिति भी दिखाई और आरोप लगाया कि वहां सफाई के उचित इंतजाम नहीं थे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि किचन के अंदर ही वॉशरूम बना हुआ था।

 

यूजर्स ने किया कमेंट

इस घटना के बाद एक बार फिर राज्य में रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों में खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले पर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, “हे भगवान! मिठाई तो ठीक है, लेकिन किचन की हालत और उसमें मिला स्टेपलर पिन देखकर लगता है कि घर पर ही मिठाई बनाना ज्यादा सुरक्षित है।” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “यकीन नहीं हो रहा कि इतनी कीमत चुकाने के बाद भी ऐसी साफ-सफाई देखने को मिल रही है। तिवारी से ऐसी उम्मीद नहीं थी।”

एक अन्य यूजर ने कहा, “हम अच्छे खाने की उम्मीद में रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर जाते हैं, लेकिन अंदर किचन में क्या हो रहा है, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं होती।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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हॉकी, कुश्ती और शूटिंग के बिना भी भारत ने Commonwealth Games में जीते 39 मेडल

commonwealth games

कई मुख्य खेल जैसे कि हॉकी, कुश्ती और शूटिंग के ना होने के बावूजद भी भारत ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दम दिखाया और 39 मेडल पाकर अंकतालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। ऐसा माना जा रहा था जहां भारत के सफलतम वैश्विक खेल नदारद है वहां मेडल तालिका में भारत अंकतालिका में शीर्ष दस देशों में आ जाए तो बड़ी बात होगी।

टेबल टेनिस में भी सिर्फ पुरुष और महिला के टीम मैच हुए थे, एकल और युगल नहीं। टेबल टेनिस में भारत ने मलेशिया को हराकर दोनों स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।लेकिन भारोत्तोलन, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स के ट्रैक एंड फी्लड इवेंट के साथ पैरा एथलेटिक्स में भी भारत ने झंडे गाढे़।


भारतीय खिलाड़ियों ने 11 दिन तक चले खेलों में मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा खेलों और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन करके साबित कर दिया कि भारत राष्ट्रमंडल खेल महाशक्तियों में से एक है।भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक जीते। आस्ट्रेलिया 70 स्वर्ण समेत 171 पदक जीतकर शीर्ष रहा जबकि इंग्लैंड ने 110 और कनाडा ने 62 पदक जीते।

मेजबान स्कॉटलैंड 39 पदक जीतकर पांचवें स्थान पर रहा। मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण और तीन रजत समेत दस पदक जीते। जूडो खिलाड़ियों ने भी जबर्दस्त प्रदर्शन करके पदक जीते।निशानेबाजी, बैडमिंटन, कुश्ती, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे खेल नहीं होने से भारत के पदकों की संख्या कम हुई है लेकिन बाकी खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना लोहा मनवाया।

कुछ घटनाओं ने निराश भी किया जैसे खेलों से पहले ही जूडो खिलाड़ी तूलिका मान डोपिंग रोधी नियमों के तहत ठिकाने का पता बनाने में तीन बार नाकाम रहने के कारण अस्थायी तौर पर निलंबित हो गई और खेलों में हिस्सा नहीं ले पाई।ग्लास्गो से विदा लेने के बाद अब नजरें अहमदाबाद पर होंगी जहां 2030 में खेल होने हैं।

Viral Video: ‘उनके लिए इंतजार करना सही था’, जाह्नवी कपूर संग ईशान खट्टर की शादी का वीडियो वायरल

Viral Video: सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर का एक ‘वेडिंग वीडियो’ वायरल हो रहा है, जिसे देखकर फैंस को पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। इस वीडियो में जाह्नवी और ईशान इस बारे में बात कर रहे हैं कि कैसे पता चलेगा कि आपका पार्टनर ही ‘वो खास इंसान’ (the one) है। दोनों शानदार एथनिक कपड़ों में एक खूबसूरत जोड़ी लग रहे हैं। जाह्नवी गहरे लाल रंग के लहंगे में बेहद खूबसूरत लग रही थीं, जबकि ईशान आइवरी रंग के कपड़ों में काफी आकर्षक लग रहे थे।

जाह्नवी से पूछा जाता है, “आपको कब पता चलता है कि वही ‘वो खास इंसान’ है?” वह जवाब देती हैं, “मुझे लगता है कि आपको तब पता चलता है जब वह हमेशा आपका इंतज़ार कर रहा हो।” ईशान कहते हैं कि आपको तब पता चलता है कि “वही ‘वो खास इंसान’ है” जब “वह आपके इंतज़ार के काबिल हो”। ईशान सब्र के साथ दुल्हन के रूप में जाह्नवी को पहली बार देखने का इंतज़ार करते हैं और जब वह सीढ़ियों से नीचे आती हैं, तो उन्हें प्यार भरी नज़रों से देखते हैं।

ईशान, जाह्नवी के करीब आने और उसका हाथ थामकर साथ चलने के लिए आगे बढ़ते हैं। हालांकि, असल बात यह है कि यह वीडियो एक एडवरटाइज़मेंट कैंपेन के लिए है। इस वीडियो ने फैंस की पुरानी यादें ताज़ा कर दी हैं, क्योंकि जाह्नवी और ईशान ने अपनी डेब्यू फ़िल्म ‘धड़क’ में प्रेमी-प्रेमिका का किरदार निभाया था। शशांक खेतान के निर्देशन और करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन्स के प्रोडक्शन में बनी ‘धड़क’, नागराज मंजुले की मशहूर मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ का हिंदी अडैप्टेशन थी।

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इस फ़िल्म में जातिवाद और ऑनर किलिंग जैसे मुद्दों को दिखाया गया और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छा प्रदर्शन किया। कई लोगों का मानना ​​था कि फ़िल्म के बाद ईशान और जाह्नवी के बीच रोमांटिक रिश्ते भी थे। हालांकि, यह सिर्फ़ एक अंदाज़ा था, जिसकी कोई पुष्टि नहीं हुई। दोनों एक्टर्स ने ‘होमबाउंड’ में फिर से साथ काम किया और फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले, ईशान ने जाह्नवी के साथ दोबारा काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात की।

‘ज़ूम’ के साथ एक इंटरव्यू में एक्टर ने कहा, “‘धड़क’ के सेट पर, जाह्नवी और मैं एक-दूसरे का सहारा बन सकते थे।” उन्होंने बताया, “मेरा किरदार बहुत सारे उतार-चढ़ाव से गुज़र रहा है। वह उसके लिए एक मज़बूत आदमी बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसा कर नहीं पा रहा है। वह अपनी ही परेशानियों से जूझ रहा है। उसे उसके परिवार से दूर कर दिया गया है। आप उसमें दरारें और उसकी कमज़ोरी देख सकते हैं। वह साथ देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन असल में वह अपनी ही अंदरूनी मुश्किलों से लड़ रहा है।”

‘धड़क’ में जाह्नवी और ईशान की केमिस्ट्री को काफ़ी पसंद किया गया और इस जोड़ी को उस साल की सबसे चर्चित नई ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में से एक माना गया। उनके नए कैंपेन वीडियो को देखकर फ़ैन्स दोनों एक्टर्स से और भी प्रोजेक्ट्स में साथ काम करने की मांग कर रहे हैं।