Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 11 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गैप-डाउन शुरुआत हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में 23,356.50 के आसपास कमजोर के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में तीन दिन से जारी गिरावट थमती दिखी और सीमित दायरे में कारोबार के बीच सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी 23,400 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। धीमी शुरुआत के बाद,मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते निवेशकों के सतर्क रहने से बाज़ार पूरे सेशन के दौरान सीमित दायरे में ही रहा। अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों से पहले बाज़ार का मूड भी सुस्त रहा, हालांकि आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से दिन भर के सारे नुकसान भरपाई हो गई और बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर और निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 23,356.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई इक्विटी

तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में बिकवाली आई है। अधिकांस एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है। वहीं,महंगाई के ताजा आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को US के शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.75 पर बंद हुआ। नैस्डैक (Nasdaq) 0.65% गिरकर 26,081.73 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.60% गिरकर 52,064.10 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स सपाट

शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर पिछले हफ़्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर के आस-पास बना रहा और येन लगातार दूसरे दिन नीचे आया। मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई में रुकावट की नई आशंकाओं के कारण बॉन्ड यील्ड और तेल की कीमतें बढ़ गईं। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 99.04 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

शुक्रवार को ग्लोबल बॉन्ड यील्ड नए हाई पर पहुंच गए है और शेयर बाजार गिर गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। इससे दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की ओर से पॉलिसी को और सख्त किए जाने की आशंका के चलते निवेशक घबराए दिख रहे हैं।

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5% के लेवल के करीब पहुच गई है। 30-साल के यील्ड 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं और 2-साल के यील्ड 4.5% से ऊपर चले गए हैं। बाज़ार में इस बात की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि महंगाई को काबू में करने के लिए US फ़ेडरल रिज़र्व को इस महीने ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगी। अभी इसकी संभावना 72% मानी जा रही है। इसी के चलते ट्रेजरी यील्ड में बढ़त हुई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.32% की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में 0.06% की मज़बूती आई है। दूसरी ओर फिलीपीन पेसो में 0.34% की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर, मलेशियाई रिंगित और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.24%, 0.22% और 0.21% की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी और थाई बहत में भी मामूली गिरावट आई है।

क्रूड में उबाल, ब्रेंट $108/bbl के पार

कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड का आज भी रेड अलर्ट है। वेस्ट एशिया टेंशन से क्रूड में जुलाई के बाद सबसे बड़ा उछाल आया है। यह 6 फीसदी चढ़कर 108 डॉलर के पार निकल गया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 125 प्वाइंट फिसला है। एशिया में भी गिरावट है। अमेरिकी बाजारों में भी लगातार चौथे दिन गिरावट रही। 4 दिनों में डाओ 1600 अंक लुढ़का है।

सोना-चांदी में तेज गिरावट

अमेरिका में इंफ्लेशन की भी टेंशन है। अगस्त होलसोल महंगाई अनुमान से ज्यादा निकली है। इससे 0.25% ब्याज दरें बढ़ने की आशंका 72% पर पहुंच गई है। सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है। गोल्ड 2 फीसदी तो चांदी 6 फीसदी लुढ़की। अब बाजार की नजरें आज आने वाले अमेरिकी रिटेल महंगाई आंकड़ों पर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाज़ार में 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785/Sh तय

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। यह आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुलेगा। यह 4.42 लाख करोड़ के वैल्युएशन में आएगा। आज ढ़ाई बजे कंपनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस है।

HDFC बैंक को बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली

HDFC बैंक की बड़ी कानूनी जीत हुई है। इसे Credit Suisse AT1 बॉन्ड मामले में बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निवेशकों के सभी 7 दावे खारिज कर दिए हैं।

ग्रेन्यूल्स इंडिया में 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

ग्रेन्यूल्स इंडिया में आज 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। प्रोमोटर कृष्ण प्रसाद 6.9% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। 2.5 फीसदी डिस्काउंट पर करीब 872 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन

BRICS समिट के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं। आज PM मोदी से उनकी मुलाकात होगी। भारत-रुस के बीच बड़े रक्षा समझौते हो सकते हैं। उधर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने भी भारत आने की पुष्टि की है। कल से दिल्ली में BRICS समिट शुरू होगा।

 

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 10 सितंबर को निफ्टी ने लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया और 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,इस मामूली रिकवरी के लंबे समय तक टिके रहने की उम्मीद नहीं है। इसके पीछे कई कारण हैं। खराब होते टेक्निकल इंडिकेटर,वेस्ट एशिया में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से महंगाई की बढ़ती चिंताएं,और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे फैक्टर बाजार का मूड खराब कर सकते है। ये सभी संकेत इक्विटी मार्केट में मंदी का दौर जारी रहने की ओर इशारा कर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे जा सकता है और 23,300 के स्तर तक गिर सकता है। अगर इंडेक्स 23,300 के स्तर से नीचे जाता है,तो जून के निचले स्तर 23,070 तक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ,23,500-23,600 की रेंज इंडेक्स के लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,478) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,495, 23,522 और 23,566

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,407, 23,380 और 23,336

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने कल एक बुलिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक दिखी। यह निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है, लेकिन यह पिछले दिन के हाई से ऊपर नहीं जा पाया। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही बने रहे। RSI 28.94 पर था जबकि पिछले सेशन में यह 26.44 था। लेकिन यह अभी भी ओवरसोल्ड जोन और अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना हुआ है। MACD में और गिरावट आई और लगातार चौथे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार का साइज बढ़ा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना हुआ है।

बैंक निफ्टी (56,472) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,557, 56,638 और 56,769

पिवट पॉइंट के आधार पर सपोर्ट: 56,295, 56,214 और 56,083

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,655, 57,049

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,024, 55,675

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में भी रिकवरी दिखी,लेकिन यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद नहीं हो पाया और लोअर हाई-लोअर लो का पैटर्न बनाता रहा। बैंकिंग इंडेक्स में 0.31% की बढ़त हुई और डेली चार्ट पर ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनी,जो खरीदारी आने का संकेत है, हालांकि ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव बना रहा। 10, 20, 50 और 100-डे EMA नीचे की ओर झुके रहे,जबकि RSI में थोड़ी बढ़त हुई लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन के नीचे 38.83 पर बना रहा। MACD ज़ीरो लाइन के नीचे और गिर गया और लाल हिस्टोग्राम बार लगातार आठवें सेशन में भी बढ़ता रहा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि कल आई रिकवरी के बावजूद मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

हाल ही में उछाल के बाद मार्केट के डर को मापने वाले इंडेक्स इंडिया VIX में गिरावट आई और यह 1.05 प्रतिशत गिरकर 11.795 पर आ गया। VIX का 12 के लेवल से नीचे बने रहना तेजड़ियों के लिए कुछ राहत की बात है। हालांकि,अगर VIX 12 के जोन से ऊपर जाता है तो बुल्स को सावधान रहने की जरूरत होगी।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 सितंबर को बढ़कर 0.77 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.75 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

विदेशी निवेशकों की बेरुखी जल्दी दूर होने की उम्मीद नहीं, अगले 2-3 महीने बाजार के लिए काफी मुश्किल -अभय अग्रवाल

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Trading Plan: निफ्टी पर दबाव बने रहने और कंसोलिडेशन की संभावना, जानिए इंडेक्स पर कमाई की रणनीति

Trading Plan: मार्केट का टेक्निकल स्ट्रक्चर और मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर हो रहे हैं। FIIs इंडेक्स फ्यूचर्स में लगातार शॉर्ट पोजीशन बना रहे हैं। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे में निफ्टी पर दबाव बने रहने और कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है। अगर यह निर्णायक रूप से 23,400 के नीचे टूटता है तो 23,300 के सपोर्ट लेवल के टूटने का जोखिम बढ़ सकता है। जिसके बाद यह 23,100 की ओर गिर सकता है। ऊपर की तरफ23,500–23,600 का दायरा निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है।

इसी तरह अगर बैंक निफ्टी 56,000 के सपोर्ट लेवल से नीचे गिरता है तो यह 55,600–55,500 के स्तर तक आ सकता है। हालांकि, बाजार जानकारों का कहना है कि अगर यह 56,000 के ऊपर बना रहता है तो 56,700–56,800 के रेजिस्टेंस जोन की ओर ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में और गिरावट आई है और बाजार में कोई राहत नहीं दिख रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पता चलता है कि मिडिल ईस्ट को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके अलावा,डेली चार्ट पर इंडेक्स पिछले स्विंग लो से नीचे आ गया है। RSI भी ओवरसोल्ड ज़ोन में आ गया है। हालांकि ट्रेंड अभी भी कमज़ोर है,लेकिन अगर निफ्टी गुरुवार को 23,500 के ऊपर बना रहता है तो अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि,23,400 के नीचे जाने पर इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,500, 23,660

अहम सपोर्ट: 23,400, 23,250

स्ट्रैटेजी: 15 सितंबर की एक्सपायरी वाली Nifty 23,500 कॉल को लगभग ₹111 पर खरीदें,स्टॉप-लॉस ₹84 और टारगेट ₹150 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

रूपक डे का कहना है कि पिछले सेशन में 57,000 के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे जाने के बाद बैंक निफ्टी में गिरावट जारी रही। इंडेक्स अपने 200-DMA के नीचे भी काफी नीचे आ गया है, जो चार्ट स्ट्रक्चर के कमजोर होने और लगातार बिकवाली के दबाव का संकेत है। RSI 40 के नीचे आ गया है,जिससे नेगेटिव मोमेंटम की पुष्टि होती है। इसलिए,निकट भविष्य में ‘सेल-ऑन-राइज’की रणनीति बेहतर रहने की संभावना है।

पिछले सेशन में 57,000 के अहम सपोर्ट लेवल से नीचे जाने के बाद बैंक निफ्टी में गिरावट जारी रही। इंडेक्स अपने 200-DMA से भी काफी नीचे आ गया है,जो कमजोर चार्ट स्ट्रक्चर और लगातार बिकवाली के दबाव का संकेत है।

बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 55,900–56,000 के जोन में है,जबकि 57,000 के अहम रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,000 से नीचे बना रहेगा,तब तक ओवरऑल ट्रेंड पर दबाव बने रहने की संभावना है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,600, 57,000

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,900

स्ट्रैटेजी: सितंबर एक्सपायरी वाली 56,000 PE स्ट्राइक की बैंक निफ्टी ऑप्शन को ₹400 के ऊपर खरीदें, स्टॉप-लॉस ₹300 और टारगेट ₹550 रखें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market: ग्लोबल बाजारों में आज भी कोहराम, US मार्केट और एशिया कमजोर, US बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल

Asian Market Today: गुरुवार, 10 सितंबर को वॉल स्ट्रीट में बिकवाली के असर से एशियाई शेयरों में गिरावट आई। तेल की कीमतों में उछाल ने महंगाई की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया और ट्रेजरी यील्ड को ऊपर धकेल दिया। शुरुआती कारोबार में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.3% गिर गया। जापान के निक्केई 225 में सबसे ज़्यादा 1.07% की गिरावट आई, जबकि टॉपिक्स (Topix) 0.53% नीचे आया।दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 0.56% गिरा और हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.9% की गिरावट के संकेत मिले।

एक दिन पहले 0.3% की बढ़त के बाद जापानी येन 153.57 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.7056 प्रति डॉलर पर लगभग स्थिर रहा।

भारत में, GIFT निफ्टी 103 अंक से ज़्यादा नीचे था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी लाल निशान में खुल सकता है।

क्षेत्रीय कमजोरी वॉल स्ट्रीट में आई तेज गिरावट के बाद देखी गई। S&P 500 में 0.5% की गिरावट आई, जिसमें इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर-डिस्क्रिशनरी शेयरों पर बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर पड़ा। नैस्डैक 100 में 0.3% की गिरावट आई क्योंकि एनवीडिया, अमेज़न और अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने शेयरों पर दबाव और बढ़ा दिया। बुधवार को बढ़ने के बाद एशियाई घंटों में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड स्थिर रही। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने 6 बिलियन डॉलर तक के लंबी अवधि के कर्ज को खरीदने की योजना का खुलासा किया था, जो कुछ निवेशकों की उम्मीद से कम राशि थी। महंगाई की चिंताओं से पहले से ही तनावपूर्ण माहौल पर इस निराशा का और असर पड़ा।

तेल की कीमतों ने सबसे बड़ा झटका दिया क्योंकि ब्रेंट क्रूड 0.5% बढ़कर 101.69 डॉलर पर पहुंच गया और बढ़त जारी रखते हुए 102 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1% बढ़कर 97.05 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने इस तेजी को बढ़ावा दिया, क्योंकि ट्रेडर्स ऊर्जा आपूर्ति में संभावित रुकावटों को लेकर चिंतित दिख रहे थे।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने इस उम्मीद को और बढ़ा दिया कि महंगाई को काबू में रखने के लिए फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें और बढ़ानी पड़ेंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता को कम करके आंका और कहा कि मिड-टर्म चुनाव के बाद यह टकराव खत्म हो जाएगा, जबकि तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे थे।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरानी इलाके और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी रखता है, तो तेहरान अपने जवाबी हमलों को और तेज़ कर देगा।

अब बाज़ार की नज़र शुक्रवार को आने वाले अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर होगी। ट्रेडर इस रिपोर्ट को ध्यान से देखेंगे ताकि यह अंदाज़ा लगाया जा सके कि क्या अमेरिकी फेडरल रिज़र्व सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाएगा या नहीं।

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 90 अंक नीचे, क्रूड $102 के करीब, इन शेयरों पर करें आज फोकस

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : सभी इंडीकेटर्स दे रहे कमजोर संकेत, बाजार में उछाल पर बिकवाली की मिल रही सलाह

Trade setup for today : टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और कमजोरी आने के साथ ही 9 सितंबर को निफ्टी में 0.86 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली और यह लगातार तीसरे सेशन में भी नीचे की ओर रुख किए रहा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी (जो $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं) और US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड का कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना भी बाजार पर भारी पड़ा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार जानकारों का मानना ​​है कि निफ्टी की गिरावट 23,300 और फिर 23,070 के लेवल तक बढ़ सकती है, जो एक अहम सपोर्ट लेवल का काम कर सकता है। हालांकि,अगर निफ्टी में उछाल आता है तो 23,500–23,600 का जोन शॉर्ट टर्म में सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। ऐसे में बाजार में सेल-ऑन-राइज की रणनीति अपनाने की सलाह होगी।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी (23,432)के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,532, 23,565 और 23,618

पिवट पॉइंट पर आधारित सपोर्ट : 23,425, 23,392 और 23,338

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद ऊपरी शैडो वाली एक रेड कैंडल बनी जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाती है। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए हैं,जबकि RSI गिरकर 26.44 पर आ गया है,जो ओवरसोल्ड जोन में है। MACD लाइन में गिरावट जारी रही और लगातार तीसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार बढ़ा। ये इंडिकेटर आगे और कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (56,296) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,616, 56,721 और 56,892

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,274, 56,168 और 55,997

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,655, 57,049

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,024, 55,675

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी भी मंदी के दौर में आ गया है। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे गिर गया है और डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’बनी है जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ ‘शैडो’दिख रहा है। यह ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इसके शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुकते रहे। RSI गिरकर 35.90 पर आ गया, जबकि MACD ज़ीरो लाइन से नीचे और गिर गया और लगातार सातवें सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार बढ़ता रहा। कुल मिलाकर, टेक्निकल संकेत बताते हैं कि इसमें नियर टर्म में कमजोरी बनी रहेगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

वोलैटिलिटी इंडेक्स, India VIX, 6.81 प्रतिशत बढ़कर 11.92 पर पहुंच गया है। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया है और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के करीब पहुंच रहा है। इस उछाल से तेजड़ियों के लिए थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत मिल रहा है। इसके लगातार 12-13 के ऊपर बने रहने पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 9 सितंबर को गिरकर 0.75 पर आ गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.83 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

IPO मार्केट की अंधी दौड़ पहुंचा सकती है नुकसान, IPO के लिए अप्लाई करते समय समझदारी से लें फैसला-वी के विजयकुमार

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: बंधन बैंक

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : सभी इंडीकेटर मंदी का रुझान मजबूत होने का दे रहे संकेत, 23300 की तरफ बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : निफ्टी में कल लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। 8 सितंबर को इसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई। तेल की बढ़ती कीमतों के बीच यह जुलाई के निचले स्तर 23,606 के करीब पहुंच गया। टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स के साथ-साथ ऑसिलेटर्स भी संकेत दे रहे हैं कि बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ मजबूत हो रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि अगर निफ्टी मंगलवार के 23,635 के निचले स्तर को साफ़ तौर पर तोड़ देता है तो 23,300 के सपोर्ट लेवल तक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ़,23,750-23,800 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकता है और उसके बाद 24,000 का स्तर अहम होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23635) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,620, 23,588 और 23,537

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,724, 23,756 और 23,808

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने लगातार दूसरे सेशन में एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जो बढ़ती कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे रहा,जो अब नीचे की ओर झुक रहे हैं। यह बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। RSI 30.88 पर 30 लेवल के करीब पहुंच गया, जबकि MACD और नीचे गिरा। साथ ही लाल हिस्टोग्राम बार में भी बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा,इंडेक्स निचले बोलिंगर बैंड के नीचे बंद हुआ। ये सभी संकेत मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) के मजबूत होने की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी (56,778) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,971, 57,047 और 57,171

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,724, 56,647 और 56,524

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,049, 57,367

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,493, 56,024

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में कल एक और सेशन में कमजोरी का दौर जारी रहा। यह 0.54 प्रतिशत गिरा और डेली टाइमफ्रेम पर एक’बेयरिश कैंडल’बनाई,जो बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। इंडेक्स ‘लोअर बोलिंगर बैंड’के नीचे बंद हुआ। इंट्राडे में यह अपने 200-डे EMA के नीचे चला गया था,हालांकि यह अहम मूविंग एवरेज के थोड़ा ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। यह 10-, 20-, 50- और 100-दिन के EMA के नीचे बना रहा,जबकि इसके शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुकते रहे। RSI गिरकर 40.87 पर आ गया। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे अपने गिरावट के ट्रेंड को जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार छठे सेशन में बढ़ रहा है। ये टेक्निकल इंडिकेटर मंदी के बढ़ते ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं और संकेत दे रहे हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

इंडिया VIX

बाज़ार में उतार-चढ़ाव का पैमाना,इंडिया VIX, 11.16 पर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव कम रहेगा और निवेशकों की चिंता भी सीमित रहेगी।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 8 सितंबर को बढ़कर 0.83 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.69 पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: मनप्पुरम फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर हुए और कमजोर, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के 23606 की ओर गिरने का डर

Trade setup for today : 7 सितंबर को निफ्टी 50 में 0.50 फीसदी की गिरावट आई,जिससे हफ़्ते की शुरुआत कमजोर रही। इंडेक्स के पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे जाने के कारण मंदी का माहौल और मजबूत हुआ, जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज 50 और 100 डे EMA से नीचे बने रहे और मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हो गए। इसलिए, बाजार जानकारों का मानना ​​है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 50 के 23,606 (जुलाई के निचले स्तर) से नीचे जाने की काफी संभावना है और इसके बाद 23,500 का स्तर भी आ सकता है। ये दोनों ही अहम सपोर्ट लेवल हैं। ऊपर की तरफ,23,900–24,000 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23779) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,744, 23,708 और 23,650

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,860, 23,896 और 23,954

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो कमजोरी का संकेत है। 10, 20, 50 और 100 डे EMA नीचे की ओर झुके हुए थे,जबकि 10 और 20 डे के EMA, 50 और 100 डे EMA से नीचे बने रहे। RSI गिरकर 34.72 पर आ गया,जबकि MACD और नीचे गिर गया और ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों से नीचे रहा, साथ ही रेड हिस्टोग्राम बार भी बढ़ रहे थे। ये सभी संकेत बताते हैं कि अंडरलाइंग मोमेंटम कमजोर बना हुआ है और बेयरिश ट्रेंड मजबूत हो रहा है।

बैंक निफ्टी (57088) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,335, 57,435 और 57,597

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,011, 56,911 और 56,749

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,367, 57,684

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,870, 56,493

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग रेड कैंडल बनाई और अपने 50 डे EMA के नीचे आ गया,जिससे पता चलता है कि बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही इंडेक्स अब अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोरी का संकेत है। RSI गिरकर 44.56 पर आ गया, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे बना रहा और लगातार पांचवें सेशन में लाल हिस्टोग्राम बार बढ़ते रहे। ये सभी बातें बताती हैं कि मंदी का रुझान मज़बूत हो रहा है और निकट भविष्य के लिए नजरिया कमजोर बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

कुछ दिनों की गिरावट के बाद फीयर इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ 4.49% बढ़कर 11.16 पर आ गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। असल में यह इंडेक्स अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है,जो बताता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी काफी कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शा ने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 7 सितंबर को गिरकर 0.69 पर आ गया (जो 1 जून, 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है),जबकि पिछले सेशन में यह 0.92 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया,एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस,सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Experts Views : बाजार के सेंटीमेंट में कमजोरी कायम, 23680 को नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

 

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Market cues : बाजार में गिरावट का रुख बने रहने की संभावना, उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम

Trade setup for today : 3 सितंबर को तेल की ऊंची कीमतों के चलते बेंचमार्क निफ्टी ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में गिरावट का रुख बने रहने की संभावना है,क्योंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और शॉर्ट और मीडियम टर्म एवरेज नीचे की ओर रुख किए हुए हैं। मोमेंटम इंडिकेटर भी नेगेटिव क्रॉसओवर के साथ नीचे की ओर जा रहे हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अगर लगातार 24,000 के नीचे बना रहता है तो यह 23,800–23,750 के लेवल तक गिर सकता है और इसके बाद 23,600 पर अहम सपोर्ट मिल सकता है। ऊपर की तरफ, 24,000–24,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। एक्सपर्ट्स अभी भी उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23873) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,866, 23,830 और 23,772

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,982, 24,018 और 24,076

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। इसके अलावा,यह 23,070 से 24,770 तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के नीचे बंद हुआ।

RSI गिरकर 37.11 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD बेयरिश क्रॉसओवर के साथ ज़ीरो लाइन के नीचे बना रहा। MACD हिस्टोग्राम का रेड बार भी लगातार चौथे सेशन में बढ़ा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि बेयरिश ट्रेंड के बने रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी (57,381) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस : 57,647, 57,735 और 57,878

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट : 57,362, 57,274 और 57,132

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस : 57,684, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट : 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग के बाद,बैंक निफ्टी ने बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया और 0.36 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। हालांकि ऊंचे स्तरों से इसने अपनी कुछ बढ़त गंवा दी। इंडेक्स ने एक रेड कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक स्पष्ट विक (wick) थी,जो ऊंचे स्तरों पर बिकवाली के दबाव का संकेत देती है। इसने क्लोजिंग के आधार पर 50-दिन के EMA को फिर से हासिल किया और उसे बनाए रखा,लेकिन 20-दिन के EMA से नीचे आ गया।

पिछले 21 ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक सीमित दायरे में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं है। मुख्य मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी साइडवेज मार्केट स्ट्रक्चर की ओर इशारा कर रहे हैं। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि इंडेक्स के निकट भविष्य में भी एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है और इसमें किसी साफ दिशा वाले मोमेंटम की कमी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडेक्स,इंडिया VIX पिछले दिन की कुछ बढ़त गंवाकर 2.2 प्रतिशत गिरकर 11.34 पर बंद हुआ। यह अभी भी काफी निचले स्तर पर बना हुआ है,जो कम उतार-चढ़ाव और मार्केट के स्थिर सेंटीमेंट का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शा ने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 3 सितंबर को गिरकर 0.8 पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.87 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक : इनॉक्स विंड,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक : सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

बाजार के लिए मिल रहे अच्छे संकेत, ऑटो एंसलरी सेक्टर के इन दो शेयरों में जोरदार तेजी की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में आई रिकवरी की वजह से कल निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के लेवल से ऊपर वापस आ गया। हालांकि 1 सितंबर को इंडेक्स में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी उथल-पुथल के बीच टेक्निकल इंडिकेटर नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000-23,950 के सपोर्ट जोन के नीचे टूटता है और वहां बना रहता है,तो यह 23,800 और फिर 23,600 की तरफ गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस जोन के ऊपर बना रहता है तो 24,200-24,400 की तरफं ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,500-24,500 की बड़ी रेंज में ट्रेड करता नजर आ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24056) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,978, 23,933 और 23,860

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,123, 24,168 और 24,241

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हाई-वेव कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज काफी हद तक सपाट रहे,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। 10-डे EMA भी 50-डे और 100-डे EMA से नीचे आ गया। RSI गिरकर 42.86 पर आ गया,जबकि MACD जीरो लाइन के नीचे अपना डाउनट्रेंड जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में कमजोरी और मार्केट में सतर्क नज़रिए की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57410) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,677, 57,823 और 58,058

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,207, 57,062 और 56,827

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई जो उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर का संकेत है। इसने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और 1.06 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है,जो सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI और MACD कई सेशन से ज्यादातर एक ही दायरे में बने हुए हैं,जिससे पता चलता है कि कोई मज़बूत दिशात्मक मोमेंटम नहीं है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में सावधानी के साथ कंसोलिडेशन हो सकता है। जब तक कि यह रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर या मुख्य सपोर्ट लेवल से नीचे नहीं जाता, इंडेक्स के एक दायरे में ही बने रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) का अनुमान लगाने वाला India VIX कल 9.25-12.12 के बड़े दायरे में घूमने के बाद बिना किसी बदलवा के 11.19 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे और निचले दायरे में बना रहा। इससे पता चलता है कि मार्केट में चिंता कम है। कुल मिलाकर,हालात बताते हैं कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी के सीमित रहने की संभावना है,हालांकि इंडेक्स में अचानक बड़ी हलचल से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 सितंबर को गिरकर 0.89 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में, यह लेवल टूटने पर 23800 तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 31 अगस्त को निफ्टी इंट्राडे में 24,000 के लेवल से नीचे जाने के बाद भी क्लोजिंग के समय इसे बचाने में कामयाब रहा और 95 अंकों की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से शुरू हुई झड़पों के बीच मोमेंटम इंडिकेटर मंदी के रुझान में बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं। जबकि इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो सावधानी बरतने का संकेत है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना कि अब निफ्टी के लिए 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस लेवल के नीचे जाता है और उसके नीचे ही बना रहता है तो 23,800 की तरफ गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,200-24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24080) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,016, 23,984 और 23,932

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,119, 24,151 और 24,203

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली चार्ट पर निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो (lower shadow) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो हैमर जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह दिखती है। हालांकि यह पूरी तरह से क्लासिकल हैमर पैटर्न नहीं है। हैमर को आम तौर पर एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न माना जाता है,लेकिन इसके लिए अगले सेशन में कन्फर्मेशन की जरूरत होती है,जिसमें इंडेक्स को कैंडल के हाई से ऊपर वापस चढ़ना होता है। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा, जबकि 20-डे EMA नीचे की ओर जा रहा था। 43.7 पर RSI ने अपना नेगेटिव क्रॉसओवर बनाए रखा,जबकि MACD जीरो लाइन से नीचे रहा और एक दिन हल्का पड़ने के बाद हिस्टोग्राम का रंग और गहरा लाल हो गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (58025) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,066, 58,263 और 58,583

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,426, 57,228 और 56,908

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जिसकी मुख्य वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान आई 1 प्रतिशत की तेजी थी, जिसने इंडेक्स को 58,000 के स्तर से थोड़ा ऊपर पहुंचा दिया। हालांकि,आने वाले सेशन में इस तेजी के बने रहने पर नजर रखना जरूरी होगा। इंडेक्स साफ तौर पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर आ गया है। फिर भी,ओवरऑल मोमेंटम इंडिकेटर मजबूत तेजी की पुष्टि करने के बजाय सुधार के संकेत दे रहे हैं।

RSI बढ़कर 56.89 पर आ गया और इसमें पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा। लेकिन यह अभी भी एक दायरे में ही बना हुआ है। MACD में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखा और हिस्टोग्राम पॉजिटिव हो गया। हालांकि, यह इंडिकेटर कई सेशन से कंसोलिडेशन के दौर में है। कुल मिलाकर,इंडिकेटर्स मोमेंटम में सुधार के संकेत दे रहे हैं। लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी कंसोलिडेशन वाला है,इसलिए 58,000 के लेवल के ऊपर लगातार मजबूती की पुष्टि जरूरी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX कल 4.78% बढ़कर 11.19 पर पहुंच गया,जो थोड़ी सावधानी का संकेत है। हालांकि,यह अभी भी अपने सभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इससे तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 31 अगस्त को बढ़कर 0.91 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Stocks to Watch: 1 सितंबर को एनसीसी, मिल्की मिस्ट डेयरी, PVR INOX सहित इन शेयरों में दिख सकती है हलचल

 

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