10 दिनों में हो जाएगा HDFC Bank के नए चेयरमैन का ऐलान! ये है प्रोसेस

HDFC Bank New Chairman: प्राइवेट सेक्टर का दिग्गज लेंडर एचडीएफसी बैंक अगले 7-10 दिनों में नए चेयरमैन की नियुक्ति कर लेगा। सीएनबीसी-टीवी18 को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रिम्यूनेरेशन) कमेटी चेयरमैन पद के लिए प्राथमिकता क्रम में तीन नाम बोर्ड को भेजेगी और अंतिम फैसला बैंक के बोर्ड का होगा। सूत्रों के मुताबिक बैंक फिलहाल पांच कैंडिडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है- आरबीआई के हाल ही में रिटायर्ड डिप्टी गवर्नर, एक पीएसयू बैंक के सीनियर अधिकारी, एक पूर्व ब्यूरोक्रेट, एक एमएनसी के पूर्व इंडिया हेड और एक टेक सेक्टर के अनुभवी शख्स। सूत्रों के मुताबिक NRC अभी इनसे अनौपचारिक तौर पर मुलाकात कर रही है। इसके बाद तीन नामों की सूची तैयार कर बोर्ड को भेजी जाएगी।

अभी कौन है HDFC Bank का चेयरमैन?

बैंक के बोर्ड के प्रमुख अभी एक अंतरिम चेयरमैन हैं- फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुभवी केकी मिस्त्री। पिछले हफ्ते ही उनका कार्यकाल बढ़ाया गया और अब वह अगले तीन महीनों के लिए यानी 18 सितंबर, 2026 तक या रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति होने, जो भी पहले हो, तक इस पद पर रहेंगे। बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक मूल्यों और एथिक्स का हवाला देते हुए 19 मई 2026 को तत्काल प्रभाव से पार्ट-टाइम चेयरमेन के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक विलय के पहले एचडीएफसी के आखिरी सीईओ केकी मिस्त्री को अंतरिम तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

मौजूदा CEO को बढ़ सकता है कार्यकाल

एचडीएफसी बैंक के मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन का भी कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक शशिधर को दोबारा सीईओ बनाया जा सकता है और इस बारे में ऐलान जुलाई के पहले दो हफ्तों में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक लॉ फर्मों ने पहले ही क्लीन चिट दे दी है। अब बोर्ड को सीईओ की फिर से नियुक्ति के लिए नए चेयरमैन को शामिल करेगा। आरबीआई के नियमों के मुताबिक बैंक को मौजूदा सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से कम से कम 6 महीने पहले या तो मौजूदा सीईओ को दोबारा नियुक्त करना होता है या फिर नया सीईओ नियुक्त करना होता है। मौजूदा हालात के मुताबिक शशिधर जगदीशन का कार्यकाल चार महीने से भी कम समय में 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है।

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Anubhav Plast IPO Listing: फ्लैट एंट्री के बाद नीचे आया ₹80 का शेयर, नई खरीदारी से पहले चेक करें कारोबारी सेहत

Anubhav Plast IPO Listing: अनुभव प्लास्ट के शेयरों की आज BSE SME पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 2 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹80 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹80.00 पर ही एंट्री हुई यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹76.05 (Anubhav Plast Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 4.94% घाटे में हैं।

Anubhav Plast IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अनुभव प्लास्ट का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-23 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.18 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.23 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.49 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.60 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 30 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2.20 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्रेमिसेज में ही क्रैश बैरियर्स और सोलर पैनल स्ट्रक्चर्स बनाने के लिए एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹13.75 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Anubhav Plast के बारे में

अनुभव प्लास्ट गोल और चौकोर खोखले सेक्शन वाले इलेक्ट्रिक रेजिस्टेंस वेल्डिंग (ERW) स्टील पाइप और ट्यूब, और साथ ही स्वैज्ड स्टील ट्यूबलर पोल बनाने का काम करती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, स्ट्रीट लाइटिंग, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन, सिंचाई, पानी की सप्लाई, जनरल इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन जैसे कई क्षेत्रों में होता है। यह अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री अनुभव ब्रांड नाम से करती है। कानपुर देहात में इसके दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं और देश के कई राज्यों में यह सरकार के कई टेंडर वाले प्रोजेक्ट्स में अपनी दमदार मौजूदगी दिखा चुकी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹74 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.08 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹6.00 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 6% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹98.31 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.30 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹80.60 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹34.81 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.85 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे बने रहने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, 23800–23750 पर अहम सपोर्ट

Trade setup for today : 25 जून को,तेल की कम कीमतों और VIX के निचले स्तरों के बावजूद,दूसरे हाफ में प्रॉफिट बुकिंग के कारण निफ्टी 50 दिन के हाई से थोड़ा नीचे बंद हुआ। ऊपर की तरफ 24,100–24,200 का जोन निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस लग रहा है,क्योंकि पिछले हफ्ते यह क्लोजिंग के आधार पर इस लेवल से ऊपर टिक नहीं पाया था। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,200 के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। इसके लिए 23,800–23,750 पर अहम सपोर्ट है। हालांकि,जानकारों का यह भी मानना ​​है कि अगर इंडेक्स मजबूती से 24,200 के जोन के ऊपर बंद होता है तो यह 24,500–24,600 के अगले अहम रेजिस्टेंस जोन तक पहुंच सकता है। इससे निफ्टी के 24,800 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता साफ हो रहा है। एक्सपर्ट्स की होर्मुज जलडमरूमध्य में नए तनाव के बाद सावधानी बरतने की भी सलाह है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,034, 23,981 और 23,896

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,204, 24,256 और 24,341

डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक छोटी बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी थी। इससे पता चलता है कि अहम रेजिस्टेंस लेवल पर बुल्स को रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। इंडेक्स क्लोजिंग के आधार पर गिरती हुई रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन (जो 21 अप्रैल और 18 जून के हाई को जोड़ती है) के ऊपर टिक नहीं पाया। यह क्लोजिंग के आधार पर 100-दिन के EMA के ऊपर भी नहीं टिक सका,लेकिन शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया,क्योंकि पॉजिटिव क्रॉसओवर के बावजूद RSI 56.97 पर स्थिर रहा। लगातार पांचवें सेशन में हरे हिस्टोग्राम बार के छोटे होने से पता चलता है कि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह सब पॉजिटिव रुझान के साथ लगातार कंसोलिडेशन का संकेत देता है,हालांकि रैली के अगले चरण को शुरू करने के लिए रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,559, 58,699 और 58,927

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 58,103, 57,963 और 57,735

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी 27 पॉइंट्स की बढ़त के साथ दिन के हाई के पास बंद हुआ और डेली टाइमफ्रेम पर एक रेड कैंडल बनाई,जिसके ऊपरी हिस्से में एक बड़ी शैडो (upper shadow) थी। यह ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग का संकेत है। इस प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा,क्योंकि बैंकिंग इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा था और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज,मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बने हुए थे। RSI बढ़कर 66.60 हो गया और इसमें बुलिश क्रॉसओवर देखा गया। लगातार पांचवें सेशन में हरे हिस्टोग्राम बार के छोटे होने से पता चलता है कि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है और निकट भविष्य में कुछ कंसोलिडेशन या रेंज-बाउंड मूवमेंट जारी रह सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

25 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 383 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,747 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX निचले स्तरों और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इसमें 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 13.05 पर आ गया,जिससे बुल्स को राहत मिली। अगर यह 12 के स्तर से नीचे आता है तो बुल्स का भरोसा और बढ़ सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 25 जून को पिछले सेशन के 1.21 से गिरकर 1.06 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

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पीएम मोदी की अपील के बाद से सस्ते हुए सोना-चांदी, ₹46000 तक घट गए दाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने जनता से खास अपील की थी। उन्होंने कहा था कि एक साल तक सोना खरीदने से बचे, ताकि विदेशी मुद्रा बचाया जा सके। पीएम मोदी की अपील के बाद सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

कितना सस्ता हुए सोना-चांदी?

इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) के आंकड़ों के मुताबिक, 10 मई को जब प्रधानमंत्री ने यह अपील की थी, तब 24 कैरेट सोना 1,53,140 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं, चांदी 2,62,350 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिक रही थी।

अब 28 जून तक सोना 13,267 रुपये सस्ता होकर 1,39,873 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, चांदी 45,809 रुपये टूटकर 2,16,541 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है।

इस दौरान सरकार के कुछ फैसलों और वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं में बिकवाली का असर भी कीमतों पर देखने को मिला।

पीएम मोदी ने क्या अपील की थी?

10 मई को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत के बढ़ते आयात बिल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी खरीदारी टालने की अपील की थी।

उन्होंने कहा था कि एक साल तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा जैसी गैर-जरूरी चीजों पर खर्च टालें, ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचाया जा सके।

प्रधानमंत्री का कहना था कि अगर सोना, ईंधन और दूसरी गैर-जरूरी वस्तुओं का आयात कम होगा, तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा और रुपये को भी मजबूती मिलेगी।

भारत में इसका असर क्यों ज्यादा पड़ता है?

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना खरीदने और आयात करने वाले देशों में शामिल है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है।

जब सोने का आयात बढ़ता है, तो डॉलर में ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। इससे ट्रेड डेफिसिट और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ सकता है।

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से भी बढ़ा दबाव

प्रधानमंत्री की अपील के कुछ दिन बाद सरकार ने सोना और चांदी पर प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी। इसके लिए कस्टम ड्यूटी और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) में बढ़ोतरी की गई।

Senco Gold के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सुवंकर सेन ने पहले Moneycontrol से कहा था कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर कीमत को लेकर संवेदनशील ग्राहकों पर पड़ेगा। उनके मुताबिक, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से निकट भविष्य में सोने की मांग कम हो सकती है। साथ ही सोने का आयात 10% से 15% तक घटने का अनुमान है।

हालांकि, सरकार का मकसद कीमतें घटाना नहीं, बल्कि सोने के आयात पर लगाम लगाना था। लेकिन ऊंची ड्यूटी और कमजोर मांग की वजह से आने वाले समय में आयात पर असर पड़ सकता है।

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Sharmila Tagore: शर्मिला टैगोर ने मुस्लिम टाइगर पटौदी से शादी करने पर मिलने वाली धमकियों को किया याद, बोली- कहा जाता था गोलियां बोलेंगी

Sharmila Tagore: दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी मंसूर अली खान पटौदी की शादी 43 साल तक चली, जिसके बाद 2011 में मंसूर का निधन हो गया। हाल ही में हुई एक बातचीत में शर्मिला ने अपनी शादी के बारे में बात की और बताया कि शादी के बंधन में बंधने से पहले एक दूसरे को जानने के लिए वे साथ रहते थे।

‘मोजो स्टोरी’ पर पत्रकार बरखा दत्त से बात करते हुए शर्मिला ने कहा, “शादी से पहले हम साथ रहते थे क्योंकि यह ज़्यादा सुविधाजनक था। टाइगर अक्सर नहाने के लिए ‘क्रिकेट क्लब ऑफ़ इंडिया’ जाते थे, क्योंकि मैं घर ठीक से नहीं संभाल पाती थी। घर में कोई भी चीज ठीक से काम नहीं करती थी। मैं घर संभालने में बहुत खराब थी। मैंने समय के साथ यह सब सीखा है। अब मुझे अपना घर बहुत पसंद है और मैं उसका बहुत ध्यान रखती हूं।”

कुछ समय तक साथ रहने के बाद शर्मिला और पटौदी ने शादी कर ली, लेकिन उन्हें लोगों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अलग-अलग धर्मों की वजह से उनकी शादी को लेकर काफी नकारात्मक बातें हुईं और लोगों ने तरह-तरह की राय बनाई। इस बारे में बात करते हुए शर्मिला ने बताया कि फिल्ममेकर यश चोपड़ा ने भी चिंता जताई थी।

एक्ट्रेस ने कहा कि “हमें इसका ज़्यादा असर महसूस नहीं हुआ क्योंकि मैं काम कर रही थी और टाइगर क्रिकेट खेल रहे थे। लेकिन मेरे माता-पिता और टाइगर की मां को दबाव महसूस हुआ क्योंकि बहुत कुछ कहा जा रहा था। मीडिया को लग रहा था कि हमारी शादी 15 महीने से ज़्यादा नहीं चलेगी। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि यह शादी बुरी तरह नाकाम रहेगी। यश चोपड़ा ने मुझसे कहा था, ‘ये नवाब लोग बहुत शक करने वाले होते हैं, इसलिए तुम्हें बहुत सावधान रहना होगा।’ वे अच्छे दोस्त थे और सच में मेरी चिंता करते थे।”

शर्मिला ने यह भी बताया कि उनकी शादी की तैयारियों के दौरान उन्हें धमकियां मिली थीं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता को टेलीग्राम मिले थे, जिनमें लिखा था, ‘गोलियां चलेंगी।’ उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा कारणों से आखिरी समय में उनकी शादी की जगह बदलनी पड़ी थी।

शर्मिला और मंसूर 1960 के दशक में कॉमन दोस्तों के ज़रिए मिले थे। एक-दूसरे को डेट करने के दौरान, मंसूर ने शर्मिला को लंदन से एयर कंडीशनर और गुलाब भेजे थे, जो काफी मशहूर हुआ था। शर्मिला ने 2023 में ‘द कपिल शर्मा शो’ पर अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की थी।

उन्होंने कहा, “उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर बहुत अलग था। वे अपने ही जोक्स पर हंसते थे क्योंकि हमें वे समझ नहीं आते थे। मुझे लगता है कि जब मेरे बच्चे यह सुनेंगे तो वे मुझे मार डालेंगे। यह सब क्या हो रहा है… पापा के बारे में तुम क्या कह रही हो? यह पहली नज़र का प्यार नहीं था। लेकिन यह प्यार था। मुझे बस यह महसूस हुआ कि वे कभी जान-बूझकर मुझे दुख नहीं पहुंचाएंगे। मुझे लगा कि मैं उन पर भरोसा कर सकती हूं। यही आधार था। क्या यही सबसे ज़रूरी बात नहीं है?”

Rao Bahadur: सिनेमा लवर्स का दिल जीतने को तैयार है ‘राव बहादुर’, डायरेक्टर सुकुमार ने फिल्म को बताया सबसे अलग

Rao Bahadur: ‘महेश बाबू प्रेजेंट्स राव बहादुर’ की शानदार पहली झलक के बाद, वेंकटेश महा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म के मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज कर दिया है, जिसने यह साफ कर दिया है कि यह आने वाले समय के सबसे अलग और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक होने वाला है।

​फिल्म को लेकर जहाँ एक्साइटमेंट एकदम सातवें आसमान पर है, वहीं मेकर्स ने सेट से डायरेक्टर सुकुमार के साथ एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में ‘पुष्पा’ के डायरेक्टर अपना जलवा बिखेरते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है -“अलग | अनोखा | हैरान RaoBahadur पर अब ‘सुकुमार’ का जादू चल गया है, 3 जुलाई से तेलुगु सिनेमा का एक ऐसा अनुभव करने के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखा।

फिल्म की तारीफ करते हुए सुकुमार ने कहा, “ऐसा लगता है जैसे सब लोग सत्यदेव को एक तोहफा देने के लिए एक साथ आए हैं। मुझे लगता है कि इस परफॉर्मेंस को देखने के बाद हर एक्टर को उनसे जलन महसूस होगी। जहां तक मैं जानता हूं, ऐसी फिल्में तेलुगु सिनेमा या यहाँ तक कि पूरे इंडियन सिनेमा में भी नहीं बनी हैं। यह एक बिल्कुल अलग जॉनर की फिल्म है। जिस तरह ‘सी/ओ कंचरपालम’ ने सबको हैरान कर दिया था, ठीक वैसे ही #RaoBahadur भी दर्शकों को पूरी तरह चौंका देगी। फिल्म का हर एक डिपार्टमेंट एक अलग ही लेवल पर है। राव बहादुर के लिए सुकुमार की तरफ से ब्रावो! #RaoBahadur के लिए बस एक ही शब्द है: होलसम (Wholesome – यानी हर तरह से परफेक्ट)।”

​एक बेहद अनोखी पहली झलक के बाद, इस फिल्म का पहला गाना ‘ओ सुंदरी’ एक बड़ा चार्टबस्टर (हिट) बन गया है, जिसे इसके सुरीले म्यूजिक और शानदार प्रेजेंटेशन के लिए खूब पसंद किया गया। सत्यदेव और दीपा थॉमस पर फिल्माया यह रोमांटिक गाना बीते हुए दौर को खूबसूरती से दिखाता है, जो फिल्म के पुराने समय के बैकग्राउंड और विजुअल खूबसूरती को और ज्यादा बढ़ा देता है।

​’राव बहादुर’ एक साइकोलॉजिकल ड्रामा और राजसी अतीत की धुंधली यादों का एक अनोखा मिक्सचर है। वेंकटेश महा, जो इस फिल्म की राइटिंग, डायरेक्शन और एडिटिंग खुद संभाल रहे हैं, एक ऐसी कहानी को आकार देते दिख रहे हैं जो पूरी तरह से स्थानीय भावनाओं से जुड़ी है और साथ ही इसमें हर किसी को छू लेने वाले इमोशंस भी हैं।

​इस फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का साथ मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई ने म्यूजिक कंपोज किया है और रोहन सिंह ने फिल्म का बेहतरीन प्रोडक्शन डिजाइन तैयार किया है। अपनी शानदार राजसी तस्वीरों और सस्पेंस भरे अंदाज के साथ, ‘राव बहादुर’ एक ऐसी फिल्म बनने की राह पर है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी जहाँ हर छोटी से छोटी डिटेल का एक गहरा मतलब हो सकता है।

SIP ने संभाल लिया भारतीय मार्केट, दो वजहों से शेयरों में आया ताबड़तोड़ निवेश, लेकिन जेपीमॉर्गन ने जारी किया यह अलर्ट

टैक्स और पॉलिसी में कई बदलाव ने भारतीय स्टॉक मार्केट में निवेश को अधिक आकर्षक बना दिया है। यह दावा जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट में किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो वर्षों में शेयर बाजार से सुस्त रिटर्न के बावजूद इन बदलावों के चलते घरेलू शेयर मार्केट में निवेश की रफ्तार यानी इनफ्लो के लगातार मजबूत बने रहने की संभावना है। जेपीमॉर्गन के मुताबिक लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स, डेट म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर टैक्स में हालिया बदलावों ने रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो को ऐसा बना दिया कि इक्विटी में निवेश अधिक आकर्षक हो गया।

पॉलिसी और टैक्स से इक्विटी मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

जेपी मॉर्गन ने अपनी इक्विटी स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में कहा कि पॉलिसी और टैक्स से इक्विटी मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है। इक्विटी पर 12.5% ​​LTCG टैक्स लगता है, और इंडेक्सेशन हटाने, इंश्योरेंस पॉलिसी से मिलने वाले पैसे पर टैक्स और डेट म्यूचुअल फंड के लिए स्लैब-रेट टैक्स से इक्विटी की चमक बढ़ी। ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि इन स्ट्रक्चरल बदलाव और SIP के जरिए खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से इक्विटी मार्केट में घरेलू निवेश लगातार मजबूत बना रहेगा।

जेपीमॉर्गन का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय इक्विटी में अपना निवेश कम किया लेकिन फिर भी घरेलू निवेशक डटे रहे। इस दौरान बेंचमार्क इंडेक्स ने भले ही बहुत ज्यादा रिटर्न नहीं दिया, लेकिन रिटेल निवेशकों ने एसआईपी के जरिए निवेश जारी रखा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इससे बाजार में लॉन्ग टर्म बदलाव का संकेत मिल रहा है।

SIP से मिला सपोर्ट लेकिन इस बात को लेकर किया अलर्ट

जेपीमॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में एसआईपी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया, जो इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश आने का मुख्य जरिया बन गए हैं। जेपीमॉर्गन के मुताबिक हर महीने एसआईपी में निवेश का लगातार बढ़ना दिखाता है कि घरों की बचत का अधिकतर हिस्सा अब फाइनेंशियल एसेट्स में जा रहा है और आने वाले वर्षों में भी इस रुझान के बने रहने की उम्मीद है। हालांकि जेपीमॉर्गन ने चेतावनी दी है कि अगर लंबे समय तक एसआईपी में मासिक निवेश ₹25 हजार करोड़ से कम रहता है, तो निवेशकों के नजरिए पर दबाव पड़ सकता है।

एक और रिस्क रेगुलेटरी बदलावों से जुड़ा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इन बदलावों से डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग वॉल्यूम में 20% से अधिक की गिरावट आ सकती है और इसका असर मार्केट की एक्टिविटीज पर पड़ सकता है।

Nifty Outlook for June 29: निफ्टी के चार्ट पर ये लेवल्स करें मार्क, 5 एक्सपर्ट्स ने तैयार की ये ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी

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Nifty Outlook for June 29: निफ्टी के चार्ट पर ये लेवल्स करें मार्क, 5 एक्सपर्ट्स ने तैयार की ये ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी

Nifty Outlook for June 29: घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी एक कारोबारी दिन पहले गुरुवार 25 जून को लगातार दूसरे दिन कारोबारी दिन ग्रीन जोन में बंद हुआ। हालांकि खास बात ये रही कि दिन के दूसरे हाफ में इसने काफी बढ़त गंवा दी। शुक्रवार को मोहर्रम के चलते मार्केट बंद था तो तीन दिनों की लगातार छुट्टियों से पहले और जून तिमाही के आखिरी कारोबारी हफ्ते से पहले मार्केट पर मुनाफावसूली का दबाव दिखा। इसके बावजूद निफ्टी दिन के आखिरी में हल्की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा और साथ ही यह लगातार तीसरे हफ्ते भी हरा रहा। गुरुवार को इंट्रा-डे में निफ्टी 239.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,261.60 तक पहुंचा था जिससे यह 222.60 प्वाइंट्स फिसलकर 24,039.00 तक आ गया था और दिन के आखिरी में यह महज 34.35 प्वाइंट्स यानी 0.14% की तेजी के साथ 24,056.00 पर बंद हुआ था।

Nifty को लेकर क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24 हजार के ऊपर टिका रहता है, मार्केट में रौनक बनी रहेगी। जियो-पॉलिटिकल सेंटिंमेंट में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और रुपये की मजबूती से बाजार को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही मार्केट की नजर यूरोजोन के महंगाई के आंकड़े, चीन के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में हो रही हलचल पर नजर रहेगी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी को क्लोजिंग के आधार पर पिछले स्विंग हाई 24,190 के पास कड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ रहा है। पिछले कारोबारी दिन का इंट्रा-डे हाई 24,261 अब तात्कालिक रेजिस्टेंस बन गया है, और अगर इस लेवल के पार जाकर निफ्टी

टिका रहता है तो यह 24,440 के पास 200-दिन के DEMA की ओर बढ़ सकता है। नीचे की तरफ 23,789 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

एंजल वन के ओशो कृष्णन के मुताबिक निफ्टी अभी भी कंसोलिडेशन फेज में है, जिसमें 24,140-24,170 जोन में 100-DEMA तात्कालिक बैरियर का काम कर रहा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर यह निफ्टी इस रेंज के ऊपर निर्णायक रूप से ब्रेकआउट करता है, तो यह 24,500-24,600 जोन की तरफ बढ़ सकता है, जबकि 23,800 के आसपास सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, और उसके बाद 23,645 तक बुलिश गैप एरिया है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का मानना ​​है कि अगर निफ्टी 24,200 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर नहीं टिक पाता है तो इसमें कंसोलिडेशन जारी रह सकता है या मामूली गिरावट आ सकती है। नागराज शेट्टी को 23,800 पर तात्कालिक सपोर्ट की उम्मीद है, जबकि 24,200 के ऊपर टिकाऊ बढ़त से और तेजी आ सकती है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि गुरुवार को बीएसई के F&O एक्सपायरी के दिन मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन इसने 50-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर बने रहकर अपना पॉजिटिव स्ट्रक्चर बनाए रखा। रूपक को उम्मीद है कि जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहेगा, तब तक तेजी का रुझान बना रहेगा और इसके 24,500 की तरफ बढ़ने की संभावना है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी को 24,200-24,250 के दायरे में तात्कालिक रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकरता है। इस दायरे के ऊपर लगातार बने रहने यानी ब्रेकआउट से इंडेक्स पहले 24,400 और फिर 24,600 की तरफ बढ़ सकता है। सुदीप के मुताबिक नीचे की तरफ निफ्टी को 23,900-23,850 के दायरे में सपोर्ट मिलता दिख रहा है।

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Throwback viral video: ‘प्रेम रतन धन पायो’ गाने पर जब करण जौहर का डांस देख रानी मुखर्जी का हंस-हंसकर हुआ बुरा हाल, थ्रोबैक वीडियो हो रहा वायरल

Throwback viral video: करण जौहर और रानी मुखर्जी सालों से अच्छे दोस्त हैं। दोनों एक दूसरे की टांग खींचे अक्सर नजर आ जाते हैं। वहीं एक-दूसरे की तारीफ करते हुए भी नहीं थकते हैं। ऐसे कई मोमेंट अक्सर इवेंट्स में क्रिएट हो जाते हैं जहां दोनों के एक दूसरे को खूब टीज करते वीडियो सामने आते हैं। ऐसा ही एक थ्रोबैक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देख यूजर्स भी खूब मजे रहे हैं।

वायरल वीडियो साल 2018 में हुई सोनम कपूर और आनंद आहूजा की शादी के फंक्शन का है, जहां पर सभी मौजूद लोग इंडियन अटायर में नजर आ रहे हैं। वीडियो में करण जौहर स्टेज पर सोनम कपूर और सलमान खान के पॉपुलर गाने प्रेम रतन धन पायों पर जमकर और खुलकर डांस कर रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने ग्रीन सिल्क कुर्ता और व्हाइट पजामी कैरी की है।

वहीं वीडियो में आप आगे देखेंगी सभी करण के डांस को सीरियस होकर एंजॉय कर रहे हैं, लेकिन तभी रानी मुखर्जी पागलों की तरह हंसी नजर आती हैं। वह करण को देख-देखकर लोटपोट हुईं जा रही हैं। रानी को देख उस दोस्त की याद आती है, जो आपको कभी सीरियस नहीं लेता है….बेस्ट फ्रेंड थिंग्स…..।

सोशल मीडिया पर यूजर्स को ये वीडियो बेहद पसंद आ रहा है। लोग वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं, साथ ही लाइक्स औक कमेंट्स की बारिश भी कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोगों की बातें पढ़कर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। वीडियो को टाइटल दिया गया है ‘वी ऑल हेव वन फ्रेंड लाइक रानी’। कमेंट हर कोई अपने एक ऐसे दोस्त को टैग कर रहा है।

बता दें कि रानी मुखर्जी और करण जौहर ने सबसे पहले ब्लॉकबास्टर फिल्म कुछ कुछ होता है में काम किया था। लव ट्राएंगल पर बेस्ड इस फिल्म में रानी के साथ काजोल और शाहरुख खान लीड रोल में नजर आए थे। वहीं सपोर्टिंग रोल में अनुपम खेर, अर्चना पूरन सिंह, फरीदा जलाल और सना नजर आई थीं।

LIC Jeevan Utsav: बच्चों के लिए आजीवन तोहफा, हर दिन ₹160 की बचत से करें जिंदगी भर सालाना ₹100000 का इंतजाम

LIC Jeevan Utsav: एलआईसी में लोगों की जरूरतों के हिसाब से कई पॉलिसी हैं, उसमें से एक लाइफटाइम पेंशन प्लान जीवन उत्सव है। इसकी खास बात ये है कि इसमें एक तय अवधि के बाद हर साल एक फिक्स्ड अमाउंट जिंदगी भर पॉलिसीहोल्डर्स के खाते में क्रेडिट होता रहता है। इस पर मार्केट के उठा-पटक या आर्थिक मंदी या सुस्ती का कोई असर नहीं पड़ता। 1 साल की कम उम्र के किसी बच्चे लिए 16 साल तक हर दिन ₹160 बचाकर 18 वर्ष की उम्र से जिंदगी भर उसके लिए हर दिन ₹274 के हिसाब से सालाना ₹1 लाख की व्यवस्था की जा सकती है।

Jeevan Utsav: डिटेल्स

यह प्लान 30 दिन के नवजात शिशु से लेकर 65 वर्ष की उम्र के बुजुर्गो तक के लिए उपलब्ध है। 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए 16 साल तक प्रीमियम चुकाना पड़ेगा तो 65 वर्ष के बुजुर्ग के लिए अधिकतम 5-10 वर्ष तक के पीरियड का ही प्रीमियम पेमेंट ऑप्शन इस पॉलिसी में है। इसमें कम से कम ₹5 लाख तक का सम एश्योर्ड लेना होता है और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। प्रीमियम भरने का पीरियड समाप्त होने के रेगुलर इनकम प्लान के तहत दो साल बाद से हर साल सम एश्योर्ड का 10% खाते में क्रेडिट होता रहेगा, जिंदगी भर। 100 साल की उम्र तक पैसा मिलता है और फिर पॉलिसी बंद कर जो भी मेच्योरिटी वैल्यू बनती है, वह पॉलिसी होल्डर्स को दे दी जाती है। किसी अनहोनी की स्थिति में पॉलिसीहोल्डर्स की मौत पर सम एश्योर्ड और हर साल का गारंटीड एडीशन नॉमिनी को मिलता है।

इसमें ADDB (एक्सीडेंटल डेथ एंड डिजिबिलिटी बेनेफिट राइडर), AB, AB (2 गुना), AB (3 गुना), टर्म राइडर और PWB (प्रीमियम वेवर बेनेफिट) जैसे राइडर्स थोड़े से अतिरिक्त शुल्क के साथ मिलते हैं। एडीडीबी का मतलब है कि दुर्घटना से मृत्यु होने पर अतिरिक्त पैसा मिलता है तो दुर्घटना के चलते स्थायी विकलांगता होने पर प्रीमियम माफ हो सकते हैं। वहीं पीडब्ल्यूबी का मतलब है कि दुर्घटना के चलते स्थायी विकलांगता होने पर प्रीमियम माफ हो जाता है तो बच्चों की पॉलिसी में अभिभावक की मौत होने पर 18 साल की उम्र तक के सभी प्रीमियम माफ हो जाते हैं।

रिस्क कवर के मामले में एक बात बताना जरूरी है कि 8 साल से कम उम्र के बच्चों की पॉलिसी के मामले में पॉलिसी शुरू होने के 2 साल बाद या बच्चे के 8 साल का होने, दोनों में जो पहले हो, उस दिन से रिस्क कवर शुरू होगा। 8 साल से अधिक उम्र में पॉलिसी लेने पर पर रिस्क तुरंत चालू हो जाएगा। एक और अहम बात ये है कि बच्चे के 18 साल का होने के बाद पॉलिसी अपने आप उसके नाम पर ट्रांसफर हो जाएगी।

अब एक उदाहरण से समझें

मान लीजिए कि ABC की उम्र 36 वर्ष है और एडीडीबी के राइडर के साथ वह 15 साल के लिए ₹10 लाख की पॉलिसी लेता है। 15 साल तक वह हर साल ₹66150, हर छह महीने पर ₹33653, हर तीन महीने पर ₹16950 या हर महीने ₹5691 में से एक विकल्प चुनता है और 15 साल तक लगातार प्रीमियम भरता है। 15 साल तक प्रीमियम भरने के बाद उसे दो साल तक रुकना होता है जिसके बाद 53 वर्ष की उम्र से उसे हर साल अपने बैंक खाते में सालाना ₹1 लाख यानी ₹10 लाख के सम एश्योर्ड का 10% खाते में क्रेडिट मिलता है।

किसी अनहोनी की स्थिति में बात करें तो एक्सीडेंट से पॉलिसीहोल्डर्स की मौत पर नॉमिनी को सम एश्योर्ड और जितने साल पॉलिसी मिली है, उतने समय का गारंटीड एडीशंस जोड़कर मिलेगा। जैसे कि 36 वर्ष की उम्र में पॉलिसी लेने के बाद ABC की मौत 45 वर्ष की उम्र में यानी 9 सालाना प्रीमियम भरने के बाद एक एक्सीडेंट में हो गई तो नॉमिनी को ₹24 लाख मिलेंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने निवेश सलाहकार से जरूर संपर्क करें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी यहां कभी भी कोई सलाह नहीं दी जाती है।