IND-A vs SL-A: वैभव को लेकर बदले इस दिग्गज खिलाड़ी के सुर, पहले की थी एक मैच में बैन की मांग, अब…

इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई नेशन का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। दांबुला में खेले गए ट्राई-सीरीज के फाइनल में 15 वर्षीय वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज फिफ्टी जड़ने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया, लेकिन वह शतक पूरा करने से बेहद करीब रह गए। कुछ समय पहले वैभव सूर्यवंशी के मैदान पर व्यवहार को लेकर सवाल उठाने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर अब उनकी खुलकर तारीफ कर रहे हैं।

वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल रहे। शुरुआत से ही उन्होंने श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया।

श्रीलंका ए के खिलाफ वैभव की तूफानी पारी

टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में आते ही अपना आक्रामक अंदाज दिखा दिया। उन्होंने पहली ही गेंदों से श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर हमला बोला और शुरुआती पांच गेंदों में ही दो छक्के तथा तीन चौके जड़ दिए। वैभव की बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे। हालांकि, शानदार लय में होने के बावजूद वह शतक से कुछ कदम दूर रह गए, लेकिन उनकी तूफानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

संजय मांजरेकर ने क्या कहा

वैभव की इस पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय मांजरेकर ने एक पोस्ट में लिखा, “अभी एहसास हुआ कि वैभव 50 ओवर के क्रिकेट को एक ऐसे फॉर्मेट के तौर पर देखता है, जहां वह और भी ज्यादा धमाल मचा सकता है! 10 ओवर तक सर्कल के बाहर सिर्फ 2 फील्डर होते हैं, 6 नहीं।” बता दें, ट्राई-सीरीज के दौरान एक मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तनाव देखने को मिला था। मैच के दौरान हुई कहासुनी के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच बहस भी हुई, जिसने काफी चर्चा बटोरी।

पहले किया था ये पोस्ट

इस घटना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी नाराजगी जताई थी और युवा खिलाड़ी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी थी। उन्होंने उस समय कहा था कि मैदान पर खिलाड़ियों को संयम दिखाना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए। संजय ने इससे पहले पोस्ट में कहा, “अगर मैं इंडिया ए का कोच या मैनेजर होता, तो मैं अफगानिस्तान के खिलाफ इस मैच के लिए वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर रखता। सिर्फ उसे यह समझाने के लिए कि मैदान पर इस तरह की झड़प या मारपीट स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे सामने से कितना भी उकसाया गया हो।”

वैभव और तिलक के बिना भारत को भिड़ना पड़ सकता है अफगानिस्तान से

AFGAvsINDA भारत ए के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और कप्तान तिलक वर्मा का खेलना अभी तक पूरी तौर पर पक्का नहीं हुआ है। सोमवार को श्रीलंका से हुए मुकाबले के बाद तिलक वर्मा ने अंपायर से लगातार बहसबाजी की थी वहीं वैभव सूर्यवंशी ने सुपर ओवर खत्म होने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दिया था।

श्रीलंका में भारत ए टीम का सफर खासा अच्छा नहीं रहा। टीम ने 3 में से 2 मुकाबले गंवाए हैं। जो पहला मैच श्रीलंका से जीता भी था वह चमत्कारिक था। ऐसे में फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच जीतना ही है लेकिन यह पुख्ता नहीं है कि तिलक वर्मा और  वैभव सूर्यवंशी यह मैच अनुशासनात्मक कार्यवाही के कारण खेल भी पाएंगे या नहीं।

गौरतलब है कि श्रीलंका ए ने त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला के रोमांचक मुकाबले में सोमवार को यहां भारत ए को सुपर ओवर में हरा दिया।श्रीलंका के तेज गेंदबाज़ कुगाथस मथुलन ने दबाव में भी शांत रहकर वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे की खतरनाक भारतीय जोड़ी के खिलाफ सुपर ओवर में 16 रन बचा लिए जिसके बाद माहौल गरमा गया।मैच के रोमांचक अंत के बाद सूर्यवंशी को श्रीलंका के एक खिलाड़ी को धक्का देते हुए भी देखा गया जिससे दोनों के बीच शारीरिक टकराव भी हुआ।

नियमित ओवरों में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान ने अंतिम ओवर में कई स्टीक यॉर्कर डालकर मुकाबले को टाई कराया। अंतिम ओवर में आउट होने वाले सदीरा समरविक्रम (91) ने इससे पहले श्रीलंका को जीत की दहलीज पर पहुंचाया।आईपीएल में गुजरात टाइटन्स की ओर से खेलने वाले अरशद ने अंतिम ओवर में सिर्फ चार रन दिए जबकि मेजबान टीम को जीत के लिए पांच रन की जरूरत थी।

मैच टाई होने के बाद खेल के नतीजे को लेकर उलझन की स्थिति बन गई थी। भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा अंपायरों पर दबाव बना रहे थे कि खेल को सुपर ओवर के जरिए आगे बढ़ाया जाए। काफी सोच-विचार के बाद अंपायरों ने अपना फैसला बदला और मैच को सुपर ओवर में ले जाने का निर्णय लिया।

हालांकि अरशद का सुपर ओवर काफी महंगा साबित हुआ। उन्होंने एक वाइड और एक नो बॉल सहित कुल 16 रन दिए।कुगाथस दबाव में भी शांत रहे और भारतीय जोड़ी को सिर्फ नौ रन पर रोक दिया।

INDAvsSLA में ड्रामा, सुपर ओवर, लड़ाई लेकिन भारत श्रीलंका से हारा (Video)

INDAvsSLA श्रीलंका में चल रहे त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत ए को श्रीलंका ए से एक अहम मैच सुपर ओवर में गंवाना पड़ा। सुपर ओवर में भारत ए की ओर से अरशद खान ने 17 रन दिए  वहीं भारत इसके जवाब में सिर्फ 9 रन ही बना पाया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ कहा सुनी और झड़प भी हुई।

लेकिन मैच में नाटकीय मोड़ तब आया जब भारत के 265 रनों के जवाब में श्रीलंका की टीम 265 रन ही बना पाई। सुपर ओवर के लिए तिलक वर्मा और अंपायर में काफी देर तक बहस हुई। सुपर ओवर देर से शुरु हुआ। वहीं जब श्रीलंका की पारी की आखिरी गेंद थी तो नो बॉल देने में भी देर हुई जिससे डगआउट में जा चुके तिलक फिर से अंपायर से भिड़ गए।

भारत ने इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में सूर्यांश शेगड़े और विपराज निगम के अर्धशतकों की बतौलत 265 रनों तक पहुंचा। वहीं श्रीलंका की ओर से सदीरा समरविक्रमा ने 91 रनों की पारी खेली।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम को विपराज निगम के पिच पर खतरनाक इलाके पर चलने के कारण 10 रन मुफ्त में मिले और उनकी पारी 10 रन बिना नुकसान से शुरु हुई। पहले 12 ओवरों में 100 रन बनाने वाली श्रीलंका आसानी से इस मुकाबले को एकतरफा जीतने की ओर चल पड़ी थी लेकिन भारतीय स्पिनर्स और गैर जिम्मेदार शॉट्स के कारण श्रीलंका के स्कोर की बराबरी अंतिम गेंद पर कर पाई।

 श्रीलंका ए की तरफ से सदीरा समराविक्रमा ने सात चौकों की मदद से 93 रन की शानदार पारी खेली और आखिरी ओवर में दूसरी गेंद पर आउट हुए। तब टीम का स्कोर 261 रन था। श्रीलंका पारी 265 रन पर सिमटी।

रो पड़ा ‘Boss Baby’, नम हो गईं करोड़ों आंखें, 15 साल के खिलाड़ी ने बदले क्रिकेट के मायने, हिला दी रिकॉर्ड बुक [VIDEO]

कभी-कभी स्कोरबोर्ड हार दिखाता है, लेकिन मैदान पर कोई खिलाड़ी ऐसा प्रभाव छोड़ जाता है कि पूरी दुनिया सिर्फ उसी की बात करती है। IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में यही हुआ। राजस्थान रॉयल्स का सफर भले ही गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ खत्म हो गया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि Age is Just a Number (उम्र सिर्फ एक संख्या है)

मैच खत्म होने के बाद डगआउट में बैठे वैभव की आंखों में आंसू थे। चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी। शायद उन्हें अपनी टीम के बाहर होने का दुख था, शायद 47 गेंदों में 96 रन पर रुक जाने का अफसोस भी। लेकिन उस पल को देखने वाले लाखों क्रिकेट फैंस के मन में सिर्फ एक ही बात थी जिस उम्र में बच्चे क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं, उस उम्र में यह लड़का दुनिया की सबसे कठिन टी20 लीग में Experienced खिलाड़ियों को पीछे छोड़ रहा है।

आज लोग उन्हें सिर्फ वैभव सूर्यवंशी नहीं, बल्कि “Boss Baby” कहकर बुलाते हैं। और IPL 2026 के बाद यह नाम पूरी तरह उनके Personality पर फिट बैठता है।

776 रन, 72 छक्के और 237 की स्ट्राइक रेट… यह किसी वीडियो गेम का आंकड़ा नहीं है

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने जो किया, वह टी20 क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पन्नों में गिना जाएगा। एक ऐसा सीजन जिसने रिकॉर्ड बुक्स हिला दीं

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:

16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के
684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनके 776 में से 684 रन केवल चौकों और छक्कों से आए। यह दिखाता है कि वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि गेंदबाजों पर लगातार हमला कर रहे थे। ऐसे आंकड़े अक्सर अपने करियर के शिखर पर पहुंच चुके दिग्गज खिलाड़ियों के नाम के आगे दिखाई देते हैं। लेकिन वैभव ने यह सब सिर्फ 15 साल की उम्र में कर दिखाया।

जिस मैच में टीम लड़खड़ाई, वहां अकेले खड़े रहे वैभव

गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 में राजस्थान की शुरुआत बेहद खराब रही। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की तेज गेंदबाजी के सामने राजस्थान ने जल्दी विकेट गंवा दिए। ऐसे दबाव भरे मुकाबले में वैभव ने शुरुआत में स्ट्रगल किया। कई बार गेंद बल्ले को छूकर निकल गई। लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना भी जानते हैं।

56 रन तक पहुंचने के दौरान रबाडा की एक तेज गेंद उनके हेलमेट पर भी लगी। लेकिन उसके बाद जैसे उन्होंने गियर बदल दिया। अगली 14 गेंदों में उन्होंने 39 रन ठोक दिए। जब वह 96 रन पर आउट हुए, तब तक राजस्थान का स्कोर सम्मानजनक स्थिति में पहुंच चुका था। लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे।

ध्रुव जुरेल, रियान पराग, दासुन शनाका और जोफ्रा आर्चर बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। राजस्थान 214 रन तक पहुंचा, लेकिन गुजरात के बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर लिया। स्कोरकार्ड में यह एक हार थी, लेकिन क्रिकेट देखने वालों के लिए यह वैभव सूर्यवंशी का एक और मास्टरक्लास था।


97 रन, 29 गेंदें और क्रिस गेल का रिकॉर्ड… जिसने दुनिया को चौंका दिया

क्वालिफायर-2 से पहले एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने ऐसा तूफान खड़ा किया था जिसकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में हुई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए। उस पारी में वह सिर्फ तीन रन से शतक से चूक गए, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह रही कि उन्होंने छक्कों की बारिश करते हुए कई रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया।

क्रिकेट फैंस को एक समय ऐसा लगने लगा था कि वह क्रिस गेल (Chris Gayle) के 2013 में RCB के लिए बनाए गए सबसे तेज IPL शतक के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकते हैं।

हालांकि वह रिकॉर्ड नहीं टूटा, लेकिन उस दिन वैभव ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने छक्कों के मामले में ऐसे आंकड़े छू लिए जिन तक पहुंचने में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को कई सीजन लग जाते हैं। उन्होंने एक सीजन में क्रिस गेल का ही सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। उनकी उस विस्फोटक पारी के बाद खुद Chris Gayle ने सोशल मीडिया पर उनके लिए Special Message पोस्ट किया और उन्हें क्रिकेट का नया “Six Machine” बताया।

जब टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा सिक्सर किसी युवा खिलाड़ी की तारीफ करे, तो समझा जा सकता है कि उस खिलाड़ी ने कितनी बड़ी छाप छोड़ी है।

रबाडा, आर्चर और संगकारा भी हुए फैन

वैभव की बल्लेबाजी से सिर्फ Fans ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि दुनिया के बड़े क्रिकेट नाम भी उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे।

Kagiso Rabada ने कहा कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज हाथों की गति, गेंद की लंबाई को जल्दी पढ़ने की क्षमता और बिल्कुल निडर मानसिकता है। उनके मुताबिक मैदान पर उतरते समय वैभव उम्र के बारे में सोचते ही नहीं।

Kumar Sangakkara (Head Coach and Director of Cricket for the Rajasthan Royals) का मानना है कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं और भारतीय टीम का बुलावा ज्यादा दूर नहीं है।

पूर्व वेस्टइंडीज तेज गेंदबाज Ian Bishop ने तो यहां तक कहा कि गेंदबाजों के पास वैभव को रोकने के लिए अब शायद “Plan Z” तक आना पड़ रहा है।

आंसू हार के थे, लेकिन भविष्य जीत का है

96 रन पर आउट होना दर्द देता है।
प्लेऑफ में शतक से सिर्फ चार रन दूर रह जाना दर्द देता है।
टीम का फाइनल से पहले बाहर हो जाना भी दर्द देता है। लेकिन यह कहानी उन आंसुओं की नहीं है। यह कहानी उस लड़के की है

  • जिसने IPL 2026 को अपने नाम कर दिया।
  • जिसने 16 पारियों में 776 रन बनाए।
  • जिसने 72 छक्के उड़ाए।
  • जिसने गेंदबाजों के मन में डर पैदा कर दिया।
  • जिसने दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार शायद आ चुका है।

15 साल की उम्र में 96 और 97 पर रुक जाना कोई असफलता नहीं है। उनके पास आगे पूरा करियर पड़ा है, सैकड़ों मैच हैं, दर्जनों शतक हैं और अनगिनत रिकॉर्ड उनका इंतजार कर रहे हैं।

राजस्थान रॉयल्स भले ही ट्रॉफी तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन IPL 2026 की सबसे बड़ी खोज, सबसे बड़ा आकर्षण और सबसे बड़ी कहानी सिर्फ एक नाम रही—
वैभव सूर्यवंशी।

और अगर यह सिर्फ शुरुआत है, तो आने वाले सालों में क्रिकेट की दुनिया “बॉस बेबी” का असली राज देखने वाली है।

Chris Gayle का रिकॉर्ड चुकने पर क्या बोले वैभव? ‘Universe Boss’ ने कर दिया बड़ा ऐलान! देखें VIDEO

15 साल की उम्र में बच्चे स्कूल क्रिकेट खेलते हैं… लेकिन वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में इतिहास तोड़ और जोड़ रहे हैं।

IPL  2026 में राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा तूफान मचाया है कि अब उनकी तुलना सीधे “यूनिवर्स बॉस” क्रिस गेल से होने लगी है। फर्क सिर्फ इतना है कि Chris Gayle को दुनिया ने “Universe Boss” कहा था… और वैभव को अब फैंस “Universe Baby Boss” बुला रहे हैं।

 

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि गेंदबाजों के आत्मविश्वास को चकनाचूर कर दिया। 29 गेंदों में 97 रन… 5 चौके… 12 आसमानी छक्के… और ऐसा स्ट्राइक रेट जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया। उनकी इस विस्फोटक पारी ने राजस्थान रॉयल्स को क्वालिफायर-2 में पहुंचा दिया।

 

लेकिन इस पारी की सबसे खास बात सिर्फ रन नहीं थे… बल्कि वो रिकॉर्ड थे जो वैभव ने तोड़ दिए।

 Chris Gayle का सबसे बड़ा रिकॉर्ड टूटा

 

आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड लंबे समय तक क्रिस गेल के नाम था।

गेल ने 2012 में 59 छक्के लगाए थे और उस रिकॉर्ड को लगभग 14 साल तक कोई नहीं तोड़ पाया।

 

लेकिन अब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने उसे पीछे छोड़ दिया है।

 

 IPL में सबसे ज्यादा छक्के (एक सीजन)

  • 65 छक्के – वैभव सूर्यवंशी (IPL 2026)
  • 59 छक्के – Chris Gayle (IPL 2012)

 

सबसे हैरानी वाली बात ये है कि वैभव ने ये 65 छक्के सिर्फ 280 गेंदों में पूरे किए, जबकि गेल ने इसके लिए 456 गेंदें खेली थीं। यानी वैभव सिर्फ रन नहीं बना रहे… वो गेंदबाजों पर हमला बोल रहे हैं।

 

 

शतक रिकॉर्ड से बस एक शॉट दूर

 

क्रिस गेल का एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड लगभग टूट ही गया था। IPL इतिहास का सबसे तेज शतक अभी भी गेल के नाम है, जिन्होंने 2013 में सिर्फ 30 गेंदों में सेंचुरी लगाई थी। वैभव सूर्यवंशी उस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन 29 गेंदों में 97 रन बनाकर आउट हो गए।

 

पूरी दुनिया को लगा था कि इतिहास बदलने वाला है… लेकिन एक शॉट कम पड़ गया।

 

मैच के बाद वैभव ने खुद कहा:

 

 “मैं रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोच रहा था। मेरा फोकस सिर्फ टीम को जीत दिलाने पर था।” 15 साल की उम्र में इतनी मैच मैच्योरिटी… यही चीज उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

 Chris Gayle ने भी माना – “New Six Machine”

वैभव की इस पारी के बाद खुद क्रिस गेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

Gayle ने लिखा:

 

 “What a phenomenal player Vaibhav is. Great entertainment young man! New Six Machine.”

 

जब “Universe Boss” खुद किसी को “New Six Machine” कहे… तो समझ जाइए कि खिलाड़ी कितना खास है।

 

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के बड़े रिकॉर्ड

 

सबसे तेज 50 (IPL Knockouts)

 

16 गेंद – सुरेश रैना (2014)

16 गेंद – वैभव सूर्यवंशी (2026)

 

 IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के

 

65 – वैभव सूर्यवंशी

59 – Chris Gayle

 

एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड खिलाड़ी

 

680 रन – वैभव सूर्यवंशी (15 मैच)

 

 IPL 2026 Stats

 

* मैच: 15

* रन: 680

* औसत: 45.33

* स्ट्राइक रेट: 242.85

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अब टीम इंडिया की बारी?

 

वैभव सूर्यवंशी को लेकर अब सिर्फ आईपीएल की बात नहीं हो रही। क्रिकेट फैंस लगातार उनकी टीम इंडिया में एंट्री की मांग कर रहे हैं। हालांकि BCCI फिलहाल जल्दबाजी नहीं करना चाहता, लेकिन वैभव को अगले महीने श्रीलंका दौरे पर इंडिया-A टीम में मौका मिल सकता है। तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया-A टीम श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेलेगी और माना जा रहा है कि वैभव उसमें शामिल होंगे।

 

IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने भी वैभव को “स्पेशल टैलेंट” बताया और कहा कि BCCI और राजस्थान रॉयल्स मिलकर इस युवा खिलाड़ी को सही दिशा देने पर काम करेंगे।

 

 डर नहीं… सिर्फ अटैक!

 

वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत यही है कि उन्हें किसी गेंदबाज से डर नहीं लगता।

पैट कमिंस हो या अनुभवी स्पिनर्स… वैभव हर गेंदबाज पर उसी आत्मविश्वास से हमला करते हैं।

 

15 साल की उम्र में ऐसा टेम्परामेंट बहुत कम देखने को मिलता है।

यही वजह है कि क्रिकेट दुनिया अब उन्हें सिर्फ “यंग टैलेंट” नहीं, बल्कि भारत के अगले सुपरस्टार के रूप में देखने लगी है।

 

और जिस तरह से वो रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं…

उसे देखकर लगता है कि ये तो बस शुरुआत है।