Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

SML Mahindra Share Price: M&M का ट्रक-बस बिजनेस SML महिंद्रा के नाम होगा, शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान

पर्सनल लोन एक फ्लेक्सिबल फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है, जो लोगों को बड़े खर्चों जैसे शिक्षा, शादी, वेकेशन, घर का रेनोवेशन, मेडिकल बिल या गैजेट खरीदने में मदद करता है. यह फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट क्रेडिट कार्ड के मुकाबले एक किफायती विकल्प है और लोन अमाउंट को मासिक किस्तों (EMIs) में चुकाने की सुविधा देता है.

हालांकि, इस लोन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रेडिट स्कोर, इंटरेस्ट रेट और एक्स्ट्रा चार्ज जैसे फैक्टर पर ध्यान देना भी जरूरी है. इससे आप कुछ आम गलतियों से बच सकते हैं, जैसे गलत लेंडर चुन लेना, गलत लोन टेन्योर लेना या जरूरत से ज्यादा लोन लेना.

किसी भी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें:  

1. अलग-अलग मार्केट इंटरेस्ट रेट की तुलना करें

अलग-अलग लेंडर के इंटरेस्ट रेट की तुलना करने से आपको सबसे कम रेट वाला लोन मिल सकता है. BankBazaar, Paisabazaar और MyLoanCare जैसे प्लेटफॉर्म इस तुलना को आसान बनाते हैं.

सस्ते इंटरेस्ट रेट और सही इंटरेस्ट टाईप (जैसे फिक्स्ड या फ्लोटिंग) चुनने से लोन रीपेमेंट आसान हो जाता है.

मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ऐप और वेबसाइट पर आप 10+ लेंडर के पर्सनल लोन ऑफर की तुलना कर सकते हैं. यहां इंटरेस्ट रेट सिर्फ 9.99% सालाना से शुरू होते हैं, और आप 50 लाख रुपए तक का लोन पूरी तरह डिजिटल प्रोसेस के जरिए ले सकते हैं.

2. लोन अमाउंट, टेन्योर और रीपेमेंट

लोन अमाउंट, टेन्योर और पेमेंट सीधे तौर पर EMI को प्रभावित करते हैं. सही अमाउंट, फ्लेक्सिबल टेन्योर और मैनेज करने योग्य EMI चुनने से आप अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही लोन चुन सकते हैं.

3. हेल्दी क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखें

आपकी क्रेडिटवर्थिनेस आपकी क्रेडिट हिस्ट्री से तय होती है, जिसे CIBIL स्कोर कहा जाता है. आपका स्कोर कम-से-कम 700 या इससे ज्यादा होना चाहिए.

कोई भी बकाया समय पर चुकाने से क्रेडिट स्कोर अच्छा बना रहता है. अगर आपका स्कोर कम है तो लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है या आपको ऊंचे इंटरेस्ट रेट पर लोन मिल सकता है.

4. लोन से जुड़े हर खर्च का आकलन करें

लोन लेने से पहले उससे जुड़े सभी खर्च जैसे प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज और लेट पेमेंट पेनल्टी पर गौर करें. इससे आपको कुल खर्च का सही आकलन मिलेगा और आप बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग कर पाएंगे.

5. सही लोन अमाउंट चुनें

लोन अमाउंट अपनी जरूरत और खर्चों के हिसाब से तय करें. अगर आपकी जरूरतें और खर्च अनिश्चित हैं, तो फ्लेक्सी पर्सनल लोन एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

10+ लेंडर्स से ऑफर्स कम्पेयर करें

6. रीपेमेंट की क्षमता जांचें

लोन अप्लाई करने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी इनकम लोन को समय पर चुकाने के लिए काफी है या नहीं. पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर जैसे टूल का इस्तेमाल करके आप मासिक किस्तों का अंदाजा लगा सकते हैं. ऐसा करने से, बाकी फाइनेंशियल लायबिलिटी से समझौता किए बिना EMI प्लान करना आसान हो जाता है.

7. धोखाधड़ी वाले ऑफर और सर्विस से बचें

ऐसे ऑफर जो बहुत ज्यादा किफायती या आकर्षक लग रहे हैं, उनसे सावधान रहें. ऑफर का फाइन प्रिंट जरूर पढ़ें ताकि हिडन चार्ज या अचानक आने वाले खर्चों से बचा जा सके. साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि लोन की शर्तें साफ और समझने योग्य हैं.

कुछ लेंडर सस्ते इंटरेस्ट रेट का दावा करते हैं लेकिन बाद में एक्स्ट्रा फीस जोड़ देते हैं. इसलिए हमेशा ऐसे लेंडर को चुनें जो पारदर्शी और ईमानदार हो.

8. लेंडर की रेप्यूटेशन और कस्टमर सर्विस चेक करें

लोन लेने से पहले लेंडर की मार्केट रेप्यूटेशन और उनकी कस्टमर सर्विस की क्वालिटी पर रिसर्च करें. इसके लिए आप RBI की वेबसाइट, Trustpilot या Google Reviews पर कस्टमर रिव्यू और रेटिंग देख सकते हैं.

एक भरोसेमंद लेंडर का चुनाव आपके लोन एक्सपीरियंस को आसान और सुरक्षित बनाता है.

कुल मिलाकर, पर्सनल लोन लेते समय इंटरेस्ट रेट, टेन्योर, रीपेमेंट क्षमता, हिडन फीस और लेंडर की रेप्यूटेशन जैसे फैक्टर का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अलग-अलग ऑफर की तुलना कर, अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखकर और लोन की शर्तें समझकर आप अपनी फाइनेंशियल जरूरत के लिए सबसे बेहतर फैसला ले सकते हैं.

मनीकंट्रोल के ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म पर आप 10+ लेंडर से 50 लाख रुपए तक का पर्सनल लोन ले सकते हैं. इन पर इंटरेस्ट रेट सिर्फ 9.99% सालाना से शुरू होते हैं. यह प्रोसेस 100% पेपरलेस है.

HDFC बैंक को गवर्नेंस में बड़े सुधार करने होंगे, तभी बहाल होगा निवेशकों का भरोसा : एक्सपर्ट्स

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक को निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए सिर्फ पुराने विवादों को बंद करना काफी नहीं होगा। कॉरपोरेट गवर्नेंस के जानकारों का कहना है कि बैंक को अपनी गवर्नेंस, आंतरिक प्रक्रियाओं और बोर्ड की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। उनका मानना है कि निवेशक अब सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि बैंक के काम करने के तरीके को भी देख रहे हैं।

मामला क्या है?

यह चर्चा MSRDC डिपॉजिट मामले के बाद तेज हुई है। बैंक के बोर्ड ने इस मामले की आंतरिक जांच पूरी की। जांच में CEO शशिधर जगदीशन समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर आर्थिक जुर्माना और चेतावनी जारी की गई।

हालांकि, बोर्ड ने यह भी माना कि मामले में किसी तरह की निजी कमाई, गलत मंशा या नियमों के उल्लंघन के सबूत नहीं मिले। इसके बाद बोर्ड ने जगदीशन की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश भी की।

एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?

Institutional Investor Advisory Services (IiAS) के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित टंडन का कहना है कि किसी एक मामले का निपटारा कर देना ही काफी नहीं है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या बैंक ने हाल के गवर्नेंस विवादों से सबक लिया है। क्या बोर्ड की निगरानी पहले से मजबूत हुई है। क्या आंतरिक कंट्रोल बेहतर हुए हैं। उनके मुताबिक गवर्नेंस में सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि उन तक पहुंचने की प्रक्रिया भी उतनी ही अहम होती है।

पुराने मामलों पर भी उठे सवाल

अमित टंडन का कहना है कि इस मामले को अकेले नहीं देखा जाना चाहिए। इसे पूर्व स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे और हाल के दूसरे गवर्नेंस विवादों के साथ जोड़कर देखना होगा। उनका मानना है कि अब बैंक की सबसे बड़ी चुनौती निवेशकों को यह भरोसा दिलाना है कि उसकी गवर्नेंस सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है।

बोर्ड का संदेश क्या है?

अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर अश्विन पारेख का कहना है कि बोर्ड की स्वतंत्र जांच से साफ हुआ कि यह मामला नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि गवर्नेंस और कारोबारी पहुंच का था। इसलिए बोर्ड ने CEO की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश की। हालांकि, अंतिम फैसला RBI को लेना है।

आगे बैंक के लिए क्या चुनौती?

अश्विन पारेख का मानना है कि CEO, CFO और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों पर जुर्माना लगाना अपने आप में बड़ा कदम है। इससे बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि जवाबदेही तय की जाएगी।

वहीं, अमित टंडन का कहना है कि अब बहस सजा की मात्रा पर नहीं होनी चाहिए। असली फोकस इस बात पर होना चाहिए कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए बैंक अपनी गवर्नेंस को कितना मजबूत बनाता है।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 0.38% गिरकर 736.75 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 21.01% गिरा है। वहीं, एक साल में यह 26.64% टूटा है। 5 साल की बात करें, तो निवेशकों को सिर्फ 3.30% रिटर्न मिला है। बैंक का मार्केट कैप 5.64 हजार करोड़ रुपये है।

Q1 Results: प्राइवेट बैंक का मुनाफा 25% बढ़ा, NPA घटा; शेयर 11% उछला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : जुलाई सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए नरम संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की कमजोरी है। FIIs की कैश में करीब 1700 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लेकिन फ्यूचर्स में खरीदारी हुई है। FIIs के लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो में सुधार हुआ है। ऐसे में करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त तेजी दिखी और लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में आई कमी से बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और निफ्टी 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि,दिन के ज्यादातर समय बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में ही कारोबार करते रहे,लेकिन आखिरी घंटे में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली,जिससे निफ़्टी 24,000 के स्तर के पार चला गया और बाजारर दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ लगभग 23,996.50 पर ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत मिल रहा है।

Market cues : निफ्टी के 24000 के ऊपर जाने पर ही आएगी तेजी, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। S&P 500 में 0.02% की मामूली बढ़त हुई और यह 7,413.18 के लेवल पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 अंक पर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

27 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और ₹1,688 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,329 करोड़ के शेयर खरीदे।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

पश्चिम एशिया में अटैक थमने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी है। ब्रेंट का भाव $88 के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीद बढ़ी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है।

एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा

इधर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे हैं। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 परसेंट के लोअर सर्किट पर है। निक्केई 4 परसेंट टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले हैं।

मिले-जुले रहे कोल इंडिया के नतीजे

पहली तिमाही में कोल इंडिया के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में करीब एक परसेंट की बढ़त देखने को मिली है। रेवेन्यू 8% बढ़ा है। मार्जिन पर दबाव दिखा है। वहीं BEL का प्रॉफिट 9% बढ़ा है। कंपनी के रेवेन्यू में 25% से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन मार्जिन में कमी दिखी है।

कोफोर्ज का मुनाफा घटा,हैपिएस्ट माइंड का अच्छा परफॉर्मेंस

कोफोर्ज का पहली तिमाही में मुनाफा 15 परसेंट लुढ़का है। लेकिन डॉलर आय 21 परसेंट बढ़ी है। इधर हैपिएस्ट माइंड का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। पहली तिमाही में इसका मुनाफा 10.5% बढ़ा है। आय में 4 परसेंट की ग्रोथ देखने को मिली है। लेकिन EBIT मार्जिन फ्लैट रहे हैं।

टाटा पावर के अच्छे नतीजे, मुनाफे से घाटे में आई टाटा केमिकल्स

पहली तिमाही में टाटा पावर के नतीजे अनुमान से अच्छे रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 11% तो रेवेन्यू करीब 6% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है।वहीं दूसरी ओर टाटा केमिकल्स मुनाफे से घाटे में आई है। कंपनी को 252 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले हुआ 17 करोड़ का घाटा हुआ है। साथ ही मार्जिन में भी कमी आई है।

गॉडफ्रे फिलिप्स के कमजोर नतीजे, फ्लैट रहा इंडस टावर का मुनाफा

पहली तिमाही में Godfrey Phillips के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 44% तो रेवेन्यू 19% घटा है। मार्जिन पर भी तगड़ी मार पड़ी है। वहीं इंडस टावर का प्रॉफिट फ्लैट रहा है। इसके रेवेन्यू में करीब 5% की बढ़त दिखी है।

HUL और L&T के Q1 नतीजे आज

निफ्टी में आज HUL और L&T के नतीजे आएंगे। HUL का मुनाफा फ्लैट रह सकता है। 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद। वहीं L&T के नंबर्स कमजोर रह सकते हैं। मार्जिन पर दबाव मुमकिन है। आज वायदा में रैडिको खेतान और वरुण बेवरेजेज समेत 7 कंपनियों के रिजल्ट का भी इंतजार रहेगा।

MSRDC रिव्यू में HDFC बैंक में बड़ा एक्शन

HDFC Bank में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। MSRDC मामले में MD & CEO शशिधर जगदीशन समेत CFO और रिटेल असेट हेड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने कहा है कि यह मामला बीजनेस ओवररीच का है। गलत नीयत का नहीं है। RBI को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।

Plastic currency notes : 10 और 20 रुपए के प्लास्टिक नोटों पर सरकार की मुहर, ट्रायल के लिए RBI के प्रस्ताव को मिली मंजूरी, क्या बंद हो जाएंगे पुराने नोट

palstic notes ai image

केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 10 रुपए और 20 रुपए मूल्यवर्ग के पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज के नोटों को पूरी तरह प्लास्टिक नोटों से बदलने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

ALSO READ: CJP के आंदोलन की चेतावनी के बीच दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, पार्टी का आरोप- राज्यों में जारी है गिरफ्तारियां, कानूनी सहायता के लिए बनाया फंड

हाल ही में खबर आई थी कि RBI की नोट छापने वाली इकाई भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने सुरक्षा फीचर्स वाले पॉलिमर सब्सट्रेट शीट्स की आपूर्ति के लिए वैश्विक कंपनियों से रुचि पत्र (EOI) आमंत्रित किए हैं। हालांकि टेंडर में यह नहीं बताया गया है कि ये नोट किस मूल्यवर्ग में और कब से नियमित रूप से जारी किए जाएंगे।

लोकसभा में सोमवार को एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि RBI के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर 10 रुपए और 20 रुपए के एक-एक अरब (100 करोड़) पॉलिमर नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने का प्रस्ताव दिया गया था। ट्रायल सफल रहने के बाद इन्हें नियमित रूप से जारी करने की योजना है। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

ALSO READ: Honda QC3 vs Honda Activa e: जानिए दोनों इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में क्या है बड़ा अंतर, कौन है ज्यादा प्रैक्टिकल?

मंत्री ने बताया कि RBI के अनुसार अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों से पता चलता है कि पॉलिमर बैंक नोटों की उम्र कागज के नोटों की तुलना में काफी अधिक होती है। ये अधिक टिकाऊ होते हैं और लंबे समय तक उपयोग में रह सकते हैं। डिजिटल भुगतान पर संभावित असर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पंकज चौधरी ने कहा कि पॉलिमर नोटों की शुरुआत अभी शुरुआती चरण में है।

ALSO READ: Black Sea Conflict : ब्लैक सी हमले पर भारत का सख्त एक्शन, यूक्रेन के राजदूत तलब, 5 भारतीय नाविकों की मौत के बाद MEA की बड़ी एडवाइजरी

इनके नियमित रूप से जारी होने के बाद ही डिजिटल लेनदेन पर इनके प्रभाव का सही आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नकद और डिजिटल भुगतान दोनों आम जनता के लिए एक-दूसरे के पूरक माध्यम हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पॉलिमर नोट मौजूदा कागज आधारित नोटों के साथ ही चलेंगे। फिलहाल कागज के नोटों को पूरी तरह हटाकर केवल प्लास्टिक नोट जारी करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

 

HDFC Bank News: CEO समेत तीन बड़े अधिकारियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना, बोर्ड ने दी चेतावनी

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank ने बताया कि उसके बोर्ड ने MD और CEO शशिधर जगदीशन, CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन और ग्रुप हेड (रिटेल एसेट्स) अरविंद वोहरा पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया है। तीनों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है।

MSRDC मामले की हुई जांच

यह फैसला महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के साथ 2017 और 2021 में हुए डिपॉजिट समझौते की आंतरिक जांच के बाद लिया गया।

बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि स्वतंत्र निदेशकों की विशेष समिति ने पूरे मामले की समीक्षा की। जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि किसी अधिकारी ने गलत नीयत से काम किया हो या निजी फायदा उठाया हो। हालांकि, बोर्ड का मानना है कि इस मामले में कुछ अधिकारियों ने कारोबार बढ़ाने के चक्कर में तय सीमा से आगे बढ़कर काम किया।

RBI को भी भेजी जाएगी रिपोर्ट

बैंक ने कहा कि RBI के नियमों से संभावित अंतर को देखते हुए बोर्ड ने तीनों वरिष्ठ अधिकारियों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही उन्हें चेतावनी पत्र भी दिया गया है। मामले से जुड़े बाकी कर्मचारियों को भी चेतावनी पत्र जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी तय किया है कि पूरे मामले की जानकारी RBI को भेजी जाएगी।

₹45 करोड़ के भुगतान पर उठा था विवाद

मई 2026 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि HDFC Bank ने बड़े डिपॉजिट जुटाने के लिए MSRDC को ₹45 करोड़ का भुगतान किया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस रकम को मार्केटिंग खर्च के तौर पर दिखाया गया और CEO को इसकी जानकारी थी।

उस समय बैंक ने सभी आरोपों से इनकार किया था। बैंक का कहना था कि उसके यहां मजबूत ऑडिट और निगरानी व्यवस्था है। सभी फैसले तय नियमों के मुताबिक लिए जाते हैं।

पहले भी नहीं मिले थे सबूत

इससे पहले एक स्वतंत्र कानूनी जांच भी हुई थी। उसमें भी पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की ओर से कॉरपोरेट गवर्नेंस और नैतिकता को लेकर उठाए गए सवालों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला था।

HDFC Bank का शेयर NSE पर 0.4% गिरकर ₹740 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में इसमें करीब 7.34% की गिरावट आई है। एक साल में यह 26.29% टूट चुका है।

HUDCO Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 35% बढ़ा, डिविडेंड का भी ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Plastic Currency: ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों को केंद्र सरकार से मिली मंजूरी, जल्द मार्केट में होगी एंट्री

₹10 and ₹20 Polymer Banknotes Trial: केंद्र सरकार ने 27 जुलाई 2026 को संसद में जानकारी दी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। वित्त मंत्रालय ने संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि आरबीआई का उद्देश्य कागज के नोटों के मुकाबले ज्यादा टिकाऊ पॉलीमर नोटों की उपयोगिता और जीवनकाल को परखना है।

100-100 करोड़ पीस पॉलीमर नोटों का होगा परीक्षण

वित्त मंत्रालय के अनुसार, आरबीआई ने अपने केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के बाद ₹10 और ₹20 के 1-1 अरब पीस पॉलीमर नोट जारी कर ट्रायल करने का प्रस्ताव रखा था।अगर यह फील्ड ट्रायल सफल रहता है, तो इसके बाद इन दोनों मूल्यवर्गों में पॉलीमर बैंक नोटों का नियमित रूप से जारी किया जाना शुरू कर दिया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि पॉलीमर नोटों की शुरुआत अभी शुरुआती चरण में है।

क्यों पड़े पॉलीमर नोटों की जरूरत?

कागज के नोटों की तुलना में पॉलीमर नोटों के कई फायदे होते हैं। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, पॉलीमर यानी प्लास्टिक से बने नोट कागज वाले नोटों की तुलना में काफी लंबे समय तक चलते हैं। ये नोट पानी से खराब नहीं होते, आसानी से फटते नहीं हैं और पसीने या गंदगी से जल्दी मैले नहीं होते। ₹10 और ₹20 जैसे छोटे नोटों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है, इसलिए कागज के नोट जल्दी खराब हो जाते हैं।

क्या बंद हो जाएंगे पुराने कागज वाले नोट?

सरकार ने इस बात पर पूरी स्थिति साफ कर दी है। आरबीआई इन नए पॉलीमर नोटों को मौजूदा कागज के नोटों के साथ ही सर्कुलेशन में लाएगा। कागज की करेंसी को पूरी तरह बंद करने या उसे पॉलीमर नोटों से बदलने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।

डिजिटल पेमेंट पर क्या पड़ेगा असर?

यह पूछे जाने पर कि क्या प्लास्टिक नोट आने से यूपीआई और डिजिटल भुगतानों पर असर पड़ेगा, वित्त मंत्रालय ने कहा, इसका कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं, इसका सही आकलन पॉलीमर नोटों के नियमित रूप से जारी होने के बाद ही किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि कागजी/पॉलीमर बैंक नोट और डिजिटल पेमेंट सिस्टम एक-दूसरे के पूरक हैं और जनता की सुविधा के लिए दोनों विकल्प मौजूद रहेंगे।

Bank Holidays in August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक! स्वतंत्रता दिवस, ओणम और ईद-ए-मिलाद पर छुट्टियों की पूरी लिस्ट

August 2026 Bank Holidays List: अगर अगस्त के महीने में आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी अगस्त 2026 के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 14 दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

इन छुट्टियों में स्वतंत्रता दिवस, ईद-ए-मिलाद, ओणम और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों के अलावा रविवार, दूसरा शनिवार और चौथा शनिवार की वीकली छुट्टियां शामिल हैं। इसलिए बैंक जाने से पहले अपने राज्य में छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें।

अगस्त 2026 में बैंक छुट्टियों की तारीखवार सूची

रिजर्व बैंक की लिस्ट के अनुसार, अगस्त महीने की छुट्टियों का ब्योरा इस प्रकार है:

  • 2 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 4 अगस्त, मंगलवार – केर पूजा, अगरतला में बंद रहेंगे
  • 8 अगस्त, शनिवार – दूसरा शनिवार / तेंडोंग लो रूम फाट, देशभर में बंद रहेंगे (गंगटोक में विशेष त्योहार)
  • 9 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 13 अगस्त, गुरुवार – पेट्रियट्स डे, इम्फाल में बंद रहेंगे
  • 15 अगस्त, शनिवार – स्वतंत्रता दिवस, देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे
  • 16 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 19 अगस्त, बुधवार – महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जयंती, अगरतला में बंद रहेंगे
  • 22 अगस्त, शनिवार – चौथा शनिवार, देशभर में बंद रहेंगे
  • 23 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 25 अगस्त, मंगलवार – मिलाद-उन-नबी / पहला ओणम, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और विजयवाड़ा में बंद रहेंगे
  • 26 अगस्त, बुधवार – ईद-ए-मिलाद / तिरुवोनम, नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ, पटना आदि में बंद रहेंगे
  • 28 अगस्त, शुक्रवार – रक्षाबंधन / पांग-ल्हाबसोल / श्री नारायण गुरु जयंती, जयपुर, अहमदाबाद, भोपाल, लखनऊ, शिमला, देहरादून आदि में बंद रहेंगे
  • 30 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे

अगस्त 2026 में बैंक छुट्टियों की तारीखवार सूची

बैंक बंद होने पर कैसे निपटाएं अपने काम?

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल युग में अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन चालू रहेंगी। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI सेवाएं 24×7 सामान्य रूप से काम करेंगी। कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम सर्विस उपलब्ध रहेगी। NEFT/RTGS के लिए ऑनलाइन रिक्वेस्ट, चेकबुक आवेदन और क्रेडिट/डेबिट कार्ड से जुड़ी सेवाएं बैंक ऐप/वेबसाइट के जरिए ली जा सकती हैं।

Stock Market Fall: सेंसेक्स 332 अंक गिरकर बंद; लगातार 5वें दिन लाल, निवेशकों के ₹91511 करोड़ स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। दिन में सेंसेक्स ने 917 अंकों की तगड़ी मार झेली और 75,474.43 के लो तक चला गया। निफ्टी भी 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया। हालांकि बाद में रिकवरी हुई। सेंसेक्स 331.62 अंकों की गिरावट के साथ 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंकों की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 91,510.68 करोड़ रुपये घट गया। गुरुवार, 23 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,76,60,985.926 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह घटकर 4,75,69,475.24 करोड़ रुपये हो गया।

NSE पर एचसीएल टेक्नोलोजिज, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी टॉप गेनर्स रहे। वहीं इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, बजाज ऑटो टॉप लूजर्स रहे।

एक दिन पहले कैसी रही थी चाल

पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।

Hindustan Zinc Q1 Results: मुनाफा 145% बढ़ा, रेवेन्यू 77% की बढ़ोतरी के साथ अब तक के सबसे हाई लेवल पर

रुपये की चाल

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 96.51 पर पहुंच गया। बाद में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 96.55 (अस्थायी) पर बंद हुआ। खबरों के मुताबिक, इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की संभावित दखलंदाजी का भी हाथ रहा, जिसके जरिए कच्चे तेल की कीमत में उछाल के बीच रुपये में और गिरावट को रोकने की कोशिश की गई। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी घरेलू करेंसी को कुछ सहारा दिया। रुपया गुरुवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 6 प्रतिशत लुढ़क गया। जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट में हैं। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Realty Stocks : निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने लगाई जबरदस्त छलांग, एनालिस्ट्स को इन चुनिंदा शेयरों में अभी नजर आ रहा दम

Real Estate Stocks : पिछले महीने निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा है। इसमें 10.8% की बढ़त हुई और इसने बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। मजबूत बिक्री,नए प्रोजेक्ट्स की अच्छी पाइपलाइन और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट साइकल के बने रहने की उम्मीदों के चलते इन्वेस्टर्स लिस्टेड डेवलपर्स में रुचि ले रहे हैं। इसके चलते इस सेक्टर में अच्छी तेजी आई है।

निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने इस अवधि में दूसरे सेक्टर इंडेक्सों के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी दौरान,निफ्टी IT इंडेक्स में 3.6% की बढ़त हुई,जबकि बैंकिंग,फाइनेंशियल सर्विस और अधिकांश दूसरे सेक्टर में मामूली बढ़त हुई या फिर उनमें सुस्ती रही। निफ्टी रियल्टी की यह बढ़त व्यापक रही जिसमें लोढ़ा डेवलपर्स,गोदरेज प्रॉपर्टीज़,प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स,ब्रिगेड एंटरप्राइजेज,ओबेरॉय रियल्टी,फीनिक्स मिल्स और अनंत राज जैसे शेयरों की अहम भूमिका रही।

मिरे एसेट शेरखान के रिसर्च एनालिस्ट अक्षय शेट्टी का कहना है कि यह तेजी किसी एक वजह से नहीं,बल्कि बेहतर मैक्रो स्थितियों और कंपनियों के मज़बूत होते फंडामेंटल्स के मिले-जुले असर से आ रही है। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में सुधार से जोखिम लेने की क्षमता बेहतर हुई है। साथ ही,बड़े लिस्टेड डेवलपर्स लगातार अच्छी प्री-सेल्स,मजबूत बिज़नेस डेवलपमेंट और लॉन्च की मजबूत पाइपलाइन की जानकारी दे रहे हैं,जिससे यह भरोसा मजबूत होता है कि रेजिडेंशियल रियल एस्टेट का साइकिल कायम है।

उन्होंने बताया कि 2026 की पहली छमाही में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेशकों ने लगभग 4.3-4.4 अरब डॉलर निवेश किया जो सालाना आधार पर 23-25% की बढ़ोतरी दिखाता है। कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ लगभग 18% रही,जबकि हाउसिंग लोन में सालाना आधार पर लगभग 11% की बढ़ोतरी देखने को मिली जिससे मांग में तेजी के संकेत मिल रहे हैं।

ब्याज दरों के कम रहने की उम्मीद से भी लोगों का भरोसा बढ़ा है। RBI का रेपो रेट 5.25% है और होम लोन की दरें लगभग 7.1% से शुरू हो रही हैं, जिससे घर खरीदना आसान हो गया है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की AVP और रिसर्च एनालिस्ट स्नेहा पोद्दार ने कहा कि यह तेजी रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में आए स्ट्रक्चरल सुधारों को दिखाती है। हाउसिंग सेक्टर की स्थिति अच्छी बनी हुई है। डिमांड अपने पीक लेवल से थोड़ी कम हुई है,लेकिन सप्लाई पर कंट्रोल रहा है,जिससे इन्वेंट्री का बहुत ज्यादा स्टॉक जमा नहीं हुआ है। लिस्टेड डेवलपर्स ने पिछले चार-पांच सालों में अपना कर्ज काफी कम किया है,जिससे कैश जेनरेशन बेहतर हुआ है और उनकी बैलेंस शीट मज़बूत हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन की वजह से बड़े ब्रांडेड डेवलपर्स लगातार मार्केट शेयर बढ़ा रहे हैं। साथ ही,प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में मजबूत डिमांड और बेहतर बैलेंस शीट की वजह से डेवलपर्स जमीन के बड़े सौदे कर रहे हैं और नए इलाकों में अपना कारोबार फैला रहे हैं।

कहां करें निवेश?

पिछले महीने में हुई जबरदस्त बढ़त के बावजूद,एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशकों को इस सेक्टर में अच्छे रिटर्न के लिए अब चुनिंदा क्विलिटी शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए। लिस्टेड कंपनियों में एनालिस्ट्स अब मजबूत बैलेंस शीट और समय पर काम पूरा करने की क्षमता वाले बड़े डेवलपर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अक्षय शेट्टी को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में काम करने के तरीके,अच्छे कलेक्शन,प्रीमियम लॉन्च और सोच-समझकर होने वाले कैपिटल एलोकेशन के कारण लोढ़ा डेवलपर्स सबसे ज्यादा पसंद है। इसके अलावी उनको गोदरेज प्रॉपर्टीज भी पसंद है। उनका मानना है कि कंपनी को मज़बूत बिज़नेस डेवलपमेंट पाइपलाइन और एसेट-लाइट विस्तार की रणनीति क फायदा मिलेगा। अनंत राज भी उनकी फेवरिट लिस्ट में शामिल है। उनका कहना है कि इस कंपनी को रियल एस्टेट बिजनेस के साथ-साथ बढ़ते डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म का भी फायदा मिलेगा।

स्नेहा पोद्दार ने कहा कि ने कहा कि मोतीलाल ओसवाल की पसंदीदा कंपनियों में लोढ़ा डेवलपर्स,DLF और गोदरेज प्रॉपर्टीज शामिल हैं,क्योंकि इनके पास अच्छा फ्री कैश फ्लो,प्रीमियम प्रोजेक्ट पाइपलाइन और काम करने की मजबूत क्षमता है।

 

 

जल्द ही अदाणी एयरपोर्ट और GMR ग्रुप भी उड़ा सकेंगे अपने यात्री जहाज, सरकार नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी में

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।