Rashifal Today: कैसा रहेगा आपका आज का दिन, जानें किन बातों का रखना होगा खास ध्यान

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। यह न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक दिन है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। बिना सोचे-समझे खर्च न करें। भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए फैसले आपको आर्थिक स्थिरता देंगे। धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन पैसों के मामलों में आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक योजना बनाएं। बिना सोचे-समझे या भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें। तय बजट के अनुसार चलेंगे तो आगे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में लाभ देंगे।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आय और खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है। फिजूल खर्च से बचें और जरूरी खर्चों की सूची बनाकर आगे बढ़ें। लंबे समय के लिए बचत और निवेश की योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धैर्य और समझदारी से लिया गया फैसला आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आपको कोई नया आर्थिक अवसर मिल सकता है। अपनी वित्तीय योजना साफ रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें और समय के अनुसार सही कदम उठाएं। पुराने खर्चों की समीक्षा करें और जरूरत हो तो बजट में बदलाव करें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए अपने बजट का ध्यान रखें। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। सही योजना से आप भविष्य की आर्थिक परेशानियों से बच सकते हैं।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। अपनी आय और खर्च का सही हिसाब रखें। बचत बढ़ाने की कोशिश करें और बेवजह खर्च न करें। अगर निवेश करना चाहते हैं तो सोच-समझकर करें। नई आर्थिक योजनाएं भविष्य में अच्छा लाभ दे सकती हैं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने बजट को व्यवस्थित रखने की जरूरत है। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और छोटी-छोटी आर्थिक गलतियों से बचें। आय और खर्च का पूरा रिकॉर्ड रखें। सही योजना और अनुशासन से भविष्य में आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों में अच्छा रहेगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। खासकर महंगी और लग्जरी चीजों पर ज्यादा पैसा खर्च करने से बचें। अपने लंबे समय के आर्थिक लक्ष्य तय करें और उसी दिशा में काम करें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक दिन है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। बिना सोचे-समझे खर्च न करें। भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए फैसले आपको आर्थिक स्थिरता देंगे। धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामलों में संतुलन बनाए रखना होगा। जल्दबाजी या भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। अपने बचत और निवेश की योजनाओं की समीक्षा करें। धैर्य के साथ आगे बढ़ेंगे तो भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

इन 10 म्यूचुअल फंडों ने SIP के निवेशकों को बीते 5 साल में दिए सबसे ज्यादा रिटर्न, देखें पूरी लिस्ट

शेयरों की तरह जोरदार रिटर्न के लिए म्यूचु्अल फंड की सही स्कीम का चुनाव जरूरी है। कुछ फंडों का रिटर्न हमेशा कैटेगरी के औसत रिटर्न से काफी ज्यादा होता है। एनालिसिस के नतीजे बताते हैं कि कुछ फंडों ने सिप के निवेशकों को सालाना 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिए हैं। खास बात यह है कि स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स रिटर्न देने में सबसे आगे हैं।

बीते पांच सालों में स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स का जलवा

सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले 10 फंडों में 9 फंड स्मॉलकैप और मिडकैप कैटेगरी के हैं। इनमें 4 स्मॉलकैप स्कीम हैं। पांच मिडकैप स्कीम हैं। SBI Children Fund सिर्फ एक अपवाद है, जो फ्लेक्सीकैप स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है।

इससे यह संकेत मिलता है कि बीते 5 सालों में जिन निवेशकों ने ज्यादा रिस्क लिया, उन्हें ज्यादा रिटर्न मिला। इस दौरान स्मॉलकैप कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहा। स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों ने सिप के निवेशकों को लार्जकैप फंडों के मुकाबले ज्यादा रिटर्न दिए।

एक्टिव लार्जकैप फंड्स की चमक पड़ी फीकी

सिप इनवेस्टर्स को सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले फंडों में एक भी एक्टिवली मैनेज्ड लार्जकैप फंड शामिल नहीं है। पिछले पांच सालों में लार्जकैप स्कीम में सबसे अच्छा प्रदर्शन Invesco India Largecap Fund का रहा है। इसका सालाना सिप रिटर्न 14.27 फीसदी रहा है। यह 64 लार्जकैप फंड्स में 10वें नंबर पर है। लार्जकैप कैटेगरी में टॉप 9 पोजीशन पर इंडेक्स फंड और ईटीएफ रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि लार्जकैप कैटेगरी में पैसिव फंड्स एक्टिव फंड मैनेजर्स को चुनौती दे रहे हैं।

जोरदार रिटर्न देने वाले फंड्स में उतार-चढ़ाव भी ज्यादा

बीते पांच सालों में स्मॉलकैप और मिडकैप रिटर्न देने में सबसे आगे रहे हैं। लेकिन, म्यूचुअल फंड्स की इन दोनों कैटेगरी में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखा है। उनका शानदार प्रदर्शन फेवरेबल मार्केट साइकिल में दिखा है। इस ट्रेंड के अगले पांच सालों में रिपीट होने की गारंटी नहीं है।

top 10 fund

रिस्क लेने की कपैसिटी के आधार पर फंड का सेलेक्शन्

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले रिटर्न को देखकर निवेश का फैसला ठीक नहीं है। इनवेस्टर को यह देखने की जरूरत है कि वह कितना रिस्क ले सकता है। किसी फंड का लंबी अवधि में लगातार अच्छा प्रदर्शन कुछ सालों में बेहतर प्रदर्शन के मुकाबले ज्यादा मायने रखता है।

Market Outlook : निफ्टी-सेंसेक्स गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 10 अगस्त को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी,सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी,सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है। वहीं, ऑटो और IT शेयरों में खरीदारी रही। डिफेंस और इंफ्रा इंडेक्स भी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि, बैंकिंग और PSE शेयरों में दबाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के अंत में निफ्टी 65 प्वाइंट गिरकर 24,571 पर बंद हुआ। वहीं,सेंसेक्स 456 प्वाइंट गिरकर 78,499 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी भी बैंक निफ्टी 317 प्वाइंट गिरकर 57,746 पर बंद हुआ। जबकि, मिडकैप 137 प्वाइंट चढ़कर 63,464 पर बंद हुआ।

आज निफ्टी के 50 में से 27 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में बिकवाली रही। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 7 शेयरों में बिकवाली रही। डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसा मजबूत होकर 95.21 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आज ऑटो और IT शेयरों में अच्छी बढ़त के बावजूद फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट का असर ज्यादा रहा। बजाज फाइनेंस के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि बजाज फिनसर्व,ट्रेंट और ICICI बैंक भी गिरने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत TCS, ग्रासिम और हिंडाल्को के शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई। निफ्टी ऑटो और IT इंडेक्स में 1.84 प्रतिशत और 1.42 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। मार्केट ब्रेथ निगेटिव रहा 1,964 शेयरों में बढ़त हुई, जबकि 2,119 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

Hedged.in के HNI और डेरिवेटिव्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का कारोबार कमजोरी के साथ बंद हुआ। हालिया बढ़त के बाद बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कुछ हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के दबाव का असर मार्केट के सेंटीमेंट पर पड़ा,जिससे बाजार लाल निशान में बंद हुआ। आज की गिरावट के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल ढांचा काफी हद तक मजबूत बना हुआ। निवेशक ग्लोबल संकेतों और घरेलू घटनाओ पर नज़र बनाए हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी 65 अंक गिरकर 24,570.00 पर बंद हुआ। इंडेक्स 24,600 के तत्काल सपोर्ट से नीचे आ गया है, लेकिन अपने अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अब निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है और उसके बाद 24,300 के पास एक मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ,इसके लिए 24,650–24,750 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर निफ्टी लगातार इस जोन से ऊपर बना रहता है,तो फिर से तेजी आ सकती और ऊंचे स्तरों के लिए रास्ता खुल सकता है।

रियांक अरोड़ा ने आगे कहा कि सेंसेक्स 317 अंक गिरकर 77,746.00 पर बंद हुआ। सेशन के दौरान इंडेक्स में बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई,लेकिन यह अपने अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहा। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 77,500–77,300 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 78,000–78,300 के पास दिख रहा है। उन्होंने कहा कि रेजिस्टेंस जोन के ऊपर कोई भी निर्णायक चाल शॉर्ट-टर्म आउटलुक को मज़बूत करेगी।

बाजार के ओवरऑल ट्रेंड पर बात करते हुए उन्होंनें कहा कि हालिया बढ़त के बाद बाजार में हेल्दी करेक्शन का एक दौर देखने को मिला है। आज ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली हुई। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, तब तक कुल मिलाकर बाजार का रुख तेजी के पक्ष में रहेगा। ट्रेडर्स और निवेशक मज़बूत फ़ंडामेंटल वाले शेयरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट के मामले में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Fall: सेंसेक्स 455 अंक गिरकर बंद, निफ्टी आया 24570 पर; निवेशकों के ₹1.60 लाख करोड़ साफ

लगातार 2 कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को बिकवाली का दबाव रहा। सेंसेक्स 455.59 अंकों की गिरावट के साथ 78,499.17 पर और निफ्टी 65.35 अंकों की गिरावट के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 577.69 अंक तक टूटकर 78,377.07 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी ​पिछली क्लोजिंग से 113.25 अंक तक टूटकर 24,522.75 के लो तक गया।

गुरुवार, 6 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,94,539.903 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,93,34,285.98 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,60,253.923 करोड़ रुपये की कमी। निफ्टी पर ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टीसीएस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलोजिज टॉप गेनर रहे। वहीं बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.89 प्रतिशत चढ़ा, जबकि मिडकैप सेलेक्ट 0.14 प्रतिशत के लाभ में रहा था।

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रुपये में हल्की तेजी

भारतीय करेंसी रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 2 पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.20 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

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वैश्विक बाजारों की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स लाल निशान में रहे। ताइवान वेटेड और SET कंपोजिट में भी गिरावट रही। वहीं हेंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट में तेजी रही। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Price: सोना ₹1.50 लाख पर, चांदी ₹8000 चढ़ी, एक्सपर्ट्स से जानें आगे कहां तक जाएगी कीमतें

Gold Silver Price: भारत में सोने-चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। कीमतों में यह तेजी नई खरीदारी, मज़बूत ग्लोबल ट्रेंड के कारण आई है। साथ ही उम्मीद थी कि महंगाई का दबाव कम होने से US फ़ेडरल रिजर्व को ब्याज दरें घटाने के लिए ज़्यादा गुंजाइश मिल सकती है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने के फ़्यूचर्स ₹2,188 या 0.85% बढ़कर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए। ट्रेडिंग वॉल्यूम 1,283 लॉट रहा।चांदी की कीमतों में भी तेज़ी आई। MCX पर सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी के फ़्यूचर्स ₹8000 या 3.54% बढ़कर ₹2.33 लाख प्रति किलोग्राम हो गए, और 2,943 लॉट का कारोबार हुआ। इंटरनेशनल मार्केट में, चांदी के फ़्यूचर्स 3.44% बढ़कर $61.66 प्रति औंस हो गए।

जानकारों का मानना ​​है कि बाज़ार में हिस्सा लेने वालों द्वारा नई पोज़िशन बनाने की वजह से यह बढ़ोतरी हुई। ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में सोने के फ़्यूचर्स 1.13% बढ़कर $4,287.50 प्रति औंस हो गए।

कीमतों में तेजी क्यों

कीमती धातुओं में हालिया तेज़ी की वजह US ट्रेज़री यील्ड में कमी, महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद, डॉलर का कमज़ोर होना और कीमती धातुओं की लगातार मांग है।

स्मॉलकेस मैनेजर और क्वांटस रिसर्च के MD और CEO कार्तिक जोनागदला ने कहा कि COMEX गोल्ड फ़्यूचर्स 3 अगस्त को लगभग $4,090 प्रति औंस से बढ़कर 7 अगस्त को लगभग $4,350 हो गए।उन्होंने इस बदलाव का कुछ हद तक कारण महंगाई के जोखिमों का दोबारा आकलन बताया। ब्रेंट क्रूड 31 जुलाई को लगभग $90.12 प्रति बैरल से गिरकर लगभग $83.3 पर आ गया, जबकि US 10-वर्षीय ट्रेज़री यील्ड भी हाल के स्तरों से नीचे आ गई, हालांकि बाद में यील्ड में कुछ सुधार हुआ।

आमतौर पर बॉन्ड यील्ड गिरने से सोने को फ़ायदा होता है क्योंकि सोने जैसी बिना यील्ड वाली संपत्ति रखने की अवसर लागत (opportunity cost) कम हो जाती है। कमज़ोर डॉलर भी दूसरी करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए डॉलर में कीमत तय होने वाले सोने को सस्ता बना सकता है।

ये आंकड़े हैं अहम

निवेशक फ़ेडरल रिज़र्व के अगले पॉलिसी कदम के संकेत पाने के लिए US के आर्थिक डेटा पर भी नज़र रखे हुए हैं। कमज़ोर लेबर मार्केट से ब्याज दरें कम होने की उम्मीदें बढ़ सकती हैं, जो आम तौर पर सोने के लिए अच्छा होता है।

आगे कहां जा सकते है कीमतें

VT मार्केट्स के सीनियर मार्केट एनालिस्ट – APAC, जस्टिन खू ने कहा कि सोने में हालिया तेज़ी सिर्फ़ ‘सेफ़-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की मांग के कारण नहीं थी, बल्कि तेल की गिरती कीमतें, US लेबर मार्केट का कमज़ोर डेटा, कम ट्रेजरी यील्ड और जियोपॉलिटिकल रिस्क में बदलाव जैसे कई कारणों से आई थी।

हाल ही में गोल्ड फ़्यूचर्स $4,300 प्रति औंस के स्तर से ऊपर चले गए थे, जबकि चांदी भी कई हफ़्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।ग्लोबल कीमती धातुओं के लिए अगला बड़ा ट्रिगर US नॉन-फ़ार्म पेरोल रिपोर्ट हो सकती है। नौकरियों के आंकड़ों में नरमी से मॉनेटरी ईज़िंग (ब्याज दरों में कटौती या आसान नीति) की उम्मीदें बढ़ सकती हैं, जबकि उम्मीद से बेहतर डेटा यील्ड और डॉलर को ऊपर ले जा सकता है और सोने पर दबाव डाल सकता है।

जोनागाडला ने कहा कि $4,300 का स्तर सोने के लिए एक अहम टेस्ट है। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है, तो धातु $4,350-$4,400 की रेंज में रह सकती है, जबकि $4,200 से नीचे गिरने पर प्रॉफ़िट-बुकिंग का संकेत मिल सकता है।

हालांकि, भारतीय निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें समीकरण का सिर्फ़ एक हिस्सा हैं। रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट, आयात से जुड़ी लागत और घरेलू मांग भी स्थानीय सोने की कीमतों पर असर डालती हैं।

US डॉलर के मुकाबले रुपया ₹95.22 के आसपास होने के कारण, करेंसी में उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतों में बदलाव को बढ़ा या कम कर सकता है।

Gold Silver price Today: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी 1.5% उछली, इन अहम आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading plan: हफ्ते के आखिरी दिन रेंज में रहा बाजार, जानिए सोमवार के लिए क्या हो रणनीति

Trading plan: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में एक रेंज में कारोबार होता दिखा। निफ्टी करीब 80 प्वाइंट फिसलकर 24600 के नीचे आ गया है। SBI के अच्छे नतीजों से बैंक निफ्टी में थोड़ी रिकवरी आई है। वहीं हल्की बढ़त के साथ मिडकैप कर रहा है आउटपरफार्म कर रहा है। उधर INDIA VIX 2 परसेंट ऊपर है। कमजोर बाजार में IT शेयरों ने दम दिखाया है। आईटी इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी चढ़ा है। TCS करीब तीन फीसदी की उछाल के साथ निफ्टी का टॉप गेनर बना है। साथ ही LTM, KPIT और एम्फैसिस भी दो से तीन फीसदी भागे हैं।

NBFCs के साथ केमिकल और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी दबाव देखने को मिल रहा है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब 0.50 फीसदी फिसले हैं। वहीं दूसरी ओर ऑटो शेयरों में तूफानी रफ्तार है। ऑटो इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी चढ़ा है।

शनिवार को वायदा कंपनी डेल्हीवरी के नतीजे आएंगे। डेल्हीवरी का मुनाफा 61% घट सकता है। हालांकि रेवेन्यू में 27% की बढ़त संभव है। साथ ही सोमवार को भारत फोर्ज,बॉश और वोडाफोन के रिजल्ट आएंगे।

बाजार: मिलाजुला दिन

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज फिर एक रेंज में कारोबार हुआ। निफ्टी ने खरीदारी और बिकवाली दोनों जोन का सम्मान किया। सुबह के नजरिए के मुताबिक बैंक नीचे हैं और IT ऊपर। मिडकैप और स्मॉलकैप में मामूली आउटपरफॉर्मेंस रहा। Advance/Decline भी 1:1 पर रहा। नतीजों का आज भी काफी बड़ा रिएक्शन दिखा। हीरो मोटो,समवर्धना मदरसन,ब्रिटानिया और अरबिंदो फार्मा में तेजी रही। क्रॉम्प्टन और ट्रेंट में गिरावट दिखी। बजाज फाइनेंस में बड़ी गिरावट आई। इस पर RBI ड्राफ्ट नियमों का असर दिखा।

बाजार: अब क्या?

वीकेंड में बहुत बड़े डेवलपमेंट हो सकते हैं। आज शाम को US में मेक ऑर ब्रेक डे है। पेरोल डाटा US बाजार का सबसे बड़ा संकेत है। इसके अलावा US-ईरान युद्ध पर भी वीकेंड का जोखिम है। हालांकि पिछले दो सोमवार बाजार के लिए शानदार रहे हैं। अगर पोजिशन लेकर जा रहे हैं तो हेज जरूर करें। वरना बेहतर होगा न्यूट्रल रहें, सोमवार को नया नजरिया लेंगे। IT में भी जाते-जाते मुनाफावसूली के बारे में सोच सकते हैं।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,500-24,550 पर सपोर्ट और 24,350-24,400 पर बड़ा सपोर्ट है। वहीं, 24,650-24,700 पर इसके लिए रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,700 पर सपोर्ट और 58,000-58,200 पर रेजिस्टेंस है।

सोमवार के लिए रणनीति

वीकेंड से पहले लालच से बचिए। न्यूट्रल पोजिशन के साथ जाएं। वीकेंड पर ग्लोबल बाजारों के लिए मेक ऑर ब्रेक ट्रिगर्स हैं।

 

 

Q1 नतीजों के बाद मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका का इन शेयरों पर आया दिल, क्या हैं आपके पास?

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SBI Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 10% बढ़ा, NII में 15% का इजाफा; NPA घटा

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 19,160.44 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 2.86 प्रतिशत रहा।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसकी कुल स्टैंडअलोन इनकम सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 1,35,341.55 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर 33,529.18 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 30,544.47 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी कितनी सुधरी

जून 2026 तिमाही में SBI की एसेट क्वालिटी में और सुधार आया है। ग्रॉस NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो गिरकर 1.47 प्रतिशत रह गया। एक साल पहले यह 1.83 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो 0.38 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 0.47 प्रतिशत था। तिमाही आधार पर भी NPA रेशियो में गिरावट है। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.11 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 1.14 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही के आखिर तक SBI के डिपॉजिट 60,05,805.24 करोड़ रुपये के रहे। एक साल पहले ये 54,73,253.70 करोड़ रुपये के थे। एडवांसेज 49,92,003.69 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही के आखिर तक 41,96,205.12 करोड़ रुपये के थे।

Ola Electric Q1 Results: इलेक्ट्रिक टूव्हीलर मेकर के तिमाही नतीजे आज, 7 अगस्त को; शेयर 1% तक लुढ़का

SBI का शेयर 3 प्रतिशत चढ़ा

SBI के शेयर में 7 अगस्त को तेजी है। तिमाही नतीजे सामने आने के बाद शेयर BSE पर 3.6 प्रतिशत तक चढ़कर 1124.40 रुपये के हाई तक गया। बैंक का मार्केट कैप 10.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ा है। 2 सप्ताह में कीमत 10 प्रतिशत मजबूत हुई है। बैंक में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 55.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Top Stock Picks : केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में काफी अच्छे निवेश के मौके, ये तीन ऑटो शेयर करेंगे कमाल

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने के मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,550 के आस-पास बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 505.76 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 78,449 पर और निफ्टी 100.05 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 24,535.95 पर आ गया है। । सेक्टर के हिसाब से प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.90 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि बैंक निफ्टी में 0.62 प्रतिशत की गिरावट आई है। बाजार की कमजोरी के बावजूद IT और ऑटो शेयरों में तेजी बनी हुई है। वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 2.63 फीसदी बढ़ा है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा की बाजार में क्रूड की वोलेटिलिटी और जियोपॉलिटिकल अनसर्टेनिटी का असर देखने को मिल रहा है। लेकिन उसके बावजूद भी हमारे बाजार ने एक बहुत ही बढ़िया मजबूती दिखाई है। ब्रॉड बेस मार्केट में अप्रैल महीने से अभी तक जिस तरह की रिकवरी देखने को मिली है वह इस बात का क्लियर रिफ्लेक्शन है कि अब कहीं ना कहीं बाजार इस अनसर्टेनिटी को पचाने की क्षमता दिखाना शुरू कर चुका है।

ये सिर्फ सेंटीमेंटल रिकवरी नहीं है। सभी सेक्टरों के पहली तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। कई तिमाहियों के बाद हमें इस तरह के उत्साहजनक आंकड़ें देखने को नजर आ रहे हैं। खासतौर पर स्माल कैप ने सबसे ज्यादा सरप्राइज किया है। यहां पर हमें 28% तक की टॉप लाइन एबिट और पैट ग्रोथ देखने को नजर आई है। अभी तक जो रिजल्ट्स उनको देखते हुए बाजार का ट्रेंड साफतौर पर काफी स्ट्रांग है।

ऐसे में अगर हम थीम स्पेसिफिक बात करें तो पूरा ईएमएस स्पेस ही काफी अच्छा लग रहा है। इस सेक्टर के लिए सेमीकॉन 2.0 और सरकारी प्रोत्साहन काफी पॉजिटव फैक्टर है। ऐसे में हमें आगे सिरमा और एवलॉन जैसी कंपनियों में इसका काफी पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है। केन्स (Kynes Tech) जैसा शेयर भी बड़े करेक्शन के बाद तेजी के लिए तैयार दिख रहा है।

इसके अलावा स्पेशलिटी केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में भी काफी अच्छे निवेश के मौके दिख रहे हैं। नवीन फ्लोरिन, न्यूलैंड लैब्स और डीवीज लैब जैसी कंपनियों ने जिस तरह के स्ट्रांग टॉप लाइन ग्रोथ और प्रॉफिट ग्रोथ दिखाए हैं, उनको देखकर लगता है कि मार्केट इनको लगातार रिवॉर्ड करता हुआ नजर आएगा।

आशीष चतुरमोहता को इनके अलवा डिफेंस में भी अच्छे मौके दिख रहे हैं। डिफेंस के दिग्गज प्लेयर्स अब तक थोड़े साइडवेज थे। अब ये भी तेजी पकड़ते दिख रहे हैं। डिफेंस कंपनियों की एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी इंप्रूव होती हुई नजर आ सकती है और जिसका बेनिफिट एचएल जैसे स्टॉक में भी देखने को नजर आ सकता है।

टू व्हीलर स्पेस पर अपनी राय रखते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही में अक्रॉस द बोर्ड पैसेंजर व्हीकल,कमर्शियल व्हीकल,टू व्हीलर,इलेक्ट्रिक व्हीकल इन सबके नंबर्स बहुत ही ज्यादा अच्छे आए। इनमें डबल डिजिट और किसी-किसी सेगमेंट में तो 20% की भी ग्रोथ देखने को मिली है। अब तो फेस्टिव सीजन भी आने वाला है। ऐसे में नंबर्स यहां से और बढ़ते हुए नजर आ सकते हैं। इसका बहुत अच्छा फायदा M&M, TVS मोटर्स और एथर एनर्जी को हो सकता है। वैसे तो पूरी थीम ही काफी अच्छी लग रही। लेकिन ये तीन शेयर खास हैं, क्योंकि इन्होंने लगातार मार्केट शेयर गेन किया है और नई कैटेगरी क्रिएट करके वहां पर मार्केट लीडर बने हैं।

एसयूवी ईवी सेगमेंट में पैसेंजर व्हीकल की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा लगातार लीड बनाए हुए है। टू व्हीलर की बात करें तो TVS मोटर्स टू व्हीलर में तो अच्छा कर ही रहा है, ईवी सेगमेंट के अंदर भी इसका लगभग 25% का मार्केट शेयर हो गया है। इसी तरह एथर एनर्जी जो कि एक नया खलाड़ी था, पहली बार प्रॉफिटेबल हुआ है। कंपनी का कहना है अब उसकी प्रॉब्लम डिमांड नहीं है। डिमांड तो काफी ज्यादा आ रही। मेन प्रॉब्लम सप्लाई साइड से है। इसका मतलब उनको कैपेसिटी और बढ़ानी पड़ेगी। ऐसे में हमें लगता है यह कंपनी भी बहुत स्ट्रांग टर्न अराउंड फेस में एंटर हो रही है। ऐसे में इस समय ऑटो स्पेस और ऑटो एंसिलरी का स्पेस काफी प्रॉमिसिंग दिख रहा है।

 

Market View : ऑटो और ऑटो एंसिलियरी का फ्यूचर अच्छा, आईटी सेक्टर को लेकर रहें सतर्क-हेमंत कानावाला

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