कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से मुश्किल हुआ WTC Final का सपना अब हर सीरीज नॉकआउट

INDvsSL श्रीलंका ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ  करावाकर भारत की स्थित विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 में मुश्किल कर दी है। भारत ने भले ही यह सीरीज 1-0 से जीत ली है लेकिन अब उसको आने वाले दोनों सीरीज के लगभग सारे मैच जीतने होंगे। ज्यादा से ज्यादा टीम एक ड्रॉ और खेल सकती है लेकिन हार उसे अंक तालिका में और भी नीचे गिरा देगी। फिलहाल टीम 51.51 की जीत प्रतिशत से पांचवे पायदान पर खड़ी है।

यह इस चक्र में भारत का दूसरा ड्रॉ है। पहला ड्रॉ इंग्लैंड के खिलाफ हुआ था। कुल मिलाकर भारत की 5 जीत 4 हार और 2 ड्रॉ हैं। तालिका में 2 ड्रॉ का असर एक हार जैसा होता है। इस कारण भारत की यह पांचवी हार भी कही जा सकती है।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 11
जीत 5
हार 4
ड्रॉ 2
अंक प्रतिशत 51.51

आगामी सीरीज़:

न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 7 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे।  ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

इसका मतलब है 5 जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या 7 जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था।

5 जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि 7 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन के बाद श्रीलंका ने खुद को पारी की हार से बचाया

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन ना बचाने के बाद श्रीलंका ने मैच को अंतिम दिन तक खींच लिया है। श्रीलंका ने आज सुबह 290 रनों पर सिमट जाने के बाद फॉलोऑन बचाने के लिए 14 रन पीछे रह गई। इसके बाद चौथे दिन स्टंप्स तक 6 विकेट खोकर 229 रन बना गई। श्रीलंका कुल 213 रनों से पीछे थी लेकिन उसने सुनिश्चित किया कि घरेलू दर्शकों के सामने पारी की हार ना मिले।

पहली पारी में 290 रन पर सिमटने वाली श्रीलंका के लिए स्टंप तक सोनल दिनुशा सात रन और केशारा नुवांथा तीन रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।भारतीय गेंदबाजों में मानव सुथार ने दो जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा ने एक एक विकेट झटका।

श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। उदारा एक गैरजिम्मेदार शॉट खेलकर जल्द रवाना हो गए। मिशारा भी 32 रन पर आउट हो गए। इसके बाद पसिंदू और कमिंडू ने श्रीलंकाई पारी को संभाला अंत में फॉर्म में आए कमिंडू की विकेट प्रसिद्ध कृष्णा ने चटकाया और 115 रनों की साझेदारी पर विराम लगाया।

चायकाल तक श्रीलंका 190 रनों पर 3 विकेट खोकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी लेकिन 9 रनों के भीतर 3 विकेटों से भारत को जीत की सुगंध आने लग गई। अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे पसिंदु सूर्यबंदारा पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी शतक के पास पहुंचकर आउट हो गए। 82 रन बनाने वाले पसिंदू इस बार 92 रनों पर स्टंप्स आउट हुए। 

यशस्वी जायसवाल को सस्ते में छोड़ने पर संजय मांजरेकर ने ट्वीट कर दिखाई नाराजगी

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से जुड़े अनुशासनहीनता के मामलों से निपटने के तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की आलोचना की है।उन्होंने कहा कि यह दोनों संस्थाएं नरम रवैया अपना रही हैं जिससे खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, ‘‘आईसीसी और बीसीसीआई, वैभव ने हाल ही में भारत ​​ए के लिए और अब जायसवाल ने (अनुशासनहीनता दिखाई है)। अगर आप उनका इस तरह के व्यवहार में बचाव करते रहेंगे तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उनके भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।’’

कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई कहासुनी के लिए जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दोनों को एक-एक डिमेरिट अंक भी दिया गया।भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया जिसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई थी।जून में 15 वर्षीय बल्लेबाज सूर्यवंशी भारत ए की तरफ से खेलते हुए श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ तीखी बहस में उलझ गए थे और हाथापाई की नौबत तक आ गई थी।

हालांकि इससे पहले भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी कहा था कि यशस्वी जायसवाल को अशिता फर्नाडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए। सितांशु कोटक ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाज़ ने कुछ कहा और यह जोश-जोश में हुआ। ज़ाहिर है, यशस्वी को उनके इतना करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जोश-जोश में ऐसा हो जाता है।”

श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ी कोच रयान वैन नीकेर्क की राय भी कुछ ऐसी ही थी। उन्हें लगा कि यह कड़े मुकाबले वाले दिन का हिस्सा था और उन्होंने इसे “भावनाओं के उबाल” का नतीजा बताया। “देखिए, टेस्ट क्रिकेट मुश्किल होता है, है ना? जब आप भारत जैसी टीम के खिलाफ खेल रहे हों, तो आप बस पीछे हटकर गेंदबाजी नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमारी तरफ से, हमें हर समय चुनौती पेश करनी होगी और कुछ न कुछ करने की कोशिश करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा,”इसलिए, मेरे नजरिए से, मैंने गेंदबाजों से आगे बढ़कर कुछ करने को कहा है। शायद तीखी बातें भावनाओं के उबाल का नतीजा हैं। मैं इसे मैच रेफरी पर छोड़ता हूं कि वे इसे कैसे देखते हैं।”

पहले वैभव फिर यशस्वी…मैदान पर बढ़ते विवादों पर भड़के मांजरेकर, पूर्व दिग्गज ने की सख्त सजा की मांग!

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। वहीं इस मुकाबले के दौरान मैच के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर बहस हो गई थी। इसके बाद आईसीसी ने दोनों खिलाड़ियों पर 25% मैच फीस का जुर्माना और 1 डिमेरिट पॉइंट लगाया है। इससे पहले श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की भी गेंदबाज विशेन हलम्बागे से झड़प हुई थी। हाल ही में भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने दोनों खिलाड़ियों के मैदान पर किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई है। मांजरेकर का मानना है कि खिलाड़ियों को मैदान पर अपने व्यवहार को लेकर ज्यादा संयम रखना चाहिए।

आईसीसी-बीसीसीआई को लेकर कही ये बात

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कमेंटेटर और एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहे संजय मांजरेकर ने X पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने ICC और BCCI से मैदान पर खिलाड़ियों के अनुशासनहीन व्यवहार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। मांजरेकर ने X पर लिखा कि, “वैभव सूर्यवंशी के बाद अब यशस्वी जायसवाल भी मैदान पर ऐसे व्यवहार के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने ICC और BCCI से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर खिलाड़ियों को ऐसी हरकतों के लिए लगातार बचाया जाएगा, तो वे आगे भी ऐसा व्यवहार दोहरा सकते हैं। यह न तो क्रिकेट के लिए अच्छा है और न ही खिलाड़ियों के भविष्य के लिए।”

क्यों भिड़े जायसवाल

यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच भिड़ंत 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। दोनों के बीच मामला बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर दोनों को शांत कराया। माना जा रहा है कि जायसवाल ने गेंदबाज की किसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी।

जून में श्रीलंका A के खिलाफ ट्राई सीरीज के दौरान सुपर ओवर में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी एक खिलाड़ी से बहस में उलझ गए थे। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका A के विशेन हलम्बागे को धक्का भी दिया था। 15 साल की उम्र में इस तरह के व्यवहार को लेकर संजय मांजरेकर ने चिंता जताई है।

इस ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने छीन लिया जसप्रीत बुमराह के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज का ताज

Jasprit Bumrah

बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।

इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं।

स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था।

बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे।

बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।

संजय बांगर की बेटी Anaya Bangar Australia के लिए खेलेगी? Cricket Australia की मंजूरी के बाद जानें क्या है पूरा रास्ता

पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अगर वह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहती हैं, तो उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

 

अनाया मुंबई की एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी मुंबई के लिए क्रिकेट खेल चुकी हैं।

 

 'मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी'

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने के बाद अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।

 

 “यह मेरे लिए बहुत खास दिन है, खासकर यह जानने के बाद कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया, जिसने मुझे एक और मौका दिया।”

 

अनाया ने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके जवाब में 20 जुलाई को उन्हें बताया गया कि वह तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।

 

 

 

 

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 मार्च 2027 तक कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।

 

“मार्च 2027 तक आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए पात्र हैं। चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इस फैसले का आपकी इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

 

यानी अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी लेवल पर महिला क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट समेत अन्य शर्तों पर निर्भर होगी।

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से नीचे होना चाहिए। मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।

 

 “मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आपकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट उपलब्ध कराएं, जिसमें यह पुष्टि हो कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम है और आप नीति में तय पात्रता की अन्य सभी शर्तों को पूरा करना जारी रखती हैं।”

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 ICC का ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या नियम है?

 

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जिन्होंने पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी का अनुभव किया है, एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते।

 

भारत में हालांकि इस तरह के मामले को लेकर BCCI की अभी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने *द इंडियन एक्सप्रेस* से कहा कि बोर्ड ने ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट खेलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

 

“जहां तक ICC की बात है, उसने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। BCCI ने अभी यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए। चूंकि यह पहली बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी इस पर कोई रुख तय नहीं किया है। खास तौर पर घरेलू क्रिकेट में उन्हें खेलने की अनुमति देने को लेकर।”

 

अनाया ने बताया, कैसे मिली क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी

 

अनाया ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले को विस्तार से देखा। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।

 

उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी रिपोर्ट भी देखी। अनाया के मुताबिक, बोर्ड ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम के जरिए उनके मामले की समीक्षा की।

 

 “मेरी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और बाकी सभी जानकारी सामने आने के बाद भी BCCI की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम बनाई।”

 

 “मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया और उन्होंने निष्पक्षता और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए मुझे खेलने की मंजूरी दी। उन्होंने मुझसे मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और टेस्टोस्टेरोन टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेरी सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की वह रिपोर्ट भी मांगी, जिसे मैंने एक साल से ज्यादा समय पहले सार्वजनिक किया था।”

 

अनाया ने आगे कहा कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो उनके पास WBBL में खेलने का मौका हो सकता है।

 

 “अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं अच्छा प्रदर्शन करती हूं, तो मेरे पास WBBL में खेलने का मौका होगा।”

 

हार्मोन थेरेपी पर रिसर्च का भी हिस्सा बनी थीं अनाया

 

अनाया इससे पहले मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में हार्मोन थेरेपी के दौरान उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, हार्मोन और ग्लूकोज लेवल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया गया था।

 

उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए BCCI और ICC के प्रतिनिधियों से भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की थी। अनाया का कहना रहा है कि ऐसी नीतियां पुराने विचारों के बजाय वैज्ञानिक डेटा और रिसर्च पर आधारित होनी चाहिए।

 

 अभी क्लब की तलाश में अनाया

 

जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए एक क्लब की तलाश भी कर रही हैं, जहां से वह कम्युनिटी क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू कर सकें।

 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा कदम बताया।

 

 “मैं सच में यकीन नहीं कर पा रही थी कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उसकी प्रगतिशील व समावेशी नीतियों की वजह से यह संभव हुआ है। ये नीतियां ट्रांस महिलाओं के लिए महिला खेलों में निष्पक्षता और समावेश पर ध्यान देती हैं।”

 

 “यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा पड़ाव है, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें या तो खेल चुनना पड़ता है या फिर जेंडर ट्रांजिशन का विकल्प चुनना पड़ता है।”

इस कारण श्रीलंकाई बल्लेबाज को पड़ी फटकार और मिला एक डीमेरिट अंक (Video)

INDvsSL श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या पर भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज जिताने का बड़ा दारोमदार था लेकिन वह इसमें पूरी तरह विफल रहे। गाले टेस्ट में उन्होंने 5 विकेट जरूर चटकाए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वहीं कोलंबो टेस्ट में भी उनकी गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में विफल रही। इस बात का ही खीज रही जब उनको रात्रि प्रहरी बनाकर कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन पिच पर भेजा गया तो वह पगबाधा आउट हो गए और बल्ला सीमा की रस्सी पर दे मारा।

श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या को कोलंबो में भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए फटकार लगाई गई और उनके खाते में एक डिमैरिट अंक जोड़ा गया।

आईसीसी ने कहा कि जयसूर्या को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का उल्लंघन करते हुए पाया गया है जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण या पोशाक को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।

आईसीसी ने कहा कि इस खिलाड़ी का पिछले 24 महीने यह पहला अपराध था।दूसरे दिन के खेल की आखिरी गेंद पर भारतीय स्पिनर मानव सुथार की गेंद पर पगबाधा आउट होने के बाद जयसूर्या ने पवेलियन लौटते समय बाउंड्री पर अपना बल्ला पटका था।

जयसूर्या ने अपराध स्वीकार किया और मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित दंड को मान लिया।इससे पहले, कोलंबो टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई झड़प के लिए भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और उनके खाते में एक-एक डिमैरिट अंक भी जोड़ा गया था।

IND vs SL: आशिता फर्नांडो से विवाद के बाद घिरे यशस्वी जायसवाल! दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय ओपनर को जमकर सुनाया

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। कोलंबो टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर बहस हो गई। मैदान पर जायसवाल के इस रवैये पर भारत के कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने नाराजगी जताई है। उनके मुताबिक बल्लेबाज ने बातचीत के दौरान अपनी सीमा पार कर दी और मामला केवल बहस तक सीमित नहीं रहा। दोनों खिलाड़ियों के बीच बात धक्का-मुक्की तक आ गई थी। वहीं इस पर अजय जडेजा और वेंकटेश प्रसाद जैसे कई दिग्गजों ने अपना रिएक्शन दिया है।

क्रिकेट एक्सपर्ट के मुताबिक, मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बहस या तीखी बातें होना आम बात है, लेकिन मामला फिजिकल कॉन्टैक्ट तक पहुंचना खेल भावना के लिहाज से सही नहीं माना जाता।

मैदान पर भिड़े जायसवाल-असिथा

ये मामला 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। दोनों के बीच मामला बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर दोनों को शांत कराया। माना जा रहा है कि जायसवाल ने गेंदबाज की किसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी।

अजय जडेजा ने क्या कहा

दूसरे टेस्ट के लिए सोनी स्पोर्ट्स के ब्रॉडकास्टिंग पैनल में शामिल पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने कहा कि, ‘जायसवाल ने अपनी सीमा पार कर दी।’ उन्होंने कहा कि, ‘यह मामला गंभीर है और मैदान पर किसी खिलाड़ी से फिजिकल कॉन्टैक्ट करना बिल्कुल अलग बात है। उन्होंने इसे खतरनाक स्थिति बताया।’ जडेजा ने पिछले मैच की एक घटना का भी जिक्र किया, जब श्रीलंका की आखिरी पारी के दौरान यशस्वी जायसवाल ने निरोशन डिकवेला के साथ मजाक किया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर दूसरों के साथ मजाक करता है, तो उसे सामने से होने वाले मजाक या जवाब को भी स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

जडेजा ने आगे कहा कि, “अगर कोई व्यक्ति खुद पर की गई बात या मजाक को बर्दाश्त नहीं कर सकता, तो उसे दूसरों पर भी ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आप अपनी कही बात वापस नहीं ले सकते, तो मैदान पर दूसरों को भी ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए।”

जायसवाल ने बात को बढ़ाया

वेंकटेश प्रसाद ने भी जायसवाल के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, ‘मामला बढ़ाने के बजाय जायसवाल को वहां से चले जाना चाहिए था। प्रसाद के मुताबिक, रेफरी इस घटना पर जरूर ध्यान देंगे और उन्हें लगता है कि जायसवाल ने बात को जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ा दिया।’ प्रसाद ने कहा कि, “कई बार ऐसा होता है कि खिलाड़ी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा होता है, लेकिन अच्छी गेंद पर आउट हो जाता है। जायसवाल को एक बड़ी पारी की जरूरत थी। लेकिन बोल्ड होने के बाद जायसवाल ने शायद कुछ बातें की होंगी, लेकिन जैसा कि जडेजा ने कहा, उन्हें इसे फिजिकल नहीं बनाना चाहिए था, और ऐसा लगता है कि जायसवाल ने उस घटना को बहुत आगे बढ़ा दिया।”

हेलमेट से कॉन्टैक्ट हुआ

इसी पैनल में संजय मांजरेकर ने भी इस घटना के लिए पूरी तरह जायसवाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जायसवाल ने ही फर्नांडो के साथ यह हरकत की थी। मांजरेकर ने कहा कि, “वह आदमी पवेलियन जा रहा था, तभी वह कुछ कदम पीछे हटा और एक फील्डर के पास आ गया। और आखिर में, मुझे लगता है कि हेलमेट से कॉन्टैक्ट हुआ। क्या मैं सही कह रहा हूं? मुझे लगता है कि कॉन्टैक्ट हुआ था।” उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं मैच रेफरी होता, तो मैं इस पर सीरियसली ध्यान देता।” “क्योंकि, वह कॉन्टैक्ट देखो। जायसवाल ही वह है जो बॉलर की तरफ बढ़ा।”

ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के मुताबिक मैदान पर किसी भी तरह की मारपीट या शारीरिक विवाद की इजाजत नहीं है। हालांकि, मैच रेफरी ने अभी तक इस घटना की समीक्षा नहीं की है।

IND vs SL: मैदान पर श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़े यशस्वी जायसवाल, दोनों खिलाड़ियों में हुआ बॉडी कॉन्टैक्ट

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला कोलंबो में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले बल्लेबाजी करने आई भारत की टीम ट्री ब्रेक होने तक 52 ओवर में 3 विकेट खोकर 187 रन बना ली है। वहीं इस मुकाबले के दौरान यशस्वी जायसवाल आउट होने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़ गए। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के साथ जायसवाल की मैदान पर तीखी बहस हुई। जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए थे और आउट होने के बाद फर्नांडो के सेलिब्रेशन से वह नाराज नजर आए। इसी दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस बढ़ गई और वीडियो में दोनों खिलाड़ियों के  ऐसा लगा कि जायसवाल ने फर्नांडो को सिर से टक्कर मारने की कोशिश की।

मैदान पर भिड़े जायसवाल-असिथा

ये मामला 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो को अलग किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना रखी है।

 

क्या है आईसीसी के नियम

ICC के नियमों के मुताबिक, मैदान पर मारपीट या किसी को शारीरिक नुकसान पहुंचाना लेवल-4 का गंभीर अपराध माना जाता है। आर्टिकल 2.18 के तहत किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी, दर्शक या किसी अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट करना नियमों का उल्लंघन है। जानबूझकर या लापरवाही से किसी को चोट पहुंचाने पर खिलाड़ी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

क्या जायसवाल पर होगा एक्शन

ICC के आर्टिकल 2.19 में मैदान पर हिंसा करने को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। इसके तहत किसी खिलाड़ी, अधिकारी, अंपायर, रेफरी, दर्शक या किसी अन्य व्यक्ति को लात मारना, मुक्का मारना या उसके साथ हाथापाई करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। मैदान पर मारपीट और हिंसा से जुड़े ये अपराध ICC की सबसे गंभीर लेवल-4 श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में सजा भी काफी सख्त हो सकती है। अपराध की गंभीरता के आधार पर खिलाड़ी या अधिकारी पर कम से कम 5 टेस्ट या 10 वनडे मैचों का बैन लगाया जा सकता है। गंभीर मामले में लाइफटाइम बैन भी लगाया जा सकता है।

5 सत्रों में टेस्ट खत्म, ऑस्ट्रेलिया ने थमाई बांग्लादेश को पारी की हार

AUSvsBAN मिचेल स्टार्क (चार विकेट), पैट कमिंस और नेथन लायन (तीन-तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन रविवार को बंगलादेश को दूसरी परी में 95 रन पर ढेर कर मुकाबला पारी और 51 रनों से अपने नाम कर लिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली।

इस मैच में कुल 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को ‘प्लेयर ऑफ द मैच तथा सीरीज में कुल12 विकेट लेने पर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से नवाजा गया।यह ऑस्ट्रेलिया में खेला गया अब तक का दूसरा सबसे छोटा टेस्ट मैच है। यह अब तक का चौथा सबसे छोटा टेस्ट मैच है। यह पहली बार है जब बंगलादेश की टीम एक टेस्ट मैच में दो बार 100 रन से कम पर ऑल-आउट हुआ है, और 21 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब कोई टीम दोनों पारियों में 100 रन से कम पर ऑल-आउट हुई है।

ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट पर 165 रनों से आगे खेलना शुरु किया। सुबह के सत्र में शोरिफुल इस्लाम और तैजुल इस्लाम ने कैमरन ग्रीन (67) और जॉश हेजलवुड (छह) को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 210 रन के स्कोर पर रोक दिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया को पहली 146 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई। बंगलादेश की ओर शोरिफुल इस्लाम ने (सात विकेट) लिये। तस्कीन अहमद, तैजुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।

इसके बाद दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी बंगलादेश की टीम ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण के आगे अधिक देर तक नहीं टिक सकी और उसकी पूरी टीम 38.3 ओवरों में 95 रन पर सिमट गई। स्टार्क और कमिंस ने बंगलादेश को शुरुआती झटके दिये। तंजिद हसन (नौ), शादमान इस्लाम (एक) और मोमिनुल हक (शून्य) पर आउट हुये। इसके बाद कप्तान नजमुल शांतो और मुशफ़िक़ुर रहीम ने पारी को संभालने का प्रयास किया। 21वें ओवर में नेथन लायन ने नजमुल शांतो (31) रन को आउट कर इस साझेदारी का अंत कर दिया।

शांतो ने अपनी इस पारी में छह चौके लगाये। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया गेंदबाजी आक्रमण के आगे बंगलादेश का कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक सका। हालांकि इस दौरान मुशफिकुर रहीम एक छोर थामे खड़े रहे। मुशफिकुर रहीम ने इस दौरान 80 गेंदों का सामना किया और तीन चौके लगाते हुए 29 रन पर नाबाद रहे। 39वें ओवर में नेथन लायन ने तसकीन अहमद (आठ) और फिर शोरिफुल इस्लाम (शून्य) को आउटकर ऑस्ट्रेलिया को बड़ी जीत दिला दी।