दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का कहर! सड़कें बनीं नदियां, जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल, देखें वीडियो

Delhi Rain: गुरुवार सुबह दिल्ली और पूरे एनसीआर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण कई इलाकों की सड़कें डूब गईं, लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और रोजाना आने-जाने वालों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामने आए एक वीडियो में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न दिखाई दीं। पानी से लबालब सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई।

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी में दिन के ज्यादातर समय में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अधिकारी बारिश से जुड़ी दिक्कतों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, कई जगहों से सामने आए वीडियो

रातभर हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों से जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में लगातार बारिश का असर साफ देखा जा सकता है।

दिल्ली के बुराड़ी, सदर बाजार, संगम विहार और मेहरौली-बदरपुर रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कई घंटे तक हुई बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई।

पानी से भरी सड़कों पर गाड़ियाँ सावधानी से चलती दिखीं, जबकि कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई।

एक वीडियो में अक्षरधाम मंदिर के पास NH-24 पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखीं, जहां सुबह के व्यस्त समय में भारी बारिश के कारण ट्रैफिक धीमा हो गया था।

पड़ोसी शहर नोएडा में भी भारी जलभराव देखा गया। सेक्टर-75 से सामने आए वीडियो में तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी हुई दिखाई दीं।

गाजियाबाद में भी भारी बारिश का असर साफ देखने को मिला। इंदिरापुरम और अभय खंड इलाके से सामने आए वीडियो में रिहायशी सड़कों पर बारिश का पानी भर गया।

शास्त्रीनगर और कौशांबी से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं, जहां सड़कों पर पानी जमा होने के कारण आने-जाने वालों को देरी हुई और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

बुलंदशहर में भी भारी बारिश का असर दिखा। सामने आए वीडियो में रात भर हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हुआ नजर आया।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भी ट्रैफिक जाम की खबर मिली, जहां बारिश और जलभराव के कारण ऑफिस जाने के व्यस्त समय में गाड़ियों की आवाजाही धीमी हो गई।

उमस से राहत, लेकिन आने-जाने वालों को परेशानी

लगातार हो रही बारिश से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली है। हालांकि, तेज बारिश ने आम जिंदगी पर भी असर डाला है। दिल्ली-NCR के कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है। IMD ने बताया कि बारिश तेज होने से पहले, रात 2.30 बजे तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवाएं शांत थीं।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिल्ली के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

जलभराव से निपटने के लिए सभी सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का जायजा लिया और सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, “दिल्ली सरकार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेशों के बाद सभी सरकारी एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं।”

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आगे कहा गया कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और राजधानी में ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और नगर निगम (MCD) की टीमों को तैनात किया गया है।

वहीं, मानसून से पहले नरेला और द्वारका समेत कई बड़े स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की समय रहते सफाई (डी-सिल्टिंग) किए जाने का भी फायदा देखने को मिला। इसकी वजह से कई प्रमुख स्थानों पर बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ और NHPC चौक जैसे अंडरपास भारी बारिश के बावजूद ज्यादातर समय चालू रहे।

रात भर हुई बारिश से उखड़े पेड़

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में राजा धीर सिंह मार्ग पर दो पेड़ उखड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ।

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास गिरा, जबकि दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर गिरा। दोनों ही घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

इस बीच, IMD ने दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है, इसलिए अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि दिल्ली और NCR के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।

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Delhi Weather Today: दिल्लीवासियों को आज भी नहीं मिलेगी बारिश से राहत, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका

Delhi Weather Today: बुधवार (8 जुलाई) को देश के कई हिस्सों में हुई भारी मानसूनी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज बारिश की वजह से कई जगह अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए और सड़क व रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली में भी ऐसे ही हालात देखने को मिले। यहां पर लगातार हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को लंबा ट्रैफिक जाम झेलना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में बारिश के कारण मुश्किलें बनी रह सकती हैं। आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और शहर के कई हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना है।

यह पूर्वानुमान बुधवार को दिल्ली-NCR में हुई मूसलाधार बारिश से मची तबाही के एक दिन बाद आया है। गुरुग्राम में सिर्फ 33 घंटों में 115 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर भर में जगह-जगह पानी भर गया और भारी ट्रैफिक जाम लग गया। वहीं, दिल्ली के रोहिणी इलाके में बारिश के दौरान एक इमारत ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बचाव दलों ने मलबे में फंसे कई लोगों को बाहर निकाला।

इसके अलावा, भारी बारिश की वजह से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर भी ट्रैफिक जाम लग गया, जिसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने कॉर्पोरेट ऑफिसों से अपील की कि वे ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए अगले कुछ दिनों तक कर्मचारियों के लिए ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ की व्यवस्था लागू करें।

दिल्ली में दिन भर हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना

रात भर हुई बारिश और सुबह-सुबह हुई बौछारों से ही आज लगातार बारिश का संकेत मिल गया था। IMD ने अपनी चेतावनी में कहा है कि दिन भर हल्की बारिश होने की संभावना है और इसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। जबकि कुछ जगहों पर मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी संभावना है, खासकर सुबह, दोपहर और शाम के समय।

वहीं, IMD ने यह भी बताया कि आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व और पूर्व दिशा से 10 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद हैं। हालांकि, पूरे शहर में लगातार भारी बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन कई इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी देखने को मिल सकती है।

IMD ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश की वजह से ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है, निचले इलाकों में पानी भर सकता है और गाड़ियों के एक्सीडेंट का खतरा बढ़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक की स्थिति देख लें और जहां तक हो सके, पानी भरे रास्तों से बचें।

बता दें कि यह चेतावनी बुधवार को सदर बाजार, नसीरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर और कुशक रोड समेत कई इलाकों में पानी भरने के बाद जारी की गई है। कुछ जगहों पर पैदल चलने वालों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरते देखा गया।

भारी बारिश के कारण दिल्ली की सिविक बॉडीज को भी पानी भरने, पेड़ गिरने और बिजली गुल होने की कम से कम 10 शिकायतें मिलीं। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और NH-48 पर, खासकर धौला कुआं, महिपालपुर और राजोकरी के पास, कम विजिबिलिटी और पानी भरने की वजह से आने-जाने वालों को देरी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, पानी से भरी सड़कों पर वाहन चलाने से बचें और आंधी-तूफान के दौरान टूटे हुए बिजली के खंभों, तारों या गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहें। अगर आपको कहीं जाना है, तो सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा पहले निकलें, क्योंकि बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम लगने की संभावना बनी हुई है।

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IMD Flash Flood Alert: सावधान! अगले 24 घंटों में इन 3 राज्यों में आ सकती है अचानक बाढ़, फ्लैश फ्लड और भारी बारिश की चेतावनी

IMD Flash Flood Alert: देश भर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने लगातार हो रही भारी मॉनसूनी बारिश के मद्देनजर देश के तीन राज्यों महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों के लिए अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों के कई जिलों में मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है जहां बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कुछ इलाकों में 200 मिमी तक बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका काफी बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश से मिट्टी पहले ही पूरी तरह गीली हो चुकी है और नदियां उफान पर हैं। इससे इन क्षेत्रों में तेजी से बाढ़ आने की संवेदनशीलता बढ़ गई है।

पश्चिमी भारत में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

IMD के मुताबिक सबसे ज्यादा फ्लैश फ्लड का खतरा नीचे दिए गए इलाकों को है-

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गुजरात

भारी बारिश से नदियां उफान पर

मौसम एजेंसी का कहना है कि बहुत कम समय में होने वाली बेहद तेज बारिश की वजह से नदियां, नाले और जल निकासी चैनल उफान पर आ सकते हैं। खासकर निचले इलाकों में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान बाढ़ वाली सड़कों या नदियों के किनारों से यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी है।

क्या होती है अचानक आने वाली बाढ़?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड सामान्य नदी की बाढ़ से बिल्कुल अलग होती है। मौसमी नदी की बाढ़ आमतौर पर बारिश होने के 100 से 150 घंटे बाद आती है लेकिन फ्लैश फ्लड भारी बारिश के कुछ ही मिनटों या घंटों के भीतर आ सकता है। यह स्थिति तब बनती है जब जमीन पानी को सोखने की स्थिति में नहीं रहती या फिर नदियां, नाले और ड्रेनेज चैनल पूरी तरह से भर जाते हैं। तेज हवाओं की वजह से फ्लैश फ्लड अपने साथ मिट्टी, चट्टानें और मलबे को भी बहा ले आती है। अपनी बेहद तेज स्पीड और ताकत की वजह से इसे बारिश के मौसम से जुड़ी सबसे खतरनाक आपदाओं में से एक माना जाता है। ये तुरंत जानलेवा साबित हो सकती है।

IMD कैसे लगाता है फ्लैश फ्लड के खतरे का अनुमान?

मौसम विभाग द्वारा फ्लैश फ्लड की चेतावनियां जारी करने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। वैज्ञानिक इसके लिए बारिश के पूर्वानुमान, सैटेलाइट ऑब्जर्वेशन, डॉपलर वेदर रडार डेटा और हाइड्रोलॉजिकल मॉडल्स का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिक मिट्टी की नमी, नदियों के जलस्तर और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का भी बारीकी से एनालिसिस करते हैं ताकि यह सटीक अनुमान लगाया जा सके कि तेज बारिश के बाद कहां पानी तेजी से बढ़ सकता है।

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9 जुलाई तक जारी रहेगा मौसम का यह उग्र रूप

पश्चिमी भारत में वर्तमान दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों में 9 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का यह दौर जारी रहेगा। इसके बाद परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर से मिल रही प्रचुर नमी और अनुकूल मानसूनी चक्र की वजह से मौसम का यह चरम रूप देखने को मिल रहा है।

बारिश से गिरा आंगन का पेड़ और 85 साल के बुजुर्ग एनजी केसरी को बना गया 28 लाख रुपये का मालिक! कैसे लगाएं चंदन का ये बेशकीमती पेड़?

अक्सर आपने सुना होगा कि एक ही रातों-रात किसी की किस्मत बदल गई, बेंगलुरु में ये कहावत सच होती नजर आई है। बेंगलुरु के रहने 85 वर्षीय एन. जी. केसरी की किस्मत रातों-रात बारिश ने बदल दी। बेंगलुरु में जब भी मॉनसून की तेज बारिश होती है, तो ज्यादातर लोग जलभराव, ट्रैफिक जाम और नुकसान की चिंता करने लगते हैं। एन. जी. केसरी के लिए एक तेज तूफान उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशकिस्मती बन गया।

एक बीज ने बदली किस्मत

यह कहानी करीब 40 साल पहले की है। एक दिन तेज हवा और बारिश के बाद एक अनजान बीज उनके घर के आंगन में आकर गिर गया। कुछ समय बाद वहां एक छोटा पौधा उग आया। केसरी ने उसे अपने बगीचे के बाकी पौधों की तरह ही संभाला और उसकी देखभाल की। बाद में उन्हें पता चला कि यह कोई साधारण पौधा नहीं, बल्कि कर्नाटक का बहुमूल्य चंदन का पेड़ है। समय के साथ पेड़ बड़ा और मजबूत होता गया और उसकी मनमोहक खुशबू पूरे इलाके में फैलने लगी।

मल्लेश्वरम के 17वें क्रॉस स्थित उनके घर के आंगन में लगा चंदन का पेड़ करीब 40 साल तक खामोशी से बढ़ता रहा। जब यह पूरी तरह तैयार हुआ, तो इसी एक पेड़ ने उन्हें करीब 28 लाख रुपये की कमाई कराई। यह दिखाता है कि धैर्य और सही देखभाल का फल कितना बड़ा हो सकता है। हालांकि, चंदन के पेड़ की खुशबू और उसकी कीमत ने सिर्फ लोगों का ही नहीं, बल्कि लकड़ी चोरों का भी ध्यान खींचा। बीते कई वर्षों में चोरों ने इस कीमती पेड़ को काटने की कई बार कोशिश की। पेड़ की सुरक्षा के लिए केसरी ने उसके चारों ओर मजबूत लोहे का जाल लगवा दिया और हमेशा उस पर नजर बनाए रखी।

बारिश से गिरा पेड़

इस साल जून के दूसरे सप्ताह में हुई तेज बारिश और आंधी ने चंदन के पेड़ को नुकसान पहुंचा दिया। तेज हवा के कारण पास का एक बड़ा पेड़ उखड़कर सीधे चंदन के पेड़ और उसके चारों ओर लगे लोहे के सुरक्षा जाल पर गिर गया। इससे चंदन का पेड़ भी गिर गया। शुरुआत में यह एक बड़ा नुकसान लगा, लेकिन बाद में यही घटना उनके लिए बड़ी खुशकिस्मती साबित हुई। केसरी ने कोई गलत रास्ता अपनाने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ का निरीक्षण किया और उसे मैसूरु स्थित सरकारी चंदन डिपो ले जाने की अनुमति दे दी। जांच के बाद पता चला कि चंदन के पेड़ का वजन करीब एक मीट्रिक टन था।

बुजुर्ग के मिले 28 लाख

आखिरकार इस चंदन के पेड़ को कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) ने खरीद लिया। इससे एन. जी. केसरी को करीब 28 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। कई वर्षों तक चंदन के पेड़ की सुरक्षा और देखभाल करने के लिए सरकारी कंपनी ने उन्हें ‘चंदन शिरोमणि’ सम्मान से भी नवाजा। यह अनोखी घटना एक बार फिर बताती है कि कर्नाटक में चंदन की खेती कितनी फायदेमंद हो सकती है। चंदन के पेड़ की गुणवत्ता और उसमें मौजूद तेल की मात्रा के आधार पर उसकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। एक छोटे से पौधे से शुरू हुई यह कहानी आज धैर्य, मेहनत और अच्छी किस्मत की मिसाल बन गई है।

कैसे लगाएं चंदन का बेशकीमती पेड़?

चंदन का पेड़ दुनिया के सबसे कीमती पेड़ों में गिना जाता है। इसकी लकड़ी और तेल का उपयोग इत्र, दवाइयों, पूजा-पाठ और सौंदर्य प्रसाधनों में होता है। अगर आप चंदन का पौधा लगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाला पौधा किसी प्रमाणित नर्सरी से खरीदें। चंदन का पौधा अच्छी जल निकासी वाली दोमट या हल्की लाल मिट्टी में बेहतर बढ़ता है। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां भरपूर धूप आती हो। पौधा लगाने के लिए लगभग 2 से 3 फीट गहरा गड्ढा तैयार करें और उसमें गोबर की सड़ी हुई खाद मिलाकर पौधा लगाएं।

चंदन एक अर्ध-परजीवी (Semi-Parasitic) पौधा है। इसका मतलब है कि इसकी अच्छी वृद्धि के लिए पास में कोई सहायक पौधा, जैसे अरहर, करंज, नीम, बबूल या अन्य उपयुक्त पेड़ होना जरूरी है। चंदन अपनी जड़ों के माध्यम से इन पौधों से कुछ पोषक तत्व प्राप्त करता है। शुरुआती दिनों में नियमित सिंचाई करें, लेकिन पानी का जमाव बिल्कुल न होने दें। समय-समय पर खरपतवार हटाएं और जैविक खाद का इस्तेमाल करें। उचित देखभाल के साथ चंदन का पेड़ धीरे-धीरे मजबूत होता है और कई वर्षों बाद अच्छी गुणवत्ता की लकड़ी देता है। अगर लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं, तो चंदन की खेती एक अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि, इसे लगाने से पहले अपने राज्य के नियमों और चंदन के पेड़ों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी जरूर लें।

तूफान में गिरा आंगन का पेड़, 85 साल के बुजुर्ग को बना गया लाखों का मालिक

तेज बारिश और आंधी के बाद पेड़ों का गिरना आमतौर पर नुकसान की खबर लेकर आता है, लेकिन बेंगलुरु के 85 वर्षीय एनजी केसरी की कहानी बिल्कुल अलग है। उनके घर के आंगन में करीब 40 साल से खड़ा एक चंदन का पेड़ तूफान में गिर गया, जो पहली नजर में एक बड़ी क्षति लग रही थी। लेकिन यही पेड़ बाद में उनके लिए किस्मत बदलने वाला साबित हुआ। वर्षों तक प्यार और जिम्मेदारी से इस पेड़ की देखभाल करने वाले केसरी को इसके बदले करीब 28 लाख रुपये मिले।

इतना ही नहीं, पेड़ के संरक्षण और नियमों का पालन करने के लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मान भी मिला। यह कहानी बताती है कि प्रकृति की देखभाल और धैर्य का फल कई बार बेहद खास तरीके से मिलता है।

अपने आप उगा था चंदन का पौधा, प्यार से बनाया पेड़

करीब चार दशक पहले केसरी के घर के आंगन में चंदन का एक छोटा-सा पौधा अपने आप उग आया था। उन्होंने उसे हटाने के बजाय उसकी देखभाल करने का फैसला किया।

धीरे-धीरे वह छोटा पौधा एक विशाल चंदन के पेड़ में बदल गया। पेड़ की खुशबू आसपास के लोगों का ध्यान खींचने लगी और उसकी कीमत बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ गया।

चोरों से बचाने के लिए लगाया लोहे का सुरक्षा घेरा

चंदन की लकड़ी की कीमत और मांग को देखते हुए पेड़ पर तस्करों और लकड़ी चोरों की नजर पड़ने लगी। केसरी ने पेड़ की सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर मजबूत लोहे का घेरा लगवा दिया।

उन्होंने कई वर्षों तक अपनी मेहनत और सतर्कता से इस अनमोल पेड़ को सुरक्षित रखा।

तूफान ने गिराया पेड़, लेकिन केसरी ने नहीं तोड़ा नियम

जून में भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान पास का एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आकर चंदन का पेड़ भी जमीन पर आ गया।

इतना कीमती पेड़ मिलने के बाद भी केसरी ने खुद उसे बेचने या काटने की कोशिश नहीं की। उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी और सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया।

एक टन वजन वाली चंदन की लकड़ी बनी बड़ी कमाई

वन विभाग की जांच के बाद पता चला कि गिरे हुए चंदन के पेड़ का वजन करीब एक टन था। इसके बाद लकड़ी को सरकारी चंदन डिपो, मैसूर भेजा गया। बाद में इसे कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (KSDL) ने खरीदा, जो चंदन आधारित उत्पादों के लिए जानी जाती है।

इस बिक्री से केसरी को करीब 28 लाख रुपये की राशि मिली।

पैसों के साथ मिला बड़ा सम्मान

केसरी के लिए यह सिर्फ आर्थिक लाभ नहीं था। चंदन के पेड़ को इतने लंबे समय तक सुरक्षित रखने और संरक्षण के प्रति उनकी जिम्मेदारी को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने उन्हें ‘चंदन शिरोमणि’ पुरस्कार से सम्मानित किया।

धैर्य और संरक्षण की मिसाल बनी कहानी

एनजी केसरी की कहानी बताती है कि प्रकृति की देखभाल और धैर्य का फल कभी-कभी अप्रत्याशित रूप से मिलता है। जिस पेड़ के गिरने को शुरुआत में नुकसान माना जा रहा था, वही पेड़ वर्षों की मेहनत के बाद उनके लिए सम्मान और बड़ी उपलब्धि लेकर आया।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, देखें वेदर फोरकास्ट

Delhi Weather Today: पिछले दो सालों में जुलाई के सबसे गर्म दिनों में से एक का सामना करने के बाद, दिल्ली को मंगलवार (7 जुलाई) को काफी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान लगाया है। इसके लिए मौसम विभाग ने “येलो अलर्ट” जारी किया है, साथ ही कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की संभावना भी जताई है।

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। हालांकि, पिछले दिन की तुलना में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन उमस ज्यादा बने रहने की संभावना है, जिससे बारिश होने तक मौसम असहज रहेगा।

दो साल में जुलाई का सबसे गर्म दिन दर्ज

सोमवार का दिन दिल्ली में पिछले दो सालों में सबसे गर्म जुलाई का दिन रहा। हवा में ज्यादा नमी (उमस) होने की वजह से लोगों को महसूस होने वाला तापमान (फील्स लाइक) करीब 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। जिस वजह से शहर भर के लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।

दिल्ली में कब तक बारिश होगी?

IMD ने अनुमान लगाया है कि उत्तर भारत में मानसून के मजबूत होने के साथ ही अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। सात दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

बता दें कि उत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं, इसलिए आने वाले दिनों में दिल्ली में बार-बार बारिश होने की उम्मीद है। इससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन शहर में जगह-जगह पानी भरने और ट्रैफिक में रुकावट का खतरा भी बढ़ जाएगा।

IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे तूफान के दौरान, खासकर सफर करते समय सतर्क रहें। तेज बारिश के दौरान पानी भरने, कम विजिबिलिटी, ट्रैफिक जाम और कुछ समय के लिए रुकावटें आ सकती हैं। लोगों को यह भी सलाह गई है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और घर से बाहर निकलने से पहले मौसम की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें।

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ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा मानसून का रौद्र रूप! इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

ISRO Satellite Images: देश के कई हिस्सों में अभी लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस साल मनसून के देरी से आने की वजह से लोगों को गर्मी से अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। वहीं भीषण गर्मी से परेशान और फसलों के लिए बारिश की राह देख रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय अपने सबसे मजबूत दौर में है। नई तस्वीरों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर घने बादलों का बड़ा क्षेत्र दिखाई दे रहा है। इन बादलों की वजह से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई जगह तेज बारिश हो रही है।

सामने आई ISRO की ये तस्वीरें 

इसरो के INSAT-3DR उपग्रह से मिली तस्वीरों के अनुसार, बादलों का एक बड़ा समूह पूर्वी-मध्य अरब सागर से लेकर कोंकण तट तक फैला हुआ है। वहीं, दूसरा बड़ा बादल तंत्र उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है, जिसका असर पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी देखा जा रहा है। सैटेलाइट की थर्मल इन्फ्रारेड तस्वीरों में दोनों बादल तंत्रों के ऊपरी हिस्से चमकीले सफेद दिखाई दे रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि इन इलाकों में तेज़ बादल बनने की प्रक्रिया चल रही है और गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। कई जगह बहुत ज़्यादा बारिश होने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने दी ये जानकारी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। भारत के पश्चिमी हिस्से में अरब सागर के ऊपर बना मौसम तंत्र कोंकण तट के पास और अधिक मजबूत हो गया है। समुद्र का गर्म पानी और मानसून की तेज़ हवाएं इसे लगातार ताकत दे रही हैं। पिछले कुछ दिनों से तटीय इलाकों में कई जगह लगातार तेज बारिश हो रही है। इससे निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। कई सड़कों पर जलभराव होने और बारिश के कारण कम दिखाई देने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्वी भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और ऊपरी स्तर की हवाओं के कारण बादल तेजी से ऊपर उठ रहे हैं और बड़े तूफानी बादलों का रूप ले रहे हैं। इसी वजह से पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई जगह तेज़ बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

शुरुआत में मानसून की रफ्तार धीमी थी, लेकिन अब इसके फिर से सक्रिय होने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो गई है। हालांकि, लगातार हो रही तेज़ बारिश के कारण शहरों में जलभराव, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और लोगों के आने-जाने में दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश और तेज़ हो सकती है। ऐसे में जिन इलाकों में बाढ़ या भूस्खलन का खतरा है, वहां रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 6 जुलाई को दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिसको देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और दिन भर तेज बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन भर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

आज का पूरा मौसम का हाल देखें

मौसम के अनुमान के मुताबिक, आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। शाम और रात में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, साथ ही मौसम के हालात ऐसे ही बने रहेंगे, जिसमें आंधी-तूफान और तेज हवाएं भी शामिल हैं।

वहीं, बीते दिन यानी रविवार को दिल्ली के मौसम में थोड़ा बदलाव देखा गया। दिनभर हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस बनी रही। मौसम में आए इस बदलाव का असर दिल्ली एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। खराब मौसम की वजह से कुछ उड़ानों में देरी हुई, जिसके बाद कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की।

दिल्ली में मॉनसून का आगमन

खास बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच गया। यह अपने सामान्य समय से पांच दिन देरी से पहुंचा, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि दिन भर बादल छाए रहने के कारण तापमान सामान्य से काफी कम रहा।

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल मानसून 29 जून को दिल्ली पहुंचा था। इसके अलावा, 2024 में मानसून 28 जून, 2023 में 25 जून, 2022 में 30 जून और 2021 में 13 जुलाई को आया था।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें और बेवजह यात्रा करने से बचें, खासकर उन इलाकों में जहां पानी भरने की संभावना हो। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे मौसम से जुड़े ताजा अपडेट सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही लें और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।

मानसून के आगे बढ़ने के साथ IMD लगातार मौसम पर नजर रखे हुए है। विभाग ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान और एडवाइजरी नियमित रूप से देखने की अपील की है। वहीं, प्रशासन भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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आज का मौसम 6 जुलाई: यूपी से MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़ तक मूसलाधार बारिश, IMD ने 24+ राज्यों के आंधी-तूफान हैवी रेन का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से पैर पसार चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले 3 दिनों के भीतर उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं.

इस मजबूत मानसूनी सिस्टम के प्रभाव के कारण आज यानी 6 जुलाई को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, भीषण आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मध्य भारत से लेकर पश्चिमी और उत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर आवाजाही के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों के लिए सबसे कड़ा अलर्ट है:

  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश से सटा गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

MP, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन इलाकों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

यूपी, दिल्ली, बिहार और पंजाब सहित इन राज्यों में भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश: आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

दिल्ली और आसपास: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के इलाकों में आज भारी मानसूनी बौछारें पड़ेंगी.

अन्य राज्य: बिहार, झारखंड, पंजाब जम्मू-कश्मीर-लद्दाख महाराष्ट्र का विदर्भ और मराठावाड़ा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम

उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश होगी.

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से थंडरस्कॉल (बवंडर) की चेतावनी

आज कुछ राज्यों में सामान्य से कहीं अधिक तीव्र हवाएं और बवंडर जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से खतरनाक थंडरस्कॉल चलने की आशंका है.

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का प्रकोप

बारिश के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट इस प्रकार है:

  • 40-50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी/तेज हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी.
  • 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
  • सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: पूरे उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
  • मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.

असम और मेघालय में भारी उमस का अलर्ट

पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का एक अलग रूप भी देखने को मिलेगा. असम और मेघालय में आज कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, जिससे बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी.

समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी

चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी हवाओं के कारण समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी:

अरब सागर की स्थिति: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी मौसम रहेगा.

बंगाल की खाड़ी की स्थिति: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके साथ ही, केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से खराब मौसम रहने की आशंका है. मछुआरों को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है

IMD Heavy Rain Alert : भारी बारिश के बीच सोमवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज, BMC ने की ये अपील

मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सोमवार को सभी सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने लोगों से भी अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई में सोमवार को तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

मुंबई में हो रही भारी बारिश

मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई जगह जलभराव हो गया है और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। 30 जून से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में एक स्कूली छात्र सहित तीन लोगों की जान जा चुकी है। रविवार को ठाणे और पालघर जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला। ठाणे में 17 साल का एक लड़का तेज बहाव वाली नदी में डूब गया, जबकि पालघर में एक इमारत की बालकनी का हिस्सा गिरने से दो लोग घायल हो गए।

हाल ही में हुए हैं कई हादसे 

नवी मुंबई के वाशी इलाके में राम निवास बिल्डिंग की दूसरी मंजिल की बालकनी का कंक्रीट स्लैब अचानक गिर गया। इस हादसे में एक पुरुष और एक महिला घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, महिला को इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि पुरुष को वाशी के एनएमएमसी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने इमारत के बाकी कमजोर हिस्सों को भी सुरक्षित तरीके से हटा दिया। वहीं, भिवंडी में 17 साल का एक लड़का उफनती कामवारी नदी में बह गया। वह अपने दोस्तों के साथ केकड़े पकड़ने गया था। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि उसकी तलाश के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

ठाणे के दिवा इलाके में एक दो मंजिला इमारत के अंदर सीढ़ियों का कंक्रीट स्लैब गिर गया। इससे बाहर निकलने का मुख्य रास्ता बंद हो गया और पांच लोग इमारत में फंस गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद इमारत में पड़े खतरनाक मलबे को भी हटा दिया गया। वहीं, ठाणे पश्चिम के पचपखाड़ी स्थित यशोदा निवास सोसाइटी में एक बड़ा पेड़ गिरने से दो घरों की छत को नुकसान पहुंचा।

रीजनल डिजास्टर मैनेजमेंट सेल (RDMC) के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि गिरे हुए पेड़ को काटकर हटाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण पालघर जिले के वसई में निर्माणाधीन एक कंपाउंड वॉल ढह गई। दीवार पास की एक रिहायशी कॉलोनी में गिरने से बाउंड्री के पास खड़ी 15 मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर वसई-विरार नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर स्थिति को सुरक्षित किया।