EPF Scheme 2026: सैलरी अधिक लें या पीएफ खाते में ज्यादा पैसे, फैसले से पहले करें ये कैलकुलेशन, नहीं तो लगेगा तगड़ा शॉक

EPF Scheme 2026: नए लेबर कोड के तहत एंप्लॉयीज को अपना पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन एक लेवल तक कम करने की सहूलियत मिल रही है ताकि वह अपनी मंथली टेक-होम सैलरी बढ़ा सकें। हालांकि इससे सैलरी तुरंत अधिक मिल तो जाएगी लेकिन लॉन्ग टर्म में रिटायरमेंट के बनाया जा रहा पैसा काफी कम हो सकता है। ऐसे में आखिरी फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि क्या जितनी सैलरी अधिक मिलेगी, वह सही तरीके से निवेश करेंगे या खर्च हो जाएगा। वित्तीय जानकारों के मुताबिक बस इसी से तय होगा कि एंप्लॉयीज को सैलरी अधिक लेनी चाहिए या पीएफ खाते में अधिक पैसा जाते देने रहना चाहिए।

नए नियमों से कैसे बढ़ जाएगी टेक-होम सैलरी?

जैगल कंपनी टैक्सप्लानर के को-फाउंडर और सीईओ सुधीर कौशिक का कहना है कि ईपीएफ खाते में में 12% ही जमा होगा लेकिन असली मुद्दा यह है कि यह 12% सैलरी के किस हिस्से पर लागू होता है। पहले के फ्रेमवर्क कई कंपनियां पीएफ को या तो एक्चुअल बेसिक सैलरी पर काटते थे या हर महीने स्टैटुअरी वेज सीलिंग ₹15,000 थी, जिससे कम से कम हर महीने पीएफ खाते में ₹1,800 जाता ही था। अब नए लेबर कोड फ्रेमवर्क में 12% का अनिवार्य कॉन्ट्रिब्यूशन अभी भी सिर्फ स्टैटुअर वेज सीलिंग तक ही लागू है। इस सीमा से ऊपर सैलरी पर कॉन्ट्रिब्यूशन आमतौर पर वालंटरी होता है और यह एंप्लॉयर-एंप्लॉयीज की आपसी सहमति से तय होता है। ऐसे में जहां एंप्लॉयीज हायर सैलरी बैस पर पीफ खाते में पैसे डाल रहे हैं, वहां एंप्लॉयर-एंप्लॉयी मिलकर इसे हर महीने ₹1800 तक सीमित रख सकते हैं और टेक-होम सैलरी बढ़ा सकते हैं।

किसके लिए सैलरी बढ़ाने का विकल्प शानदार नहीं

अगर पीएफ खाते में कॉन्ट्रिब्यूशन कम करने का विकल्प चुनते हैं तो टेक-होम सैलरी बढ़ जाएगी लेकिन रिटायरमेंट कॉर्पस कम हो जाएगा। प्रोमोर फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर और नेटवर्क एफपी की को-फाउंडर निशा सांघवी का कहना है कि कुछ खास एंप्लॉयीज के लिए सैलरी बढ़वाने का विकल्प आकर्षक नहीं है-

जो एंप्लॉयीज अपने रिटायरमेंट की मुख्य बचत को लेकर ईपीएफ पर निर्भर हैं।

जिनकी कंपनियां पूरी बैसिक सैलरी का 12% हिस्सा पीएफ खाते में डालती हैं क्योंकि कम पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन चुनने पर कंपनियां भी स्टैटुअरली लिमिट से ऊपर कॉन्ट्रिब्यूशन बंद कर सकती हैं और एंप्लॉयर-फंडेड रिटायर बेनेफिट खत्म हो जाएगा।

40 वर्ष से अधिक की उम्र के एंप्लॉयीज क्योंकि उनकी कमाई की उम्र कम रह जाती है तो पीएफ खाते में जमा घटती है तो असर बहुत बड़ा होता है।

जिनकी बचत की आदत नहीं या कोई इमरजेंसी फंड नहीं है।

मार्केट के उतार-चढ़ाव से घबराने वाले निवेशक। ईपीएफ पर अभी भी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है, जो अधिकतर सब्सक्राइबर्स के लिए टैक्स-एफिसिएंट बना हुआ है और इतना अधिक ब्याज देने वाला सुरक्षित फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट्स मुश्किल है।

कितना पड़ेगा असर?

अब बात करते हैं टेक-होम सैलरी अधिक करने का रिटायरमेंट कॉर्पस पर असर की। इसे लेकर निशा सांघवी का कहना है कि मान लीजिए किसी एंप्लॉयी की बेसिक सैलरी ₹50 हजार है और 12% के हिसाब से हर महीने ईपीएफ खाते में ₹6 हजार जमा होता है। नए नियमों के तहत सिर्फ ₹1800 जमा करना अनिवार्य है तो इसे चुनने पर हर महीने सैलरी ₹4200 बढ़ जाएगी लेकिन अगर यही ईपीएफ खाते में जाता है तो 8.25% की दर से 25 साल में लगभग ₹41-₹42 लाख का फंड तैयार कर देता। निशा का कहना है कि अगर कंपनी ने भी अपना वालंटरी कॉन्ट्रिब्यूशन बंद कर दिया तो रिटायरमेंट कॉर्पस को झटका लगभग दोगुना बढ़कर लगभग ₹80 लाख से अधिक हो सकता है। इसके अलावा टैक्स का एंगल है भी है। टेक-होम सैलरी बढ़ती है तो उस हिसाब से टैक्स देनदारी भी बढ़ सकती है, जब ईपीएफ में रखा पैसा अधिकतर टैक्स-फ्री ही होता है।

तो किसके लिए बेहतर है पीएफ खाते में जमा कम करना?

निशा के मुताबिक कुछ ही मामलों में पीएफ खाते में कॉन्ट्रिब्यूशन में कटौती करना सही हो सकता है। जैसे कि अगर किसी एंप्लॉयीज को 12-14% की अधिक दर से लोन की किश्त भरनी है तो इसका प्रीपेमेंट ईपीएफ के 8.25% की दर से ब्याज हासिल करने से बेहतर है। इसके अलावा ऐसे एंप्लॉयीज के लिए भी ईपीएफ खाते में कॉन्ट्रिब्यूशन कम करना बेहतर है, जो टेक-होम सैलरी को बेहतर तरीके से निवेश कर सकें।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

USA Independence Day: गर्मियों के कहर में झुलसा 4 जुलाई का जश्न, फीकी पड़ी आजादी की 250वीं वर्षगांठ

USA Independance Day: भीषण गर्मी में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ झुलस गई। अमेरिका के मध्य और पूर्वी हिस्सों में शुक्रवार को भीषण गर्मी की लहर ने 4 जुलाई यानी स्वतंत्रता दिवस को होने वाले जश्न बुरी तरह प्रभावित किया। राजधानी वॉशिंगटन समेत कई जगहों पर अधिकारियों को दर्जनों परेड, संगीत कार्यक्रम और आतिशबाजी के शो रद्द करने पड़े या टालने पड़े। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गर्मी की इस लहर में वॉशिंगटन के नेशनल मॉल में आयोजित ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर भी झुलस गया जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका के 250वीं वर्षगांठ के समारोहों का प्रमुख हिस्सा था।

46 डिग्री गर्मी ने किया जश्न फीका

शुक्रवार की देर रात नेशनल पार्क सर्विस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वॉशिंगटन की इंडिपेंडेंस डे परेड रद्द करने का ऐलान किया था। यह परेड शनिवार अमेरिकी समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होनी थी। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि हीट इंडेक्स 115 डिग्री फ़ारेनहाइट (लगभग 46 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच सकता है। अमेरिका में गर्मियों का कहर हीटडोम के चलते है, जो एक हाई-प्रेशर सिस्टम है। इसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और ह्यूमिडिटी बढ़ जाती है।

अमेरिका 4 जुलाई को ब्रिटेन से 1776 में आजादी के ऐलान पर हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इस दिन अमेरिकी बापबेक्यू, परेड और आतिशबाजी जैसे कार्यक्रमों के लिए इकट्ठा होते हैं। हालांकि इस बार गर्मियों ने इसका जश्न फीका कर दिया और धड़ाधड़ प्रोग्राम कैंसल हो रहे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फिलाडेल्फिया में अधिकारियों ने भीषण गर्मी के चलते शहर के जश्न के मुख्य कार्यक्रम ‘सैल्यूट टू इंडिपेंडेंस परेड’ को रद्द कर दिया। यह फैसला गुरुवार को तापमान के 103 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंचने के बाद लिया गया। इससे पहले इतना तापमान साल 1901 में था।

गर्मी के चलते अमेरिका में दूसरी जगहों पर भी कार्यक्रम रद्द हुए या टल गए। न्यू जर्सी के हैडन टाउनशिप ने भी अपनी सालाना 4 जुलाई की परेड रद्द कर दी तो अपस्टेट न्यूयॉर्क के वॉटरटाउन ने अपना इंडिपेंडेंस डे कॉन्सर्ट और आतिशबाजी का कार्यक्रम रद्द कर दिया। इसके अलावा बोस्टन में अधिकारियों ने नदी के किनारे होने वाले सालाना आतिशबाजी के जश्न में एंट्री का समय चार घंटे आगे बढ़ाकर दोपहर के बजाय शाम 4 बजे कर दिया।

अमेरिका में कैसी है हालत?

भीषण गर्मी के चलते अमेरिका में पावरग्रिड पर दबाव बढ़ा। अमेरिका के सबसे बड़े पावर ग्रिड ऑपरेटर पीजेएम ने इमरजेंसी कंवर्जेशन प्रोग्राम के ग्राहकों को बिजली बिजली की खपत कम करने को कहा है। पीजेएम मिड-अटलांटिक, दक्षिण और वाशिंगटन डीसी में 6.7 करोड़ लोगों को बिजली सप्लाई करती है। पीजेएम ने अब लोगों से बिजली कम खर्च करने का आग्रह किया है। न्यूयॉर्क में शुक्रवार देर दोपहर तक 17 हजार लोग बिना बिजली के थे। मांग बढ़ने पर कंपनी ने न्यूयॉर्क शहर और वेस्टचेस्टर काउंटी के ग्राहकों से बिजली बचाने की अपील की। न्यूयॉर्क शहर में गर्मी से गोंद पिघलने के कारण जूते मैनहट्टन की सड़कों पर चिपक रहे थे।

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Aastha Spintex IPO Listing: 6 जुलाई को कितना लिस्टिंग गेन? ग्रे मार्केट से ये है संकेत

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के आईपीओ को निवेशकों के अच्छे रिस्पांस के बाद अब इसके शेयरों के लिस्टिंग की तैयारी हो रही है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक इसके शेयरों की कल 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर प्रीमियम एंट्री हो सकती है। ग्रे मार्केट में इसकी GMP इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹3 यानी 2.21% है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर ₹136 के भाव पर जारी हुए हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹125-₹136 था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Oswal Pumps Share Price: ओसवाल पंप्स को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से ₹235.92 करोड़ का ऑर्डर और मिला है। कंपनी को यह ऑर्डर पीएम कुसुम बी स्कीम (PM Kusum B Scheme) के तहत मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी शनिवार 4 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में दी। अब इसका असर कंपनी के शेयरों पर सोमवार 6 जुलाई को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 3 जुलाई को बीएसई पर यह 2.01% की गिरावट के साथ ₹409.70% के भाव पर बंद हुआ था।

कैसा ऑर्डर मिला है Oswal Pumps को?

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसे पूरे महाराष्ट्र में 10,000 ऑफ-ग्रिड DC सोलर फोटोवोल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम (SPWPS) के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर करीब ₹235.92 करोड़ का है जिसमें जीएसटी भी शामिल गै। इस पर कंपनी को 60 दिनों के भीतर काम पूरा करना है।

इस प्रोजेक्ट में कंपनी महाराष्ट्र में चुने गए किसानों की जगहों पर पीएम कुसुम बी स्कीम की “मागेल त्याला सौर कृषि पंप” योजना के तहत 3 HP, 5 HP और 7.5 HP के सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम लगाएगी। कंपनी को 5 साल तक इनके वारंटी, रिपेयर और मेंटेनेंस सर्विसेज और रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम का भी काम संभालना है। कंपनी के चेयरमैन और एमडी विवेक गुप्ता ने 10 हजार सोलर पंप्स के अतिरिक्त ऑर्डर्स मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के साथ कंपनी की मजबूत और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को दिखाता है जो राज्य के सोलर सिंचाई मिशन को आगे बढ़ा रही है

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

ओसवाल पंप्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है और कम ही समय में आधे से अधिक पूंजी घटा दी। पिछले सााल बीएसई पर 21 अगस्त 2025 को यह ₹889.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 7 ही महीने में यह 68.18% फिसलकर 16 मार्च 2026 को ₹283.05 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर पर शेयर संभले और अब तक 30.91% रिकवर हो चुके हैं लेकिन एक साल के हाई से अब भी यह 53.94% नीचे है।

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Video: टोल प्लाजा बना आग का गोला, LPG टैंकर ब्लास्ट से कौशांबी में मचा कोहराम, 5 लोगों की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में स्थित सिरोही टोल प्लाजा के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक LPG टैंकर अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि टैंकर कानपुर से वाराणसी की ओर जा रहा था, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और वह सीधे डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के बाद कुछ ही सेकंड में टैंकर से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को खतरनाक आग की लपटों में बदल दिया।

आग इतनी तेजी से फैली कि टोल प्लाजा और आसपास का क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ गया। इस हादसे ने वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मचा दी और कुछ ही पलों में स्थिति बेहद भयावह हो गई। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और गैस परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

CCTV में कैद खौफनाक मंजर

इस दर्दनाक घटना का पूरा दृश्य CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में साफ दिखता है कि टैंकर से पहले सफेद गैस तेजी से बाहर निकलती है और फिर अचानक जोरदार धमाका होता है। कुछ ही पलों में आग इतनी फैल गई कि टोल बूथ और आसपास का क्षेत्र जलने लगा।

16 बाइक और 2 कारें खाक

भीषण आग की चपेट में आकर टोल प्लाजा पर खड़ी 16 बाइक और 2 कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को भागने का भी मौका नहीं मिला।

ड्राइवर की दर्दनाक मौत, कर्मचारी भी झुलसे

टैंकर चालक, जिसकी पहचान धर्मेंद्र द्विवेदी (मिर्जापुर) के रूप में हुई है, आग में फंस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके अलावा टोल प्लाजा के कई कर्मचारी भी गंभीर रूप से झुलस गए।

अस्पताल में जिंदगी की जंग

घायलों को तुरंत प्रयागराज के SRN अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में दो और कर्मचारियों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। जबकि कुछ लोग अभी भी इलाज में हैं।

कैसे हुआ इतना बड़ा विस्फोट?

जानकारी के अनुसार टैंकर करीब 60–70 kmph की रफ्तार से चल रहा था। टकराने के बाद LPG गैस तेजी से फैल गई और फिर एक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसने पूरे टोल प्लाजा को आग में बदल दिया।

दो किलोमीटर दूर तक दिखी आग की लपटें

हादसे के बाद आसमान में काला धुआं और ऊंची आग की लपटें दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं। टोल प्लाजा का एक हिस्सा पूरी तरह जल गया और वहां अफरा-तफरी मच गई।

जांच जारी, इलाके में दहशत

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Parle Products IPO: पारले-जी बनाने वाली कंपनी का आएगा आईपीओ, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के वैल्यूएशन पर नजर : सूत्र

Parle Products IPO: Parle-G, Melody और Mango Bite जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाने वाली Parle Products अगले साल 1 अरब डॉलर (करीब 9,530 करोड़ रुपये) से बड़ा IPO लाने की तैयारी कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले कई सूत्रों ने Moneycontrol को यह जानकारी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, चूंकि ये देश प्रतिष्ठित ब्रांड है, ऐसे में प्रस्तावित IPO का साइज1 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल कंपनी 10.5 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के वैल्यूएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि, बाजार की स्थिति के हिसाब से IPO का साइड और वैल्यूएशन बदल सकता है।

किन बैंकों को मिल सकती है जिम्मेदारी?

सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने अप्रैल में Request for Proposal (RFP) जारी किया था। इसके बाद कई इन्वेस्टमेंट बैंकों ने अपनी प्रेजेंटेशन दी। फिलहाल कंपनी ने Kotak Mahindra Capital, Axis Capital और HSBC Securities को सलाहकार के तौर पर चुना है।

दो अन्य सूत्रों ने भी इन नामों की पुष्टि की। इनमें से एक ने बताया कि कंपनी चौथे इन्वेस्टमेंट बैंक को भी सलाहकार समूह में शामिल करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में बातचीत जारी है।

Parle Products ने क्या कहा?

Moneycontrol ने जब Parle Products से संपर्क किया तो कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मयंक शाह ने कहा कि कंपनी बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती। फिलहाल उसका पूरा फोकस कारोबार को बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि हर बड़ी कंपनी की तरह Parle Products भी ग्रोथ के लिए तमाम विकल्पों का मूल्यांकन करती रहती है।

वहीं, Kotak Mahindra Capital और Axis Capital ने इस खबर पर कोई जवाब नहीं दिया। HSBC Securities ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Parle Agro से अलग है Parle Products

विजय चौहान के अगुआई वाली Parle Products असल में जयंतीलाल चौहान, सचौना चौान नादिया चौहान के नेतृत्व वाली Parle Agro से अलग कंपनी है। Parle Agro Frooti, Appy Fizz और Bailley जैसे ब्रांड बनाती है। परिवार के बंटवारे के बाद दोनों कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही हैं।

किन कंपनियों से है मुकाबला?

भारतीय बाजार में Parle Products की प्रतिस्पर्धा Britannia, ITC (Sunfeast), Mondelez India, Perfetti, Priya Gold, Anmol Industries और Cremica जैसी कंपनियों से है।

Hurun India 500 की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, Parle Products का अनुमानित वैल्यूएशन 75,420 करोड़ रुपये था। इस वैल्यूएशन के साथ यह भारत की सातवीं सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध (Unlisted) कंपनी थी।

पहले IPO से किया था इनकार

20 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी भेंट करने का वीडियो वायरल होने के बाद CMO मयंक शाह ने कहा था कि इससे भारतीय ब्रांड को वैश्विक पहचान मिलेगी।

उसी दौरान जब उनसे IPO की योजना के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि फिलहाल कंपनी लिस्टिंग पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि Parle Products लंबे समय से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और फिलहाल उसी तरह बने रहने की योजना है।

कंपनी का कारोबार कितना बड़ा है?

मुंबई के विले पार्ले में मुख्यालय वाली Parle Products की स्थापना 1929 में हुई थी। Parle-G के अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो में KrackJack, Monaco, Hide & Seek और Poppins जैसे लोकप्रिय ब्रांड भी शामिल हैं।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 8.5% बढ़कर 15,568.49 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, इसी दौरान उसका मुनाफा 39% घटकर 979.53 करोड़ रुपये रह गया।

बिस्किट और कन्फेक्शनरी के अलावा कंपनी केक, रस्क, आटा और ब्रेकफास्ट सीरियल जैसे सेगमेंट में भी मौजूद है। कंपनी के प्रोडक्ट अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड और मध्य-पूर्व सहित कई देशों में बिकते हैं। इसके अलावा नाइजीरिया, कैमरून, घाना, इथियोपिया, केन्या, आइवरी कोस्ट, नेपाल और मेक्सिको समेत कई देशों में इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी हैं।

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Microsoft Layoff News: पिछले साल 15000 की छंटनी के बाद अब फिर तैयारी, माइक्रोसॉफ्ट के इन एंप्लॉयीज पर तलवार

Microsoft Layoff News: माइक्रोसॉफ्ट बड़े पैमाने पर एक बार फिर छंटनी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट अपने वर्कफोर्स से करीब 2.5% एंप्लॉयीज के छुट्टी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से किए गए दावे के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट इसके बारे में अगले हफ्ते तक ऐलान कर सकती है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने ताबड़तोड़ छंटनी शुरू की है। टेक, मीडिया और फाइनेंस सेक्टर में इसकी एक नई लहर शुरू हुई है क्योंकि ये कंपनियां अपना लागत कम कर रही हैं और साथ ही एआई इंफ्रा में भारी निवेश भी कर रही हैं।

Microsoft Layoff: किन एंप्लॉयीज पर पड़ेगा असर?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट में जो छंटनी होनी है, उसमें हजारों एंप्लॉयीज की छुट्टी होगी। इसकी मार सेल्स और कंसल्टिंग के साथ-साथ Xbox गेमिंग डिविजन पर भी पड़ेगी। एसईसी फाइलिंग के मुताबिक पिछले साल 30 जून 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के करीब 2.28 लाख फुल-टाइम एंप्लॉयीज थे।

पिछले साल दो बार में 15000 की छुट्टी

इस महीने की शुरुआत में आई ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार Xbox ने वैश्विक स्तर पर पार्ट्स की कमी के चलते दुनिया भर में अपने गेमिंग कंसोल की कीमतें बढ़ा दी। कंपनी ने बड़े पैमाने पर एंप्लॉयीज की छंटनी करने के साथ-साथ मार्केटिंग और अन्य चीजों पर खर्च में भारी कटौती की योजना बनाई। एक और मीडिया रिपोर्ट में सामने आया था कि माइक्रोसॉफ्ट अपने Xbox गेमिंग यूनिट को अलग करने (स्पिन ऑफ) या इसे पूरी तरह अपनी सब्सिडरी कंपनी के तौर पर रीस्ट्रक्चर करने पर विचार कर रही है। पिछले साल जुलाई 2025 में कंपनी ने कहा था कि वह अपने करीब 4% एंप्लॉयीज की छुट्टी करेगी। बता दें कि पिछले साल मई 2025 में कंपनी ने 6 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी की थी, जिसके बाद जुलाई में भी करीब 9 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी का ऐलान और हुआ। अब एक बार फिर इसमें छंटनी की तैयारी हो रही है।

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IT Stocks के दम पर Sensex में 500 अंकों का उछाल, 5 वजहों से Nifty भी 24150 के पार

Share Market Rally: इस वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के दूसरे दिन भी मार्केट में शानदार रौनक है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ी तो कच्चे तेल फिसल गया और मार्केट में रौनक छा गई। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप आधे-आधे फीसदी मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:25 AM पर सेंसेक्स 295.10 प्वाइंट्स यानी 0.38% की बढ़त के साथ 77,217.74 और निफ्टी 50 भी 89.45 प्वाइंट्स यानी 0.37% की बढ़त के साथ 24,095.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 526.61 प्वाइंट्स चढ़कर 77,449.25 और निफ्टी 153.60 प्वाइंट्स उछलकर 24,159.45 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका-ईरान वार्ता

कतर का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है। यह रास्ता कच्चे तेल के लिए काफी अहम है क्योंकि युद्ध से पहले वैश्विक सप्लाई का पांचवा हिस्सा यहीं से होकर गुजरता था।

कच्चे तेल में गिरावट

लगातार तीसरे दिन कच्चे तेल में गिरावट ने मार्केट में रौनक बिखेरी है। अमेरिका और ईरान के बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर इस पर दबाव बढ़ा। ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक गिरकर प्रति बैरल $71 के नीचे आ गया को यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 1% से अधिक टूटकर प्रति बैरल $68 के नीचे आ गया।

रुपये की मजबूती

कच्चे तेल की गिरावट से रुपये को सपोर्ट मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 32 पैसे मजबूत 94.93 के भाव पर खुला।

India VIX में गिरावट

मार्केट को घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट में अनिश्चितता कम होने का संकेत दिया। फिलहाल यह 3.85% की गिरावट के साथ 12.73 पर है।

आईटी शेयरों की जोरदार खरीदारी

लगातार चार कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी आईटी ने आज जोरदार वापसी की और 3% से अधिक उछल पड़ा। फिलहाल सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन हैं लेकिन आईटी और मेटल को छोड़ सभी में 1% से कम तेजी है। निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की बढ़त है।

टेक्निकल आउटलुक

जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंज जेम्स का कहना है कि अनुमान के मुताबिक कल की बढ़त 24000 के लेवल से आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन हाई VWAP से इसमें आगे तेजी का संकेत मिल रहा है। उनका कहना है कि निफ्टी को शुरुआत में 24170 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है लेकिन इसके 24600 तक पहुंचने की संभावना अधिक है। हालांकि यह बुलिश रुझान तब तक है, जब तक निफ्टी का 23,970 का लेवल बना रहे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CSM Tech IPO Listing: फ्लैट लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट, ₹113 के शेयरों ने दिया बड़ा झटका

CSM Tech IPO Listing: खरीदारी के माहौल में भी गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर को आईटी सर्विसेज देने वाली सीएसएम टेक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.37 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹113 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹113.00 और NSE पर ₹113.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹107.35 (CSM Tech Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.48% घाटे में हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में आज अच्छी तेजी है।

CSM Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सीएसएम टेक का ₹146 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-29 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.02 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.54 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.63 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.82 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,29,01,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹22.63 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹56.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

CSM Tech के बारे में

सीएसएम टेक्नोलॉजीज उन कुछ आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स में शुमार हैं जिन्होंने सरकार और प्राइवेट क्वाइंट्स, दोनों के लिए यूनिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। यह माइनिंग, एग्रीकल्चर, ट्रेड एडुकेशन, हेल्थकेयर, टूरिज्म और पब्लिक सर्विसेज सेक्टर्स में सॉल्यूशंस ऑफर करती है। 27 साल से यह ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और डिजिटल इंफ्रा तैयार कर रही है और सरकारी एजेंसियों के लिए लॉन्ग-टर्म पार्टनर के तौर पर काम कर रही है। इसका कारोबार देश के बाहर भी फैला हुआ है। भारत, इथियोपिया, केन्या, रवांडा, गाम्बिया, गैबन, यूएसए और कनाडा समेत 12 देशों के बाजार में यह है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹15.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹12.55 करोड़ रह गया और अगले वित्त वर्ष 2025 में थोड़ा रिकवर होकर ₹14.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना औसतन 11% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹200.63 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹14.70 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹167.05 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹56.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹88.88 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

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