Market View : भारतीय बाजार के लिए आज मिले-जुले संकेत, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Market View : भारतीय बाजार के लिए आज मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। हालांकि FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 7700 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली हुई है। उधर एशियाई बाजारों में रौनक है। निक्केई 1 फीसदी तो कॉस्पी 6% उछला है। वहीं, चिप शेयरों में खरीदारी लौटने से नैस्डैक करीब एक फीसदी चढ़ा और डाओ और S&P में भी बढ़त देखने को मिली है।

आज क्या हो रणनीति?

निफ्टी पर रणनीति

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24173-24223 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24268-24309 पर है। इसके लिए पहला बेस 23928-23970 पर और बड़ा बेस 23809-23869 पर है। एक्सपायरी के दिन निफ्टी रेंज में रहा और कोई रिवर्सल नहीं मिला। FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली रहा, इंडेक्स में शॉर्ट किया। खासकर क्रूड ($86) के चलते बैंक निफ्टी में शॉर्ट किया। अमेरिका के हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी है। जियोपोलिटिक तनाव अभी भी बरकरार है।

FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर 2.65 लाख पर रहा है। स्टॉक फ्यूचर्स में भी भारी बिकवाली रही। 24100-24200-24300 पर कॉल बिके,24000 पर पुट। इसमें कोई शंका नहीं है कि तेजी का मोमेंटम गायब है। लेकिन 24000-23950 का सपोर्ट अब भी कायम है। फिलहाल ट्रेडिंग रेंज 24173-24223 से 24000-23970 के बीच है। पहले इसी दायरे पर नजर रखें। फिलहाल नीचे की ओर बड़ी कमजोरी के संकेत नहीं है। लेकिन 23970 के नीचे धीरे-धीरे दबाव बढ़ सकता है। 57000 के नीचे बैंक निफ्टी गया तो बेस-2 का रास्ता खुलेगा। 24173-24223 के ऊपर ही निफ्टी में मजबूती लौटेगी। इसके ऊपर रजिस्टेंस-2 की ओर तेजी संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 57690-57830 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58078-58271 पर है। इसके लिए पहला बेस 56967-57031/57261 पर और बड़ा बेस 56512-56626 (100/50/200 DEMA) पर है। बैंक निफ्टी 10 DEMA के नीचे फिसला। लेकिन नीचे की ओर बड़ा दबाव नहीं दिखा। FIIs ने बैंक निफ्टी में बिकवाली की है। क्रूड के बढ़ने से अंडरपरफॉर्मेंस की आशंका है।

57261-57031 का जोन सबसे अहम सपोर्ट है। 20 DEMA के बाद यही मजबूत बेस है। बेस-1 बचा तो बैंक निफ्टी रेंज में रह सकता है। रजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच कारोबार संभव है। बेस-1 टूटने पर बेस-2 की ओर फिसलने का खतरा है। तभी बड़ी कमजोरी के संकेत मिलेंगे। क्रूड में नरमी बैंक निफ्टी के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर होगा। इसके साथ 57830 के ऊपर टिकने पर तेजी लौट सकती है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी ABB में 7050 रुपए के टारगेट के लिए, 6825 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी की सलाह है। Polycab में भी इनकी 9800 रुपए के टारगेट के लिए, 9450 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 15 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के हल्की बढ़त के साथ सपाट खुलने की संभावना दिख है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,045.50 के आसपास हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में भारी गिरावट आई। इसकी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत रहे। कल बाजार की शुरुआत कमजोर रही और निफ्टी गिरकर 24,100 के नीचे आ गया। पूरे सेशन के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ता दिखा। खासकर IT,ऑटो और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी रही,जिससे इंडेक्स 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। आखिर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही दिन के अपने निचले स्तरों के आस-पास बंद हुए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ।

हॉर्मुज पर 20% टोल टैक्स से पलटे ट्रंप

हॉर्मुज पर 20 परसेंट टोल से ट्रंप पलट गए हैं। उन्होंने खाड़ी देशों के दबाव के बाद फैसला बदला है। उन्होंने कहा है कि इसके बदले में गल्फ के देश US में बड़ा निवेश करेंगे। इधर अमेरिका ने फिर ईरान की नाकेबंदी कर दी है। 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात करते हुए ईरानी ठिकानों पर भीषण हमले जारी हैं।

कच्चा तेल $86 के करीब कायम, सोने में करीब 1% की बढ़त

ट्रंप के टोल टैक्स से पीछे हटने के बावजूद कच्चे तेल में तेजी कायम है। इसका भाव 86 डॉलर के करीब दिख रहा है। उधर US में अनुमान से कम रिटेल महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने में करीब एक फीसदी की बढ़त है।

एक दिन में 25% फिसला IBM, 3% से ज्यादा फिसले इंफोसिस और विप्रो के ADR

IT शेयरों पर आज बाजार की नजर रहेगी। Q2 के कमजोर कारोबारी अपडेट के बाद IBM एक दिन में ही 25% टूट गया। इस स्टॉक में 58 साल में पहली बार एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट आई। इंफोसिस और विप्रो के ADR भी तीन फीसदी से ज्यादा फिसले हैं।

टाटा एलेक्सी का Q1 मुनाफा 22.6% घटा

पहली तिमाही में टाटा एलेक्सी के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसके मुनाफे में 23 फीसदी की कमी आई है। मार्जिन पर भी करीब 3 फीसदी का दबाव दिखा है। हालांकि आय में 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आज आएंगे HDFC LIFE के नतीजे, वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

नतीजों के लिहाज से आज का दिन अहम है। आज निफ्टी में शामिल HDFC LIFE के नतीजे आएंगे। Q1 में इसका Annual Premium Equivalent 7% बढ़ सकता है। हालांकि VNB MARGIN पर दबाव दिख सकता है। साथ ही ICICI PRU, HDFC AMC समेत वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 20.50 अंक यानी 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,037 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए सुस्ती का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.59 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.38 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.07 फीसदी की बढ़त दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 1.72 फीसदी की मजबूती नजर आ रही है। वहीं,कोस्पी 6.23 फीसदी भागा है। शांघाई कंपोजिट में 0.05 फीसदी की हल्की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 और नैस्डैक में बढ़त देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद,बड़े बैंकों के अच्छे नतीजों और उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों की जोखिम लेने की भूख बढ़ाई। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 अंक या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया। S&P 500 में 28.55 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,543.89 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 233.83 अंक या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर पहुंच गया।

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डॉलर इंडेक्स

डॉलर अपने सभी ‘ग्रुप-ऑफ-10’साथियों के मुकाबले कमजोर हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.80 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में बुधवार को शुरुआती कारोबार में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से घटकर 4.58% और 4.18% हो गई है।

एशियन करेंसी

ज्यादातर एशियाई करेंसी में पिछली क्लोज़िंग के मुकाबले मामूली बढ़त दिख रही है। इसमें मलेशियाई रिंगित सबसे आगे है,जिसमें 0.34% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर में 0.196% और जापानी येन में 0.154% की बढ़त हुई है। फिलीपीन पेसो में 0.123 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर (0.109 प्रतिशत),इंडोनेशियाई रुपया (0.099 प्रतिशत), चीनी रेनमिनबी (0.097 प्रतिशत) और दक्षिण कोरियाई वॉन (0.088 प्रतिशत) का नंबर है। थाई बहत में सबसे कम बढ़त देखी जा रही है। यह अपने पिछले क्लोजिंग भाव से 0.045 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 14 जुलाई को 739 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,927 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में रौनक, कोस्पी 7% चढ़ा, US में कमजोर CPI डेटा और AI ट्रेड में नई तेजी से मिल रहा सपोर्ट

Asian Market Today: आज ग्लोबल बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। निक्केई एक परसेंट तो कॉस्पी 7% से ज्यादा उछला है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी लौटने से नैस्डैक करीब 1 फीसदी चढ़ा है। डाओ और S&P में भी बढ़त देखने को मिली। दरअसल, उम्मीद से कम US महंगाई के आंकड़ों से फेड इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने और AI ट्रेड में नई तेजी से इन्वेस्टर्स के सेटीमेंट को सपोर्ट मिला है। यहीं वजह है कि आज एशिया बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है।

जापान का निक्केई 225 0.87% और टॉपिक्स 0.23% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.95% उछला, जबकि कोसडैक 5.08% चढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स 1.10 फीसदी ऊपर ट्रेड करता नजर आ रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.57 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.43 फीसदी चढ़कर 45,379.03 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 3,974.02 के स्तर पर दिख रहा है।

कैसा रहा अमेरिकी बाजारों का हाल

अमेरिकी स्टॉक मार्केट मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि बैंकों की अच्छी कमाई और उम्मीद से कम महंगाई रिपोर्ट ने सेंटिमेंट को बढ़ावा दिया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 पॉइंट्स या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.55 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,543.89 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 233.83 पॉइंट्स या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 4.06% बढ़ी, AMD के शेयर 2.57% बढ़े, इंटेल के शेयर 4.50% बढ़े, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.92% उछले, SK हाइनिक्स ADR 27.29% उछला, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.55% गिरे, एप्पल के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के शेयर 0.36% बढ़े, जबकि IBM के शेयर 25.21% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी पोर्ट्स पर फिर से नेवल ब्लॉकेड लगा दिया और धमकी दी कि अगर तेहरान ने बातचीत फिर से शुरू नहीं की तो अगले हफ़्ते पावर प्लांट्स और पुलों पर हमला किया जाएगा। US मिलिट्री ने भी लगातार चौथे दिन ईरान पर नए हमले किए। इस बीच, ईरान का कहना है कि पिछले हफ़्ते दुश्मनी फिर से शुरू होने के बाद उसने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है।

US इन्फ्लेशन

US कंज्यूमर इन्फ्लेशन जून में उम्मीद से ज़्यादा धीमी हुई। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स जून तक 12 महीनों में 3.5% बढ़ा, जो अब भी सबसे ज़्यादा है, मई में 4.2% बढ़ने के बाद। CPI मई में 0.5% बढ़ने के बाद महीने में 0.4% गिरा। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स ने अनुमान लगाया था कि CPI साल-दर-साल 3.8% बढ़ेगा और महीने के आधार पर 0.1% गिरेगा।

IBM शेयर्स

कंपनी के दूसरी तिमाही के निराशाजनक शुरुआती नतीजे जारी करने के बाद IBM के शेयर की कीमत 25% से ज़्यादा गिर गई। US की बड़ी टेक कंपनी ने कहा कि वह सॉफ्टवेयर से डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में कॉर्पोरेट खर्च में बदलाव के साथ तालमेल बिठाने में “लड़खड़ा” गई है और दूसरी तिमाही में उसकी कमाई में बड़ा नुकसान होगा।

LSEG के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, IBM ने कहा कि उसे उम्मीद है कि Q2 रेवेन्यू सिर्फ़ 1% बढ़कर $17.2 बिलियन हो जाएगा, जबकि एनालिस्ट्स का अनुमान $17.86 बिलियन था।

आज सोने का रेट

US में महंगाई उम्मीद से कम होने के बाद सोने की कीमतें स्थिर हो गईं। स्पॉट गोल्ड की कीमत थोड़ी बदली और $4,054.36 प्रति औंस रही, जबकि चांदी की कीमतें 0.2% बढ़कर $58.80 प्रति औंस हो गईं।

कच्चे तेल की कीमतें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नेवल नाकाबंदी लगाने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। ब्रेंट तेल की कीमत 1.72% बढ़कर $86.19 प्रति बैरल हो गई, जबकि WTI क्रूड 1.4% बढ़कर $80.40 प्रति बैरल हो गया।

Stock Market Live: “बुल या बीयर” किस तरह होगी बाजार की चाल, जानें ग्लोबल मार्केट से क्या मिल रहे संकेत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : कोई साफ दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को तोड़ना होगा 23800-24300 का दायरा, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

Trade setup for today : निफ्टी ने 24,000 के जोन पर सपोर्ट लेने के बाद तेजी से वापसी की और 13 जुलाई को हल्की बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। पिछले तीन सेशन में बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद,इंडेक्स पिछले बुधवार को बनी लॉन्ग रेड कैंडल,यानी 23,800-24,300 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा। हालांकि,इसने 50-डे EMA के ऊपर बने रहते हुए 10, 20 और 100 डे EMA को फिर से हासिल कर लिया। बाजार जानकारों का कहना है कि कोई साफ और पक्की दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को 23,800-24,300 की रेंज से किसी भी तरफ बाहर निकलना होगा। अगर निफ्टी 24,300 के लेवल को फिर से हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है,तो 24,400-24,500 के जोन की तरफ बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,जानकारों का यह भी कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे गिरता है,तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,058, 23,997 और 23,897

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,256, 24,317 और 24,417

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने ऊपर और नीचे छोटी शैडो वाली एक लंबी ग्रीन कैंडल बनाई,जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। इंडेक्स 10, 20 और 100 डे EMA के साथ-साथ जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया। RSI बढ़कर 55.89 हो गया और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। RSI बढ़कर 55.89 हो गया है और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD भी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार बढ़ रहा है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,226, 58,398 और 58,676

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,670, 57,498 और 57,220

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,305, 56,441

बैंकिंग इंडेक्स में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद एक ग्रीन कैंडल बनी,जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इंडेक्स वापस 10 डे EMA के ऊपर चढ़ गया और बाकी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जबकि शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। क्रॉसओवर के बाद, 50 डे EMA 100 और 200 डे EMA के ऊपर बना रहा,जो मजबूत अंदरूनी ताकत का संकेत है। RSI बढ़कर 58.96 हो गया, हालांकि यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। लगातार दूसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटा हुआ,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। ये सभी बातें बैंक निफ्टी में बुलिश मोमेंटम के बेहतर होने का संकेत देती हैं,जिसमें मज़बूत अंडरलाइंग स्ट्रेंथ और लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है। हालांकि ज्यादा मजबूत कन्फर्मेशन के लिए अभी भी पॉज़िटिव MACD क्रॉसओवर का इंतजार है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

13 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,171 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 8.39% की बढ़त हुई और यह 13.28 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी आरामदायक दायरे में है,जिससे पता चलता है कि तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा जोखिम नहीं है। हालांकि,अगर यह 15 के स्तर से ऊपर बढ़ता है,तो बुल्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 जुलाई को बढ़कर 1.43 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.25 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Asian Market Today: एशिया बाजारों में गिरावट, नैस्डैक 1.55% फिसला, यूएस बॉन्ड यील्ड बढ़ी

Asian Market Today: US-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों से सेंटिमेंट पर असर पड़ने से मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। नैस्डैक 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला, डाओ और S&P में भी दबाव दिखा। जापान का निक्केई 225 0.58% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.30% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.46% और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। ताइवान का बाजार 2.24 फीसदी  गिरकर 44,338.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि  शंघाई कम्पोजिट 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ फ्लैट कामकाज कर रहा है।

गिफ्ट निफ्टी 24,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 168 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को नीचे बंद हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के हालिया बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गईं और रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 138.31 पॉइंट्स या 0.26% गिरकर 52,498.70 पर आ गया, जबकि S&P 500 59.92 पॉइंट्स या 0.79% गिरकर 7,515.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 408.43 पॉइंट्स या 1.55% गिरकर 25,873.18 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 3.52% गिरी, AMD के शेयर 4.21% गिरे, ब्रॉडकॉम के शेयर 3.98% गिरे, इंटेल के शेयर 6.12% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.32% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.53% बढ़े, मेटा के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.23% गिरे, टेस्ला के शेयर 3.19% टूटे, और स्पेसएक्स के शेयर 4.24% फिसले।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑफिशियली सांसदों को बताया है कि देश एक बार फिर ईरान के साथ युद्ध में है, और अपने एडमिनिस्ट्रेशन को कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना इस इलाके में मिलिट्री इस्तेमाल करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। इस बीच, यमन में ईरान सपोर्टेड हूथियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड रातों-रात तेज़ी से बढ़ी क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने US-ईरान के बीच नए तनाव के बाद इन्फ्लेशन की आशंका बढ़ा दी। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 bps बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 bps बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के US ट्रेजरी यील्ड 6.5 bps बढ़कर 4.273% हो गई।

बेंचमार्क जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड दूसरे दिन भी बढ़ी। 10-साल के JGB की यील्ड 1 bp बढ़कर 2.795% हो गई। दो-साल की यील्ड और पांच-साल की यील्ड दोनों स्थिर रहीं।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान युद्ध में नए सिरे से बढ़ोतरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी फ्लो को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर चार हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त है।

आज सोने का रेट

महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने की बढ़ती संभावना के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $3,996.63 प्रति औंस हो गईं, जबकि चांदी की कीमत 0.3% गिरकर $57.50 प्रति औंस हो गई।

डॉलर

US महंगाई के डेटा से पहले डॉलर स्थिर हुआ। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, 101.27 पर फ्लैट था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरो डॉलर के मुकाबले $1.1383 पर और स्टर्लिंग $1.3347 पर ट्रेड कर रहा था। जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग फ्लैट 162.40 प्रति डॉलर पर था।

Crude Oil Price Surge: ट्रंप के बयान ने फिर लगाई क्रूड में आग, कल के निचले स्तर से 10% उछला भाव, $85 के करीब पहुंचा

Global Market Today: वेस्ट एशिया तनाव से बिगड़ा ग्लोबल बाजार का मूड़, एशिया में दबाव, कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा, निक्केई भी 2% नीचे

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today: Bull या Bear बाजार पर आज किसकी होगी पकड़, जानें Gift Nifty से क्या मिल रहा संकेत

Stock Market Today: हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी लगभग 208.50 पॉइंट्स की गिरावट के साथ 24,024 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है जो बड़े गैप -डाउन के संकेत दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से मिलिट्री तनाव बढ़ने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं और ग्लोबल मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई है।

गिफ्ट निफ्टी लाइव चार्ट क्या संकेत देता है?

गिफ्ट निफ्टी सुबह करीब 8.20 बजे 24,024 पर ट्रेड कर रहा था, जो 210.50 पॉइंट्स या 0.88 प्रतिशत नीचे था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 शुक्रवार के 24,206.90 के बंद होने से काफी नीचे खुल सकता है। यह कमज़ोर संकेत तब आया है जब पिछले हफ़्ते भारतीय इक्विटीज मजबूती के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 827.6 पॉइंट्स या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.4 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 244.1 पॉइंट्स या 1.02 प्रतिशत चढ़कर 24,206.9 पर पहुंच गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी मार्केट सावधानी से खुलने की उम्मीद है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच नए मिलिट्री हमलों के बाद जियोपॉलिटिकल टेंशन फिर से बढ़ गई है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और फाइनेंशियल मार्केट में रिस्क से बचने की सोच बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी से कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी से उछाल आया है, जिससे कुल मिलाकर इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। गिफ्ट निफ्टी अभी 24,100 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो शुक्रवार के निफ्टी क्लोजिंग 24,206.90 से नीचे है, जो घरेलू इक्विटी के लिए गैप-डाउन शुरुआत का संकेत देता है।

निफ्टी के लिए क्या लेवल होंगे अहम

आज निफ्टी 50 के आउटलुक पर बात करते हुए, रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 50 ने 23,800 सपोर्ट ज़ोन को बचाने के बाद तेजी से वापसी की है और एक बार फिर 24150 के आसपास 100 DEMA मार्क को वापस पा लिया है, जो निचले लेवल पर खरीदारी में नई दिलचस्पी का संकेत देता है। 24,150 जोन से ऊपर लगातार मूव करने से 24,400–24,600 रीजन की ओर बढ़ने का रास्ता बन सकता है। नीचे की तरफ, 24,000 मार्क से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, इसके बाद 23,800 ज़ोन मिलेगा।

58,200–58,300 के ऊपर बैंक निफ्टी देगा मजबूती

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि 58,000 के साइकोलॉजिकल लेवल को वापस पाने के बाद बैंक निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव टेक्निकल स्ट्रक्चर दिखाना जारी रखेगा। टेक्निकल नजरिए से, 58,200–58,300 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस रीजन से ऊपर लगातार मूव करने से बुलिश मोमेंटम मजबूत होगा और रिकवरी 58,600–58,700 ज़ोन की ओर बढ़ सकती है, इसके बाद 59,000 का साइकोलॉजिकल मार्क मिलेगा।

नीचे की तरफ, 58,000 लेवल से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, इसके बाद 57,800–57,700 जोन मिलेगा। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल से ऊपर बने रहना जरूरी होगा। हालांकि, 57,700 से नीचे एक बड़ा ब्रेक प्रॉफिट बुकिंग को ट्रिगर कर सकता है और इंडेक्स को 57,500–57,300 सपोर्ट रीजन की ओर खींच सकता है।

मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने से क्रूड ऑयल में उछाल

वीकेंड में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच नए दुश्मनी के बाद इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट तेज़ी से सतर्क हो गया, जिससे पिछले महीने हुए नाजुक शांति समझौते को खतरा पैदा हो गया। ईरान ने कहा कि उसने US सेना के साथ भारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के सबसे ज़रूरी ऑयल शिपिंग रूट्स में से एक में संभावित रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसके ज़रिए ग्लोबल पेट्रोलियम का लगभग पांचवां हिस्सा…

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4 परसेंट से ज़्यादा बढ़कर लगभग $79 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड $74 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया, जिससे महंगाई और ग्लोबल इंटरेस्ट-रेट आउटलुक को लेकर चिंताएँ फिर से बढ़ गईं।

रिस्क लेने की क्षमता कम होने से एशियाई मार्केट में गिरावट

सोमवार को एशियाई इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि क्रूड की कीमतों में उछाल और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के नए दौर ने इन्वेस्टर्स को रिस्क एसेट्स में अपना एक्सपोजर कम करने के लिए मजबूर किया। जापान का निक्केई 1.6 परसेंट गिरा, जबकि जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.9 परसेंट गिरा।

US इक्विटी फ्यूचर्स भी कमजोर हुए, S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.9 परसेंट नीचे गिरे। यूरोपियन फ्यूचर्स ने नरम ओपनिंग का संकेत दिया, जिसमें यूरो स्टॉक्स 50 और DAX फ्यूचर्स दोनों 0.6 परसेंट नीचे थे।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत खराब रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 0.79 फीसदी कमजोरी के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रह है। यह एक निगेटिव संकेत है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी रिकवरी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी,दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बीच बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 ने इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल छुआ। इस तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा। वहीं,रियल्टी,मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने सेंटीमेंट को और मजबूत किया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।

ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट में टेंशन से ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार चला गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है। इधर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोना $4,100 के नीचे फिसल गया है।

LTM के उम्मीद से बेहतर नतीजे, L&T फाइनेंस का मुनाफा 28% बढ़ा

LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की constant currency यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है। कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है। वहीं मार्जिन में भी सुधार दिखा है। ऑर्डर बुक भी मजबूत रही है। दूसरी ओर L&T Finance की प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII 28% से ज्यादा बढ़ी है। रिटेल लोन बुक गाइडेंस से कहीं बेहतर रही है।

डीमार्ट: Q1 मुनाफे में 11.3% का उछाल

पहली तिमाही में एवेन्यू सुपरमाट्स के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 11 परसेंट और रेवेन्यू में 15 परसेंट की ग्रोथ रही है। हालांकि मार्जिन बिल्कुल फ्लैट रहे हैं। मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में दबाव दिखा है।

आज आएंगे HCL TECH के नतीजे

निफ्टी में आज HCL TECH के नतीजे आएंगे। इसकी कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 परसेंट और डॉलर आय में 1.3% गिरावट का अनुमान है। हालांकि मार्जिन 30 Bps बढ़ने की उम्मीद है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO का साइज घटा

SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO का साइज घटा है। इश्यू का साइज 11700 करोड़ रुपए से घटकर 9813 करोड़ रुपए हुआ है। इधर दिग्गजों को प्री-IPO स्टेक बेचकर SBI ने 1655 करोड़ रुपए जुटाए हैं। SBI के OFS का हिस्सा घटकर 6.30% से 4.89% पर आ गया है।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 195 अंक यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 24,040.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 1.20 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.20 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.85 फीसदी की तेजी दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 0.82 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं, कोस्पी करीब 4.75 फीसदी नीचे है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.71 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को S&P 500 में 0.42% की बढ़त हुई और यह 7,575.39 के लेवल पर बंद हुआ। यह 2 जून को बने रिकॉर्ड हाई क्लोज़ से अभी भी 0.45% नीचे है। Nasdaq भी 0.29% की बढ़त के साथ यह 26,281.61 के लेवल पर पहुंच गया। जबकि डाओ जोन्स में 0.29% की बढ़त हुई और यह 52,637.01 के स्तर पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुए टकराव से महंगाई का डर बढ़ गया और सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी बढ़ गई है। जिसके चलते डॉलर अपनी ज़्यादातर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 101.17 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये क्रमशः 4.58% और 4.23% पर पहुंच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार हुआ,रीजनल बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखा। इंडोनेशियाई रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। जिसमें 0.35% की बढ़त हुई। इसके बाद चीनी रेनमिनबी (+0.22%) और ताइवान डॉलर (+0.19%) का स्थान रहा। दूसरी तरफ,साउथ कोरियन वॉन इस इलाके की सबसे कमजोर करेंसी है,जिसमें 0.34% की गिरावट आई,जबकि जापानी येन 0.25% फिसला है जिससे पता चलता है कि नॉर्थ एशिया की मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर में हल्की मज़बूती आई है। थाई बात(-0.21%),सिंगापुर डॉलर (-0.17%),मलेशियन रिंगिट (-0.17%) और फिलीपीन पेसो (-0.16%) भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने बिकवाली के एक दिन बाद ₹2,603 ​​करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सेशन में खरीदारी जारी रखी और ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में मजबूत शुरुआत होने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,099.50 के आसपास बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यह बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

पिछले सेशन में बड़ी गिरावट के बाद,9 जुलाई को बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखी गई। ऑटो और IT शेयरों को छोड़कर,सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार में यह तेजी आई। कल बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 इंट्राडे में 24,134.70 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,सेशन के दूसरे हिस्से में प्रॉफिट बुकिंग की वजह से दिन भर की अधिकांश बढ़त कम हो गई,फिर भी बेंचमार्क इंडेक्स पॉजिटिव जोन में ही बंद हुए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.22 अंक या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 76,741.82 पर और निफ्टी 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,962.80 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 147 अंक यानी 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 24,135 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में चौतरफा तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.45 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.54 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी तो करीब 4.5 फीसदी भाग गया है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.59 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को नैस्डैक में जबरदस्त तेजी रही। S&P 500 में 0.81% की बढ़त हुई और यह 7,543.66 पॉइंट्स पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.30% बढ़कर 26,206.89 पॉइंट्स पर पहुंचा,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.27% बढ़कर 52,487.41 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

कल की थोड़ी गिरावट के बाद,एशियाई कारोबार में US डॉलर इंडेक्स 101 के स्तर के आस-पास बना हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.83 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.55% और 4.16% पर दिख रहे हैं।

Market cues : शॉर्ट टर्म में मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद, 24200–24300 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में तेजी मुमकिन

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है और इसमें 0.284% की बढ़त हुई है। चीनी रेनमिनबी भी 0.199% मजबूत हुई है। इसके बाद मलेशियन रिंगित (0.187%),फिलीपीन पेसो (0.12%),थाई बहत (0.105%) और सिंगापुर डॉलर (0.085%) का नंबर है। दूसरी ओर इंडोनेशियाई रुपिया में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। यह 0.629% गिर गया है। जबकि ताइवान डॉलर में 0.45% की गिरावट आई है। दक्षिण कोरियाई वॉन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है और यह 0.082% नीचे आया है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने लगातार चार दिनों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर बन गए। उन्होंने 9 जुलाई को 532 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे।

अनुमान पर खरे TCS के नतीजे

TCS नतीजों के साथ रिजल्ट सीजन का आगाज हो गया है। TCS के Q1 नतीजे उम्मीद पर खरे उतरे हैं। तिमाही आधार पर कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू 0.4% बढ़ी है, हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है। ऑर्डर बुक 9.5 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर रही है। AI से होने वाली कंपनी की कमाई करीब 14% बढ़कर 2.5 अरब डॉलर के पार रही है।

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स की बड़ी डील

PREMIER EXPLOSIVES में अपोलो माइक्रो सिस्टम्स 1550 करोड़ रुपए में करीब 41% हिस्सेदारी खरीदेगी। 26% हिस्से के लिए 698 रुपए प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर का भी एलान किया गया है। PREMIER EXPLOSIVES का कंट्रोल अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के हाथों में होगा।

डिक्सन और Vivo की JV को सरकार से मंजूरी

डिक्सन टेक स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने के लिए Vivo मोबाइल इंडिया के साथ JV करेगी। इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस JV में डिक्सन की 51% और Vivo मोबाइल इंडिया की 49% हिस्सेदारी होगी।

Semaglutide पर DRL मैनेजमेंट की सफाई

डाइबिटीज और वजन कम करने की दवा Semaglutide की क्वालिटी इश्यू पर DRL मैनेजमेंट की सफाई में कहा गया है कि API की वजह से कुछ बैचेज में दिक्कत हुई। ओरल टैबलेट्स पर असर नहीं पड़ा है। अक्टूबर अंत या नवंबर की शुरुआत तक Semaglutide की सेल्स दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इस दवा की सेल्स घटने से कनाडा के कारोबार पर असर संभव है।

आज आएंगे इंडियन बैंक,LTF के नतीजे

आज वायदा में शामिल इंडियन बैंक और L&T फाइनेंस के Q1 नतीजे आएंगे। LTF की ब्याज से होने वाली 24% बढ़ सकती है। हालांकि मार्जिन पर हल्का दबाव संभव है। वहीं इंडियन बैंक के प्रॉफिट में 10% तो NII में 16% का उछाल मुमकिन है।

 

Market cues : 23800 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट, ऊपर की तरफ 24000 पर होगा पहला रेजिस्टेंस

Trade setup for today : 8 जुलाई को कारोबार के आखिरी दौर में निफ्टी पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव दिखा और यह 2 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। इसकी वजह तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण इंडिया VIX में आई तेजी थी। टेक्निकल इंडिकेटर भी मंदी की ओर इशारा कर रहे थे। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया और मोमेंटम इंडिकेटर में’बेयरिश क्रॉसओवर’देखने को मिला।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 23800 के सपोर्ट लेवल को तोड़ता है तो करेक्शन का दौर शुरू होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 23,800 के नीचे,23,600-23,500 का जोन अहम होगा जिस पर नजर रखनी होगी। ऊपर की तरफ 24,000 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है, और उसके बाद 24,200 का लेवल अगला अहम रेजिस्टेंस होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,807, 23,690 और 23,501

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,185, 24,302 और 24,491

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जिससे इंडेक्स दो हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया। एक ही सेशन में यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे गिर गया,जो यह संकेत देता है कि मंदड़ियों ने अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 48.51 पर आ गया और इसमें बेयरिश क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD लाइन के नीचे की ओर मुड़ने से MACD हिस्टोग्राम का हरा बार छोटा हो गया। ये सभी संकेत बेयरिश मोमेंटम के मजबूत होने का इशारा करते हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,706, 58,066 और 58,649

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,540, 56,179 और 55,596

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,215, 59,195

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,465, 55,764

बैंक निफ्टी में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी’बेयरिश कैंडल’बनी। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है और ये सभी एवरेज नीचे की ओर झुक गए हैं,जो काफी कमजोरी का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जो जबरदस्त बिकवाली के दबाव के बावजूद एक पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स हाल की तेज़ी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से भी नीचे आ गया। RSI गिरकर 48.51 पर आ गया,जबकि MACD में बेयरिश क्रॉसओवर देखा गया और साथ ही हिस्टोग्राम की लाल बार्स का दायरा भी बढ़ा। ये सभी संकेत नीचे की ओर बढ़ते मोमेंटम की ओर इशारा करते हैं।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

8 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सेशन में खरीदारी जारी रखी और 1,962 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी एक दिन की बिकवाली के बाद खरीदारी की और 790 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 26.04% बढ़कर 14.68 पर पहुंच गया। यह अप्रैल 2025 के बाद से इसमें एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़त है। साथ ही,यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया है,जो तेजड़ियों के लिए चिंता का संकेत है। अगर यह 16 के लेवल से ऊपर जाता है,तो बुल्स पर दबाव और बढ़ सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 8 जुलाई को पिछले सेशन के 1.08 से गिरकर 0.81 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

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Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

Stock Market Crash: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बुधवार को दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट (why market is down today) ला दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। महज 40 मिनट में सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया। वहीं, बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX 27% उछल गया।

दोपहर 1:40 बजे सेंसेक्स 77,603.90 पर कारोबार कर रहा था। अगले 40 मिनट में यह करीब 1,076 अंक लुढ़ककर 76,527.81 पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। करीब 3,095 शेयर गिरे, जबकि सिर्फ 1,000 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

ट्रंप ने ईरान सीजफायर पर क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह ईरान के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने ईरानी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुए, तो वह उनका इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत जारी रखेंगे। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उससे कोई नतीजा निकलेगा।

तनाव अचानक क्यों बढ़ गया?

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। साथ ही अमेरिका ने वह छूट भी खत्म कर दी है, जिसके तहत ईरान वैश्विक बाजार में तेल बेच रहा था।

इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है।

इसके बाद बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजने लगे। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हमलों का जवाब दे रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बाजार गिरने के अन्य 6 बड़े वजह

कच्चे तेल में तेज उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 6% उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल बाजार के लिए चिंता की बात है।

FII निवेश पर अनिश्चितता: Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, हाल में FII की खरीदारी से बाजार मजबूत हो रहा था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव ने इस सकारात्मक माहौल पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं।

FII खरीदारी बनी हुई है: पिछले तीन कारोबारी सत्र में FIIs ने करीब 1,991 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि रकम बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टेक्निकल संकेत अभी कमजोर: SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,120-24,140 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो अगला सपोर्ट 23,970-23,990 के बीच होगा। वहीं 24,370-24,390 के ऊपर निकलने पर तेजी फिर लौट सकती है।

ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली: फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इससे बाजार की गिरावट और बढ़ गई।

बड़े शेयरों में भारी कमजोरी: मारुति सुजुकी में 3% से ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा IndiGo, Hindustan Unilever, UltraTech Cement और Bharat Electronics जैसे हैवीवेट शेयर भी दबाव में रहे।

India VIX में तेज उछाल: बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX इंट्राडे कारोबार में 23% से ज्यादा उछलकर 14.33 पर पहुंच गया। VIX में तेज बढ़त आमतौर पर आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

बाजार में गिरावट पर एक्सपर्ट की राय

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव ने भारतीय शेयर बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से महंगाई की चिंता फिर बढ़ गई है। इसका असर भारत और अमेरिका दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड पर भी देखने को मिला।

उनके मुताबिक, India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि निवेशकों के बीच डर बढ़ गया है। यही वजह रही कि लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही पहली तिमाही (Q1) के कमजोर नतीजों की आशंका ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

तीन फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल

विनोद नायर का कहना है कि सिर्फ कंपनियों के नतीजे ही बाजार की दिशा तय नहीं करेंगे। निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री और भविष्य ग्रोथके आउटलुक पर भी रहेगी। इससे पता चलेगा कि कमाई में कमजोरी दूसरी तिमाही (Q2) तक बनी रहती है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल तीन बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई की मौद्रिक नीति। दूसरा, अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ ट्रूस की अवधि खत्म होने का असर। और तीसरा, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या कम होता है, क्योंकि यही आगे बाजार की दिशा तय करेगा।

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