Stock in Focus: इंफ्रा कंपनी को ₹80 करोड़ का टोल कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Highway Infrastructure को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से ₹80.17 करोड़ का नया टोल कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी को तमिलनाडु के Palayam Fee Plaza पर यूजर फीस कलेक्शन के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) जारी हुआ है।

कॉन्ट्रैक्ट 90 दिन का है

यह कॉन्ट्रैक्ट NH-44 पर कृष्णागिरि से थुंबीपाड़ी (Km 94 से Km 180) सेक्शन के लिए मिला है। Palayam Fee Plaza Km 154+500 पर स्थित है। यह प्रोजेक्ट Build-Operate-Transfer (BOT) मॉडल के तहत 90 दिनों के लिए चलेगा।

कंपनी के मुताबिक, यह हाईवे बेंगलुरु, होसुर और धर्मपुरी जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाकों को जोड़ता है। इस वजह से इस रूट पर यात्री यातायात, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां काफी ज्यादा हैं। इससे टोल कलेक्शन की अच्छी संभावना बनती है।

इस साल लगातार मिल रहे हैं बड़े ऑर्डर

Highway Infrastructure को इस साल NHAI से कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल चुके हैं। फरवरी में कंपनी को गुजरात के Moti Naroli Fee Plaza समेत वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के कई टोल प्लाजा के संचालन के लिए ₹154.6 करोड़ का ऑर्डर मिला था। इसके अलावा हाल ही में कंपनी ने आंध्र प्रदेश में ₹329 करोड़ का टोलिंग कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया था।

मंगलवार को Highway Infrastructure का शेयर 4.06% चढ़कर ₹46.40 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.01% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह लगभग 60% टूट चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 331.71 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

EMS Stocks: ECMS के पांचवें चरण को सरकार से मिली मंजूरी, सिर्मा SGS टेक्नोलॉजी और PCBL केमिकल में आई तेजी

EMS Stocks :  इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS)के 5वें चरण को सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस स्कीम के तहत 31 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इस खबर के चलते Syrma और PCBL जैसी कंपनियां फोकस में हैं। ECMS स्कीम के पांचवें चरण के तहत सरकार से 7,877 करोड़ रुपए के 31 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। Syrma SGS और PCBL समेत 31 कंपनियों को मंजूरी मिली है। इस स्कीम के तहत 82,243 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स का उत्पादन होगा।

पहले 4 चरणों में अब तक 75 कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसके तहत 23 उत्पादों के भारत में उत्पादन को मंजूरी मिली है। इसमें PCB,इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स,कैमरा मॉड्यूल और ट्रांजिस्टर शामिल हैं। इनके लिए 61,671 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है। बता दें कि ECMS इन्वेस्टमेंट और प्रोडक्शन टारगेट पहले ही पार कर चुका है। ECMS ने इन्वेस्टमेंट में 59,350 करोड़ रुपए और प्रोडक्शन में 4.56 लाख करोड़ का टारगेट रखा गया है।

विप्रो ग्लोबल इंजीनियरिंग (Wipro Global Engineering) को 1,401 करोड़ रुपए के निवेश की मंजूरी मिली है। वहीं, माइक्रोमैक्स प्रिसिजन मोल्डिंग (Micromax Precision Molding) को 565 करोड़ रुपए के निवेश की मंजूरी मिली है। पीसीबीएल केमिकल (PCBL Chemical) को 329 करोड़ रुपए के निवेश की मंजूरी मिली है। वहीं, मिंडा इंस्ट्रूमेंट (Minda Instrument) को 270 करोड़ रुपए के निवेश की मंजूरी मिली है। जबकि, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स (Centum Electronics) को 106 करोड़ रुपए के 2 निवेश प्रस्तावों की मंजूरी मिली है। VVDN टेक्नोलॉजीज़ (VVDN Technologies) को 100 करोड़ रुपए के निवेश की मंज़ूरी मिली है। वहीं, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक (Mitsubishi Electric) को 99 करोड़ रुपए के निवेश की मंज़ूरी मिली है।

कंपनियों को मंजूरी का प्रमाण पत्र देने के बाद केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना ने निजी निवेश को आकर्षित किया है,जो मूल रूप से निर्धारित लक्ष्यों से अधिक हो गया है।

यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब भारत घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करके,महत्वपूर्ण कलपुर्जों के आयात पर निर्भरता कम करने और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता को तैयार करके इलेक्ट्रॉनिक्स में घरेलू वैल्यूएडिशन को मजबूत करना चाहता है।

EMS शेयरों में जोश

इस खबर के चलते सिर्मा SGS टेक्नोलॉजी (Syrma SGS Technology) के शेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली है। फिलहाल यह शेयर 30.50 रुपए यानी 2.08 फीसदी की तेजी के साथ 1498 रुपए के आसपास दिख रहा है। आज का इसका दिन का हाई 1,521 रुपए और दिन का लो 1,488.90 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,543 रुपए है।

पीसीबीएल केमिकल (PCBL Chemical) में भी तेजी देखने को मिल रही है। फिलहाल यह शेयर 3.25 रुपए यानी 1.03 फीसदी की बढ़त के साथ 319 रुपए पर नजर आ रहा है। आज का इसका दिन का हाई 325.85 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 425.95 रुपए और 52 वीक लो 226.50 रुपए है।

 

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Blue Star Share Price: ब्रोकरेज फर्म ने रेटिंग की अपग्रेड, 18% ऊपर का दिया टारगेट, क्या आप करेंगे निवेश

Blue Star Share Price: ब्रोकरेज फर्म HSBC से AC बनाने वाली कंपनी ब्लू स्टार (Blue Star) के शेयर की रेटिंग अपग्रेड कर दी। HSBC ने अब ब्लू स्टार के लिए अपनी पिछली “hold” रेटिंग को बदलकर “buy” (खरीदने) की सलाह दी है और प्रति शेयर ₹1,780 का प्राइस टारगेट तय किया है। इसका मतलब है कि पिछले क्लोजिंग प्राइस से इसमें 18% की बढ़ोतरी हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि जून तिमाही में रूम एयर कंडीशनर (RAC) इंडस्ट्री में 25% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें वॉल्यूम में अनुमानित बढ़ोतरी 20% – 22% रही। उसने यह भी कहा कि पहली तिमाही में ब्लू स्टार के मुकाबले वोल्टास का प्रदर्शन बेहतर रहा।

HSBC ने कहा कि गर्मियों की बिक्री (जनवरी से जून) को देखें तो, ऊंचे बेस (high base) के बावजूद धीमी ग्रोथ के बावजूद ब्लू स्टार के मार्जिन स्थिर रहेकम मार्जिन गाइडेंस के कारण ब्रोकरेज ने अपने अनुमानों में कटौती की है।

उसने कहा कि मजबूत ऑर्डर बुक, डेटा सेंटर बिजनेस में मौजूदगी, मार्जिन बढ़ने की गुंजाइश और अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस को देखते हुए उसने ब्लू स्टार की रेटिंग बढ़ाई है।

इस साल अब तक ब्लू स्टार के शेयर की कीमत में 23% की गिरावट आई है, जबकि वोल्टास के शेयरों में 8% की गिरावट देखी गई है। HSBC का कहना है कि इससे कंपनी का वैल्यूएशन अधिक आकर्षक हो गया है।

इस महीने की शुरुआत में, कंपनी ने अपनी पहली तिमाही की कमाई की रिपोर्ट दी थी, जिसमें उसका रेवेन्यू 13.3% बढ़कर ₹3,378 करोड़ हो गया, लेकिन यह CNBC-TV18 के ₹3,547 करोड़ के अनुमान से कम था। इसका EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) पिछले साल के मुकाबले 12% घटकर ₹175 करोड़ रह गया और यह बाजार के ₹247 करोड़ के अनुमान से भी काफी कम था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान अवधि के 6.7% से घटकर 5.2% हो गया और यह बाजार के 7% के अनुमान से भी कम था।

हालांकि, कंपनी ने कहा कि डेटा सेंटर MEP प्रोजेक्ट ऑर्डर का आना इस हाई-ग्रोथ सेगमेंट में लगातार बनी हुई तेजी को दिखाता है।

ब्लू स्टार पर नज़र रखने वाले 27 एनालिस्ट में से 13 ने “buy” रेटिंग, 9 ने “hold” रेटिंग और 5 ने “Sell” रेटिंग दी है। ब्लू स्टार के शेयर बढ़त के साथ खुले, लेकिन बाद में वह बढ़त खत्म हो गई और मंगलवार को शेयर 0.3% गिरकर ₹1,503.2 पर ट्रेड कर रहे थे। इस साल अब तक शेयर में 15% की गिरावट आई है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank का शेयर कई साल के निचले स्तर पर, लेकिन लोन पर ट्रेडर्स का रिकॉर्ड निवेश

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं। जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इसके शेयरों की हालिया तेजी पूरी गायब हो चुकी है। हालांकि दूसरी तरफ इस शेयर में लेवरेज लेकर किए जा रहे निवेश लगातार बढ़ रहे हैं। 13 अगस्त 2026 एनएसई के मार्जिन ट्रे़डिंग फैसिलिटी (MTF) के आंकड़ों के अनुसार एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन ₹3,000 करोड़ के पार पहुंच गई थी। एमटीएफ बुक में इतनी बड़ी एक्सपोजर वाला यह एकमात्र शेयर बन गया है।

13 अगस्त को इस पर लेवरेज्ड बेट ₹3,212 करोड़ पर पहुंच गया जबकि 31 जुलाई 2026 को यह ₹2,360 करोड़ पर था यानी कि कुछ ही दिनों में इस पर दांव 36% बढ़ गया। जून के आखिरी में यह आंकड़ा ₹1,790 करोड़ था यानी जून के आखिरी से अगस्त के मध्य तक एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन लगभग 80% बढ़ गई।

क्या है Margin Trading Facility (MTF)?

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी एक ऐसा तरीका है जिसमें ट्रेडर्स कुल कीमत का एक छोटा हिस्सा देकर शेयरों की डिलीवरी ले सकते हैं। बाकी पैसे ब्रोकर लोन के तौर पर देता है और शेयरों को गिरवी रखकर रोजाना के आधार पर ब्याज वसूलता है। जब स्टॉक की कीमत बढ़ती है, तो कम निवेश लागत के कारण मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन स्टॉक की कीमत गिरने पर नुकसान भी कई गुना बढ़ जाता है और ब्याज का खर्च और भी दबाव डालता है। हालांकि अगर स्टॉक की कीमत तेजी से गिरती है और ट्रेडर अतिरिक्त फंड नहीं डाल पाता है, तो ब्रोकर को स्टॉक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

कैसी है एचडीएफसी बैंक के शेयरों की स्थिति

एचडीएफसी बैंक के शेयरों के लिए यह साल 2026 शेयरों की तेजी को लेकर अब तक के सबसे खराब वर्षों में से एक रहा है। इस साल इसमें अब तक 25% की गिरावट आ चुकी है। पिछले कम से कम 10 वर्षों से लगातार इस स्टॉक ने सालाना पॉजिटिव रिटर्न दिया है। अभी इसके शेयरों पर जून तिमाही के कमजोर नतीजों ने दबाव बनाया है। जून तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया, जिससे पिछले साल से चली आ रही लोन और डिपॉजिट में मजबूत बढ़ोतरी का असर खत्म हो गया। हालांकि एसेट क्वालिटी अपनी कैटेगरी में सबसे अच्छी बनी रही।

एचडीएफसी बैंक का परफॉरमेंस इतना खराब रहा है कि मार्केट कैप के मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने तेजी से उसकी बराबरी कर ली है। जहां एक तरफ एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं, तो आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं। मार्केट कैप के मामले में दोनों के बीच का अंतर अब दस साल में सबसे कम है। एचडीएफसी बैंक फिलहाल बीएसई पर 0.28% की गिरावट के साथ ₹725.30 पर है तो आईसीआईसीआई बैंक 0.05% की बढ़त के साथ ₹1418.65 पर। एचडीएफसी बैंक का एक साल का हाई ₹1020.35 और आईसीआईसीआई बैंक का 1,479.90 है।

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Stock Crash: 20% के लोअर सर्किट पर Zaggle Prepaid, टूटकर आया IPO प्राइस के नीचे

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ

Molbio IPO Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 70 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹807 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹980.00 और NSE पर भी ₹980.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 21% से अधिक लिस्टिंग गेन (Molbio Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹946.80 (Molbio Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 946.80% मुनाफे में हैं।

Molbio Diagnostics IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट

Dhoot Transmission IPO Listing: आईपीओ को 75 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब धूत ट्रांसमिशन के शेयरों की आज घरेलू स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री हुई है। इसके आईपीओ के तहत ₹871 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1193.80 और NSE पर ₹1,200.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% से अधिक लिस्टिंग गेन (Dhoot Transmission Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹1174.50 (Dhoot Transmission Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 34.85% मुनाफे में हैं।

Dhoot Transmission IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 75.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 209.02 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 53.13 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.32 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 8.60 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,400 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,91,37,602 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹464.80 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹301.77 करोड़ सब्सिडरीज का कर्ज हल्का करने के लिए उनमें निवेश, ₹150.00 करोड़ नई वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स लगाने, ₹159.96 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹410.41 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Dhoot Transmission के बारे में

धूत ट्रांसमिशन देश की बड़ी E&E (इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स) कंपनियों में शुमार है। यह ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव एप्लीकेशंस के लिए वायरिंग हार्नेसेज और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में वायरिंग हार्नेसेज, बैट्री पैक्स, सेंसेक्स और इलेक्ट्रिक कंट्रोलर्स, ऑटोमोटिव स्विचेज, टर्मिनल्स, कनेक्टर्स, और पावर सप्लाई कॉर्ड्स हैं। इनका इस्तेमाल तेल से चलने वाली और इलेक्ट्रिक, दोनों प्रकार की गाड़ियों में होता है।

यह दोपहिया और तिपहिया वायरिंग हार्नेस मार्केट में देश की दो सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है जिसका 41% मार्केट पर कब्जा है तो वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के मुताबिक करीब 71% मार्केट शेयर के साथ दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक सेगमेंट में यह लीडर है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल वेईकल्स, ऑफ-हाईवे वेईकल्स, फार्मिंग इक्विपमेंट और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में भी होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 15% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹396.84 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹4,563.70 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,360.40 करोड़ पड़े थे।

Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lincoln Pharmaceuticals Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 31% बढ़ा, तीन साल में ₹1000 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

Lincoln Pharmaceuticals Q1 Results: फार्मा कंपनी Lincoln Pharmaceuticals ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 30.9% बढ़कर ₹36.23 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹27.68 करोड़ था।

कंपनी की कुल आय भी 19% बढ़कर ₹201.55 करोड़ पहुंच गई। एक साल पहले यह ₹169.34 करोड़ थी। वहीं, प्रति शेयर आय (EPS) बढ़कर ₹18.09 हो गई।

EBITDA में भी मजबूत बढ़त

Lincoln Pharmaceuticals का EBITDA 32.3% बढ़कर ₹51.70 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹39.08 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी पहले से बेहतर रही।

FY26 में डिविडेंड की सिफारिश

कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026 में ₹87.89 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। कुल आय ₹704.48 करोड़ रही और EBITDA ₹131.14 करोड़ पहुंच गया। बोर्ड ने FY26 के लिए 18% डिविडेंड यानी ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹1.80 डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

तीन साल में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य

Lincoln Pharmaceuticals ने अगले तीन साल में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वह 15-18% सालाना ग्रोथ बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी को कार्डियक, डायबिटीज, डर्मेटोलॉजी और ENT सेगमेंट से मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

90 देशों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी

Lincoln Pharmaceuticals अभी 60 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। कंपनी का लक्ष्य अगले 2-3 साल में यह संख्या बढ़ाकर 90 देशों तक पहुंचाने का है।

हाल ही में कंपनी ने कनाडा के बाजार में एंट्री की है। साथ ही उसे ऑस्ट्रेलिया के TGA और यूरोप के EU GMP से मंजूरी भी मिली है। कंपनी का कहना है कि इससे उसके ग्लोबल विस्तार को और रफ्तार मिलेगी।

Lincoln के शेयरों का हाल

कंपनी के शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.19% की गिरावट के साथ 612.10 रुपये पर बंद हुए। इस साल अब तक स्टॉक 27.57% का रिटर्न दिया है। वहीं बीते 1 साल के दौरान इसमें करीब 12% की तेजी आई है। कंपनी का मार्केट कैप 1.22 हजार करोड़ रुपये है।

Lincoln Pharmaceuticals दवाइयां बनाने और बेचने वाली भारतीय फार्मा कंपनी है। यह कार्डियक, डायबिटीज, एंटीबायोटिक, डर्मेटोलॉजी, ENT और दर्द निवारक जैसी कई कैटेगरी में दवाइयां बनाती है।

Apollo Hospitals Share Price: इस साल 25% चढ़ा है शेयर, क्या अभी खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

Procter & Gamble Health Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 45 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 27 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस पर 3 सितंबर 2026 को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले P&G Health वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 110 रुपये का अंतरिम और 50 रुपये का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है।कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 80 रुपये का अंतरिम और 45 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी VMS कंपनियों में से एक है। यह विटामिन, मिनरल्स और सप्लीमेंट्स प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। जैसे कि न्यूरोबियन, लिवोजेन, सेवनसीज, एवियन, पॉलीबियन, नेसिवियन।

P&G Health का शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 5933.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 9800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में करीब 20 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 51.82 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 6,955 रुपये और एडजस्टेड लो 4,699.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में P&G Health का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 363.71 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 96.15 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1,407.97 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 326.91 करोड़ रुपये रहा।

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