दिलीप ट्रॉफी में भी शिरकत करेंगें वैभव सूर्यवंशी, खेलेंगे ईशान किशन की कप्तानी में

कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाज़ी से धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आने वाली दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यह उनकी तेज़ी से आगे बढ़ने की कहानी का एक और अहम पड़ाव है, क्योंकि हाल के महीनों में ही उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘Player of the series’ चुने गए।

ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

शमी के शामिल होने से टीम को बहुत अनुभव मिलेगा। 35 साल के यह तेज़ गेंदबाज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 14 में से 13 मैचों में भी खेले।

दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप कुमार घरामी (बंगाल), शाहबाज़ अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जायसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), ईशान किशन (कप्तान, झारखंड), कुमार कुशाग्र (झारखंड ), शिखर मोहन (झारखंड ), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान, बिहार), डेनिश दास (असम) और अभिजीत सरकार (त्रिपुरा)। स्टैंडबाय: आयुष लोहारूका (बिहार), श्रीदाम पॉल (त्रिपुरा), संबित एस बराल (ओडिशा), शरणदीप सिंह (झारखंड) और स्वास्तिक सामल (ओडिशा)।

Vaibhav Sooryavanshi: किस गेंदबाज के सामने बैटिंग करने से डरते हैं वैभव सूर्यवंशी? युवा बल्लेबाज ने खुद किया खुलासा

Vaibhav Sooryavanshi: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मात्र 15 साल की उम्र में भारत की टी20 टीम में अपनी जगह बना ली है। वहीं हाल ही में हुए जिम्बाब्वे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया है। अपने इसी शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में 230 स्थान की बड़ी छलांग लगाकर 48वां स्थान पर पहुंच गए है। वहीं इससे पहले आईपीएल 2026 में भी वैभव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) का अवॉर्ड भी अपने नाम किया है। हाल ही में युवा बल्लेबाज ने बताया कि आईपीएल में वह किस गेंदबाज के सामने बैटिंग नहीं करना चाहते।

किस गेंदबाज से डरते हैं वैभव?

राजस्थान रॉयल्स के एक इंटरव्यू के दौरान वैभव सूर्यवंशी से पूछा गया कि वह किस गेंदबाज के सामने बल्लेबाजी करने से बचना चाहेंगे। इस सवाल पर युवा बल्लेबाज ने सिर्फ चार शब्दों में ऐसा जवाब दिया, जिसे सुन हर कोई हैरान रह गया। वैभव ने कहा, “अभी कोई नहीं है।” इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि आईपीएल में भी कोई नहीं? तो उन्होंने जवाब दिया, “आईपीएल में? अभी तक ऐसा कोई गेंदबाज सामने नहीं आया है।” वैभव सूर्यवंशी से जब आईपीएल 2026 सीजन का सबसे पसंदीदा मैच पूछा गया तो उन्होंने 10 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए मुकाबले का नाम लिया।

वैभव ने कहा, “RCB के खिलाफ। पिछले साल हम दोनों मैच हारे थे और उन मुकाबलों में काफी कुछ हुआ था।”

जडेजा ने दिया ये जवाब

राजस्थान रॉयल्स के साथ बातचीत के दौरान भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से भी पूछा गया कि वह किस गेंदबाज के खिलाफ बल्लेबाजी करने से बचना चाहेंगे। इस सवाल के जवाब में जडेजा ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का नाम लिया। जडेजा आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स छोड़कर राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए थे। जडेजा ने कहा, “जोफ्रा। अच्छा है ये हमारी टीम में है।”

आईपीएल में डेब्यू के बाद से छाए वैभव

आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। कम उम्र में ही उन्होंने जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, जोफ्रा आर्चर, जोश हेजलवुड और कगिसो रबाडा जैसे दुनिया के दिग्गज तेज गेंदबाजों का आत्मविश्वास के साथ सामना किया और उनके खिलाफ बड़े शॉट भी लगाए। इसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे उभरते युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू के बाद वह अब तक वैभव छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी बनाने वाले खिलाड़ी बने हैं।

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Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार कमबैक…टूटा सचिन का रिकॉर्ड, यहां जानें हर गेंद का हाल

भारत ने पहले टी-20 में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। हरारे में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। जवाब में भारत ने 13.2वें ओवर में 3 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। भारत के इस जीत के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 15 साल 118 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की पहली जीत भी रही।

वैभव ने इंटरनेशल क्रिकेट में बनाया ये रिकॉर्ड

भारत के धाकड़ बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का नया रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले कुशल मल्ला ने 15 साल 340 दिन की उम्र में 8 फरवरी 2020 को अमेरिका के खिलाफ वनडे मैच में 50 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की थी।

ज़िम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में वैभव ने भारत की ओर से पारी की शुरुआत की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वैभव ने अपनी विस्फोटक पारी में 4 चौके और 4 छक्के लगाए। साथ ही उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 21 गेंदों में 45 रन की तेज साझेदारी भी की।

263 के स्ट्राइक रेट से बनाए रन

जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वैभव ने पहले ही ओवर से आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ अंदाज में अर्धशतक जड़ने का काम किया। वैभव सूर्यवंशी ने 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 18 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली। उनकी इस धुआंधार पारी का स्ट्राइक रेट 263.16 का रहा।

सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी टूटा

इस उपलब्धि के साथ वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने 16 साल 213 दिन की उम्र में नवंबर 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में 59 रन बनाए थे। टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब वैभव पहले स्थान पर हैं। उनके बाद जिब्राल्टर के लुइस ब्रूस का नाम आता है, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में 20 अगस्त 2021 को माल्टा के खिलाफ 60 रन की पारी खेली थी।

Vaibhav Sooryavanshi: ड्रॉप होने के बाद पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, बोले- खुद पर पूरा भरोसा है

भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के बाद जिम्बाब्वे सीरीज में भी मौका मिला है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला था। तीन मैचों में खेलने के बाद वैभव को एक मैच में ड्रॉप कर दिया गया था। वहीं हाल ही में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में ड्रॉप किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अभी पूरी तरह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं। शुरुआती चुनौतियों और टीम में अपनी जगह को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने अपना फोकस बनाए रखा है और अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

हर मैच में देना है 100 प्रतिशत

15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले चार महीने उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन एक्सपीरिएंस ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने माना कि भारतीय टीम में शुरुआत आसान नहीं रही, फिर भी उनका आत्मविश्वास पहले जैसा कायम है। सूर्यवंशी ने BCCI से कहा, “हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। मुझे सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना है और हर मैच में टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।”

वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड

आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। आयरलैंड के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी के साथ 15 वर्षीय वैभव भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

वैभव ने खेल पाए बड़ी पारी

वैभव को लगातार चार टी20 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद संजू की वापसी पर उन्हें अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया। सूर्यवंशी ने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जिस तरह की मदद और मार्गदर्शन की जरूरत होती है, कोच हमेशा उसे उपलब्ध कराते हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस चाहिए, वह भी मुझे मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरा आत्मविश्वास भी बरकरार है।” अब जिम्बाब्वे दौरे के साथ वह एक बार फिर उस मैदान पर लौट रहे हैं, जो उनके युवा क्रिकेट करियर में खास महत्व रखता है।

इसी मैदान पर खेली थी बड़ी पारी

उन्होंने कहा, “यह मैदान मेरे लिए बहुत खास है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और खिताब जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बेहद यादगार पल है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर उसी मैदान पर खेलने जा रहा हूं, जहां हमने चार महीने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। इस मैदान पर दोबारा उतरना एक अलग ही एहसास है और मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने कहा, “यहां की पिच और हालात के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान मैं यहां खेल चुका हूं। उस टूर्नामेंट से जो अनुभव मिला, उसे अब आने वाले मैचों में इस्तेमाल करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा।”

प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल पर पूरा भरोसा रखूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने की कोशिश करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों मेरे लिए अच्छे रहे। अब कोशिश होगी कि उसी प्रदर्शन को आगे भी जारी रखूं।” महज चार महीने पहले वैभव सूर्यवंशी ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया।

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Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू में टीम इंडिया ने कर दी जल्दबाजी? इंग्लैंड के सीरीज हारने के बाद फूटा इस पूर्व खिलाड़ी का गुस्सा

इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खत्म हो गई है। इस सीरीज को इंग्लैंड ने 4-0 से अपने नाम किया है। वहीं इस सीरीज के दूसरे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इस सीरीज में वैभव कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। शुरुआती तीन मैचों में उन्होंने 14, 13 और 15 रन की ही पारी खेल सके। वहीं वैभव के डेब्यू पर पूर्व भारतीय वसीम जाफर ने अपनी राय रखी है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर के मुताबिक कि, युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में थोड़ा और समय देकर मौका दिया जाना चाहिए था।

उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट ने उनकी लोकप्रियता और पब्लिक हाइप को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लिया, जबकि पहले से टीम का बल्लेबाजी क्रम तय था। जाफर का कहना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी को इंटरनेशनल स्तर पर उतारने से पहले उसे घरेलू और दूसरे स्तर पर पर्याप्त अनुभव हासिल करने का मौका मिलना चाहिए।

जल्द ही करवा दिया डेब्यू

वसीम जाफर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने में थोड़ी जल्दबाजी की। उनके आसपास काफी चर्चा और उत्साह था, इसलिए लोग उन्हें जल्द खेलते हुए देखना चाहते थे। लेकिन मेरा मानना है कि भारत को संजू सैमसन के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “वैभव अभी बहुत युवा हैं। अगर वह कुछ समय तक भारतीय टीम के साथ रहते, माहौल को समझते और सही मौके का इंतजार करते, तो उन्हें ज्यादा फायदा होता। इतनी जल्दी उन्हें अंतिम एकादश में जगह देना सही फैसला नहीं था।”

हाइप की वजह से किया गया शामिल

वसीम जाफर ने भारत के टॉप ऑर्डर में लगातार किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को खिलाने की बढ़ती मांग और उनके आसपास बने माहौल से प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा, “ऐसा लगा कि हम मीडिया में बनी चर्चा के साथ बह गए। जब भी वैभव प्लेइंग इलेवन में नहीं होते थे, तो इसे लेकर काफी बातें होती थीं। अगर टीम को लगता था कि संजू सैमसन फॉर्म में नहीं हैं, तो वह अलग बात है। लेकिन आखिर में ऐसा महसूस हुआ कि वैभव को टीम में शामिल करने का फैसला कुछ ज्यादा जल्दी कर लिया गया।”

संजू को लेकर कही ये बात

वसीम जाफर ने संजू सैमसन के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पांचवें टी20 मैच के लिए उन्हें दोबारा टीम में शामिल किया गया, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। उन्होंने कहा, “संजू सैमसन भारत के लिए सिर्फ टी20 फॉर्मेट खेलते हैं, इसलिए उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए। मुझे लगता है कि वह अगले टी20 वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा होंगे, लेकिन जिस तरह उनके साथ फैसले लिए गए, वह काफी हैरान करने वाला था।”

गौतम गंभीर की कोचिंग टीम से खुश नहीं हैं BCCI? जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं। पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराया और उसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों की वजह से टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 जुलाई से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर होगी। वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं इसी बीच गौतम गंभीर की कोचिंग स्टॉफ को लेकर बड़ी खबर आई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के बाद अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर अपने पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दोनों कोचों से राष्ट्रीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत कर रहा है।

क्या जारी रखेंगे अपना कार्यकाल

रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेयान टेन डोएशेट अभी इस जिम्मेदारी को आगे जारी रखने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने पूरे साल टीम के साथ लगातार यात्रा करने में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी फिलहाल अपने ऑप्शनों पर विचार कर रहे हैं। बोर्ड दोनों कोचों से बातचीत कर रहा है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस मामले का कोई समाधान निकाला जा सकता है।” रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान टेन डोएशेट कथित तौर पर पहले से ही एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अगर रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता, तो बीसीसीआई को हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फास्ट बॉलिंग कोच बनाए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भेजना पड़ सकता है।”

कब से जुड़े हैं टीम इंडिया के साथ

डोएशेट और मोर्कल दोनों साल 2024 में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने खुद उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में भारतीय टीम की खराब फील्डिंग को देखते हुए फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भविष्य भी अनिश्चित माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “बोर्ड टीम के गिरते फील्डिंग स्तर से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल नायर के हटने के बाद टी. दिलीप को राहत मिली थी, लेकिन अब उनकी स्थिति फिर से सवालों के घेरे में है।”

IND vs ENG: प्लेइंग 11 से बाहर होने के बाद अकेले मायूस बैठे दिखे वैभव, वायरल हुई युवा बल्लेबाज की तस्वीर

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ लगातार हार के बाद भारतीय टीम ने पांचवें टी20 मुकाबले के लिए अपनी ओपनिंग जोड़ी में बदलाव किया। पांचवें मुकाबले में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। वहीं टीम ने अनुभवी बल्लेबाज संजू सैमसन की वापसी हुई है। सीरीज पहले ही गंवा चुकी भारतीय टीम अब साउथैम्प्टन में खेले जा रहे इस मुकाबले को जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश कर रही है। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे 5वें मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। वहीं पहले बल्लेबाजी करने आई इंग्लैंड ने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। इंग्लैंड ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 257 रन बनाई है। इंग्लैंड ने भारत को 258 रन का टारगेट दिया है।

वहीं अब भारत को उम्मीद है कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाएगी। इसी बीच प्लेइंग 11 से बाहर हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी वायरल हो रहे हैं।

अकेले बैठे दिखे वैभव

पांचवें टी20 मैच के लिए भारतीय टीम में दो बदलाव किए गए। वैभव सूर्यवंशी और वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। टीम की घोषणा के बाद कैमरे में वैभव अकेले बैठे नजर आए। उनके चेहरे और हाव-भाव से साफ लग रहा था कि टीम से बाहर होने के कारण वह काफी निराश थे। टीम से वैभव सूर्यवंशी को बाहर किए जाने के फैसले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली रिएक्शन देखने को मिलीं है। कई प्रशंसकों ने इस फैसले पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इसे सही बताया।

 

पहले तीन मैचों में नहीं चला बल्ला

वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में भारत के लिए टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का सचिन तेंदुलकर रिकॉर्ड तोड़ा है। वैभव ने 15 साल की उम्र में टी20 में डेब्यू किया है। वहीं अपने शुरुआती तीन मुकाबलों में वह बल्लेबाजी से खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर को खासकर तेज गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों के सामने मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वह लगातार तीन पारियों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 15, 13 और 14 रन बनाए। शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और कुल 42 रन ही बना पाए।

 

भारत की प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, इशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेज, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टंग

IND vs ENG: लगातार तीन मैच में फ्लॉप होने के बाद ड्रॉप हुए वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन की हुई वापसी

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का 5वां और आखिरी मुकाबला आज साउथेम्प्टन में खेला जा रहा। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बॉलिग करने का फैसला किया है। वहीं इस मुकाबले में भारत ने अपने प्लेइंग 11 में बड़ा बदलाव किया है। इग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को इस मुकाबले में प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया गया है। वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन की प्लेइंग 11 में वापसी हुई है।

इंग्लैंड ने 5 मैचों की सीरीज में तीन मैच जीतकर पहले ही सीरीज पर कब्जा कर लिया है। वहीं भारतीय टीम के लिए अब साख बचने और क्लीन स्वीप से बचने के इरादे के साथ मैदान में उतरेगी।

वैभव सूर्यवंशी की पारी

वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में भारत के लिए टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड बनाया था। वहीं अपने शुरुआती तीन मुकाबलों में वह बल्लेबाजी से खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर को खासकर तेज गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों के सामने मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वह लगातार तीन पारियों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 15, 13 और 14 रन बनाए।

संजू के वापस आने से टीम को मिलेगी मजबूती

भारतीय टीम को उम्मीद है कि संजू सैमसन की वापसी से बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी और टीम बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी। वहीं, वैभव सूर्यवंशी के लिए शुरुआती तीन अंतरराष्ट्रीय मैच सीखने का अच्छा मौका रहे। कम उम्र में मिली यह शुरुआत उनके अनुभव को बढ़ाने में मदद करेगी और आने वाले मुकाबलों में वह पहले से ज्यादा तैयार होकर वापसी कर सकते हैं।

भारत की प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, इशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेज, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टंग

IND vs ZIM: लगातार तीन हार के बाद टीम इंडिया में बड़ा बदलाव! सैमसन और अर्शदीप बाहर, इन नए चेहरों की हुई एंट्री

जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के बीसीसीआई ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत 23 जुलाई से होगी। इस बार टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 टीम में संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह नहीं दी गई। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में मौका मिला है। भारतीय टीम अभी इंग्लैंड दौरे पर हैं।

वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में संजू को ड्रॉप किया गया था। संजू की जगह सैमसन को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया था। लगातार तीन मैचों से फ्लॉप होने के बाद संजू को प्लेइंग-11 से बाहर बैठना पड़ा। वहीं अब जिम्बाब्वे के खिलाफ भी टीम में शामिल नहीं हैं। वहीं हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड दौर पर भारतीय टीम लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

इन खिलाड़ियों को मिला मौका

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया था। वहीं, विदर्भ के ही तेज गेंदबाज यश ठाकुर को भी पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका में हुई ट्राई सीरीज में इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को भी पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है।

रिंकू सिंह की हुई वापसी

पंजाब किंग्स के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। वह इससे पहले 2022 एशियन गेम्स के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन तब उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। भारतीय टीम में रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की भी वापसी हुई है। केकेआर के बल्लेबाज रिंकू को एक बार फिर मौका मिला है, जबकि मयंक यादव लंबे समय बाद टीम में लौटे हैं। मयंक ने आखिरी बार 2024 में भारत के लिए मैच खेला था और इसके बाद वह चोट के कारण टीम से बाहर रहे। अब चयनकर्ताओं ने उन पर फिर से भरोसा जताते हुए जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल किया है।

इन खिलाड़ियों को नहीं मिला जगह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से जारी टीम में यह साफ नहीं किया गया कि संजू सैमसन को टीम से बाहर किया गया है या उन्हें आराम दिया गया है। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर मौजूद छह अन्य खिलाड़ियों अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और रवि बिश्नोई को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली। भारतीय टीम प्रबंधन अक्सर जिम्बाब्वे दौरे का इस्तेमाल युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए करता रहा है। इस बार भी कई नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है।

जिम्बाब्वे के लिए भारत की पूरी टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेट कीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर)

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भारतीय टीम इस समय 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर है। पहला मुकाबला बारिश में रद्द होने के बाद दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड 5 मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की आगे है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वहीं फैंस पिछले काफी समय से वैभव के डेब्यू की मांग कर रहे थे। वहीं वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और संजू सैमसन को बाहर करने पर भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपना रिएक्शन दिया है।

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन को मौका नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, टीम चयन केवल प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए और यह नहीं लगना चाहिए कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का असर फैसलों पर पड़ रहा है।

वैभव ने किया डेब्यू

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मैचों में कम रन बनाने के बाद संजू सैमसन को मैनचेस्टर टी20 की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिला, जिसका क्रिकेट प्रशंसकों को लंबे समय से इंतजार था। वहीं वैभव अपने डेब्यू मुकाबले में सिर्फ 14 रन ही बना सके और भारत को इस मैच में इंग्लैंड के हाथों चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। अब सीरीज का तीसरा मुकाबला 7 जुलाई, मंगलवार को खेला जाएगा। भारत सीरीज में वापसी करने की कोशिश करेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी बढ़त और मजबूत करना चाहेगा।

संजू के निकाले जाने के फैसले से हुए हैरान

अपने YouTube चैनल ऐश की बात पर बात करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर किया जाना उन्हें समझ नहीं आया। उन्होंने याद दिलाया कि इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए सैमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। अश्विन ने कहा, “अभी मैं काफी परेशान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर क्यों कर दिया गया। अब संजू क्या सोच रहे होंगे? जब वह नेट्स में अभ्यास करने जाएंगे तो उनके मन में कितनी प्रेरणा होगी?” उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि भारत को संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी कराने के ऑप्शन पर विचार करना चाहिए।

संजू को तीसरे नंबर पर बैटिंग करना चाहिए

अश्विन ने कहा, “अभी टीम के टॉप ऑर्डर में पहले से ही तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं—अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन। ऐसे में मुझे लगता है कि अब संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए जरूर विचार किया जाएगा। मैं पूरे भरोसे के साथ यह कह रहा हूं। कोचिंग स्टाफ और गौतम गंभीर समेत सभी जानते हैं कि संजू के साथ जो हुआ, वह सही नहीं था। अब उन्हें इस स्थिति को किसी न किसी तरह संभालना होगा।” उन्होंने आगे कहा, ‘कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद अब संजू भी बाहर हो गए, ऐसे में सभी खिलाड़ियों को लग सकता है कि अगला नंबर उनका होने वाला है। ये टीम के लिए अच्छा नहीं है।’

रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि टीम चुनते समय कई बार मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, उन्हें थोड़ा ज्यादा भरोसा और मौके मिलने चाहिए।