हेमंत सोरेन के फैसले के बाद झारखंड में छात्र आंदोलन खत्म, लेकिन CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र

हेमंत सोरेन के फैसले के बाद झारखंड में छात्र आंदोलन खत्म, लेकिन CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र

jharkhand student protest ends

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL और TDPL परीक्षा को रद्द करने के फैसले के बाद झारखंड में छात्र आंदोलन समाप्त हो गया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 15 दिन से जारी अनशन समाप्त कर किया। हालांकि भाजपा का कहना है कि झारखंड सरकार ने आधी बात मानी है। CBI जांच से झारखंड सरकार भाग रही है क्योंकि उन्हें पता है कि CBI जांच होगी तो मुख्यमंत्री तक आंच आएगी।

 

देवेंद्र महतो ने उम्मीदवारों की मांगें मानने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राज्य के मंत्रियों दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी का धन्यवाद किया। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानूनों और सुधारों की भी मांग की।
 

सरकार सभी मांगों पर सहमत

राज्य मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि सरकार हमेशा से झारखंड में शुरू हुए बड़े छात्र आंदोलन, खासकर सुधारों से जुड़े मुद्दों को लेकर संवेदनशील रही है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी है और राहुल गांधी ने भी लगातार छात्रों के हितों की बात की है। आज हम आंदोलनकारियों का धन्यवाद करना चाहते हैं। आपने जो आंदोलन शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से, राज्य और छात्रों दोनों के हित में चलाया, वह अब बहुत सम्मानजनक तरीके से समाप्त हो रहा है। सरकार आपकी सभी मांगों पर सहमत हो गई है और हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि जांच निष्पक्ष होगी। किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

 

सीबीआई जांच क्यों नहीं कराना चाहती सरकार?

दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि छात्र आंदोलन से पहले ही, देवेंद्र महतो ने CID जांच का प्रस्ताव दिया था और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। इसके विपरीत, CBI नतीजे देने में विफल रही है, पेपर लीक से जुड़े उसके 17 मामले लंबित हैं।

उन्होंने कहा कि 2015 से देश भर में पेपर लीक और गड़बड़ी के 152 मामले सामने आए हैं, फिर भी न तो केंद्र सरकार और न ही केंद्रीय एजेंसियों को इन मामलों में कोई ठोस नतीजा मिला है। इसलिए, CID जांच के संबंध में हमने एक समय-सीमा तय की है। 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए होनी चाहिए ताकि जल्द फैसला आ सके।

 

सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र

छात्र नेता रवीन्द्र पासवान ने कहा कि मंत्री दीपिका पांडे और इरफान अंसारी जी अभी आए थे उन्होंने हमसे अपील की ये आंदोलन और अनशन को खत्म करें। लेकिन जो हमारी मांगे CBI संबंधित हैं उस पर सरकार की अभी तक सहमति नहीं बन पाई है हमारी CBI से संबंधित जो मांगे है उसे हम अभी भी जारी रखें हुए हैं। कल सरकार की तरफ से जो भी नोटिफिकेशन आएगा उसको भी हम अध्ययन करेंगे उसके बाद हम अपने आंदोलन की रणनीति के बारे में बताएंगे। हमारी मांग है कि CBI जांच होनी चाहिए।

झारखंड प्रदर्शन: छात्र नेता देवेंद्र महतो ने खत्म की भूख हड़ताल! JSSC-CGL परीक्षा रद्द, 2014 से TDPL की सभी परीक्षाओं की होगी जांच

Jharkhand students protest: छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने झारखंड में अहम परीक्षाएं रद्द होने के बाद अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी है। यह फैसला झारखंड सरकार द्वारा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा और TDPL के जरिए कराई गई भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद लिया गया। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

सरकार ने झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन-कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (JSSC-CGL) परीक्षा और TDPL के जरिए कराई गई परीक्षाओं एवं भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।

सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और 2014 से आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की। यह फैसला सोरेन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की एक लंबी बैठक में लिया गया।

सोरेन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, “सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है, जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक थी। हमने आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द करने का फ़ैसला किया है।”

उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक परीक्षा सुधार समिति के गठन की भी घोषणा की। सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन को लेकर चिंतित है। सीएम ने कहा कि उसने ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए पहले ही ‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण) अधिनियम’ लागू कर दिया है।

सीएम ने बड़ा आरोप

सोरेन ने आरोप लगाया कि झारखंड में काम कर रही कई कंपनियां एक बड़े परीक्षा गिरोह में संलिप्त प्रतीत होती हैं। राज्य में अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ ने हालांकि कहा है कि जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)से जांच कराने की उनकी मांग नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

इस बीच, जेएसएससी-सीजीएल पास करके सरकारी नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों ने झारखंड सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अगर परीक्षा रद्द की जाती है, तो लगभग 2,000 लोगों की नौकरी जा सकती है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 16 दिनों से अनशन कर रहे देवेंद्र महतो ने कहा कि उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।

क्या है मांग?

सरकारी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे थे। अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी था। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने रांची में कहा कि आंदोलनकारी छात्रों से अपील की जा रही है कि वे अपना प्रदर्शन समाप्त कर दें क्योंकि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें मान ली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा को निरस्त किया है वे कानूनी रास्ता अपनाने को स्वतंत्र हैं।

अब आगे क्या होगा?

झारखंड सरकार के फैसले के बाद अब JSSC-CGL परीक्षा और TDPL से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाएं जांच के घेरे में हैं। सबसे अहम बात यह है कि जांच का दायरा केवल हाल की परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। CID 2014 से TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं की पड़ताल करेगी। जबकि रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली अलग समिति कथित अनियमितताओं की जांच करेगी।

JMM सरकार का दावा है कि इन कदमों का उद्देश्य छात्रों की शिकायतों का समाधान करना और झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है। अब जांच के नतीजों पर नजर रहेगी कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।

छात्र प्रोटेस्ट के बीच सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, रद्द होगा JSSC-CGL एग्जाम

Hemant Soren: झारखंड में पिछले 24 दिनों से जारी छात्रों के प्रोटेस्ट के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार केंद्र के नए परीक्षा कानून को राज्य में लागू करने पर भी विचार कर रही है। इस कानून में संगठित नकल और परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवार लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

परीक्षा में धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई

हेमंत सोरेन ने कहा कि, झारखंड में केंद्र के नए परीक्षा कानून को लागू करने पर विचार किया जा रहा है, जिसमें नकल और परीक्षा में धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का यह कदम भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए अहम माना जा रहा है।

सीएम ने क्या कहा

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “आज, कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षाएं भी रद्द करने का फैसला किया। इसके अलावा, 2014 से हुई सभी छोटी या बड़ी गलतियों की पूरी जांच की जाएगी। हम जल्द ही केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए भी बैठक करेंगे, अगर जरूरत पड़ी, तो हम इस खास मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक स्पेशल सेशन भी बुला सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “इस मामले के सभी पहलुओं पर ध्यान देते हुए, हमने TDPL से जुड़ी हर चीज को कैंसिल करने का फैसला किया है—जिसमें आयोजित परीक्षाएं, जारी हुए नतीजे, चुने गए या भाग लेने वाले उम्मीदवार और TDPL द्वारा की जाने वाली दूसरी सभी गतिविधियां शामिल हैं।”

24 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवार पिछले 24 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग सितंबर 2024 में हुई JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की है। उम्मीदवारों का आरोप है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गया था और 135 में से 120 सवाल लीक होने का दावा किया गया है। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवार झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) की व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की CBI से जांच कराने की भी मांग कर रहे हैं।

कल का मौसम: IMD की बड़ी चेतावनी! 18 अगस्त को 6 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा वेदर

18 अगस्त को मौसम विभाग ने बड़े पैमाने पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में सबसे ज्यादा खतरा है। यहां बहुत ज्यादा भारी बारिश की पूरी संभावना बन रही है। इसी तरह बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहने वाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

झारखंड में आफत की बारिश, बिहार समेत 6 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

18 अगस्त को मौसम का सबसे भयानक रूप झारखंड में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राज्य में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा देश के 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 18 अगस्त को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इन राज्यों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी।

दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी UP और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 18 अगस्त को हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंका

बारिश के साथ-साथ 18 अगस्त को देश के अलग अलग हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है।

इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों में 18 अगस्त को स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहेगी। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश भागों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

Compassionate Jobs: अनुकंपा नौकरी में बड़े बेटे को मिलेगी पहले प्राथमिकता, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Compassionate Jobs: अनुकंपा नियुक्ति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिस पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी मृत सरकारी कर्मचारी के एक से अधिक पात्र बच्चे अनुकंपा नियुक्ति का दावा करते हैं, तो बड़े बच्चे को उसकी वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने मुंगेली जिले के एक मामले में छोटे बेटे को दी गई अनुकंपा नियुक्ति का आदेश रद्द करते हुए मामला जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को वापस भेज दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि पात्रता की जांच के बाद बड़े बेटे के दावे पर 30 दिनों के भीतर विचार किया जाए।

मुंगेली के सरकारी स्कूल में चपरासी के पद पर कार्यरत ईश्वर सिंह क्षत्रिय की सितंबर 2016 में मृत्यु हो गई थी। उनकी दो पत्नियां थीं। पहली पत्नी के बेटे जितेंद्र सिंह क्षत्रिय (35 वर्ष) और दूसरी पत्नी के बेटे राजकुमार दोनों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। 7 अगस्त 2019 को मुंगेली के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने छोटे बेटे राजकुमार को नौकरी दे दी। इसके खिलाफ बड़े बेटे जितेंद्र ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अदालत का फैसला

जस्टिस संजय के. अग्रवाल की पीठ ने DEO के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हालांकि दूसरी पत्नी से जन्मा बच्चा भी कानूनी वारिस होता है। लेकिन जब कई भाई-बहनों में से चुनाव करना हो तो वरिष्ठता (उम्र में बड़े होने) के नियम का पालन होना चाहिए। अदालत ने DEO को 30 दिनों के भीतर बड़े बेटे की पात्रता की जांच कर उसके दावे पर विचार करने का निर्देश दिया है।

दोनों बेटों ने किया था दावा

मामला मुंगेली के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा है। वहां पदस्थ ईश्वर सिंह क्षत्रिय की 29 सितंबर 2016 को मृत्यु हो गई थी। उनके दो विवाह हुए थे। पहली पत्नी से उनका बेटा जितेंद्र सिंह क्षत्रिय और दूसरी पत्नी से बेटा राजकुमार था। पिता की मृत्यु के बाद दोनों बेटों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी ने 7 अगस्त 2019 को राजकुमार को नौकरी देने का फैसला किया। इस फैसले को जितेंद्र ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने 8 अगस्त के आदेश में मुंगेली DEO के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें छोटे बेटे राजकुमार को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि जब एक से अधिक पात्र संतान अनुकंपा नियुक्ति का दावा करती हैं, तो उम्र और वरिष्ठता के आधार पर बड़े बच्चे के दावे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल बड़ा होना ही पर्याप्त नहीं है। बड़े बेटे को नियुक्ति के लिए निर्धारित सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। इसी कारण मामला दोबारा DEO के पास भेजा गया है।

शादीशुदा होना अनुकंपा नियुक्ति के रास्ते में बाधा नहीं

मामले में यह भी महत्वपूर्ण सवाल उठा कि क्या शादीशुदा संतान अनुकंपा नियुक्ति का लाभ ले सकती है। कोर्ट ने कहा कि विवाह अपने आप में आश्रित संतान को अनुकंपा नियुक्ति के लाभ से बाहर करने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने इस संबंध में पूर्व में दिए गए पटना हाईकोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट के फैसलों का भी उल्लेख किया। अदालत ने माना कि यदि अन्य पात्रता शर्तें पूरी होती हैं तो केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर दावा खारिज नहीं किया जा सकता।

सरकार को बड़े बेटे के दावे की जांच करनी होगी

हाईकोर्ट ने मामले को जिला शिक्षा अधिकारी के पास वापस भेजते हुए निर्देश दिया कि जितेंद्र के दावे की पात्रता की जांच की जाए और उसके बाद 30 दिनों के भीतर उचित निर्णय लिया जाए। इस फैसले से उन मामलों में महत्वपूर्ण दिशा मिलती है, जहां मृत सरकारी कर्मचारी के एक से अधिक बच्चे अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र होते हैं। कोर्ट के मुताबिक ऐसे मामलों में केवल विभाग की पसंद या किसी एक संतान को नियुक्ति देना पर्याप्त नहीं है। बल्कि पात्रता, वरिष्ठता और प्रशासनिक नियमों को ध्यान में रखकर फैसला किया जाना चाहिए।

वरिष्ठता अकेले सरकारी पद पर हक नहीं देती

इसी मामले से जुड़े एक अन्य फैसले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ वरिष्ठता के आधार पर किसी सरकारी कर्मचारी को ऊंचे पद पर नियुक्ति या प्रभार पाने का स्वतः अधिकार नहीं मिल जाता। एक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने जूनियर सहकर्मी को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाए जाने को चुनौती दी थी।

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कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा। पीठ ने कहा कि किसी अधिकारी को अस्थायी रूप से उच्च पद का प्रभार देना एक प्रशासनिक व्यवस्था है। इसमें प्रशासनिक उपयुक्तता और अधिकारी के पूरे रिकॉर्ड को भी देखा जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठता महत्वपूर्ण कारक हो सकती है, लेकिन वह अकेले किसी अधिकारी को उच्च पद का स्वतः अधिकार नहीं देती।

कल का मौसम: 17 अगस्त दिल्ली-एनसीआर, UP और उत्तराखंड समेत 8 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, 2 राज्यों में रेड वॉर्निंग

Weather Alert: देश भर में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और 17 अगस्त को मौसम का रुख कई राज्यों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 17 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के लिए मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट जैसी स्थिति बताई है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई मैदानी व पहाड़ी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

मौसम प्रणालियों के मजबूत होने की वजह से पूर्व से लेकर उत्तर-पश्चिम भारत तक बारिश की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। तटीय और समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के चलने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में आफत की बारिश, इन 2 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग के अनुसार 17 अगस्त को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन दोनों राज्यों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिलेगा, जिससे तटीय व निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा देश के 8 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की गई है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 17 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।

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दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी मानसूनी बारिश का दौर तेज रहेगा। 17 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलावा पंजाब, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर रहने का खतरा बना हुआ है।

50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंका

बारिश के साथ-साथ 17 अगस्त को कई राज्यों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है। वहीं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों में 17 अगस्त को मौसम काफी खतरनाक बना रहेगा। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों और गहरे समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।

आज 65 Km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! यूपी संग इन 5 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया मौसम का ताजा अपडेट

IMD Weather Today: देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने आज यानी 16 अगस्त के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत 5 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही समुद्र तटों और खाड़ी क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे तटीय इलाकों में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

मैदानी, पर्वतीय और तटीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है, जिससे कई जगहों पर निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

यूपी, उत्तराखंड और बंगाल समेत इन 5 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन पांचों राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। आज हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली गिरने की आशंका

बारिश के साथ-साथ आज कई राज्यों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली कड़कने और बादल गरजने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचेगी हवाओं की रफ्तार, समुद्र में मौसम खराब

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के कारण मौसम काफी खतरनाक बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम अरब सागर से लगे इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुारियों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

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Weather Alert : 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बदलेगा मौसम

Weather Alert : 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बदलेगा मौसम

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देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में मौसम में बदलाव की संभावना है। कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।  

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दिल्ली-NCR में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट

दिल्ली-NCR में 16 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है।

मध्य प्रदेश में इन जिलों में बारिश का अनुमान

 

मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल, इंदौर, शिवपुरी, खंडवा और नर्मदापुरम में भारी बारिश और गरज-चमक हो सकती है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

 

 

यूपी में 60-70 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और अयोध्या समेत कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है। यहां हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

 

बिहार में भी भारी बारिश और गरज-चमक

बिहार के पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इस दौरान हवाएं 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

 

पंजाब-हरियाणा में भी तेज बारिश और हवाएं

पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पठानकोट, बठिंडा और होशियारपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हरियाणा में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई इलाकों में मौसम में बदलाव जारी रहेगा।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश का खतरा

 

उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, देहरादून और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। यहां हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और सोलन में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर में भी तेज बारिश और हवाओं का अनुमान

 

जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।

 

21 अगस्त तक पूर्वोत्तर में बारिश का दौर

 

पूर्वोत्तर भारत में 21 अगस्त तक मौसम गीला रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है।

 

दक्षिण भारत में भी बारिश का सिलसिला

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 से 20 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी परेशान कर सकती हैं।

16 अगस्त को बिगड़ेगा मौसम! यूपी, उत्तराखंड और बंगाल संग इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का बड़ा अलर्ट, जानें IMD की चेतावनी

देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने 16 अगस्त को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। IMD ने कई इलाकों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

तटीय इलाकों से लेकर मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों तक मानसूनी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। स्वतंत्रता दिवस के ठीक अगले दिन देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

यूपी, उत्तराखंड और बंगाल में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

इसके अलावा देश के अन्य कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में गर्जना और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

समुद्री क्षेत्रों में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों के लिए एडवाइजरी

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से मौसम काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में न जाने की सख्त सलाह दी है।

तिरंगा यात्रा में जाने से रोके गए देवेंद्र महतो, पुलिस पर मारपीट का आरोप…सामने आया वीडियो

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शनिवार को पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में होने वाली तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए जब वह अस्पताल से बाहर निकल रहे थे, तब पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। रिपोर्ट के मुताबिक, महतो पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

महतो का दावा है कि पुलिस के साथ हुई झड़प में उनके सीने पर चोट लगी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस समय प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और गड़बड़ी की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। महतो ने 2 अगस्त से भूख हड़ताल शुरू की थी। इसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले रांची विधानसभा का घेराव करने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ गई थी। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले व पानी की बौछार का भी इस्तेमाल किया था।

महतो का पुलिस पर मारपीट का आरोप

महतो ने कहा कि वह प्रदर्शन स्थल पर होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम और तिरंगा यात्रा में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होना चाहते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने से क्यों रोका जा रहा है। महतो ने कहा, “80 साल बाद हमें एहसास हुआ है कि हमें सिर्फ नाम की आजादी मिली है। संविधान के किस नियम के तहत मुझे रोका जा रहा है?”

महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अन्य पोस्ट में बताया कि जैसे ही उन्होंने तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई, उनके अस्पताल के कमरे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश के नागरिकों को अपने ही देश में तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आजादी नहीं है।

घटना के एक वीडियो में एक सुरक्षा अधिकारी महतो को अस्पताल से बाहर जाने से रोकता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में कई जेएलकेएम कार्यकर्ता अधिकारी से महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने देने की अपील करते नजर आ रहे हैं। वहीं, अधिकारी उन्हें भूख हड़ताल कर रहे महतो को आराम करने देने के लिए कहता हुआ दिखाई देता है। महतो ने अस्पताल के बिस्तर से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग छात्र आंदोलन को भटकाने और उसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने और आपसी एकता बनाए रखने की भी अपील की।

हेमंत सोरेन ने पारदर्शिता का भरोसा दिलाया

इस बीच, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने खास तौर पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा, “मेरे लिए राज्य के युवा और उनका हम पर भरोसा बहुत महत्वपूर्ण है। हमने व्यवस्था में बदलाव लाने का फैसला किया है। पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।”

उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों से सुझाव लेने की पहल शुरू की है। इसका नाम ‘छात्रों की बात – छात्रों के साथ’ रखा गया है। इससे पहले छात्र नेता रविंदर पासवान ने कहा था कि प्रदर्शनकारी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की आजादी और उसके महत्व पर बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि शनिवार को प्रदर्शनकारी सरकार के सामने अपनी मांगें नहीं रखेंगे।