JEE Main 2027 Eligibility Criteria: 12वीं के बाद जेईई मेन करने जा रहे हैं, तो पहले करें एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और ड्रॉप ईयर नियम की जानकारी

JEE Main 2027 Eligibility Criteria: जेईई मेन 2027 की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के लिए फॉर्म आदि से जुड़ी औपचारिकताओं की शुरुआत जनवरी 2027 से होगी। लेकिन इससे पहले परीक्षार्थियों के लिए देश के प्रतिष्ठि इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का दरवाजा खोलने वाले इस परीक्षा से जुड़े कुछ बेहद जरूरी नियमों को जान लेना चाहिए। इनमें एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, ड्रॉप ईयर और उम्र सीमा का नियम शामिल है। इस साल जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा 22 जनवरी 2027 से आयोजित की जाएगी। हालांकि, अभी एनटीए ने इसके लिए पंजीकरण की तारीख घोषित नहीं की है। अगर आप जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन की तैयारी कर रहे हैं, तो अप्लाई करने से पहले इस पेज पर अपनी क्लास 12 पासिंग ईयर, ड्रॉप ईयर एलिजिबिलिटी और एडमिशन की जरूरतें चेक कर लें।

जेईई मेन 2027 के लिए कौन अप्लाई कर सकता है?

जिन छात्रों ने 2025 या 2026 में कक्षा 12 या उसके बराबर की परीक्षा पास की है और जो छात्र 2027 में अपनी कक्षा 12 की परीक्षा दे रहे हैं, वे जेईई मेन 2027 में शामिल होने के योग्य होंगे। योग्यता शर्तों के अनुसार, जिन कैंडिडेट्स ने 2024 या उससे पहले 12वीं कक्षा पास की है, वे 2027 की परीक्षा के लिए योग्य नहीं होंगे।

हालांकि, छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि जेईई मेन में शामिल होने की योग्यता और किसी खास कॉलेज में प्रवेश पाने की योग्यता दो अलग-अलग चीजें हैं। कैंडिडेट्स को अपने चुने हुए इंस्टिट्यूशन द्वारा तय एकेडमिक और सब्जेक्ट की शर्तों को भी पूरा करना होगा।

जेईई मेन 2027 ड्रॉप ईयर रूल्स

जिन छात्रों का 12वीं कक्षा के बाद ड्रॉप-ईयर है और वे 2025 या 2026 में अपनी क्वालिफाइंग परीक्षा पास करते हैं, वे जेईई मेन 2027 दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, जो लोग 2025 में कक्षा 12 पास कर चुके हैं और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए एक साल का ब्रेक लेते हैं, वे 2027 में परीक्षा दे सकते हैं। 2026 में पास होने वाले परीक्षार्थी भी आवेदन करने के लिए योग्य हैं।

जेईई मेन 2027 उम्र सीमा

योग्यता नियमों के अनुसार, जेईई मेन देने के लिए कोई एज लिमिट नहीं है। लेकिन परीक्षार्थियों को उन संस्थानों की प्रवेश जरूरतों को पूरा करना होगा जिनमें वे प्रवेश लेना चाहते हैं।

क्या आईआईटी उम्मीदवारों को जेईई मेन 2027 देना चाहिए?

आईआईटी में प्रवेश के इच्छुक छात्रों को जेईई एडवांस्ड देने के लिए जेईई मेन क्वालिफाई करना होगा। जेईई मेन, एनआईटी, आईआईआईटी और दूसरे हिस्सा लेने वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटों के लिए कॉम्पिटिशन में भी मदद करता है। परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि किसी भी कन्फ्यूजन से बचने के लिए आवेदन करने से पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा योग्यता मानदंड, परीक्षा कार्यक्रम और प्रवेश के नियम चेक कर लें।

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Dussehra 2026: कब मनाया जाएगा इस साल दशहरा? जानें तारीख, समय, विजय मुहूर्त और महत्व

Dussehra 2026: दशहरा का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह भगवान राम की रावण पर जीत के साथ-साथ देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत से भी जुड़ा है।इसे विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व इस साल मंगलवार, 20 अक्टूबर, 2026 को मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, अश्विन शुक्ल दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी और 21 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 2:11 बजे खत्म होगी।

दशहरा 2026 की तारीख और समय

दशहरा/विजयादशमी : मंगलवार, 20 अक्टूबर, 2026

दशमी तिथि शुरू : 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे

दशमी तिथि खत्म : 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे

विजय मुहूर्त : शहर के हिसाब से अलग-अलग

नई दिल्ली विजय मुहूर्त : दोपहर 1:59 बजे से दोपहर 2:45 बजे

मुंबई विजय मुहूर्त : दोपहर 2:19 बजे से दोपहर 3:06 बजे

कोलकाता बंगाल विजयदशमी : बुधवार, 21 अक्टूबर

कोलकाता अपरान्ह पूजा : दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 2:49 बजे

क्यों अलग-अलग होती है दशहरा की तारीख?

भारत के ज़्यादातर हिस्सों में, विजयदशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। हालांकि, बंगाल में, बिजॉय दशमी बुधवार, 21 अक्टूबर को इलाके के दुर्गा पूजा कैलेंडर के हिसाब से मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर और 21 अक्टूबर के बीच अंतर मुख्य रूप से क्षेत्रीय परंपराओं और स्थानीय पंचांग की गणना की वजह से है।

दशहरा 2026 पर विजय मुहूर्त क्या है?

विजय मुहूर्त को पारंपरिक रूप से दशहरा से जुड़े कुछ रीति-रिवाजों और औपचारिकताओं के लिए एक शुभ समय माना जाता है।

नई दिल्ली : 20 अक्टूबर को दोपहर 1:59 PM–2:45 PM

मुंबई : 20 अक्टूबर को दोपहर 2:19 PM–3:06 PM

कोलकाता : 20 अक्टूबर को दोपहर 1:17 PM–2:03 PM

दशहरा क्यों मनाया जाता है?

पूरे भारत में दशहरा के कई धार्मिक और सांस्कृतिक मतलब हैं।

भगवान राम की रावण पर जीत : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयदशमी भगवान राम की राक्षस राज रावण पर जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस घटना को अधर्म पर धर्म की जीत के तौर पर याद किया जाता है। इसलिए दशहरा के मौके पर पारंपरिक तौर पर मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ रावण के बड़े पुतले जलाए जाते हैं।

देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत : विजयदशमी देवी दुर्गा की महिषासुर, भैंसे जैसे राक्षस पर जीत से भी जुड़ी है। पूर्वी भारत, खासकर बंगाल, ओडिशा और असम में, यह दिन दुर्गा पूजा के खत्म होने और देवी दुर्गा की विदाई से जुड़ा है।

JEE Advanced 2026: एससी और एसटी कैटिगरी के क्वालिफिकेशन रेट में बड़ा उछाल, महिलाओं का 6 साल का रिकॉर्ड टूटा

JEE Advanced 2026: एससी और एसटी कैटिगरी के क्वालिफिकेशन रेट में बड़ा उछाल, महिलाओं का 6 साल का रिकॉर्ड टूटा

JEE Advanced 2026: जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (JEE) एडवांस्ड देश के प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी में प्रवेश का जरिया माना जाता है। यह देश की सबसे मुश्किल प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। हाल ही में इस परीक्षा में पिछले कुछ सालों में छात्रों की हिस्सेदारी से जुड़े आंकड़े जारी किए गए हैं। IIT रुड़की ने शनिवार को जॉइंट इम्प्लीमेंटेशन कमेटी (JIC) की रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार, JEE एडवांस्ड 2026 में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों का क्वालिफिकेशन रेट तेजी से बढ़ा है। वहीं, सभी श्रेणियों में क्वालिफाइंग मार्क्स बढ़े हें। इसमें शामिल छह साल के समय में महिलाओं ने भी अपना सबसे ज्यादा क्वालिफिकेशन रेट दर्ज किया।

इस साल एससी क्वालिफिकेशन रेट 50.16% रहा, जो 2025 में 40.41% था, यानी 9.8 परसेंटेज पॉइंट्स की बढ़ोतरी। ST कैंडिडेट्स के लिए, यह रेट 33.99% से बढ़कर 42.14% हो गया, यानी 8.1 परसेंटेज पॉइंट्स की बढ़ोतरी। महिलाओं का क्वालिफिकेशन रेट पिछले साल के 21.7% से बढ़कर 23.4% हो गया, जो 2021 और 2026 के बीच सबसे ज़्यादा है।

इसी समय, जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए क्वालिफिकेशन रेट 3.2 परसेंट पॉइंट गिरकर 39.8% हो गया, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग-नॉन-क्रीमी लेयर (OBC-NCL) कैंडिडेट्स के लिए रेट 0.7 परसेंट पॉइंट गिरकर 17.5% हो गया। इस साल ज़्यादा क्वालिफाइंग मार्क्स के बावजूद ये बदलाव हुए।

SC, ST कैंडिडेट्स के लिए JEE एडवांस्ड 2026 क्वालिफिकेशन रेट बढ़ा

कुल 56,880 कैंडिडेट्स ने JEE एडवांस्ड 2026 के लिए क्वालिफाई किया। इसमें 15,856 SC कैंडिडेट्स और 6,379 ST कैंडिडेट्स शामिल थे, जबकि 2025 में यह संख्या क्रमशः 12,499 और 5,008 थी। दूसरे शब्दों में, इस साल रजिस्टर्ड हर दो में से लगभग एक SC कैंडिडेट क्वालिफाई हुआ, जबकि पांच में से दो से ज़्यादा ST कैंडिडेट्स क्वालिफाइंग लिमिट पार कर पाए।

श्रेणी 2025 क्वालिफिकेशन रेट 2026 क्वालिफिकेशन रेट बदलाव

SC 40.41% 50.16% +9.8 परसेंटेज पॉइंट्स

ST 33.99% 42.14% +8.1 परसेंटेज पॉइंट्स

जनरल 43% 39.8% -3.2 परसेंटेज पॉइंट्स

OBC-NCL 18.2% 17.5% -0.7 परसेंटेज पॉइंट्स

महिलाएं 21.7% 23.4% +1.7 परसेंटेज पॉइंट्स

सामान्य श्रेणी के सफल प्रतियोगियों की संख्या 2025 में 16,154 से थोड़ी कम होकर इस साल 15,883 हो गई। हालांकि, EWS क्वालिफायर 6,291 से बढ़कर 6,377 हो गए, हालांकि क्वालिफिकेशन रेट पिछले साल के 21.6% की तुलना में लगभग 21% पर स्थिर रहा। OBC-NCL क्वालिफायर 12,606 से घटकर 12,385 हो गए, और क्वालिफिकेशन रेट 18.2% से घटकर 17.5% हो गया।

JEE एडवांस्ड 2026 में सभी श्रेणी में कट-ऑफ बढ़ा

कुछ कैटेगरी के लिए क्वालिफिकेशन रेट में बढ़ोतरी कम क्वालिफाइंग मार्क्स की वजह से नहीं हुई। JEE एडवांस्ड 2026 में क्वालिफाइंग लिमिट सभी कैटेगरी में बढ़ी। कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) कट-ऑफ 2025 में 74 से बढ़कर 360 में से 92 मार्क्स हो गई, यानी 18 मार्क्स की बढ़ोतरी।

कैटेगरी 2025 क्वालिफाइंग मार्क्स 2026 क्वालिफाइंग मार्क्स

CRL 74 92

OBC-NCL और GEN-EWS 66 82

SC और ST 37 46

CRL, कैंडिडेट के टोटल मार्क्स के आधार पर ओवरऑल मेरिट लिस्ट है, चाहे कैटेगरी कोई भी हो। JIC रिपोर्ट में बताया गया है कि हर कैटेगरी में मौजूद सीटों की संख्या के मुकाबले कम से कम दोगुने कैंडिडेट क्वालिफाई करें, यह पक्का करने के लिए जहा जरूरी था, क्वालिफाइंग क्राइटेरिया में ढील दी गई थी। रिपोर्ट में कैटेगरी के हिसाब से बदलावों को खास तौर पर कैंडिडेट की परफॉर्मेंस या कैंडिडेट पूल की बनावट में अंतर के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया गया।

महिलाओं की सफलता दर छह साल के शीर्ष पर

महिलाओं ने भी परीक्षा में काफी सुधार किया। JEE एडवांस्ड 2026 के लिए पंजीकरण कराने वाली 43,112 महिलाओं में से 40,562 दोनों पेपर में शामिल हुईं और 10,107 क्वालिफाई हुईं। सफलता दर 2025 में 21.7% से बढ़कर 23.4% हो गया, जिसका मतलब है कि इस साल पंजीकृत चार में से लगभग एक महिला कैंडिडेट क्वालिफाई हुई।

महिलाओं का पंजीकरण 2025 में दर्ज 43,413 से थोड़ा कम था। इसके बावजूद, रिपोर्ट में शामिल 2021-2026 के समय में क्वालिफिकेशन रेट अपने शीर्ष पर पहुंच गया।

फाइनल IIT सीट अलॉटमेंट में 3,814 महिलाएं थीं, जो अलॉट की गई 18,861 सीटों का लगभग 20.2% थीं। इनमें से 37 महिलाओं को जेंडर-न्यूट्रल पूल से सीटें मिलीं, जबकि 3,777 को सिर्फ महिलाओं के लिए सुपरन्यूमरेरी सीटों से एडमिशन मिला।

IIT में लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए 2018 में फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीट सिस्टम शुरू किया गया था। यह पुरुष कैंडिडेट्स के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या को कम किए बिना महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें देता है। इसका मकसद महिलाओं का प्रतिनिधित्म 20% तक ले जाना है। स्कीम शुरू होने से पहले, IIT में BTech स्टूडेंट्स में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 7% से 9% थी। बाद में 2020 तक उनकी हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 20% हो गई और उसी लेवल के आसपास बनी हुई है।

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पड़ोसी के WiFi कनेक्शन से की जेईई की तैयारी, मुंबई के स्लम में पले अभिषेक अब आईआईटी दिल्ली से कर रहे बीटेक

आईआईटी में पढ़ाई का सपना टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक ढेरों युवाओं का होता है। इसके लिए छात्र जेईई एडवांस्ड की तैयारी करते हैं, जिसे देश की सबसे मुश्किल प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक माना जाता है। आमतौर पर छात्र और अभिभावक सोचते हैं कि JEE एडवांस्ड की तैयारी का मतलब सबसे अच्छी कोचिंग, शांत स्टडी रूम या बिना रुकावट इंटरनेट एक्सेस होना है। लेकिन मुंबई के अभिषेक शर्मा के लिए ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। इसके बावजूद उन्होंने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 2,456 हासिल की, जिसमें OBC-NCL रैंक 415 थी। वह अब आईआईटी दिल्ली से बीटेक कर रहे हैं।

मोबाइल डेटा खत्म होने के बाद पड़ोसी के वाईफाई से की पढ़ाई

अभिषेक की कामयाबी की चर्चा होना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि उन्होंने साबित किया है कि देश की सबसे प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा में सफल होने के लिए पैसा हो या न हो, सही सोच जरूरी है। उनका परिवार मुंबई के एक स्लम एरिया लोकमान्य तिलक नगर में किराए के घर में रहता था, जहां वे हर महीने ₹3,000 किराया देते थे। उनके पिता एक स्टील फैब्रिकेशन कंपनी में मजदूर के तौर पर काम करते थे और परिवार के पास पैसे कम थे। जेईई एडवांस्ड की तैयारी कर रहे कई छात्रों के लिए, किताबें, कोचिंग, स्टेबल इंटरनेट और पढ़ाई के लिए एक खास जगह तक पहुंच उनकी तैयारी का एक जरूरी है। शर्मा के पास उस स्तर की सुविधाएं नहीं थीं। इसके बजाय, उन्होंने अपने आस-पास जो भी सुविधाएं मौजूद थीं, उन पर भरोसा किया और मुश्किलों के बावजूद पढ़ाई जारी रखी।

कम सहूलियों के बावजूद शर्मा ने कैसे की तैयारी ?

अभिषेक के लिए जेईई एडवांस्ड की तैयारी के रास्ते की सबसे बड़ी मुश्किल थी इंटरनेट एक्सेस। फोन का मोबाइल डेटा जब खत्म हो जाता था, तो वह छत पर जाते थे और अपने पड़ोसी के Wi-Fi से कनेक्ट करते थे ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। उनके घर का माहौल भी परिवार के वित्तीय हालात से अलग नहीं था। उनका परिवार महंगी कोचिंग सुविधा और तैयारी के दूसरे महंगे स्रोत उपलब्ध नहीं करा सकता था। इसके बावजूद अभिषेक ने इन मुश्किलों को अपने इरादे कमजोर करने नहीं दिया। उन्होंने एग्जाम की तैयारी जारी रखी और आखिरकार ऐसी रैंक हासिल की जिससे भारत के सबसे बड़े इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूशन में से एक में एडमिशन मिल गया।

JEE एडवांस्ड रैंक 2456 से IIT दिल्ली तक

जब JEE एडवांस्ड के रिजल्ट घोषित हुए, तो अभिषेक का नाम ऑल इंडिया रैंक 2,456 और OBC-NCL रैंक 415 के साथ आया। यह रिजल्ट उनके करियर का वह पहला कदम था जहां से IIT दिल्ली की यात्रा शुरू होनी थी। शर्मा अब आईआईटी दिल्ली से बीटेक कर रहे हैं। उनका सफर दिखाता है कि एक ही परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के हालात कितने अलग हो सकते हैं। अभिषेक की सक्सेस स्टोरी दिखाती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान पैसों की तंगी किस तरह की मुश्किलें पैदा कर सकती है।

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AYUSH PG Entrance Test 2026: आधिकारिक वेबसाइट पर देखें प्रोविजनल आंसर की, 5 सितंबर रात 11.59 बजे तक कर सकते हैं चैलेंज

AYUSH PG Entrance Test 2026: ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (AIAPGET) 2026 देने वाले परीक्षार्थियों के लिए बड़ा अपडेट है। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अस्थायी उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) का इंतजार कर रहे हैं। इन परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एआईएपीजीईटी 2026 की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। कैंडिडेट आधिकारिक पोर्टल के जरिए आंसर-की चेक कर सकते हैं। साथ ही, आंसर को अगर कोई चुनौती देना चाहते हैं, तो उसे दर्ज कर सकते हैं। टेस्टिंग एजेंसी ने आधिकारिक वेबसाइट पर रिकॉर्ड किए गए जवाबों के साथ प्रश्नपत्र भी अपलोड कर दिए हैं।

चैलेंज विंडो 5 सितंबर रात 11:59 बजे तक खुली रहेगी। कैंडिडेट इसी डेडलाइन तक चैलेंज फीस भी दे सकते हैं। किसी सवाल को चैलेंज करने के लिए, कैंडिडेट को हर सवाल के लिए 200 रुपये फीस देनी होगी। चैलेंज सिर्फ आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। प्रोसेसिंग फीस डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से दी जा सकती है। प्रोसेसिंग फीस दिए बिना कोई भी चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा। फीस किसी और तरीके से स्वीकार नहीं की जाएगी।

22 अगस्त को हुआ था एआईएपीजीईटी 2026

एनटीए ने 22 अगस्त को देश के 104 शहरों में लगभग 205 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 51,482 कैंडिडेट के लिए एआईएपीजीईटी 2026 आयोजित किया था। यह परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में हुई थी। इसके अलावा, 49 कैंडिडेट के लिए री-टेस्ट 1 सितंबर को राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन, जयपुर में कंडक्ट किया गया था।

विशेषज्ञों का पैनल करेगा चुनौती आकलन

एनटीए के मुताबिक, कैंडिडेट के दिए गए चैलेंज को विषय विशेषज्ञों का एक पैनल वेरिफाई करेगा। अगर कोई चैलेंज सही पाया जाता है, तो आंसर की को बदला जाएगा और उसी हिसाब से सभी कैंडिडेट के जवाबों पर लागू किया जाएगा। फाइनल आंसर की के आधार पर, रिजल्ट तैयार किए जाएंगे और घोषित किए जाएंगे। किसी भी कैंडिडेट को उनके चैलेंज के स्वीकार या अस्वीकार किए जाने के बारे में नहीं बताया जाएगा।

परीक्षा एजेंसी ने कहा, “चैलेंज पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ जो आंसर की फाइनल करेंगे, वही अंतिम होगी। 5 सितंबर, रात 11:59 बजे के बाद कोई भी चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा।” अधिक जानकारी के लिए, कैंडिडेट एनटीए से 011-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं या aiapget@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं।

परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा के बारे में ताजा जानकारी के लिए नियमित एनटीए की वेबसाइट और आधिकारिक एआईएपीजीईटी पोर्टल देखते रहें।

NTA advisory for NEET, JEE, CUET: एनटीए ने जारी की ग्रीवांस एडवाइजरी, छात्रों की चिंताओं के जल्दी समाधान के लिए दिया सुझाव

NTA advisory for NEET, JEE, CUET: एनटीए ने जारी की ग्रीवांस एडवाइजरी, छात्रों की चिंताओं के जल्दी समाधान के लिए दिया सुझाव

NTA advisory for NEET, JEE, CUET: नीट यूजी, जेईई और सीयूईटी जैसी बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल देने वाले देश के लाखों-करोड़ों छात्रों की सहूलियत के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने समाधान एडवाइजरी जारी की है। छात्रों को अब एनटीए को शिकायत या सवाल भेजते समय अपनी जरूरी डिटेल सही-सही साझा करनी होगी। एजेंसी द्वारा जारी नई एडवाइजरी में बताया गया है कि इन डिटेल्स में परीक्षा का नाम, आवेदन संख्या और दूसरी जरूरी जानकारी शामिल है। एनटीए ने कहा कि जानकारी गायब होने से किसी छात्र की पहचान और वेरिफिकेशन मुश्किल हो सकती है, क्योंकि लाखों उम्मीदवार इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं।

एनटीए ने छात्रों को इन परीक्षाओं से जुड़ी किसी समस्या, शिकायत या चिंता के बारे में संपर्क करते समय कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने का सुझाव दिया है। इनमें शामिल हैं :

रजिस्टर्ड ईमेल ID का इस्तेमाल करें छात्र

एजेंसी ने कहा कि वह हर असली चिंता का सही और सावधानी से समाधान करना चाहता है। छात्रों को अपनी शिकायतें उसी रजिस्टर्ड ईमेल ID से भेजनी चाहिए जिसका इस्तेमाल उन्होंने परीक्षा के लिए आवेदन करते समय किया था। इससे एजेंसी को संबंधित कैंडिडेट की पहचान करने और उसे ट्रेस करने में मदद मिलेगी।

आवेदन संख्या बताना जरूरी

कैंडिडेट्स को ईमेल की सब्जेक्ट लाइन में अपना एप्लीकेशन नंबर लिखना चाहिए।

एग्जाम का नाम

अपनी चिंता से जुड़ी परीक्षा का नाम छात्रों साफ-साफ दर्ज करना होगा।

समस्या को संक्षेप में बताएं

एनटीए ने छात्रों से कहा है कि वे अपनी समस्या संक्षेप में बताएं और जहां भी लागू हो, उससे जुड़े स्क्रीनशॉट या सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स अटैच करें।

शिकायत सही हेल्पडेस्क पर भेजें

छात्रों को अपनी चिंताएं उस खास परीक्षा के लिए बने हेल्पडेस्क के पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजनी चाहिए। एजेंसी ने कहा कि संबंधित ईमेल एड्रेस परीक्षा के इन्फॉर्मेशन बुलेटिन और उसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद होता है।

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SBI Scholarship 2026: स्टूडेंट्स को SBI दे रहा ₹15 लाख तक की स्कॉलरशिप! 19 सितंबर तक है मौका, जानें पूरी डिटेल्स

SBI Asha Scholarship 2026-27: अगर आप या आपके घर में कोई स्टूडेंट स्कूल, कॉलेज, IIT, IIM, मेडिकल या विदेश में पढ़ाई कर रहा है और पढ़ाई का खर्च आड़े आ रहा है, तो देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक की यह स्कीम आपके बड़े काम आ सकती है। एसबीआई फाउंडेशन ने ‘एसबीआई प्लेटिनम जुबली आशा स्कॉलरशिप 2026-27’ के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्या है इस स्कीम में?

एसबीआई की इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्रों को ₹15,000 से लेकर ₹15 लाख सालाना तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क और ऑनलाइन है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, 2026-27 सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट बढ़ाकर 19 सितंबर 2026 कर दी गई है।

किस कैटेगरी में मिलेगी कितनी स्कॉलरशिप?

एसबीआई आशा स्कॉलरशिप अलग-अलग शैक्षणिक स्तर के हिसाब से दी जा रही है:

  • कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्र: ₹15,000 सालाना।
  • अंडरग्रेजुएट (UG) छात्र: ₹75,000 तक।
  • पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्र: ₹1.5 लाख तक।
  • MBBS (मेडिकल) छात्र: ₹2 लाख तक।
  • IITs (इंजीनियरिंग) छात्र: ₹2 लाख तक।
  • IIMs (MBA/PGDM) छात्र: ₹5 लाख तक।
  • विदेश में पढ़ाई करने वाले : ₹15 लाख तक।

कौन कर सकता है अप्लाई?

स्कॉलरशिप पाने के लिए एसबीआई फाउंडेशन ने कुछ शैक्षणिक और फैमिली इनकम की शर्तें तय की हैं:

कक्षा 9 से 12वीं के लिए: पिछली कक्षा में कम से कम 75% अंक या 7.5 CGPA होना अनिवार्य है। SC/ST छात्रों के लिए न्यूनतम अंक 65% और दिव्यांग छात्रों (PwBD) के लिए 60% तय किए गए हैं। पारिवारिक आय सीमा ₹3 लाख सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए।

ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन (UG/PG): UG छात्रों के लिए पारिवारिक आय सीमा ₹6 लाख सालाना है। कॉलेज/संस्थान NIRF ओवरऑल रैंकिंग की टॉप 300 सूची में या NAAC ‘A’ ग्रेड प्राप्त होना चाहिए।

MBBS: AIIMS या NIRF टॉप 50 मेडिकल कॉलेज में एडमिशन होना चाहिए। साथ ही NEET स्कोरकार्ड अनिवार्य है।

IIT: देश के 23 IITs में से किसी एक में पढ़ाई और वैध JEE Advanced स्कोरकार्ड।

IIM: देश के 22 IIMs में अध्ययनरत छात्र और वैध CAT स्कोरकार्ड (आय सीमा व शैक्षणिक नियम लागू)।

विदेश में उच्च शिक्षा: QS टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई कर रहे या एडमिशन ऑफर लेटर पाने वाले भारतीय छात्र पात्र हैं। पारिवारिक आय ₹6 लाख सालाना से कम होनी चाहिए। वैध GRE, GMAT, MCAT, LNAT या LSAT स्कोरकार्ड होना अनिवार्य है।

आवेदन कैसे करें और क्या-क्या डॉक्यूमेंट्स चाहिए?

पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक SBI Asha Scholarship पोर्टल पर जाकर अपना अकाउंट बनाएं।

कैटेगरी चुनें: अपनी योग्यता के अनुसार सही स्कॉलरशिप कैटेगरी का चयन करें और फॉर्म भरें।

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ध्यान दें: एक बार फॉर्म सबमिट होने के बाद इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया जा सकेगा। शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों का टेलीफोनिक इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद फाइनल सिलेक्शन होगा।

दुनिया का सबसे ‘बदसूरत’ कुत्ता कौन? लटकी जीभ बनी खासियत, मालिक को मिले 5 लाख रुपये

दुनिया में खूबसूरती के मुकाबले तो आपने कई देखे होंगे, लेकिन अमेरिका में होने वाली एक अनोखी प्रतियोगिता का मकसद बिल्कुल अलग है। यहां खूबसूरत नहीं, बल्कि सबसे अलग और ‘बदसूरत’ दिखने वाले कुत्ते को विजेता चुना जाता है। हालांकि, इसके पीछे किसी जानवर का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि रेस्क्यू डॉग्स की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। साल 2026 में इस अनोखे मुकाबले का खिताब 6 साल की पग कुतिया जिन्नी लू ने जीता है। उसकी उभरी हुई आंखें और बाहर निकली बड़ी जीभ उसकी पहचान बन गई हैं। खास बात यह है कि जिन्नी लू की कहानी सिर्फ उसके अजीबोगरीब लुक तक सीमित नहीं है।

कभी दक्षिण कोरिया में मुश्किल हालात में मिली यह कुतिया आज अमेरिका में सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी जी रही है। उसकी जीत यह संदेश भी देती है कि किसी जानवर की खूबसूरती उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष और जज्बे से देखी जानी चाहिए।

6 साल की जिन्नी लू बनी विजेता

2026 के World’s Ugliest Dog Contest का खिताब 6 साल की पग कुतिया जिन्नी लू ने अपने नाम किया। उसकी बड़ी-बड़ी उभरी आंखें और मुंह से बाहर निकली लंबी जीभ उसके लुक को बेहद अनोखा बनाती हैं। यही ‘परफेक्टली इंपर्फेक्ट’ अंदाज जजों को पसंद आया। जिन्नी लू को जीत के लिए 5,000 डॉलर की इनामी राशि मिली। इसके साथ उसे टीवी शो में नजर आने और एक स्पेशल एडिशन प्रोडक्ट पर अपनी तस्वीर छपने का मौका भी मिला।

कभी ठंड में लकड़ी के बक्से में मिली थी

जिन्नी लू की कहानी उसके लुक से कहीं ज्यादा भावुक है। वह दक्षिण कोरिया के एक पहाड़ी इलाके में बेहद खराब हालत में मिली थी। उसे ठंड में एक लकड़ी के बक्से में छोड़ दिया गया था। बाद में उसे रेस्क्यू किया गया और अमेरिका में एक नया परिवार मिला। आज वही कुतिया न सिर्फ सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी जी रही है, बल्कि दुनिया का ध्यान भी अपनी ओर खींच रही है।

प्रतियोगिता का मकसद सुनकर बदल जाएगा नजरिया

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य किसी कुत्ते का मजाक बनाना नहीं है। आयोजक ऐसे रेस्क्यू डॉग्स को पहचान दिलाना चाहते हैं, जिन्होंने बीमारी, चोट, उपेक्षा या मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया है।जिन्नी लू की जीत भी इसी संदेश को मजबूत करती है कि किसी जानवर की कीमत उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसकी जिंदगी और संघर्ष से तय होनी चाहिए।

पग की शक्ल के पीछे छिपी है स्वास्थ्य की कहानी

पग कुत्तों की चपटी नाक, बड़ी आंखें और छोटी कद-काठी उन्हें अलग पहचान देती है। हालांकि, उनकी शारीरिक बनावट के कारण कुछ पग्स को सांस लेने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिन्नी लू की उभरी आंखें और बाहर निकली जीभ भी उसकी अनोखी शारीरिक बनावट का हिस्सा हैं। इसके बावजूद वह एक सक्रिय और खुश कुतिया है। शायद यही वजह है कि इस बार जजों को उसमें ‘बदसूरती’ से ज्यादा संघर्ष के बाद मिली जिंदगी की खूबसूरती नजर आई।

2 बार JEE में फेल हुआ लड़का, आज ₹2 लाख महीना कमाता है, Ankur Warikoo ने बताई कहानी

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बिजनेसमैन अंकुर वारिकू की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारत में टैलेंट और सफलता को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने इंदौर के एक डिजाइनर नमन की कहानी साझा की, जो दो बार JEE में सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बिना किसी प्रतिष्ठित कॉलेज की डिग्री के अपने दम पर प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। YouTube से सीखते हुए नमन ने धीरे-धीरे अपने कौशल को निखारा और फ्रीलांसिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज उनकी कमाई करीब 2 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है।

नमन की कहानी साझा करते हुए वारिकू ने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है, बल्कि लोगों को पहचानने का नजरिया सीमित है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की काबिलियत केवल कॉलेज, डिग्री या नौकरी के नाम से तय नहीं होनी चाहिए। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि सफलता के लिए डिग्री जरूरी है या असली हुनर।

‘भारत में टैलेंट की नहीं, लेबल की समस्या है’

अंकुर वारिकू ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “India does not have a talent problem. It has a label problem.” उनका कहना है कि भारत में लोगों की काबिलियत को अक्सर उनके कॉलेज, डिग्री और नौकरी के नाम से आंका जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार बेहतरीन टैलेंट सिर्फ इसलिए सामने नहीं आ पाता, क्योंकि उसके पास किसी बड़े कॉलेज की डिग्री या मशहूर कंपनी का अनुभव नहीं होता।

JEE में दो बार फेल, फिर YouTube से सीखा डिजाइन

वारिकू ने इंदौर के डिजाइनर नमन का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, नमन दो बार JEE में सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने रात में YouTube की मदद से खुद प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपना पोर्टफोलियो तैयार किया और फ्रीलांस काम शुरू किया। वारिकू के अनुसार, आज नमन हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाते हैं।

‘डिग्री यह नहीं बता सकती कि आप कितनी दूर जाएंगे’

वारिकू ने अपनी पोस्ट में कहा कि किसी व्यक्ति की डिग्री या पुराने अनुभव से यह तय नहीं किया जा सकता कि वह भविष्य में कितना सफल होगा। उनके मुताबिक, क्रेडेंशियल्स बताते हैं कि कोई व्यक्ति अब तक कहां पहुंचा है, लेकिन यह नहीं बताते कि वह आगे कितनी दूर जा सकता है।

सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय

वारिकू की पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी मिली-जुली रहीं। कुछ यूजर्स ने नमन की सफलता को प्रेरणादायक बताया, लेकिन कुछ लोगों का कहना था कि ऐसी कहानियां अपवाद हो सकती हैं। एक यूजर ने कहा कि कई IIT ग्रेजुएट भी कम उम्र में 2 लाख रुपये महीने नहीं कमा पाते। वहीं, दूसरे यूजर ने IIT से तुलना पर सवाल उठाते हुए कहा कि JEE जैसी कठिन परीक्षा पास करना भी किसी व्यक्ति की समस्या सुलझाने की क्षमता दिखाता है।

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Diamond State Summit: ‘हमारे युवा प्रतिभाशाली हैं…’ , CM योगी ने की Gen-Z युवाओं की जमकर तारीफ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज18 इंडिया के खास कार्यक्रम डायमंड स्टेट समिट में देश युवाओं की काफी तारीफ की। डायमंड स्टेट्स समिट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि, युवा देश का भविष्य हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की मदद के लिए उनकी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।

बता दें कि, सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में दिल्ली में नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक विवाद को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में Gen-Z युवाओं का बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था। न्यूज18 इंडिया के ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ कार्यक्रम में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी परीक्षा पास कर चुके लोग इस योजना के तहत कम से कम एक घंटे का समय उन छात्रों को देते हैं, जो यूपीएससी, नीट, आईआईटी और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

युवाओं पर सीएम योगी आदित्यनाथ का फोकस

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सबसे युवा आबादी का नेतृत्व करता है। हमारा युवा प्रतिभाशाली है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए हैं, जहां मॉडर्न टेक्नोलॉजी सिखाई जा रही है। AI, स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर तमाम आधुनिक शिक्षा दी जा रही है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यूपी के सरकारी इंटर कॉलेजों का कायाकल्प किया गया। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिला। UPSC, UPPSC, NEET और IIT-JEE की तैयारी के लिए वर्चुअल और फिजिकल कोचिंग की व्यवस्था की गई। जिलों में तैनात UPSC पास अधिकारी युवाओं को मार्गदर्शन दे रहे।

सीएम योगी ने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र देश की बड़ी युवा आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में काफी लंबी दूरी तय की है और क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह सिर्फ आंकड़ों के आधार पर बदलाव की बात नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जब आम लोग खुद अपनी आंखों से बदलाव देख रहे हैं, तो यह साफ है कि वास्तव में काफी बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में काशी और प्रयागराज को छोड़कर किसी दूसरे इलाके में विश्वविद्यालय नहीं था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में गोरखपुर, आजमगढ़, बलरामपुर और मिर्जापुर में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में भदोही में भी काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के बनने से प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।