SpaceX Shares: तीन दिनों में ₹56 लाख करोड़ स्वाहा, Elon Musk की स्पेस एक्स तीसरे दिन धड़ाम, 16% की भारी गिरावट

SpaceX Shares: अमेरिकी स्टॉक मार्केट में नैस्डैक (Nasdaq) पर धांसू एंट्री के बाद एलॉन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स की रफ्तार अब सुस्त पड़ती दिख रही है। लगातार तीसरे दिन सोमवार 22 जून को इसके शेयर धड़ाम हुए और सोमवार को तो यह 16% टूट गया। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बिकवाली के चलते निवेशकों की दौलत तेजी से नीचे आई और लगातार तीन कारोबारी दिनों में शेयरों में 23% से अधिक गिरावट के चलते निवेशकों की दौलत करीब $60 हजार करोड़ यानी ₹56 लाख करोड़ से ज्यादा घट गई। स्पेसएक्स के शेयर 22 जून को नैस्डैक पर 16.43% की गिरावट के साथ $154.60 पर बंद हुए। 12 जून को इसकी मार्केट में एंट्री हुई थी और 16 जून को इसने $225.64 का रिकॉर्ड हाई छुआ था। इसके अगले ही दिन 17 जून से लाल होना शुरू हो गया। कुछ समय के लिए मार्केट कैप के मामले में इसने एमेजॉन (Amazon) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया था।

क्यों आया SpaceX के शेयरों पर दबाव

स्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले से निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक कंपनी अपने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) प्रोजेक्ट्स के विस्तार के लिए निवेश-ग्रेड बॉन्ड जारी करके कम से कम $2 हजार करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि स्पेसएक्स ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि उसकी योजना कितना फंड जुटाने की है। इसके अलावा मास्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर दबाव डाला। के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट Michael O’Rourke का कहना है कि अधिकतर निवेशक जो इस शेयर में निवेश करना चाहते थे, उन्होंने लिस्टिंग के तुरंत बाद ही खरीदारी कर ली थी, जिससे सेलर्स को प्राइस एक्शन पर अधिक कंट्रोल मिल गया।

बनी हुई है खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी

गिरावट के बावजूद रिटेल इंवेस्टर्स की स्पेसएक्स में दिलचस्पी बनी हुई है। कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों में से सिर्फ 4.2% शेयर ही ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं, क्योंकि मौजूदा शेयरहोल्डर्स पर लॉक-अप प्रतिबंध लागू हैं। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक वांडा रिसर्च के आंकड़ों से सामने आया है कि लिस्ट होने के बाद शुरुआती पांच कारोबारी दिनों में इंडिविजुअल इंवेस्टर्स ने स्पेस एक्स के $40.5 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। यह निवेश इन पांच दिनों में सात बड़ी टेक कंपनियों में कुल रिटेल इंवेस्टमेंट से भी अधिक रही। सोमवार को शेयर भाव में गिरावट के दौरान भी खुदरा निवेशकों ने शेयर खरीदे, लेकिन मांग पहले की तुलना में कमजोर रही।

SpaceX ने Elon Musk को बनाया ट्रिलेनियर, लेकिन अब लटकी यह तलवार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Recovery: दो सेक्टर की गिरावट को थाम लिया अकेले, Sensex ने निचले स्तर से की वापसी, Nifty भी ग्रीन

Stock Market Recovery: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज शुरुआती कारोबार में घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल खुले। हालांकि शुरुआती गिरावट से उबरते हुए ये ग्रीन हो गए। इंट्रा-डे के निचले स्तर से सेंसेक्स प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी एक बार फिर 24100 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर मार्केट में रौनक बनी हुई है और स्मॉलकैप स्पेस में तो अधिक ही। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से कम बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 68.59 प्वाइंट्स यानी 0.09% की मामूली बढ़त के साथ 77,162.66 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 22.95 प्वाइंट्स यानी 0.10% की तेजी के साथ 24,125.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 215.41 प्वाइंट्स टूटकर 76,878.66 तक आ गया था जिससे 313.97 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,192.6 तक पहुंचा तो निफ्टी 50 भी 62.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,040.05 तक आया था जिससे यह 95.45 प्वाइंट्स चढ़कर 24,135.50 तक पहुंच गया।

Stock Market Recovery: ये है वजह

कच्चे तेल में फिसलन

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बातचीत आगे बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे कच्चा तेल का भाव आज भी नरम पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में ब्रेंट क्रूड एक समय उछलकर प्रति बैरल $120 के करीब पहुंच गया था लेकिन अब यह टूटकर $78 के भी नीचे आ चुका है।

Pharma Sector ने मार्केट को खींच लिया ऊपर

निफ्टी आईटी में डेढ़ फीसदी से अधिक और निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की गिरावट को फार्मा सेक्टर ने अकेले संभाल लिया जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी पीएसयू बैंक में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है लेकिन निफ्टी रियल्टी में 1% से अधिक उछाल है।

वैल्यू बाइंग

मार्केट में आज शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स की नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। India VIX फिलहाल 2.49% की गिरावट के साथ 12.52 पर है। इसके अधिक होने का मतलब आने वाले दिनों में वोलैटिलिटी के हाई होने और कम होने का मतलब वोलैटिलिटी के कम होने की संभावना है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे ट्रेड करने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना, 23800 पर अहम सपोर्ट

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद 22 जून को निफ्टी 50 में रिकवरी आई और यह लगभग 0.4 प्रतिशत बढ़त लेकर बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और ये सभी ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज-टू-पॉजिटिव रुझान का संकेत दिया। बाजार जानकारों का कहना है कि मार्केट ट्रेंड के पॉजिटिव बने रहने की उम्मीद है। निफ्टी के लिए 24,150–24,200 का जोन और उसके बाद 24,300–24,500 की रेंज टारगेट हो सकती है। हालांकि,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। उसके बाद 23,800 पर अगला अहम सपोर्ट हो सकता है। जब तक इंडेक्स 24,200 के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कंसोलिडेशन की संभावना है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,078, 24,056 और 24,020

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,151, 24,173 और 24,210

निफ्टी 50 ने डेली टाइमफ्रेम पर’डोजि कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बंद हुआ और अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। साथ ही 10-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया। RSI बढ़कर 59.65 हो गया और इसने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। MACD जीरो लाइन और सिग्नल लाइन,दोनों के काफी ऊपर बना रहा। हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार हल्के पड़ते रहे। ये सभी इंडिकेटर साइडवेज से पॉजिटिव रुझान का संकेत देते हैं,जबकि ओवरऑल ट्रेंड बुलिश बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,999, 58,067 और 58,177

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,778, 57,710 और 57,599

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी ने भी डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और सोमवार को इसमें 0.4 प्रतिशत की बढ़त दिखी। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जिसमें 20-दिन का EMA, 100-दिन के EMA को पार करने की स्थिति में है। यह 15 जून को बने बुलिश गैप से भी काफी ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 69.14 पर पहुंच गया और इसने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। MACD भी सिग्नल लाइन और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। जबकि हरे हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए कमजोर होते रहे। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि मुख्य ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,हालांकि ऊपरी लेवल पर कुछ कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 0.98% गिरकर 12.84 पर आ गया और 12-13 के निचले दायरे के पास बना रहा। इससे तेजड़ियों को राहत मिली। अगर वोलैटिलिटी इंडेक्स में और गिरावट आती है,तो इससे तेजी के माहौल को और सहारा मिल सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 22 जून को बढ़कर 0.97 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: लगातार दूसरे दिन चमका सोना, फिसली चांदी, शॉपिंग को निकलने से पहले चेक करें लेटेस्ट रेट

Gold Rate Today In India: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ रही बातचीत और रुपये की कमजोरी ने लगातार दूसरे दिन आज गोल्ड की चमक बढ़ाई है। एक दिन की स्थिरता के बाद राजधानी दिल्ली में दो दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹440 और 22 कैरट वाला ₹410 नीचे आया। इससे पहले 20 जून को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹220 और 22 कैरट वाला ₹200 महंगा हुआ था लेकिन उससे पहले लगातार चार दिनों में 24 कैरट वाला गोल्ड ₹5670 और 22 कैरट वाला ₹5200 सस्ता हुआ था। आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 महंगा हुआ है। चांदी की बात करें तो इंडस्ट्रियल डिमांड सुस्त बने रहने के चलते तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। आज एक किलो चांदी ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,46,670 ₹1,34,460 ₹1,10,040
मुंबई ₹1,46,520₹1,34,310 ₹1,09,890
कोलकाता  ₹1,46,520 ₹1,34,310 ₹1,09,890
चेन्नई ₹1,48,360 ₹1,35,990 ₹1,13,690
बेंगलुरु ₹1,46,520 ₹1,34,310 ₹1,09,890
हैदराबाद ₹1,46,520 ₹1,34,310 ₹1,09,890
लखनऊ ₹1,46,670 ₹1,34,460 ₹1,10,040
पटना ₹1,46,570 ₹1,34,360 ₹1,09,940
जयपुर  ₹1,46,670 ₹1,34,460  ₹1,10,040
अहमदाबाद₹1,46,570₹1,34,360₹1,09,940

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। इससे पहले लगातार तीन दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में यह प्रति किग्रा ₹100 ऊपर सस्ती होकर ₹2,49,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,54,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

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जुकरबर्क की Meta का CRED में ₹8550 करोड़ निवेश, फाउंडर कुणाल शाह को बनाएगी WhatsApp का नया ग्लोबल CEO

Meta Investment In CRED: फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta ने भारतीय फिनटेक स्टार्टअप CRED में करीब 90 करोड़ डॉलर (लगभग ₹8,550 करोड़) निवेश करने का ऐलान किया है। दोनों कंपनियों ने 22 जून को इस डील की घोषणा की। इससे पहले Moneycontrol ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि Meta, CRED में 4 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर निवेश को लेकर बातचीत कर रही है।

WhatsApp की कमान संभालेंगे कुणाल शाह

इस निवेश के साथ CRED के फाउंडर कुणाल शाह Meta में शामिल होंगे और वह WhatsApp के नए ग्लोबल CEO बनेंगे। कुणाल मौजूदा विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जिन्होंने सात साल तक WhatsApp को लीड करने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है।

Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कुणाल शाह ने CRED को भारत की सबसे महत्वपूर्ण टेक कंपनियों में से एक बनाया है। उनके पास बिजनेस बनाने का अनुभव और वैश्विक नजरिया है। यह दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

जुकरबर्ग ने विल कैथकार्ट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कैथकार्ट के नेतृत्व में WhatsApp 3 अरब से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचा और उन्होंने यूजर्स की प्राइवेसी को प्राथमिकता दी। अब वह Meta में नई भूमिका संभालेंगे और नए प्रोडक्ट्स पर काम करेंगे।

CRED की कमान किसके हाथ में होगी?

कुणाल शाह के Meta में जाने के बाद CRED के ऑपरेशनल कामकाज की जिम्मेदारी मितेन संपत संभालेंगे। वह फिलहाल कंपनी में दूसरे सबसे सीनियर एग्जीक्यूटिव हैं।

मितेन संपत ने कहा कि 1.7 करोड़ से ज्यादा भरोसेमंद भारतीय CRED का इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक कंपनी के पास मजबूत टीम, स्पष्ट विजन और लंबी अवधि की रणनीति है। उन्होंने कहा कि CRED के अगले चरण का लक्ष्य कंपनी को पब्लिक मार्केट तक ले जाना है।

कुणाल शाह ने क्या कहा?

कुणाल शाह ने कहा कि उन्होंने 2018 में CRED की शुरुआत इस भरोसे के साथ की थी कि अच्छी क्रेडिट स्कोर को सम्मान मिलना चाहिए। आठ साल से भी कम समय में कंपनी लाखों सदस्यों, लगभग ₹3,200 करोड़ रेवेन्यू, मुनाफे में कारोबार, कई लाइसेंस और मजबूत ब्रांड के साथ एक नई कैटेगरी बनाने में सफल रही है।

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पूंजी और प्रतिभाशाली टीम के साथ CRED आने वाले दशकों तक एक मजबूत संस्था बन सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम भविष्य में भी नए मानक स्थापित करेगी।

भारतीय स्टार्टअप जगत का बड़ा नाम हैं कुणाल शाह

यह दूसरा स्टार्टअप है जिससे कुणाल शाह बाहर निकल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Freecharge की स्थापना की थी, जिसे बाद में बेच दिया गया था।

वर्षों के दौरान वह भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए। CRED बनाने के अलावा उन्होंने सैकड़ों शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश किया है और देश के सबसे सक्रिय एंजेल इनवेस्टर्स में उनकी गिनती होती है।

1 अरब डॉलर जुटा चुकी है CRED

2018 में शुरू हुई CRED अब तक करीब 1 अरब डॉलर की फंडिंग जुटा चुकी है। कंपनी में Tiger Global, Ribbit Capital, Peak XV Partners, Greenoaks Capital और DST Global जैसे बड़े निवेशकों ने निवेश किया है।

Peak XV Partners के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेंद्र सिंह ने कहा कि CRED का सफर काफी शानदार रहा है। उनके मुताबिक कंपनी ने एक नई कैटेगरी बनाई, लाखों सक्रिय यूजर्स जोड़े और मजबूत आर्थिक मॉडल तैयार किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में CRED और मजबूत होकर उभरेगी।

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Delhivery Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश रिपोर्ट, शेयर ने लगाई 5% की छलांग, 26% अपसाइड की और बढ़त संभव

Delhivery Share Price: लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी डेल्हीवरी ( DELHIVERY) के शेयर में आज शानदार तेजी देखने को मिली। शेयर करीब 5 फीसदी की उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना हुआ है। शेयर में आई तेजी की मुख्य वजह ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की बुलिश रिपोर्ट के बाद देखी गई है। दरअसल, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOSL) ने मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और कॉस्ट कंट्रोल का हवाला देते हुए स्टॉक में 26 फीसदी तक की बढ़त का अनुमान लगाया।

NSE पर स्टॉक दोपहर 2.33 बजे 5 फीसदी बढ़कर 484.30 रुपये प्रति शेयर के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। कंपनी के शेयर लगातार चार सेशन से बढ़ रहे हैं और इस दौरान 4 फीसदी से ज़्यादा ऊपर हैं।

MOSL ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 580 रुपये प्रति शेयर रखा है, जिसका मतलब है कि शुक्रवार के 461.10 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 26 प्रतिशत की बढ़त।

ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, डेल्हीवरी के एक्सप्रेस सेगमेंट ने FY26 की चौथी तिमाही में 73 प्रतिशत साल-दर-साल वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की, जिसमें ECOM एक्सप्रेस एक्विजिशन का योगदान भी शामिल है, जबकि वेस्ट एशिया संकट के कारण चुनौतीपूर्ण ऑपरेटिंग माहौल और त्योहारों वाली तीसरी तिमाही के बाद देखी जाने वाली सामान्य नरमी के बावजूद दिखी। ब्रोकरेज ने कहा कि ग्रोथ को अच्छी कंजम्प्शन-ड्रिवन डिमांड, कस्टमर्स द्वारा ज़्यादा आउटसोर्सिंग और बड़े ई-कॉमर्स प्लेयर्स से लगातार मोमेंटम का सपोर्ट मिला।

ब्रोकरेज ने आगे कहा कि मार्जिन मजबूत बने रहे, जिसमें मजबूत वॉल्यूम और कड़े कॉस्ट कंट्रोल उपायों से मदद मिली।

MOSL ने यह भी बताया कि कंपनी के PTL बिजनेस में स्ट्रक्चरल टर्नअराउंड हो रहा है, जिसमें सर्विस EBITDA मार्जिन FY24 की पहली तिमाही में नेगेटिव 8.5 प्रतिशत से बढ़कर FY26 की चौथी तिमाही में 13.4 प्रतिशत हो गया।

ब्रोकरेज के अनुसार सुधार ज़्यादा यील्ड वाले SME और रिटेल कस्टमर्स की ओर कस्टमर मिक्स में एक अच्छा बदलाव, कम प्रॉफिट वाले कॉन्ट्रैक्ट्स को रैशनलाइज़ करने और कस्टमर एक्विजिशन और प्राइसिंग डिसिप्लिन को मज़बूत करने के लिए सेल्स टीम के विस्तार से हुआ, जिससे यील्ड में बढ़ोतरी हुई।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

PSU Stocks: 7 कारोबारी दिनों में 48% चढ़ा इस सरकारी कंपनी का शेयर, इस कारण निवेशकों को मिला छप्परफाड़ रिटर्न

New India Assurance Shares: न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के शेयरों में आज लगातार सातवें दिन खरीदारी का शानदार रुझान दिखा। इन सात दिनों में यह 48% से अधिक उछलकर यह एक साल के नए हाई पर पहुंच गया। यह इसके शेयरों के लिए अब तक की सबसे लंबी रैली है। इससे पहले नवंबर 2024 में यह लगातार 12 कारोबारी दिनों तक ऊपर चढ़ा था और 21 नवंबर से 9 दिसंबर तक क्लोजिंग बेसिस पर 12 कारोबारी दिनों में यह 22% से अधिक ऊपर चढ़ा था। इसके शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 6.56% के उछाल के साथ ₹215.35 (New India Assurance Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 7.87% उछलकर ₹218.00 तक पहुंच गया था।

New India Assurance के शेयरों में NSE IPO ने भरी चाबी

न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों को एनएसई के आईपीओ से सपोर्ट मिला है। पिछले हफ्ते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आईपीओ का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। इस ड्राफ्ट से सामने आया कि एनएसई के आईपीओ के तहत जो शेयरहोल्डर् अपनी हिस्सेदारी हल्की कर रहे हैं, उनमें न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी का भी नाम है। ड्राफ्ट के मुताबिक न्यू इंडिया एश्योरेंस इस आईपीओ के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1.05 करोड़ शेयर बेचने वाली है। चूंकि सरकारी इंश्योरेंस कंपनी के लिए एनएसई में होल्डिंग प्रति शेयर महज ₹0.32 के भाव के हिसाब से है तो शेयर बेचने पर इसे तगड़ा फायदा होने वाला है।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से न्यू इंडिया एश्योरेंस में सरकार की हिस्सेदारी 85% है तो पब्लिक शेयरहोल्डर्स में एलआईसी की हिस्सेदारी 8.67% और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC) की 1.31% होल्डिंग है। साथ ही ₹2 लाख तक के निवेश वाले 1.5 लाख छोटे खुदरा निवेशकों की कंपनी में 1.8% हिस्सेदारी है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले वित्त वर्ष 2026 के आखिरी कारोबारी दिन 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹116.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 3 ही महीने में यह 86.49% उछलकर आज 22 जून 2026 को ₹218.00 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। वैसे बता दें कि सरकारी बीमा कंपनी ने साल 2018 में 1:1 के रेश्यो में बोनस इश्यू जारी किया था और यह बोनस से एडजस्टेड आईपीओ प्राइस ₹400 के नीचे बना हुआ है।

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Dividend Stocks: 5 लाख खुदरा निवेशकों को स्पेशल डिविडेंड देने की तैयारी, ऐलान पर बढ़ी इस FMCG स्टॉक की चमक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: 5 लाख खुदरा निवेशकों को स्पेशल डिविडेंड देने की तैयारी, ऐलान पर बढ़ी इस FMCG स्टॉक की चमक

Dividend Stocks: दिग्गज एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया के बोर्ड की अगले महीने 3 जुलाई को बैठक होने वाली है, जिसमें स्पेशल डिविडेंड के प्रस्ताव पर विचार होगा। इसके अलावा डिविडेंड का प्रस्ताव भी है। इससे कंपनी के 4 लाख से अधिक खुदरा निवेशकों के चेहरे खिल उठे और शेयर भी चमक गए। हालांकि शेयरों की तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह ग्रीन जोन में है। फिलहाल बीएसई पर यह 0.37% की बढ़त के साथ ₹1420.60 (Nestle India Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 1.02% उछलकर ₹1,429.85 तक पहुंच गया था।

Nestle India की क्या है योजना?

नेस्ले ने 19 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि 3 जुलाई को बोर्ड की बैठक होनी है जिसमें 2026 के स्पेशल डिविडेंड के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके लिए रिकॉर्ड डेट वही है, जो वित्त वर्ष 2026 के फाइनल डिविडेंड के लिए फिक्स की गई है। कंपनी हर शेयर पर ₹5 का फाइनल डिविडेंड बांट रही है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई फिक्स की गई है। इसका पेमेंट 30 जुलाई 2026 को या इसके बाद किया जाएगा। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2027 के कारोबारी नतीजे को लेकर बोर्ड की बैठक 22 जुलाई को होगी।

नेस्ले इंडिया में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

बीएसई पर मौजूद मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से कंपनी में 62.76% हिस्सेदारी प्रमोटर्स की है तो पब्लिक शेयरहोल्डिंग 37.24% है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स में 4.24% होल्डिंग 51 म्यूचुअल फंड्स की है लेकिन इनमें से किसी की भी होल्डिंग 1% या इससे अधिक नहीं है। एलआईसी के पास इसके 11.84 करोड़ से अधिक शेयर हैं जोकि कंपनी की 6.14% होल्डिंग के बराबर है। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी को मिलाकर 30 इंश्योरेंस कंपनियों की नेस्ले इंडिया में 7.37% होल्डिंग है तो विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 9.74% है। ₹2 लाख तक के निवेश वाले निवेशकों यानी रिटेल शेयरहोल्डर्स की बात करें तो 4,68,638 निवेशकों के पास कंपनी के 15,64,58,392 शेयर हैं जोकि कंपनी की 8.11% होल्डिंग के बराबर है। एचएनआई की होल्डिंग 3.96% है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

नेस्ले इंडिया के शेयर पिछले साल 14 अगस्त, 2025 को बीएसई पर ₹1085.00 के भाव पर थे जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 9 महीने में यह 38.12% उछलकर पिछले महीने 11 मई, 2026 को ₹1498.60 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।