Sensex में इंट्रा-डे के निचले स्तर से 900 प्वाइंट्स की रिकवरी, 4 वजहों से Nifty फिर 24250 के पार

Share Market Sharp Recovery: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमले शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में हाहाकार मचा दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी 24000 के लेवल तक आ गया था। हालांकि फिर मार्केट ने जोरदार वापसी की और निचले स्तर से सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ और निफ्टी भी उछलकर 24250 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और आधे फीसदी से अधिक गिरावट से उबरते हुए निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट हो गए।

फिलहाल 12:55 PM पर सेंसेक्स 141.17 प्वाइंट्स यानी 0.18% की बढ़त के साथ 77.710.56 और निफ्टी 23.80 प्वाइंट्स यानी 0.10% के उछाल के साथ 24,230.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक आया था जिससे यह 931.86 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,789.29 तक पहुंच गया तो निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आया था जिससे 259.60 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,259.80 तक पहुंच गया।

Share Market Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की तो मार्केट मे तेजी से रिकवरी की। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रहा संकट न्यू नॉर्मल बन चुका है लेकिन ऑयस मार्केट में जैसी स्थिति मार्च में थी, वैसा हाहाकार अभी नहीं है। वीके विजयकुमार का मानना है कि जब तक एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 के नीचे है, मार्केट पर अधिक असर पड़ने की आशंका नहीं है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹2,603.72 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इस महीने 10 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने सेकंडरी मार्केट में ₹5,155 करोड़ की नेट खरीदारी की। प्राइमरी मार्केट और अन्य में ₹10,001 करोड़ की खरीदारी को मिलाकर जुलाई में इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में ₹15,156 करोड़ का निवेश किया। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी मार्केट के लिए पॉजिटिव है। उनका कहना है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकनॉमिक हालात और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के मूड को बदला है चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की भी भारत में उनका निवेश बढ़ा है।

आईटी स्टॉक्स में रौनक

शुरुआती कारोबार में जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था तो भी आईटी सेक्टर में शानदार रौनक थी। टीसीएस के उम्मीद से बेहतर कारोबारी नतीजे ने आईटी सेक्टर में रौनक बिखेर दी। निफ्टी आईटी आधे फीसदी से अधिक उछल पड़ा और इसके 10 में से 8 स्टॉक्स मजबूत हुए हैं। देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टीसीएस के शेयर करीब 3% उछल पड़े।

अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल

निफ्टी ने 24000 के लेवल पर जाने के बाद वहां से फटाक से वापसी की। निफ्टी के लिए यह अहम टेक्निकल सपोर्ट जोन है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक निफ्टी के लिए 24000 तात्कालिक सपोर्ट लेवल है जो अगर टूटा तो यह 23,800 तक फिसल हो सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Quant Mutual Fund ने खरीद लिए इस कंपनी के 700000 शेयर, 6% बढ़ गई चमक

Ethos Share Price: लग्जरी घड़ियां और ज्वैलरी बेचने वाली एथोस के शेयर आज रॉकेट बन गए। इसके शेयरों में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब क्वांट म्यूचुअल फंड ने इसके 7 लाख शेयर खरीदे हैं। क्वांट म्यूचुअल फंड ने एक कारोबारी दिन पहले 10 जुलाई को इसके 7 लाख शेयर खरीदे थे। अब आज इसके शेयर 6% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाते हु्ए मुनाफावसूली की तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 5.51% की बढ़त के साथ ₹2624.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 6.47% उछलकर ₹2,647.85 तक पहुंच गया था।

Quant Mutual Fund ने किस भाव पर बेचे Ethos के शेयर

क्वांट म्यूचुअल फंड ने 10 जुलाई 2026 को हर शेयर ₹2500 के भाव पर एथोस के शेयर खरीदे। फंड हाउस ने ये शेयर यूके की जुपिटर फंड मैनेजमेंट ने दो स्कीमों से खरीदे हैं। जुपिटर ग्लोबल फंड-जुपिटर इंडिया सेलेक्ट ने ₹55.84 करोड़ में 2,23,387 शेयर और जुपिटर इंडिया फंड ने ₹124.8 करोड़ में 4,99,239 शेयर बेचे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार जुपिटर इंडिया फंड की एथोस में 2% हिस्सेदारी (5.34 लाख शेयर) थी। मार्च 2026 तक कंपनी में 13 म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 20.16% थी।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?

एथोस के शेयरों की करीब चार साल पहले 30 मई 2022 को एंट्री हुई थी। इसके ₹402 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹878 के भाव पर शेयर जारी हुई थी। मार्केट में लिस्टिंग के बाद इसका शेयर 6 जून 2022 को टूटकर ₹711.60 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर पर शेयर संभला और यहां से रिकवर होकर यह 24 सितंबर 2024 को ₹3,514.95 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

अब पिछले एक साल में बात करें तो एथोस के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 26 नवंबर 2026 को बीएसई पर यह ₹3244.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 3 ही महीने में यह 40.79% टूटकर 16 मार्च 2026 को ₹1,921.00 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Stocks To Buy: ₹4000 तक जाएगा यह ऑटो शेयर, अभी निवेश पर मिलेगा 42% रिटर्न

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 सेकंड में ₹1.8 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 700 अंकों की गिरावट, Nifty धड़ाम

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के ऐलान पर कच्चा तेल उबल पड़ा। इससे वैश्विक स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में तबाही मची हुई है जिसमें निफ्टी प्राइवेट बैंक में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी के निफ्टी इंडेक्स 1% या इससे अधिक कमजोर हुए हैं। निफ्टी आईटी में हल्की बढ़त है। बिकवाली के इस चौतरफा माहौल में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 पर सेंसेक्स (Sensex) 670.36 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 76,899.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 196.50 प्वाइंट्स यानी 0.81% की गिरावट के साथ 24,010.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक और निफ्टी 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.83 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 10 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,30,322.70 करोड़ था। आज यानी 13 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,47,242.67 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,080.031 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 6 ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी टीसीएस, एचसीएलटेक और इंफोसिस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंडिगो, टाटा स्टील और मारुति में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 89

65 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 3113 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1104 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1769 में बिकवाली का दबाव है तो 240 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 65 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 75 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 77 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

bse 78

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

इंट्रा-डे में आज इन शेयरों पर फोकस

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Airtel Growth Plan: दस साल में ₹3.3 लाख करोड़ का निवेश, अब तीन क्षेत्रों के दम पर ग्रोथ का मजबूत भरोसा

Airtel Growth Plan: भारती एयरटेल ने पिछले दशक में डिजिटल इंफ्रा तैयार करने में ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक निवेश किया। इसके बाद अब कंपनी के चेयरमैन सुनीत भारती मित्तल का कहना है कि भारती एयपटेल का फोकस फाइनेंशियल सर्विसेज़, डेटा सेंटर और क्लाउड पर है जो इसकी ग्रोथ के अगले इंजन होंगे। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की सालाना रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि कंपनी ने एयरटेल मनी में ₹20 हजार करोड़ तक के निवेश का ऐलान किया है और Nxtra के जरिए अपने डेटा सेंटर बिजनेस को बढ़ा रही है।

Airtel की ग्रोथ के अगले चरण के इंजन

शनिवार की देर रात जारी जारी सालाना रिपोर्ट में सुनील मित्तल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में एयरटेल के लिए नए ग्रोथ इंजन बनाने के लिए सोच-समझकर कदम उठाए गए जिसके अच्छे नतीजे मिले हैं। कंपनी के चेयरमैन का कहना है कि तीन क्षेत्रों में भरोसा बढ़ा है, जहां एयरटेल के जीतने की पूरी संभावना है- फाइनेंशियल सर्विसेज़, डेटा सेंटर और एयरटेल क्लाउड।

सालाना रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि एयरटेल मनी को RBI से नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करने की मंजूरी मिल गई है। सुनील मित्तल के मुताबिक यह देश में फाइनेंशियल इनक्लूजन का दायरा बढ़ाने के लिए अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में जरूरत के हिसाब से इसमें पूंजी लगाई जाएगी।

अब कंपनी के डेटा सेंटर बिजनेस Nxtra की बात करें तो हाल ही में $100 करोड़ (करीब ₹9500 करोड़) जुटाने के बाद के बाद अग ले कुछ वर्षों में 1 गीगावाट कैपेसिटी बनाने की राह पर है। सालाना रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि इस बिजनेस को देश में तेजी से हो रहे डिजिटाइजेशन, क्लाउड के बढ़ते इस्तेमाल और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती जरूरतों से सपोर्ट मिल रहा है।

अब कंपनी के तीसरे ग्रोथ इंजन एयरटेल क्लाउड की बात करें तो सुनील मित्तल का कहना है कि शुरुआत दौर में इसे अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। उनका कहना है कि यह देश की उभरती हुई जरूरतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह ग्राहकों को देश में होस्ट और स्टोर की गई वर्ल्ड क्लास क्लाउड सर्विस का फायदा कम खर्च में दे रही है। सुनील मित्तल के मुताबिक एयरटेल ने अपनी क्लाउड सर्विस के लिए 24 से ज्यादा कस्टमर डील हासिल की है। सुनील मित्तल का कहना है कि क्लाउड, एआई और डिजिटल इंफ्रा को सपोर्ट करने वाली पॉलिसी से इंवेस्टमेंट में तेजी आने और इकोसिस्टम के मजबूत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे लेकर लॉन्ग-टर्म की टैक्स छूट देकर और सहारा दे दिया है जिससे डिजिटल इंफ्रा में लगातार कैपिटल इंवेस्टमेंट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार को उम्मीद है कि इस साल डेटा सेंटर सेक्टर में इंवेस्टमेंट $20 हजार करोड़ (₹18 लाख करोड़ से अधिक) को पार कर जाएगा।

158 साल बाद देश में दिखा यह दुर्लभ फूल; चीन, नेपाल और भूटान की लीग में शामिल

IPO News: पैसों का कर लें इंतजाम! 14 जुलाई को खुलेंगे ₹10100 करोड़ के तीन आईपीओ

IPO News: 13 जुलाई से शुरू हो रहे अगले कारोबारी हफ्ते आईपीओ मार्केट में काफी रौनक रहने वाली है। तीन कंपनियों के ₹10,100 करोड़ के आईपाीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाले हैं जिसमें से एक तो एसबीआई फंड मैनेजमेंट (SBI Funds Management) मेगा आईपीओ है। इनमें से एक एसएमआई आईपीओ है जो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (Millworks Technologies) का है। ये तीनों इश्यू 14 जुलाई को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। वैसे इनके अलावा कुछ और इश्यू में भी पैसे लगाने का मौका मिलेगा जोकि अभी खुले हैं और अभी कल यानी सोमवार 13 जुलाई को बंद होंगे। जैसे कि पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरर लेजर पावर एंड इंफ्रा का ₹742 करोड़ का मेनबोर्ड आईपीओ कल बंद होगा तो एसएमई सेगमेंट में भी देवसन केटेलिस्ट और हैप्पी स्टील्स का भी आईपीओ कल बंद होगा। इनकी मार्केट में 16 जुलाई को एंट्री होगी।

तीनों आईपीओ की डिटेल्स

देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई (SBI) और फ्रेंच एसेट मैनेजर एमुंडी (Amundi) की प्रमोटेड कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ₹9,812.91 करोड़ का आईपीओ ला रही है। इसका प्राइस बैंड ₹545-₹574 फिक्स किया गया है। इसका ऑफर साइज पहले ₹11,692.9 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 निवेशकों से फंड जुटाने के बाद एसबीआई फंड मैनेजमेंट ने आईपीओ साइज कम कर दिया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई 9.95 करोड़ शेयर (4.89% होल्डिंग) और एमुंडी इंडिया होल्डिंग 7.14 करोड़ शेयर (3.51% होल्डिंग) बेच रहे हैं।

मेनबोर्ड सेगमेंट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपीओ आ रहा है। इसके ₹126.25 करोड़ के आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। इसमें निवेशक ₹100-₹105 के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल ग्रे फैब्रिक प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने को लेकर एक नई वीविंग यूनिट लगाने, लोन हल्का करने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।

14 जुलाई को एक एसएमई मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज का भी ₹160.3 करोड़ का आईपीओ खुलेगा। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹315-₹331 फिक्स किया गया है। बेंगलुरु की प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल प्लांट और मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में भी करेगी।

इस साल कैसा है आईपीओ मार्केट में हाल

इस कैलेंडर ईयर में अब तक 30 मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च हुए हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹24,404 करोड़ है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के जुड़ने से इस साल अब तक मेनबोर्ड में 32 आईपीओ के जरिए कुल फंड-रेजिंग ₹34,343 करोड़ तक पहुंच जाएगी। एसएमई सेगमेंट में इस साल अब तक 90 कंपनियों के ₹3,861 करोड़ के आईपीओ सफल हुए हैं और मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज़ को मिलाकर कुल फंड-रेजिंग बढ़कर ₹4,022 करोड़ हो जाएगी।

Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक फायदा HDFC Bank और भारती एयरटेल को हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, भारती एयरटेल और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 49,294.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप सबसे अधिक 35,808.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये, LIC का 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मार्केट कैप 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इसके उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह L&T का मार्केट कैप 11,040 .23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये, TCS का 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये और SBI का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये रह गया।

टॉप 10 कंपनियों में RIL अव्वल

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, भारती एयरटेल, ICICI Bank, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, L&T और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। TCS बीते सप्ताह 9 जुलाई को नतीजे जारी कर चुकी है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cement Stocks: अभी और टूटेगा इस सीमेंट कंपनी का शेयर! आपके पास है?

Ramco Cements Share Price: दिग्गज सीमेंट कंपनी रामको सीमेंटस पर एक बार फिर देवेन चोकसी ने बेयरेश रुझान अपनाया है। अपनी 10 जुलाई की रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म ने रामको सीमेंट्स के शेयरों को लेकर जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है जो मौजूदा लेवल से 11% से अधिक नीचे है। एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 10 जुलाई को रौनक भरे बाजार में बीएसई पर यह 1.90% की बढ़त के साथ ₹940.70 के भाव पर बंद हुआ था। ब्रोकरेज फर्म ने इसे ₹836.00 के टारगेट प्राइस पर सेल रेटिंग दी है।

Ramco Cements पर ब्रोकरेज फर्म क्यों है बेयरेश

रामको सीमेंट्स का फोकस प्रीमियमाइजेशन, हायर ग्रीन एनर्जी एडॉप्शन और ऑपरेशनल एफिसिएंसी प्रीमियमाइजेशन के जरिए प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार पर फोकस है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स की अब कंपनी के रेवेन्यू में 28% हिस्सेदारी है को 40% बिजली ग्रीन एनर्जी है। हालांकि अपनी 10 जुलाई की रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म देवेन चोकसी रिसर्च का कहना है कि कंपनी लागत कम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मार्जिन पर फिलहाल दबाव बना हुआ है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी को कमजोर मांग, ऊंची इनपुट कॉस्ट और सीमित प्राइसिंग पावर जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नियर टर्म में मुनाफे पर दबाव दिख सकता है। कैपेक्स के चलते ब्याज और डेप्रिसिएशन का खर्च बढ़ेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कंपनी की लॉन्ग टर्म योजनाएं तो अच्छी हैं लेकिन उसका फायदा अभी तुरंत नहीं दिखाई देगा।

एक साल में कैसी रहेगी शेयरों की चाल

रामको सीमेंट्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 9 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹1,214.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से चार ही महीने में यह 30.94% टूटकर 10 जून 2026 को ₹838.40 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

LTM Q1 Results: जून तिमाही में सुस्त रेवेन्यू लेकिन 6% बढ़ा मुनाफा, 13 जुलाई को रहेगी शेयरों पर नजर

Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LTM Q1 Results: जून तिमाही में सुस्त रेवेन्यू लेकिन 6% बढ़ा मुनाफा, 13 जुलाई को रहेगी शेयरों पर नजर

LTM Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी एलटीएम का रेवेन्यू जून तिमाही में सुस्त रफ्तार से बढ़ा लेकिन ऑपरेटिंग मोर्चे पर कंपनी का परफॉरमेंस उम्मीद से बेहतर रहा। कंपनी ने शनिवार 11 जुलाई को कारोबारी नतीजे पेश किए तो अब सोमवार 13 जुलाई को जब स्टॉक मार्केट खुलेगा तो इसके शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले यानी नतीजे आने के एक दिन पहले शुक्रवार 10 जुलाई को बीएसई पर यह 4.89% की बढ़त के साथ ₹4041.15 के भाव (LTM Share Price) पर बंद हुआ था।

LTM Q1 Result: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में एलटीएम का कंसालिडेटेड रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.8% बढ़कर ₹11,608 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन डॉलर टर्म में यह लगभग फ्लैट रहा और महज 0.1% बढ़कर $122 करोड़ पर पहुंचा। कॉन्स्टैंट करेंसी बेसिस पर इसका रेवेन्यू 0.3% की रफ्तार से बढ़ा जोकि मार्केट की उम्मीदों के मुताबिक ही रहा। वहीं इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 5.9% की रफ्तार से बढ़कर ₹1,468.6 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग मोर्चे पर कंपनी का परफॉरमेंस उम्मीद से बेहतर रहा। इसका ईबीआईटी तिमाही आधार पर ₹1,709.4 करोड़ से बढ़कर ₹1,799.3 करोड़ और ईबीआईटी मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स सुधरकर 15.5% पर पहुंच गया।

जून तिमाही में कंपनी की ग्रोथ मुख्य रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल्स से हुई। फाइनेंशियल सर्विसेज में कॉन्स्टैंट करेंसी में तिमाही आधार पर 3.2% और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल्स में 3.4% की ग्रोथ दिखी। वहीं दूसरी तरफ प्रोडक्शन सेगमेंट में 5.7% और कंज्यूमर बिजनेस में 0.7% की गिरावट आई। जून तिमाही में कंपनी का डील मोमेंटम मजबूत बना रहा और $168 करोड़ की डील कंपनी को हासिल हुईं। मार्च तिमाही में भी कंपनी को $169 करोड़ की डील मिली थी।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

एलटीएम के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। इस साल की शुरुआत में 19 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹6,430.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 45.11% फिसलकर पिछले महीने के आखिरी कारोबारी दिन 30 जून 2026 को ₹3,529.60 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

Apple ने दो पूर्व एंप्लॉयीज और OpenAI पर किया केस, ट्रेड सीक्रेट चुराने का आरोप

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार 4 महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई में बायर नजर आ रहे हैं। इस महीने में अब तक उन्होंने भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश किया है। बेहतर होते घरेलू व्यापक आर्थिक संकेतकों, रुपये की स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती धारणा से यह रुझान देखने को मिला है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले FPI ने जून में भारतीय शेयरों से 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में 1.17 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।

इस बिकवाली के दौर से पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। साल 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयरों से कुल 2.60 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। पिछले साल की समान अवधि में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी।

एक्सपर्ट्स का क्या है मानना

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल मैनेजर (रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि जुलाई में FPI की वापसी वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता घटने और भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति पर बढ़े भरोसे का नतीजा है।

जियोजीत इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि घरेलू व्यापक आर्थिक स्थिति में सुधार और रुपये की स्थिरता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।सेमीकंडक्टर कारोबार में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में FPI की बिकवाली के कारण निवेश का एक हिस्सा भारत की ओर आया है। इसके साथ ही श्रीवास्तव ने आगाह किया कि भले ही जुलाई में FPI के निवेश की यह मजबूत वापसी उत्साहजनक है, लेकिन आगे उनका रुख वैश्विक परिस्थितियों और भारत की घरेलू आर्थिक वृद्धि की मजबूती पर निर्भर करेगा।

अप्रैल के हाई पर पहुंचने के लिए Nifty को तोड़नी होगी 24500-24550 की दीवार, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई

बॉन्ड मार्केट में कितना निवेश

भारत के डेट या बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। जुलाई में अब तक FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत डेट सिक्योरिटीज में 6,625 करोड़ रुपये और जनरल रूट से 3,228 करोड़ रुपये का निवेश किया।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

158 साल बाद देश में दिखा यह दुर्लभ फूल; चीन, नेपाल और भूटान की लीग में शामिल

करीब 158 वर्षों बाद एक अत्यंत दुर्लभ हिमालयी फूल साइनैंथस हूकेरी (Cyananthus Hookeri) देश में दोबारा मिला है। इससे पहले आखिरी बार भारत में इसका रिकॉर्ड आधिकारिक तौर पर सिक्किम में 1867 में मिलता है और इस बार यह पौधा अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में मिला है। यह पौधा पूर्वा हिमालय में लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर घास वाली और पथरीली अल्पाइन ढलान पर मिला है। इसके मिलने से यह तो तय हो गया कि यह पौधा अब भी भारत में मौजूद है। इसने देश की ऊंची जगहों पर बॉयो-डाईवर्सिटी को लेकर ध्यान खींचा है और इस बेहतर दुर्लभ पौधे को बचाने की मांग फिर तेज कर दी है।

कैसा दिखता है यह फूल

साइनैंथस हूकेरी के फूल पर्पल-ब्लू रंग के होते हैं और यह कैंपैनुलेसी (Campanulaceae) यानी बेलफ्लॉवर (Bellflower) फैमिली का सदस्य है। यह प्रजाति भारत में करीब 158 साल बाद फिर दिखा है लेकिन भूटान, नेपाल और चीन के कुछ हिस्सों में भी पाई जाती है। ऐसे में अब भारत में भी मिलने पर इसने देश के बॉटनिकल हिस्ट्री में अहम जगह भरी है।

कितनी अहम है यह खोज और अब आगे क्या

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि साइनैंथस हूकेरी की दोबारा खोज ऊंचे हिमालयी इलाकों के इकोलॉजिकल महत्व को दिखाती है, जहां कठिन माहौल और सीमित बॉटनिकल सर्वे के बावजूद कई दुर्लभ पौधों की प्रजातियां बची हुई हैं। ऐसे इलाकों में अक्सर खास तरह की वनस्पतियां पनपती हैं जो कठोर मौसम और ऊंचाई वाले इलाकों के हिसाब से ढल चुकी होती हैं। अब 158 साल बाद साइनैंथस हूकेरी मिला है तो रिसर्चर्स का कहना है कि रिकॉर्ड के हिसाब से दुर्लभ माने जा चुके कई हिमालयी प्रजातियां अभी भी कुछ इलाकों में मौजूद हो सकती हैं, जिनकी खोजबीन करने की जरूरत है। इस पौधे को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के मानकों के तहत भारत में ‘लुप्तप्राय’ यानी एनडैंजर्ड की कैटेगरी में रखने की सिफारिश की गई है।

कंवर्जेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो पौधे हिमालयी इलाकों में बचे हुए हैं, उनकी पहचान करना तो सिर्फ पहला कदम है। इनके फैलाव को समझने और जंगल में इसके बचे रहने को पक्का करने के लिए विस्तार से इकोलॉजिकल स्टडी, पॉपुलेशन एसेसमेंट और इसके परिवेश की निगरानी जरूरी होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन इलाकों को बचाना उन दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है जो पीढ़ियों से अलग-थलग और ज्यादा ऊंचाई वाले माहौल में बची हुई हैं।

फाइनल राउंड तक पहुंचा उम्मीदवार, फिर कंपनी ने ऐसा किया जिसकी उम्मीद नहीं थी