Vaibhav Sooryavanshi: ‘बनाएंगे अगला सचिन तेंदुलकर…’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI कर रही बड़ी प्लानिंग

वैभव सूर्यवंशी का नाम, भारत में क्रिकेट को पसंद करने वाला हर कोई जानने लगा है। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव ने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। इंटरेनशनल क्रिकेट में कदम रखने के साथ ही उन्होंने सभी को अपना दीवाना बना लिया है। वहीं वैभव को लेकर बीसीसीआई भी अब काफी गंभीर है और वो इस युवा बल्लेबाज को सचिन तेंदुलकर जैसा बड़ा नाम बनते देखना चाहती है। गुरुवार को हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में इसकी भी चर्चा हुई। मीटिंग के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने इसका खुलासा किया।

बीसीसीआई का बड़ा प्लान

दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभाल रहे वैभव सूर्यवंशी से उम्मीद की जा रही है कि वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तरह लंबा और शानदार क्रिकेट करियर बनाएं। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन और करियर पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि वैभव के भविष्य को लेकर बीसीसीआई की टीम हर जरूरी कदम पर उसका ध्यान रख रही है।

सचिन जैसे नाम बनाने की तैयारी!

सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा कि बीसीसीआई चाहता है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह शानदार प्रदर्शन करें, जिस तरह सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड वैभव को लेकर काफी गंभीर है और उसके प्रदर्शन के साथ-साथ इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रख रहा है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बेहद करीब से काम कर रहा है, ताकि वह आगे चलकर देश के लिए लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन कर सके।

वैभव पर है नजर

सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा, “हम चाहते हैं कि वैभव सूर्यवंशी या उनके स्तर का कोई भी खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह खेले, जैसे सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने खेलकर अपनी पहचान बनाई।” उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से हम वैभव को काफी गंभीरता से लेते हैं। उसके खेल के हर पहलू और इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रखी जा रही है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बहुत करीब से नजर रख रहा है।”

वैभव के बल्लेबाजी के सभी फैन

बता दें कि, बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ पांच मैच खेले हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन ने बीसीसीआई की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार बल्लेबाजी की और 776 रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑरेंज कैप समेत कई पुरस्कार मिले और भारतीय टीम में जगह बनाने का मौका मिला।

इंटरनेशनल क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और पांचवें टी20 मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी जगह नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने जल्द ही वापसी करते हुए अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 200 से ज्यादा रन बनाए और शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया।

7 चौके और छक्के, दलीप ट्रॉफी में शतक चूके लेकिन वैभव ने बना दिया यह अनोखा रिकॉर्ड

इस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन की दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी भले ही 8 रनों से शतक चूक गए हों लेकिन उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे अर्धशतक जमा कर सबसे कम उम्र में यह कारनमा किया। वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 157 दिनों में दिलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ा इससे पहले उनसे युवा सिर्फ लक्ष्मण सिंह थे जिन्होंने 16 साल 23 दिनों में अर्धशतक जमाया था।

लाल गेंद के टूर्नामेंट दिलीप ट्रॉफी में वैभव सफेद गेंद की तरह ही खेले और उन्होंने 81 गेंदों में खेली 92 रनों की पारी में 7 चौके और छक्के लगाए। इससे पहले ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए थे । उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया था।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।


पहले वैभव फिर यशस्वी…मैदान पर बढ़ते विवादों पर भड़के मांजरेकर, पूर्व दिग्गज ने की सख्त सजा की मांग!

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। वहीं इस मुकाबले के दौरान मैच के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर बहस हो गई थी। इसके बाद आईसीसी ने दोनों खिलाड़ियों पर 25% मैच फीस का जुर्माना और 1 डिमेरिट पॉइंट लगाया है। इससे पहले श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की भी गेंदबाज विशेन हलम्बागे से झड़प हुई थी। हाल ही में भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने दोनों खिलाड़ियों के मैदान पर किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई है। मांजरेकर का मानना है कि खिलाड़ियों को मैदान पर अपने व्यवहार को लेकर ज्यादा संयम रखना चाहिए।

आईसीसी-बीसीसीआई को लेकर कही ये बात

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कमेंटेटर और एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहे संजय मांजरेकर ने X पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने ICC और BCCI से मैदान पर खिलाड़ियों के अनुशासनहीन व्यवहार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। मांजरेकर ने X पर लिखा कि, “वैभव सूर्यवंशी के बाद अब यशस्वी जायसवाल भी मैदान पर ऐसे व्यवहार के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने ICC और BCCI से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर खिलाड़ियों को ऐसी हरकतों के लिए लगातार बचाया जाएगा, तो वे आगे भी ऐसा व्यवहार दोहरा सकते हैं। यह न तो क्रिकेट के लिए अच्छा है और न ही खिलाड़ियों के भविष्य के लिए।”

क्यों भिड़े जायसवाल

यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच भिड़ंत 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। दोनों के बीच मामला बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर दोनों को शांत कराया। माना जा रहा है कि जायसवाल ने गेंदबाज की किसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी।

जून में श्रीलंका A के खिलाफ ट्राई सीरीज के दौरान सुपर ओवर में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी एक खिलाड़ी से बहस में उलझ गए थे। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका A के विशेन हलम्बागे को धक्का भी दिया था। 15 साल की उम्र में इस तरह के व्यवहार को लेकर संजय मांजरेकर ने चिंता जताई है।

Duleep Trophy में वैभव का गेंद से कमाल 4 गेंदों में झटके 2 विकेट (Video)

बिहार के वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टूर्नामेंट्स और इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन दिलीप ट्रॉफी में उन्होंने दिखाया कि वह गेंद से भी उतना ही कमाल कर सकते हैं। ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने आज दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

Video: दलीप ट्रॉफी डेब्यू पर फ्लॉप रहे वैभव सूर्यवंशी, ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन 8 रन पर लौटे पवेलियन

Vaibhav Sooryavanshi: महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए रेड बॉल क्रिकेट की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन वैभव सूर्यवंशी दिलीप ट्रॉफी के अपने पहले मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके। रविवार को बेंगलुरु में नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पारी की शुरुआत की। लेकिन वह ज्यादा देर तक मैदान पर टिक नहीं पाए। वैभव सिर्फ 6 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने शुरुआत में दो चौके लगाए, लेकिन 8 रन के स्कोर पर आउट होकर वापस लौट गए।

कैसी थी वैभव की पारी

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आउट होने से पहले कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चल सकी। पेसर बिश्वोर्जित कोंथौजम ने उन्हें आउट किया। वैभव ने शुरुआत में कुछ गेंदों को संभलकर खेला और फिर एक अच्छी लेंथ की गेंद पर डीप मिड-विकेट की ओर चौका लगाया। लेकिन, दूसरे ओवर में ही उनकी पारी खत्म हो गई। कोंथौजम की ऑफ स्टंप गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में अच्छा शॉट खेला। इसके बाद गेंदबाज ने अपनी रणनीति बदली और ओवर की आखिरी गेंद थोड़ी छोटी और बाहर की ओर रखी। वैभव ने गेंद को पॉइंट की तरफ खेलने की कोशिश की, लेकिन उनका शॉट सही नहीं लगा और गली में कैच हो गया। इस तरह उनकी पारी 8 रन पर खत्म हो गई।

 

वैभव आईपीएल से चर्चा में

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी करने की कोशिश की और बाउंड्री लगाने का मौका तलाशते रहे। लेकिन, नॉर्थ ईस्ट जोन के गेंदबाजों को पिच से मदद मिल रही थी और गेंद दोनों तरफ घूम रही थी। ऐसे में वैभव का आक्रामक अंदाज इस बार उनके लिए भारी पड़ गया। ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी शामिल हैं। वैभव सूर्यवंशी IPL में अपने शानदार प्रदर्शन और भारत के लिए T20I डेब्यू के बाद लगातार चर्चा में रहे हैं। इस युवा बल्लेबाज ने कई बार बताया है कि वह रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहते हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बनना है और इसके लिए वह लंबे फॉर्मेट में खुद को साबित करना चाहते हैं।

Rahul Dravid ने वैभव सूर्यवंशी को दी बड़ी सलाह, बोले- जल्दबाजी न करें

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल में बेहरतरीन प्रदर्शन के बाद उनको भारत के टी20 टीम में शामिल किया गया। वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खेल को लेकर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि वैभव का घरेलू क्रिकेट में सफेद और लाल गेंद दोनों फॉर्मेट में खेलना अच्छी बात है। द्रविड़ ने कहा कि, इतनी कम उम्र में मिले इस मौके का सही इस्तेमाल करने के लिए वैभव को अपने करियर में बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे उसे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।

दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन वैभव

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब वह दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलेंगे और रेड-बॉल क्रिकेट में अपना हुनर दिखाएंगे। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों की 12 पारियों में 17.25 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों के कारण वह घरेलू क्रिकेट में लगातार नहीं खेल पाए थे।

वैभव को दी ये सलाह

क्रिकइन्फो से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि करियर में हमेशा संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यह अच्छी बात है कि वैभव को IPL के जरिए भारत में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। साथ ही, उसके पास भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने इस करियर को आगे बढ़ाने का भी पूरा समय है।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहे और आगे बढ़ता रहे। इसके लिए वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि आने वाले समय में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खेल सकें।”

ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए

राहुल द्रविड़ ने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के साथ वैभव सूर्यवंशी के साथ काम किया था। द्रविड़ का माना कि, रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने से वैभव का अनुभव और खेल बेहतर होगा। द्रविड़ ने कहा, “अच्छी बात यह है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उसे अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उसने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है। वह अभी सिर्फ 15 साल का है, इसलिए उसे समय देने और धैर्य रखने की जरूरत है। उसने शुरुआत में ही काफी सफलता हासिल की है, लेकिन करियर में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। ऐसे में लोगों को उसके साथ धैर्य रखना चाहिए।”

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

Vaibhav Sooryavanshi: ‘अगर वह 17 या 18 साल का है, तो…’ वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया अजीब बयान

Vaibhav Sooryavanshi: ‘अगर वह 17 या 18 साल का है, तो…’ वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया अजीब बयान

IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआत भले ही उनके लिए खास नहीं रही, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने दमदार वापसी की। यहां उनके बल्ले से लगातार अच्छी पारियां देखने को मिलीं और उनके प्रदर्शन के दम पर उन्हें सीरीज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। कम उम्र में दबाव से निकलकर इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दिखाता है। वहीं वैभव की उम्र को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

वहीं हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस समय वैभव की उम्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी उनकी क्रिकेट प्रतिभा है।

वैभव को लेकर ली ने क्या कहा

बीयर बाइसेप्स YouTube चैनल पर बात करते हुए ब्रेट ली ने कहा, “वह जबरदस्त है। भारत से बाहर हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या वह 15 साल का है? क्या वह 15 साल का है? शायद इस समय दुनिया भर में सबसे बड़ी चर्चा इसी बात को लेकर है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितने साल का है।” ली ने आगे कहा, “अगर वह 15 साल का है, तो शानदार है, लेकिन अगर वह 17 या 18 साल का है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है। यह बच्चा क्रिकेट खेलना जानता है। वह भारत के लिए एक बहुत बड़ी खोज है और आने वाले समय में वह इससे भी बड़ी और बेहतर उपलब्धियां हासिल करेगा।”

कम समय में मिली ज्यादा तारीफ

ली ने कहा, “उन्होंने इतने कम समय में IPL में धूम मचा दी है। SRH के खिलाफ उन्होंने जो 97 रन बनाए, वह ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के खिलाफ थे। वे बहुत तेज गेंदबाजी कर रहे थे और वह उनके खिलाफ बेखौफ होकर हुक शॉट खेल रहे थे।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी के खेल की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और समझ काबिले तारीफ है। उन्होंने ये भी माना कि सूर्यवंशी ने IPL में तेज गेंदबाजों के खिलाफ बिना डरे जिस तरह बल्लेबाजी की, वह उनकी खासियत है। लेकिन, ली के मुताबिक आगे बढ़ने के साथ सूर्यवंशी पर लोगों की उम्मीदें और मीडिया का ध्यान भी बढ़ेगा, जिसे संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

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‘IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट अलग हैं’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर अजिंक्य रहाणे ने दी बड़ी सलाह

आईपीएल के बाद से ही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी चर्चा में है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के साथ वैभव सबसे कम उम्र में भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें पहली बार भारत के लिए खेलने का मौका मिला, लेकिन तीन मैचों की सीरीज में वह पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वैभव सूर्यवंशी ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13, 15, 50, 20 और 81 रन की पारियां ही खेल पाए। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार खेल दिखाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा।

वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अभी टेस्ट टीम में शामिल करने पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी। अजिंक्य रहाणे ने माना कि, उन्हें अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार मानना जल्दबाजी होगी। रहाणे ने कहा कि युवा खिलाड़ी को पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को साबित करना चाहिए।

इंटरनेशनल क्रिकेट में ज्यादा चुनौती

अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, “अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मैं उस युवा खिलाड़ी पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहता, क्योंकि उसके बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। उसने अभी सिर्फ दो आईपीएल सीजन खेले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा अंतर होता है। जब आप देश के लिए खेलते हैं, तो दबाव कहीं ज्यादा होता है। आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करना अलग बात है, जबकि इंटरनेशनल क्रिकेट में वही चुनौती कहीं कठिन हो जाती है। इसलिए उसे अपना खेल खेलने दीजिए, समय दीजिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ने दीजिए।”

जिम्बाब्वे दौरे पर किया प्रदर्शन

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन वह लगातार प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। उन्होंने पहले टी20 मैच में अर्धशतक लगाया, दूसरे मुकाबले में 20 रन बनाकर आउट हो गए और आखिरी मैच में 81 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन इस पारी के लिए उन्होंने 49 गेंदों का सामना किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के मुकाबले थोड़ा धीमा माना गया। यही वजह है कि उनके प्रदर्शन को लेकर अभी भी चर्चा जारी है।

Vaibhav Sooryavanshi: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी को क्यों बनाया गया उपकप्तान? सेलेक्टर ने बताया इस फैसले के पीछे की वजह

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 23 अगस्त से बेंगलुरु में होगी। वहीं वैभव के उपकप्तान बनाए जाने के फैसले को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आई हैं। कई पूर्व खिलाड़ी और एक्सपर्ट के मुताबिक, इतनी कम उम्र में वैभव को बड़ी जिम्मेदारी देना जल्दबाजी हो सकती है। वहीं हाल ही में सेलेक्टर ने बताया की वैभव को इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों दी गई है।

फैसले का किया बचाव

ईस्ट जोन सेलेक्टर समिति के सदस्य और ओडिशा के पूर्व रणजी क्रिकेटर प्रवंजन मलिक ने इस फैसले का बचाव किय। प्रवंजन मलिक ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, “वैभव को कप्तान नहीं, बल्कि उपकप्तान बनाया गया है। टीम की कप्तानी ईशान किशन करेंगे। ईशान विकेटकीपर भी हैं, इसलिए मैच के दौरान उनकी भूमिका लगातार एक्टिव रहेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि वैभव पूरे समय टीम की कप्तानी करेंगे। वह अभी सीखने के दौर में हैं और हर दिन पहले से ज्यादा मैच्योर हो रहे हैं। उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देने से उनकी नेतृत्व क्षमता और मैच की समझ बेहतर होगी।”

भविष्य के लीडरशीप क्षमता विकसित करना

मलिक ने ये भी बताया कि वैभव सूर्यवंशी पहले से ही बिहार की घरेलू टीम के उपकप्तान हैं और 2026 अंडर-19 विश्व कप में भी उपकप्तान की भूमिका भी निभा चुके हैं। उन्होंने कहा, “वैभव देश के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका आईपीएल सीजन भी शानदार रहा। वह बिहार की प्रथम श्रेणी टीम के भी उपकप्तान हैं।” मलिक ने आगे कहा, “दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी की जिम्मेदारी उनके लिए बड़ा अवसर है। हमारा मानना है कि युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी देना जरूरी है, क्योंकि इससे उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”

उन्होंने आगे कहा, “कौन जानता है, भविष्य में वह भारतीय टीम के कप्तान भी बन सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्हें उपकप्तान बनाया गया है।” मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि चयनकर्ताओं ने वैभव को उपकप्तान बनाने से पहले उनसे इस फैसले पर कोई चर्चा नहीं की थी।