MTAR Tech Share Price: लगातार चौथे दिन शेयर में अपर सर्किट, एक साल में पैसा तीन गुना किया

MTAR Tech Share Price: एमटीएआर के शेयरों में 4 अगस्त को लगातार चौथे दिन अपर सर्किट लगा। करीब एक हफ्ते में यह शेयर 21 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही में कंपनी का अच्छा प्रदर्शन है। इसके अलावा अमेरिका में कंपनी के मुख्य क्लाइंट को लेकर इनवेस्टर सेंटीमेंट पॉजिटिव है। मंगलवार को बाजार खुलते ही शेयर 5 फीसदी के उछाल से 6,312 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी न्यूक्लियर, स्पेस, डिफेंस और क्लीन एनर्जी सेक्टर्स के लिए प्रिसिजन कंपोनेंट्स बनाती है।

शेयर ने एक साल में पैसा तीन गुना किया

एनालिस्ट्स का कहना है कि MTAR Technologies का प्रदर्शन जून तिमाही में शानदार रहा। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग रही और एग्जिक्यूशन भी बेहतर रहा। यह शेयर 30 जुलाई से लगातार चढ़ रहा है। इस दौरान यह करीब 22 फीसदी उछला है। बीते एक साल में यह शेयर 335.39 फीसदी चढ़ा है। इस साल शेयर में 163.5 फीसदी उछाल आ चुका है।

ऑपरेशन से जुड़े रिस्क में आई है कमी 

शेयर डॉट मार्केट बाय फोनपे में मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन ने कहा कि कंपनी के ऑपरेशन से जुड़ा रिस्क घटा है। इससे शेयरों पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। जून तिमाही में कंपनी का नेट वर्किंग कैपिटल डेज घटकर 59 पर आ गया है। मार्च तिमाही में यह 172 था। वर्किंग कैपिटल डेज से कंपनी की ऑपरेशनल एफिशियंसी और शॉर्ट टर्म लिक्विडिटी का पता चलता है।

कुल ऑर्डरबुक बढ़कर 5000 करोड़ रुपये के पार

उन्होंने कहा कि कंपनी की ग्रोथ में उसकी रिकॉर्ड ऑर्डरबुक का हाथ है। उन्होंने कहा, “जून तिमाही में कंपनी को 2,895 रुपये के ऑर्डर मिले। यह किसी एक तिमाही में मिला सबसे ज्यादा ऑर्डर (वैल्यू में) हैं। इससे कंपनी के कुल ऑर्डर FY26 से ज्यादा हो गए हैं। इससे 30 जून को कंपनी की कुल ऑर्डर बुक बढ़कर 5,143 करोड़ रुपये की हो गई।”

रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 130 फीसदी बढ़ा

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 130.4 फीसदी बढ़कर 360.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 199.7 फीसदी बढ़कर 85.1 करोड़ रुपये हो गया। टैक्स के बाद कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 364.5 फीसदी बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 50.2 करोड़ रुपये रहा।

क्या अभी निवेश करने का सही टाइम है?

ब्लूम एनर्जी से रिश्तों ने एमटीएआर को मजबूती दी है। ब्लूम एनरजी AI डेटा सेंटर्स के लिए फ्यूल सेल सॉल्यूशंस सप्लाई करती है। व्योमिंग (Wyoming) में प्रस्तावित 1.8 GW के डेटा सेंटर में ब्लूम एनर्जी के फ्यूल सेल्स के इस्तेमाल की संभावना है। एक्सपर्ट का कहना है कि नए निवेशक इस शेयर में निवेश के लिए सही मौके का इंतजार कर सकते हैं।

Muthoot Finance Q1 Results: प्रॉफिट 43 फीसदी बढ़ा, गोल्ड लोन एयूएम 2 लाख करोड़ रुपये के करीब

Muthoot Finance Q1 Results: मुथूट फाइनेंस ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 43 फीसदी बढ़ा है। इसमें गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में अच्छी ग्रोथ का हाथ रहा। कंपनी का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट (पीएटी) जून तिमाही में 2,825 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,974 करोड़ रुपये था।

कंसॉलिडेटेड लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट 2 लाख करोड़ के करीब

Muthoot Finance का कंसॉलिडेटेड लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 43 फीसदी बढ़कर 1,91,531 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,33,938 करोड़ रुपये था। कंपनी का कंसॉलिडेटेड PAT तिमाही दर तिमाही आधार पर 17 फीसदी गिरा। मार्च तिमाही में 3,397 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही आधार पर एयूएम फीसदी बढ़ा।

कोर गोल्ड लोन  बना बिजनेस का ग्रोथ इंजन

कंपनी को कोर गोल्ड लोन बिजनेस से ग्रोथ को सबसे ज्यादा सपोर्ट मिला। कंसॉलिडेटेजड गोल्ड लोन एयूएम साल दर साल आधार पर 48 फीसदी बढ़कर 1,75,527 करोड़ रुपये हो गया। एक साल में यह 56,767 करोड़ रुपये का इजाफा है। कंपनी ने 1 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर 3 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर दिखेगा।

स्टैंडएलोन टैक्स बाद मुनाफा 2550 करोड़ रुपये

जून तिमाही में स्टैंडएलोन आधार पर कंपनी का टैक्स बाद मुनाफा (PAT) साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 2,550 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडएलोन लोन एयूएम 43 फीसदी बढ़कर 1,72,053 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडएलोन गोल्ड लोन एयूएम साल तर साल आधार पर 44 फीसदी बढ़कर 1,63स298 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने बताया कि जून के अंत में ब्रांच नेटवर्क बढ़कर 7,654 हो गया। एक साल पहले यह 7,413 था।

FY27 की शुरुआत कंपनी के लिए अच्छी रही

मुथूट फाइनेंस के चेयरमैन जॉर्ज जेकब मुथूट ने कहा कि कंपनी के लिए FY27 की शुरुआत स्ट्रॉन्ग रही। कंसॉलिडेटेड एयूएम अब तक के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया। इसमें कोर गोल्ड लोन बिजनेस के लगातार बेहतर प्रदर्शन का हाथ रहा। उन्होंने कहा कि जून तिमाही के प्रदर्शन से स्ट्रॉन्ग कस्टमर डिमांड का संकेत मिलता है।

31 जुलाई को शेयरों में अच्छी तेजी

मुथूट फाइनेंस का शेयर 31 जुलाई को 3.98 फीसदी चढ़कर 3,128 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 31 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स भी हरे निशान में बंद हुए। इस हफ्ते बीते चार महीनों में शेयर बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई।

Maruti Suzuki Q1 Results: नेट प्रॉफिट 11 फीसदी घटकर 3352 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़ा

Maruti Suzuki Q1 Results: मारुति सुजुकी ने 31 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 11 फीसदी घटकर 3,352 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़कर 52,456 करोड़ रुपये रहा। प्रॉफिट में कमी की वजह एक्सपेंसेज में 40.5 फीसदी उछाल है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने से जून तिमाही में कंपनी के एक्सपेंसेज बढ़कर 48,988 करोड़ रुपये हो गए।

प्रॉफिट पर स्टील और दूसरी कमोडिटीज की कीमतें बढ़ने का असर

GST में कमी के बाद व्हीकल्स की बिक्री बढ़ी है। लेकिन, रॉ मैटेरियल की कीमतों में उछाल से कंपनी के प्रॉफिट पर सेल्स बढ़ने का असर नहीं पड़ा। हालांकि, जून तिमाही में कंपनी ने कीमतें बढ़ाई। लेकिन, मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई की वजह से स्टील और दूसरे कमोडिटीज की कीमतों में उछाल आया। इससे कंपनी के मार्जिन पर दबाव रहा।

सेल्स वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 29.3 फीसदी बढ़ा

जून तिमाही में कंपनी का सेल्स वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 29.3 फीसदी बढ़ा। घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 34.1 फीसदी बढ़ी, एसयूवी की बिक्री 44.6 फीसदी बढ़ी और एक्सपोर्ट्स 28.6 फीसदी बढ़ा। घरेलू बाजार में मारुति की बाजार हिस्सेदारी 2.3 फीसदी बढ़कर 41.2 फीसदी हो गई। मारुति कार और एसयूवी बाजार की देश की सबसे बड़ी कंपनी है।

खारखौदा के नए प्लांट में उत्पादन शुरू होने का फायदा 

कंपनी की सेल्स में इजाफा में सोनीपत के खारखौदा में कंपनी के दूसरे प्लांट में उत्पादन शुरू होने का हाथ है। कंपनी ने कहा है कि जून तिमाही में कंपनी की नेट सेल्स 36 फीसदी बढ़कर 49,959 करोड़ रुपये हो गई। जून तिमाही की शुरुआत से ही रॉ मैटेरियल की कीमतें बढ़नी शुरू हुई थी। मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने पर यह और बढ़ गईं। कंपनी के बोर्ड ने 4 CBG प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी। पहले फेज पर इसका बजट 561 करोड़ रुपये है।

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इस साल कंपनी का शेयर करीब 15 फीसदी गिरा है

मारुति सुजुकी ने 31 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का एलान किया। 3 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा। 31 जुलाई को कंपनी का शेयर 0.37 फीसदी चढ़कर 14,240 रुपये पर बंद हुआ। इस साल शेयर करीब 15 फीसदी गिरा है।

Mazagon Dock Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी का मुनाफा 22% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹18000 करोड़ के पार

Mazagon Dock Q1 Results: डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders) ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.4 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹452.2 करोड़ था।

रेवेन्यू में 12% की बढ़त

मझगांव डॉक का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,943 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,626 करोड़ था। कंपनी को अपने विभिन्न युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण प्रोजेक्ट्स में लगातार काम आगे बढ़ने का फायदा मिला।

मझगांव डॉक का जून तिमाही में EBITDA 48% बढ़कर ₹446.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.5% से बढ़कर 15.2% हो गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में अच्छी सुधार देखने को मिली। कंपनी की कुल आय ₹3,081 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,949 करोड़ से ज्यादा है।

ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़

30 जून 2026 तक मझगांव डॉक की ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़ रही। इससे आने वाली तिमाहियों में कंपनी के कारोबार और रेवेन्यू को अच्छी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मझगांव डॉक के शेयरों का हाल

मझगांव डॉक का शेयर गुरुवार को 0.79% बढ़कर ₹2,326 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 9.60% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 15.72% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में स्टॉक ने 1,692% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 93.62 हजार करोड़ रुपये हैय़

मझगांव डॉक का बिजनेस

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स भारत की प्रमुख रक्षा शिपबिल्डिंग कंपनी है। यह भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अन्य रक्षा पोत बनाती है। यह देश की इकलौती सरकारी शिपयार्ड कंपनी है, जो डिस्ट्रॉयर और पनडुब्बियां दोनों बनाती है। साथ ही, इसमें एक साथ 11 पनडुब्बियां और 10 युद्धपोत बनाने की क्षमता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।