आखिरी 35 मिनट भारी, Sensex में 600 अंकों की गिरावट, डूबे निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़

Sensex-Nifty Closes Red: लगातार चार कारोबारी दिनों तक ग्रीन रहने के बाद आज भी सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले लेकिन शुरुआती बढ़त गंवाते हुए आखिरी में ये रेड जोन में बंद हुए। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी का दिन होने के चलते आज आखिरी 35 मिनट में माहौल ही पलट गया और रिकवरी की कोशिशें नाकाम हो गई। सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24500 के पार जाने के बाद फिसलकर 24400 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर तो और गहरा दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.30% की कमजोरी आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.55% टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी शेयरों ने ऊपर खींचने की काफी कोशिश और इंट्रा-डे में तो इसका निफ्टी इंडेक्स 4% उछल पड़ा था लेकिन दिन के आखिरी में इसकी बढ़त ढाई फीसदी से कम रह गई। मार्केट पर आज मेटल और रियल्टी सेक्टर्स ने काफी दबाव डाला। निफ्टी मेटल 1% से अधिक तो निफ्टी रियल्टी डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोर हुआ है। इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 104.35 प्वाइंट्स यानी 0.13% की फिसलन के साथ 78,180.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 प्वाइंट्स यानी 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 379.85 प्वाइंट्स उछलकर 78,664.92 तक पहुंचा था जिससे यह 633.88 प्वाइंट्स टूटकर 78,031.04 तक और निफ्टी 100.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,530.90 तक जाने के बाद टूट गया और 181.95 प्वाइंट्स गिरकर 24,348.95 तक आ गया।

निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 06 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,50,174.783 करोड़ था। आज यानी 07 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,,79,72,766.93 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,77,407.85 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 11 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट ट्रेंट और बीईएल में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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160 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4397 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1595 शेयर आज मजबूत हुए तो 2637 में गिरावट रही जबकि 165 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 160 शेयर एक साल के हाई और 193 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

4 वजहों से मार्केट पर आया दबाव

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जेफरीज ने बताई NSE की एक खास खूबी, 4% टूट गए BSE और MCX के शेयर

BSE-MCX Shares vs NSE IPO: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने आईपीओ की तैयारियों में जुटी एनएसई को अधिक डाईवर्सिफाइड कह दिया तो बीएसई और एमसीएक्स के शेयर 4% तक टूट गए। तेज गिरावट के साथ ये निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स के टॉप लूजर बन गए जो खुद 2% कमजोर हुआ है। बता दें कि एनएसई ने बाजार नियामक सेबी के पास ₹30 हजार करोड़ के रिकॉर्डतोड़ आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल किया है। इस ड्राफ्ट ने लिस्टेड मार्केट में हलचल बढ़ा दी है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा। अभी देश में सबसे बड़ा आईपीओ लाने का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया का है जिसने ₹27858 करोड़ का आईपीओ सालव 2024 में पेश किया था।

NSE को लेकर क्या कहना है Jefferies का

जेफरीज का कहना है कि एनएसई का प्रोडक्ट मिक्स बीएसई और एमसीएक्स की तुलना में अधिक डाईवर्सिफाईड है जिसमें से इंडेक्स ऑप्शंस और कमोडिटी एफएंडओ को छोड़ अधिकतर सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी 90% से अधिक है। जेफरीज ने जिक्र किया है कि एनएसई ने वैश्विक पियर्स की तुलना में अपना एक टेक प्रोडक्ट सुईट बनाया है और यह कमोडिटीज बिजनेस में विस्तार कर रही है। एनएसई के क्लियरिंग कॉरपोरेशन की कैश मार्केट में 88% और एफएंडओ मार्केट में 91% हिस्सेदारी है। एनएसई के पास टेक्नोलॉजी और डेटा ऑफरिंग्स का एक सुईट है जिसकी वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में 13% हिस्सेदारी है। जेफरीज के मुताबिक ओवरऑल इंडियन एक्सचेंज का 70% रेवेवन्यू एनएसई का है। इसके पोर्टफोलियो में इक्विटी कैश, इंडेक्स ऑप्शंस, सिंगल स्टॉक ऑप्शंस, इक्विटी फ्यूचर्स, कमोडिटी एफएंडओ, बॉन्ड्स और करेंसी डेरिवेटिव्स हैं।

कंपनी के सेहत की बात करें तो जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि कोलोकेशन और डार्क फाइबर केस से जुड़े प्रोविजंस में ₹1390 करोड़ और टीएपी मामले में ₹670 करोड़ के पेमेंट्स ने मिलकर एनएसई के वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के ऑपरेशनल ईबीआईटीडीए पर दबाव डाला। जेफरीज के मुताबिक सेबी सेटलमेंट फीस एक बार का होता है तो इसे निकालने पर देखें तो एनएसई का नॉर्मलाइज्ड ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए मार्जिन 76-77% पर काफी हद तक स्थिर है।

Options कितनी कमाऊ है एक्सचेंजेज के लिए?

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि वित्त वर्ष 2020-26 के बीच इक्विटी ऑप्शंस सालाना 56% की रफ्तार से बढ़ा जबकि कैश मार्केट टर्नओवर इस दौरन 19% की ही रफ्तार से बढ़ा। ऑप्शंस प्रीमियम का एवरेज डेली टर्नओवर (ADTO) वित्त वर्ष 2026 में डेली कैश मार्केट मार्केट टर्नओवर का 70% रहा। इस प्रकार इंडियन एक्सचेंजेज पर ऑपरेटिंग रेवेन्यू की 70% हिस्सेदारी है। जेफरीज के मुताबिक यह एक्सचेंजों के रेवेन्यू को मार्केट परफॉरमेंस साइकिल से जोड़ता है क्योंकि ऑप्शन ट्रेडिंग प्राइस की बजाय वोलेटिलिटी से अधिक जुड़ी है। अमेरिका से तुलना करें तो भारत में ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के ट्रेड्स अधिक हैं लेकिन प्रीमियम पांचवा हिस्सा।

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Stocks to Watch: 6 स्टॉक्स की लिस्टिंग; Titan-Trent समेत इन शेयरों पर आज Nifty की एक्सपायरी को रहेगी नजर

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में हल्की बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 9.50 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,501.50 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 06 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 521.16 प्वाइंट्स यानी 0.67% की बढ़त के साथ 78,285.07 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 159.50 प्वाइंट्स यानी 0.66% के उछाल के साथ 24,430.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज आएंगे रिजल्ट

चंबल ब्रूअरीज एंड डिस्टिलरीज आज कारोबारी नतीजे पेश करेगी।

तिमाही कारोबारी अपडेट

Titan Company Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाइटन कंपनी का घरेलू बिजनेस 37%, इंटरनेशनल बिजनेस 128%, कंज्यूमर बिजनेस 41%, घड़ियों का बिजनेस 23% और आईकेयर बिजनेस 23% की रफ्तार से बढ़ा। इसके अलावा कंपनी का एमर्जिंग बिजनेस 19% और ज्वैलरी बिजनेस भी जून तिमाही में सालाना आधार पर 39% की रफ्तार से बढ़ा। जून तिमाही में कंपनी ने देश में 76 और देश के बाहर 1 स्टोर खुला और अब इसके कुल 3680 स्टोर्स हो गए हैं।

Trent Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर ट्रेंट का स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹5,666 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में 1 वेस्टसाइज स्टोर और 19 जूडियो स्टोर खोला और अब इसके पास कुल 1312 स्टोर्स हैं।

Jubilant FoodWorks Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 14.1% की रफ्तार से बढ़कर ₹2,569.3 करोड़, स्टैंडएलोन रेवेन्यू 9.2% बढ़कर ₹1,848.5 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 2.5% रही और कंपनी ने जून तिमाही में 76 स्टोर्स जोड़े जिसके बाद इसके 3712 स्टोर्स हो गए।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Hexaware Technologies

हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने अमेरिकी मार्केट में लिस्टेड स्मार्टरेंट के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

Torrent Pharmaceuticals

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), अहमदाबाद ने जेबी केमिकल्स एंड फार्मा के टोरेंट फार्मा के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। अब विलय की यह योजना RoC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) के पास ऑर्डर की सर्टिफाइड कॉपी जमा करने के बाद लागू होगी।

Varun Beverages

वरुण बेवरेजेज की सब्सिडियरी VBL इंडस्ट्रीज (केन्या) ने देवयानी फूड इंडस्ट्रीज (केन्या) के वैल्यू-एडेड डेयरी बेवरेजेज, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बिजनेस को $3.2 करोड़ (₹305 करोड़) में खरीदने के लिए एक एग्रीमेंट किया है।

Blue Jet Healthcare

ब्लू जेट हेल्थकेयर ने 6 जुलाई को अपना QIP इश्यू प्रति शेयर ₹531.7 के भाव पर लॉन्च किया। कंपनी फ्लोर प्राइस पर 5% का डिस्काउंट भी दे सकती है।

Concord Enviro Systems

अनीश गोएल ने कॉनकार्ड एंवायरो सिस्टम्स के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है जो 21 जुलाई को प्रभावी होगा।

RITES

राइट्स को दक्षिण अफ्रीका की वोलांटिस एसेट फाइनेंस से 4,000 HP के केप गेज डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की सप्लाई और कमीशनिंग के लिए $3.58 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

TANFAC Industries

टैनफैक इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹2,341 के भाव पर 7.41 लाख इक्विटी शेयरों के ₹173.5 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है। प्रस्तावित प्रेफरेंशियल इश्यू में प्रमोटर अनुपम रसायन इंडिया का ₹135 करोड़ का निवेश शामिल है, और बाकी हिस्सा एलरॉक्स एंटरप्राइजेज, विवेक जैन (एक्शन ग्रुप) और तत्वम ट्रेड (निवेशाय इन्वेस्टमेंट्स)जैसे इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स सब्सक्राइब करेंगे।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड का ऑफर फॉर सेल विंडो आज खुल रहा जिसमें फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,400 तय किया गया है। सरकार इस इश्यू के जरिए कंपनी में 5.04% हिस्सेदारी बेचेगी।

बल्क डील्स

Karnika Industries

सेजवन (SageOne) ने अपने फ्लैगशिप और कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) ग्रोथ ओई फंड के जरिए कोलकाता की कर्णिका इंडस्ट्रीज के 19.91 लाख शेयर (3.2% हिस्सेदारी) ₹18.18 करोड़ में प्रति शेयर ₹91.33 के भाव पर खरीदे हैं।

Agarwal Toughened Glass India

इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म ग्रीन पोर्टफोलियो ने प्रति शेयर ₹137.74 के भाव पर अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया के 92,400 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹1.27 करोड़ तो द गोल्डन बर्ड इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट-I ने प्रति शेयर ₹138.61 के भाव पर ₹2.86 करोड़ में 2.06 लाख शेयर (1.16% हिस्सेदारी) खरीदे। वहीं दूसरी तरफ वीपीके ग्लोबल वेंचर्स फंड-स्कीम 1 ने प्रति शेयर ₹139.52 के भाव पर ₹2.09 करोड़ में 1.5 लाख शेयर (0.84% हिस्सेदारी) बेचे। मार्च 2026 तक इस फंड के पास अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया में 3.18% होल्डिंग थी।

लिस्टिंग

आज तेजा इंजीनियरिंग और विनीत मोबाइल के शेयरों की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो संपर्क इंडिया लॉजिस्टिक्स, सीमैक्स रिसोर्सेज, अथर्व पॉलीप्लास्ट, और तेजा इंजीनयरिंग इंडस्ट्रीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

आज सन फार्मा, जेएसडब्ल्यू स्टील, सेरा सैनिटीवेयर, डोडला डेयरी और एलकेपी सिक्योरिटीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

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Oberoi Realty Shares: दिल्ली एनसीआर में ग्रैंड एंट्री, ₹8109 करोड़ की बुकिंग पर शेयरों ने छू दी नई ऊंचाई

Oberoi Realty Shares: लग्जरी होम तैयार करने वाली ओबेरॉय रियल्टी के शेयर आज तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़े और उछलकर यह एक साल के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। गुरग्राम में थर्टी सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट में करीब ₹8109 करोड़ की ग्रास बुकिंग्स पर शेयर चमक उठे। दिल्ली एनसीआर में यह इसका पहला लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपमेंट है। कंपनी ने जब आज एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी तो निवेशक इसके शेयरों पर टूट पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने इसे संभाल लिया।

फिलहाल बीएसई पर यह 2.33% की बढ़त के साथ ₹1,975.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.84% उछलकर ₹1,985.00 तक पहुंच गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। करीब 4 ही महीने पहले यह 23 मार्च 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹1,390.15 पर था। इसे कवर करने वाले 27 एनालिस्ट्स में से 17 ने खरीदारी, 8 ने होल्ड और 2 ने सेल रेटिंग दी है।

Oberoi Realty की दिल्ली एनसीआर में ग्रैंड एंट्री

ओबेरॉय रियल्टी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट दिल्ली एनसीआर में उसका पहला लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपमेंट है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में लगभग 13.52 लाख स्क्वेयर फीट रेरा कारपेट एरिया (23.1 लाख स्क्वायर फीट बिक्री योग्य एरिया) की बुकिंग हुई है। यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम के सेक्टर 58 में गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर लगभग 14.8 एकड़ में फैला है। कंपनी ने बताया कि इसमें आगे चलकर सात रेजिडेंशियल टावर, लैंडस्केप्ड ओपन स्पेस और क्लब थ्री सिक्स्टी नॉर्थ के साथ-साथ रिटेल और कैफे वाला एक खास बुलेवार्ड शामिल होगा।

क्या रुझान है ब्रोकरेज फर्म का?

थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट के पहले चरण को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ओबेरॉय रियल्टी को लेकर पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने इसे खरीदने की सलाह दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,850 से बढ़ाकर ₹2,090 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि कंपनी की FY27 प्री-सेल्स पिछले साल के मुकाबले 123% अधिक रहेगी। नोमुरा का मानना है कि नए मार्केट में एंट्री और लॉन्च पाइपलाइन इसके शेयरों की फिर से रेटिंग के लिए अहम ट्रिगर बनेगा।

Monsoon Stocks: सूखे जून के बाद भीगी जुलाई, बरस सकता है इन सेक्टर्स के खास शेयरों से तगड़ा पैसा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Rally: 4 वजहों से Sensex में 400 अंकों का उछाल,Nifty पहुंचा 24400 के करीब

Share Market Rally: इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज मार्केट में शानदार रौनक दिखी। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ही उछल पड़े। सेंसेक्स (Sensex) इंट्रा-डे में 400 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी 50 (Nifty 50) चढ़कर 24400 के एकदम करीब पहुंच गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक थोड़ी हल्की है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:58 AM पर सेंसेक्स 379.23 प्वाइंट्स यानी 0.49% की बढ़त के साथ 78,143.14 और निफ्टी 50 भी 113.65 प्वाइंट्स यानी 0.47% की बढ़त के साथ 24,384.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 430.45 प्वाइंट्स चढ़कर 78,194.36 और निफ्टी 123.55 प्वाइंट्स उछलकर 24,394.40 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहति

तेल निकालने वाले देशों के संगठन OPEC+ ने अगस्त से अपने प्रोडक्शन टारगेट को और बढ़ाने पर सहमति जताई तो इसके भाव नरम पड़े और मार्केट को सपोर्ट मिला। रविवार को तेल निकालने वाले खाड़ी देशों (OPEC) और रूस ने अगस्त से हर दिन तेल का उत्पादन 1.88 लाख बैरल बढ़ाने की बात कही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक जून में ओपेक का तेल उत्पादन मई महीने की तुलना में 33 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 1.94 करोड़ बैरल प्रति दिन हो गया।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

प्रोविजनल आंकड़ो के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय स्टॉक मार्केट में ₹1355.33 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की जिससे मार्केट को आज सपोर्ट मिला है। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक कच्चे तेल के प्रति बैरल $72 के नीचे आने, FCNR(B) (फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक)) डिपॉजिट्स से निवेश आने की उम्मीद और वैश्विक एआई ट्रेड की कमजोरी पर विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट का रुख किया है।

बैंकों के मजबूत बिजनेस अपडेट

मार्केट को एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक समेत अन्य बैंकों के वीकेंड पर आए जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट से सपोर्ट मिला। बैंकों ने जून तिमाही के कारोबारी नतीजे से पहले प्रोविजनल आंकड़े पेश किए हैं। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक और बंधन बैंक की लोन ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही तो कोटक महिंद्रा बैंक में हल्की सुस्ती दिखी।

टेक्निकल आउटलुक

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24300 के पार बना हुआ है, मार्केट में तेजी का रुझान कायम रहेगा। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक 24,150 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर निफ्टी को लेकर बुलिश रुझान रहेगा। फिलहाल निफ्टी के लिए यह सपोर्ट लेवल का काम कर रहा है। उनका मानना है कि 24,400 के पार मजबूती से जाने पर 24,600 का रास्ता खुल सकता है लेकिन अगर यह 24,150 के नीचे आया तो मुनाफावसूली के दबाव में यह 24000 तक फिसल सकता है। राजेश के मुताबिक मीडियम टर्म में माहौल पॉजिटिव ही दिख रहा है लेकिन वैश्विक टेक स्टॉक्स में दबाव के चलते तेजी सीमित रह सकती है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

Crude Oil Price: क्रूड को लेकर आई बड़ी खबर, उत्पादन बढ़ाएगा OPEC+

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adon Agro IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, ₹70 के शेयरों ने बरसाया ताबड़तोड़ पैसा, खुदरा निवेशकों को नहीं पसंद था आईपीओ!

Adon Agro IPO Listing: ड्राई फ्रूट्स बेचने वाली एडॉन एग्रो के शेयरों की आज बीएसई एसएमई पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹70 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹78.25 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11.79% का लिस्टिंग गेन (Adon Agro Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹82.16 (Adon Agro Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 17.37% मुनाफे में हैं।

Adon Agro IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडॉन एग्रो कमोडिटीज का ₹44 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह इश्यू 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 22.47 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.41 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 62.90 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adon Agro Commodities के बारे में

एडॉन एग्रो कमोडिटीज मुख्य रूप से ड्राई फ्रूट्स, नट्स, सीड्स और बेरीज की सोर्सिंग, इंपोर्ट, प्रोसेसिंग, पैकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, किशमिश, सूखी खजूर, खुबानी, अंजीर और अलग-अलग तरह के ड्राई फ्रूट मिक्स शामिल हैं, जो कई ग्रेड, रूप और पैक साइज में मिलते हैं। इन्हें कंपनी बिना प्रोसेस किए थोक में और प्रोसेस करके पैक करके, दोनों तरीके से बेचती है। कंपनी इसे अपने रिटेल ब्रांड हंगर नट्स (Hunger Nuts) ब्रांड के तहत 250 ग्राम से लेकर 30 किग्रा तक के पैक साइज में बेचती है। यह ड्राई फ्रूट हैम्पर्स और कस्टमाइज्ड मिक्स के जरिए कॉरपोरेट और फेस्टिव गिफ्टिंग का काम भी करती है। यह घरेलू मार्केट के साथ-साथ यूएई, अफगानिस्तान, यूएसए, चिली और श्रीलंका से कच्चा माल मंगाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹9 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1.79 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹7.22 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 114% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹103.04 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो 10 महीने में कंपनी को ₹21.55 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹287.33 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹10.19 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹30.45 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex IPO Listing: मुनाफा नहीं बुन पाया ₹136 का शेयर, रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा कंपनी का प्रॉफिट

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹136 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹130.00 और NSE पर ₹130.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 4.41% पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹133.00 (Aastha Spintex Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.21% घाटे में हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market News: कच्चा तेल, मानसून और तिमाही नतीजे; इन बातों से तय होगी Sensex-Nifty की चाल

Stock Market Trend This Week: 6 जुलाई से शुरू हो रहे इस कारोबारी हफ्ते शेयर मार्केट में मार्केट सेंटिमेंट कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक रुझानों और कॉरपोरेट आय सीजन की शुरुआत पर निर्भर करेगी। एनालिस्ट्स के मुताबिक आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी टीसीएस 9 जुलाई को जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश करेगी, जिस पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति और विदेशी निवेशकों की खरीदारी-बिकवाली से भी बाजार की दिशा तय होगी। पिछले कारोबारी हफ्ते सेंसेक्स 663.44 प्वाइंट्स यानी 0.86% की बढ़त के साथ 77,763.91 तो निफ्टी 214.85 प्वाइंट्स यानी 0.89% के उछाल के साथ 24270.85 पर बंद हुआ।

मार्केट की चाल पर क्या है एक्सपर्ट्स का रुझान

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि निवेशकों की नजर 9 जुलाई को टीसीएस के कारोबारी नतीजे पर रहेगी। अजीत के मुताबिक निवेशकों का ध्यान खास तौर पर डिमांड ट्रेंड, डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग और एआई से जुड़े बिजनेस मौकों को लेकर मैनेजमेंट की बातों पर रहेगा।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौड़ का भी कहना है कि घरेलू स्तर पर निवेशकों का ध्यान 9 जुलाई से शुरू होने रहे वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अर्निंग्स सीजन पर रहेगा। उनका मानना है कि कॉरपोरेट अर्निंग्स और मैनेजमेंट की कमेंट्री से डिमांड के माहौल, मार्जिन के रुझानों और अर्निंग्स विलिबिलिटी को लेकर अहम संकेत मिलेगा। प्रवेश के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून और खरीफ की बुवाई भी गांवों में मांग, महंगाई की रफ्तार और ओवरऑल इकनॉमिक ग्रोथ को लेकर अहम संकेत देगा।

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच टेक्निकल बातचीत का अगला दौर 11 जुलाई को होने की उम्मीद है, हालांकि बैठक की जगह के बारे में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से सप्लाई को लेकर चिंता कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें प्रति बैरल $68-$69 के आसपास स्थिर हो गए हैं और अब इन पर निवेशकों की नजर रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के लेबर मार्केट के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे फेडरल रिजर्व के रुख में नरमी की उम्मीदें बढ़ी हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर फेड की जून पॉलिसी मीटिंग के मिनट्स यानी बैठक के ब्यौरे पर रहेगी ताकि अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट रुझान मिल सकें।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के मिनट्स, घरेलू अर्निंग्स सीजन की शुरुआत और मानसून की दिशा से तय होगी।

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Elon Musk अब नहीं रहे ट्रिलेनियर, Tesla-SpaceX की बिकवाली से लगा करंट, एक्सपर्ट ने किया सतर्क

दुनिया के पहले और इकलौते ट्रिलेनियर यानी $1 लाख करोड़ से अधिक दौलत वाले शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों की गिरावट से तगड़ा शॉक लगा। इनकी गिरावट से मस्क की दौलत से हजारों करोड़ डॉलर साफ हो गए। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या फिर एआई और स्पेस से जुड़ी हाई-ग्रोथ कंपनियों को लेकर मार्केट की सोच में बड़े बदलाव का संकेत। टेस्ला का शेयर दिसंबर 2025 में एक साल के हाई $498.83 से करीब 21% टूटकर करीब $393 पर है। वहीं अब तक के सबसे बड़ा आईपीओ लाने के बाद 12 जून को नास्डाक पर लिस्ट हुई स्पेसएक्स $225.64 के रिकॉर्ड हाई से करीब 30% टूटकर अब $157-158 के करीब आ चुका है। इस गिरावट के कारण एलन मस्क की नेटवर्थ स्पेसएक्स की लिस्टिंग के तुरंत बाद अपने $1.45 ट्रिलियन के रिकॉर्ड हाई से घटकर $1 ट्रिलियन से नीचे आ गई है।

प्रॉफिट बुकिंग है या गहरी गिरावट?

वेस्टेड फाइनेंस के सीईओ और फाउंडर विक्रम शाह का मानना है कि टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट की दोनों वजहें हैं- प्रॉफिट बुकिंग और गहरी गिरावट। शेयरों की तेज रैली के बाद निवेशकों ने पैसा निकाला शुरू किया तो इस पर दबाव पड़ा। इसके अलावा मार्केट ने अब एआई और स्पेस इकॉनमी से जुड़ी कंपनियों का वैल्यूएशन फिर से करना शुरू किया है। ऐसे में यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वैल्यूएशन आखिर कहां स्थिर होंगे।

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स के सिर्फ शेयर ही टूटे हैं, बिजनेस के स्तर पर अभी भी ज्यादा कुछ नहीं टूटा है। उन्होंने जिक्र किया कि टेस्ला ने अभी हाल में अपना सबसे मजबूत तिमाही डिलीवरी आंकड़ा पेश किया है, फिर भी शेयर टूटे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि निवेशक अभी कंपनी के इलेक्ट्रिक वेईकल बिजनेस की बजाय उसके लंबे समय के ऑटोनॉमस ड्राइविंग और रोबोटैक्सी विजन पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। स्पेसएक्स की स्थिति भी ऐसी ही है। स्टारलिंक लगातार प्रॉफिटेबल तरीके से बढ़ रहा है और कंपनी का लॉन्च बिजनेस भी विस्तार कर रहा है, लेकिन पोस्ट-लिस्टिंग शुरुआती तेजी के बाद शेयरों पर दबाव आया है।

क्या करना चाहिए भारतीय निवेशकों को?

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट खरीदें या बेचें, फैसले जितना साधारण नहीं है बल्कि उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि पोर्टफोलियो एलोकेशन और निवेश के लॉन्ग-टर्म गोल्स पर फोकस करना चाहिए। उनका कहना है कि एआई और स्पेस में 5–10 साल के लिए निवेश कर रहे हैं तो कुछ हफ्तों की गिरावट से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को यह भी देखने की सलाह दी है कि कहीं इन शेयरों में उनका एक्सपोजर पहले की तेजी के कारण जरूरत से ज्यादा तो नहीं हो गया है। साथ ही उन्होंने भारतीय निवेशकों को बिना सोचे-समझे नई लिस्ट हुई हाई-वैल्यू अमेरिकी कंपनियों में निवेश करने से सावधान किया। उनका मानना है कि अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश इतना छोटा होना चाहिए कि शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से पूरा पोर्टफोलियो प्रभावित न हो।

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