Revised ITR Rules: 31 जुलाई से पहले भरा ITR और हो गई गलती? जानें रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने का सही तरीका

How to File Revised ITR: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 खत्म हो चुकी है। कई टैक्सपेयर्स ने आखिरी समय की जल्दबाजी में अपना रिटर्न तो जमा कर दिया, लेकिन बाद में पता चला कि कोई बैंक ब्याज, शेयर बाजार से हुआ मुनाफा या फिर कोई टैक्स सेविंग डिडक्शन जोड़ना छूट गया है।

अगर आपने भी अपने ITR में कोई गलत जानकारी भर दी है या कोई आय छिपा ली है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 139(5) आपको अपनी गलती सुधारने का पूरा मौका देता है। आइए जानते हैं कि धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने के नियम, डेडलाइन और आसान तरीका क्या है।

क्या होता है ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ (सेक्शन 139(5))?

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(5) के तहत अगर किसी टैक्सपेयर को अपना ओरिजिनल ITR सबमिट करने के बाद यह अहसास होता है कि उससे कोई गलत जानकारी चली गई है या कोई ब्योरा दर्ज होने से रह गया है, तो वह एक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकता है।

कौन कर सकता है फाइल?: जिस भी व्यक्ति ने सेक्शन 139(1) के तहत समय पर (31 जुलाई तक या समय बीतने के बाद बिलेटेड रिटर्न (सेक्शन 139(4)) जमा किया है, वह रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकता है।

कितनी बार कर सकते हैं रिवाइज?: कानूनन आप अपने ITR को एक से अधिक बार भी रिवाइज कर सकते हैं, बशर्ते वह डेडलाइन के भीतर हो।

रिवाइज्ड ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 है। अगर इनकम टैक्स विभाग द्वारा आपके रिटर्न का एसेसमेंट (सेक्शन 144) पहले ही पूरा कर लिया जाता है, तो एसेसमेंट पूरा होने के बाद या 31 दिसंबर 2026 जो भी पहले हो तक ही आप इसे रिवाइज कर सकेंगे।

रिवाइज्ड ITR फाइल करते समय ध्यान रखें ये 4 अहम बातें

1- ओरिजिनल ITR का पावती नंबर: रिवाइज्ड रिटर्न भरते समय आपको अपने पुराने ITR का पावती नंबर और फाइल करने की तारीख दर्ज करनी होगी।

2- सही ITR फॉर्म का चयन: आप जिस फॉर्म (ITR-1, ITR-2 आदि) में पहले रिटर्न दाखिल कर चुके हैं, उसी फॉर्म का उपयोग करें, जब तक कि आपकी आय के स्रोतों में बदलाव न हुआ हो।

3- AIS और Form 26AS से मिलान: नई फाइलिंग से पहले अपने Annual Information Statement (AIS) को दोबारा ध्यान से जांचें ताकि इस बार कोई ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेन छूट न जाए।

4- ई-वेरिफिकेशन अनिवार्य: ओरिजिनल ITR की तरह ही रिवाइज्ड ITR को भी सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर e-Verify करना अनिवार्य है। बिना वेरिफिकेशन के आपका रिवाइज्ड रिटर्न अमान्य माना जाएगा।

ई-फाइलिंग पोर्टल पर रिवाइज्ड ITR भरने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

  • स्टेप 1: इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (eportal.incometax.gov.in) पर जाएं और अपने PAN/Aadhaar तथा पासवर्ड से लॉगिन करें।
  • स्टेप 2: ‘e-File’ टैब में जाएं > ‘Income Tax Returns’ > ‘File Income Tax Return’ पर क्लिक करें।
  • स्टेप 3: Assessment Year 2026-27 चुनें और Filing Type में ‘Revised Return u/s 139(5)’ सिलेक्ट करें।
  • स्टेप 4: स्क्रीन पर मांगे जाने अनुसार अपने ओरिजिनल ITR का Acknowledgement Number और Filing Date दर्ज करें।
  • स्टेप 5: अब फॉर्म में जहाँ भी गलती हुई थी (जैसे आय बढ़ाना, छूटी हुई डिडक्शन जोड़ना या बैंक डिटेल सही करना), उसे ठीक करें।
  • स्टेप 6: टैक्स लायबिलिटी की दोबारा गणना करें और अगर कोई अतिरिक्त टैक्स बनता है, तो उसका भुगतान करें।
  • स्टेप 7: रिटर्न सबमिट करें और तुरंत Aadhaar OTP या नेट बैंकिंग के जरिए इसे e-Verify कर दें।

एक साल में 1.14 रुपये करोड़ इनकम टैक्स जमा किया, फिर शख्स ने ऐसा क्यों कहा कि कमाई अपनी नहीं लगती

एक शख्स की सोशल मीडिया पोस्ट ने देश में टैक्स व्यवस्था और टैक्सपेयर्स की उम्मीदों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। दावा किया गया कि उसने इस साल 1.14 करोड़ रुपये इनकम टैक्स जमा किया, जिसके बाद उसने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि कई बार ईमानदार टैक्स देने वालों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा सिस्टम में जाता हुआ महसूस होता है। उसकी पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने टैक्स भुगतान, सरकारी सुविधाओं और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी।

कई यूजर्स का कहना है कि टैक्स देश के विकास के लिए जरूरी है, लेकिन बदले में बेहतर सेवाएं और पारदर्शिता भी मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि बड़े योगदान देने वाले ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए अलग सुविधाओं या प्रोत्साहन पर भी विचार किया जा सकता है।

टैक्स समरी शेयर कर बताई अपनी परेशानी

X पर वायरल हुई पोस्ट में शख्स ने अपनी टैक्स समरी का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें भारी टैक्स भुगतान का दावा किया गया है। उसने कहा कि ईमानदारी से टैक्स देने वाले लोगों की परेशानियों और उनकी अपेक्षाओं पर अक्सर कम चर्चा होती है, जबकि वे देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं।

विदेश से ऑफर मिले, फिर भी भारत में रहने का फैसला

शख्स ने बताया कि उसे अमेरिका से नौकरी के ऑफर भी मिले थे, लेकिन उसने अपने बुजुर्ग माता-पिता की वजह से भारत में रहने का फैसला किया। हालांकि, उसका कहना है कि ज्यादा टैक्स देने वाले कई लोग यह महसूस करते हैं कि उनकी आवाज उतनी प्रभावी तरीके से नहीं सुनी जाती।

टैक्स और सुविधाओं को लेकर छिड़ी बहस

उसकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर टैक्स व्यवस्था, सरकारी सुविधाओं और टैक्सपेयर्स को मिलने वाली सेवाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि ज्यादा योगदान देने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं और अधिक जवाबदेही क्यों नहीं मिलनी चाहिए।

यूजर्स बोले- टैक्स जरूरी है, लेकिन जवाबदेही भी होनी चाहिए

एक यूजर ने लिखा कि टैक्स देश के विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन टैक्स देने वालों को बदले में बेहतर सेवाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही भी मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए कुछ विशेष सुविधाओं या रियायतों पर विचार किया जाना चाहिए।

ईमानदार टैक्सपेयर्स बनाम सिस्टम पर बहस

कुछ यूजर्स ने अपनी निजी परेशानियां भी साझा कीं। एक यूजर ने कहा कि नौकरीपेशा लोग अपनी आय और खर्चों पर लगातार टैक्स देते हैं, जबकि कुछ व्यवसायी अपनी वास्तविक आय के हिसाब से उतना टैक्स नहीं देते। इस पोस्ट ने एक बार फिर टैक्स व्यवस्था में समानता और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है।

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ITR: 31 जुलाई तक फाइल किए गए करीब 6 करोड़ रिटर्न, इनकम के ट्रेंड में दिखा दिलचस्प बदलाव

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख तक कुल 5.9 लाख रिटर्न फाइल हुए। आईटीआर फॉर्म-1 और आईटीआर फॉर्म-2 से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। फाइल कुल रिटर्न की संख्या की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अगस्त को दी है।

आईटीआर-3 और ITR-4 फॉर्म वाले टैक्सपेयर्स के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की 31 जुलाई की अंतिम तारीख उन टैक्सपेयर्स के लिए थी, जिनके अकाउंट्स का ऑडिट जरूरी नहीं है। ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी बिजनेस और प्रोफेशनल इनकम है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 अगस्त है। आईटीआर-1 का इस्तेमाल ऐसे रेजिडेंट इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स करते हैं, जिनकी कुल सालाना इनकम 50 लाख रुपये तक होती है। उनकी इनकम में सैलरी, एक घर से इनकम और 5,000 रुपये तक की एग्रीकल्चर इनकम शामिल हो सकती है।

अब ज्यादातर टैक्सपेयर्स की इनकम का स्रोत सिर्फ सैलरी नहीं

ITR फॉर्म 2 उन टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से कोई इनकम नहीं है, लेकिन कैपिटल गेंस से इनकम है। टैक्स फाइलिंग प्लेटफॉर्म क्लियरटैक्स के डेटा के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में टैक्स फाइलिंग का पैटर्न बदला है। अब ज्यादा टैक्सपेयर्स सैलरी के अलावा इनकम के दूसरे स्रोतों की भी रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

कैपिटल गेंस दिखाने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या भी बढ़ी

इस साल रिटर्न फाइल कर चुके टैक्सपेयर्स में से सिर्फ 42 फीसदी ने सैलरी को इनकम का मुख्य स्रोत दिखाया है। AY2022-23 में यह संख्या 82 फीसदी थी। टैक्सपेयर्स के इनकम में कैपिटल गेंस बड़ा स्रोत के रूप में सामने आया है। कैपिटल गेंस से इनकम वाले टैक्सपेयर्स की हिस्सेदारी इस साल 39 फीसदी पहुंच गई। AY2022-23 में यह सिर्फ 9 फीसदी थी।

बिजनेस इनकम रिपोर्ट करने वाले टैक्सपेयर्स की हिस्सेदारी बढ़कर 26 फीसदी

बिजनेस इनकम रिपोर्ट करने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या भी बढ़कर 26 फीसदी पहुंच गई है। AY2022-23 में यह सिर्फ 4 फीसदी थी। इससे यह संकेत मिलता है कि सेल्फ-एंप्लॉयमेंट वाले लोग अब पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न फाइल कर रहे हैं। यह ट्रेंड हर उम्र वर्ग के टैक्सपेयर्स में देखने को मिला है। सीनियर सिटीजंस में ऑनलाइन रिटर्न फाइल करे वाले लोगों की संख्या बढ़कर 53 फीसदी हो गई है।

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होम लोन, कार लोन सहित दूसरी जरूरतों की वजह से ज्यादा लोग फाइल कर रहे रिटर्न

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसलिए भी अब पहले के मुकाबले ज्यादा लोग रिटर्न फाइल कर रहे हैं, क्योंकि अब होम लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड और रेंट एग्रीमेंट बनवाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न मांगा जा रहा है। अब रिटर्न फाइल करना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं रह गया है। टैक्सपेयर्स इसे गंभीरता से ले रहे हैं। सरकार ने रिटर्न फाइल प्रोसेस को पहले के मुकाबले काफी आसान बना दिया है। इसका फायदा भी मिल रहा है।

सांप काटने से होने वाली मौतों पर लगेगा ब्रेक! नई रिसर्च में मिला सांपों के अंदर छिपा एंटीवेनम का रहस्य

सांप के जहर का इलाज अब खुद सांपों से मिलने वाले समाधान से संभव हो सकता है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है, जो भविष्य में एंटीवेनम बनाने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। शोधकर्ताओं को जहरीले सांपों के खून में ऐसे प्राकृतिक प्रोटीन मिले हैं, जो उनके घातक विष को निष्क्रिय करने की क्षमता रखते हैं। यह खोज इसलिए खास है क्योंकि मौजूदा एंटीवेनम कई सीमाओं के साथ आते हैं और हर तरह के सांप के जहर पर समान रूप से असरदार नहीं होते। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के वैज्ञानिकों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

उनका मानना है कि प्रकृति में मौजूद इस सुरक्षा प्रणाली की मदद से आने वाले समय में ज्यादा प्रभावी, सुरक्षित और किफायती एंटीवेनम तैयार किए जा सकते हैं, जिससे दुनियाभर में सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने में मदद मिल सकती है।

सांप खुद अपने जहर से कैसे बचते हैं?

वैज्ञानिक लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि जहरीले सांप अपने ही विष से प्रभावित क्यों नहीं होते। शोधकर्ताओं के अनुसार, सांपों के शरीर में मौजूद कुछ खास प्रोटीन एक तरह की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली की तरह काम करते हैं। शोध टीम के प्रमुख सीन बी. कैरोल ने कहा कि प्रकृति ने पहले ही इस समस्या का समाधान खोज रखा है, जिसे इंसान अब समझने की कोशिश कर रहा है।

हर साल लाखों लोग होते हैं सांप के काटने का शिकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, जहरीले सांपों के काटने से हर साल दुनिया में करीब 80 हजार से 1.40 लाख लोगों की मौत होती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग स्थायी विकलांगता का शिकार भी हो जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में समय पर इलाज न मिलने की वजह से यह समस्या और गंभीर बन जाती है।

मौजूदा एंटीवेनम में हैं कई सीमाएं

फिलहाल सांप के जहर का इलाज घोड़ों या भेड़ों जैसे जानवरों में जहर डालकर तैयार किए गए एंटीबॉडी से किया जाता है। हालांकि, यह प्रक्रिया महंगी होती है और अलग-अलग प्रजातियों के सांपों के जहर पर इसकी प्रभावशीलता भी सीमित हो सकती है। कई मामलों में इससे मरीजों में गंभीर एलर्जी या इम्यून रिएक्शन का खतरा भी रहता है।

FETUA-3 प्रोटीन ने दिखाई नई उम्मीद

साल 2022 में वैज्ञानिकों ने FETUA-3 नामक एक सुरक्षा प्रोटीन की पहचान की थी, जो सांप के जहर में मौजूद खतरनाक टॉक्सिन परिवार को रोक सकता है। नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने FETUA प्रोटीन परिवार के कई रूपों का परीक्षण किया। उन्होंने पाया कि अलग-अलग प्रोटीन को मिलाकर बनाया गया मिश्रण जहर को बेअसर करने में ज्यादा प्रभावी साबित हुआ।

पुराने एंटीवेनम से 10 गुना ज्यादा असरदार

प्रयोगशाला परीक्षणों में वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए प्रोटीन मिश्रण ने मौजूदा भेड़-आधारित एंटीवेनम की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा प्रभावी क्षमता दिखाई। इसने न सिर्फ रैटलस्नेक के जहर को पूरी तरह निष्क्रिय किया, बल्कि कई अन्य वाइपर प्रजातियों के विष से भी सुरक्षा प्रदान की।

अब कई तरह के जहरीले टॉक्सिन पर हो रहा काम

शोधकर्ता अब इसी तकनीक का इस्तेमाल सांपों के अन्य प्रमुख विषैले टॉक्सिन समूहों पर कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में प्रकृति से प्रेरित लैब में तैयार एंटीवेनम इंसानों के इलाज के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। सीन कैरोल के अनुसार, इस तकनीक से बड़ी मात्रा में एंटीवेनम तैयार किया जा सकता है, जिससे दुनिया भर में सांप काटने की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है।

पहला इस्तेमाल इंसानों से पहले जानवरों में संभव

वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नई तकनीक का शुरुआती व्यावसायिक इस्तेमाल पशु चिकित्सा में हो सकता है। इसके बाद इसे इंसानों के इलाज के लिए विकसित किया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि जिस प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तलाश वैज्ञानिक दशकों से कर रहे थे, उसका जवाब खुद सांपों के शरीर में मौजूद था।

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Income Tax Return: 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने का मौका चूक गए? जानिए अब आपके लिए क्या हैं विकल्प

अगस्त का महीना शुरू हो गया है। रुपये-पैसे से जुड़े कई नियम आज से बदल गए हैं। आज से आईटीआर-1 और आईटीआर-2 फॉर्म से रिटर्न भरने पर पेनाल्टी चुकानी होगी। साथ ही आईटीआर-3 और आईटीआर-4 फॉर्म से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त को खत्म हो जाएगी। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर तक फाइल किया जा सकता है

ITR-1 और ITR-2 फॉर्म से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। अगर किसी वजह से आप डेडलाइन तक रिटर्न फाइल करने से चूक गए हैं तो आप इस साल 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके लिए आपको पेनाल्टी चुकानी होगी। साथ ही टैक्स अमाउंट पर इंटरेस्ट देना होगा। ऐसे टैक्सपेयर्स का रिफंड आने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है।

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए पेनाल्टी चुकानी होगी

ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए 5000 रुपये पेनाल्टी चुकानी होगी। ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये तक है उन्हें 1000 रुपये पेनाल्टी चुकानी होगी। इसके अलावा टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234ए के तहत बकाया टैक्स पर इंटरेस्ट चुकाना होगा।

ये टैक्सपेयर्स बगैर पेनाल्टी 31 अगस्त तक फाइल कर सकते हैं रिटर्न

ऐसे टैक्सपेयर्स जिनके लिए आईटीआर-3 या आईटीआर-4 का इस्तेमाल करना जरूरी है और जिन्हें टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। इस कैटेगरी में सेल्फ-एंप्लॉयड प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स, छोटे कारोबारी जैसे टैक्सपेयर्स आते हैं। इसके अलावा ऐसे टैक्सपेयर्स भी इस कैटेगरी में आते हैं, जिन्होंने सेक्शन 44 एडी और 44एडीए के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम को सेलेक्ट किया है।

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इस महीने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की भी होगी बैठक

इस महीने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक होगी। 3 अगस्त को यह बैठक शुरू होगी, जिसके नतीजे 5 अगस्त को आएंगे। अगर इस मीटिंग में आरबीआई इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान करता है तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे हो जाएंगे। साथ ही जिन लोगों ने पहले से लोन लिए हैं, उनकी EMI बढ़ जाएगी। हालांकि, अगस्त की बैठक में आरबीआईआ के रेपो रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। रेपो रेट बढ़ने से बैंक लोन का इंटरेस्ट रेट बढ़ा देते हैं।

क्रेडिट कार्ड से लेकर रसोई गैस, तत्काल टिकट और ITR तक, अगस्त के ये 5 बड़े बदलाव जो जेब पर डालेंगे असर

1 अगस्त 2026 से आम लोगों और कारोबारियों के फाइनेंशियल वर्किंग से जुड़े कई जरूरी नियमों और समय-सीमाओं में बदलाव हो रहा है। टैक्स कम्प्लायंस, बैंकिंग चार्जेज, होम लोन की ईएमआई से लेकर भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग और क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड्स तक, अगस्त के इस महीने में 5 बड़े फाइनेंशियल चेंज या वित्तीय मसले आपकी जेब और मासिक बजट को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।

1- ITR फाइलिंग की 31 अगस्त की डेडलाइन (बिजनेस और प्रोफेशनल्स के लिए)

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वाले self-employed प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स, छोटे व्यवसायियों और धारा 44AD व 44ADA के तहत प्रिजम्पटिव टैक्स स्कीम का विकल्प चुनने वाले ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त 2026 अगली महत्वपूर्ण समय-सीमा है जिन्हें टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं होती (ITR-3 या ITR-4 दाखिल करने वाले)। अगर पात्र टैक्सपेयर्स 31 अगस्त की इस समय-सीमा तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते तो धारा 234F के तहत ₹5000 तक का लेट-फाइलिंग शुल्क लग सकता है। बकाया टैक्स देनदारी पर धारा 234A के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार ब्याज भी देना होगा। समय पर कम्प्लायंस पूरा करने और अतिरिक्त पेनल्टी से बचने के लिए समय रहते फाइलिंग पूरी करना जरूरी है।

2- RBI की MPC बैठक पर रहेगी सभी की नजर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) की महत्वपूर्ण बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त के बीच आयोजित होने जा रही है। इस नीतिगत बैठक के फैसलों की घोषणा 5 अगस्त 2026 को की जाएगी। हालांकि इस ऐलान से तुरंत कोई रेगुलेटरी बदलाव लागू नहीं होता लेकिन मेन पॉलिसी रेट्स और लिक्विडिटी आउटलुक पर आरबीआई का फैसला आने वाले महीनों में होम लोन की ईएमआई, बैंकों की ब्याज दरों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रिटर्न को सीधे प्रभावित कर सकता है।

3- भारतीय रेलवे: तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव

भारतीय रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटरों पर होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित बनाने के लिए 1 अगस्त से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए टोकन-आधारित प्रणाली लागू कर दी है।

4- एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड्स और नियमों में कटौती

एक्सिस बैंक अपने प्रीमियम क्रेडिट कार्ड Magnus for Burgundy के फीचर्स और फायदों में 28 अगस्त 2026 से कटौती करने जा रहा है। बैंक ने डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन मार्कअप को 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। टोल-संबंधित ट्रांजैक्शंस और गिफ्ट कार्ड की खरीदारी पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा प्रायोरिटी पास के माध्यम से मिलने वाले घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की प्रक्रिया में भी संशोधन किया गया है।

5- बैंकिंग सर्विस चार्जेज और SMS फीस में संशोधन

1 अगस्त से कई बैंक अपनी चुनिंदा सेवाओं के शुल्कों में संशोधन लागू कर रहे हैं। उज्जजीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने प्रति मैसेज ₹0.30 का एसएमएस अलर्ट फी लगाने का ऐलान कर दिया है। इसपर मंथली कैप भी होगा। दूसरे बैंकों के ग्राहक भी अपने-अपने बैंकों द्वारा डेबिट कार्ड के एनुअल मेंटेनेंस चार्जेस, ट्रांजैक्शन फीस या अन्य सेवाओं में किए गए संभावित बदलावों की जांच कर लें ताकि अचानक लगने वाले किसी भी अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।

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ITR: बगैर पेनाल्टी आज इनकम टैक्स रिटर्न भरने का आखिरी मौका, आपको होंगे ये फायदे

ITR: इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 1 और फॉर्म 2 से रिटर्न फाइल करने का आज आखिरी मौका है। आज के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी लगेगी और टैक्स पर इंटरेस्ट भी देना पड़ेगा। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्सपेयर्स को आज रिटर्न फाइल करने की कोशिश करनी चाहिए। आज रिटर्न फाइल करने के कई फायदे हैं।

इनकम का एक सोर्स होने पर 30 मिनट में फाइल होगा रिटर्न

सैलरीड टैक्सपेयर्स जिनकी इनकम का एक सोर्स है, वे बगैर किसी दिक्कत करीब 30 मिनट में रिटर्न फाइल कर सकते हैं। टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26एएस, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) जैसे डॉक्युमेंट्स तैयार रखने होंगे। इसके अलावा बैंक अकाउंट डिटेल, इंटरेस्ट से हुई इनकम और कैपिटल गेंस का कैलकुलेशन भी तैयार रखना होगा।

सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स रिटर्न फाइल करने से पहले जुटा लें

चार्टर्ड अकाउंटेंट श्रेया गुप्ता गोयल ने कहा कि 30 मिनट में रिटर्न तभी फाइल किया जा सकता है, जब टैक्सपेयर्स ने सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स पहले से जुटा लिया हो। उन्होंने कहा, “प्री-फिल्ड डेटा की वजह से खुद डेटा डालने में लगने वाला समय बच रहा है। लेकिन, टैक्सपेयर्स के लिए डेटा को एक बार चेक कर लेना जरूरी है।”

आईटीआर फॉर्म में भरे गए हर डेटा के लिए टैक्सपेयर जिम्मेदार

रिटर्न में भरे हर डेटा के लिए टैक्सपेयर जिम्मेदार होता है। इसलिए रिटर्न फाइल करते वक्त प्री-फिल्ड डेटा को भी वेरिफाय कर लेना जरूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्सपेयर्स को प्री-फिल्ड डेटा फॉर्म 16, AIS और 26AS से मैच करा लेना चाहिए। सेविंग्स अकाउंट से इंटरेस्ट, फिक्स्ड डिपॉजिट से इंटरेस्ट और कैपिटल गेंस की रिपोर्टिंग अलग से होती है।

31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी और इंटरेस्ट चुकाना होगा

31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी चुकानी होगी। इसके अलावा टैक्स पर इंटरेस्ट भी देना होगा। सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा होने पर पेनाल्टी 5000 रुपये है। 5 लाख रुपये से कम सालाना इनकम पर पेनाल्टी 1000 रुपये है।

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31 जुलाई तक आईटीआर फाइल करने के ये हैं फायदे

दूसरा, फायदा यह है कि आप लॉस को कैरी फॉरवर्ड कर सकेंगे। 31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर लॉस कैरी फॉरवर्ड की सुविधा नहीं मिलती है। तीसरा, रिफंड का पैसा भी जल्द अकाउंट में आ जाएगा। चौथा, 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने पर टैक्सपेयर्स के सामने इनकम टैक्स की नई और पुरानी दोनों रीजीम के इस्तेमाल का विकल्प खुला है। 31 के बाद सिर्फ इन रीजीम में रिटर्न फाइल करना होगा।

5.5 करोड़ पार हुए रिटर्न, पोर्टल पर भारी ट्रैफिक! अगर आज नहीं भरा फॉर्म तो लगेगा भारी जुर्माना?

Income Tax Return

ITR Filing Last Date: वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख आज यानी 31 जुलाई 2026 है। तय समय सीमा से ठीक 24 घंटे पहले तक देश भर में 5.5 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल किए जा चुके हैं। 30 जुलाई को ही 42 लाख से अधिक लोगों ने अपने रिटर्न दाखिल किए हैं, जो अंतिम समय में मचने वाली अफरा-तफरी को साफ बयां करता है। ALSO READ: ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

 

इनकम टैक्स विभाग ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि 24 घंटे से भी कम समय बचा है! असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 5.5 करोड़ से अधिक ITR फाइल किए जा चुके हैं। अकेले 30 जुलाई को 42 लाख से ज्यादा फाइल हुए।

सरकार की तरफ से राहत या सख्ती?

करदाताओं (Taxpayers) की भारी तादाद और आखिरी घंटों में इनकम टैक्स पोर्टल पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए सोशल मीडिया पर तारीख बढ़ाने (Extension) की मांग उठ रही थी। हालांकि, वित्त मंत्रालय और आयकर विभाग की ओर से अभी तक डेडलाइन बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में जानकारों का यही सुझाव है कि टैक्सपेस्ट्स किसी भी भरोसे के बिना आज ही अपना रिटर्न हर हाल में पूरा कर लें।

आखिरी वक्त में रिटर्न भरते समय इन बातों का रखें खास ख्याल

टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, तो इन जरूरी बातों का ध्यान रखें ताकि पेनल्टी और नोटिस से बच सकें:

 

फॉर्म 26AS और AIS का मिलान जरूर करें: जल्दबाजी में डेटा गलत न भरें। अपने फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में दिए गए टीडीएस (TDS) और इनकम डेटा का मिलान अपने बैंक स्टेटमेंट से जरूर करें।

 

पोर्टल धीमा होने पर घबराएं नहीं: आखिरी घंटों में इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर भारी लोड के कारण सर्वर स्लो हो सकता है। अगर पेज अटक रहा है, तो कुछ देर इंतजार करें या दूसरे ब्राउज़र/नेटवर्क का इस्तेमाल करें।

 

बैंक अकाउंट री-वैलिडेट (Re-validate) करें: रिफंड समय पर पाने के लिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड हो और पैन से लिंक हो।

 

देर से फाइल करने पर कितना लगेगा जुर्माना?

  • यदि आप आज (31 जुलाई) रात 12 बजे तक अपना ITR फाइल नहीं कर पाते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत आपको लेट फीस चुकानी पड़ सकती है। 
  • जिनकी कुल आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें 5,000 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
  • जिनकी आय 5 लाख रुपये से कम है, उनके लिए लेट फीस अधिकतम 1,000 रुपए हो सकती है। इसलिए, किसी भी तरह की लेट फीस और कानूनी झंझट से बचने के लिए बिना एक पल गंवाए अपना रिटर्न तुरंत सबमिट करें।

US ETFs: बच्चे की विदेश में पढ़ाई के लिए अमेरिकी ETFs क्यों हैं बेस्ट? जानिए सही करेंसी में बचत का फॉर्मूला

US ETFs for Overseas Education: बच्चों को विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज (US, UK या यूरोप) में पढ़ाना आज कई भारतीय माता-पिता का सपना है। इसके लिए अधिकांश पेरेंट्स सालों पहले से भारतीय म्यूचुअल फंड्स में SIP शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रुपए में की गई आपकी बचत डॉलर में बढ़ते कॉलेज फीस के खर्च के सामने कम पड़ सकती है?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब आपका वित्तीय लक्ष्य डॉलर या विदेशी मुद्रा में है, तो निवेश भी उसी करेंसी में होना चाहिए। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि विदेश में पढ़ाई के लिए US ETFs में सीधा निवेश क्यों सबसे समझदारी भरा विकल्प है।

रुपए में बचत क्यों पड़ सकती है कम?

अगर आपका लक्ष्य डॉलर में है, तो सिर्फ रुपए में कंपाउंडिंग करना मुश्किल हो सकता है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:

1- ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी: विदेशी यूनिवर्सिटीज की फीस हर साल 5% से 8% की दर से बढ़ती है।

2- रुपए की कमजोरी: ऐतिहासिक रूप से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले हर साल औसतन 4% से 5% टूटता है।

एक उदाहरण से समझे तो जैसे आज किसी अमेरिकी यूनिवर्सिटी की 4 साल की फीस $2,00,000 है, तो अगले 10 साल बाद रुपए के अवमूल्यन और महंगाई को मिलाकर यह बिल ₹3.5 करोड़ से भी अधिक का हो सकता है।

भारतीय इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स के बजाय Direct US ETFs क्यों बेहतर?

पहले पेरेंट्स भारतीय फंड हाउसेज के ‘फंड ऑफ फंड्स’ के जरिए विदेश में निवेश करते थे। लेकिन अब Direct US-listed ETFs एक बेहतर विकल्प बन गए हैं:

SEBI ओवरसीज कैप की सीमा नहीं: भारतीय म्यूचुअल फंड्स पर SEBI द्वारा लगाई गई विदेशी निवेश की लिमिट (करीब $7 बिलियन) बार-बार पूरी हो जाती है, जिससे फंड्स को अपनी SIP बार-बार रोकनी पड़ती है।

LRS के जरिए सीधा निवेश: RBI की लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत हर भारतीय नागरिक (नाबालिग सहित) को हर साल $2,50,000 तक विदेश भेजने और सीधे US ETFs में निवेश करने की पूरी छूट मिलती है।

कम एक्सपेंस रेशियो: डायरेक्ट US ETFs (जैसे- Vanguard या iShares) का एक्सपेंस रेशियो बेहद कम (0.03% से 0.09%) होता है, जबकि घरेलू इंटरनेशनल फंड्स में यह 1.25% से 1.75% तक हो सकता है।

ऐतिहासिक रिटर्न का गणित

अगर पिछले 10 वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड देखें, तो S&P 500, Nasdaq 100 और ग्लोबल इक्विटीज के 60/20/20 पोर्टफोलियो ने डॉलर (USD) टर्म में 13% से 14% वार्षिक रिटर्न दिया है। जब इसमें रुपए की 4-5% सालाना गिरावट को जोड़ दिया जाता है, तो भारतीय निवेशकों के लिए यह सालाना रिटर्न रुपए के टर्म में 17% से 19% के करीब बैठता है। यानी डॉलर में निवेश करना फायदे वाला सौदा रहा है।

निवेश शुरू करने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान

अमेरिकी ETFs में ऐप या ब्रोकरेज के जरिए निवेश करते समय इन व्यावहारिक पहलुओं को न भूलें:

Micro-SIP से बचें: हर महीने ₹1,000 या ₹2,000 जैसी छोटी SIP पर बैंक वायर चार्ज और फॉरेक्स स्प्रेड का खर्च भारी पड़ सकता है। इसलिए पैसे को रुपए में इकट्ठा करें और हर 3 या 6 महीने में एक बार में रेमिटेंस करें।

TCS के नियम: एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख तक के रेमिटेंस पर अतिरिक्त टीसीएस नहीं लगता। ₹10 लाख से ऊपर 20% TCS कटता है, जिसे आप अपने वार्षिक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में एडजस्ट या रिफंड क्लेम कर सकते हैं।

Schedule FA रिपोर्टिंग: विदेश में शेयर या ETF खरीदते ही ITR-2 या ITR-3 भरते समय Schedule FA में उसका ब्योरा देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर ‘ब्लैक मनी एक्ट’ के तहत भारी जुर्माना लग सकता है।

टारगेट तक पहुंचने की सही रणनीति

जैसे-जैसे आपके बच्चे के कॉलेज एडमिशन का समय करीब आए, आपको अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित मोड में शिफ्ट करना चाहिए:

Build Phase (शुरुआती 5-10 साल): इक्विटी ETFs (जैसे S&P 500 / Nasdaq) में आक्रामक तरीके से निवेश करें।

Protect Phase (3-4 साल पहले): जब एडमिशन में 3-4 साल बचें, तो धीरे-धीरे इक्विटी से पैसा निकालकर US डेट/बॉन्ड फंड्स में शिफ्ट करें।

Deploy Phase (आखिरी 1-2 साल): फीस भुगतान से 1-2 साल पहले फंड को USD कैश या लिक्विड बकेट में रखें, ताकि शेयर बाजार में किसी तात्कालिक गिरावट से आपकी फीस का बजट प्रभावित न हो।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भिवंडी में बड़ा हादसा: चार मंजिला इमारत ढही, 6 की मौत; मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

bhivandi building collapsed

महाराष्ट्र के पावरलूम शहर भिवंडी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है। भिवंडी के बालाजी नगर (नारपोली) इलाके के भंडारी कंपाउंड में स्थित एक चार मंजिला पुरानी कोहिनूर इमारत गुरुवार रात करीब 11:30 बजे अचानक भरभराकर ढह गई। इस भीषण हादसे में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 से 8 लोगों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। ALSO READ: Top News 31 July: ITR भरने की आखिरी तारीख आज, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, भिवंडी हादसा समेत 5 बड़ी खबरें

 

पहले ही दी गई थी चेतावनी, चल रहा था मरम्मत का काम

 

स्थानीय प्रशासन और महानगर पालिका (BNCMC) के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह चार मंजिला कोहिनूर इमारत बेहद जर्जर हो चुकी थी और इसे पहले ही 'सी' श्रेणी में रखा गया था। पालिक द्वारा इमारत को खाली करने के सख्त आदेश दिए जा चुके थे, जिसके चलते ज्यादातर परिवार पहले ही इसे छोड़कर जा चुके थे।

 

हालांकि, हादसे के वक्त इमारत के भीतर कुछ लोग और एक परिवार अंदर रहकर मरम्मत का काम करवा रहा था। रात के वक्त अचानक इमारत का 'बी' विंग ढह गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

 

युद्धस्तर पर राहत और बचाव जारी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग (Fire Brigade) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।

 

बचाव कार्य: एनडीआरएफ की टीम ने अब तक कड़ी मशक्कत के बाद एक महिला को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाल लिया है, जिसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है।

 

आश्रय स्थल: बीएनसीएमसी के मेयर नारायण चौधरी ने बताया कि सुरक्षित बचाए गए अन्य लोगों को फिलहाल पास के गायत्री मंदिर-गीता हॉल में ठहराया गया है। मलबे में फंसे बाकी लोगों को बाहर निकालने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है।

 

प्रशासनिक बयान और अपील

 

भिवंडी पश्चिम के विधायक महेश चौगुले ने मौके का जायजा लेते हुए बताया कि पालिक की पूरी टीम राहत कार्य में जुटी हुई है और मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास कड़ा सुरक्षा घेरा बना दिया है और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा न डालें।