Viral Video: गुजरात के एक खेत में बने आम से दिखने वाले कुएं ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। इसके वीडियो में कुएं का पानी लगातार हिलता-डुलता दिख रहा है, जबकि आस-पास के दूसरे कुओं का पानी बिल्कुल शांत है। यह अजीब घटना मोरबी ज़िले के विरपरदा गांव में किसान प्राणजीवनभाई सदारिया के 18 फ़ीट गहरे कुएं में देखी गई।
अगस्त की शुरुआत में मॉनसून की भारी बारिश से कुआं भर गया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद पानी मटमैला हो गया और फिर अपने-आप हिलने-डुलने लगा, जिससे स्थानीय लोग हैरान रह गए। ये वायरल क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गईं और यूज़र्स ने इसे अलौकिक घटना से लेकर ज़मीन के नीचे होने वाली भूकंपीय गतिविधि का संकेत तक बताया।
एक यूज़र ने लिखा, “सरकार जांच करने वालों को भेज रही है,” जबकि दूसरे ने मज़ाक में कहा, “भाई, हिलना-डुलना बंद करो, वरना लोग तुम्हारे चारों ओर मंदिर बना देंगे।” एक कमेंट में लिखा था, “कुआं (Well) अब ठीक (well) नहीं है,” जबकि दूसरे ने बस मज़ाकिया अंदाज़ में कहा, “वाह-वाह-वाह!” एक यूज़र ने तो यह भी पूछा, “अभी तक लोगों ने इसकी पूजा करना क्यों शुरू नहीं किया?” और इसी के साथ टाइमलाइन पर मीम्स की बाढ़ आ गई।
After heavy rain, Well water continues to oscillate in Gujarat’s Morbi village; Collector orders an investigation. pic.twitter.com/J0Ba31gH7X
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) August 6, 2026
लेकिन मज़ाक-मस्ती के बीच, कई लोगों ने विज्ञान की ओर इशारा किया। एक कमेंट करने वाले ने समझाया, “यह कोई जादू या चमत्कार नहीं है—यह हाइड्रोजियोलॉजी है।” उन्होंने बताया कि ज़मीन के नीचे पानी का दबाव, बंद एक्विफ़र (पानी सोखने वाली चट्टानें), ज़मीन के नीचे चट्टानों में दरारें और हवा के दबाव में बदलाव की वजह से कुओं में प्राकृतिक रूप से हलचल हो सकती है। एक और व्यक्ति ने अंदाज़ा लगाया कि ज़मीन के नीचे एक्विफ़र के खिसकने की वजह से ऐसा हो सकता है।
मोरबी के ही एक यूज़र ने एक और वजह बताने की कोशिश की- “भूकंप जैसी कोई बात नहीं है… लोगों को बेवकूफ़ मत बनाओ… यह कुएं को रिचार्ज करने और चट्टान की बनावट (जियोमॉर्फोलॉजी) से जुड़ा मामला है। भारी बारिश की वजह से बहुत ज़्यादा पानी अंदर गया और चट्टान की बनावट के कारण हवा फंस गई (एयर लॉक), इसीलिए लहर जैसी हलचल हो रही है, और कुछ नहीं… मैं मोरबी से ही हूं।”
वहीं, एक दूसरे यूज़र ने बस इतना लिखा, “मुझे यह जानकर ज़्यादा हैरानी हो रही है कि ‘मोरबी’ नाम का भी कोई शहर है।”

