Muthoot Finance Q1 Results: प्रॉफिट 43 फीसदी बढ़ा, गोल्ड लोन एयूएम 2 लाख करोड़ रुपये के करीब

Muthoot Finance Q1 Results: मुथूट फाइनेंस ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 43 फीसदी बढ़ा है। इसमें गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में अच्छी ग्रोथ का हाथ रहा। कंपनी का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट (पीएटी) जून तिमाही में 2,825 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,974 करोड़ रुपये था।

कंसॉलिडेटेड लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट 2 लाख करोड़ के करीब

Muthoot Finance का कंसॉलिडेटेड लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 43 फीसदी बढ़कर 1,91,531 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,33,938 करोड़ रुपये था। कंपनी का कंसॉलिडेटेड PAT तिमाही दर तिमाही आधार पर 17 फीसदी गिरा। मार्च तिमाही में 3,397 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही आधार पर एयूएम फीसदी बढ़ा।

कोर गोल्ड लोन  बना बिजनेस का ग्रोथ इंजन

कंपनी को कोर गोल्ड लोन बिजनेस से ग्रोथ को सबसे ज्यादा सपोर्ट मिला। कंसॉलिडेटेजड गोल्ड लोन एयूएम साल दर साल आधार पर 48 फीसदी बढ़कर 1,75,527 करोड़ रुपये हो गया। एक साल में यह 56,767 करोड़ रुपये का इजाफा है। कंपनी ने 1 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर 3 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर दिखेगा।

स्टैंडएलोन टैक्स बाद मुनाफा 2550 करोड़ रुपये

जून तिमाही में स्टैंडएलोन आधार पर कंपनी का टैक्स बाद मुनाफा (PAT) साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 2,550 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडएलोन लोन एयूएम 43 फीसदी बढ़कर 1,72,053 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडएलोन गोल्ड लोन एयूएम साल तर साल आधार पर 44 फीसदी बढ़कर 1,63स298 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने बताया कि जून के अंत में ब्रांच नेटवर्क बढ़कर 7,654 हो गया। एक साल पहले यह 7,413 था।

FY27 की शुरुआत कंपनी के लिए अच्छी रही

मुथूट फाइनेंस के चेयरमैन जॉर्ज जेकब मुथूट ने कहा कि कंपनी के लिए FY27 की शुरुआत स्ट्रॉन्ग रही। कंसॉलिडेटेड एयूएम अब तक के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया। इसमें कोर गोल्ड लोन बिजनेस के लगातार बेहतर प्रदर्शन का हाथ रहा। उन्होंने कहा कि जून तिमाही के प्रदर्शन से स्ट्रॉन्ग कस्टमर डिमांड का संकेत मिलता है।

31 जुलाई को शेयरों में अच्छी तेजी

मुथूट फाइनेंस का शेयर 31 जुलाई को 3.98 फीसदी चढ़कर 3,128 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 31 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स भी हरे निशान में बंद हुए। इस हफ्ते बीते चार महीनों में शेयर बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई।

BMW reportedly puts its upcoming G-Class, Defender rival on ice

bmw x5 off-road

BMW’s luxury off-roader project, codenamed G74, has reportedly failed to receive final internal approval and is on hold due to changing global market conditions. The rugged luxury SUV was purported to be BMW’s rival to the Mercedes-Benz G-Class and Land Rover Defender, but it’s now uncertain whether it will ever reach production.

Market pressures prompt BMW to re-evaluate product portfolio

Fifth-gen BMW X5. Image used for representation only.

According to recent media reports, one of the reasons behind the G74 project’s halt is concern over the size of the luxury off-roader segment relative to the investment required to develop a dedicated model. BMW is also adopting a more disciplined approach to its model portfolio in light of increasing competition in markets like China, as well as tariffs, trade barriers, currency fluctuations, tightening emissions regulations in Europe, and broader geopolitical uncertainty.

Speaking after the company’s second-quarter financial results, CEO Milan Nedeljković said BMW is re-evaluating which technologies, model variants, and powertrains it will need in the coming years instead of assuming existing development programmes remain viable. “In all these areas, we are taking significant steps and increasing the pace. For example, we are once again reviewing which technologies, model variants and drivetrains we will need in the future. In addition, we are looking at where new partnerships could make economic and technological sense,” he noted.

Fifth-gen BMW X5. Image used for representation only.

Nedeljković highlighted the rapid deterioration of market conditions in China as a key concern for the portfolio review. He said Chinese manufacturers are increasingly expanding into Europe, Latin America, and other global markets, creating additional competitive pressure. Although Nedeljković did not mention the G74 directly, insiders claim the off-road SUV has already become one of the first casualties of BMW’s ongoing product review.

The G74 was reportedly targeting a 2029 launch, and sources say BMW can still approve or cancel projects up to around 18 months before production begins. BMW has not officially confirmed the cancellation of the G74 yet, and since the project is currently on hold rather than permanently scrapped, there remains scope for it to return if market conditions improve.

Everything we know about the BMW G74 off-road SUV

Fifth-gen BMW X5 design document. Image used for representation only.

While BMW never officially confirmed the existence of the G74 project, reports over the past few years suggested the carmaker was developing a purpose-built off-road SUV to rival the G-Class and Defender. In reference to the luxury off-roader segment, a senior BMW manager told Autocar UK in 2025: “We’re aware of the market potential [of such a vehicle]. It’s more than just discussions. We have been planning this for a while. It will definitely need an internal combustion engine.” Earlier this year, BMW M boss Frank van Meel even added to the speculation by stating he ‘wouldn’t say no’ to an off-road SUV fettled by the performance division.

The G74 project was expected to be underpinned by a heavily-modified derivative of the existing CLAR platform, which also underpins the fifth-gen BMW X5. This would have allowed the G74 to be offered with multiple powertrain options, including plug-in hybrid and fully electric, and the SUV’s production was ostensibly planned for BMW’s Spartanburg plant in South Carolina.

Fifth-gen BMW X5 design document. Image used for representation only.

Reports suggest the BMW G74 was designed with a 7-seat layout in mind, while the exterior featured a rugged iteration of the Neue Klasse design language and a bootlid-mounted spare wheel. The SUV was even mooted to be christened the X8, and serve as a spiritual successor to the BMW XM, which is expected to be discontinued in 2028.

Maruti Suzuki Q1 Results: नेट प्रॉफिट 11 फीसदी घटकर 3352 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़ा

Maruti Suzuki Q1 Results: मारुति सुजुकी ने 31 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 11 फीसदी घटकर 3,352 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़कर 52,456 करोड़ रुपये रहा। प्रॉफिट में कमी की वजह एक्सपेंसेज में 40.5 फीसदी उछाल है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने से जून तिमाही में कंपनी के एक्सपेंसेज बढ़कर 48,988 करोड़ रुपये हो गए।

प्रॉफिट पर स्टील और दूसरी कमोडिटीज की कीमतें बढ़ने का असर

GST में कमी के बाद व्हीकल्स की बिक्री बढ़ी है। लेकिन, रॉ मैटेरियल की कीमतों में उछाल से कंपनी के प्रॉफिट पर सेल्स बढ़ने का असर नहीं पड़ा। हालांकि, जून तिमाही में कंपनी ने कीमतें बढ़ाई। लेकिन, मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई की वजह से स्टील और दूसरे कमोडिटीज की कीमतों में उछाल आया। इससे कंपनी के मार्जिन पर दबाव रहा।

सेल्स वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 29.3 फीसदी बढ़ा

जून तिमाही में कंपनी का सेल्स वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 29.3 फीसदी बढ़ा। घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 34.1 फीसदी बढ़ी, एसयूवी की बिक्री 44.6 फीसदी बढ़ी और एक्सपोर्ट्स 28.6 फीसदी बढ़ा। घरेलू बाजार में मारुति की बाजार हिस्सेदारी 2.3 फीसदी बढ़कर 41.2 फीसदी हो गई। मारुति कार और एसयूवी बाजार की देश की सबसे बड़ी कंपनी है।

खारखौदा के नए प्लांट में उत्पादन शुरू होने का फायदा 

कंपनी की सेल्स में इजाफा में सोनीपत के खारखौदा में कंपनी के दूसरे प्लांट में उत्पादन शुरू होने का हाथ है। कंपनी ने कहा है कि जून तिमाही में कंपनी की नेट सेल्स 36 फीसदी बढ़कर 49,959 करोड़ रुपये हो गई। जून तिमाही की शुरुआत से ही रॉ मैटेरियल की कीमतें बढ़नी शुरू हुई थी। मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने पर यह और बढ़ गईं। कंपनी के बोर्ड ने 4 CBG प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी। पहले फेज पर इसका बजट 561 करोड़ रुपये है।

यह भी पढ़ें: ITC Q1 results: नेट प्रॉफिट 27 फीसदी गिरकर 3,579 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 28 फीसदी बढ़ा

इस साल कंपनी का शेयर करीब 15 फीसदी गिरा है

मारुति सुजुकी ने 31 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का एलान किया। 3 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा। 31 जुलाई को कंपनी का शेयर 0.37 फीसदी चढ़कर 14,240 रुपये पर बंद हुआ। इस साल शेयर करीब 15 फीसदी गिरा है।

Stock Market Rise: बाजार लगातार तीसरे दिन चढ़ा, सेंसेक्स 166 अंकों की बढ़त के साथ बंद; निवेशकों की दौलत ₹1.32 लाख करोड़ बढ़ी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 31 जुलाई को लगातार तीसरे दिन तेजी रही। सेंसेक्स 166.49 अंकों की बढ़त के साथ 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.32 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 344 अंक तक उछलकर 78,272.25 के हाई तक गया। यह मार्क दिन के लो से 462 अंक ज्यादा है। निफ्टी भी दिन में पिछली क्लोजिंग से लगभग 112 अंक तक उछलकर 24,429.40 के हाई तक गया।

गुरुवार, 30 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,84,56,699.485 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह बढ़कर 4,85,88,400.40 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,31,700.915 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी। निफ्टी पर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और श्रीराम फाइनेंस टॉप गेनर रहे। वहीं TCS, इटर्नल, इंफोसिस, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट, आईटीसी टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,928.15 पर बंद हुआ था। निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 अंक पर बंद हुआ था। विदेशी निवेशकों की ओर से अच्छी खरीद, रुपये में मजबूती और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए कंपनियों के उत्साहजनक नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 3,623.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

विदेशी बाजारों की कैसी रही चाल

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 15 प्रतिशत की बढ़त में है। जापान के निक्केई 225 में भी 4 प्रतिशत की तेजी है। चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त में है। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को अच्छी तेजी के साथ बंद हुए थे। यूरोपीय बाजार भी हरे निशान में हैं।

Sun Pharma Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 27% बढ़ा, रेवेन्यू में 10% का इजाफा; शेयर टूटा

रुपये में बढ़त

शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 9 पैसे की बढ़त के साथ 95.41 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। गुरुवार को रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए 26 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.50 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Skoda Kylaq vs Mahindra XUV 3XO drag race: lights out

Skoda-Kylaq-vs-Mahindra-XUV-3XO

There’s no simpler way to compare one car’s performance to another than with a head-to-head quarter-mile race. In this edition of Autocar India’s quarter-mile racing series, we line up some exciting head-to-head contests, beginning with the compact SUV segment. We’ve brought together what are arguably the two most exciting offerings in this segment – the Skoda Kylaq and the Mahindra XUV 3XO – for a battle down the airstrip. 

Skoda Kylaq vs Mahindra XUV 3XO specifications   

Skoda Kylaq vs Mahindra XUV 3XO AT: Engine specifications

 

Skoda Kylaq TGDi AT

Mahindra XUV 3XO TGDi AT

Engine

3 cyls, turbo-petrol

3 cyls, turbo-petrol

Displacement (cc)

999

1197

Power (hp)

116

130

Torque (Nm)

178

230

Kerb weight (kg)

1,255

1,410

Power-to-weight (hp per tonne)

92.43

92.13

Torque-to-weight (Nm per tonne)

141.83

163

Gearbox

6-speed torque converter

6-speed torque converter

Both the Skoda Kylaq and the Mahindra XUV 3XO use 3-cylinder direct injection, turbo-petrol engines and 6-speed torque converter auto gearboxes. However, the latter has a slight advantage with bigger displacement, and likewise also produces more power and torque – 16hp and 52Nm more than the former. On the flip side, the XUV 3XO is 156kgs heavier. Will that have a bearing on the final results? Let’s find out. 

Skoda Kylaq vs Mahindra XUV 3XO drag race 

In both races, the Mahindra got off the line better. 
Skoda Kylaq vs Mahindra XUV 3XO AT: drag race times
 Skoda Kylaq TGDi ATMahindra XUV 3XO TGDi AT
Race 118.21 seconds 17.23 seconds 
Race 217.95 seconds17.78 seconds 

The Mahindra XUV 3XO is the most powerful compact SUV on sale currently, while the Skoda Kylaq is one of the most fun to drive. But on the drag strip, it pans out as you’d expect. With the XUV 3XO in its sportiest ‘Zoom’ drive mode, it launches without much drama and gets the jump on the Kylaq. And then, given its power advantage, it holds on to that lead till the finish line in Race 1, recording a time over half a second quicker than the Skoda. 

In Race 2, both compact SUVs launch in sync, but the XUV 3XO yet again manages to pull a lead and stay in the lead till the finish line. Its time, however, was slower than in Race 1 because of a tiny bit of hesitation from the gearbox during launch, while the Kylaq improved on its timing from Race 1. 

Autocar India’s testing standards

Before we conduct our performance tests, we check and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendation and ensure the car has a full tank of fuel. The car is then tested in a controlled environment, and the data is collected via highly accurate GPS-based timing equipment.

With inputs from Saptarshi Mondal 

Silverstorm Parks And Resorts IPO Listing: पार्क और रिजॉर्ट कंपनी की फ्लैट शुरुआत, शेयर लगभग IPO प्राइस पर ही लिस्ट

SME सेगमेंट की कंपनी सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिजॉर्ट्स की 31 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्टिंग न अच्छी रही, न बुरी। कंपनी के शेयर BSE SME पर फ्लैट नोट के साथ 132.90 रुपये पर लिस्ट हुए। IPO का फाइनल इश्यू प्राइस 133 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 82.43 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.91 गुना भरा था। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.81 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.19 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.41 गुना सब्सक्राइब हुआ।

Silverstorm Parks & Resorts IPO में 62 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का पब्लिक इश्यू 24 जुलाई को खुला था और 28 जुलाई को बंद हुआ। सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड एम्यूजमेंट और टूरिज्म कंपनी है। यह भारत में एम्यूजमेंट पार्क, वॉटर पार्क, स्नो पार्क और हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज चलाती है। कंपनी की फ्लैगशिप डेस्टिनेशन, केरल के अतिरापिल्ली में स्थित ‘सिल्वर स्टॉर्म थीम पार्क’ है। यह लगभग 17.38 एकड़ में फैला है। इसमें एक एम्यूजमेंट और वॉटर पार्क, केरल का पहला इनडोर स्नो पार्क, कई रेस्टोरेंट और सिल्वर स्टॉर्म रिसॉर्ट शामिल हैं। कंपनी झारखंड के जमशेदपुर में भी एक स्नो पार्क चलाती है और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक नया स्नो पार्क और फैमिली एंटरटेनमेंट सेंटर बना रही है।

कंपनी एम्यूजमेंट और स्नो पार्क के टिकट बेचकर, खाने-पीने की सर्विसेज से, मर्चेंडाइज, रिजॉर्ट बुकिंग और प्राइवेट व कॉर्पोरेट इवेंट्स से कमाई करती है। यह अतिरापिल्ली में 1.2 किलोमीटर लंबे एरियल केबल कार प्रोजेक्ट के साथ अपनी सर्विस का विस्तार भी कर रही है। इसके साथ ही, नए एम्यूजमेंट राइड्स और वॉटर अट्रैक्शन भी जोड़े जा रहे हैं।

NSE Q1 Results: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुनाफा 7% बढ़ा, इनकम रही 9% ज्यादा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aarti Industries: केमिकल कंपनी का मुनाफा 260% उछला, मैनेजमेंट भी बड़े बदलाव हुए

Aarti Industries Q1 Results: केमिकल कंपनी आरती इंडस्ट्रीज ने जून 2026 तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 260.47% बढ़कर ₹155 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹43 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 42.42% बढ़कर ₹2,387 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹1,676 करोड़ था।

कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई भी मजबूत रही। EBITDA 79.8% बढ़कर ₹383 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 12.71% से बढ़कर 16.04% हो गया। मार्च तिमाही के मुकाबले भी मुनाफा 13.14% और रेवेन्यू 8.20% बढ़ा है।

सब्सिडियरी बेचने से भी हुआ फायदा

आरती इंडस्ट्रीज को तिमाही के दौरान ₹2 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन मिला। यह फायदा Shanti Intermediates में अपनी हिस्सेदारी बेचने से हुआ। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इससे कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। वजह यह है कि इस सब्सिडियरी का रेवेन्यू और मुनाफे में योगदान 0.1% से भी कम था।

आगे की क्या है तैयारी?

आरती इंडस्ट्रीज के CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुयोग कोटेचा ने कहा कि FY27 की शुरुआत अच्छी रही है। हालांकि, दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर कारोबार पर पड़ा। इससे बिक्री का वॉल्यूम थोड़ा दबा रहा। कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में मांग बढ़ेगी और वॉल्यूम भी सुधरेगा।

कंपनी ने बताया कि Zone IV Expansion और Chlorotoluene Value Chain प्रोजेक्ट में मजदूरों की कमी की वजह से 4 से 6 महीने की देरी हुई है। अब इन्हें अगले तीन तिमाहियों में चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

FY27 के लिए ₹700-800 करोड़ के कैपेक्स का लक्ष्य भी बरकरार रखा गया है। वहीं, Superform Joint Venture और Re Aarti Chemical Recycling Venture भी तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं।

मैनेजमेंट में भी होगा बड़ा बदलाव

आरती इंडस्ट्रीज को ने नेतृत्व में बदलाव का भी ऐलान किया है। 1 अक्टूबर 2026 से सुयोग कोटेचा कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO बन जाएंगे। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

वहीं, मौजूदा चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेंद्र गोगरी अब नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे। राशेश गोगरी और रेनिल गोगरी को नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन बनाया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव लंबे समय की उत्तराधिकार योजना और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस का हिस्सा है।

आरती इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

आरती इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 0.91% की गिरावट के साथ 481.10 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 29.35% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 8% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 17.42 हजार रुपये है।

आरती इंडस्ट्रीज भारत की प्रमुख स्पेशियलिटी केमिकल कंपनियों में से एक है। कंपनी ऐसे केमिकल बनाती है, जिनका इस्तेमाल कई बड़े उद्योगों में होता है। इनमें फार्मा, एग्रोकेमिकल, पॉलिमर, पेंट, डाई, पिगमेंट, एडिटिव्स और होम एंड पर्सनल केयर सेक्टर शामिल हैं।

सुनील सिंघानिया के फंड ने इस स्टॉक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी, 20% का अपर सर्किट लगा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Best Agrolife Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 104% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Best Agrolife Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी Best Agrolife ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 104% बढ़कर 41 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 20 करोड़ रुपये था।

कंपनी का कहना है कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, कीमतों में बढ़ोतरी, लागत पर नियंत्रण और ऑपरेशनल एफिशिएंसी की वजह से मुनाफे में यह तेज उछाल आया है।

रेवेन्यू भी बढ़ा, मार्जिन में बड़ा सुधार

बेस्ट एग्रोलाइफ का ऑपरेशन होने वाली रेवेन्यू भी बढ़ी है। जून तिमाही में यह 4% बढ़कर 396 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी तिमाही में रेवेन्यू 381 करोड़ रुपये थी। ग्रॉस प्रॉफिट 32% बढ़कर 146 करोड़ रुपये पहुंच गया।

ग्रॉस मार्जिन 29% से बढ़कर 37% हो गया। EBITDA 70% बढ़कर 78 करोड़ रुपये रहा। वहीं EBITDA मार्जिन 12% से बढ़कर 20% पर पहुंच गया। PAT मार्जिन भी 5% से बढ़कर 10% हो गई।

तिमाही आधार पर भी रिकवरी दिखी

तिमाही आधार पर भी कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। मार्च तिमाही में बेस्ट एग्रोलाइफ का रेवेन्यू 156 करोड़ रुपये था, जो जून तिमाही में बढ़कर 396 करोड़ रुपये पहुंच गई। यानी इसमें 154% की बढ़ोतरी हुई।

EBITDA मार्च तिमाही में 27 करोड़ रुपये के घाटे में था, लेकिन जून तिमाही में 78 करोड़ रुपये के मुनाफे पर पहुंच गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी मार्च तिमाही में 37 करोड़ रुपये के नुकसान से निकलकर जून तिमाही में 41 करोड़ रुपये के फायदे में आ गया।

मानसून की देरी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन

बेस्ट एग्रोलाइफ के मैनेजिंग डायरेक्टर विमल कुमार ने कहा कि इस बार मानसून देर से आया। कई इलाकों में बारिश भी बराबर नहीं हुई। इसका असर खरीफ की बुवाई और फसल सुरक्षा वाले उत्पादों की मांग पर पड़ा। इसके बावजूद कंपनी ने रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की।

उनके मुताबिक Bestman, Fetagen, Warden Extra और Ronfen जैसे प्रोडक्ट्स की मांग मजबूत रही। हाल में लॉन्च किए गए Fluzam और Cubax Power Extra को भी बाजार में अच्छा रिस्पॉन्स मिला।

आगे भी ग्रोथ की उम्मीद

बेस्ट एग्रोलाइफ को उम्मीद है कि अब मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ खरीफ सीजन में मांग भी तेज होगी।

कंपनी का कहना है कि वह नए प्रोडक्ट्स, बाजार विस्तार और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर फोकस बनाए रखेगी। इससे आने वाली तिमाहियों में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

बेस्ट एग्रोलाइफ के शेयर

बेस्ट एग्रोलाइफ का गुरुवार को 1.49% की गिरावट के साथ 16.49 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 6.87% चढ़ा है। हालांकि, बीते 6 महीने इसने 12.98% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 586.21 करोड़ रुपये है।

बेस्ट एग्रोलाइफ कृषि रसायन (Agrochemicals) सेक्टर की कंपनी है। यह फसल सुरक्षा के लिए कीटनाशक, खरपतवारनाशक, फफूंदनाशक और अन्य क्रॉप प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला है।

Stocks to Watch: 31 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।