Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के कमजोर पड़ने के संकेत, 23600 के ऊपर टिकने पर निफ्टी में आ सकती है और तेजी

Trade setup for today : 21 सितंबर को निफ्टी ने 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ हफ्ते की शुरुआत की और लगातार चौथे सेशन में भी तेजी बनाए रखी। इसे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार दिखा और मंदी का रुझान कम हुआ। हालांकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जो इसके कमजोर स्ट्रक्चर का संकेत है। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि आगे निफ्टी को 23,500-23,600 के दायरे में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है,जबकि 23,600 के ऊपर मजबूती दिखाने पर और बढ़त की गुंजाइश बन सकती है। बाजार जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 23,300 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है और उसके बाद 23,000 का लेवल अहम सपोर्ट का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,414) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,457, 23,493 और 23,551

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,341, 23,305 और 23,247

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई,लेकिन यह 15 सितंबर की लंबी रेड कैंडल के दायरे में ही रही। यह सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट से लेकर लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने बेयरिश मोमेंटम में कमी दिखाई। RSI बढ़कर 37.54 पर पहुंच गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। MACD ऊपर तो गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि हिस्टोग्राम की कमजोरी लगातार चौथे सेशन में कम हुई। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।

बैंक निफ्टी (56,471) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,622, 56,716 और 56,868

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,317, 56,223 और 56,071

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई,लेकिन यह 15 सितंबर की लंबी रेड कैंडल के दायरे में ही रही। इससे पता चलता है कि रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच ऊंचे लेवल पर दबाव होने के बावजूद इसमें पॉजिटिव रुझान बना हुआ है। बैंक निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जबकि पॉजिटिव क्रॉसओवर के बाद RSI बढ़कर 44.62 पर पहुंच गया,हालांकि यह अभी भी 50 के लेवल से नीचे ही है। लाल हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सेशन में भी घटता रहा, जबकि MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे बनी रही। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है,हालांकि बड़ा ट्रेंड अभी भी सावधानी वाला बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

21 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹576 करोड़ के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान ₹2,800 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

वोलैटिलिटी इंडेक्स,India VIX कल लगातार चौथे सेशन में गिरा और एक और अपने शॉर्ट-टू-मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो बुल्स के लिए राहत का संकेत है। सोमवार को वोलैटिलिटी इंडेक्स 1.43 प्रतिशत गिरकर 11.22 पर आ गया। 12 के जोन से नीचे बने रहने से बुल्स को राहत मिल सकती है और मार्केट को स्थिर रहने में मदद मिल सकती है।

Market Technicals: मंदी का रुझान धीरे-धीरे हो रहा कम, निफ्टी में खुल सकता है 24000 की तरफ रैली का रास्ता

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 21 सितंबर को बढ़कर 1.2 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.06 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में तेजी, इस हफ्ते होने वाली US-चीन ट्रेड पर बाजार की नजर

Asian Market Today: एशिया बाजार 21 सितंबर को बढ़त देखने को मिल रही है। निवेशक इस हफ़्ते होने वाली US-चीन समिट से पहले अपनी स्थिति बना रहे थे। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला चौथे सेशन में भी जारी रहा।

दक्षिण कोरिया के Kospi इंडेक्स में प्रमुख टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त के कारण तेजी के साथ शुरुआत हुई, हालांकि तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क रहे। बेंचमार्क Kospi 21 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 1% से ज़्यादा बढ़कर 6,963 पर पहुंच गया।

शुक्रवार को पिछले सेशन में कोरियाई शेयरों में 2.66% की बढ़त हुई थी, क्योंकि महंगाई को लेकर चिंताएं कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा था।

जापान के Nikkei इंडेक्स का प्रदर्शन

छुट्टी के कारण सोमवार को जापान का शेयर बाज़ार बंद है। जापान के वित्तीय बाज़ार 21 से 23 सितंबर तक तीन दिन की छुट्टी के लिए बंद हैं। सोमवार को ‘रिस्पेक्ट फ़ॉर द एज्ड डे’ (बुज़ुर्गों के सम्मान का दिन) है, इसके बाद मंगलवार को ‘सिटिज़न्स हॉलिडे’ और बुधवार को ‘ऑटमनल इक्विनॉक्स डे’ है; ये सभी राष्ट्रीय छुट्टियां हैं।

गुरुवार, 24 सितंबर को नियमित कारोबार फिर से शुरू होने की उम्मीद है। बाज़ार के लंबे समय तक बंद रहने के कारण पूरे हफ़्ते क्षेत्रीय बाज़ारों में लिक्विडिटी (नकदी का प्रवाह) के कम रहने की संभावना है।

ताइवान शेयर बाज़ार

ताइवान के शेयर बाज़ार में तेज़ी का दौर जारी रहा और 21 सितंबर को TAIEX इंडेक्स 0.54% बढ़कर 47,435 पर कारोबार कर रहा था।

US बाज़ार का प्रदर्शन

रविवार शाम को US स्टॉक फ़्यूचर्स में थोड़ी बढ़त देखी गई, जबकि इससे पहले Dow Jones Industrial Average में लगातार तीसरे हफ़्ते गिरावट दर्ज की गई थी। S&P 500 फ़्यूचर्स में 0.23% की बढ़त हुई, जबकि Nasdaq-100 फ़्यूचर्स 0.27% ऊपर चढ़े। Dow फ़्यूचर्स में भी 0.25% की बढ़त हुई।

पिछले हफ़्ते Dow में 1.7% की गिरावट आई, जो मार्च के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी। S&P 500 में लगभग 0.1% की गिरावट आई, जबकि टेक्नोलॉजी सेक्टर की बड़ी कंपनियों वाले Nasdaq ने इस ट्रेंड के उलट प्रदर्शन किया और हफ़्ते के दौरान 0.7% की बढ़त हासिल की।

कच्चे तेल की कीमतें

सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों का ध्यान सऊदी अरब से होने वाले शिपमेंट में संभावित सुधार पर था, भले ही यमन स्थित हूथी विद्रोहियों के लगातार हमलों से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इस बीच, US और ईरान के बीच गतिरोध बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 81 सेंट या 0.78% गिरकर $103.06 प्रति बैरल पर आ गए, जिससे शुक्रवार को 0.91% की गिरावट के बाद यह सिलसिला जारी रहा। US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 89 सेंट या 0.89% गिरकर $99.41 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में इसमें 1.58% की गिरावट आई थी।

 

Trading Plan : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की उम्मीद, निफ्टी-बैंक निफ्टी फिर से छू सकते हैं गुरुवार का हाई

Trading Plan : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर ओवरसोल्ड ज़ोन में हैं,जिससे संकेत मिलता है कि अगर इंडेक्स 23,100–23,000 के सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो यह वापसी (रीबाउंड) की कोशिश कर सकता है। 23,300–23,400 का जोन इसके लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 23,500–23,600 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस होगा। इस जोन के ऊपर जाने पर तेजी से बढ़त की संभावना बन सकती है। तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल से नीचे आईं हैं,लेकिन $100 के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। जबकि US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड भी 5 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ गए हैं।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसको 57,000 के लेवल तक जाने के लिए गुरुवार के हाई के आसपास यानी 56,600 के लेवल को पार करके उसके ऊपर टिके रहना होगा। जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 55,800–55,700 का जोन इसके लिए सपोर्ट का काम कर सकता है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धमेजा का कहना है कि हाल ही में आई तेज गिरावट के बाद निफ्टी स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 23,100–23,150 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के तौर पर उभर रहा है। इंडेक्स 23,483 के पास 10-DEMA से नीचे बना हुआ है,जिससे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सावधानी बरतने की जरूरत है। 23,300–23,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स लगातार इस रेंज के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग के कारण यह 23,590–23,670 के स्तर तक जा सकता है।

29.95 पर RSI अभी भी ओवरसोल्ड जोन में है और अपने 33.93 के औसत से नीचे है,जो टेक्निकल बाउंस की संभावना दिखाता है। 0.95 का पुट-कॉल रेश्यो (PCR)—जिसमें कॉल ओपन इंटरेस्ट,पुट ओपन इंटरेस्ट से थोड़ा ज्यादा है, डेरिवेटिव्स के मामले में सावधानी भरा माहौल दिखाता है। 23,400 के ऊपर जाने पर रिकवरी मज़बूत होगी,जबकि इस ज़ोन को वापस हासिल न कर पाने पर रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,300, 23,440, 23,575

अहम सपोर्ट: 23,150, 23,060, 22,900

स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 22 सितंबर की F&O एक्सपायरी के लिए ‘शॉर्ट स्ट्रैंगल’ स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत वे ₹100 पर 23,350 CE का एक लॉट और ₹100 पर 23,300 PE का एक लॉट बेच सकते हैं। यह सेटअप मार्केट के एक दायरे में रहने (साइडवेज मूवमेंट) की संभावना का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

स्टॉप-लॉस: रिस्क मैनेजमेंट के लिए,इस स्ट्रेटेजी पर सख्ती से टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान को ₹6,500 तक सीमित रखें।

टारगेट: इस स्ट्रेटेजी पर टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफ़े के तौर पर ₹13,068 का लक्ष्य रखें। साथ ही, जब MTM मुनाफ़ा ₹6,500 से ज़्यादा हो जाए तो मुनाफ़ा बुक कर लें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी अपने 200-DEMA (56,787 के आसपास) के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। 56,000 का लेवल सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह टूटता हैतो इंडेक्स 55,480 तक गिर सकता है। जबकि 56,500–56,800 का दायरा रिकवरी के लिए अहम है। RSI का 38.49 पर होना (जो इसके 43.62 के औसत से कम है) कमजोर मोमेंटम की पुष्टि करता है।

डेरिवेटिव्स का सेटअप अभी भी सावधानी वाला है। PCR 0.82 है और कॉल ओपन इंटरेस्ट 1.78 करोड़ है। जबकि पुट ओपन इंटरेस्ट 1.47 करोड़ है। 56,500–57,000 के आस-पास कॉल कंसंट्रेशन ऊपर की ओर बढ़त को रोक रहा है,जबकि 56,000 के पास पुट की पोजीशन सपोर्ट दे रही है। अगर बैंक निफ्टी लगातार 56,800 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग शुरू हो सकती है। वरना,रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,500, 56,800, 57,020

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,800, 55,500

स्ट्रैटेजी: जब निफ्टी बैंक सितंबर फ्यूचर्स 56,250–56,200 के जोन से नीचे चला जाए तो ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए 56,500 के ऊपर एक सख्त स्टॉप-लॉस रखना होगा। प्रॉफ़िट-बुकिंग के लिए टारगेट 55,900–55,800 की रेंज में रखें।

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: क्रूड में गिरावट और US बॉन्ड यील्ड में नरमी से चढ़े एशिया बाजार, कोस्पी 2% ऊपर

Asian Market Today:  ग्लोबल मार्केट्स से अच्छे संकेत मिल रहे है। कच्चे तेल में गिरावट और US बॉन्ड यील्ड में नरमी से अमेरिकी बाजारों में शानदार रिकवरी आई।  चिप शेयरों ने तेजी को  लीड किया।  10 साल की यील्ड 5 परसेंट के नीचे फिसली। एशिया में भी मजबूती देखने को मिली।

शुरुआती एशियाई कारोबार में कोस्पी ने बढ़त बनाने वाले क्षेत्रीय सूचकांकों में सबसे आगे रहते हुए 2.32% की छलांग लगाई, जबकि निक्केई में 0.75% की बढ़त हुई। इसके उलट, टॉपिक्स में 0.32% की गिरावट आई। हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.4% की बढ़त के संकेत मिले।

शेयर सूचकांकों में यह बढ़त गुरुवार को S&P 500 में आई 1.1% की उछाल के बाद हुई है, जो अगस्त की शुरुआत के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त थी। नैस्डैक 100 ने 1.7% की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में 3.1% की तेज़ी आई। अमेरिकी बाज़ारों ने फेडरल रिज़र्व द्वारा 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाने से हुए नुकसान की भरपाई कर ली।

इस बीच भारत में, GIFT निफ्टी ने शेयर बाज़ार के लिए 23,300 अंकों से ऊपर हरे निशान में धीमी शुरुआत का संकेत दिया।

इस तेज़ी की वजह तेल की कीमतें थीं। ब्रेंट क्रूड $105 प्रति बैरल से नीचे लगभग $104 प्रति बैरल पर बंद हुआ और अमेरिकी क्रूड में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट आई, जिससे यह $101.15 प्रति बैरल पर आ गया।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुईं और बाज़ारों का ध्यान उन कूटनीतिक कोशिशों पर गया जो अमेरिका-ईरान संघर्ष की दिशा तय कर सकती हैं।

सऊदी अरब ने बाज़ारों को भरोसा दिलाने के लिए कदम उठाए; ड्रोन हमले के कारण बंद हुई अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की लगभग आधी क्षमता को कुछ ही दिनों में बहाल करने का काम शुरू किया। अलग से, चीन ने ईरान से यमन के हूथी विद्रोहियों को रोकने में मदद करने का आग्रह किया। यह कदम बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (जो वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है) के आसपास शिपिंग में आ रही रुकावटों को कम कर सकता है।

तेल की कीमतों में गिरावट का असर बॉन्ड पर भी पड़ा और अमेरिकी ट्रेज़री में तेज़ी आई। 10-वर्षीय यील्ड नौ बेसिस पॉइंट गिरकर 4.93% पर आ गई, जो फेड के कदम के बाद बुधवार को 5.02% के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ऊर्जा की कीमतों में नरमी से कंज्यूमर कीमतों पर दबाव कम हो सकता है, जिससे सेंट्रल बैंकों को सख्त पॉलिसी के असर को समझने के लिए ज़्यादा गुंजाइश मिलेगी।

अब सबकी नज़रें येन पर हैं, जो 155.95 प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। ट्रेडर्स बैंक ऑफ़ जापान के रेट से जुड़े फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं, इसलिए करेंसी में स्थिरता बनी हुई है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पॉलिसी बनाने वालों के बेंचमार्क रेट को 1% से बढ़ाकर 1.25% करने की उम्मीद है।

US-ईरान टकराव और उससे जुड़े घटनाक्रमों को लेकर जारी अनिश्चितता के कारण, इन्वेस्टर्स इस बात को लेकर भी सतर्क हैं कि क्या तेल की कीमतों में आई गिरावट बनी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के ट्रेंड का संकेत, शॉर्ट टर्म में 23000-23600 के दायरे में रह सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 17 सितंबर को बाज़ार में खरीदारी देखने को मिली और बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। सीमित दायरे में कारोबार के साथ निफ्टी में 0.23 प्रतिशत की बढ़त हुई,लेकिन खराब टेक्निकल इंडिकेटर्स और तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार में मोमेंटम कमजोर रहा। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी को 23,300-23,400 के दायरे में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है,अगर यह इस दायरे से ऊपर जाता है तो इंडेक्स 23,500-23,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं,नीचे की तरफ 23,100-23,000 के दायरे में अहम सपोर्ट मौजूद है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो तो घबराहट में बिकवाली शुरू हो सकती है। कुल मिलाकर,शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,000-23,600 के दायरे में ही घूमता दिख सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,271) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,341, 23,381 और 23,446

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,211, 23,171 और 23,106

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई, जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ शैडो (upper shadow) दिखी। इससे पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर दबाव है। निफ्टी कल के सेशन में भी मंगलवार की बड़ी ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही बना रहा। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर बढ़ते रहे और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बने रहे। RSI बढ़कर 29.95 पर आ गया,लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD नीचे की ओर बढ़ता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए हल्का होता गया। इससे पता चलता है कि नीचे की ओर जाने की रफ़्तार धीरे-धीरे कम हो रही है। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर मंदी का ट्रेंड दिखाते रहे,साथ ही नीचे की ओर जाने की रफ्तार में कुछ कमी के संकेत भी मिले।

बैंक निफ्टी (56,056) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,425, 56,550 और 56,753

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,018, 55,893 और 55,690

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

गुरुवार को बैंक निफ्टी ने इंट्राडे में अपने 10-डे EMA को टेस्ट किया और 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी रही। यह ऊपरी स्तरों पर भारी दबाव का संकेत है। साथ ही यह इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में भी मंगलवार की बड़ी ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। साथ ही शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए थे। RSI 38.49 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे रहा। MACD में गिरावट का ट्रेंड बना रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार कल के सेशन में भी छोटा होता गया,जिससे गिरावट की रफ्तार में कुछ कमी का संकेत मिला। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर्स मंदी के ट्रेंड का संकेत देते रहे हैं। हालांकि MACD हिस्टोग्राम में आई कमी से पता चला कि गिरावट की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो रही थी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फीयर इंडेक्स,इंडिया VIX लगातार दूसरे सेशन में भी नीचे की ओर गिरा और 6.66 प्रतिशत गिरकर 12.29 पर आ गया। इससे बुल्स को कुछ राहत मिली। अगर यह 12 के लेवल से नीचे जाकर टिका रहता है,तो बुल्स को और राहत मिल सकती है और मार्केट में ज्यादा स्थिरता आ सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 सितंबर को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.96 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी में 23000 का सपोर्ट टूटने पर शुरू हो सकती है पैनिक सेलिंग, रहें सतर्क

Trade setup for today : 15 सितंबर को गैप-अप ओपनिंग के बावजूद,मंदड़िए अपनी पकड़ छोड़ने के कोई संकेत नहीं दे रहे हैं । ये निफ्टी को 1.2 प्रतिशत नीचे खींच लाए हैं। टेक्निकल इंडिकेटर्स मजबूती से मंदड़ियों के पक्ष में हैं। US बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ FOMC मीटिंग के नतीजों से पहले बने सावधानी के माहौल ने मार्केट सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है। ऐसे में निफ्टी के नेगेटिव रुख के साथ कंसोलिडेट होने की उम्मीद है।

अगर निफ्टी 23,000 के अहम सपोर्ट लेवल से नीचे जाता है तो मंदी का रुझान और मज़बूत हो सकता है और पैनिक सेलिंग शुरू हो सकती है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ 23,400–23,500 का ज़ोन एक बड़ी रुकावट का काम कर सकता है। इस समय उछाल पर बिकवाली करना ही सबसे अच्छी रणनीति होगी।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,119) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,458, 23,570 और 23,751

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,096, 22,984 और 22,802

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लॉन्ग बेयरिश कैंडल बनाई, जिससे इसका लोअर हाई-लोअर लो स्ट्रक्चर जारी रहा और बाजार पर बेयर्स का दबदबा दिखा। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर बढ़ते रहे,जबकि इंडेक्स 22,183 से 24,774 तक की रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे गिर गया। RSI और गिरकर 22.23 पर आ गया, जो मार्च 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। जबकि MACD में भी गिरावट जारी रही और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार छठे सेशन में बढ़ता गया। ये सभी इंडिकेटर लगातार बने बेयरिश मोमेंटम की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (55,795) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,654, 56,938 और 57,397

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,736, 55,453 और 54,994

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

कल बैंक निफ्टी 1.43 प्रतिशत गिरा और डेली टाइमफ्रेम पर एक बड़ी रेड कैंडल बनाई,जो बाजार में मंदी के मजबूत असर का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा था और शॉर्ट- व मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे थे। हालांकि,यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को बचाने में कामयाब रहा। RSI गिरकर 40 के लेवल से नीचे 33.23 पर आ गया। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे अपने डाउनट्रेंड में बना रहा और रेड हिस्टोग्राम बार और गहरा होता गया। ये सभी इंडिकेटर मंदी के दौर की ओर इशारा कर रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार पांचवें सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और 15 सितंबर को ₹2,977 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस सत्र के दौरान ₹2,686 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद मापने वाला इंडीकेटर इंडिया विक्स बढ़ता के मोड में रहा। यह 9.34 प्रतिशत बढ़कर 13.43 पर पहुंच गया,जो 24 जुलाई के बाद इसका सबसे हाई क्लोजिंग लेवल है। यह बुल्स के बीच बढ़ती बेचैनी का संकेत है। अगर यह 14 के लेवल से ऊपर जाता है तो बुल्स के लिए बड़ा रिस्क हो सकता है और मार्केट में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 15 सितंबर को गिरकर 0.83 पर आ गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.01 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 16 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत सुस्त हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में मामूली बढ़त के साथ लगभग 23,223.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बाज़ार में काफी उतार-चढ़ाव रहा और IT सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी से पहले निवेशकों का मूड सतर्क रहा। इसके साथ ही कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी दबाव और बढ़ा दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट आई।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली बढ़त के साथ लगभग 23,223.50 पर ट्रेड कर रहा था। यह घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए सपाट से लेकर बढ़त के साथ शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

चार दिनों की गिरावट के बाद एशियाई शेयर बाजारों में कुछ स्थिरता दिख रही है। निवेशकों की नजर फ़ेडरल रिज़र्व के ब्याज दर से जुड़े फ़ैसले पर बनी रही। बाज़ार को उम्मीद है कि 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी होगी।

MSCI का एशियाई इक्विटी इंडेक्स 0.2% ऊपर दिख रहा है। इसमें बढ़त और गिरावट वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर दिख रही है। टॉपिक्स में 0.82 फीसदी की बढ़त दिख रही है। वहीं, निक्केई में 0.03 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 0.31 फीसदी की बढ़त दिख रही है। कोस्पी में 0.32 फीसदी की तेजी नजर आ रही है। वहीं,हैंगसेंग में 0.36 फीसदी की कमजोरी दिख रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का दौर जारी रहा। अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी,कर्ज को लेकर बढ़ती चिंता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण खरीदार बाजार से दूरी बनाते दिखे। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 328.09 अंक या 0.63% गिरकर 52,093.11 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 34.25 अंक या 0.45% की गिरावट के साथ 7,585.73 पर बंद हुआ और नैस्डैक कम्पोजिट 204.84 अंक या 0.78% गिरकर 25,981.57 पर आ गया।

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डॉलर इंडेक्स सपाट

बुधवार को डॉलर में मजबूती देखने को मिल रही है। यह कई बड़ी मुद्राओं के मुकाबले यह कई हफ़्तों के हाई के आस-पास ट्रेड कर रहा है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 99.69 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड मामूली गिरावट के साथ 4.99% और 4.65% पर आ गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादातर एशियाई करेंसी कमज़ोर दिख रही है।दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.53% की गिरावट आई है। जापानी येन और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.14% की गिरावट देखी गई है। जबकि ताइवान डॉलर, थाई बहत, सिंगापुर डॉलर और चीनी रेनमिनबी भी कमज़ोर हुए हैं। इसके विपरीत,फिलीपींस पेसो और मलेशियाई रिंगित में बढ़त हुई है। इनमें 0.16% और 0.02% की तेज़ी आई है।

क्रूड ऑयल

बुधवार को अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई। वहीं,रेड सी तक जाने वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद सऊदी अरब द्वारा अपने यानबू पोर्ट पर तेल की लोडिंग रोकने के फैसले के बाद निवेशकों ने सप्लाई से जुड़े जोखिमों पर नजर बनाई हुई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 93 सेंट गिरकर $107.82 प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ़्यूचर्स 97 सेंट गिरकर $104.86 प्रति बैरल पर दिख रहा है।

सोने की चाल सपाट

दो दिन की गिरावट के बाद सोने की चाल सपाट दिख रही है। तेल की ऊंची कीमतों की वजह से महंगाई की चिंता बनी हुई है और बुधवार को फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले से पहले ब्याज दरें बढ़ने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार पांचवें सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और 15 सितंबर को ₹2,977 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस सत्र के दौरान ₹2,686 करोड़ के शेयर खरीदे।

Market cues : 23200–23000 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, 23600 के ऊपर टिकने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : 11 सितंबर को निफ्टी में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई,लेकिन निचले स्तरों से खरीदारी आने के बाद यह दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। हालांकि,बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है और सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (जो $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं) और FOMC की बैठक से पहले US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का 5 प्रतिशत के स्तर के करीब पहुंचना भी बाजार के सेंटीमेंट पर भारी पड़ा।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 23,600 के लेवल के ऊपर टिककर बंद नहीं होता,तब तक किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 23,200–23,000 के दायरे में एक अहम सपोर्ट है। अगर यह 23,000 के नीचे जाता है तो इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 23,500–23,600 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,398) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,442, 23,493 और 23,576

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,276, 23,225 और 23,143

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन: गैप-डाउन ओपनिंग के बाद रिकवरी करते हुए निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई। हालांकि। इसमें लोअर-हाई और लोअर-लो का स्ट्रक्चर अभी भी बना हुआ है। इसलिए, एक अच्छी रिकवरी की पुष्टि के लिए लगातार खरीदारी बने रहने की जरूरत है। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही रहे,जबकि इंडेक्स 22,182 से 24,774 तक की रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के करीब पहुंच गया है। डेली RSI 30 के लेवल से नीचे 27.22 पर बना रहा,जबकि MACD का डाउनट्रेंड जारी रहा और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार पांचवें सेशन में भी चौड़ा होता गया। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि हालिया रिकवरी के बावजूद बेयरिश ट्रेंड बना हुआ है।

बैंक निफ्टी (56,607) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,679, 56,902 और 57,264

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,956, 55,732 और 55,371

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन : शुक्रवार को बैंक निफ्टी में बड़ी गिरावट (गैप-डाउन ओपनिंग) के बाद रिकवरी आई और यह 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह रिकवरी खास तौर पर मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के पास सपोर्ट मिलने के बाद हुई। चूंकि इंडेक्स पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ है,इसलिए आगे और रिकवरी के लिए लगातार और टिकाऊ तेजी की जरूरत है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और शॉर्ट-टर्म व मीडियम-टर्म एवरेज दोनों ही नीचे की ओर जा रहे हैं। इसके अलावा,RSI थोड़ा बढ़कर 41.05 पर पहुंच गया लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD ज़ीरो लाइन से काफी नीचे बना रहा,भले ही लगातार आठ सेशन तक रेड बार बढ़ने के बाद हिस्टोग्राम की कमजोरी कम हो गई। ये सभी बातें बताती हैं कि सपोर्ट जोन से रिकवरी के बावजूद,मीडियम-टर्म का बड़ा डाउनट्रेंड अभी भी बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

FIIs लगातार चौथे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और 11 सितंबर को ₹930 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,968 करोड़ से ज़्यादा के शेयर खरीदे, जिससे बाज़ार को सहारा मिला।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

इंडिया VIX

बाज़ार में उतार-चढ़ाव का इंडीकेटर India VIX, 4.15% बढ़कर 12.285 पर पहुंच गया और अपने 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया,जो बाज़ार में तेजड़ियों के बीच बढ़ती सावधानी का संकेत है। अगर यह 13–14 के ज़ोन के ऊपर जाता है तो बुल्स के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 11 सितंबर को बढ़कर 1.01 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.77 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Asian Market Today: ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद और AI को लेकर चिंताओं से एशिया बाजार गिरे, तेल की कीमतों में उछाल

Asian Market Today: तेल की कीमतों में नई तेजी, सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की बढ़ती उम्मीदों और AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं ने निवेशकों के मूड पर असर डाला जिसके चलते सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला।

सेमीकंडक्टर और AI से जुड़े शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया की SK Hynix में 5% से ज़्यादा और जापान की Kioxia में 9% से ज़्यादा की गिरावट आई। Samsung Electronics में लगभग 4% और Advantest में 4.7% की गिरावट आई, जो AI इन्वेस्टमेंट साइकल से जुड़ी कंपनियों के प्रति सावधानी को दर्शाता है।

चिप शेयरों में यह बिकवाली तब हुई जब AI क्षेत्र के बड़े अधिकारियों ने ज़्यादा शक्तिशाली सिस्टम से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मॉडल डेवलपमेंट की रफ़्तार को धीमा करने की बात कही। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने इंडस्ट्री से डेवलपमेंट धीमा करने और मज़बूत सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा, जबकि OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और xAI के CEO एलन मस्क ने भी इस पहल का समर्थन किया।

निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या AI से जुड़े बिज़नेस से होने वाली कमाई, ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने और चलाने के लिए ज़रूरी भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को सही ठहरा पाएगी। इससे ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयर, खर्च, रिटर्न या AI को अपनाने की रफ़्तार को लेकर चिंताएं बढ़ने पर तेज़ी से उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो गए हैं।

साथ ही, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी एशियाई बाज़ारों पर दबाव बढ़ाया। सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 2% से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह $107 प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि पिछले हफ़्ते इसमें लगभग 9% की बढ़त हुई थी।

सऊदी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और खाड़ी में शिपिंग पर नए हमलों ने ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जबकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर ओमान में होने वाली बैठक टाल दी गई।

लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने की संभावना से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद, बाज़ार अब बुधवार को फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की ज़्यादा संभावना मानकर चल रहे हैं।

निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बैंक ऑफ़ जापान द्वारा ब्याज दरों में क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की भी ज़्यादा संभावना देख रहे हैं।

जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.7% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 3.3% नीचे आया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8% गिरा। US इक्विटी फ्यूचर्स भी बाज़ार के कमज़ोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसमें Nasdaq 100 फ्यूचर्स में लगभग 1% की गिरावट है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर और दबाव बढ़ रहा है, खासकर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर, जहां भविष्य की कमाई की उम्मीदें पहले से ही ज़्यादा हैं। 10-साल की US ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब बनी हुई है, जबकि पिछले हफ़्ते 2-साल की यील्ड में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई।

फिर भी, कुछ निवेशकों का मानना ​​है कि AI डेवलपमेंट और खर्च में कमी आने से आखिरकार इस सेक्टर को फ़ायदा हो सकता है, क्योंकि कंपनियों को पहले से लगाए जा रहे कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से रिटर्न पाने के लिए ज़्यादा समय मिल जाएगा।

हालांकि, बाज़ार के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या AI इन्वेस्टमेंट की मौजूदा रफ़्तार से इतनी ज़्यादा कमाई हो पाएगी जो ऊँचे वैल्यूएशन को बनाए रख सके।

Crude Oil Price: सऊदी अरब के इस कदम से बढ़ी सप्लाई में रुकावट की आशंका, ब्रेंट क्रूड $108 के करीब

Trading Plan : कच्चे तेल में उबाल से बाजार पर बढ़ा दबाव, जानिए आज के लिए क्या हो ट्रेडिंग की रणनीति

Trading Plan :  बाज़ार में अभी मंदी का माहौल है। इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़कर $108 प्रति बैरल पर पहुच गई हैं। US बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रही है,जिसका असर शॉर्ट टर्म में बाज़ार पर पड़ सकता है। अगर मंदी के दबाव में निफ्टी गुरुवार के निचले स्तर यानी 23,380 से नीचे चला जाता है तो निफ्टी में 23,300 के सपोर्ट लेवल तक की गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 23,300 के भी नीचे जाने पर इंडेक्स 23,000 की तरफ जा सकता है। हमें इस लवेल पर नजर रखनी चाहिए। ऊपर की तरफ,23,500-23,600 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस ज़ोन बनी हुई है।

इसी तरह अगर बैंक निफ्टी पिछले दिन के 56,232 के निचले स्तर को बचाए रखने में नाकाम रहता है तो यह 56,000 का लेवल टूट सकता है और इसके बाद 55,500-55,400 के जोन की तरफ गिरावट आ सकती है। जानकारों का कहना है कि ऊपर की तरफ, 56,500-56,800 की रेंज रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी की रिकवरी अभी भी सिर्फ़ एक करेक्शन जैसी है। 23,500 का स्तर अब सपोर्ट से बदलकर एक रेसिस्टेंस बन गया है। इंडेक्स अभी भी 23,775 के आस-पास अपने गिरते हुए 10-DEMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है। RSI 28.94 पर है,जो काफ़ी ज़्यादा ओवरसोल्ड पोजीशन और अपने 39.97 के औसत से नीचे है। इससे शॉर्ट कवरिंग की गुंजाइश तो बनती है,लेकिन अभी ट्रेंड बदलने (रिवर्सल) की पुष्टि नहीं हुई है।

डेरिवेटिव्स आंकड़ों से सतर्कता के संकेत मिले हैं। पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 0.64 पर है और 23,500–24,000 के आसपास भारी कॉल पोजीशनिंग है, जिससे ऊपर की ओर बढ़त सीमित हो रही है। 23,400–23,450 के पास पुट सपोर्ट अहम है।

कुल मिलाकर,23,500 के नीचे सेल-ऑन-राइज की रणनीति बेहतर रहेगी। जबकि 23,441 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,300 की ओर गिर सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,580, 23,670, 23,790

अहम सपोर्ट: 23,400, 23,270, 23,050

स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 15 सितंबर की एक्सपायरी के लिए ‘बेयर कॉल स्प्रेड’ स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत,वे 23,300 CE का एक लॉट 198 रुपये में बेच सकते हैं और 23,500 CE का एक लॉट 78 रुपये में खरीद सकते हैं। यह सेटअप बाजार में संभावित गिरावट का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

स्टॉप-लॉस: इस स्ट्रेटेजी को सख्ती से अपनाएं और रिस्क मैनेजमेंट को सही ढंग से बनाए रखने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान की सीमा ₹5,209 तय करें।

टारगेट: इस स्ट्रेटेजी को बनाए रखें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफ़े का लक्ष्य ₹7,790 रखें। साथ ही जब MTM मुनाफ़ा ₹5,500 से ज़्यादा हो जाए तो मुनाफ़ा बुक कर लें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में फंसा हुआ है और ऊपरी स्तरों के पास रिकवरी की कोशिशों में बार-बार बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। 57,570–57,750 का ज़ोन एक अहम सप्लाई एरिया के तौर पर उभरा है। इस रेंज के ऊपर बने रहने पर ही 58,025–58,268 के स्तरों की ओर आगे बढ़ने की गुंजाइश बन सकती है।

डेरिवेटिव्स आंकड़ों से भी इंडेक्स के सीमित दायरे में रहने के संकेत मिल रहे है। पुट राइटर 57,000 के स्तर को बचाए हुए हैं,जबकि कॉल राइटर 57,500–58,000 के स्तर पर एक्टिव हैं,जिससे ऊपर जाने की कोशिशें सफल नहीं हो रही हैं।

कुल मिलाकर,मार्केट का रुख न्यूट्रल और रेंजबाउंड बना हुआ है। 57,750 के ऊपर का ब्रेकआउट तेज़ी को मज़बूत करेगा,जबकि 57,027 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं दिखता,तब तक इस दायरे के भीतर होने वाले उतार-चढ़ाव के पीछे भागने के बजाय इंतज़ार करो और देखो की रणनीति अपनाना बेहतर है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,500, 56,800, 57,020

अहम सपोर्ट: 56,200, 56,000, 55,800

स्ट्रैटेजी: ट्रेडर्स निफ्टी बैंक सितंबर फ्यूचर्स में 56,550–56,500 के ज़ोन के नीचे जाने पर शॉर्ट पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए 56,800 पर सख्त स्टॉप-लॉस रखना होगा। नीचे की तरफ,प्रॉफिट-बुकिंग के लिए 56,200–56,100 की रेंज तय की गई है।

 

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