Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट कंपनी का मुनाफा 44% गिरा, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही के कमजोर नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 44.3% घटकर ₹189.39 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹356.31 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 18.9% घटकर ₹1,205.5 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹1,486.2 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी कमजोर

जून तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर भी दबाव दिखा। EBITDA 46.3% घटकर ₹181.44 करोड़ रह गया। पिछले साल यह ₹337.6 करोड़ था।

वहीं, EBITDA मार्जिन 22.7% से घटकर 15.1% पर आ गया। इससे साफ है कि कंपनी की प्रॉफिटबिलिटी पर दबाव बढ़ा है।

एक्साइज ड्यूटी खर्च आठ गुना बढ़ा

गॉडफ्रे फिलिप्स भारत में Philip Morris International के लाइसेंस के तहत Marlboro सिगरेट बनाती और बेचती है। जून तिमाही में एक्साइज ड्यूटी से जुड़े खर्च करीब आठ गुना बढ़कर ₹3,600 करोड़ हो गए।

हालांकि, कंपनी के सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों के कारोबार का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹3,780 करोड़ पहुंच गया। यही कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार है और कुल रेवेन्यू में इसकी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है।

सरकार ने 1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू की थी। सिगरेट की लंबाई के हिसाब से प्रति 1,000 सिगरेट पर ₹2,050 से ₹8,500 तक एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। इस टैक्स बढ़ोतरी के बाद देश के करीब 10 करोड़ धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए सिगरेट महंगी हो गई।

डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय

गॉडफ्रे फिलिप्स के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के फाइनल डिविडेंड के लिए 11 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।

इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें फाइनल डिविडेंड का लाभ मिलेगा।

गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर

कमजोर नतीजों से पहले सोमवार को गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ ₹2,215.40 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर में ₹85.80 की तेजी दर्ज की गई।

गॉडफ्रे फिलिप्स का बिजनेस

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी है। कंपनी Four Square, Red & White, Cavanders और Stellar जैसे सिगरेट ब्रांड बेचती है। इसके अलावा, यह पान मसाला, कन्फेक्शनरी और रिटेल कारोबार में भी मौजूद है। भारत के तंबाकू उद्योग की प्रमुख कंपनियों में इसका नाम शामिल है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Coal India Q1 Results: महारत्न कंपनी कोल इंडिया ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹8,797 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.8% बढ़कर ₹46,254.80 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹42,919.20 करोड़ था। हालांकि, EBITDA 4.1% घटकर ₹12,069 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹12,588 करोड़ था। इसी वजह से EBITDA मार्जिन 29.3% से घटकर 26.1% पर आ गया।

खर्च बढ़ने से मार्जिन पर दबाव

जून तिमाही में कोल इंडिया का कुल खर्च 11.9% बढ़कर ₹36,816.23 करोड़ हो गया। हालांकि, बिक्री बढ़ने से रेवेन्यू में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कंपनी का प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) ₹11,719 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹11,776 करोड़ था।

अगर मार्च तिमाही से तुलना करें तो कंपनी का मुनाफा 18.9% घटा है। वहीं, रेवेन्यू में 0.5% की हल्की गिरावट आई। हालांकि, तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन 25.9% से बढ़कर 26.1% हो गया।

₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹5.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

कंपनी ने 31 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। जिन निवेशकों के नाम इस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। इसका भुगतान 25 अगस्त 2026 तक कर दिया जाएगा।

सहायक कंपनियों का मिला-जुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। CMPDI ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹481.4 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 62% बढ़कर ₹145.5 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 54% बढ़कर ₹116.3 करोड़ हो गया।

दूसरी ओर, BCCL का प्रदर्शन कमजोर रहा। कम बिक्री और बढ़ती लागत की वजह से कंपनी का रेवेन्यू 4% घटकर ₹3,587 करोड़ रह गया। पिछले साल कंपनी को ₹177 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस बार उसे ₹68 करोड़ का घाटा हुआ।

कोल इंडिया के शेयर

कोल इंडिया का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 0.09% की बढ़त के साथ ₹427 पर बंद हुआ।

लंबी अवधि में शेयर ने अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में 12.26%, तीन साल में 86.64% और 2026 में अब तक 7.14% का रिटर्न मिला है। हालांकि, हाल के महीनों में शेयर पर दबाव दिखा है। पिछले तीन महीने में 5.52%, एक महीने में 1.81% और एक हफ्ते में 0.44% की गिरावट आई है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Tata Power Q1 Results: टाटा पावर ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ रहा। CNBC-TV18 के पोल में इसका अनुमान ₹1,185 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹19,051 करोड़ पहुंच गया। यह भी अनुमान ₹18,657 करोड़ से ज्यादा रहा।

कंपनी का EBITDA ₹4,013 करोड़ रहा। यह भी अनुमान से बेहतर है। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 23% से घटकर 21.07% रह गया।

रिन्यूएबल एनर्जी सबसे बड़ा सहारा

टाटा पावर ने कहा कि इस तिमाही में उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और जनरेशन कारोबार रहे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल नई क्षमता में 86% हिस्सेदारी क्लीन एनर्जी की रही। इसी दौरान देश में बिजली की मांग भी सालाना आधार पर 8.5% बढ़ी।

कंपनी ने इस तिमाही में ₹5,375 करोड़ का पूंजीगत निवेश (Capex) किया। यह अब तक का उसका सबसे बड़ा तिमाही निवेश है।

रूफटॉप सोलर में शानदार प्रदर्शन

रूफटॉप सोलर कारोबार ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने तिमाही के दौरान 371 MWp रूफटॉप सोलर इंस्टॉल किए। यह पिछले साल से 37% ज्यादा है। वहीं, सार्वजनिक और बस ईवी चार्जिंग नेटवर्क बढ़कर 7,200 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट तक पहुंच गया।

सोलर मैन्युफैक्चरिंग कारोबार भी दमदार रहा। कंपनी ने रिकॉर्ड 1,001 MW सोलर मॉड्यूल और 862 MW सोलर सेल का उत्पादन किया।

इस कारोबार का रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹2,462 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 113% उछलकर ₹626 करोड़ रहा। वहीं, PAT 287% बढ़कर ₹371 करोड़ हो गया। कंपनी ने बताया कि लागत कम होने और बिक्री के बेहतर मिश्रण से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी हुई।

दूसरे कारोबारों से भी मिला सहारा

जनरेशन और कोल कारोबार को मुंबई प्लांट के बेहतर प्रदर्शन, मुंद्रा पावर से अतिरिक्त आय और हल्दिया प्लांट में बेहतर मार्जिन का फायदा मिला। इस क्लस्टर का मुनाफा 27% बढ़ा।

ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में भी बेहतर रिटर्न और नई परियोजनाओं से आय बढ़ी। हालांकि, राजस्थान और गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन पर कुछ असर पड़ा। इसके बावजूद रूफटॉप सोलर और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार ने इसकी भरपाई कर दी।

टाटा पावर का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 1.23% चढ़कर ₹379 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 8.99% का रिटर्न दिया है।

HUDCO Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 35% बढ़ा, डिविडेंड का भी ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IDFC First Bank Q1 Results: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का प्रॉफिट जून तिमाही में हुआ दोगुना, एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई

IDFC First Bank Q1 Results: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 25 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़कर दोगुना यानी 1,075 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में बैंक का प्रॉफिट 465 करोड़ रुपये था। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों पर नतीजों का असर सोमवार यानी 27 जुलाई को दिखेगा।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन 21 फीसदी बढ़ा

जून तिमाही में IDFC First Bank का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NII) 21 फीसदी बढ़कर 5,972.3 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,933 करोड़ रुपये था। इस दौरान बैंक की एसेट क्वालिटी में भी इम्प्रूवमेंट आया। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) तिमाही दर तिमाही आधार पर 1.61 फीसदी से घटकर 1.51 फीसदी पर आ गया। नेट एनपीए 0.48 फीसदी से घटकर 0.44 फीसदी पर आ गया।

इस साल 5 फीसदी से ज्यादा गिरा है शेयर 

जून तिमाही में बैंक को NCGTC से CGFMU स्कीम के तहत 514.82 करोड़ रुपये मिले। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक प्राइवेट बैंक है। 24 जुलाई यानी शुक्रवार को बैंक का शेयर 1.3 फीसदी चढ़कर 80.95 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 5.4 फीसदी गिरा है। इसके मुकाबले निफ्टी में इस दौरान 9 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है।

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शेयर बाजारों में 24 जुलाई को गिरावट 

24 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार पांचवें दिन गिरावट आई। यह बीते चार महीनों में सबसे ज्यादा गिरावट वाला हफ्ता रहा। इसकी वजह मध्यूपूर्व में चल रही लड़ाई है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Tata Consumer Q1 Results: प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 427 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 12% बढ़ा

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने 24 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 27.8 फीसदी बढ़कर 427 करोड़ रुपये हा। इस दौरान रेवेन्यू करीब 12 फीसदी बढ़ा। कंपनी के प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों ही एनालिस्ट्स के अनुमान से ज्यादा रहे। कंपनी का शेयर 24 जुलाई को 1.42 फीसदी चढ़कर 1,092 रुपये पर बंद हुआ।

रेवेन्यू 11.9 फीसदी बढ़कर 5348 करोड़ रुपये रहा

Tata Consumer Products का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 11.9 फीसदी बढ़कर 5,348.8 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,778.9 करोड़ रुपये था। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने रेवेन्यू 5,340 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। EBITDA जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 19.9 फीसदी बढ़कर 724 करोड़ रुपये रहा।

EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 13.5 फीसदी पहुंच गया

कंपनी का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में बढ़कर 13.5 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 12.7 फीसदी था। यह सीएनबीसी-टीवी8 के पोल में एनालिस्ट्स के 13.6 फीसदी के अनुमान से थोड़ा कम है। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स टाटा समूह की कंपनी है। यह नमक, चाय, कॉफी सहित कई तरह के कंज्यूमर प्रोडक्ट्स बनाती है।

भारत में कंपनी के ब्रांडेड बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा

टाटा कंज्यूमर के एमडी एवं सीईओ सुनील डिसूजा ने कहा, “एक बार फिर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रही। इसमें वॉल्यूम ग्रोथ का बड़ा हाथ है। इससे कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ग्रोथ 29 फीसदी पहुंच गई। इंडिया में ब्रांडेड बिजनेस का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी की ग्रोथ बिनजेस की ग्रोथ भी स्ट्रॉन्ग रही।” कंपनी के इंडिया बिजनेस का रेवेन्यू 13 फीसदी बढ़कर 3,540 करोड़ रुपये रहा।

चाय बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 2 फीसदी रही

जून तिमाही में भारत में कंपनी के चाय बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 2 फीसदी रही, जबकि रेवेन्यू कम रहा। कंपनी ने कहा है कि कंपनी ने चाय की कीमतों में कमी का फायदा ग्राहकों को दिया। नमक से रेवेन्यू 7 फीसदी बढ़ा। कॉफी बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ 24 फीसदी रही। कंपनी के रेडी-टू-ड्रिंक बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 35 फीसदी रही।

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट 

24 जुलाई को शेयर बाजारों पर दबाव देखने को मिला। इस हफ्ते लगातार पांचवें दिन बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स गिरकर बंद हुए। निफ्टी 0.43 फीसदी यानी 102 अंक गिरकर 23,767 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.43 फीसदी यानी 331 अंक की कमजोरी के साथ 76,059 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 0.18 फीसदी की तेजी रही।

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट को पहली तिमाही में ₹8 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू ₹140 करोड़ के पार

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहले इसका नाम प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड था। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में कारोबार और मुनाफे, दोनों में बढ़त दर्ज की है। कंपनी का कहना है कि बेहतर बिजनेस परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का फायदा नतीजों में दिखा है।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹141.92 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹1.17 करोड़ था। यानी कंपनी की आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

EBITDA और मुनाफा भी बढ़ा

कंपनी का EBITDA ₹7.98 करोड़ रहा। वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) ₹7.90 करोड़ दर्ज किया गया। तिमाही के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी ₹7.90 करोड़ रहा। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बिजनेस में तेजी की वजह से मुनाफे में बड़ा सुधार देखने को मिला।

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹14.19 रहा। यह प्रति शेयर कमाई में अच्छी बढ़त को दिखाता है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित हरजीभाई गोल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी की सफलता को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, कंपनी बिजनेस को और मजबूत करने, नए अवसरों का फायदा उठाने और शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक वैल्यू बनाने पर फोकस कर रही है।

वेलोरा इम्पैक्ट का बिजनेस क्या है

वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर की कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से कलर पिगमेंट बनाती है। इसके प्रमुख उत्पादों में पिगमेंट ग्रीन 7, कॉपर फ्थैलोसाइनिन ग्रीन क्रूड और दूसरे ब्लू व ग्रीन पिगमेंट शामिल हैं। इन पिगमेंट्स का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। इनमें पेंट, प्रिंटिंग इंक, प्लास्टिक, ग्लास, सिंथेटिक फाइबर, सिरेमिक, टेक्सटाइल, कॉस्मेटिक्स और कलर्ड सीमेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं।

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी करती है। हाल ही में कंपनी ने अपना नाम बदलकर वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड रखा है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव उसके नए बिजनेस विजन, बढ़ते कारोबार और भविष्य की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को ध्यान में रखकर किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।