द्वारका में बनेगा दिल्ली का सबसे भव्य 5-Star होटल! 1000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से मिलेंगी 800 नौकरियां

DDA Plan: दिल्ली के द्वारका सब-सिटी को एक इकॉनमिक, कॉर्मर्शियल और इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। डीडीए और जुनिपर होटल्स लिमिटेड ने द्वारका के सेक्टर-23 में एक भव्य 5-स्टार होटल बनाने के लिए MoU किया है। इस प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कैपिटल इन्वेस्टमेंट होगा। होटल बनने और इसके चलने करीब 800 लोगों के लिए डायरेक्ट एंप्लॉयमेंट के मौके तैयार होंगे। यह होटल दिल्ली-एनसीआर में गुणवत्तापूर्ण 5-स्टार आवास की उपलब्धता को काफी मजबूत करेगा।

यह प्रोजेक्ट जुनिपर द्वारा लाइसेंस शुल्क के आधार पर क्रियान्वित की जाएगी। इसके लिए जल्द ही जमीन जुनिपर होटल्स लिमिटेड को सौंप दी जाएगी। इस होटल को 2030 तक ऑपरेशनल करने का टारगेट बनाया गया है। 55 वर्षों की लाइसेंस अवधि के दौरान इस होटल से डीडीए के लिए 6000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व आने का अनुमान है।

गोल्फ कोर्स और यशोभूमि के पास प्राइम लोकेशन

जुनिपर होटल्स लिमिटेड, सराफ होटल्स और अंतरराष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी ब्रांड हयात के बीच एक रणनीतिक साझेदारी है। अभी यह भारत के प्रमुख स्थलों पर 245 सर्विस अपार्टमेंट्स सहित 1895 कमरों वाले सात होटलों का प्रबंधन करता है। कंपनी द्वारका में प्रस्तावित इस 5-स्टार होटल को हयात के साथ साझेदारी में अपने प्रीमियम ग्रैंड हयात ब्रांड के तहत विकसित और संचालित करेगी।

यह होटल देश के सबसे लंबे 18-होल वाले डीडीए द्वारका गोल्फ कोर्स के ठीक सामने स्थित होगा। इससे गोल्फ खिलाड़ियों और मेहमानों की विशेष जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। यह जगह क्षेत्रफल के हिसाब से भारत और एशिया के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर यशोभूमि के बेहद करीब है। ये द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से भी नजदीकी दूरी पर होगा। इसके अलावा यह होटल ठीक सामने प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के मेहमानों की जरूरतों को भी पूरा करेगा।

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पैसे टिकते नहीं तो हो रही है ये गलती, आपकी रसोई बना देगी अमीर! बस ये काम कभी न करें

रोटी हर भारतीय रसोई का सबसे जरूरी हिस्सा है। कई लोग आटा बर्बाद न हो, इसलिए पहले से तय करके गिनती के हिसाब से रोटियां बनाते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रोटी या अन्न का इस तरह हिसाब लगाना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि रसोई में अपनाई गई छोटी-छोटी आदतें भी घर की सुख-समृद्धि, बरकत और सकारात्मक ऊर्जा पर असर डाल सकती हैं। रोटियां गिनकर बनाने से जुड़ी मान्यताएं और रसोई के कुछ महत्वपूर्ण वास्तु नियम।

 

रोटियां गिनकर बनाना

सनातन परंपरा में अन्न को भगवान का स्वरूप और मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद माना गया है। इसलिए भोजन को सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि जीवन का आधार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रोटियां गिनकर बनाना या परोसना अन्न का हिसाब लगाने जैसा माना जाता है। कहा जाता है कि इससे मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होतीं, इसलिए भोजन का हमेशा सम्मान करना चाहिए।

 

बरकत पर असर

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर की ऊर्जा पूरे घर को प्रभावित करती है। मान्यता है कि हर चीज का जरूरत से ज्यादा हिसाब रखा जाए, भोजन का, तो घर की बरकत धीरे-धीरे कम होने लगती है। इससे आर्थिक परेशानियां, धन की कमी और खर्च बढ़ने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसलिए रोटियां बनाते समय थोड़ा ज्यादा भोजन रखना शुभ माना जाता है।

 

सूर्य ग्रह का संबंध

ज्योतिष शास्त्र में गेहूं का संबंध सूर्य ग्रह से माना गया है। ऐसी मान्यता है कि भोजन को गिनकर बनाने की आदत सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर कर सकती है। इसके कारण घर में तनाव, मनमुटाव और पारिवारिक मतभेद बढ़ने की संभावना बताई जाती है। हालांकि यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता है।

 

पहली और आखिरी रोटी

वास्तु और धार्मिक परंपरा के अनुसार रोटी बनाते समय पहली रोटी गाय के लिए निकालनी चाहिए। लेकिन आखिर में बनने वाली रोटी कुत्ते, पक्षियों या अन्य जीवों के लिए अलग रखने की परंपरा भी है। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा व सुख-शांति बनी रहने की मान्यता है।

 

रोटी बनाने का तरीका

रोटी बनाने से पहले गर्म तवे पर पानी या दूध की कुछ बूंदें छिड़कना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही रोटियां बनाते समय साफ-सफाई, शांत मन और सकारात्मक सोच रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसे वातावरण में बना भोजन परिवार के लिए शुभ फल देता है और घर का माहौल भी अच्छा बना रहता है।

 

आटा स्टोर करना

अगर घर के लिए आटा गूंधना हो, तो रोटियों की गिनती तय करने के बजाय परिवार के सदस्यों की जरूरत का अंदाजा लगाकर आटा निकालना बेहतर माना जाता है। साथ ही 2–3 रोटियां ज्यादा बनाना भी शुभ माना जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी मेहमान, जरूरतमंद या पशु-पक्षी के लिए भोजन मिल सके।

 

बचे हुए आटे का नियम

वास्तु शास्त्र में गूंथे हुए आटे को लंबे समय तक फ्रिज में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि बासी आटा नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। इसलिए जितनी जरूरत हो उतना ही आटा गूंधें और ताजा भोजन बनाने की कोशिश करें। यह धार्मिक मान्यता होने के साथ-साथ ताजा भोजन खाने की अच्छी आदत भी मानी जाती है।

Photo: एक फ्रेम में अमित शाह और राहुल गांधी, तस्वीर ने खींचा सोशल मीडिया का ध्यान! पहली बार दिखा दुर्लभ राजनीतिक नजारा

Supriya Sule Daughter Reception Photo: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (10 अगस्त) रात आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की हाई-प्रोफाइल वेडिंग रिसेप्शन पार्टी में देश की राजनीति का एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला। संसद में राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर एक-दूसरे पर हमला करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक ही फ्रेम में नजर आए।

दोनों नेताओं की तस्वीर सामने आते ही यह सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। रिसेप्शन समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी एक-दूसरे से कुछ ही दूरी पर खड़े दिखाई दिए। जैसे ही अमित शाह मंच की ओर बढ़े सुप्रिया सुले ने गृह मंत्री को आगे जाने का इशारा किया। हाथ जोड़कर नमस्ते करते हुए शाह का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।

अमित शाह ने नवविवाहित कपल को दिया आशीर्वाद

समारोह के दौरान अमित शाह जब मंच की ओर बढ़े तो सुप्रिया सुले ने उन्हें आगे जाने का इशारा किया। फिर अमित शाह ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया और नवविवाहित जोड़े के पास पहुंचे। रेवती सुले और उनके पति ने अमित शाह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद गृह मंत्री ने नवविवाहित जोड़े को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इस पूरे पल को वहां मौजूद फोटोग्राफरों ने कैमरों में कैद कर लिया। इसी दौरान राहुल गांधी भी अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ समारोह में पहुंचे। उनके साथ सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।

राहुल गांधी भी पहुंचे मंच पर

रिसेप्शन में मेहमानों का अभिवादन करने के लिए सोनिया गांधी अपने पूरे परिवार के साथ मंच पर पहुंचीं। इसी दौरान वह मंच के एक छोर की ओर चली गईं। सुप्रिया सुले उन्हें वापस नवविवाहित जोड़े के पास लेकर आईं। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को भी जोड़े के बगल में खड़ा किया।

इसके बाद सुप्रिया सुले खुद एक तरफ हट गईं। फिर वहां मौजूद फोटोग्राफरों को ऐतिहासिक तस्वीरें लेने का मौका मिला। इस तरह समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी दोनों एक ही कार्यक्रम और एक ही मंच के आसपास नजर आए। इस समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव भी आकर्षण के केंद्र रहे।

Sule’s Daughter’s Reception_

एक समारोह में अलग-अलग दलों के बड़े नेता

दिल्ली के 6 जनपथ में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के कई बड़े नेता पहुंचे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और NCP नेता प्रफुल्ल पटेल समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

Sule’s Daughter’s Reception

राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इतने बड़े नेताओं का एक ही निजी समारोह में एक साथ पहुंचना चर्चा का विषय रहा। सोशल मीडिया पर चर्चा के दौरान खासतौर पर अमित शाह और राहुल गांधी की एक फ्रेम में मौजूदगी को इस आयोजन का सबसे खास ऐतिहासिक राजनीतिक क्षण माना गया।

जून में हुई थी रेवती सुले की शादी

सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले ने जून में मुंबई में नागपुर के उद्योगपति सारंग लखानी के साथ शादी की थी। दिल्ली में आयोजित यह रिसेप्शन शादी के बाद आयोजित एक भव्य समारोह था। इस समारोह में राजनीति, उद्योग और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही।

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Delhi-NCR Rain Alert: IMD ने दिल्ली-NCR में जारी किया रेड अलर्ट, यूपी-हरियाणा में भी आंधी-तूफान की चेतावनी

Delhi-NCR Rain Alert: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में मौसम ने एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। वहीं IMD ने सोमवार को दिल्ली के 11 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जगहों पर एक घंटे में 15 मिमी से ज्यादा बारिश हो सकती है और हवाओं की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार 11 अगस्त को भी दिल्ली में बारिश होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और बारिश से बचने के लिए जरूरी सामान साथ रखने की सलाह दी गई है।

इन इलाकों में है रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार, दिल्ली के सभी 11 जिलों में आज रेड वॉर्निंग जारी की गई है। इसमें सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली, नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ दिल्ली, साउथ-ईस्ट दिल्ली, साउथ-वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली शामिल हैं। मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। खासतौर पर तेज बारिश और आंधी-तूफान के दौरान घर से बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है।

यूपी में भी जारी किया अलर्ट

उत्तर प्रदेश में भी मौसम को लेकर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद समेत राज्य के कई इलाकों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, 11 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं हरियाणा के कई जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोनीपत, पानीपत और करनाल समेत कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

क्या होता है रेड अलर्ट

मौसम विभाग का रेड अलर्ट सबसे बड़ी मौसम चेतावनी होती है। इसका मतलब है कि मौसम बहुत खराब हो सकता है और इसका असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। तेज आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने जैसी स्थिति में लोगों को सावधान रहना चाहिए। साथ ही, मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

47 करोड़ का रिसॉर्ट, 1,400 मेहमान और चार्टर प्लेन…वियतनाम में होगी भारतीय अरबपति परिवार की ‘सुपर वेडिंग’

47 करोड़ का रिसॉर्ट, 1,400 मेहमान और चार्टर प्लेन…वियतनाम में होगी भारतीय अरबपति परिवार की ‘सुपर वेडिंग’

भारत का एक अरबपति परिवार वियतनाम के न्हा ट्रांग में बेहद भव्य शादी करने जा रहा है। उद्योगपति परिवार ने वियतनाम में शादी करने के लिए करीब 47 करोड़ रुपये में रिसॉर्ट बुक किया है। अरबपति परिवारों का एक भारतीय जोड़ा दिसंबर महीने में वियतनाम के न्हा ट्रांग में शादी करेगा। इस शादी पर 130 अरब वियतनामी डोंग से ज्यादा, यानी करीब 47.36 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

Vietnam.vn की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह शादी दिसंबर में होगी। इसमें 1,400 से ज्यादा मेहमान शामिल हो सकते हैं। खास बात यह है कि मेहमानों को चार्टर विमानों के जरिए न्हा ट्रांग लाया जाएगा।8 अगस्त को खान होआ प्रांत के संस्कृति, खेल और पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने भी इस शादी की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय अरबपति परिवार की इस ‘सुपर वेडिंग’ को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों, संस्थाओं और कारोबारियों के साथ मिलकर तैयारी की जा रही है। इस शादी को लेकर वियतनाम में भी काफी चर्चा है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर होने वाला यह आयोजन न्हा ट्रांग के पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिए भी खास माना जा रहा है।

वियतनाम में होने वाली भारतीय शादी होगी अब तक की सबसे बड़ी

ब्लू लेमन वियतनाम कंपनी लिमिटेड के जनरल डायरेक्टर फान क्वांग दाई इस भव्य शादी के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शादी में शामिल होने वाले मेहमान सीधे भारत से खान होआ के कैम रान एयरपोर्ट पहुंचेंगे। फान क्वांग दाई के मुताबिक, मेहमान शादी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्हा ट्रांग के एक लग्जरी रिसॉर्ट में चार रातें रुकेंगे।

उन्होंने बताया कि यह शादी वियतनाम में अब तक होने वाली सबसे बड़ी भारतीय शादियों में से एक हो सकती है। इसमें मेहमानों की संख्या पहले दा नांग में हुई भारतीय शादियों से काफी ज्यादा होगी। दा नांग में हुई पिछली भारतीय शादियों में करीब 300 से 500 मेहमान शामिल हुए थे। इस बार 1,400 से ज्यादा मेहमानों के आने की उम्मीद है। ऐसे में इस शादी का आयोजन और तैयारियां भी बड़े स्तर पर की जा रही हैं।

भारत से खास शेफ की टीम बुलाई जाएगी

इस भव्य शादी में मेहमानों के लिए खाना भारत से बुलाई गई खास टीम तैयार करेगी। अरबपति परिवार अपने मेहमानों के लिए भोजन बनाने के लिए भारत से शेफ की पूरी टीम साथ लेकर आएगा। आयोजक शादी के सभी कार्यक्रमों को बिना किसी परेशानी के पूरा कराने के लिए वियतनाम की कई सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस आयोजन में खान होआ प्रांत का संस्कृति, खेल और पर्यटन विभाग, प्रांतीय पीपल्स कमेटी, कस्टम्स, इमिग्रेशन और प्रांतीय पुलिस सहयोग कर रहे हैं। सभी विभाग मिलकर मेहमानों के आने-जाने, सुरक्षा और दूसरे जरूरी इंतजामों को संभालेंगे।

न्हा ट्रांग भारतीय शादियों के लिए क्यों बन रहा है पसंदीदा जगह?

खान होआ प्रांत का निवेश, व्यापार और पर्यटन संवर्धन केंद्र भारत को पर्यटन के लिए एक बड़ा और संभावनाओं वाला बाजार मानता है। भारत की आबादी 1.4 अरब से ज्यादा है, ऐसे में यहां से बड़ी संख्या में पर्यटकों के वियतनाम आने की उम्मीद रहती है। भारतीय पर्यटकों की पसंद और खर्च करने का तरीका भी अलग-अलग होता है। इनमें कम बजट में यात्रा करने वाले लोगों से लेकर महंगे और लग्जरी पर्यटन पर ज्यादा खर्च करने वाले पर्यटक भी शामिल हैं।

भारत में शादी के लिए विदेश जाने का चलन यानी वेडिंग टूरिज्म भी तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान के मुताबिक, 2024-25 के शादी के सीजन में भारत में करीब 48 लाख शादियां होने की उम्मीद थी। इन शादियों से लगभग 68 अरब डॉलर का कारोबार होने का अनुमान लगाया गया था। यही वजह है कि न्हा ट्रांग जैसे पर्यटन स्थल भारतीय परिवारों को अपनी भव्य शादियों के लिए आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। शानदार रिसॉर्ट, समुद्र तट और विदेशी माहौल जैसी सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए खास विकल्प बनाती हैं।

खान होआ की नजर लग्जरी वेडिंग टूरिज्म पर

खान होआ अपने प्राकृतिक नजारों, आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और शानदार रिसॉर्ट्स की वजह से भारतीय परिवारों के लिए शादी के एक खास डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। यहां मौजूद वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं को देखते हुए माना जा रहा है कि यह जगह भारत के लग्जरी वेडिंग मार्केट में अपनी जगह बना सकती है। न्हा ट्रांग में होने वाली आगामी शादी इसका बड़ा उदाहरण है। इस शादी में 1,400 से ज्यादा मेहमान शामिल होंगे, जो एक लग्जरी रिसॉर्ट में चार रातों तक ठहरेंगे। आयोजकों के मुताबिक, यह शादी वियतनाम में अब तक होने वाली सबसे बड़ी भारतीय शादियों में से एक हो सकती है। इससे न्हा ट्रांग को भारतीय डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए एक प्रमुख जगह के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है।

Hariyali Teej: हरियाली तीज की थाली में जरूर रखें ये 5 मिठाइयां, घरवालों से लेकर मेहमान तक पूछेंगे रेसिपी

सावन की फुहारों के बीच आने वाला हरियाली तीज का त्योहार भारतीय परंपरा, आस्था और उत्साह का खूबसूरत संगम माना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस पर्व पर महिलाएं सजने-संवरने के साथ व्रत, पूजा और कई पारंपरिक रस्मों में शामिल होती हैं। हरी साड़ी, चूड़ियों की खनक, हाथों में रची मेहंदी और झूलों की मस्ती इस दिन के माहौल को और खास बना देती है। परिवार और सहेलियों के साथ मिलकर त्योहार मनाने की खुशी के बीच खानपान का भी अपना अलग महत्व रहता है। खासकर घर में तैयार की गई पारंपरिक मिठाइयां तीज की थाली को पूरा करती हैं और उत्सव में मिठास घोलती हैं।

अगर आप इस बार हरियाली तीज पर कुछ स्वादिष्ट और पारंपरिक बनाना चाहती हैं, तो कुछ ऐसी मिठाइयां हैं जिन्हें आसानी से सेलिब्रेशन का हिस्सा बनाया जा सकता है। ये विकल्प त्योहार के स्वाद के साथ देसी परंपरा का अहसास भी कराएंगे।

घर की बनी मिठाइयों से बढ़ाएं त्योहार की खुशी

हरियाली तीज पर गुड़, नारियल, मावा और सूजी जैसी चीजों से तैयार होने वाली देसी मिठाइयों का खास महत्व है। घर पर तैयार की गई मिठाई में स्वाद के साथ शुद्धता का भरोसा भी रहता है। यही वजह है कि आज भी कई घरों में तीज के मौके पर पारंपरिक मिठाइयां जरूर बनाई जाती हैं।

ओट्स बर्फी

अगर आप पारंपरिक मिठाई में थोड़ा मॉडर्न टच देना चाहती हैं, तो ओट्स बर्फी ट्राई कर सकती हैं। ओट्स, दूध पाउडर, देसी घी, गुड़, दूध, इलायची, काजू, बादाम और नारियल के बुरादे से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ अलग विकल्प भी है। तीज पर परिवार वालों का मुंह मीठा कराने के लिए इसे बनाया जा सकता है।

नारियल लड्डू

हरियाली तीज के लिए नारियल के लड्डू भी बढ़िया विकल्प हैं। इन्हें बनाने में ज्यादा झंझट नहीं होती और स्वाद भी हल्का व स्वादिष्ट रहता है। अगर आप रिफाइंड चीनी से बचना चाहती हैं, तो लड्डुओं में गुड़ का इस्तेमाल कर सकती हैं। त्योहार के लिए यह झटपट तैयार होने वाली मिठाई है।

घेवर

हरियाली तीज और घेवर का रिश्ता काफी पुराना है। सावन आते ही बाजारों में घेवर की मांग बढ़ जाती है। कुरकुरा घेवर, ऊपर से मलाई या रबड़ी और ड्राई फ्रूट्स—त्योहार के मौके पर यह कॉम्बिनेशन मिठास को और खास बना देता है। हालांकि इसे घर पर बनाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन तीज की थाली में घेवर हो तो त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है।

रबड़ी

सावन में रबड़ी का स्वाद भला कौन भूल सकता है। गाढ़े दूध से तैयार होने वाली यह पारंपरिक मिठाई खास मौकों पर खूब पसंद की जाती है। व्रत रखने वाली महिलाएं भी अपनी पसंद और व्रत के नियमों के अनुसार इसका सेवन कर सकती हैं। इसे तैयार करने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन इसका स्वाद मेहनत की पूरी भरपाई कर देता है।

मालपुआ

मालपुआ भी ऐसी पारंपरिक मिठाई है, जिसे कई जगह शुभ अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। आटे या मैदे के घोल से तैयार होकर घी में सिकने वाला मालपुआ ऊपर से चाशनी या रबड़ी के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और बढ़ जाता है। हरियाली तीज पर घरवालों के लिए इसे बनाकर त्योहार की मिठास बढ़ाई जा सकती है।

इस तीज पर थाली में परोसें परंपरा और स्वाद

हरियाली तीज सिर्फ व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां बांटने का अवसर भी है। ऐसे में घर पर तैयार की गई पारंपरिक मिठाइयां त्योहार के स्वाद को खास बना सकती हैं। चाहे आप ओट्स बर्फी जैसे नए विकल्प को चुनें या घेवर, रबड़ी और मालपुआ जैसी सदाबहार मिठाइयों को हर विकल्प तीज के जश्न में अपनी अलग मिठास घोल सकता है।

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6 विकेट झटककर राशिद ने अफगानिस्तान को ODI विश्वकप क्वालिफायर खेलने से बचाया

AFGvsIRE इब्राहिम जदरान (84) रन की अर्धशतकीय पारी के बाद राशिद खान (छह विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने बारिश बाधित दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में आयरलैंड को 92 रनों से हराया। इसी के साथ उसने तीन मैचों की सरीज में बढ़त बना ली है। ब्रेडी क्रिकेट क्लब में शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में अफ़गानिस्तान ने 92 रनों से शानदार जीत हासिल की।

बारिश की वजह से पहला वनडे बिना टॉस के ही रद्द हो गया था, और इस मैच की शुरुआत भी खराब मौसम के कारण देर से हुई, जिससे इसे घटाकर 47 ओवर का कर दिया गया। इब्राहिम जदरान की कप्तानी में अफगानिस्तान ने आठ विकेट पर 299 रन बनाए, जिसके बाद राशिद खान ने 6 विकेट लेकर आयरलैंड की टीम को 33.4 ओवर में 207 रनों पर समेट दिया।इसी के साथ अफगानिस्तान ने 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप में सीधा प्रवेश पा लिया और अब उसको क्वालिफायर्स में खेलेने की जरुरत नहीं है।

बादल छाए होने के कारण पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद, आयरलैंड के गेंदबाजों को नई गेंद से अच्छी मूवमेंट मिली। मार्क अडेयर ने मेडन ओवर के साथ शुरुआत की और उसके बाद तीन रन वाला ओवर डाला, लेकिन उनके साथी जय मूंड्रा को रहमानुल्लाह गुरबाज ने शुरुआत में ही निशाने पर ले लिया। यह बाएं हाथ का तेज गेंदबाज महंगा साबित हुआ। उसने अपने शुरुआती दो ओवरों में दो बार नो-बॉल की और चार बाउंड्री दीं। उसका तीसरा ओवर भी खराब रहा, जिसमें गुरबाज ने उस पर एक छक्का और फिर एक चौका जड़ा, लेकिन आख़िरकार मूंड्रा को सफलता मिली जब गुरबाज़ एक और आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में दो गेंद बाद कैच आउट हो गए।

मूंड्रा के शुरुआती स्पेल में महंगे साबित होने के बीच सेदिकुल्लाह अटल ने टीम की गति बनाए रखी। पावरप्ले के अंत तक अफगानिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 65 रन था। हालांकि उसके बाद स्कोरिंग रेट थोड़ा धीमा हुआ, लेकिन इब्राहिम और अटल के बीच 116 रनों की साझेदारी ने उन्हें मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। धीमी शुरुआत करने वाले इब्राहिम ने पावरप्ले के बाद आक्रामक रुख अपनाया और 19वें ओवर में 52 गेंदों पर अपनी फ़िफ्टी पूरी की। यह साझेदारी 25वें ओवर में टूटी, जब अटल हैरी टेक्टर का शिकार बने।

आयरलैंड ने कुछ कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन कप्तान रहमत शाह और इब्राहिम के बीच 43 रनों की साझेदारी ने अफगानिस्तान की पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद दो ओवरों के अंतराल में दोनों आउट हो गए – इब्राहिम 34वें ओवर में कर्टिस कैम्फर पर हमला करने की कोशिश में और रहमत 36वें ओवर में गैविन होए के हाथों कैच आउट हुए – लेकिन अजमतुल्लाह ओमरजई और दरविश रसूली के बीच 43 रनों की तेज साझेदारी ने यह सुनिश्चित किया कि मेहमान टीम जीत की राह पर बनी रहे।

मैच के आखिर में आयरलैंड ने कुछ विकेट लेकर वापसी की, क्योंकि अफगानिस्तान ने 21 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। फिर भी, हशमतुल्लाह शाहिदी की आक्रामक लेकिन सधी हुई 21 गेंदों में 36 रनों की पारी (जिसमें आखिरी दो ओवरों में चार बाउंड्री शामिल थीं) ने यह पक्का किया कि मेहमान टीम मजबूत स्थिति में रहे। जवाब में, पॉल स्टर्लिंग का विकेट जल्दी गिरने के बावजूद आयरलैंड ने अच्छी शुरुआत की और अफगानिस्तान के पावरप्ले स्कोर (1 विकेट पर 65 रन) की बराबरी की। एंडी बालबर्नी क्रीज़ पर सहज दिखे और खराब लाइन-लेंथ वाली गेंदों पर तेज़ी से रन बटोरे।

अपना केवल चौथा वनडे खेल रहे केड कारमाइकल ने 14वें ओवर में सलीम साफ़ी के खिलाफ़ 21 रन बनाकर अफगानिस्तान पर दबाव बनाया। यह आयरलैंड के लिए मोमेंटम हासिल करने वाला टर्निंग पॉइंट साबित नहीं हुआ, क्योंकि राशिद खान ने जल्दी-जल्दी बालबर्नी और टेक्टर के विकेट चटका दिए। लोर्कन टकर और कारमाइकल ने पारी को संभालने की कोशिश की और कारमाइकल ने 44 गेंदों में अपना पहला वनडे अर्धशतक पूरा किया। 38 रनों की इस साझेदारी का अंत टकर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा। पगबाधा की अपील के दौरान गेंद पर नजर न रहने के कारण वह रन-आउट हो गए। इसके ठीक अगले ओवर में कारमाइकल भी आउट हो गए, जिससे आयरलैंड का स्कोर पांच विकेट पर 152 रन हो गया।

इसके बाद बेन कैलिट्ज और कर्टिस कैम्फर ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया और अगले तीन ओवरों में 41 रन (पांच चौके और दो छक्के) बनाए, लेकिन राशिद ने कैलिट्ज़ को बोल्ड करके इस साझेदारी को खत्म कर दिया। उस विकेट के बाद आयरलैंड की पारी लड़खड़ा गई और टीम ने चार ओवरों में सिर्फ़ नौ रन पर अपने आखिरी चार विकेट गंवा दिए। राशिद ने उन चार में से तीन विकेट लिए और 6-34 के शानदार आंकड़े के साथ मैच खत्म किया, जिससे अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज में बढ़त बना ली। अगला एकदिवसीय मैच सोमवार को बेलफ़ास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा।

‘मैं आपके साथ हूं’, TMC और उद्धव सेना के बागी सांसदों से बोले PM मोदी

संसद के मानसून सत्र के बीच दिल्ली में शुक्रवार की सुबह विपक्ष से अलग होकर NDA के साथ आए सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाश्ते पर मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सांसदों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जानकारी के अनुसार, संसद के मानसून सत्र के दौरान बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्ष छोड़कर एनडीए में आए नेताओं के स्वागत के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा, “आपके बारे में कौन क्या कह रहा है, इसकी चिंता मत कीजिए। घबराने की कोई जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ हूं।”

पीएम मोदी की बैठक में क्या हुआ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नाश्ता बैठक में करीब 45 सांसद शामिल हुए। इनमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर हाल ही में एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसद, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के सात पूर्व सांसद (जिनमें से छह अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के 20 सांसद और अजित पवार गुट की एनसीपी के दो सांसद मौजूद थे। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से कहा कि वे लोगों के बीच अपनी मौजूदगी और संपर्क को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की के लिए पश्चिम बंगाल का विकास भी बहुत जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हर सांसद को उनके सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ाव से जुड़ी जानकारी का एक प्रिंटआउट दिया गया। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से कहा कि वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें और अपनी पहुंच बढ़ाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “जब पश्चिम बंगाल आगे बढ़ता है, तो पूरा भारत आगे बढ़ता है।” उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य में विकास के लिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए बेहतर सड़क, रेल और अन्य सुविधाओं के साथ तेज़ विकास पर काम करना होगा। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों को हर साल अपनी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बड़े काम करने हैं, इसलिए सभी का स्वस्थ और फिट रहना बहुत जरूरी है।

बैठक के दौरान चाय पर कुछ हल्के-फुल्के और मजेदार पल भी देखने को मिले। जब मेहमानों को माचा चाय परोसी गई, तो बीजेपी सांसद शताब्दी रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके बारे में बताया और कहा कि यह चाय पश्चिम बंगाल में भी मिलती है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने फिर कहा कि पश्चिम बंगाल को एक बार फिर देश के विकास की ताकत बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पहले बंगाल तरक्की करता था, तब पूरे देश को उसका फायदा मिलता था।

बातचीत के बीच माहौल उस समय और हल्का हो गया, जब वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने मजाक करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आसपास कई ऐसे नेता हैं, जो पहले फिल्म और टीवी की दुनिया में काम करते थे और अब राजनीति में हैं। इनमें शताब्दी रॉय, सयोनी घोष, जून मालिया और रचना बनर्जी के नाम शामिल हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि इन सभी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रधानमंत्री को भी पूरी तरह फिट रहना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के पूर्व सांसदों से मराठी में बातचीत की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर आए नेताओं से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाकात की। इससे इन नेताओं की अयोग्यता की आशंका और अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों की नाराज़गी जैसी चिंताएं काफी हद तक कम होती दिखीं। बैठक में इन नेताओं को खास महत्व भी दिया गया। एनसीपीआई की अध्यक्ष और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) काकोली घोष दस्तीदार, जो कभी ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी रही हैं, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सबसे आगे की पंक्ति में बैठने की जगह दी गई।

संसद में संख्या बढ़ाने पर बीजेपी का जोर

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संसद में अपने गठबंधन की ताकत बढ़ाने में जुटी है, ताकि उसे दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिल सके। यह बहुमत बड़े संवैधानिक संशोधन पास करने के लिए जरूरी माना जाता है। इनमें परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने जैसे अहम विधेयक भी शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष छोड़कर आए ज्यादातर सांसद इस बैठक में शामिल हुए, लेकिन मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद क्षेत्र से एनसीपीआई के तीन सांसद—अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—एनडीए की बड़ी बैठक में नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के मतदाताओं की नाराज़गी और राजनीतिक माहौल को देखते हुए दूरी बनाए रखी। हालांकि, इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के साथ विकास कार्यों और अन्य मुद्दों पर अलग से चर्चा की।

घसियाली पिच पर अभ्यास मैच खिलाने पर भारतीय टीम हुई श्रीलंका पर नाराज (Video)

INDvsSL टेस्ट सीरीज से पहले अमूमन मेजबान टीमें मेहमान टीमों को अभ्यास मैच में वह स्थिति या पिच नहीं देती है जो मुख्य मैच में होती है। यह किसी भी मेजबान टीम की रणनीति का हिस्सा होता है। हालांकि पिच मुख्य मैच से थोड़ी बहुत मिलती जुलती है।

लेकिन श्रीलंका क्रिकेट ने मुख्य मैच से इतर स्पिन मुफीद पिच ना देकर अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ घसियाली पिच देकर एक नया विवाद खड़ा कर लिया है। भारतीय टीम श्रीलंका आते साथ ही इस बात पर नाराज हो गई है। इस विवाद पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सफाई दी है कि पिच पर भले ही घास हो लेकिन पिच बल्लेबाजी के लिए मुफीद है।

हाल के दिनों में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमजोरी बेहतर स्पिन गेंदबाजी के सामने उजागर हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ भी परिस्थितियां कुछ अलग नहीं होंगी।श्रीलंका के पास विशेष रूप से घरेलू परिस्थितियों में प्रभावी स्पिन आक्रमण है। ऐसे में 15 अगस्त से गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट से पहले यह अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऐसे में जब टीम को अभ्यास मैच में अलग और पहले टेस्ट मैच में अगल पिच मिलेगी तो टीम के लिए अभ्यास ना के बराबर होगा।कप्तान शुभमन गिल, लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रमुख बल्लेबाज श्रीलंका रवाना होने से पहले अपने-अपने घरेलू अभ्यास केंद्रों पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास कर चुके हैं, लेकिन श्रीलंकाई पिचों पर मैच जैसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव उससे कहीं अधिक उपयोगी होगा।इस कारण पिच का बर्ताव महत्वपूर्ण हो जाता है।

गुरनूर बराड़ और सारांश जैन ने पिछले महीने गॉल में भारत ‘ए’ की ओर से श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ी इस अभ्यास मैच में भी अच्छा प्रदर्शन कर अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहेंगे।

सिर्फ पिच ही नहीं बल्कि मौसम भी भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मौसम  भारत की तैयारियों में बाधा बन सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से शहर में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन


Taslima Nasreen: ‘मैं बंगाल का हिस्सा बनकर आई हूं’ 19 साल बाद कोलकाता लौटने पर बोलीं बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन

Taslima Nasreen: बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता लौटी हैं। नसरीन रवींद्र सदन में एक साहित्यिक कार्यक्रम में शामिल होंगी, जहां उनकी आत्मकथा का विमोचन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी शामिल होने की उम्मीद है।

बता दें कि तसलीमा नसरीन साल 2007 के बाद पहली बार कोलकाता लौटी हैं। उस समय उन्हें अपने उपन्यास ‘द्विखंडित’ (Dwikhondito) को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शहर छोड़ना पड़ा था। जानकारी के अनुसार, यह किताब उनकी आत्मकथा पर आधारित थी, जिसने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के कारण उन्हें उस शहर को छोड़ना पड़ा, जिसे उन्होंने बांग्लादेश छोड़ने के करीब 10 साल बाद अपना घर बना लिया था।

कोलकाता के अखबार ‘द टेलीग्राफ’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहर पहुंचने से पहले नसरीन ने उम्मीद जताई थी कि यह दौरा अभिव्यक्ति की आजादी और अलग राय रखने वाली आवाजों की सुरक्षा के महत्व को फिर से स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि शहर लौटना “अपने ही देश” में लौटने जैसा महसूस हुआ।

वह क्यों चली गई थीं?

2003 में, जब उनकी आत्मकथा ‘द्विखंडितो’ (Dwikhondito) प्रकाशित हुई, तो इस लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया, क्योंकि आरोप था कि इससे मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई थीं। किताब के प्रकाशित होने के बाद शहर भर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

वहीं, बढ़ते दबाव के कारण सरकार ने पश्चिम बंगाल में किताब के वितरण पर रोक लगा दी। जिसके बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया।

इसके बाद 2005 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया, जिससे किताब फिर से बाजार में उपलब्ध होने लगी। इसी दौरान कोलकाता में कुछ कट्टरपंथी समूहों ने कथित तौर पर तसलीमा नसरीन और उनकी किताब के खिलाफ विरोध तेज करना शुरू कर दिया।

2007 में, उनकी एक और किताब ‘शोध’ (Shodh) का तेलुगु में अनुवाद किया गया। जिसके बाद हैदराबाद में इसके लॉन्च कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानीय कट्टरपंथियों ने तसलीमा नसरीन पर हमला कर दिया।

इस हिंसक घटना के बाद, कोलकाता में धार्मिक समूहों ने इस माहौल का फायदा उठाने की कोशिश की और उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया। कुछ संगठनों ने तो उन्हें देश से बाहर निकालने की मांग के लिए भी लामबंदी की।

नवंबर 2007 में हालात तब चरम पर पहुंच गए जब कोलकाता में विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए और आगजनी व तोड़-फोड़ हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि व्यवस्था बहाल करने के लिए भारतीय सेना को बुलाना पड़ा।

निर्वासन खत्म

PTI से बात करते हुए नसरीन ने कहा कि कोलकाता से दूर बिताए सालों का उस जुड़ाव पर कोई असर नहीं पड़ा जो वह इस शहर और पश्चिम बंगाल के साथ महसूस करती थीं। उन्होंने कहा कि कोलकाता सिर्फ एक ऐसा शहर नहीं था जहां वह रहती थीं, बल्कि इसने उन्हें अपनापन भी दिया है।

उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने ही देश लौट रही हूं। मेरे दिल में बंगाल कभी भी किसी बॉर्डर या कंटीले तारों की बाड़ से बंटा नहीं रहा। बंगाल के पूर्वी हिस्से का दरवाजा मेरे लिए बंद है, इसलिए अभी के लिए, बंगाल का यही हिस्सा मेरा घर है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं खुशी के साथ-साथ दर्द के साथ भी लौट रही हूं। कोलकाता सिर्फ वह शहर नहीं था जहां मैं रहती थी, बल्कि वहां मेरा घर, दोस्त, पाठक और अपनापन महसूस करने का एहसास था। मेरे जीवन के लगभग उन्नीस साल मुझसे छीन लिए गए, और घर वापसी उन खोए हुए सालों को वापस नहीं ला सकती। मैं किसी अजनबी या मेहमान की तरह नहीं लौट रही हूं। मैं एक ऐसी व्यक्ति के तौर पर लौट रही हूं जिसने हमेशा खुद को बंगाल का हिस्सा माना है।”

तसलीमा नसरीन ने कार्यक्रम के आयोजकों का उन्हें आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया और अपनी यात्रा को संभव बनाने में सहयोग देने के लिए सरकार का भी आभार जताया।

उन्होंने कहा कि शहर की यह यात्रा “उस आवाज की वापसी का प्रतीक है जिसे कट्टरपंथियों ने कभी दबाने की कोशिश की थी।”

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