
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL और TDPL परीक्षा को रद्द करने के फैसले के बाद झारखंड में छात्र आंदोलन समाप्त हो गया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 15 दिन से जारी अनशन समाप्त कर किया। हालांकि भाजपा का कहना है कि झारखंड सरकार ने आधी बात मानी है। CBI जांच से झारखंड सरकार भाग रही है क्योंकि उन्हें पता है कि CBI जांच होगी तो मुख्यमंत्री तक आंच आएगी।
देवेंद्र महतो ने उम्मीदवारों की मांगें मानने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राज्य के मंत्रियों दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी का धन्यवाद किया। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानूनों और सुधारों की भी मांग की।
सरकार सभी मांगों पर सहमत
राज्य मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि सरकार हमेशा से झारखंड में शुरू हुए बड़े छात्र आंदोलन, खासकर सुधारों से जुड़े मुद्दों को लेकर संवेदनशील रही है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी है और राहुल गांधी ने भी लगातार छात्रों के हितों की बात की है। आज हम आंदोलनकारियों का धन्यवाद करना चाहते हैं। आपने जो आंदोलन शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से, राज्य और छात्रों दोनों के हित में चलाया, वह अब बहुत सम्मानजनक तरीके से समाप्त हो रहा है। सरकार आपकी सभी मांगों पर सहमत हो गई है और हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि जांच निष्पक्ष होगी। किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सीबीआई जांच क्यों नहीं कराना चाहती सरकार?
दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि छात्र आंदोलन से पहले ही, देवेंद्र महतो ने CID जांच का प्रस्ताव दिया था और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। इसके विपरीत, CBI नतीजे देने में विफल रही है, पेपर लीक से जुड़े उसके 17 मामले लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि 2015 से देश भर में पेपर लीक और गड़बड़ी के 152 मामले सामने आए हैं, फिर भी न तो केंद्र सरकार और न ही केंद्रीय एजेंसियों को इन मामलों में कोई ठोस नतीजा मिला है। इसलिए, CID जांच के संबंध में हमने एक समय-सीमा तय की है। 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए होनी चाहिए ताकि जल्द फैसला आ सके।
सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र
छात्र नेता रवीन्द्र पासवान ने कहा कि मंत्री दीपिका पांडे और इरफान अंसारी जी अभी आए थे उन्होंने हमसे अपील की ये आंदोलन और अनशन को खत्म करें। लेकिन जो हमारी मांगे CBI संबंधित हैं उस पर सरकार की अभी तक सहमति नहीं बन पाई है हमारी CBI से संबंधित जो मांगे है उसे हम अभी भी जारी रखें हुए हैं। कल सरकार की तरफ से जो भी नोटिफिकेशन आएगा उसको भी हम अध्ययन करेंगे उसके बाद हम अपने आंदोलन की रणनीति के बारे में बताएंगे। हमारी मांग है कि CBI जांच होनी चाहिए।






