USA Independence Day: गर्मियों के कहर में झुलसा 4 जुलाई का जश्न, फीकी पड़ी आजादी की 250वीं वर्षगांठ

USA Independance Day: भीषण गर्मी में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ झुलस गई। अमेरिका के मध्य और पूर्वी हिस्सों में शुक्रवार को भीषण गर्मी की लहर ने 4 जुलाई यानी स्वतंत्रता दिवस को होने वाले जश्न बुरी तरह प्रभावित किया। राजधानी वॉशिंगटन समेत कई जगहों पर अधिकारियों को दर्जनों परेड, संगीत कार्यक्रम और आतिशबाजी के शो रद्द करने पड़े या टालने पड़े। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गर्मी की इस लहर में वॉशिंगटन के नेशनल मॉल में आयोजित ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर भी झुलस गया जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका के 250वीं वर्षगांठ के समारोहों का प्रमुख हिस्सा था।

46 डिग्री गर्मी ने किया जश्न फीका

शुक्रवार की देर रात नेशनल पार्क सर्विस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वॉशिंगटन की इंडिपेंडेंस डे परेड रद्द करने का ऐलान किया था। यह परेड शनिवार अमेरिकी समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होनी थी। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि हीट इंडेक्स 115 डिग्री फ़ारेनहाइट (लगभग 46 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच सकता है। अमेरिका में गर्मियों का कहर हीटडोम के चलते है, जो एक हाई-प्रेशर सिस्टम है। इसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और ह्यूमिडिटी बढ़ जाती है।

अमेरिका 4 जुलाई को ब्रिटेन से 1776 में आजादी के ऐलान पर हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इस दिन अमेरिकी बापबेक्यू, परेड और आतिशबाजी जैसे कार्यक्रमों के लिए इकट्ठा होते हैं। हालांकि इस बार गर्मियों ने इसका जश्न फीका कर दिया और धड़ाधड़ प्रोग्राम कैंसल हो रहे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फिलाडेल्फिया में अधिकारियों ने भीषण गर्मी के चलते शहर के जश्न के मुख्य कार्यक्रम ‘सैल्यूट टू इंडिपेंडेंस परेड’ को रद्द कर दिया। यह फैसला गुरुवार को तापमान के 103 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंचने के बाद लिया गया। इससे पहले इतना तापमान साल 1901 में था।

गर्मी के चलते अमेरिका में दूसरी जगहों पर भी कार्यक्रम रद्द हुए या टल गए। न्यू जर्सी के हैडन टाउनशिप ने भी अपनी सालाना 4 जुलाई की परेड रद्द कर दी तो अपस्टेट न्यूयॉर्क के वॉटरटाउन ने अपना इंडिपेंडेंस डे कॉन्सर्ट और आतिशबाजी का कार्यक्रम रद्द कर दिया। इसके अलावा बोस्टन में अधिकारियों ने नदी के किनारे होने वाले सालाना आतिशबाजी के जश्न में एंट्री का समय चार घंटे आगे बढ़ाकर दोपहर के बजाय शाम 4 बजे कर दिया।

अमेरिका में कैसी है हालत?

भीषण गर्मी के चलते अमेरिका में पावरग्रिड पर दबाव बढ़ा। अमेरिका के सबसे बड़े पावर ग्रिड ऑपरेटर पीजेएम ने इमरजेंसी कंवर्जेशन प्रोग्राम के ग्राहकों को बिजली बिजली की खपत कम करने को कहा है। पीजेएम मिड-अटलांटिक, दक्षिण और वाशिंगटन डीसी में 6.7 करोड़ लोगों को बिजली सप्लाई करती है। पीजेएम ने अब लोगों से बिजली कम खर्च करने का आग्रह किया है। न्यूयॉर्क में शुक्रवार देर दोपहर तक 17 हजार लोग बिना बिजली के थे। मांग बढ़ने पर कंपनी ने न्यूयॉर्क शहर और वेस्टचेस्टर काउंटी के ग्राहकों से बिजली बचाने की अपील की। न्यूयॉर्क शहर में गर्मी से गोंद पिघलने के कारण जूते मैनहट्टन की सड़कों पर चिपक रहे थे।

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Heatwave Alert in india: चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में गर्मी से जुड़े उत्पादों की मांग में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। मौसम में आए बदलाव और महंगाई के दबाव के कारण एयर कंडीशनर (AC) की बिक्री अपेक्षा से कमजोर रही है। वहीं, ठंडे ड्रिंक्स, आइसक्रीम, डेयरी उत्पाद और अन्य ताजगी देने वाले उत्पादों की मांग मजबूत बनी रही। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि जून में कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, आंधी और शाम के समय अपेक्षाकृत कम तापमान रहने से AC की जरूरत कम महसूस हुई।

वहीं, बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ता महंगे एसी खरीदने के बजाय एयर कूलर और पंखों जैसे अपेक्षाकृत सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह के कारोबार प्रमुख और ईवीपी (उपकरण कारोबार) कमल नंदी ने पीटीआई से कहा कि ठंडक प्रदान करने वाले उत्पादों की कैटेगरी में मांग का रुख मिला-जुला रहा। रेफ्रिजरेटर की मांग सामान्य और प्रीमियम दोनों वर्गों में मजबूत बनी हुई है, जबकि मानसून के आगमन के साथ वॉशिंग मशीन की मांग भी बढ़ रही है।

AC की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट

हालांकि, उन्होंने कहा कि जून में पूरे देश खासकर उत्तर भारत में एसी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट आई है। उनके अनुसार, उद्योग स्तर पर एसी की बिक्री घटी है। इसकी बड़ी वजह मौसम में बदलाव है। कई क्षेत्रों में आंधी-बारिश और रात के समय तापमान कम रहने से लोगों को एसी की जरूरत पहले जैसी नहीं रही। इसके अलावा महंगाई के चलते उपभोक्ता गैर-जरूरी खर्च टाल रहे हैं।

नंदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कई दौर की मूल्य वृद्धि के कारण एसी की कीमतें करीब 18 से 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से कई उपभोक्ता एसी की जगह एयर कूलर और पंखों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

गर्मी का मौसम उद्योग की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा

एक प्रमुख एसी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस बार गर्मी का मौसम उद्योग की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, विशेषकर जून का महीना कमजोर रहा। हालांकि, चालू वर्ष में अब तक उद्योग के कारोबार में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी और ऊंची कीमतें हैं।

इन कंपनियों की हुई बंपर कमाई

इसके उलट पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों ने गर्मियों के दौरान मजबूत मांग दर्ज की। कोका-कोला भारत और दक्षिण-पश्चिम एशिया के उपाध्यक्ष (ग्राहक विकास) अभिषेक गुप्ता ने कहा कि कंपनी को पूरे गर्मी के मौसम में अच्छी मांग मिल रही है। छोटे पैक, क्विक कॉमर्स और चलते-फिरते उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति से बिक्री को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि कंपनी अपने बॉटलिंग साझेदारों के साथ मिलकर ठंडे पेय की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कूलिंग ढांचे और वितरण नेटवर्क का विस्तार कर रही है। डेयरी क्षेत्र में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला। मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने कहा कि जून तिमाही में कंपनी के ताजा डेयरी उत्पादों और आइसक्रीम कारोबार की बिक्री मात्रा में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग

उन्होंने बताया कि आइसक्रीम, दही और डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग ने इस वृद्धि को गति दी। हैवमोर आइसक्रीम के मैनेजिंग डायरेक्टर देबब्रत मुखर्जी ने कहा कि कोन, स्टिक और सिंगल-सर्व कप जैसे त्वरित उपभोग वाले उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। फटाफट सामान पहुंचाने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और तत्काल उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति से इन उत्पादों की बिक्री को विशेष बल मिला है।

डीएस ग्रुप के कारोबार प्रमुख (मसाला) संदीप घोष ने कहा कि गर्मियों के दौरान रायता मसाला, छाछ मसाला, जलजीरा और काला नमक जैसे पारंपरिक उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यह रुझान दर्शाता है कि पारंपरिक भारतीय स्वाद और पेय आज भी ग्रामीण और शहरी, दोनों बाजारों में उपभोक्ताओं की पहली पसंद बने हुए हैं।

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