Market cues : हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में, 24100 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी ने अपने नुकसान का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया और 24 जून को इसमें 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसमें कुछ हद तक तेल की कीमतों में और गिरावट का भी योगदान रहा। हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद,ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है,क्योंकि इंडेक्स मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया है और पिछले दो सेशन में इंट्राडे आधार पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा है। आगे निफ्टी को 24,100-24,200 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह इस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो 24,500 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक,तब तक 23,800-23,750 का जोन निफ्टी 50 के लिए तत्काल और अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,852, 23,781 और 23,666

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,082, 24,153 और 24,268

निफ्टी ने पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जो डेली चार्ट पर’पियर्सिंग लाइन’जैसे पैटर्न (हालांकि पूरी तरह से क्लासिकल नहीं)जैसा दिखता है। यह बताता है कि बिकवाली का दबाव कम हो रहा है और खरीदार ट्रेंड को ऊपर ले जाने के लिए आगे आ रहे हैं। आज के सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,जबकि RSI बुलिश क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 56.24 पर पहुंच गया। MACD भी सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि हरा हिस्टोग्राम बार छोटा होता रहा। ये सभी बातें बुलिश मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,हालांकि इसके कन्फर्मेशन के लिए और खरीदारी (फॉलो-थ्रू बाइंग) की जरूरत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,279, 58,557 और 59,009

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,376, 57,097 और 56,646

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,946, 56,152

बैंक निफ्टी ने न सिर्फ बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया,बल्कि 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होकर पिछले दिन हुए सारे नुकसान की भरपाई भी कर ली। डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी,जिसने मंगलवार की रेड कैंडल को पूरी तरह कवर कर लिया। हाल के कंसोलिडेशन के बाद यह एक मजबूत पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और लगभग चार महीनों में पहली बार 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 66.46 हो गया,जबकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि लगातार चौथे सेशन में भी ग्रीन हिस्टोग्राम बार और छोटा हो गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स में थोड़ी नरमी के बावजूद,ये सभी बातें लगातार तेजी के रुझान और मजबूत अंडरलाइंग ट्रेंड की ओर इशारा करती हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 4% गिरकर 13.38 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा, जिससे बुल्स को राहत मिली। बुल्स का भरोसा और मज़बूत करने और मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए इसके 13-12 के जोन से नीचे आना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 जून को पिछले सेशन के 0.88 से बढ़कर 1.21 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में बढ़त, माइक्रोन की मजबूत कमाई के बाद कोस्पी 5% उछला, निक्केई 1% ऊपर

Asian Market Today: US चिपमेकर माइक्रोन की अच्छी कमाई के बाद गुरुवार को एशियाई स्टॉक मार्केट में मोटे तौर पर बढ़त देखी गई। जापान का निक्केई 225 1.28% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.76% बढ़ा। साउथ कोरिया का कोस्पी 5% से ज़्यादा उछला, जबकि कोस्डैक 1.32% चढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम ओपनिंग का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी 24,114 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 62 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट बुधवार को मिला-जुला रहा, जिसमें नैस्डैक और S&P 500 मेगाकैप टेक स्टॉक्स में बिकवाली के कारण नीचे बंद हुए।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 पॉइंट्स या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 7.24 पॉइंट्स या 0.10% गिरकर 7,358.22 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 110.40 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

एनवीडिया का स्टॉक प्राइस 0.54% गिरा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.27% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी का शेयर 0.37% गिरा, एप्पल का स्टॉक 0.38% गिरा, टेस्ला का स्टॉक 1.61% गिरा, और स्पेसएक्स का शेयर 1.13% गिरा।

US-ईरान शांति वार्ता

जबकि होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैफिक नॉर्मल होने की ओर बढ़ रहा है, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बंद कमरे में हुई मीटिंग में रिपब्लिकन कांग्रेसियों को उनके ईरान युद्ध को रोकने के लिए वोट की इजाज़त देने के लिए फटकार लगाई है। US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो का कहना है कि अगले हफ़्ते स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ बातचीत तय है।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी Q3 की कमाई

माइक्रोन टेक्नोलॉजी Q3 की कमाई और Q4 के अनुमान ने वॉल स्ट्रीट के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया, जिससे इसके शेयर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में 15% बढ़ गए। माइक्रोन ने Q3 में $41.46 बिलियन का रेवेन्यू बताया, जो $35.85 बिलियन के अनुमान से ज़्यादा है। कंपनी ने $25.11 प्रति शेयर का एडजस्टेड प्रॉफ़िट बताया, जबकि अनुमान $20.78 प्रति शेयर था।

इसे Q4 में प्रति शेयर $31 की एडजस्टेड कमाई की उम्मीद है, जो $1 ज़्यादा या कम हो सकती है, जबकि अनुमान $25.84 प्रति शेयर था। कंपनी को चौथी तिमाही में लगभग $10 बिलियन के कैपिटल खर्च की उम्मीद है, जबकि एनालिस्ट्स को $8.89 बिलियन की उम्मीद थी।

बिटकॉइन की कीमतें

बिटकॉइन की कीमतें वापस $60,000 से नीचे आ गईं। टोकन 5.4% तक गिरकर $59,023 पर आ गया, जो अक्टूबर 2024 के बाद सबसे कम है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, CoinGlass के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में क्रिप्टो लॉन्ग पोजीशन में लगभग $800 मिलियन लिक्विडेट किए गए हैं। डेरिबिट के डेटा से पता चलता है कि यह गिरावट शुक्रवार को बिटकॉइन ऑप्शंस में लगभग $10 बिलियन की तिमाही एक्सपायरी से पहले हुई है।

आज सोने का रेट

US डॉलर में तेज़ी और US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की संभावना के बीच, सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही, जो एक दिन पहले सात महीने से ज़्यादा के निचले स्तर के पास रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% गिरकर $3,985.89 प्रति औंस हो गई, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% गिरकर $4,001.60 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर की कीमतें 0.2% गिरकर $57.33 प्रति औंस हो गईं।

US ट्रेजरी यील्ड

तेल की कीमतें चार महीने के सबसे निचले स्तर पर आने से US ट्रेजरी यील्ड गिर गई। 2-साल के नोट की यील्ड 4.137% पर आ गई, जो 17 जून के बाद सबसे कम है। बेंचमार्क US 10-साल के नोट पर यील्ड 4.398% पर पहुंच गई, जो 11 मई के बाद सबसे कम है। तीस-साल के ट्रेजरी यील्ड 4.849% पर आ गए, जो 8 अप्रैल के बाद सबसे कम है।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान के बीच शुरुआती शांति समझौते के बाद, होर्मुज स्ट्रेट से फंसे हुए टैंकरों के निकलने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे सप्लाई की चिंता कम हुई। अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.54% गिरकर $73.34 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.38% गिरकर $70.07 प्रति बैरल पर आ गया।

डॉलर

US डॉलर मजबूत हुआ है और लगभग एक साल में अपनी सबसे तेज मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले करेंसी को मापता है, रातों-रात 101.8 के 13 महीने के पीक पर पहुंचने के बाद 101.6 के आसपास स्थिर है। यूरो लगभग $1.1353 था, और स्टर्लिंग सात महीने के सबसे निचले स्तर $1.314 पर था। 161.73 येन पर, डॉलर चार दशकों से कुछ ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे स्तर से बस थोड़ा ही दूर था।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 25 जून को बढ़त के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty 24,081.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

24 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। IT,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,000 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों के बाद तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुईं,जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 790.54 अंक या 1.04 प्रतिशत बढ़कर 76,991.22 पर और निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 87 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 24,108.50 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 3.55 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.15 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.43 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 1.13 फीसदी की बढ़त है। कोस्पी 4.62 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.14 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

बुधवार को नैस्डैक और S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह टेक शेयरों में आई गिरावट थी। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइंस और ट्रैवल से जुड़े शेयरों को फायदा हुआ और डाओ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 अंक या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 7.24 अंक या 0.10% की गिरावट आई और यह 7,358.22 पर बंद हुआ। वहीं,नैस्डैक कम्पोजिट 110.40 अंक या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त पर खुल सकते है भारतीय बाजार

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को डॉलर तेजी से ऊपर चढ़ते हुए चार्ट रेजिस्टेंस के स्तर को पार कर गया। यह लगभग एक साल की अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि मज़बूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों को सहारा देगी,साथ ही वे महंगाई के अहम आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.58 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.40% हो गई है। जबकि 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से बढ़कर 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज्यादा कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी पर भी दबाव बना हुआ है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

उधर मलेशियाई रिंगित 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे कारोबार कर रहा है। इसके बाद फिलीपीन पेसो का नंबर है, जिसमें 0.12 प्रतिशत की मजबूती आई है। थाई बाहत में 0.07 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि, जापानी येन और सिंगापुर डॉलर में 0.03 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त है।

कच्चे तेल में नरमी

गुरुवार को तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है और यह युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुच गया है। ईरान के साथ US इज़राइल युद्ध को खत्म करने के शुरुआती समझौते के बाद,फंसे हुए टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर निकल गए हैं,जिससे तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम हुईं है,इसका असर तेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है। WTI क्रूड में 0.91 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 1.03 फीसदी की गिरावट आई है।

गोल्ड

गुरुवार को सोने की कीमतों में और गिरावट आई है और ये सात महीने से ज्यादा के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.38 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं,चांदी 0.39 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

Market cues : निफ्टी के 23750 से नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट, इसके ऊपर बने रहने पर 24000-24200 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : 23 जून को टेक शेयरों में आई ग्लोबल गिरावट के चलते बाजार पर दबाव बना और यह 1.2 प्रतिशत गिर गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया,लेकिन तेल की कीमतों में राहत के कारण निफ्टी अभी भी 20-डे EMA (23,750) और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन (23,640) के ऊपर बना हुआ है। अगर इंडेक्स इन लेवल्स को साफ तौर पर तोड़ता है, तो मार्केट में मंदड़िए ज़ोरदार वापसी कर सकते हैं। हालांकि,इसके ऊपर बने रहने से धीरे-धीरे 24,000 के लेवल और उसके बाद 24,200 (जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है) की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। 24,200 के ऊपर लगातार ट्रेड होने पर ही बड़ी बढ़त की उम्मीद की जा सकती है। जानकारों के मुताबिक,तब तक एक तय दायरे में ट्रेडिंग और कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,781, 23,698 और 23,564

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,049, 24,132 और 24,265

निफ्टी ने कल एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी शैडो थीं। यह उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स 100-डे EMA के नीचे बना रहा और 10-डे और 50-डे EMA के भी नीचे आ गया। हालांकि यह 20-डे EMA के ऊपर बना रहा। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के नीचे भी फिसल गया,जो 24,000 से थोड़ा ऊपर है। RSI गिरकर 51.91 पर आ गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा। MACD में बुलिश क्रॉसओवर बना रहा,हालांकि MACD लाइन और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर कम हो गया। यह हिस्टोग्राम की हल्के हरे रंग की बार्स में दिखा,जो लगातार तीसरे सेशन में छोटी होती गईं। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉजिटिव है,लेकिन मोमेंटम कमजोर पड़ गया है और निकट भविष्य में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,752, 57,963 और 58,304

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,070, 56,859 और 56,519

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी में भी 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी,जो 58,000 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करने के बाद कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स ने पिछले हफ्ते के निचले स्तर को बनाए रखा और सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड करना जारी रखा। इसमें 20-डे EMA,100-डे EMA से ऊपर चला गया है और अब 200-डे EMA से ऊपर जाने की कगार पर है। RSI गिरकर 60.97 पर आ गया है और बेयरिश क्रॉसओवर की कगार पर है। MACD में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि हल्के हरे रंग के हिस्टोग्राम बार और छोटे हो गए। इन सबसे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड तो पॉज़िटिव बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कम होने से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में कंसोलिडेशन हो सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बायर रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाले इंडिया VIX में कल 8.57% की बढ़त हुई और यह 13.94 पर पहुंच गया,जो बुल्स के लिए बेचैनी का संकेत है। बुल्स के लिए अपने कम्फर्ट जोन में बने रहने के लिए इंडेक्स का 12 के लेवल से नीचे आना जरूरी है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जून को पिछले सेशन के 0.97 से गिरकर 0.88 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

GIFT Nifty बाजार के फ्लैट खुलने के दे रहा संकेत, ग्लोबल बाजार में मिला-जुला ट्रेड, क्रूड की कीमतों में दबाव

सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार को फ्लैट खुल सकते हैं, जिसे GIFT Nifty से पॉजिटिव संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और चल रही US-ईरान शांति बातचीत को लेकर बेहतर सेंटीमेंट से सपोर्ट मिलेगा। ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमजोरी और US फेडरल रिजर्व के ज्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं के बावजूद भारतीय बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स में बढ़त की संभावना है, जो रिस्क लेने की क्षमता पर असर डाल रही है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8.22 बजे 23,820.00 पर ट्रेड कर रहा था, जो 1.50 पॉइंट्स या 0.01 परसेंट नीचे था, जो मंगलवार की तेज सेल-ऑफ के बाद घरेलू इक्विटी के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत है।

यह संकेत 23 जून को भारतीय बाज़ारों में लगभग दो हफ़्तों की सबसे बड़ी गिरावट के बाद आया है। सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 278.80 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ। कमज़ोर ग्लोबल संकेतों और US-ईरान शांति बातचीत को लेकर अनिश्चितता ने सेंटिमेंट पर असर डाला, जबकि निवेशकों ने टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश कम करना जारी रखा।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल बाज़ार मिले-जुले रहे

टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली के एक और दौर से वॉल स्ट्रीट रात भर तेज़ी से नीचे बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 2.21 प्रतिशत गिरा, जबकि S&P 500 1.44 प्रतिशत गिरकर एक हफ़्ते से ज़्यादा के निचले स्तर पर आ गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज काफ़ी मज़बूत था, जो सिर्फ़ 0.09 प्रतिशत गिरा।

इन्वेस्टर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते डेट-फंडेड खर्च और इस बात की संभावना को लेकर चिंतित थे कि US फेडरल रिजर्व इस साल के आखिर में और सख्त रुख अपना सकता है। सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर पड़ा क्योंकि इन्वेस्टर्स ने महीनों की अच्छी बढ़त के बाद वैल्यूएशन का फिर से आकलन किया।

हालांकि, बुधवार को एशियाई मार्केट्स में स्थिरता के संकेत दिखे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स थोड़ा बदला, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मंगलवार की 10 परसेंट की तेज गिरावट के बाद 2.2 परसेंट उछला। जापान का निक्केई बढ़त और गिरावट के बीच ऊपर-नीचे होता रहा और आखिरी बार थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा था।

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट जारी रही, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ी पॉजिटिव बात सामने आई। ब्रेंट क्रूड $76.7 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था, जबकि US क्रूड $73 प्रति बैरल से नीचे था। दोनों बेंचमार्क अब चार महीने के सबसे निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहे हैं क्योंकि US-ईरान बातचीत में प्रगति और होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए टैंकर ट्रैफिक फिर से शुरू होने से सप्लाई में रुकावटों की चिंता कम हो गई है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ गिरावट भारतीय इक्विटीज़ के लिए सबसे मज़बूत सपोर्ट में से एक बनकर उभरी है।

निफ्टी के लिए 24,000 पर सबसे बड़ी रुकावट 

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, घरेलू मार्केट ग्लोबल इक्विटीज़ में कमज़ोरी के मुकाबले पॉज़िटिव जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट को बैलेंस कर रहा है। उन्होंने कहा, “US-ईरान शांति बातचीत में प्रोग्रेस से सुधर रहे सेंटिमेंट को ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमज़ोरी और US फेडरल रिज़र्व के ज़्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं से बैलेंस किया जा रहा है।” US-ईरान शांति बातचीत में लगातार प्रोग्रेस हो रही है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावटों को लेकर चिंताओं को कम करने में मदद मिल रही है। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि जब तक कोई फॉर्मल एग्रीमेंट फाइनल और लागू नहीं हो जाता, तब तक इन्वेस्टर्स के सावधान रहने की संभावना है।

ग्लोबल डेवलपमेंट के अलावा, मार्केट पार्टिसिपेंट्स मॉनसून की प्रोग्रेस पर भी करीब से नज़र रख रहे हैं। कई इलाकों में बारिश की कमी ने एग्रीकल्चरल आउटपुट, फ़ूड इन्फ्लेशन और रूरल डिमांड को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले हफ़्तों में मॉनसून ट्रेंड्स मार्केट के लिए एक ज़रूरी वेरिएबल बन गए हैं।

मंगलवार के तेज़ करेक्शन के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहे। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) 23 जून को मार्जिनल नेट बायर्स बने, उन्होंने 17 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदे, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

टेक्निकल नज़रिए से, पोनमुडी ने कहा कि 24,000 के निशान से नीचे जाने के बाद निफ्टी पर दबाव बना हुआ है। अभी सबसे बड़ी रुकावट 24,000 पर है, और इस लेवल से ऊपर लगातार बढ़ने से बुलिश मोमेंटम फिर से आ सकता है और 24,100-24,200 ज़ोन की ओर रिकवरी का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ, 23,800 एक ज़रूरी सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इस ज़ोन से नीचे एक बड़ा ब्रेक नया सेलिंग प्रेशर पैदा कर सकता है और इंडेक्स को 23,600 के लेवल पर ले जा सकता है।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, 1 दिन में 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा कोस्पी

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, 1 दिन में 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा कोस्पी

Asian Market Today: गिफ्ट निफ्टी में फ्लैट कारोबार कर रहा है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही। एशिया में KOSPI में कल की तेज गिरावट के बाद आज रिकवरी का मूड देखने को मिला। वहीं अमेरिका में डाओ जोंस में भी निचले स्तरों से 350 प्वाइंट की रिकवरी आई। लेकिन चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। नैस्डैक कल भी 2% से ज्यादा फिसला है।

एशियाई बाज़ार

टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज़ी के बीच बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.52% और टॉपिक्स 0.41% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी एक दिन पहले 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा, जबकि कोसडैक 1.49% बढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के संकेत दिए।

गिफ्ट निफ्टी 23,874 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 21 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट मंगलवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में भारी गिरावट और US फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये को लेकर चिंताओं के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 47.22 पॉइंट्स या 0.09% गिरकर 51,665.49 पर आ गया, जबकि S&P 500 107.32 पॉइंट्स या 1.44% गिरकर 7,365.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 579.56 पॉइंट्स या 2.21% गिरकर 25,587.04 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 4.15% गिरी, AMD के शेयर 5.76% फिसले, इंटेल के शेयर 6.14% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 13.18% टूटे, मार्वेल टेक्नोलॉजी 9.36% गिरी, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.80% बढ़े, एप्पल के स्टॉक की कीमत 0.91% गिरी, अल्फाबेट के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के स्टॉक की कीमत 5.79% गिरी और स्पेसएक्स के शेयर 0.98% बढ़े।

बैंक ऑफ जापान

जून में हुई पॉलिसी मीटिंग में हुई राय की समरी से पता चला कि बैंक ऑफ़ जापान के कुछ बोर्ड मेंबर्स ने सेंट्रल बैंक के पॉलिसी रेट को इकॉनमी के लिए न्यूट्रल माने जाने वाले लेवल के करीब लाने के लिए इंटरेस्ट रेट में और बढ़ोतरी की मांग की।

जापान का सर्विसेज़ PPI

जापान का सर्विसेज़ प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स मई में एक साल पहले के मुकाबले 3.3% बढ़ा। इंडेक्स में सालाना बढ़ोतरी, जो कंपनियों द्वारा सर्विसेज़ के लिए एक-दूसरे से ली जाने वाली कीमत को ट्रैक करता है, अप्रैल में रिवाइज्ड 3.3% बढ़त के बाद हुई।

क्रूड ऑयल की कीमतें

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट जारी रही क्योंकि ज़्यादा टैंकर खुलेआम होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहे थे। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.99% गिरकर $76.32 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.05% गिरकर $72.44 पर आ गया।

आज सोने का रेट

सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.8% गिरकर $4,083.77 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमतें 1.1% गिरकर $60.86 पर आ गईं।

डॉलर

US डॉलर एक साल से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स, जो कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, मई 2025 के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल 101.42 पर पहुंचने के बाद 0.38% बढ़कर 101.39 पर पहुंच गया। यूरो 0.41% गिरकर $1.138 पर आ गया, जबकि स्टर्लिंग 0.45% कमजोर होकर $1.3187 पर आ गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.01% मजबूत होकर 161.55 पर पहुंच गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे ट्रेड करने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना, 23800 पर अहम सपोर्ट

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद 22 जून को निफ्टी 50 में रिकवरी आई और यह लगभग 0.4 प्रतिशत बढ़त लेकर बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और ये सभी ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज-टू-पॉजिटिव रुझान का संकेत दिया। बाजार जानकारों का कहना है कि मार्केट ट्रेंड के पॉजिटिव बने रहने की उम्मीद है। निफ्टी के लिए 24,150–24,200 का जोन और उसके बाद 24,300–24,500 की रेंज टारगेट हो सकती है। हालांकि,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। उसके बाद 23,800 पर अगला अहम सपोर्ट हो सकता है। जब तक इंडेक्स 24,200 के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कंसोलिडेशन की संभावना है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,078, 24,056 और 24,020

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,151, 24,173 और 24,210

निफ्टी 50 ने डेली टाइमफ्रेम पर’डोजि कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बंद हुआ और अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। साथ ही 10-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया। RSI बढ़कर 59.65 हो गया और इसने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। MACD जीरो लाइन और सिग्नल लाइन,दोनों के काफी ऊपर बना रहा। हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार हल्के पड़ते रहे। ये सभी इंडिकेटर साइडवेज से पॉजिटिव रुझान का संकेत देते हैं,जबकि ओवरऑल ट्रेंड बुलिश बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,999, 58,067 और 58,177

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,778, 57,710 और 57,599

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी ने भी डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और सोमवार को इसमें 0.4 प्रतिशत की बढ़त दिखी। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जिसमें 20-दिन का EMA, 100-दिन के EMA को पार करने की स्थिति में है। यह 15 जून को बने बुलिश गैप से भी काफी ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 69.14 पर पहुंच गया और इसने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। MACD भी सिग्नल लाइन और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। जबकि हरे हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए कमजोर होते रहे। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि मुख्य ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,हालांकि ऊपरी लेवल पर कुछ कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 0.98% गिरकर 12.84 पर आ गया और 12-13 के निचले दायरे के पास बना रहा। इससे तेजड़ियों को राहत मिली। अगर वोलैटिलिटी इंडेक्स में और गिरावट आती है,तो इससे तेजी के माहौल को और सहारा मिल सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 22 जून को बढ़कर 0.97 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। यह शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,145.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को हुई बिकवाली के बाद,22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति को लेकर बनी उम्मीदों के चलते निफ्टी ने फिर से तेजी पकड़ी और 24,100 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 32 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 24,132 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.87 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.24 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 0.56 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.19 फीसदी की गिरावट है। कोस्पी 4.14 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.10 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

Asian markets today: एशियाई बाजारों में गिरावट, कोस्पी 1.5% टूटा, जापान बॉन्ड यील्ड में बढ़त

अमेरिकी बाजार

सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की वजह से डॉओ (Dow)बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 अंक या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद हुआ। S&P 500 में 27.79 अंक या 0.37 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,472.79 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 351.33 अंक या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है। यह पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब आ गया। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.50% और 4.22% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज कमजोर हुईं हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में जोखिम को लेकर सावधानी का माहौल दिखा। फिलीपीन पेसो का प्रदर्शन सबसे खराब दिख रहा है,जिसमें 0.315 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया में 0.219 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीनी रेनमिनबी भी 0.117 प्रतिशत कमजोर हुई है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन और थाई बहत में क्रमशः 0.075 प्रतिशत और 0.055 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उधर जापानी येन में 0.006 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में क्रमशः 0.019 प्रतिशत और 0.023 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके विपरीत,मलेशियाई रिंगित ने 0.305 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चा तेल सपाट

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में सुधार हुआ। इसकी वजह US-Iran शांति वार्ता को लेकर बनी थोड़ी उम्मीद थी,जबकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने में प्रगति के साफ संकेतों का इंतजार करते दिखे। WTI क्रूड में 0.03 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 0.23 फीसदी की गिरावट आई है।

सोना सपाट

मंगलवार को सोने की कीमतें स्थिर दिख रहीं हैं, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नजरें बनाए रखी हैं। जबकि, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का असर इस मेटल पर पड़ा। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं, चांदी 0.74 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Market cues : 23800 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन, 23800 के नीचे जाने पर बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : 19 जून को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बाजार की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इसने MACD में बुलिश क्रॉसओवर भी बनाए रखा,हालांकि RSI में थोड़ी नरमी आई। वहीं,शुक्रवार को बढ़त के बावजूद इंडिया VIX निचले स्तर पर ही बना रहा। बाजार जानकारों के मुताबिक,कंसोलिडेशन के दौर में निफ्टी को 23,800 के सपोर्ट जोन (10-दिन और 50-दिन के EMA) को बनाए रखने की जरूरत है। अगर यह लेवल टूटता है,तो इंडेक्स के 23,700–23,600 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,अगर इंडेक्स 23,800 के ऊपर बना रहता है,तो यह 24,200–24,300 और उसके बाद 24,500 की ओर बढ़ सकता है,जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,932, 23,898 और 23,842

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,077 और 24,133

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने निचले शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई। इससे पता चलता है कि ऊंचे स्तरों से थोड़ी गिरावट आई है,लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी में भी दिलचस्पी दिखी है। हालांकि,अगले सेशन में इंडेक्स 100-दिन के EMA के ऊपर नहीं टिक पाया,लेकिन यह अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और ये दोनों ही ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। 10-दिन का EMA भी 50-दिन के EMA के ऊपर जाने की कगार पर है। RSI में थोड़ी नरमी आई लेकिन यह अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा,जबकि MACD ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों के ऊपर रहा,हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार में मोमेंटम में कुछ कमी दिखी। ये सभी बातें बताती हैं कि थोड़े समय के कंसोलिडेशन के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,782, 57,862 और 57,992

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,522, 57,441 और 57,311

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी की लगातार छह दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया और प्रॉफ़िट बुकिंग के कारण इसमें 0.5% की गिरावट आई,लेकिन यह पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहा। डेली टाइमफ़्रेम पर बैंकिंग इंडेक्स ने छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ़ एक छोटी शैडो थी। यह हल्की गिरावट (करेक्शन)का संकेत है,जबकि कुल मिलाकर ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है। इंडेक्स अप्रैल के स्विंग हाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक आए करेक्शन के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से भी ऊपर रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। RSI गिरकर 67.81 पर आ गया, लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर बना रहा,जबकि MACD ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार थोड़े हल्के पड़ गए। ये सभी बातें बताती हैं कि कुछ प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,ओवरऑल बुलिश ट्रेंड बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.35 प्रतिशत बढ़कर 12.97 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तर पर बना रहा। यह इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड करता रहा। मार्केट में तेज़ी के नज़रिए को बनाए रखने के लिए इसके 14 के स्तर से नीचे बने रहना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 जून को पिछले सेशन के 1.12 से गिरकर 0.91 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के 22 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty बढ़त के साथ 24,124.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

IT,ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण,19 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के आसपास रहा। सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,013.10 पर आ गया।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 78 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,126 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.13 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.60 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 2.75 फीसदी की तेजी है। कोस्पी 1.09 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.46 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

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अमेरिकी बाजार

जूनटीन्थ (Juneteenth) की सरकारी छुट्टी के कारण शुक्रवार, 19 जून को अमेरिकी बाजार बंद रहे।

डॉलर इंडेक्स

सोमवार को डॉलर मजबूत रहा क्योंकि मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और तेहरान के होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान के बाद,अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 100.80 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की बढ़त हुई है। जिससे ये क्रमशः 4.47% और 4.20% पर पहुच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दिख रही है। थाई बाहत एकमात्र ऐसी करेंसी रही जिसमें बढ़त दिखी,जबकि जापानी येन और चीनी रेनमिनबी में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

जापानी येन में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरियाई वॉन,मलेशियन रिंगित, ताइवानी डॉलर,इंडोनेशियाई रुपिया,फिलीपीनी पेसो और सिंगापुर डॉलर में भी 0.03-0.10 की मामूली गिरावट है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।